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पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर बोला हमला

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अल्मोड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, “अच्छे दिन आज किसान व नौजवान दूरबीन लेकर खोज रहे हैं। केंद्र की मोदी व प्रदेश की त्रिवेंद्र सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि हमारी सरकार में चलाई गई हर योजना को बंद करने का काम प्रदेश सरकार कर रही है। प्रधानमंत्री की नोटबंदी व कालाधन लाने की बातों में आकर जनता अब खुद को ठगा महसूस कर रही है।”

उन्होंने कहा कि, “हर साल दो करोड़ लोगों को नौकरी देने का वादा करने वाले मोदी ने अब तक कितनी नौकरी दीं। यह कांग्रेस पूछना चाहती है।” उनकी यूपीए सरकार में 78 लाख नौकरी निकाली गईं। वहीं मोदी जब से सत्ता में आए नौकरी के अवसर संगठित व असंगठित क्षेत्रों में लगातार कम करने का काम किया गया।

रावत ने कहा कि, “अब तो हद ही हो गई, आम जनता अपनी बात भी सरकार के सामने नहीं रख पा रही। लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। भाजपा की तरफ से खुद पर माफिया होने का आरोप का जवाब देते हुए कहा कि किसी को यदि उनकी इमानदारी पर शक है तो किसी हाईकोर्ट के जज से आयोग गठित कर जांच करा ली जाए।”

शिक्षा मंत्री के बेटे सहित बीस छात्रों पर निरोधात्मक कार्यवाही

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रुद्रपुर, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में फायरिंग की घटना के मद्देनजर पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के बेटे अंकुर पांडेय समेत 20 छात्रों पर पुलिस ने निरोधात्मक कार्रवाई की है। वहीं तीन छात्र नेताओं पर भी कार्रवाई की गई है।

कोतवाल वीडी उनियाल ने बताया कि पहाड़पुर निवासी मनदीप खैरा पुत्र सुखदेव सिंह, स्वार रामपुर निवासी नवदीप सिंह उर्फ नवी पुत्र मोहन सिंह और मुड़िया निवासी सावेज पुत्र शाकिर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है, जबकि शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के पुत्र अंकुर पांडेय, नरेश शाह, विक्रमजीत सिंह, गुरसेवक सिंह, सतपाल सिंह, गुलजार सिंह, तेजेंदर सिंह, नवजोत सिंह, गुरदेव सिंह, रक्षपाल सिंह तथा उमेश पासी, रंजीत शेरगिल, रजत भंडारी, रोशन पटेल, प्रदीप यादव, सुरजीत सिंह उर्फ सीता, अजमेर मण्ड, सोनू मण्डल, रणजीत गिल उर्फ गित्ता, अमन बंसल को 107-116 में निरुद्ध किया गया है।

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्वक छात्रसंघ चुनाव करवाना उनका उद्देश्य है, यदि किसी ने भी अराजकता फैलाने की कोशिश की तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा, किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। आपको बता दें कि पिछले दिनों शिक्षा मंत्री के पुत्र के साथ उनके निजी सचिव नरेश शाह ने कॉलेज में जमकर हंगामा काटा था।

कृषि मंत्री ने खेती के यंत्रों पर हाथ आजमाए

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ऋषिकेश, उत्तराखंड में कृषि विभाग के द्वारा  जगह जगह कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिससे उत्तराखंड में किसानों को कृषि की नई तकनीक और नगदी फसलों की जानकारी दी जा सके,  जिससे पहाड़ों पर पलायन पर रोक लगे और कृषि से  पहाड़ी किसानों की आमदनी को बढ़ाया जा सके।

इसी क्रम टिहरी जिले के गजा में आयोजित कृषि महोत्सव के शुभारंभ के लिए कृषि मंत्री गजा पहुंचे यहां पहुंच कर  सुबोध उनियाल ने  किसानों की समस्याओं पर बात करी  और मौके पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल किसानों को पावर ट्रिलर वितरण से पहले उसको परखने स्वयं खेत में पहुंच गए। उन्होंने पावर ट्रिलर को चलाकर परखा और इसके बाद ही किसानों को वितरीत किया।

इस मौके पर उन्होंने 2022 तक किसानों की आय को दुगना करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार के स्तर से हो रहे प्रयासों की जानकारी दी साथ ही बताया कि पहाड़ों में खेती के लिए राज्य सरकार नई योजनाएं और उन्नत खेती के लिए ठोस कदम उठा रही है। जिससे  पहाड़ों में खेती उन्नत हो सके और पलायन पर रोक लग सके पहाड़ी किसान उन्नत खेती को  शुरू करके  नगदी फसलों को बुखार अच्छा मुनाफा कमा सके।

सुबोध उनियाल ने  किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पहाड़ों में सीढ़ीदार खेतों में खासा पोटेंशियल है। जरूरत इसके दोहन की है। पूर्वजों ने ऐसा करके दिखाया है। आज की पीढ़ी को इस पर प्रोफेशनल एप्रोच अपनाने होगी ,सरकार फैसिलिटेटर के तौर पर किसानों के साथ है किसानों के साथ है

इस मौके पर टिहरी के विधायक धन सिंह नेगी, कुलपति प्रोफेसर सीएम शर्मा, डीएम सोनिका, सीडीओ आशीष भटगाईं आदि मौजूद थे।

दीपावली से पहले सभी शहरी स्थानीय निकायों व पंचायती राज संस्थाओं को तोहफा:सीएम

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देहरादून। सरकार ने चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुसार दीपावली से पहले राज्य की सभी शहरी स्थानीय निकायों व पंचायती राज संस्थाओं को तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव, वित्त अमित सिंह नेगी द्वारा सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, जिला पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों व ग्राम पंचायतों के लिए 278 करोड़ 90 लाख 93 हजार रूपये की धनराशि का शासनादेश जारी किया गया है। यह धनराशि चालू वित्तीय वर्ष के तहत सभी कर्मचारियों के वेतन व भत्तों के साथ ही विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए जारी की गई है।
प्रदेश के 6 नगर निगमों यथा हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर, रुड़की, काशीपुर व देहरादून के लिए 58 करोड़ 60 लाख 17 हजार रुपये की धनराशी जारी की गयी है। इस राशि से निगम स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भत्ते आदि, पथ प्रकाश व जल संस्थान के बकायों और रिटायर कर्मचारियों के दावों का भुगतान कर सकते हैं।
इसके अलावा अवशेष धनराशि से केवल सफाई व स्वच्छता संबंधी वाहन जैसे कूड़ा वाहन, डंपर, टिप्पर, जेसीबी, कम्पेक्टर वाहन की भी खरीद की जा सकती है, लेकिन स्वच्छता वाहन के अलावा इस राशि से अन्य वाहन जैसे जीप और स्टाफ कार नहीं खरीद सकेंगे। प्रदेश के 40 नगर पालिका परिषदों के लिए उक्त शर्तों के साथ ही 69 करोड़ 39 लाख 33 हजार की धनराशि एवं 14 नगर पंचायतों के लिए 9 करोड़ 15 लाख 97 हजार की धनराशि जारी की गई है। निदेशक, शहरी विकास के कर्मचारियों की पेंशन निधि के लिए 1 करोड़ 4 लाख 18 हजार रुपए दिए गए हैं।
पंचायती राज संस्थाओं के लिए त्रैमासिक किस्त के तहत कुज 121 करोड़ 85 लाख 28 हजार की धनराशि जारी की गई है। इसमें से 13 जिला पंचायतों के लिए 42 करोड़ 64 लाख 86 हजार की धनराशि जारी की गई है। 95 क्षेत्र पंचायतों के लिए दूसरी छमाही किस्त के रूप में 36 करोड़ 55 लाख 58 हजार रूपये, 7953 ग्राम पंचायतों के लिए 42 करोड़ 64 लाख 84 हजार रूपये की धनराशि जारी की गई है।
नई बनी दो नगर पालिकाओं के लिए 1 करोड़ 25 लाख, 26 नई नगर पंचायतों के लिए 16 करोड़ 25 लाख, गैर निर्वाचित निकायों के लिए 1 करोड़ रूपये की धनराशि जारी की गई है। इस तरह से शहरी स्थानीय निकायों को कुल 157 करोड़ 5 लाख 65 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई है।

तीर्थनगरी ऋषीकेश में पूरी जग्गंनाथ रथ यात्रा के तर्ज पर भगवान 

बल भद्र और सुभद्रा को ऋषीकेश के नगर वासीयो के बीच लाया गया। यात्रा मधुबन आश्रम से निकलकर ऋषिकेश बाजार तक भव्य रूप से निकाली गयी जिसमे देशी-विदेशी पर्यटकों ने भी हिस्सा लिया। ऋषीकेश में हर साल पूरी जग्गंनाथ  रथ यात्रा यात्रा निकाली जाती है, जिसमे देश – विदेश से आये  श्रधालू बड़ी श्रधा के साथ इस रथ यात्रा में भाग लेते है और पूरा नगर, ‘जय जग्गनाथ व हरे रामा-हरे कृष्णा’ की गूंज से भक्ति मय हो जाता है।

जग्गनाथ रथ यात्रा में शामिल हुए देशी-विदेशी भी इस कार्यक्रम में बढ चढ़ कर भाग लेते है और ऐसे आयोजनों को आध्यात्मिक  ऊर्जा का माध्यम मानते है, श्रद्धालुओं में जग्गंनाथ यात्रा के प्रति काफी उत्साह और श्रद्धा देखी जा सकती है, सिर्फ देशी ही नहीं  पार से आये विदेशी श्रद्धालु भी इस यात्रा से जुड़ते दिखे।

पिछले 22 सालो से ऋषीकेश के मधुबन आश्रम से रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है जिस में देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में भक्त पहुचते है और पूरे नगरवासी यात्रा का स्वागत करते है और कृष्ण लीलाओं कि भक्ति में खो जाते है।

वहीँ मधुबन आश्रम के स्वामी परमानन्द जी का कहना है कि, “पिछले 22 सालों से ऋषिकेश में जग्गन्नाथ रथ यात्रा निकली जा रही है, ये यात्रा हर साल बड़ी धूम धाम से शहर वासियों के लिए निकली जाती है। ऋषीकेश में हर साल होने वाली जगरनाथ रथ यात्रा देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए भी आध्यात्मिक उर्जा का स्रोत होती है, और पूरा नगर मिनी जगन्नाथ पूरी की  तरह लगने लगता है।”

शाहरुख के दफ्तर का अवैध निर्माण तोड़ा गया

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ऐसा लगता है कि मुंबई महानगर पालिका ने फिल्मी सितारों के अवैध निर्माणों को गिराने का अभियान चला रखा है। ऋषि कपूर, कपिल शर्मा, सोनू सूद के बाद अब शाहरुख खान की कंपनी के एक अवैध निर्माण को कल मनपा के तोड़क दस्ते ने ध्वस्त कर दिया। यहां शाहरुख खान की कंपनी की कैंटीन थी, जो मनपा के मुताबिक, अवैध रुप से बनाई गई थी।

शाहरुख खान का ये आफिस गोरेगांव में है, जहां मुख्य रुप से वीएफएक्स का काम होता है। इस मामले को लेकर शाहरुख खान की कंपनी की सफाई भी आई है। कंपनी का कहना है कि, “कंपनी ने ये जगह किराए पर ली है, इस पर उनका मालिकाना हक नहीं है।  जिस जगह को महानगर पालिका ने तोड़ा, वो कैंटीन नहीं थी, बल्कि वो एक खुली जगह थी, जहां कंपनी के लोग अपने घर से लाया खाना खाते थे। वहां किसी तरह का प्रोडक्शन नहीं होता था और ये जगह सालों से ऐसे ही पड़ी हुई है।”

कंपनी अपने किसी कमर्शियल मकसद के लिए यहां कुछ नहीं करती। कंपनी ने ये भी कहा कि मनपा ने कथित कैंटीन के साथ वो जगह भी तोड़ दी, जहां एनर्जी बचाने के लिए सोलर पैनल लगाया गया था। कंपनी के मुताबिक, ये जगह किसी गलतफहमी के चलते तोड़ी गई। कंपनी ने कहा है कि उनकी टीम जल्दी ही मनपा अधिकारियों से मुलाकात करेगी और अपना पक्ष रखेगी।

तीसरी बार क्राइम मिस्ट्री को हल करेंगे अक्षय खन्ना

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अक्षय खन्ना की आने वाली फिल्म ‘इत्तेफाक’ तीसरी ऐसी फिल्म है, जिसमें वे एक अपराधिक केस की जांच करने वाले कड़क पुलिस अधिकारी बने हैं। बीआर चोपड़ा, शाहरुख खान की रेड चिल्ली और करण जौहर की कंपनी धर्मा प्रोडक्शन द्वारा मिलकर बनाई गई इस फिल्म मे सिद्धार्थ मल्होत्रा और सोनाक्षी सिन्हा की प्रमुख भूमिकाएं हैं।

ये फिल्म बीआर में 50 साल पहले बनी राजेश खन्ना-नंदा की मर्डर मिस्ट्री पर आधारित फिल्म इत्तेफाक का रीमेक है। ये अक्षय खन्ना की तीसरी फिल्म है, जिसमें वे जांच करने वाले पुलिस अधिकारी बने हैं। इससे पहले हाल ही में आई श्रीदेवी की फिल्म मॉम में भी उनका ऐसा ही रोल था।

इस फिल्म में वे श्रीदेवी की बेटी के साथ हुए बलात्कार के मामले की जांच करते हैं और दोषियों को सजा तक पंहुचाते हैं। पहली बार अक्षय खन्ना ने शाहिद कपूर और करीना कपूर को लेकर बनी अब्बास मस्तान की जोड़ी की फिल्म 36 चाइना टाउन में एक मर्डर मिस्ट्री हल करते हैं।

खुली बैठक में पंचेश्वर बांध पर ग्रामीणों ने रखी मांग

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चम्पावत। पंचेश्वर बांध निर्माण के संबंध में डूब क्षेत्र में आने वाले प्रभावितों के साथ हुई खुली बैठक में क्षेत्र के लोगों ने अपने सुझावों को ड्रॉफ्ट में शामिल करने की मांग की।

बाराकोट के ग्राम पंचायत छंदा में प्रस्तावित बांध को लेकर बैठक में लोगों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं, उनका विरोध जारी रहेगा। बैठक में कानूनगो खुशाल सिंह धौनी, राकेश गोस्वामी, महेश पंरगाई की मौजूदगी डूब क्षेत्र में आने वाले लोगों ने अपने सुझाव दिए।

ग्रामवासियों का कहना था कि सरकार की ओर से बार-बार गांव वालों से सुझाव मांगे जा रहे हैं लेकिन उन पर अमल नहीं हो पा रहा है। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों को सरकार पूरा नहीं करती है, उनका विरोध जारी रहेगा।
ग्राम प्रधान प्रकाश मेहता ने कहा कि मेरी ग्राम पंचायत के लोगों को मकान के लिए 20 लाख रुपये मिले और जहां पर बेट्टा का विस्थापन होगा डीपीआर में उस जगह का नाम भी लिखा जाए।
मोहन सिंह सामंत ने कहा कि पूर्व में गांव वालों ने कई सुझाव दिए थे, उन सुझावों को अब तक अमल में नहीं लाया गया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सुझाव के नाम पर बैठकों में लोगों को गुमराह किया जा रहा है।
करम सिंह सूबेदार ने कहा कि डूब क्षेत्र के लोगों को चम्पावत मार्केट के सर्किल रेट से भूमि का मुआवजा मिले। कैप्टन जगत सिंह ने कहा कि डूब क्षेत्र के लोगों के लिए सर्किल रेट एक समान हों। पूर्व पोस्टमास्टर मान सिंह सामंत ने कहा कि सरकार सभी प्रभावितों को भवन बनाकर दें, नहीं तो बांध का विरोध होगा। 

कृषि शोध पर फोकस करें वैज्ञानिक: सीएम त्रिवेंद्र

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देहरादून। राज्य में कृषि को मजबूत करने में वैज्ञानिक तकनीक अहम भूमिका निभा सकती है। इसलिए वैज्ञानिकों के राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों की ओर ध्यान देना चाहिए। पंतनगर विश्वविद्यालय के गांधी हाल में 102वें अखिल भारतीय किसान मेले के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किसानों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
शुक्रवार को शुरू हुए मेले में मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिकों को राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों की ओर भी ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों से खेती की नई और आधुनिक तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने को कहा। उन्होंने ऐरोमैटिक प्लांट्स की खेती की विश्व स्तर पर बढ़ती मांग को देखते हुए कहा कि इन पौधों की खेती की उन्नत तकनीकें किसानों को सुलभ कराने पर बल दिया जाए। छोटे स्तर पर पालीहाउस में बेमौसमी खेती की भी उन्होंने आवश्यकता जताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के किसानों की आय को बढ़ाने के उपाय किए जाने एवं पर्वतीय क्षेत्रों से युवाओं के पलायन को रोकने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार पर ध्यान देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषको को एक लाख तक का ऋण दो प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तराई बीज निगम की साख को पहले की तरह लाने के लिए बुद्धिजीवियों व वैज्ञानिकों के सुझाव लिए जाएगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मेले में लगाई गई उद्यान प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
इस मौके पर गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एके मिश्रा ने कहा कि कृषि लागत में कमी एवं कृषि उत्पादकता में वृद्धि के द्वारा किसानों की आय दोगुना करने के लिए विश्वविद्यालय प्रयासरत है। उन्होंने बताया की वर्ष में दो बार आयोजित होने वाले विश्वविद्यालय के किसान मेले में हजारों की संख्या में किसान भाग लेते हैं, जो उत्तराखण्ड के अतिरिक्त विभिन्न प्रदेशों व नेपाल से भी आते हैं। उन्होंने किसानों को फलों एवं सब्जियों, जिनको अधिक समय तक भण्डारित नहीं किया जा सकता, के मूल्यवर्धित उत्पाद बनाये जाने की सलाह दी, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। साथ ही कृषि अधारित व्यवसाय, जैसे मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, पशुपालन, मछली पालन इत्यादि को अपनाने को कहा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खेती में अभिनव प्रयोग करने और उल्लेखनीय सफलता के लिए राज्य के विभिन्न जनपदों से चुने गए नौ प्रगतिशील कृषकों को प्रतीक चिह्न व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले किसानों में प्रदीप रस्तोगी, ग्राम भोगपुर, जिला उधमसिंह नगर, सुनील कुमार, ग्राम थिथकी कवादपुर, जिला हरिद्वार, नरेन्द्र गोबाड़ी, ग्राम भटेरी, जिला पिथौरागढ़, खुशाल सिंह, ग्राम मुंदोली, जिला चमोली, नरेन्द्र सिंह मेहरा, ग्राम देवली मल्ला, जिला नैनीताल, परवीन कुमार, ग्राम शाहपुर-कल्यानपुर, जिला देहरादून, महेश चन्द्र काण्डपाल, ग्राम कोटयूडा, जिला अल्मोड़ा, पंकज तिवारी, ग्राम अथखण्डी, जिला चम्पावत और रंजना रावत, ग्राम भीरी (ऊखीमठ), जिला रुद्रप्रयाग सम्मिलित थे। इस अवसर पर विधायक राजेश शुक्ला, राजकुमार ठुकराल, जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानन्द दाते, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. वाईपीएस डबास आदि मौजूद रहे।
सीएम ने प्रचार वाहन किए रवाना
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को पंतनगर में कृषक महोत्सव रबी-2017 का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। कृषक महोत्सव रबी-2017 के माध्यम से किसानों को नई तकनीक आदि की जानकारी दी जाएगी, साथ ही किसानों के सुझाव भी प्राप्त किए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद के न्याय पंचायतो में जाने वाले तीन प्रचार रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रचार रथ छह से 15 अक्टूबर, 2017 तक जनपद की 27 न्याय पंचायतों में जाकर कृषकों की समस्याओं का निराकरण करेगें व उर्वरक, बीज, जैव रसायन, कृषि रक्षा रसायन तथा उद्यान, पशुपालन, रेशम, मत्स्य विभाग से सम्बन्धित निवेश भी उपलब्ध करायेंगे।

भवन का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को पंतनगर विश्वविद्यालय में इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) भवन का लोकार्पण किया। इस भवन में इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इण्डिया) के पंतनगर चैप्टर का कार्यालय रहेगा जो अभी प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में स्थित है। इस संस्था द्वारा चलायी जाने वाली एसोशिएट मेम्बर आॅफ इंस्टिट्यूशन आॅफ इंजीनियर्स (एएमआई) की उपाधी के लिए पाठ्यक्रम भी संचालित किये जायेंगे। इस उपाधि का ‘बी’ सर्टिफिकेट बी.टेक की उपाधि के बराबर होता है, जो सेवारत तकनीकी कर्मियों की शैक्षणिक योग्यता में वृद्धि के लिए सहायक होता है।

चार वर्षों से बिछड़े दिव्यांग को मिलाया परिवार से

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गोपेश्वर। बहराइच उत्तर प्रदेश से अपने परिजन से बिछड़ा मानसिंक रूप से दिव्यांग शिव वाजपई ठोकरें खोता हुआ सुदूर पहाड़ के विकास खंड घाट पहुंचा तो उसे वहां के व्यापारी युवा प्रकाश मैंदोल ने अपने साथ स्नेह के साथ रखा और उसे भांजा नाम दिया। उसे मानसिंक दिव्यांग की स्थित से भी उबारते हुए उसके परिजनों का पता कर उन्हें घाट बुलाकर शुक्रवार को उसके परिजनों को सौंप दिया है। यह क्षण बहुत ही भावुक था जब बहराइच से आए परिजनों ने चार साल पूर्व बिछड़े अपने भाई को पाया। उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक उठे और उन्होंने पहाड़ के लोगों की इस उदारता के प्रति कृतज्ञता प्रकट की और कहा कि ऐसी संवेदनशीलता और प्यार सिर्फ पहाड़वासियों में ही देखा जा सकता है।
चार वर्ष पहले मानसिक रूप से दिव्यांग शिव वाजपई लखनऊ जाने वाली ट्रेेन में बैठने के बजाय हरिद्वार की ट्रेन में बैठ गया और जब वह हरिद्वार पहुंचा तो रेलवे के टीटी ने उसे बिना टिकट यात्रा करने के जुर्म में आरपीएफ को सौंप दिया। आरपीएफ ने उसे रोशनाबाद जेल भेज दिया। उसकी जेब से मिले वोेटर कार्ड पर उसके घर वालों को सूचना पोस्टकार्ड से दी। पोस्टकार्ड मिलने से पहले ही रोशनाबाद जेल ने उसे छोड़ दिया। जब उसके घर वाले उसे खोजते हुए रोशनाबाद पहुंचे तो तब तक वह वहां से निकल चुका था। परिजनों ने उसे खोजने की बहुत कोशिश की मगर पता नहीं चल पाया। मानसिंक रूप से दिव्यांग शिव वाजपई पहाड़ की बस में बैठक कर किसी तरह विकास खंड घाट पहुंचा। यहां पर प्रकाश मैंदोली ने उसे सहारा देते हुए भांजा नाम दिया और देखते ही देखते हुए वह पूरे घाट बाजार में भांजा नाम से प्रसिद्ध हो गया। सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण बताते है कि प्रकाश केे प्यारे भांजा अपने मानसिंक दिव्यांगता से भी काफी उबरा और जब उससे उसके परिजनों जनों के बारे में पूछा गया तो उसने सारी कहानी बता डाली और प्रकाश ने उसके घर संपर्क किया। शुक्रवार को जब उसके परिजन उसे लेने घाट पहुंचे तो अपने शिव को पाते ही उनके आंखों में आंसू छलक पड़े। प्रकाश व घाट के लोगों के प्रति उन्होंने अपनी कृतज्ञता प्रकट की। प्रकाश मैंदोली कहते है कि मानसिंक रूप पीड़ित लोगों को दुत्कार की नहीं प्यार की आवश्यकता है। यह प्रेरणा हिंदी फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस से मिली।