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फिर एक मंच पर आई1983 की विश्वकप विजेता टीम

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1983 में पहली बार क्रिकेट का विश्व कप जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम आज मुंबई में एक बार फिर एक मंच पर पंहुची। मौका था इस विश्व विजयी टीम पर बनने जा रही फिल्म की लांचिंग का, जिसे कबीर खान बना रहे हैं।

इस मौके पर कप्तान कपिल देव के साथ मोहिंदर अमरनाथ, के. श्रीकांत, मदनलाल, संदीप पाटिल, दिलीप वेंगसरकर, रोजर बिन्नी, यशपाल शर्मा, कीर्ति आजाद, बलविंदर सिंह संधू, सुनील वाल्सन और टीम के मैनेजर मान सिंह मौजूद थे। सभी ने विश्वकप के उस सफर से जुड़ी यादों को ताजा किया।

अपनी अपनी व्यस्तताओं के चलते सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री और सैयद किरमानी इस मौके पर नहीं पंहुच सके। इस मौके पर रणबीर सिंह भी मौजूद थे, जिनको इस फिल्म में कपिल देव का रोल करने के लिए चुना गया है। रणबीर सिंह कालेज तक क्रिकेट खेलते थे। उन्होंने इस फिल्म को अपने कैरिअर की सबसे बड़ी फिल्म बताया।

कबीर खान ने कहा कि उनके लिए इस फिल्म को लेकर सोचना ही मुश्किल था, लेकिन एक बार जब प्रक्रिया शुरु हुई, तो उनको लगा कि पहली बार विश्व कप जीतने का सफर इतना बड़ा है कि इस पर कई फिल्में बनाई जा सकती हैं। इस मौके पर सिर्फ 1983 के हीरो खिलाड़ियों को आगे किया गया। फिल्म का टाइटल ’83’ रखा गया है। कबीर खान ने सिर्फ इतना कहा कि कहानी पर काम चल रहा है।

कोरियोग्राफर आश्ले लोबो अब जर्मनी को नचाएंगे

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बालीवुड के मशहूर कोरियोग्राफर आश्ले लोबो डांस सिखाने के लिए जर्मनी जा रहे हैं। बालीवुड की फिल्मों के सौ से भी ज़्यादा गानों के डांस डायरेक्टर रह चुके आश्ले लोबो ने ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में शोज कर चुके है।

अब आश्ले लोबो जर्मनी की एक नाट्य संस्था के साथ मिल कर तीन हफ्ते तक वहां अलग अलग शोज करेंगे। उनका कहना है किये प्रोजेक्ट मेरे लिए काफी अलग है। इस टूर में वे बैले डांस शोज तैयार करेंगे। आश्ले लोबो सितम्बर के आखिरी हफ्ते से लेकर के अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक जर्मनी में लगातार शोज करेंगे। वह भारत के पहले ऐसे कोरियोग्राफर हैं, जो जर्मनी की किसी डांस कंपनी के लिए डांस ग्रुप तैयार कर रहे है।

बालीवुड की हिट रही फिल्मों कॉकटेल, रॉकस्टार, प्यार का पंचनामा, गुज़ारिश, लव आज कल, जब वे मेट, नमस्ते लंदन के डांस डायरेक्टर रहे आश्ले कोरियोग्राफी के साथ साथ एक फिल्म की स्क्रिप्ट भी लिख रहे है, जिस पर वे खुद निर्देशन करने का इरादा रखते हैं।

जुड़वां 2 की बाक्स आफिस पर जोरदार शुरुआत

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डेविड धवन की ‘जुड़वां 2’ की बाक्स आफिस पर जोरदार शुरुआत हुई है। पहले दिन बाक्स आफिस पर 15.50 करोड़ की कमाई के साथ इस मसालेदार फिल्म ने मजबूत शुरुआत की है। साजिद नडियाडवाला द्वारा बनाई गई इस फिल्म में वरुण धवन के डबल रोल हैं और ये फिल्म साजिद-डेविड की 20 साल पुरानी सलमान खान स्टारर फिल्म जुड़वां का रिमेक है।

फिल्मी कारोबार के जानकार मान रहे है कि काफी समय बाद एक ऐसी मसालेदार फिल्म आई है, जो दर्शकों का मनोरंजन कर रही है। फिल्म को मीडिया से अच्छे रिव्यूज मिले हैं। इसे देखने वाले दर्शकों से भी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही हैं। जानकारों का अनुमान है कि पहले वीकंड में फिल्म का कारोबार 50-60 करोड़ के बीच रहेगा और इसे विजयादशमी तथा गांधी जयंती की छुट्टियों का फायदा मिलेगा।

फिल्म का बजट 90 करोड़ के लगभग है और इसे देश भर में 3000 सिनेमाघरों मे रिलीज किया गया है। हाल ही में रिलीज बड़े सितारों की फिल्मों के बाक्स आफिस पर न चल पाने की वजह से सबकी निगाहें इस फिल्म पर आ टिकी हैं।

विवादित भूमि को लेकर दो पक्षों में मारपीट

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रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के बाईपास मार्ग पर विवादित भूमि को लेकर रविवार सुबह दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत किया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के विरुद्ध पुलिस को तहरीर दी है।

पुलिस के अनुसार रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के बाईपास मार्ग पर बिजनौर निवासी रईस और उसके रिश्तेदार यामीन की भूमि है। जिस पर दोनों का विवाद चला आ रहा है। इसी को लेकर दोनों पक्ष के लोग उक्त भूमि पर पहुंचे जहां दोनों पक्षों के बीच गाली गलौज के साथ ही मारपीट होने लगी। किसी ने झगड़े की सूचना पुलिस को दी।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाबुझाकर शांत किया। इसके बाद दोनों पक्ष पुलिस के पास पहुंचे। इन्होंने पुलिस को बताया कि अभी उक्त भूमि पर विवाद चल रहा है लेकिन रईस उस जमीन को गुपचुप तरीके से बेचने की फिराक में था। इसका पता चलने पर यामीन और उसके परिवार के लोग वहां पहुंचे और रईस को समझाया लेकिन वह गाली गलौज पर उतर आया। पुलिस को दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के विरुद्ध तहरीर दी है।

डीजीपी, उत्तराखण्ड ने गाँधी जयन्ती एवं शास्त्री जयन्ती पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया

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गाँधी जयन्ती एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयन्ती के अवसर पर आज  पुलिस मुख्यालय में एक सादे कार्यक्रम का आयोजन किया गयाजिसमे श्री अनिल रतूड़ी,  महानिदेशक उत्तराखण्ड एवं उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा गाँधी जी व शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये गये।

इस अवसर पर श्री अशोक कुमारअपर पुलिस महानिदेशकअपराध एवं कानून व्यवस्थाश्री दीपम सेठपुलिस महानिरीक्षकअपराध एवं कानून व्यवस्थाश्री संजय गुंज्यालपुलिस महानिरीक्षकपी/एम, श्री ए.पी.अंशुमन पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना/सुरक्षा, श्री जी.एस. मर्तोलिया, पुलिस महानिरीक्षक, मुख्यालय सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

देश को स्वच्छ रखना ही राष्ट्रनायकों को सच्ची श्रद्धांजलिः राज्यपाल

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गांधी जयंती व शास्त्री जयंती के अवसर पर राजभवन में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। राज्यपाल पाल ने गांधी जी और शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों श्री साधु सिंह बिष्ट, श्री रामप्रताप बहुगुणा और श्री परिपूर्णानंद पैन्यूली को शाॅल भेंट कर सम्मानित किया।
गांधी जी और शास्त्री जी का भावपूर्ण स्मरण करते हुए राज्यपाल ने कहा कि, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वाधीनता आन्दोलन न केवल देश को राजनीतिक आजादी दिलाने का संघर्ष था बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक व भावात्मक संघर्ष भी था जिसने लोगों में वैचारिक चेतना जगाई। उसी का परिणाम है कि हमने अंग्रेजी शासन से आजादी पाने के साथ ही अनेकों सामाजिक बुराईयों से भी आजादी पाई। हमारी सभी उपलब्धियों के पीछे आजादी के ज्ञात-अज्ञात महानायकों के त्याग व बलिदान से उत्पन्न शक्ति की प्रेरणा निहित है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी का सादगी, सरलता, देशभक्ति तथा ईमानदारी से भरा जीवन-आचरण हम सभी के लिए प्रेरक है।”
राज्यपाल ने कहा कि गांधी जी के लिए स्वच्छता एक बहुत ही महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा था। वे साफ-सफाई को ईश्वर भक्ति के समान मानते थे। दक्षिण अफ्रीका के दिनों से लेकर भारत तक, वह अपने पूरे जीवनकाल में निरंतर स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करते रहे। ‘यंग इंडिया’ के एक अंक में उन्होंने लिखा था, ‘‘देश के अपने भ्रमण के दौरान मुझे सबसे ज्यादा तकलीफ गंदगी को देखकर हुई।’’ गांधीजी के आश्रम में रहने की पहली शर्त यही होती थी कि आश्रम मे ंरहने वालों को आश्रम की सफाई का काम स्वयं करना होगा जिसमें शौच का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण भी शामिल था।
राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान प्रारम्भ किया। इस समय देश को स्वच्छ बनाने व इसे खुले में शौच से मुक्ति का महायज्ञ चल रहा है। इसमें हम सभी को अपने योगदान की आहुति देनी है। स्वच्छता को हमें अपनी आदत में शुमार करने के साथ बच्चों में सफाई का संस्कार विकसित करना होगा। उत्तराखण्ड, देवभूमि है और इसलिए स्वच्छता के प्रति हमारा विशेष दायित्व है। आज 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। राज्यपाल ने अपने घरों के साथ ही अपने मोहल्लों, सार्वजनिक स्थलों, शहरों, राज्य व देश की स्वच्छता का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि देश को स्वच्छ रखने में हमारा सक्रिय योगदान ही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

ऋषिकेश-बांदीकुई पैसेंजर रद होने से यात्री परेशान

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ऋषिकेश से बांदीकुई जाने वाली पैसेंजर ट्रेन रद रहने से यात्रियों को समस्याओं से दो चार होना पड़ा। रोजाना दोपहर के वक्त संचालित इस ट्रेन में बड़ी संख्या में लक्सर, मुरादाबाद समेत बीच के स्टेशनों के दैनिक यात्री सफर करते हैं।

रविवार को ऋषिकेश से चलकर बांदीकुई को जाने वाली ट्रेन के रद्द होने की सूचना प्रसारित होते ही रोजाना सफर करने वाले यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

ट्रेन के संबंध में जानकारी को पूछताछ केंद्र पर यात्रियों की भीड़ लगी रही। स्टेशन अधीक्षक एमके सिंह ने बताया कि, “ट्रेन के रद्द होने के कारणों की जानकारी नहीं है। हालांकि रद्द होने की सूचना समय से प्रसारित कराई गई, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।” ट्रेन रद्द होने के कारण लोगों को बस का सहारा लेना पड़ा।

कंटेनर के पीछे लटकी लाश देख फैली सनसनी

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विकासनगर। थाना सहसपुर के सेलाकुईं में कंटेनर के पीछे लटकी लाश को देखकर सनसनी फैल गई। देहरादून-पांवटा हाइवे पर लोगों ने कंटेनग के पीछे लटकी लाश देखकर कंटेनगर रुकवाया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने लाश को कंटेनर से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजी। मृतक के भाई ने तीन लोगों पर शक जाहिर करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार शनिवार की देर रात पहलवान ट्रांसपोर्ट का कंटेनर जब सेलाकुई में देहरादून पांवटा हाइवे पर आया तो लोगों में कंटेनर के पीछे लाश लटकी देखी। लोगों ने शोर मचाकर कंटेनर को रुकवाया। सूचना मिलने पर चौकी इंचार्ज गिरीश नेगी मौके पर पहुंचे और लाश उतरवाकर उसकी शिनाख्त कराई। शव की शिनाख्त आदेश पुत्र रामकिशन निवासी ग्राम दरियापुर थाना ककरोली जिला मुजफ्फरनगर यूपी के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को सूचना देने के साथ ही कंटेनर चालक को हिरासत में ले लिया। लाश के गले में रस्सी बंधी हुई थी। प्रथम दृष्टया पुलिस जांच में आया कि मृतक आदेश भी पहलवान ट्रांसपोर्ट सेलाकुई का ही चालक था। हत्या की आशंका के चलते पुलिस ने रात में शव मोर्चरी में रखवाया। गले में रस्सी बंधी होने से गला घोटकर हत्या की आशंका भी जतायी जा रही है। रविवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। रविवार शाम मृतक के भाई प्रमोद कुमार ने तीन लोगों पर शक जाहिर करते हुए हत्या का अभियोग पंजीकृत कराया है। थानाध्यक्ष पंकज देवरानी व चौकी इंचार्ज गिरीश नेगी के अनुसार हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा और आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास किए जाएंगे।

वृद्धों की क्रूरता रोकने को हेल्पेज इंडिया आगे आया

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देहरादून। हेल्पेज इंडिया संस्था ने गांधी पार्क से लेकर परेड ग्राउंड तक अन्तर पीढ़ी सैर का आयोजन किया, जिसमें देहरादून ओल्ड एज होम के लोगों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिक संगठन और विद्यालयी बच्चों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। हेल्पेज इंडिया प्रतिवर्ष वृद्धों के मामले पर अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का आयोजन करता है। वर्तमान सत्र में अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन की थीम है क्रूरता रोकने की है।


हेल्पेज इंडिया मानता है कि उम्र के आधार पर वृद्धों के साथ भेदभाव न किया जाए। इसके लिए समाज में जागरुकता फैलाना जरूरी है। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए हेल्पेज इंडिया के प्रमुख चैतन्य उपाध्याय ने कहा कि उम्र के आधार पर भेदभाव वैश्विक स्तर पर फैल रहा है। अधिकांश लोग जाने अनजाने में यह भेदभाव कर रहे हैं। इस दिशा में जागरुकता ही पहला कदम है। यदि हम अपने वृद्धा अवस्था में इज्जत और सम्मान पाना चाहते हैं तो हम अब अपने बुजुर्गों की इज्जत करनी चाहिए। इस अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोग जागरूक हो पाएंगे।
हेल्पेज इंडिया के राज्य परियोजना के अधिकारी कृष्णा अवतार ने बताया कि इस समय भारत में 104 मिलियन वृद्ध हैं, जो 2050 तक 234 मिलियन पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने हेल्पेज इंडिया के राष्ट्रव्यापी सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि 61 प्रतिशत वरिष्ठजनों का मानना है कि वरिष्ठजनों को देखकर अधिकांश लोग अधीर हो जाते हैं तथा यह सोचते हैं कि वह बहुत सुस्त व धीमे हैं। 52 प्रतिशत वरिष्ठजनों का मानना है कि अगर वृद्धजन अच्छे कपड़े न पहन तो युवा वर्ग असभ्य समझते हैंं। इस अवसर पर प्रवीण राय, पंकज राठौड़, पंकज देवराड़ी, जयपाल रावत, चन्द्रा आदि उपस्थित रहे। 

हिमालय और गढ़वाल का इतिहास जानना है तो अगले साल एनआइएम चले आईये

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उत्तरकाशी। देश विदेशी शोधकर्ताओं और इतिहास जानने की दिलचस्पी रखने वालों के लिए खुशखबरी है। अब पर्वतारोहण, हिमालय के इतिहास, वन संपदा और उत्तराखंड की संस्कृति की जानकारी आपको कंप्यूटरीकृत तकनीक से मिलेगी। इसके लिए उत्तरकाशी जिले में स्थित नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेन‌ियरिंग, संग्राहलय को तैयार किया जा रहा है। तकरीबन तीन करोड़ की लागत से बनाये जा रहे इस म्यूजियम के बाहरी ढांचे में पारंपरिक गढ़वाली शैली की झलक देखने को मिलेगी तो ‌अंदर से इसमें अत्याधुनिक उपकरणों व हिमालयी संस्कृति को संजोया जायेगा।

नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेन‌ियरिंग संग्राहलय के चीफ क्यूरेटर विशाल रंजन ने बताया कि भूकंप रोधी इस भवन का निर्माण मार्च 2016 में शुरू किया गया था, जिसे फरवरी 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य है। संग्राहलय में दो भवन होंगे, जिनमें से एक भवन दो मंजिला होगा। संग्राहलय के भवन का बाहरी ढांचा देवदार की लकड़ी और पत्थर के पटालों से पहाड़ी शैली में बनेगा। जिसमें उत्तरकाशी जिले की लोक कथाओं को उकेरा जाएगा। जबकि अंदरूनी हिस्से में इसके विपरीत अत्याधुनिक 3डी पेंटिंग, होलोग्राफिक, लेजर किरणों, कंप्यूटरीकृत, ऑडियो-वीडियो तकनीक व आधुनिक एफआरपी मॉडल के ज‌रिए, लोगों को हिमालय की चोटियों, नदियों, पर्वतारोहियों, जैव विविधता, पुरात्तव सामान, पहाड़ी संस्कृति की जानकारी रोचक ढंग से दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि भवन निर्माण में उत्तरकाशी के कृष्णा कुड़ियाल, जिन्होंने उत्तराखंड के कई प्राचीन मंदिरों का जीर्णोधार किया है तथा बंगाल के एसके प‌हाड़ी, जिन्होंने राष्ट्रपति भवन का संग्राहलय बनाया है का सहयोग लिया जा रहा है। संग्राहलय में कुछ चीजें मुख्य आकर्षण का केंद्र भी रहेंगी। इनमें भवन की छत में लगी एलसीडी स्क्रीन के वीडियो से मिलेगा खुले आकाश के नीचे घूमने का एहसास। गूगल मैप तकनीक की स्क्रीन पर ह‌िमालय में अपनी लोकेशन ढूंढ सकेंगे पर्यटक। 3डी पेंटिंग में चलकर ग्लेशियर पार करने का अनुभव मिलेगा। होलोग्राफ तकनीक से दिखेंगी हिमालय की हर चोटी। एफआरपी मॉडल में दिखेंगे प्रसिद्ध पर्वतारोहियों के चेहरे। पहाड़ी बाजार का रीयल सेट। चार धाम के मॉडल। जंगली जीवों के मॉडल। सेल्फी मशीन। गढ़वाली कुमाऊंनी संस्कृति के पुराने उत्पाद भी यहां आसानी से देखने को मिलेंगे।

वहीं निम के प्रचार्य कर्नल अजय कोठियाल के अनुसार संग्राहलय बनाने का उद्देश्य हिमालय व पर्वतारोहण की जानकारी देने के साथ ही, लोगों को पहाड़ी संस्कृति के करीब लाना भी है। ताकि देश-विदेश के लोग पहाड़ की संस्कृति को जान पाये।