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ऋषिकेश-बांदीकुई पैसेंजर रद होने से यात्री परेशान

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ऋषिकेश से बांदीकुई जाने वाली पैसेंजर ट्रेन रद रहने से यात्रियों को समस्याओं से दो चार होना पड़ा। रोजाना दोपहर के वक्त संचालित इस ट्रेन में बड़ी संख्या में लक्सर, मुरादाबाद समेत बीच के स्टेशनों के दैनिक यात्री सफर करते हैं।

रविवार को ऋषिकेश से चलकर बांदीकुई को जाने वाली ट्रेन के रद्द होने की सूचना प्रसारित होते ही रोजाना सफर करने वाले यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

ट्रेन के संबंध में जानकारी को पूछताछ केंद्र पर यात्रियों की भीड़ लगी रही। स्टेशन अधीक्षक एमके सिंह ने बताया कि, “ट्रेन के रद्द होने के कारणों की जानकारी नहीं है। हालांकि रद्द होने की सूचना समय से प्रसारित कराई गई, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।” ट्रेन रद्द होने के कारण लोगों को बस का सहारा लेना पड़ा।

कंटेनर के पीछे लटकी लाश देख फैली सनसनी

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विकासनगर। थाना सहसपुर के सेलाकुईं में कंटेनर के पीछे लटकी लाश को देखकर सनसनी फैल गई। देहरादून-पांवटा हाइवे पर लोगों ने कंटेनग के पीछे लटकी लाश देखकर कंटेनगर रुकवाया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने लाश को कंटेनर से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजी। मृतक के भाई ने तीन लोगों पर शक जाहिर करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार शनिवार की देर रात पहलवान ट्रांसपोर्ट का कंटेनर जब सेलाकुई में देहरादून पांवटा हाइवे पर आया तो लोगों में कंटेनर के पीछे लाश लटकी देखी। लोगों ने शोर मचाकर कंटेनर को रुकवाया। सूचना मिलने पर चौकी इंचार्ज गिरीश नेगी मौके पर पहुंचे और लाश उतरवाकर उसकी शिनाख्त कराई। शव की शिनाख्त आदेश पुत्र रामकिशन निवासी ग्राम दरियापुर थाना ककरोली जिला मुजफ्फरनगर यूपी के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को सूचना देने के साथ ही कंटेनर चालक को हिरासत में ले लिया। लाश के गले में रस्सी बंधी हुई थी। प्रथम दृष्टया पुलिस जांच में आया कि मृतक आदेश भी पहलवान ट्रांसपोर्ट सेलाकुई का ही चालक था। हत्या की आशंका के चलते पुलिस ने रात में शव मोर्चरी में रखवाया। गले में रस्सी बंधी होने से गला घोटकर हत्या की आशंका भी जतायी जा रही है। रविवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। रविवार शाम मृतक के भाई प्रमोद कुमार ने तीन लोगों पर शक जाहिर करते हुए हत्या का अभियोग पंजीकृत कराया है। थानाध्यक्ष पंकज देवरानी व चौकी इंचार्ज गिरीश नेगी के अनुसार हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा और आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास किए जाएंगे।

वृद्धों की क्रूरता रोकने को हेल्पेज इंडिया आगे आया

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देहरादून। हेल्पेज इंडिया संस्था ने गांधी पार्क से लेकर परेड ग्राउंड तक अन्तर पीढ़ी सैर का आयोजन किया, जिसमें देहरादून ओल्ड एज होम के लोगों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिक संगठन और विद्यालयी बच्चों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। हेल्पेज इंडिया प्रतिवर्ष वृद्धों के मामले पर अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का आयोजन करता है। वर्तमान सत्र में अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन की थीम है क्रूरता रोकने की है।


हेल्पेज इंडिया मानता है कि उम्र के आधार पर वृद्धों के साथ भेदभाव न किया जाए। इसके लिए समाज में जागरुकता फैलाना जरूरी है। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए हेल्पेज इंडिया के प्रमुख चैतन्य उपाध्याय ने कहा कि उम्र के आधार पर भेदभाव वैश्विक स्तर पर फैल रहा है। अधिकांश लोग जाने अनजाने में यह भेदभाव कर रहे हैं। इस दिशा में जागरुकता ही पहला कदम है। यदि हम अपने वृद्धा अवस्था में इज्जत और सम्मान पाना चाहते हैं तो हम अब अपने बुजुर्गों की इज्जत करनी चाहिए। इस अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोग जागरूक हो पाएंगे।
हेल्पेज इंडिया के राज्य परियोजना के अधिकारी कृष्णा अवतार ने बताया कि इस समय भारत में 104 मिलियन वृद्ध हैं, जो 2050 तक 234 मिलियन पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने हेल्पेज इंडिया के राष्ट्रव्यापी सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि 61 प्रतिशत वरिष्ठजनों का मानना है कि वरिष्ठजनों को देखकर अधिकांश लोग अधीर हो जाते हैं तथा यह सोचते हैं कि वह बहुत सुस्त व धीमे हैं। 52 प्रतिशत वरिष्ठजनों का मानना है कि अगर वृद्धजन अच्छे कपड़े न पहन तो युवा वर्ग असभ्य समझते हैंं। इस अवसर पर प्रवीण राय, पंकज राठौड़, पंकज देवराड़ी, जयपाल रावत, चन्द्रा आदि उपस्थित रहे। 

हिमालय और गढ़वाल का इतिहास जानना है तो अगले साल एनआइएम चले आईये

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उत्तरकाशी। देश विदेशी शोधकर्ताओं और इतिहास जानने की दिलचस्पी रखने वालों के लिए खुशखबरी है। अब पर्वतारोहण, हिमालय के इतिहास, वन संपदा और उत्तराखंड की संस्कृति की जानकारी आपको कंप्यूटरीकृत तकनीक से मिलेगी। इसके लिए उत्तरकाशी जिले में स्थित नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेन‌ियरिंग, संग्राहलय को तैयार किया जा रहा है। तकरीबन तीन करोड़ की लागत से बनाये जा रहे इस म्यूजियम के बाहरी ढांचे में पारंपरिक गढ़वाली शैली की झलक देखने को मिलेगी तो ‌अंदर से इसमें अत्याधुनिक उपकरणों व हिमालयी संस्कृति को संजोया जायेगा।

नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेन‌ियरिंग संग्राहलय के चीफ क्यूरेटर विशाल रंजन ने बताया कि भूकंप रोधी इस भवन का निर्माण मार्च 2016 में शुरू किया गया था, जिसे फरवरी 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य है। संग्राहलय में दो भवन होंगे, जिनमें से एक भवन दो मंजिला होगा। संग्राहलय के भवन का बाहरी ढांचा देवदार की लकड़ी और पत्थर के पटालों से पहाड़ी शैली में बनेगा। जिसमें उत्तरकाशी जिले की लोक कथाओं को उकेरा जाएगा। जबकि अंदरूनी हिस्से में इसके विपरीत अत्याधुनिक 3डी पेंटिंग, होलोग्राफिक, लेजर किरणों, कंप्यूटरीकृत, ऑडियो-वीडियो तकनीक व आधुनिक एफआरपी मॉडल के ज‌रिए, लोगों को हिमालय की चोटियों, नदियों, पर्वतारोहियों, जैव विविधता, पुरात्तव सामान, पहाड़ी संस्कृति की जानकारी रोचक ढंग से दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि भवन निर्माण में उत्तरकाशी के कृष्णा कुड़ियाल, जिन्होंने उत्तराखंड के कई प्राचीन मंदिरों का जीर्णोधार किया है तथा बंगाल के एसके प‌हाड़ी, जिन्होंने राष्ट्रपति भवन का संग्राहलय बनाया है का सहयोग लिया जा रहा है। संग्राहलय में कुछ चीजें मुख्य आकर्षण का केंद्र भी रहेंगी। इनमें भवन की छत में लगी एलसीडी स्क्रीन के वीडियो से मिलेगा खुले आकाश के नीचे घूमने का एहसास। गूगल मैप तकनीक की स्क्रीन पर ह‌िमालय में अपनी लोकेशन ढूंढ सकेंगे पर्यटक। 3डी पेंटिंग में चलकर ग्लेशियर पार करने का अनुभव मिलेगा। होलोग्राफ तकनीक से दिखेंगी हिमालय की हर चोटी। एफआरपी मॉडल में दिखेंगे प्रसिद्ध पर्वतारोहियों के चेहरे। पहाड़ी बाजार का रीयल सेट। चार धाम के मॉडल। जंगली जीवों के मॉडल। सेल्फी मशीन। गढ़वाली कुमाऊंनी संस्कृति के पुराने उत्पाद भी यहां आसानी से देखने को मिलेंगे।

वहीं निम के प्रचार्य कर्नल अजय कोठियाल के अनुसार संग्राहलय बनाने का उद्देश्य हिमालय व पर्वतारोहण की जानकारी देने के साथ ही, लोगों को पहाड़ी संस्कृति के करीब लाना भी है। ताकि देश-विदेश के लोग पहाड़ की संस्कृति को जान पाये।

पुराने हैंड ग्रेनेड को बम निरोधक दस्ते ने किया डिफ्यूज

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कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना रायपुर को सूचना मिली कि एमडीडीए कॉलोनी लीची बाग के पास कच्चे रास्ते में बम जैसी कोई संदिग्ध चीज पड़ी है।

सूचना पर थाना रायपुर से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा तथा बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। मौके से एक पुराना हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ, जिसे बम निरोधक दस्ते द्वारा सेंड बैग में रख कर अपने साथ डिफ्यूज करने के लिये फायरिंग रेंज में ले जाया गया।

प्रथमदृष्टया किसी अज्ञात कबाड़ी द्वारा आर्मी फायरिंग रेंज से अपने कबाड़ के सामान में उक्त हैंड ग्रेनेड को रख कर लाया गया प्रतीत होता है, जो संभवत: यहां गिर गया होगा। हैंड ग्रेनेड किन परिस्थितियों में उक्त स्थान पर आया, इस संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है।

विस अध्यक्ष ने 60 गरीब छात्रों को वितरित किए चेक

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देहरादून। विधान सभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने उदयन शालिनी फैलोशिप ट्रस्ट के माध्यम से 60 गरीब छात्राओं को छात्रवृत्ति के चेक वितरित किए।
रविवार को उदयन शालिनी फैलोशिप ट्रस्ट द्वारा वेल्हम गर्ल्स स्कूल में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में उन्होंने 60 गरीब छात्राओं को छात्रवृत्ति के चेक वितरित करते हुए उदयन शालिनी फैलोशिप के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह ट्रस्ट समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्राओं की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान कर उनके पूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए कार्य कर रही है। इस अवसर पर उदयन शालिनी फेलोशिप ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. किरण मोदी ने बताया कि ट्रस्ट के माध्यम से 8 राज्यों में बारह हजार सात सौ गरीब छात्राओं एवं उनके परिवार समुदाय को लाभान्वित किया जा चुका है।
श्री अग्रवाल द्वारा कमजोर वर्ग के छात्राओं को अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने और स्वच्छता को लेकर शपथ दिलायी गयी। उन्होंने समाज में जितने भी सक्षम वर्ग के लोग है उनसे आहवान किया है कि वे भी अपने स्तर से इन गरीब छात्राओं को अपना लक्ष्य प्राप्त करने की सलाह एवं मार्गदर्शन प्रदान करें। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि के रूप में गीता शर्मा उप प्रधानाचार्य वेल्हम गर्ल्स स्कूल, डॉ. किरण मोदी, गिरधारी लाल काक, शील अग्रवाल, विमल डबराल, डा. दलजीत कौर, श्रीमती रोमिला यादव, सुमन तिवारी उपस्थित थे।

मिस ग्लोबल क्वीन इंडिया प्रतियोगिता में दून की प्रिया लेंगी भाग

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देहरादून। कोरिया में आयोजित होने वाले ‘मिस ग्लोबल ब्यूटी क्वीन इंडिया-2017’ में दून की प्रिया शाह भी प्रतिभाग करेंगी। प्रतियोगिता के लिए देशभर से चुने गए 11 प्रतिभागियों में प्रिया का प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा है। अब दूनवासियों को ग्लोबल प्रतिस्पर्धा में प्रिया से खासी उम्मीदें हैं।

देहरादून निवासी प्रिया शाह (22 वर्ष) ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ग्लोबल ब्यूटी क्वीन इंडिया-2017 में उनका चयन हो गया है। प्रतियोगिता कोरिया में दो से 22 अक्टूबर तक होगी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के लिए मुंबई में देशभर से 11 टॉप मॉडल्स का चयन हुआ है। उनमें वह टॉप में चुनी गई हैं। प्रतियोगिता में विदेश में रह रही भारतीय युवतियां भी प्रतिभाग करेंगी।

प्रिया शाह ने बताया कि प्रतियोगिता का आयोजन बिग ब्रेक एंटरटेनमेंट की ओर से किया जाता है। इसमें प्रतिभागी मॉडल्स के अनुशासन, मेहनत, टैलेंट, बुद्धिमता, सुंदरता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। प्रिया ने कहा कि प्रतियोगिता किसी भी युवा मॉडल के लिए भविष्य की राह खोलने के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रिया का कहना है कि वह इस प्रतियोगिता के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। उन्हें प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रतियोगिता में चयन होने के बाद से देहरादून समेत अन्य क्षेत्रों के मित्रों एवं परिचितों लगातार शुभ संदेश आ रहे हैं। वहीं, देहरादून में प्रिया का प्रतियोगिता के लिए चयन होने से खुशी का माहौल है। अब दूनवासी प्रतियोगिता में प्रिया से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।

काशीपुर की बेटी के बरसेंगे वियतनाम में मुक्के

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काशीपुर की बेटी प्रियंका के मुक्के अब वियतनाम में बरसेंगे, मैरिकाम के साथ प्रियंका अपने मुक्कों का दम दिखायेगी। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर प्रियंका चौधरी वियतनाम में होने वाली एशियन महिला बॉक्सिंग प्रतियोगिता में अपने मुक्कों से प्रतिद्वंद्वियों को ढेर करेंगी। प्रियंका 60 किलो भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व  करेंगी। उनके साथ ओलंपियन मैरीकॉम समेत नौ और मुक्केबाज भारतीय टीम में शामिल हैं, यह प्रतियोगिता चार से 10 नवंबर के बीच वियतनाम में होगी।
आर्य नगर की प्रियंका ने बताया कि, “महिला बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए 25 से 28 सितंबर तक दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में चयन प्रतियोगिता हुई थी, जिसमें 10 महिला मुक्केबाजों का चयन किया गया। उन्होंने बताया कि चयन के दौरान उनके भार वर्ग में काफी कठिन मुकाबला था।”
मालूम हो कि प्रियंका के पिता पूर्व कोतवाल विजय चौधरी भी एथलीट रहे हैं, मां आशा चौधरी ने बताया कि, “बेटा और बेटी में फर्क नहीं किया, यही वजह है कि आज प्रियंका इस मुकाम पर है, प्रियंका तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। प्रियंका के बड़े भाई पुष्पेंद्र चौधरी देहरादून में सेल्स टैक्स कमिश्नर हैं, वहीं दूसरे भाई विडियोकॉन में मैनेजर।”
रोजाना आठ घंटे बहा रही पसीना
प्रियंका चौधरी ने बताया कि फुफेरी बहन और पंतनगर विवि असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ स्पोर्ट्स पूनम त्यागी से प्रेरणा लेकर मुक्केबाजी में करिअर बनाने की ठानी और 2003 से बॉक्सिंग सीखनी शुरू की। 2008 में स्पोर्ट्स स्टेडियम में साई कोच हरजिंदर सिंह संधू के प्रशिक्षण से उनकी प्रतिभा में और निखार आया। सफलता का श्रेय उन्होंने कोच संधू को दिया। प्रियंका अब तक वह कई पदक जीत चुकी हैं और 2014, 2015 और 2016 में नेशनल बॉक्सिंग चैंपियन भी रह चुकी हैं। खेलों को लेकर सुविधा को लेकर प्रियंका का कहना है कि दूसरे राज्यों के मुकाबले अभी प्रदेश बहुत पीछे है। अगर यहां सुविधाएं बढ़ाई जाएं तो यहां के बच्चे बहुत आगे जाएंगे।
भारतीय टीम में शामिल खिलाड़ी
वियतनाम में होने वाली महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप के 48 किलोग्राम भार वर्ग में मैरीकॉम, 51 किग्रा में नीरज, 54 किग्रा में शिक्षा, 57 किग्रा में सोनिया, 60 किग्रा में प्रियंका चौधरी, 64 किग्रा में एल सरिता देवी, 69 किग्रा में लवलेना नॉट, 75 किग्रा में स्वीटी, 81 किग्रा में पूजा रानी, 81 से अधिक किग्रा में सीमा पूनिया भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

फिर से नदियों में दौडेंगे खनन के वाहन

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सरकार की खनन से झोली भरने के साथ-साथ जनता को भी राहत देने के मकसद से पट्टों से खनन व चुगान कल से शुरू हो गया। इससे हल्द्वानी के 28 पट्टों में बेल्चे-फावड़े खनकने लगेंगे। साथ ही सरकार की मंशा का अनुपालन सुनिश्चित न करने पर वन निगम व अन्य जिम्मेदार विभागों पर भी कार्रवाई होगी।

गौला, कोसी, दाबका, नंधौर आदि नदियों से वन निगम द्वारा कराए जाने वाले खनन के अलावा पट्टों पर भी जिले में खनन होता है। बारिश को देखते हुए जून से निकासी बंद होने के बाद नदियों के अलावा खनन पट्टों से भी खनन/चुगान बंद करा दिया गया था। तब से लोगों को स्टॉक का रेता-बजरी आदि महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। दूसरी ओर सरकार को अपनी झोली भी भरनी है। ऐसे में सरकार की ओर से आनन फानन में सभी जिलों को खनन कार्य एक अक्टूबर से शुरू करवाने का फरमान जारी हो गया।

नैनीताल जनपद में गौला से खनन मामले में हाई कोर्ट के स्टे को देखते हुए एक अक्टूबर से काम शुरू हो पाना संभव नहीं है। पांच अक्टूबर को खनन गेटों पर कांटे लगने के मामले में सुनवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। इसे देखते हुए उपनिदेशक खनन राजपाल लेघा की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने सभी खनन पट्टों पर एक अक्टूबर से चुगान कार्य शुरू कराने का आदेश जारी कर दिया है।

एक अक्टूबर से हर हाल में पट्टों से खनन निकासी शुरू कराने के लिए शासन स्तर पर जबरदस्त दबाव है। वहीं पट्टा स्वामी भी इसके लिए काफी समय से टकटकी लगाए हुए हैं। हालांकि पिछले साल अक्टूबर अंत में ही पट्टों से खनन शुरू हो सका था, ऐसे में वन निगम, वन विभाग, आरटीओ एवं जिला प्रशासन की जिम्मेदारी व जवाबदेही भी अचानक बढ़ जाएगी।

त्रिवेणी घाट चौक से चन्द्रभागा पुल तक मुश्किल हो गया चलना 

चार धाम यात्रा का प्रवेश द्वार, पर्यटन और योग नगरी के रूप में पुरे विश्व में अपनी अलग पहचान बना चूका ऋषिकेश लगातार हो रहे अतिक्रमण और अवैध निर्माण से त्रस्त है। देश भर से यहाँ घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए यहाँ की संकरी गलियो और राष्ट्रीय राजमार्ग में सिर्फ जाम ही जाम मिलता है,वीकेंड में हालात इंतने बुरे हो जाते है कि ट्रेफिक रेंग रेंग के चलता है।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी अभी तक स्थानीय प्रशाशन ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान नहीं छेड़ा है ,जिसके चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद है। आलम यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 72 के त्रिवेणी घाट चौक से चन्द्रभागा पुल तक जाम की समस्या से आम जनता के साथ साथ पर्यटकों को भी निजात नहीं मिल पा रही है।
शहर की सामाजिक संस्थाए कई बार इस और प्र्शशन का ध्यान आकर्षित कर चुकी है लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है जिसके तीर्थनगरी के लोगो में रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर प्रशाशन का डंडा नहीं चलता तब तक तीर्थ नगरी की फिजा नहीं सुधरेगी, अब देखने लायक होगा की ऋषिकेश में लोगों को जाम से निजाद कब तक मिलेगी ?