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हाईकोर्ट ने एनएच-74 के घोटाले में सीबीआई से पूछी प्रगति

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नैनीताल हाईकोर्ट ने एनएच-74 पर भूमि अधिग्रहण में हुए घोटाले के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद अगली सुनवाई की तिथि 28 अक्टूबर तय की है। हाईकोर्ट ने सीबीआई से राज्य सरकार की संस्तुति के सन्दर्भ में अब तक हुई प्रगति के सम्बन्ध में जवाब पेश करने को कहा है।

बीते दिनों रुद्रपुर निवासी राम नारायण रायन ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि एनएच-74 के चौड़ीकरण के लिए वर्ष 2014 में सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर भूमि अधिकृत की थी। जिस भूमि को अधिकृत किया गया, उसे अधिकारीयों की मिलीभगत से कृषिभूमि दर्शाया गया। जबकि यह भूमि वर्ष 2010 व 11 से ही व्यव्सायिक भूमि के रूप में दर्ज है।

इस मामले की जांच 2016 में तत्कालीन कमिशनर ने की थी, जिसमे करोड़ो रुपये के भूमि घोटाले की पुष्टु हुई थी। वहीं मौजूदा सरकार ने सीबीआई जांच करने की संस्तुति की थी। वहीं गुरुवार को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने सीबीआई के अधिवक्ता उत्तराखंड सरकार की संस्तुति पर क्या निर्णय लिया गया है, इसकी रिपोर्ट 28 अक्टूबर तक कोर्ट में पेश करने को कहा है।

विधायक जोशी ने की गैस कनेक्शन देने की घोषणा

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मसूरी विधायक गणेश जोशी ने रामायण रचयिता महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उन्हें श्रृद्धासुमन अर्पित किए। देहरादून के विजय कॉलोनी, नई बस्ती में वाल्मीकि समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित होकर वाल्मीकि मंदिर एवं गैस कनेक्शन दिए जाने की घोषणा की।

विधायक जोशी ने कहा कि रामायण रचयिता महर्षि वाल्मीकि के जीवन से हमें बहुत कुछ सीखने की आवश्कता है। वहीं, वाल्मीकि समाज के प्रधान कमल द्वारा विधायक जोशी से मांग की गई कि नई बस्ती विजय कॉलोनी में वाल्मिीकि मंदिर का निर्माण कराया जाए और गैस कनेक्शन भी प्रदान किया जाए।

इस पर विधायक जोशी ने घोषणा करते हुए कहा कि अतिशीघ्र वाल्मीकि मंदिर का निर्माण कराया जाएगा और गैस कनेक्शन भी दिया जाएगा। वाल्मीकि समाज के लोगों द्वारा विधायक जोशी को पगड़ी पहनाकर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर सत्येन्द्र नाथ, कमल प्रधान, सुभम दादर आदि उपस्थित रहे।

झोलाछाप के उपचार से सफाईकर्मी की मौत

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रुद्रपुर,  सीने में दर्द के उपचार के लिए मोहल्ले में ही एक झोलाछाप के पास उपचार के लिए गए रम्पुरा निवासी व्यक्ति की मौत हो गई। इससे भड़के परिजनों और पड़ोसियों ने जमकर हंगामा किया। मामला बिगड़ता देख आरोपी झोलाछाप फरार हो गया।

रम्पुरा के वार्ड नंबर सात निवासी 44 वर्षीय धर्मवीर, ग्रीन पार्क कालोनी में सफाई कर्मी का काम करता था। धर्मवीर के पुत्र ने बताया कि सुबह उसके पिता काम पर निकले। रास्ते में सीने में अचानक तेज दर्द होने पर वह घर लौट आए। इस पर वह धर्मवीर को लेकर मोहल्ले में ही संचालित एक क्लीनिक पर ले गए। आरोप है कि क्लीनिक संचालक ने धर्मवीर को दो इंजेक्शन लगा दिए। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई। परिजन धर्मवीर को निजी अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे भर्ती करने से इन्कार कर दिया। इसके कुछ देर बाद ही धर्मवीर की मौत हो गई। इससे भड़के परिजन और आसपास के लोग झोलाछाप की क्लीनिक पर पहुंचे और वहां खूब हंगामा काटा। आक्रोशित लोगों को देख क्लीनिक खुली छोड़ झोलाछाप फरार हो गया।

रम्पुरा चौकी प्रभारी नवीन चंद्र जुराल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।

धोखाधड़ी के मामले में तीन पर मुकदमा दर्ज

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रुद्रपुर, चिटफंड कंपनी के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी करने वाले सीसीए मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के तीन लोगों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक, नानकमतता निवासी तेजेंद्र सिंह ने तहरीर में जानकारी दी कि काशीपुर बाईपास रोड रुद्रपुर में सीसीए मार्केटिंग प्राइवेट नाम से फाइनेंस कंपनी है। कंपनी भटिंडा के थाना शेरगढ़ निवासी गुरसेवक और पंजाब के गुरदीप सिंह तथा अमरजीत सिंह ने लोगों को अधिक ब्याज का लालच देकर रुपये जमा करने को कहा। इस पर कई लोगों ने अपने लाखों रुपये फाइनेंस कंपनी में जमा कराए।

आरोप है कि अब उन्होंने लोगों की मेहनत कर जमा की गई लाखों रुपये की रकम हड़प ली है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल ने बताया कि जांच की जा रही है।

14 हजार फीट की ऊंचाई पर चला सफाई अभियान

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रुद्रप्रयाग, पुलिस, प्रशासन व यात्रियों के 18 सदस्यीय दल ने केदारनाथ से लेकर वासुकीताल तक सफाई अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने पूरे ट्रैक से 15 कुंतल कूड़ा एकत्रित कर उसे केदारनाथ पहुंचाया। यहां से इस कूड़े को गौरीकुंड और फिर रिसाइक्लिंग के लिए श्रीनगर पहुंचाया जाएगा।

इस दल ने नौ किमी लंबे केदारनाथ-वासुकीताल पैदल मार्ग के दोनों ओर 50 मीटर दूरी तक फैले कूड़े-कचरे को एकत्रित किया। समुद्रतल से 14 हजार फीट की ऊंचाई पर वासुकीताल में भी कूड़ा एकत्रित किया गया। इस कूड़े को इकट्ठा करने में दल को दस घंटे लगे।

टीम में केदारनाथ चौकी प्रभारी विपिन चंद्र पाठक, एसआइ शरद गुसाईं, विजेंद्र कुमाई, पश्चिम बंगाल की यात्री सागरिका दास, धु्रव चटर्जी, कांस्टेबल स्मृता व समीक्षा गुसाईं, मनमोहन सिंह आदि शामिल थे। चौकी प्रभारी बीसी पाठक ने बताया कि, “प्रत्येक वर्ष टीम केदारनाथ से वासुकीताल तक पैदल मार्ग के दोनों ओर सफाई अभियान चलाती है। यहां से कूड़े को एकत्रित कर रिसाइक्लिंग के लिए गौरीकुंड होते हुए श्रीनगर पहुंचाया जाता है।”

यमुना को गंदगी से निजात दिलाने की सीएम से गुहार

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विकासनगर, उत्तराखंड की सीमांत बस्ती कुल्हाल में यमुना नदी किनारे हर रोज हजारों लोग खुले में शौच कर प्रदूषित कर रहे हैं। इसके बावजूद शासन-प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। स्थानीय बाशिंदे मो. इस्लाम ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर यमुना को यमुना को खुले में शौच मुक्त कर प्रदूषण से बचाने की गुहार लगाई है।

सीएम को प्रेषित ज्ञापन में कहा गया है कि, “उत्तराखंड की सीमांत बस्ती कुल्हाल में हजारों प्रवासी मजदूर रहते हैं जो दैनिक मजदूरी के लिए पछवादून के कस्बों के साथ ही पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के पांवटा शहर सहित अन्य कस्बों में जाते हैं। यहां इन प्रवासी मजदूरों को स्थानीय लोगों ने आवास तो मुहैया कराए हैं ,लेकिन शौचालय की सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है। जिससे हर रोज मजदूर व उनके परिवार के सदस्य यमुना किनारे खुले में शौच जाने का मजबूर हैं।”

ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि जिन लोगों ने मजदूरों को बिना शौचालय के आवास मुहैया कराए हैं, उन्हें शौचालय मुहैया कराने के लिए प्रशासन की ओर से निर्देशित किया जाना चाहिए। मजदूरों से आवास का किराया लेने के बावजूद उन्हें शौचालय की सुविधा नहीं देकर पर्यावरण को प्रदूषित किया जा रहा है।

सीएम से मांग की गई है कि स्थानीय प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर कुल्हाल बस्ती में मोबाइल शौचालय मुहैया कराने के साथ ही मजदूरों को स्थाई शौचालय सुविधा मुहैया कराने के लिए उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएं। जिससे कि यमुना को खुले में शौच मुक्त कर प्रदूषण से बचाया जा सके।

घरेलू गैस के दामों में बढ़ोत्तरी पर भड़के कांग्रेसी

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हरिद्वार, गैस के दामों में बढ़ोत्तरी के विरोध में महानगर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने देवपुरा चौक पर एकत्र होकर नारेबाजी की। महानगर संयोजक संजय अग्रवाल ने कहा कि, “गैस के दामों में बेतहाशा मूल्य की वृद्धि की गई है। पेट्रोल-डीजल के दाम अांशिक रूप से घटाकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।”

अग्रवाल ने कहा कि, “मंहगाई पर कोई नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। जमाखोरों पर अंकुश लगाने का काम केन्द्र सरकार द्वारा नहीं किया जा रहा है। खाद्य पदार्थों के दामों में बेतहाशा वृद्धि से आमजनमानस हलकान है। गैस के दामों को तत्काल वापिस लिया जाए, नहीं तो कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।”

गैस की सब्सिडी भी धीरे-धीरे समाप्त करने का काम किया जा रहा है। केन्द्र सरकार लगातार जनता से झूठे वादे कर जनता को छलने का काम कर रही है। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी कर गैस के बढ़े दामों को वापस लिए जाने की मांग की। 

डीएलएड में रजिस्‍ट्रेशन नहीं होने से युवती ने की खुदकुशी

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देहरादून, थाना पटेलनगर, पटेलनगर क्षेत्र में एक युवती ने डीएलएड में रजिस्‍ट्रेशन न हो पाने के कारण पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली।

थाना पटेलनगर को सूचना मिली कि चंद्र विहार, कारगी ग्रांट में एक लड़की ने अपने घर में पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली है। उप निरीक्षक पंकज तिवारी मौके पर पहुंचे। कुमारी तुलसी पवार,निवासी चंद्र विहार कारगी ग्रांट ने अपने घर में सुबह पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली।

मृतका के कमरे से एक सुसाइड नोट प्राप्त हुआ है। जिस पर लिखा गया है कि 30 सितंबर 2017 को डीएलएड कोर्स छूटने के कारण डिप्रेशन में आने से आत्महत्या कर रही हूं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया है।

प्राइमरी, सेकेंडरी स्कूल के बाद अब कम छात्र संख्या वाले इंटर कॉलेजों पर फोकस

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देहरादून। शिक्षा विभाग में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और बजट को बनाए रखने के लिए विभाग ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर शिफ्ट करने की कवायद मेें जुटा है, जहां छात्र संख्या बहुत कम है। गौरतलब हो कि शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों की लिस्ट फाइनल कर शिफ्ट करने के प्रक्रिया को भी हरी झंडी दे दी थी। इसके बाद अब ऐसे इंटर कॉलेजों को लेकर विभाग स्तर पर समीक्षा शुरू हो गई है। जिसमें छात्र संख्या कम हो।

सुधरेंगे बजट और हालात:
सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए स्कूलों के विलय की प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। दरअसल शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग के बजट को सही जगह खर्च करने और स्कूलों के हालातों को सुधारने के लिए ऐसे स्कूलों के विलय की मंजूरी दी थी जहां छात्र संख्या 10 से कम हो। शिक्षा मंत्री का दावा है कि स्कूलों विलय से स्कूलों के हालात सुधरेंगे। एक ही जगह पढ़ाने से जहां बजट सही जगह खर्च होगा तो वहीं टीचर्स की संख्या भी स्कूलों में बढ़ेगी। जिससे स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक और जूनियर स्कूलों को विलय करने की प्रकिया शुरु कर दी गई है। जिसके लिए स्कूलों की लिस्ट तैयार कर दी गई है।

आरटीई के मानकों को नहीं कर सकते नजरअंदाज:
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के निर्देश के बाद ऐसे प्राथमिक और जूनियर स्कूलों के विलय के लिए चिन्हिकरण का काम किया गया जिनमें छात्र संख्या 10 से कम है। जिसमें प्रदेश के 452 प्राथमिक स्कूल, 148 जूनियर स्कूलों का विलय होगा। अब इंटर कॉलेज की समीक्षा भी की जाएगी। जिसमें 50 से कम छात्र संख्या है। शिक्षा विभाग के लिए स्कूलों के विलय में सबसे बड़ी समस्या आरटीई के मानकों के अनुरूप विलय करने की चुनौती है। जिसमें एक किमी के दायरे में आने वाले स्कूलों को ही शामिल किया जाना है। ऐसे में जो प्राथमिक और जूनियर स्कूल एक किमी के दायरे में आ रहे हैं और जहां छात्र संख्या 10 से कम हैं वही स्कूल शिफ्ट होंगे।

उच्च शिक्षा में सुधार को लेने होंगे सख्त फैसले: रावत

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देहरादून, अक्सर सरल और हल्के फुल्के अंदाज में नजर आने वाले उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का लहजा गुरुवार को कुछ तल्ख नजर आया। महाविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू करने पर कहा कि वह हाथ जोड़कर काम नहीं चला तो उंगली टेढ़ी करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। अशासकीय महाविद्यालयों की अव्यवस्थाओं व प्रबंध तंत्र रवैये पर दो टूक कहा कि अभी प्यार मोहब्बत से बात कर रहा हूं, जरूरत पड़ी तो अधिग्रहण का भी विकल्प खुला है।

डीडब्ल्यूटी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. रावत ने कहा कि, “प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव का शोर अब थमने वाला है, जिसके बाद एक माह ड्रेस कोड पर रायशुमारी की जाएगी। गोष्ठी के माध्यम से न केवल छात्र, बल्कि अभिभावकों से भी राय ली जाएगी। प्रदेश के 82 महाविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू हो चुका है, 22 अशासकीय महाविद्यालयों में भी 16 इसे अपना चुके हैं।

उन्होंने कहा कि, “कुछ दिन तनख्वाह भी रोकनी पड़ी तो परहेज नहीं करुंगा। कुछेक अशासकीय महाविद्यालयों का उदाहरण देते कहा कि शैक्षिक गुणवत्ता सरकार की प्राथमिकता है और हर कॉलेज को इस पर खरा उतरना होगा। शिक्षक या भौतिक संसाधनों की कमी मिलकर दूर करेंगे।  पहले लोकतांत्रिक व्यवस्था अपनाऊंगा और जरूरत पड़ी तो अधिग्रहण का भी विकल्प खुला रखा है।

दीक्षांत की ड्रेस का डिजाइन जल्द
उत्तराखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में अब दीक्षांत समारोह में गाउन पहनने की परम्परा बंद होगी। विभाग अंग्रेजियत खत्म करने की कवायद में जुटा है। डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि हम गाउन के बदले नई ड्रेस तैयार कर रहे हैं। जिसमें न सिर्फ खादी का इस्तेमाल होगा, बल्कि उत्तराखंडी संस्कृति की भी झलक मिलेगी। निफ्ट यह ड्रेस डिजाइन कर रही है। 14 नवंबर को डिजाइन प्रस्तुत किया जाएगा।

किसी एक कॉलेज को दस लाख का इनाम
राज्य सरकार ने महाविद्यालयों के बीच प्रतिस्पर्धा का भाव विकसित करने के लिए एक नई पहल की है। प्रदेश के किसी एक कॉलेज को हर साल दस लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। इसके लिए उनका विभिन्न मानकों पर आकलन होगा। जिसमें 180 दिन कक्षाओं का संचालन, शैक्षिक गुणवत्ता, स्वच्छता, ड्रेस कोड समेत अन्य तमाम मानक सम्मलित रहेंगे।

शिक्षा की गुणवत्ता पर मंथन
शिक्षा की गुणवत्ता पर मंत्री ने कहा कि इसे लेकर अक्टूबर-नवंबर में प्रदेशभर में सेमीनार आयोजित किए जाएंगे। हर तीन माह में प्राचार्यों की बैठक होगी, इसके अलावा इसी माह रूसा की भी बैठक है, जिनमें प्राप्त सुझावों पर सरकार काम करेगी।

महाविद्यालयों को जल्द मिलेंगे शिक्षक
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि कॉलेजों में शिक्षकों की कमी भी जल्द दूर होगी। महाविद्यालयों को बहुत ही कम वक्त में असिस्टेंट प्रोफेसर मिल जाएंगे। इसके लिए 29 अक्टूबर को लिखित परीक्षा है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी होती है तहसील स्तर पर क्वालिफाइड युवाओं की अतिथि शिक्षक के रूप में सेवाएं ली जाएंगी। वहीं, अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी भी सरकार जल्द दूर करेगी।