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स्व. इंद्र कुमार की अंतिम फिल्म का म्यूजिक लांच

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दिवंगत अभिनेता इंद्र कुमार की अंतिम फिल्म के तौर पर रिलीज होने जा रही फिल्म ‘क्रीना’ का म्यूजिक लांच मुंबई में एक समारोह मे किया गया। अरबाज खान और जरीन खान इस समारोह के मुख्य अतिथि थे। इस मौके पर फिल्म की पूरी टीम मौजूद थी।

समारोह में दो मिनट का मौन रखकर इंद्र कुमार को श्रद्धांजलि दी गई। कुछ ही समय पहले दिल का दौरा पड़ने से अभिनेता इंद्र कुमार का निधन हो गया था। उनकी इस अंतिम फिल्म का निर्माण हरविंद सिंह चौहान और अर्चना चौहान ने किया है। श्यामल के मिश्रा इस फिल्म के निर्देशक हैं। दिलीप सेन ने इसमें संगीत दिया है।

फिल्म की प्रमुख भूमिकाओं में दीपशिखा नागपाल और शाहबाज खान, सुधा चंद्रन, ट्यूनिशा शर्मा, सुदेश बैरी के साथ पर्थ सिंह चौहान हैं। इस फिल्म की रिलीज डेट अभी तय नहीं है। माना जा रहा है कि दिसंबर में इसे रिलीज किया जाएगा।

हेमा मालिनी के गोदाम में चोरी की वारदात

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अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी की सांसद हेमा मालिनी के गोदाम में चोरी का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई के अंधेरी में स्थित हेमा मालिनी के गोदाम से काफी कीमती समान चोरी हो गया, जिसकी कीमत 90,000 के लगभग बताई गई है।

जुहू पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया है और पुलिस ने इसकी जांच शुरु कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को वहां काम करने वाले एक नौकर पर शक है, जो चोरी की वारदात के बाद से गायब बताया जा रहा है। हेमा मालिनी इन दिनों देश में नहीं हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, वे मास्को में हो रहे भारतीय फिल्म फेस्टिवल में शामिल होने के लिए गई हैं। चोरी की घटना हेमा मालिनी के मैनेजर को पता चली और मैनेजर ने ही पुलिस में मामला दर्ज कराया।

कहा जाता है कि इस गोदाम में हेमा मालिनी द्वारा शोज में इस्तेमाल होने वाले ड्रेसेज और ज्वैलरी का काफी सामान रखा हुआ था, जिसे चोरी किया गया। हेमा मालिनी रविवार को मुंबई लौट रही है।

कंगना पर रितिक ने तोड़ी चुप्पी

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कंगना के साथ चल रहे विवाद पर रितिक रोशन ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में रितिक रोशन ने इस केस को लेकर अपना पक्ष सामने रखा। कल ही इस मामले को लेकर रितिक के पिता राकेश रोशन की पहली प्रतिक्रिया आई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि, हमारा परिवार कभी स्तर गिराकर बातचीत नहीं करेगा।”

आज रितिक रोशन ने जारी अपने बयान में खुद को इस मामले में बेकसूर बताते हुए दो बड़ी बातें कहीं। उनका कहना है कि वे कंगना से कभी निजी तौर पर नहीं मिले। उनकी मुलाकातें फिल्मों के सेट पर या समारोह में फिल्मों को लेकर हुई। दोनों ने ‘काइट’ और ‘कृष 3’ में साथ काम किया था, कंगना ने अपने दावों में रितिक के साथ 2014 में पेरिस में हुई मुलाकात का उल्लेख किया है। रितिक का दावा है कि 2014 में वे देश से बाहर कहीं नहीं गए। इस बात की जांच उनके पासपोर्ट से हो सकती है। कंगना पर 1400 मेल भेजने को लेकर रितिक रोशन के वकील मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम शाखा में नई शिकायत दर्ज करा चुके हैं और इसके लिए रितिक ने अपना लैपटाप और मोबाइल भी साइब्रर क्राइम में दर्ज कराया है।

रितिक रोशन ने अपने बयान में कहा है कि, “उनकी चुप्पी को गलत तरीके से लिया गया और इसका खामियाजा उनको भुगतना पड़ा। मैं खुद को बचाने के लिए कोई सफाई नहीं दे रहा हूं। जांच में सब सामने आ जाएगा। इस मामले में वे पिछले चार सालों से प्रताड़ना के शिकार हो रहे हैं, झगड़ना मेरे स्वाभाव में नहीं है। मेरा तलाक भी हुआ, लेकिन वहां भी झगड़े जैसी कोई बात नहीं हुई।” वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि इस मामले की जांच जल्दी हो और सब कुछ साफ हो जाए।

उधर कंगना की बहन रंगोली द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से रितिक रोशन पर हमले जारी रहे। 2014 में रितिक की ब्रेन सर्जरी का जिक्र करते हुए रंगोली ने उनको पागल तक कह डाला। इससे पहले वे अंकल कहकर रितिक की मजाक उड़ा चुकी हैं। रंगोली ने रितिक के तलाक को भी मुद्दा बनाया और कहा कि रितिक के किसी दोस्त के साथ ही उनकी पत्नी के संबंधो की बात मीडिया में थी। याद रहे कि कंगना से जुड़े मामले में रितिक से तलाक ले चुकी सुजैन खान ने अपने पूर्व पति का बचाव करते हुए कंगना के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।

पंजाब से उत्तराखंड को मिलेगी 802 मिलियन यूनिट बिजली

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देहरादून। अक्टूबर से मार्च तक उत्तराखंड को पंजाब से रिटर्न बैंकिंग के तहत 802 मिलियन यूनिट बिजली मिलेगी। वर्तमान में सूबे की मांग राज्य की परियोजनाओं से उत्पादित और अन्य स्रोतों से प्राप्त बिजली से पूरी हो जा रही है। लिहाजा फिलहाल बैंकिंग के माध्यम से बिजली नहीं ली गई।

दरअसल, सूबे की जल विद्युत परियोजनाओं से मांग का एक तिहाई से भी कम बिजली उत्पादन होता है। केंद्रीय पूल, टेंडर, बाजार और अन्य स्रोतों से जरूरतभर की बिजली जुटानी पड़ती है। सर्दियों में नदियों का जलस्तर कम होने से बिजली उत्पादन गिरता है। लिहाजा बिजली की कमी को पूरा करने के लिए उत्तराखंड पावर कार्पाेरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) बैंकिंग करता रहा है। पिछले चार साल से सर्दियों में हरियाणा से बिजली ली जाती रही और फिर गर्मी में पांच फीसद अधिक लौटाई गई। लेकिन, पिछले एक साल में तीन गैस आधारित परियोजनाओं से लंबी अवधि का करार हुआ। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने बिजली की उपलब्धता की गणना की और उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) को निर्देश दिए कि बैकिंग के माध्यम से गर्मियों में पहले बिजली दी जाए और फिर सर्दियों में ली जाए। पंजाब के साथ हुए करार में तय हुआ कि रिटर्न बैंकिंग में 11 फीसद अधिक बिजली दी जाएगी। अप्रैल से सितम्बर तक बिजली पंजाब को दी गई और अब अक्टूबर से मार्च तक वापस ली जाएगी। यूपीसीएल के मुख्य अभियंता एवं प्रवक्ता एके सिंह ने बताया कि बिजली की मांग और उपलब्धता का अनुमानित शेड्यूल पहले ही बन जाता है। जिस दिन बिजली की कमी की आशंका होगी, बैंकिंग से बिजली ली जाएगी।
ट्रांसमिशन लाइनें ओवर लोड
ट्रांसमिशन लाइनों के ओवरलोड होने के कारण जितनी बिजली पंजाब को देने के लिए प्रस्तावित थी, पंजाब उससे कम ही ले सका। ऐसी स्थिति में यूपीसीएल ने शेष बिजली को ग्रिड के माध्यम से बाजार में बेचा।
एडवांस बैंकिंग की स्थिति
अप्रैल और मई, 43.77
जून, 96.17
जुलाई, 270.66
अगस्त, 209.39
सितंबर, 111.60
कुल, 731.55
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रिटर्न बैंकिंग का शेड्यूल
अक्टूबर, 74.40
नवंबर, 54.00
दिसंबर, 148.80
जनवरी, 241.80
फरवरी, 134.40
मार्च, 148.80
कुल, 802.20
(नोट : सभी आंकड़ मिलियन यूनिट में)

अब पलायन रोकने के लिए गांव की अनोखी पहल

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पिथौरागढ़, राज्य बनने और पलायन रोकने के तमाम सरकारी प्रयास विफल हो चुके हैं। पहाड़ से पलायन थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिथौरागढ़ जिले से प्रतिमाह साढ़े तीन परिवार की दर से गांवों से पलायन हो रहा है। सरकारी प्रयास और नेताओं के वादे झूठ साबित हो चुके हैं। पलायन को लेकर अब खुद ग्रामीण भी परेशान हो चुके हैं। चीन सीमा से लगे मुनस्यारी तहसील के चौना गांव की महिलाएं अब गांव से पलायन रोकने को कमर कस चुकी हैं। महिलाएं इसके लिए गांव के परिवारों को शपथ दिला रही हैं।

महिलाओं का कहना है कि, “पलायन से गांव के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो रहा है, प्रकृति ने गांव को बहुत कुछ दिया है, ग्रामीणों ने इसी खेती-बाड़ी से बच्चों को पढ़ा-लिखा कर आगे बढ़ाया है। आज गांव सड़क और बिजली से जुड़ गया है। ऐसे में अब पलायन होना गांव के लिए आसन्न संकट है।”

यह निर्णय महिलाओं ने गांव में आयोजित सत्यनारायण की कथा में लिया। कथा श्रवण के बाद महिलाओं ने मौजूद लोगों से गांव छोड़ कर अन्यत्र नहीं जाने की शपथ दिलाई। चौना गांव तहसील मुनस्यारी मुख्यालय से लगभग नौ किमी की दूर है। गोरी नदी किनारे भदेली से लेकर लगभग छह हजार फीट की ऊंचाई तक स्थित चौना गांव में एक दशक पूर्व बिजली तो लगभग सवा साल पूर्व सड़क भी पहुंच गई है। गांव में रोजगार के नाम पर अभी केवल कृषि कार्य ही है। रोजगार की तलाश में या फिर नौकरी पाने वाले लोग गांव से पलायन कर रहे हैं।

चौना गांव में विगत एक दशक के बीच चालीस परिवार गांव छोड़ चुके हैं। एक दशक पूर्व तक गांव में 120 परिवार रहते थे। अब परिवारों की संख्या 80 हो चुकी है। आर्थिक रूप से थोड़ा सक्षम होने वाले ग्रामीण भी मुनस्यारी, पिथौरागढ़ या फिर हल्द्वानी में बस रहे हैं। ऐसे परिवारों को पलायन से रोकने के लिए गांव की महिलाएं प्रयास कर रही हैं। गांव को बचाने के लिए आगे आई देवकी देवी और हरुली सहित अन्य महिलाओं का कहना है कि, “गांव से ही उनकी पहचान है जिस तरह लोग गांव छोड़ कर जा रहे हैं उसका अंतर नजर आने लगा है। गांव में होने वाले तीज-त्योहारों में संख्या घट रही है। पूर्वजों की थाती को इस तरह त्यागना उचित नहीं है।”

इसे ध्यान में रखते हुए महिलाओं को ही इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। गांव की अधिकांश महिलाएं पलायन नहीं करने की शपथ ले रही हैं।आज के युग की चकाचौंध से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले युवा भी महिलाओं की इस पहल पर साथ देने लगे हैं। गांव के युवा पुष्कर चिराल, नवीन ज्येष्ठा, धरम सिंह चिराल, भगवत फस्र्वाण और प्रेम सिंह का कहना है कि बाहर जाकर छोटी-मोटी नौकरी के बजाय गांव में ही व्यावसायिक फसलों और फलों का उत्पादन कर सुख से रह सकते हैं। गांव से पलायन रोकने के लिए वह साथ देंगे।

डिजिटल गांवों से आएगी विकास की बयार

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विकासनगर। ग्रामीण क्षेत्रों को भारत की मुख्य धारा में शामिल कर गांवों तक विकास की बयार ले जाने के लिए तहसील क्षेत्र की शाहपुर-कल्याणपुर पंचायत में चल रहे प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल अभियान के तहत संचालित प्रशिक्षण शिविर के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

समापन के अवसर पर मौजूद कॉमन सर्विस सेंटर के जिला समन्वयक प्रियांक रोहिला ने कहा कि ग्रामीणों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाना जरूरी है जिससे कि गांवों से आने वाली विकास की बयार राष्ट्र के विकास में सहायक हो सके। कहा कि राष्ट्र को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक गांव को डिजिटल तकनीक से जोड़ा जोड़ना जरूरी है। वैश्विक अर्थव्यवस्था के चलते प्रतस्पर्धा बढ़ी है। इस दौर में वही राष्ट्र विकास की गति को पकड़ सकता है, जो तकनीकी रूप से सशक्त हो।
उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से सशक्त राष्ट्र निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक को तकनीकी ज्ञान होना जरूरी है, इसके लिए ग्रामीणों तक तकनीकी ज्ञान का पहुंचना जरूरी है।गांवों के डिजिटल होने से ही विकास की बयार आएगी जिससे राष्ट्र का संपूर्ण विकास होगा। सेंटर के संचालक सुनील कुमार ने ग्रामीणों को डिजिटल इंडिया की जानकारी देते हुए बताया कि इस मुहिम की सफलता युवाओं पर निर्भर करती है, यदि प्रत्येक गांव का प्रत्येक युवा तकनीकी शिक्षा लेगा तो गांव, समाज व राष्ट्र विकास की राह पर आगे बढ़ेगा। कहा कि वैश्विक ग्राम के साथ ही डिजीटल ग्राम की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए ग्रामीण युवा ही सशक्त माध्यम है। प्रशिक्षण के तहत 14 वर्ष से 60 वर्ष तक के महिला पुरुषों को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान ग्राम प्रधान ललिता देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सावित्री सैनी, सतीश कुमार, राजकुमार, जवाहर सिंह, रमेश कुमार सैनी, अंकित तोमर आदि मौजूद रहे।

महिनों से चल रहें वांछित अभियुक्त को किया गिरफ्तार

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रायपुर में पंजीकृत मु.अ.सं 72/17 धारा 420/467/468 /471/120 बी भादवि में नामजद व वांछित अभियुक्त ब्रिज मोहन वर्मा को मुखबिर की सूचना पर उसके निवास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त पेशे से वकील है तथा देहरादून कोर्ट में वकालत करता है।

वादी डोली गुजराल ने एक शिकायती प्रार्थना पत्र एसआईटी देहरादून में दिया जिसमें बताया गया की अभियुक्त बृजमोहन वर्मा ने  अपने साथियों के साथ मिलकर वर्ष 2015 में दशमेश बिहार, तरला आमवाला में फर्जी तरीके से नकली दस्तावेज बनाकर वादनी को किसी अन्य व्यक्ति की जमीन अपनी बताकर धोखाधड़ी कर बेच दी गई और उसके एवज में उनसे धनराशि ली गई  व जमीन की रजिस्ट्री के कागजात वादनी को नहीं दिए गए।

शक होने पर वादनी ने इसकी शिकायत एस.आई.टी में की, जिसमें वादनी द्वारा लगाये गये आरोप सही पाए गए। जिसके आधार पर संबंधित धाराओ में मुकदमा पंजीकृत करने की संस्तुति के फलस्वरुप वादनी की तहरीर के आधार थाना रायपुर में माह फरवरी 2017 में मुकदमा अपराध संख्या 72/17 धारा 420/467/468/471/120 बी भादवि पंजीकृत किया गया।

मुकदमे की विवेचना वर्तमान में उपनिरीक्षक राहुल कापड़ी के द्वारा की जा रही है, मुकदमे में नामजद वांछित अभियुक्त की तलाश में उनके अंकित पतों पर कई बार दबिश दी गयी, जिसमें मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

 

प्रेम प्रसंग के चलते गवाई जान

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स्टेशन मास्टर रायवाला ने सूचना दी की रेलवे ट्रैक के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुँचा, शव की शिनाख्त के लिये आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर उसकी पहचान लक्ष्मण सिंह के रूप में हुई।

पुलिस द्वारा मौके पर शव का पंचायतनामा भर पोस्टमार्टम की कार्यवाही करवायी गयी तथा मृतक के परिजनों को सूचित किया गया। मृतक के परिजनों एवं गांव के व्यक्तियों द्वारा मृतक की हत्या का सन्देह जताया गया, जिस पर मृतक की पत्नी संगीत देवी ने दी लिखित तहरीर के आधार पर थाना रायवाला में मु.अ.स. 212/17 धारा 302 भादवि का अभियोग पंजीकृत किया गया।

विवेचना दौरान यह तथ्य प्रकाश से आया कि मृतक लक्ष्मण सिंह कलूड़ा, इस्लाम नाम के व्यक्ति के मुर्गी फार्म में कार्य किया करता था तथा उसका इस्लाम की पुत्री साबिया के साथ बीते 3 सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जबकि मृतक लक्ष्मण सिंह पूर्व से शादीशुदा था। प्रेम प्रसंग के संबंध में जब इस्लाम को जानकारी हुई तो उसके द्वारा लक्ष्मण सिंह को चेतावनी देकर नौकरी से निकाल दिया। नौकरी से निकाले जाने के पश्चात भी मृतक लक्ष्मण सिंह, साबिया से मिलने का प्रयत्न करता था।

साबिया की सगाई उसके घरवालों ने तय कर दी । साबिया की सगाई की सूचना मिलने पर  मृतक लक्ष्मण सिंह ने साबिया के घर पहुंच कर सगाई में अड़चन करने के उद्देश्य से विवाद करने लगा, जिस पर उसका इस्लाम व उसके पुत्र सलमान के साथ विवाद हो गया।  जिनके द्वारा लक्ष्मण सिंह  से मारपीट की गई  तथा उसकी हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया।

थानाध्यक्ष रायवाला ने गहन विवेचना करते हुए सबूतों के आधार पर मृतक लक्ष्मण की हत्या साबिया के पिता इस्लाम व भाई सलमान को कारित करना पाया गया। थानाध्यक्ष ने दोनों नामजद अभियुक्त इस्लाम व उसके पुत्र सलमान को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रहारों से कांग्रेस नेता बहदवास हो गए हैं- अजय भट्ट

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देहरादून, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर राज्य की भाजपा सरकार द्वारा किये जा रहे प्रहारों से कांग्रेस नेता बहदवास हो गए हैं और बहके बहके बयान दे रहे हैं।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस प्रदेश प्रभारी द्वारा प्रेस में दिए गए वक्तव्यों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय भट्ट ने कहा कि, “मुख्यमंत्री रावत के नेतृत्व में राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर जिस तरह कड़े प्रहार किये जा रहे हैं और जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाते हुए कार्यवाही हो रही है उससे कांग्रेस नेता परेशान हो गए हैं। इसी कारण वे बहकी बहकी और स्वयं में विरोधाभासी बाते कर रहे हैं।”

श्री भट्ट ने कहा कि, “हालत यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 74 से जुड़े घोटाले की एस आई टी द्वारा जांच कराए जाने की आलोचना करने वाले कांग्रेस नेता अब यह आरोप लगा रहे हैं कि चूंकि एस आई टी तेजी से काम कर रही है इसलिए राज्य सरकार ने उसे रोकने के लिए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को इसलिये कुमांयू भेजा है कि वह एस आई टी को तेजी से काम करने से रोके।” वैसे राष्ट्रीय राज मार्ग घोटाले की जांच व उससे जुड़ी कार्यवाही दोनों तेजी से हो रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि खाद्यान्न घोटाले के खुलासे ने भी कांग्रेस को हिला दिया है और कांग्रेस कार्य काल में इस घोटाले में कई बड़े नाम शामिल हैं। इससे भी कांग्रेस नेता विचलित हैं। ऐसे में जब वे यह कहते हैं कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बदले की भावना से कार्रवाई हो रही है तो उनकी दुखती रग को समझा जा सकता है।

श्री भट्ट ने कहा कि कांग्रेस जो इस प्रदेश को आर्थिक तौर पर खोखला कर गई थी को पहले तो अपने कुकृत्यों के लिये प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहये थी और यदि ऐसा करने में उनमें नैतिक साहस नहीं है तो कम से कम कांग्रेस नेताओं को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए थी। किन्तु कांग्रेस नेता कुण्ठा में नकारात्मक रुख अपना रहे हैं।

पौधरोपण कर नव दम्पति ने दिया पर्यावरण सुरक्षा का संदेश

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ऋषिकेश। मैती आंदोलन के प्रणेता कल्याण सिंह रावत तथा कुसुम जोशी की पहल पर पर्यावरण सुरक्षा को लेकर किए एक नवदंपति ने अपने विवाह समारोह के बाद पौधरोपण कर पर्यावरण को बचाए जाने का संदेश दिया। नवदंपति आशीष जुयाल तथा शालिनी ने अपने परिणय बंधन की याद में एक पेड़ लगाया।
बेटी और दामाद के लगाये इस पेड़ की सुरक्षा के लिए पिता सुरेंद्र प्रसाद जुयाल ने बाकायदा एक ट्री गार्ड भी लगा दिया। नवदम्पति को शुभ आशीष तथा सुरेन्द्र प्रसाद जुयाल के इस प्रयास को लोगों ने काफी सराहा। जिन्होंने पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर अन्य लोगों को भी पौधरोपण कराए जाने का संकल्प कराया । कुसुम जोशी ने बताया कि यह आंदोलन गंगा और हिमालय को बचाने की मुहिम है जिसका नाम मैती आन्दोलन दिया गया है। उन्होंने लोगों से भी अपील की है किजिस परिवार में जो भी शादी हो, एक पेड़ जरूर लगवाएं। एक-एक बूंद से सागर बनता है, एक-एक पौधा लगाने से हिमालय और गंगा बचेगी।