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क्वींस बेटन रिले के लिए हरिद्वार का नाम शामिल

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हरिद्वार। काॅमन वैल्थ गेम्स 2018 की क्वींस बेटन रिले के लिए हरिद्वार जनपद का नाम शामिल होने पर जिलाधिकारी दीपक रावत ने इसे विशेष अवसर बताया।

जिलाधिकारी ने रिले के यहां पहुंचने के सम्बंध में खेल विभाग, पुलिस तथा प्रशासन के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में जिलाधिकारी ने छह अक्टूबर को हरिद्वार पहुंच रही मशाल यात्रा की तैयारियों को लेकर विभागीय अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये।
डीएम ने मशाल यात्रा के ऋषिकेश से हरिद्वार हर की पैड़ी पहुंचने पर उसके स्वागत तथा सड़क मार्ग से होते हुए नेहरू युवा केंद्र पर समापन किये जाने के सम्बंध में यातायात प्लान, सुरक्षा सहित अनेक विषयों पर अधिकारियों से चर्चा की।
जिलाधिकारी ने रिले के हर की पैड़ी पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक तथा स्थानीय समस्त जनप्रतिनिधियों व गंगा सभा द्वारा स्वागत जलपान के बाद रिले के लिए आगे का रूट भी निर्धारित किया। रिले के दौरान एम्बुलेंस, मार्गों की स्वच्छता व पेयजल आदि की व्यवस्था के लिए भी सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
बैठक में सीडीओ स्वाती भदौरिया, मुख्य नगर आयुक्त नितिन भदौरिया, एडीएम वित्त ललित नारायण मिश्र, एसडीएम मनीष सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी डोभाल, गंगा सभा के पुरुषोत्तम गांधी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दुल्हे के पत्रकार होने पर लड़की वालों का शादी से इंकार

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हरिद्वार। लोकतंत्र का चौथा और सबसे मजबूत स्तंभ मीडिया के क्षेत्र में बने रहना किसी खतरे से कम नहीं है। मीडियाकर्मियों की हत्या और कम वेतन उनकी निजी जिंदगी पर भी भारी पड़ने लगे हैं। इसी के चलते नौजवान पत्रकारों की शादियां तक खतरे की जद में आ गई है। बेटी वाले अब नौजवान पत्रकारों के साथ अपनी बेटी की शादी करने से भी इंकार करने लगे है।

हरिद्वार के एक पत्रकार ने खुलासा किया कि बेटी वालों ने शादी से इसलिये इंकार कर दिया कि वह पेशे से पत्रकार है। बेटी के परिजनों ने साफ तौर पर पत्रकार के साथ बेटी की शादी करने से मना कर दिया है। लड़की के परिजनों का कहना है कि पत्रकारों का जीवन असुरक्षित होता है। उनकी आर्थिक स्थिति पर संकट बना रहता है। जिसके बाद से उक्त पत्रकार के परिजन लगातार मीडिया का पेशा छोड़ने का दबाव बना रहे हैं।
पत्रकार ने बताया कि यूपी के मेरठ से उसकी शादी का रिश्ता आया था। बेटी के परिजनों को हरिद्वार आकर जब पता चला कि लड़का पत्रकार है तो कई सवाल उन्होंने कर दिए। लड़की के परिजनों ने यह तक कह डाला कि पत्रकार की जिंदगी क्या होती है। आये दिन पत्रकारों की हत्या हो रही हैं। जबकि पत्रकारों की आर्थिक स्थिति से सभी वाकिफ हैं। उक्त पत्रकार अपने ही मन यह जानने की कोशिश कर रहा है कि वास्तव में पत्रकारिता का पेशा समाज की नजर में इतना खराब कि लोग शादी तक से इंकार करने लगे है। 

महंत मोहनदास की गुमशुदगी से नहीं उठा परदा, रहस्य बरकरार

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एडीजे कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने लापता महंत मोहनदास के गुमशुदगी में सभी संभावनाओं के दरवाजे खुले रखे हैं। उन्होंने कहा कि महाराज खुद एकांत में चले गये या उनका अपहरण किया गया ये रहस्य बरकरार है। पुलिस फोर्स पूरी गहनता से तमाम एंगल पर जांच कर रही है। संतों को भरोसा दिया गया कि जल्द ही महंत को बरामद कर लिया जायेगा। इसी के साथ केबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने भी आखड़े पहुंचकर पुलिस अधिकारियों और संतों से मंत्रणा की।

एडीजे कानून व्यवस्था अशोक कुमार महंत मोहनदास की गुमशुदगी के प्रकरण में संत समाज के लोगों से मिलने के लिये शुक्रवार सुबह बड़ा उदासीन अखाड़े पहुंचे। करीब 45 मिनट तक एडीजे ने अखाड़े के संत से बंद कमरे में गुफ्तगू की। संतों को पुलिस की अभी तक इंवेस्टीगेशन से अवगत कराया। संतों को महंत मोहनदास को सकुशल बरामद करने का भरोसा दिया। इसी दौरान कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक भी अखाड़े पहुंच गये। मंत्री, एडीजे और संतों ने करीब 15 मिनट तक एक फिर चर्चा की।

मीटिंग खत्म करने के बाद एडीजे अशोक कुमार ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए गुमशुदगी के रहस्य में पुलिस के हाथ खाली होने की जानकारी दी। अशोक कुमार ने बताया कि वह लगातार विशेष जांच टीम के संपर्क में बने हुए हैं। विभिन्न लाईनों पर काम कर रहे हैं। कई प्रदेशों में पुलिस टीम भेजी गई है। संवेदनशील मामले में पुलिस फूंक-फूंक कर काम कर रही है।

अशोक कुमार ने कहा कि, “किसी केस को पुलिस जल्दी खोल देती है। कुछ केसों में लंबा वक्त लग जाता है लेकिन महंत मोहनदास को सकुशल बरामद करने के लिये पुलिस पूरे प्रयास कर रही है।”

गृहमंत्री राजनाथ सिंह जवानों के साथ मनाएंगे दशहरा

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गोपेश्वर। गृहमंत्री राजनाथ सिंह उत्तराखंड के भारत-चीन सीमा पर आईटीबीपी के जवानों के साथ दशहरा मनाएंगे। साथ ही यहीं पर दशहरे के दिन शस्त्र पूजा भी करेंगे। चमोली जनपद के माणा में सेना के कैंप में पहुंचे गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं, सैनिकों का हौसला मजबूत है, डोकलाम विवाद सुलझा है, चमोली से लगी सभी सीमाएं सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि जवानों को हल्के व बेहतर कपड़े दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सेना में प्रमोशन दो दशक से नहीं हुए थे लेकिन अब एक बार प्रमोशन हो चुके हैं और इसको लगातार जारी रखा जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री तीन दिवसीय दौरे पर चमोली पहुंच गए हैं। उन्होंने माणा आईटीबीपी कैंप में जवानों के साथ चाय, नाश्ता कर उनका हौसला अफजाई किया। उन्होंने जवानों की समस्याएं पूछी और उन्हें एक लाख रुपये बड़ा खाना के लिए देते हुए एलईडी टेलीविजन भी मनोरंजन के लिए दिया। इस दौरान जवानों ने कहा कि हमें कोई दिक्कत नहीं है। हम देश की सेवा के लिए किसी भी परिस्थिति में तत्पर हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री 2ः20 बजे बद्रीनाथ स्थित आर्मी हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर से उतरे। हेलीपैड पर पुलिस के जवानों ने गृहमंत्री को गार्ड ऑफ आनर दिया। गृहमंत्री को हेलीपैड पर ही आईटीबीपी की महिला कमांडो यूनिट ने शस्त्र के साथ करतब दिखाकर स्वागत किया। गृह मंत्री ने महिला कमांडो के पास जाकर उन्हें देश सेवा के लिए सेना में भर्ती होने पर शाबासी दी। वहां से वह सीधे सेना व आईटीबीपी के जवानों के पास पहुंचे, जहां उन्होंने एक घंटा बिताया।
गृहमंत्री ने जवानों को दशहरा व दीपावली की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि मैंने दशहरे को सीमा पर जाना इसलिए चुना क्योंकि हमारे जवान देश की रक्षा के लिए परिवार से दूर रहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं एक साल पहले भी आना चाहता था लेकिन नहीं पहुंच पाया। जवानों से उन्होंने कहा कि हमें अपने आप पर गर्व है कि सेना देश की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। सरकार भी उनकी हर समस्याओं के निदान के लिए गंभीर है।
वहीं, पत्रकारों से रूबरू होते हुए गृहमंत्री ने भारत सीमा विवाद पर कहा कि अब भारत-चीन के बीच सीमा विवाद जैसी कोई बड़ी समस्या नहीं है। डोकलाम विवाद भी दोनों देशों के बीच वार्ता के बाद सुलझ चुका है और चमोली की सीमाओं पर स्थिति सामान्य है।
माणा आईटीबीपी में जवानों के साथ समय बिताने के बाद गृह मंत्री शेषनेत्र बद्रीनाथ धाम के पास सीमा सड़क संगठन के गेस्ट हाउस में ठहरे हैं। गृहमंत्री ने बद्रीनाथ मंदिर में पहुंचकर सायं आरती व सायंकालीन पूजाओं में भी भाग लिया। उनके साथ पारिवारिक सदस्य भी शामिल रहे। 

कैलाश खेर को करना होगा भुगतान को इन्तजार

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देहरादून। मशहूर बॉलीवुड गायक कैलाश खैर को केदारनाथ धाम पर बनाई गई टेलीफिल्म के बकाया भुगतान के लिए अभी और इन्तजार करना पड़ेगा। भुगतान से पहले उन्हें टेलीफिल्म में काम करने वाले सभी कलाकारों से एनओसी लाकर देनी होगी।

बॉलीवुड के गायक कैलाश खेर ने हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में केदारनाथ पुनर्निर्माण पर 11 घंटे की स्पेशल सीरीज बनाई थी। सूत्रों की माने तो गुरुवार को सचिवालय में खैर ने उत्तराखंड सचिवालय में सीनियर अधिकारियों से मुलाकात की। अधिकारियों ने बताया कि सभी फिल्मी हस्तियों से एनओसी के बाद ही उन्हें रकम दी जाएगी। खेर ने सचिवालय में पहले वित्त विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की और इसके बाद सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग में उनसे मुलाकात की। लेकिन अब खेर को भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना होगा क्योंकि उन्हें इसके लिए एक दर्जन से ज्यादा मशहूर फिल्मी हस्तियों से एनओसी लेनी होगी। सभी फिल्मी शख्सियतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र के बाद ही खेर को बकाया 1.75 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।
इस पूरे मामले पर अपर सचिव और डीजी सूचना पंकज पांडे ने कहा कि कैलाश खेर को विभाग की तरफ से सूचित कर दिया गया है कि बकाया राशि लेने के लिए उन सभी कलाकारों से पहले एनओसी लेनी होगी जो कि उस फिल्म में दिख रहे हैं। कैलाश खेर ने विभाग की शर्त पर सहमति जताते हुए तीन महीने का वक्त मांगा है। इस टेली-सीरियल में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन, शान, सोनू निगम, सुरेश वाडकर, श्रेया घोषाल और अनूप जलोटा, अर्जीत सिंह आदि ने काम किया है। साथ ही अनुपम खेर और हेमा मालिनी जैसे अभिनेताओं का योगदान भी शामिल है। सूत्रों की माने तो सरकार सभी कलाकारों से इसलिए एनओसी की मांग कर रही है क्योंकि इस टेली-सीरियल को सरकार नेशनल चैनलों पर बतौर ऐड के रूप में चलाने की योजना बना रही है।

टॉम ऑलटर का जाना दे गया मसूरी को एक कभी न भरने वाला घाव

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यूं तो जीना और मरना ज़िदगी के ही दो पहलू हैं पर कभी कभी कुछ इंसान अपनी शख्सियतों से हमारे जीवन में ऐसे मकाम बना लेते हैं कि उनके जाने पर एक अजीब सा खालीपन महसूस होता है। कुछ ऐसे ही व्यक्तित्व के मालिक थे सदाबहार अदाकार टॉम ऑलटर, जिन्होंने मुंबई के एक अस्पताल में कैंसर से लड़ते हुए अाज सुबह अपनी आख़री सांस ली। टॉम के जाने से देश दुनिया में तो शोक की लहर है ही मगर पहाड़ों की रानी मसूरी में भी खासा मातम पसरा हुआ है। शायद कम ही लोग जानतें हैं कि टॉम का मसूरी से गहरा नाता रहा है।

दुनियाभर में अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुके टॉम का जन्म पहाड़ों की रानी मसूरी में ही हुआ था।यही नहीं टॉम की परवरिश भी इसी शहर की गलियों में हुई। मसूरी के मशहूर वुडस्टॉक स्कूल से टॉम ने अपनी पढ़ाई पूरी की। मसूरी शहर मे टॉम खेलते-खेलते थियेटर जगत में चले गये। 1976 में फिल्म ‘चरस’ के साथ टॉम ने थियेटर से फिल्म जगत में कदम रखा । इसके बाद टॉम का जीवन किसी परिचय का मोहताज नहीं रहा। टॉम ने आजतक करीब 200 फिल्मों और सैंकड़ों नाटकों में अभिनय करने के साथ साथ अपने आप को एक सफल एंकर और कमंट्रेटर के तौर पर भी स्थापित किया था।

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टॉम के निधन की खबर मसूरी पहुंचते ही शहर में सन्नाटा सा फैल गया। लोगों को यकीन नहीं हो रहा कि मसूरी की पहचान कहे जाने वाले टॉम ऑलटर अब उनके बीच नहीं रहे।

निर्देशक भार्गव सिक्का जिन्होने पिछले साल टॉम के साथ “दी ब्लैक कैट” में काम किया, जोकि मसूरी के ही विश्वप्रसिद्ध लेखक रस्किन बाँड की कहानियों पर आधारित है का कहना है, “टॉम एक नैचुरल अभिनेता थे और फिल्म में रस्किन के किरदार के लिये वो एक स्वाभाविक पसंद थे। उनके साथ काम करने का अनुभव सच में यादगार रहा।”

टॉम के बचपन के दोस्त अजय मार्क कहते हैं कि टॉम इतने खुशमिजाज और ज़िंदादिल इंसान थे कि उनके दुनिया से चले जाने पर यकीन कर पाना मुश्किल हो रहा है।

साल 2008 में टॉम को उनके काम के लिये पद्मश्री पुरस्कार मिलने से मसूरी को जश्न मनाने का मौका मिला। इसके अलावा टॉम को अपने करियर के दौरान सैंकड़े पुरस्कार मिलते रहे।  टॉम ऑलटर एक ऐसी शख्सियत थी जिनके जीवन को एक जश्न की तरह मसूरी और उसके हर बाशिंदे ने मनाया है,  टॉम के जाने से जो खालीपन शहर में आया है वो जल्दी नहीं बर सकेगा।

हरिद्वार के फर्जी शिक्षकों पर होगा मुकदमा

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हरिद्वार। एसआइटी ने रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने पर हरिद्वार के सात शिक्षकों के खिलाफ मुकदमे की संस्तुति कर दी है। मामले में एसआइटी ने रिकॉर्ड संभालने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को भी बराबर का दोषी माना है। शिक्षा महानिदेशक को मुकदमे की संस्तुति भेजी गई है।

फर्जी डिग्री से शिक्षक बनने के मामले में एसआइटी ने दून के बाद हरिद्वार में भी कार्रवाई की शुरुआत कर दी है। एसआइटी की जांच के डर से हरिद्वार के 12 शिक्षक गायब हो गए थे। शिक्षा विभाग ने विज्ञापन प्रकाशित कर ऐसे शिक्षकों को 27 सितंबर को पेश होने तथा दस्तावेज देने को कहा था। मामले में हरिद्वार के शिक्षा विभाग ने पांच शिक्षकों के प्रमाण पत्र एसआइटी को उपलब्ध करा दिए हैं। अब सात शिक्षक ऐसे हैं, जिनके बारे में कोई पता नहीं चला। मामले में शिक्षा विभाग ने भी नोटिस जारी कर सेवा समाप्ति और सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों की पेंशन रोकने की कार्रवाई की चेतावनी दी। विभाग की कार्रवाई से पहले एसआइटी ने इन शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा महानिदेशक को मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति भेज दी है। एसआइटी ने अपनी रिपोर्ट में रिकॉर्ड संभालने अथवा देखरेख की जिम्मेदारी रखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की संस्तुति दी है।

जल्द निकाल लिया जाएंगे फंसे ट्रैकर दल के लोगः कौशिक

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हरिद्वार। पिछले पांच दिन से मदमहेश्वर में फंसे आठ ट्रेकरों की टीम को बचाने के प्रयास जारी हैं और आज उनको वंहा से रेस्क्यू कर लिया जाएगा। राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि मदमहेश्वर में फंसा ट्रैकर दल बिना अनुमति लिए ट्रेकिंग के लिए गया था, जबकि उन्हें वंहा के जिलाधिकारी से अनुमति लेनी चाहिए थी। इसलिए उनका पहले पता नहीं लग पाया। अब रेस्क्यू टीमों ने उनके कैम्प का पता लगा लिया गया है।

राज्य के अपर पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने भी कहा कि सेना के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी उनके रेस्क्यू में लगी हुई है और जल्द ही उनको रेस्क्यू कर लिया जाएगा। ज्ञात हो गुरुवार को भी ट्रेकेरों को बचाने के लिए सेना और एयरफोर्स के जवानों द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया गया था खराब मौसम के कारण इनका रेस्क्यू नहीं हो पाया था।

रवीना टंडन की फिल्म के टीवी टेलीकास्ट पर सेंसर ने लगाई रोक

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इस साल जुलाई में रिलीज हुई रवीना टंडन की फिल्म ‘शब’ के टेलीविजन टेलीकास्ट पर सेंसर ने रोक लगा दी है। मिली जानकारी के अनुसार, इसके बोल्ड कटेंट को देखते हुए सेंसर बोर्ड ने ये फैसला किया है। सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म के कटेंट को टीवी के पारिवारिक दर्शकों की संवेदनाओं के अनुरुप नहीं माना है और इसे टीवी टेलीकास्ट के लिए सार्टिफिकेट देने से मना कर दिया है।

14 जुलाई को जब ये फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, तो भी सेंसर ने इसे ए सार्टिफिकेट दिया था। बाक्स आफिस पर ये फिल्म नाकाम साबित हुई थी। इस फिल्म में रवीना ने अपनी उम्र से छोटे एक्टर के साथ रोमांस किया था और दोनों के कई हाट सीन थे। ये फिल्म विवाहोत्तर संबंध और समलैंगिकता के विषयों से जु़ड़ी हुई थी।

फिल्म के निर्माता शीतल प्रसाद ने सेंसर बोर्ड के फैसले को अफसोसजनक बताया है और कहा है कि पहलाज निहलानी के बाद हम उम्मीद कर रहे थे कि सेंसर फिल्म निर्माताओं के हित में सोचेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। शीतल प्रसाद ने सेंसर बोर्ड के फैसले के खिलाफ अदालत जाने के भी संकेत दिए हैं। 

स्नेहा उलाल भी छोटे परदे पर

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फिल्म ‘लकी’ से सलमान खान की हीरोइन के तौर पर लांच की गईं अभिनेत्री स्नेहा उलाल का कैरिअर आगे नहीं बढ़ सका और अब खबर आ रही है कि वे एक टीवी सीरियल में काम करने जा रही हैं। मिली जानकारी के अनुसार, स्टार प्लस के लिए प्रोड्यूसर रश्मि शर्मा के नए सीरियल में एक सेक्स वर्कर के तौर पर स्नेहा उलाल छोटे परदे पर अपनी पारी की शुरुआत करेंगी।

कहा जाता है कि उनके साथ बातचीत हो रही है, लेकिन कुछ तय नहीं है। सूत्र बता रहे हैं कि इस रोल के लिए नेहा पेंडसे और रति पांडे के नामों पर भी विचार हो रहा है, लेकिन स्नेहा को पहली पसंद बताया जा रहा है। लकी को बाक्स आफिस पर बड़ी सफलता नहीं मिली थी और स्नेहा के बारे में ये मशहूर हो गया था कि उनको ऐश्वर्या जैसी शक्ल होने की वजह से सलमान की फिल्म में काम मिला।

बालीवुड में कैरिअर न जम पाने के बाद स्नेहा ने साउथ की कुछ फिल्मों में भी काम किया।