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नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने को डीआइजी से गुहार

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जौनसार-बावर के प्रवेश द्वार कालसी में फैल रहे नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए स्थानीय बाशिंदे ने डीआइजी से गुहार लगाई है।  डीआइजी को प्रेषित ज्ञापन में स्थानीय बाशिंदे एडवोकेट विजय कुमार ने बताया कि, “कालसी के हरिपुर कोटी रोड, हरिपुर खादर, ब्लाक रोड सहित मुख्या बाजार में चरस, स्मैक, गांजा व कैमिकल नशीले पदार्थ धड़ल्ले से बिक रहे हैं जिससे क्षेत्रीय युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। बावजूद इसके स्थानीय पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।”

ज्ञापन के माध्यम से बताया कि कालसी क्षेत्र जौनसार-बावर का प्रवेश द्वार होने के साथ ही प्रमुख व्यापारिक, धार्मिक स्थल भी है। साथ ही यहां स्थित ऐतिहासिक अशोक शिलालेख के इसे राष्ट्रीय पहचान भी दिलाता है। ऐसे में क्षेत्र में फल फूल रहे नशे के कारोबार से स्थानीय युवाओं का भविष्य बर्बाद होने के साथ ही शांत क्षेत्र की छवि धूमिल हो रही है।

बताया कि नशे के कारोबार में कुछ स्थानीय लोग भी संलिप्त हैं जिसके चलते स्थानीय पुलिस प्रशासन कार्रवाई करने से गुरेज कर रहा है। पुलिस की लापरवाही के चलते युवाओं के साथ ही स्कूली छात्र भी नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। कहा कि शीघ्र ही नशे के कारोबार पर अंकुश नहीं लगाया गया तो स्थानीय युवा पीढ़ी नशे के भंवर जाल में फंस कर अपना भविष्य तबाह करने के साथ ही समाज के लिए भी परेशानी का कारण बनेगी।

हाथियों ने पुलिस व वन कर्मियों को दौड़ाया

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विकासनगर, कालसी वन प्रभाग की तिमली रेंज के जंगल में आए हाथियों के झुंड ने दिल्ली-यमुनोत्री हाइवे पर सात घंटे तक ट्रैफिक प्रभावित रखा। रोड के बीच आ धमके हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी वाहनों के पीछे दौड़े और वन व पुलिस कर्मियों को भी दौड़ा लिया। झुंड में मादा व बच्चा होने के कारण हाथियों का मिजाज आक्रामक रहा। वन अधिकारी कर्मचारी व सहसपुर की धर्मावाला पुलिस रात आठ बजे से दो बजे तक हाइवे पर सक्रिय रहे। हाथियों के हाइवे पर आने के कारण धर्मावाला व दर्रारीट बेरियर पर कुछ देर तक ट्रेफिक को रोका गया, फिर कानवाई लगाकर वाहन छोड़े गए।

करीब तीन साल पहले आधा दर्जन हाथियों का दल तिमली जंगल में आया था लेकिन कुछ दिन बाद सिर्फ एक टस्कर हाथी ही जंगल में रह गया था। पिछले करीब एक साल से तिमली जंगल में हाथी नहीं था लेकिन हाल ही में तिमली जंगल में नौ हाथियों का झुंड आ गया है, जिसमें मादा व बच्चा भी हैं। हाथियों की आमद से तिमली जंगल से सटे गांवों आदूवाला, धर्मावाला, तिपरपुर, मटक माजरी आदि ग्रामों के ग्रामीणों की नींद उड़ गयी है। गुरुवार की रात में हाथियों का झुंड दिल्ली यमुनोत्री हाइवे पर आ धमका। जिस कारण ट्रेफिक जाम हो गया। चालकों ने अपने वाहनों को पीछे की ओर दौड़ाया। लाइट जलाने पर हाथी वाहनों के पीछे भागे।

सूचना मिलने पर डीएफओ सुरेंद्र सिंह के निर्देश पर तिमली रेंजर पूजा रावल मय टीम व असलहों के साथ मौके पर पहुंची। धर्मावाला पुलिस चौकी इंचार्ज रणजीत खनेड़ा भी पुलिस बल के साथ मौके पर आए। दोनों विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने पटाखे आदि जलाकर हाथियों को भगाया। जिस कारण करीब आधे घंटे तक हाइवे पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने धर्मावाला व दर्रारीट बेरियरों पर ट्रैफिक को रोके रखा, हाथियों के जंगल में जाने पर वाहनों को कानवाई लगाकर छोड़ा गया। कुछ देर तक यातायात सुचारू चला कि अचानक फिर हाथियों का झुंड हाईवे पर आ धमका। हाथियों के झुंड में मादा व बच्चा भी होने के कारण मिजाज आक्रामक रहा। हाथियों ने टार्च की लाइट जलाने पर वन व पुलिस कर्मियों को भी दौड़ा लिया। हाथियों की चिंघाड़ से पुलिस व वन कर्मियों के पसीने छूट गए।

किसी तरह से पुलिस व वन अधिकारियों व कर्मचारियों ने हाथियों को जंगल में भगाया और कानवाई लगाकर वाहनों को छोड़ा। तिमली रेंजर पूजा रावल के अनुसार, ‘ रात आठ बजे से दो बजे तक वन व पुलिस टीम सक्रिय रही। हाथियों के मूवमेंट को देखते हुए ग्रामीणों को भी सतर्कता बरतने को कहा गया है। साथ ही वन टीम ने हाइवे पर रात्रि गश्त तेज कर दी है।”

 

स्वच्छ भारत को समर्पित 90वां स्थापना दिवस

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देहरादून, ऑल इंडिया वूमेन कॉन्फ्रेंस ने अपने 90वें स्थापना दिवस को ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के नाम समर्पित किया। कार्यक्रम जहां में स्कूली छात्राओं की स्वच्छता पर आधारित लघु नाटिका ने लोगों में स्वच्छता की अलख जगाई। वहीं सांस्कृतिक एवं रंगारंग कार्यक्रमों का भी सभी ने आनंद लिया। 

बुद्धा चौक के समीप स्थित एक होटल में आयोजित जगमग भारत, स्वच्छ भारत कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूली बच्चों ने गणेश-वंदना पर नृत्य प्रस्तुति से की। इसके बाद छात्राओं की ओर से प्रस्तुत की गई ‘सफाई’ लघु नाटिका में बच्चों ने हास्य व्यंग्य के जरिए जीवन में स्वच्छता का महत्व समझाते हुए कहा कि स्वच्छता से ऊर्जा का संचार होता है जो जीवन में स्वच्छता पर ध्यान नहीं देता, उनमें मानसिक नकारात्मकता जन्म लेने लगती है। इसके बाद स्कूली बच्चों ने ‘बेटियों’ पर दी नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से समाज को बेटियों की हो रही उपेक्षा पर आइना दिखाने का काम किया। साथ ही गढ़वाली, कुंमाउनी, गरबा पर सांस्कृतिक नृत्यों की प्रस्तुति भी दी।

संस्था की अध्यक्षा अरुणा चावला ने कहा कि संस्था की स्थापना सरोजनी नायडू ने की थी। उनकी संस्था सामाजिक कार्यों में अग्र्रणी भूमिका निभाने का प्रयास करती है। इसलिए उन्होंने स्थापना दिवस पर स्वच्छता जागरुकता कार्यक्रम के आयोजन का निर्णय लिया।

 

और तेज हुई कंगना-रितिक की जंग

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पहले राकेश रोशन और फिर रितिक रोशन द्वारा कंगना के साथ विवादों को लेकर चुप्पी तोड़ने के बाद ये मामला शांत होता नहीं दिख रहा है, बल्कि लग रहा है कि ये और तेजी से आगे बढ़ेगा। सोशल मीडिया पर रितिक रोशन ने अपना सफाईनामा पेश किया, तो कंगना की बहन रंगोली ने रितिक के इस सफाईनामे की धज्जियां उड़ाते हुए रितिक पर और तीखे हमले किए।

इस बार उन्होंने रितिक को झूठा और मक्कार तक कहा। रितिक ने कहा था कि वे कंगना के साथ निजी तौर पर कभी नहीं मिले। रंगोली ने सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीर पेश कर दी, जिसमें दोनों काफी अंतरंग मुद्रा में हैं। रंगोली ने साथ ही एक ईमेल की प्रति भी जारी की, जिसमें उनके मुताबिक, रितिक ने कंगना के साथ रिलेशनशिप की बात को स्वीकार किया है। रंगोली के मुताबिक, रितिक ने 5 मई 2014 को ये ईमेल कंगना को भेजा था। रितिक अपने वकील के माध्यम से सारे ईमेल मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच को सौंप चुके हैं और तेजी से उनकी जांच करने का अनुरोध किया है।

रंगोली ने रितिक के वकीलों की टीम पर भी हमला किया और इस बार वकीलों को बुद्धिहीन बोल दिया। रंगोली ने एक बार फिर रितिक की पूर्व पत्नी सुजैन खान को लपेटते हुए कहा कि अपनी बीवी की नाक के नीचे रितिक न जाने कितनी लड़कियो के साथ अफेयर करते रहे हैं। उधर, कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी ने रितिक के सफाईनामे पर उनसे दस सवाल किए हैं, जिसमें उनकी बातों को संदेह के कठघरे में खड़ा किया है।

सौ करोड़ के क्लब के करीब पंहुची जुड़वां 2

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बाक्स आफिस पर कामयाबी का परचम लहराने वाली वरुण धवन की डबल रोल वाली फिल्म ‘जुड़वां 2’ सौ करोड़ के क्लब में एंट्री लेने के काफी करीब पंहुच गई है। अब तक ये फिल्म 92 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर चुकी है और फिल्मी कारोबार के जानकार मान रहे हैं कि गुरुवार को ये फिल्म सौ करोड़ के क्लब में एंट्री ले लेगी।

ऐसा हुआ, तो ये वरुण धवन की पहली ऐसी फिल्म होगी, जिसने एक सप्ताह में सौ करोड़ के क्लब में जगह बनाई। इस साल रिलीज हुई वरुण की फिल्म ‘बद्रीनाथ की दुल्हनियां’ ने भी सौ करोड़ से ज्यादा का (116 करोड़) का कारोबार किया था। इस साल अब तक सौ करोड़ के क्लब की फिल्मो में शाहरुख खान की ‘रईस’, रितिक रोशन की ‘काबिल’, सलमान खान की ‘ट्यूब लाइट’ और अक्षय कुमार की दो फिल्मे ‘जॉली एलएलबी 2’ और ‘टायलेट एक प्रेमकथा’ इस क्लब में पंहुची हैं।

20 साल पहले बनी सलमान की डबल रोल वाली फिल्म जुड़वां के रीमेक के तौर पर बनी वरुण की फिल्म का निर्देशन उनके पापा डेविड धवन ने किया है और उनके साथ तापसी पन्नू और जैक्लीन फर्नांडिज है। साजिद नडियाडवाला ने इसका निर्माण किया है।

पंतनगर किसान मेले का किया शुभारंभ

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पंतनगर, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किसानों से कहा कि वह पारंपरिक खेती के साथ ही रोजगार परक खेती को अपनाएं। कहा कि सरकार किसानों के विकास को कल्याणकारी योजनाएं बना रही है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही है। इससे पूर्व उन्होंने पंतनगर किसान मेले का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने पंतनगर किसान मेले का उद्घाटन करते हुए पूरे मेले का भ्रमण करके स्टालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों एवं कृषि के विकास के लिए लिखी गई पुस्तकों का विमोचन किया। इसके साथ ही उन्होंने बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के लिए मशीन का उद्घाटन किया।

श्री रावत ने किसानों से कहा कि, “रोजगार परक खेती को बढ़ावा देने को आगे आएं। कहा कि सरकार किसानों के विकास के लिए कल्याणकारी योजनाएं बना रही है। सरकार किसानों को खुशहाल देखना चाहती है और इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। किसान खुशहाल होगा तो प्रदेश तरक्की करेगा, जरूरी है कि किसान उन्नत तकनीक को अपनाएं। साथ ही बीजों का बदलाव करते रहें।”

प्रोसेसिंग में दुनियां के देश जहां 40 फीसदी तक है, वहीं भारत अभी 20 फीसदी से नीचे है।किसानों को वैल्यू एडिशन में जाना होगा। आर्गेनिक दाम मिल रहे हैं उस पर भी ध्यान दें। इंटर क्रापिंग भी करें। चावल घोटाले पर श्री रावत ने कहा कि, “दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”

इस दौरान पंतनगर विश्व विद्यालय के कुलपति एके मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार, विधायक राजेश शुक्ला, विधायक राजकुमार ठुकराल, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, मेयर सोनी कोली, सुरेश परिहार, सुरेश कोली, विवेक सक्सेना, जिलाधिकारी नीरज खैरवाल, एसएसपी सदानंद दाते, सीडीओ आलोक पांडेय, डा. वाईपीएस डवास आदि मौजूद थे।

विशाल भारद्वाज की नई फिल्म में कृति सेनन की जगह अदिति राव हैदरी

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विशाल भारद्वाज अपने बैनर में एक छोटे बजट की कामेडी फिल्म की योजना पर काम कर रहे हैं। इस फिल्म के लिए बतौर हीरो नवाजुद्दीन को कास्ट किया गया है। इस फिल्म में नवाज की हीरोइन के लिए पहले ‘बरेली की बर्फी’ फेम कृति सेनन से बातचीत हो रही थी। अब उनकी जगह अदिति राव हैदरी का नाम आया है।

हैदरी को हाल ही में संजय दत्त की बेटी के रोल में फिल्म ‘भूमि’ में देखा गया। विशाल की फिल्म के लिए कहा जा रहा है कि ये भी शेक्सपीयर के एक ड्रामे पर आधारित होगी और अगले साल जनवरी में फ्लोर पर जाएगी। इसकी शूटिंग एक महीने के सिंगल शेड्यूल में की जाएगी और अप्रेल-मई में इसे रिलीज किया जाएगा।

नवाज और अदिति पहली बार विशाल के साथ काम करेंगे। विशाल अपनी कंपनी में इरफान और दीपिका को लेकर भी एक फिल्म बना रहे हैं और रंगून के बाद अपने निर्देशन में नई फिल्म की योजना पर काम कर रहे हैं, जो ओसामा बिन लादेन पर लिखी एक अंतर्राष्ट्रीय किताब पर आधारित होगी।

प्रियंका चोपड़ा की सिक्कमी फिल्म पहुना डब होगी 14 भाषाओं में

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प्रियंका चोपड़ा की प्रोडक्शन कंपनी में बनी सिक्किमी फिल्म ‘पहुना’ को 14 अन्य भाषाओं में डब करके रिलीज करने का फैसला किया गया है। हाल ही में टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में इसका प्रीमियर किया गया। पहली बार सिक्कमी भाषा में बनी ये फिल्म तीन नेपाली बच्चों को लेकर है, जो अपने परिवारों से बिछड़कर सिक्कम पंहुच जाते हैं।

अभी तक भारतीय सिनेमाघरों में इसकी रिलीज डेट तय नहीं हुई है, लेकिन कहा जा रहा है कि अगले साल के पहले महीने, जनवरी में इसे रिलीज किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इस फिल्म को हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, भोजपुरी, अंग्रेजी, उडिया, बंगाली और साउथ की सभी भाषाओं में डब किया जाएगा। इस फिल्म का निर्देशन पाखी ए टायरवाला ने किया है, जिन्होंने इससे पहले काजल नाम से एक शार्ट फिल्म बनाई थी।

10 नवंबर को रिलीज होगी इरफान की फिल्म

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इस साल रिलीज हुई हिंदी मीडियम को बाक्स आफिस पर मिली बड़ी कामयाबी के बाद इरफान की नई फिल्म ‘करीब करीब सिंगल’ आगामी 10 नवंबर को रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म का निर्देशन तनूजा चंद्रा ने किया है।

तनूजा इससे पहले महेश भट्ट की कंपनी के लिए दुश्मन, संघर्ष जैसी फिल्में बना चुकी हैं और एक लंबे समय बाद वापसी कर रही हैं। इरफान के साथ तनूजा ने पहली बार फिल्म बनाई है।

इस फिल्म में इरफान की हीरोइन साउथ की एक्ट्रेस पार्वती हैं, जो पहली बार बालीवुड की फिल्मों में नजर आएंगी। इसकी शूटिंग बीकानेर, ऋषिकेष और गंगटोक में हुई है। इरफान इस फिल्म के रिलीज के बाद दीपिका पादुकोण के साथ नई फिल्म शुरु करेंगे, जिसका निर्माण विशाल भारद्वाज कर रहे हैं।

बेटे के इंतजार में पिता की लाश

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एक घर के बुजुर्ग मुखिया के शव को श्मशान घाट तक ले जाने के लिए तीन दिनों से अपनों का कंधा नसीब नहीं हो पाया। बुजुर्ग का बेटा और पत्नी बहू की हत्या के मामले में देहरादून जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। वाकया संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी सोनिका ने मंडलायुक्त के माध्यम से सजायाफ्ता बेटे और उसकी मां की अंतिम संस्कार के लिए तीन दिन का पैरोल मंजूर करवाया। हालांकि देर शाम तक वह गांव नहीं पहुंच पाया था।

मामला टिहरी जिले के थौलधार ब्लॉक के गैर गांव का है। यहां 70 वर्षीय अतर सिंह की तीन अक्टूबर की दोपहर मौत हो गई थी। वह काफी दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे, घर में अकेले ही रहते थे। उनका बेटा सत्ते सिंह और पत्नी इंद्रा देवी देहरादून की सुद्धोवाला जेल में बंद हैं। घर की बहू यानि सत्ते सिंह की पत्नी संगीता की हत्या के मामले में सजा काट रहे हैं। घर में अन्य कोई सदस्य न होने के कारण अभी तक बुजुर्ग का दाह-संस्कार नहीं हो पाया। तीन दिन से घर में पड़े शव से दुर्गंध आने लगी है। बुजुर्ग की मौत का गांव वालों को उसी दिन पता चल गया था, लेकिन वह तय नहीं कर पा रहे थे ऐसी स्थिति में क्या करें। कुछ लोगों ने सामाजिक रीति रिवाज का हवाला देते हुए बेटे के हाथों ही अंतिम संस्कार कराने की सलाह दी।

उधेड़बुन में दो दिन गुजर गए। बाद में तय किया गया कि जिलाधिकारी से मिलकर कोई रास्ता निकलवाया जाएगा। इस सिलसिले में क्षेत्र पंचायत सदस्य राम सिंह बुढान और अन्य ग्रामीणों ने चार अक्टूबर की शाम डीएम सोनिका से मुलाकात की। उन्होंने डीएम को सारी स्थिति से अवगत कराते हुए बेटे सत्ते सिंह को पैरोल पर छोड़ने की गुहार लगाई। संवेदनशीलता का परिचय देते हुए डीएम ने बगैर देरी किए गुरुवार को डीएम सोनिका ने गढ़वाल कमिश्नर दिलीप जावलकर को पत्र भेजकर सत्ते सिंह को पिता के अंतिम संस्कार के लिए पैरोल देने की सिफारिश की। इसके कुछ देर बाद ही मंडलायुक्त ने सत्ते सिंह और उसकी मां इंद्रा देवी को तीन दिन का पैरोल देने की स्वीकृति दे दी।

हालांकि, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में पूरा दिन गुजर गया, देर शाम तक सत्ते सिंह अपने गांव नहीं पहुंच पाया था। संपर्क करने पर डीएम सोनिका ने बताया कि बुधवार देर शाम उनके संज्ञान में यह मामला आया था। सही स्थिति का पता लगाने के बाद उन्होंने इस संबंध में मंडलायुक्त को संस्तुति भेजी थी, जिसे मंजूरी मिल गई।