Page 453

मैड ने चलाया स्वच्छता जागरूकता अभियान

0

देहरादून। अपने साप्ताहिक कार्यक्रमों को जारी रखते हुए देहरादून के शिक्षित छात्रों के संगठन, मेकिंग ए डिफ्फेरेंस बाय बीइंग द डिफ्फेरेंस (मैड) संस्था ने रविवार को रेस कोर्स इलाके के बन्नो चौक के पास सफाई एवं जागरूकता अभियान चलाया। इसके बाद संस्था ने नेहरू कालोनी क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को दीपावली पर कम से कम पटाखे फोड़ने की अपील की।

रविवार सुबह संस्था के लगभग दो दर्जन सदस्य पहले एश्ले हॉल पर एकत्र हुए। वहां से मैड की टोली दो हिस्सों में बटी और पहले कुछ लोग रेस कोर्स के पास बन्नो चौक के समीप फैले कूड़े के पास पहुंचे और वहां स्वछता अभियान शुरू किया। मैड के अध्यक्ष अभिजय नेगी ने बताया कि वहां पहले से ही तीन कूड़ेदान रखे गए थे, लेकिन लोग कूड़ा कूड़ेदान के बहार ही फेंकते हैं। उन्होंने कहा यह एक उदाहरण था कि लोगों में सफाई के प्रति जागरुकता की कमी है।
बन्नो स्कूल के ग्राउंड के संयोजक वहां स्वयं मौजूद थे और उन्होंने मैड संस्था के अभियान पर प्रसन्नता ज़ाहिर की। इसी बीच दूसरी टीम ने नेहरू कालोनी में सफाई के साथ अपना स्वछता सर्वेक्षण किया। इस दौरान मैड सदस्यों ने घर-घर जाकर वह आम लोगों से उनके क्षेत्र की स्वछता संबंधी समस्याएं जानी। संस्था के लगभग 24 सदस्य लगातार चार घंटे काम करते रहे। अभिजय नेगी ने कहा कि मैड ने यह संकल्प लिया है कि वह प्रत्येक रविवार ऐसे ही समाज सुधार को समर्पित कार्यक्रम चलाते रहेंगे।

झील में मिला युवक का शव

0

नैनीताल। नैनी झील में दलित बेरोजगार युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

रविवार को नैनी झील में एक युवक का शव मिला, जिसकी पहचान 28 वर्षीय हरीश चंद्र निवासी हरिनगर नैनीताल के रूप में हुई है। मृतक के बैग में देशी शराब का एक पव्वा, पीजी के सर्टिफिकेट व मोबाइल मिला है। रविवार को मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने पाषाण देवी मंदिर के समीप एक झील में शव को देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस का मानना है कि युवक ने बेरोजगारी की वजह से आत्महत्या की है। एसओ प्रमोद पाठक का कहना है कि परिजनों से पूछताछ व जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। पंचनामे के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

उक्रांद गैर पर्वतीय मूल के लोगों के विरोध में करेगा आंदोलन

0

देहरादून। राज्य में बढ़ रहे गैर पर्वतीय मूल के लोगों की संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए यूकेडी ने उनके विरुद्ध सरकार से सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने रविवार को ऋषिकेश प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि रायवाला में हुई युवक की निर्मम हत्या के पीछे गैर पर्वतीय क्षेत्र के लोगों का हाथ है। इतनी बड़ी घटना से रायवाला से लेकर ऋषिकेश तक का सौहार्द पूर्ण वातावरण विषैला हो चुका है। त्तराखंड क्रांति दल आगामी समय में पहाड़ को बचाने के लिए वृहद स्तर पर आंदोलन करेगा और वह जनता के बीच जाकर पहाड़ की मूल समस्याओं को लेकर जनता को गैर पर्वतीय जिलों के लोगों की अपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी देकर उन्हें जागृत करने का कार्य करेगा।
उनका सीधा आरोप था कि भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस की राजनीतिक महत्वकांक्षा के कारण उत्तराखंड में गैर पर्वतीय मूल के लोगों की संख्या बढ़ी है, जिससे यहां का पलायन भी बढ़ा है। पंवार का कहना था कि उत्तराखंड राज्य उन परिस्थितियों में बना है,जब पूर्वोत्तर राज्य में राज्यों की मांग को लेकर हिंसा फैली थी। लेकिन हमने गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर राज्य को हासिल किया है। आज राज्य बनने के बाद जो यहां की जनता ने सपना देखा था, वह पूरा नहीं हो पा रहा है। क्योंकि जो लोग राज्य के कर्णधार बने हैं। उन्होंने राज्य को बारी-बारी से लूटने का कार्य किया है, जिनके पास पहाड़ के विकास को लेकर न तो कोई नीति है और न ही कोई सोच। इसके कारण पहाड़ों से लगातार पलायन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल का एक ही एजेंडा था कि राज्य की राजधानी गैरसैैंण को बनाया जाए, और वह आज भी इस मांग पर अड़ी है। पंवार ने कहा कि आज उत्तराखंड राज्य गैर पर्वतीय क्षेत्र के लोगों की शरणस्थली बन चुका है, जिससे यहां अपराध का ग्राफ भी बढ़ा है। उनका कहना था कि राज्य के लोगों के हितों को मध्य नजर रखते हुए राज्य के मूल निवास के लिए कट ऑफ डेट 1950 निर्धारित किया जाए। यह मांग उत्तराखंड क्रांति दल प्रारंभ से ही करता रहा है। यदि उत्तराखंड क्रांति दल सत्ता में आया तो वह इसे लागू करेगा। उन्होंने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि आज मुजफ्फरनगर में गोली कांड के अधिकारियों को सरकारों द्वारा पारितोषिक दिया जा रहा है। उत्तराखंड क्रांति दल जनता के बीच आंदोलन करेगा। हमारी राजनीतिक जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। इस अवसर पर उत्तराखंड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री सौरभ आहूजा, शांति तडियाल ,सोहन सिंह आदि भी उपस्थित थे।

आपदा के 55 दिन बाद खुला पैदल मार्ग

0

पिथौरागढ़। 13 अगस्त की रात्रि को धारचूला तहसील में बादल फटने से ध्वस्त नजंग मालपा मार्ग 55 दिन बाद पैदल चलने योग्य हुआ। मार्ग बनने से उच्च हिमालय का मध्य हिमालय से संपर्क बहाल हुआ है।

13 अगस्त की देर रात बादल फटने से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग नजंग से मालपा तक ध्वस्त हो गया था। कठोर चट्टानों में बने मार्ग के ध्वस्त होने से उच्च और मध्य हिमालय का संपर्क कट गया था। कैलाश यात्रियों को भी धारचूला से गुन्जी हेलीकॉप्टर से लाया ले जाया गया था। तभी से विभाग के लिए मार्ग निर्माण चुनौती बना था। सैकड़ो मजदूर मार्ग के पुर्निर्माण के कार्य में लगाए गए थे। वहीं 55 दिन बाद मालपा से नजंग तीन किमी पैदल मार्ग चलने योग्य बन पाया है।
अलबत्ता अभी कुछ स्थानों पर जानवरों के चलने में दिक्कत है। उच्च हिमालय में सारा सामान जानवरों झुप्पू, घोड़े, खच्चर और भेड़ बकरियों से ढोया जाता है। उधर, शीतकालीन प्रवास के लिए बूंदी, गर्ब्यांग, गूंजी, नाबी, नपलचू, रोंगकोंग और कुटी गावो, के ग्रामीण 15 अक्टूबर से माइग्रेशन करने वाले है। ग्रामीण अपने जानवरों के साथ पड़ाव दर पड़ाव धारचूला आएंगे। वहीं, मार्ग बंद होने से भारत-चीन व्यापार से आयातित सामान भी बूंदी और गुंजी में मार्ग बंद होने से डंप है। ग्रामीण और व्यापारी नजंग से मालपा के बीच मार्ग के जानवरों के चलने योग्य होने पर ही सामान धारचूला पहुंचा सकते हैं। प्रशासन ने तीन चार दिनों के भीतर सामान के साथ जानवरों के चलने योग्य मार्ग तैयार होने का भरोसा दिलाया है।

एसओजी ने बरामद किए 55 मोबाइल फोन

0

हल्द्वनी। एसओजी की मोबाइल सेल ने 55 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। करीब छह लाख के ये मोबाइल महानगर समेत कई जिले के लोगों के गायब हुए फोन थे। इनकी विभिन्न थानों में लिखाई शिकायत दर्ज है।

रविवार को एसएसपी जनमेजय खंडूरी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि जिले में मोबाइल गुम होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस पर उन्होंने एसओजी का मोबाइल सेल गठित कर गुम और चोरी हुए मोबाइल ढूंढने के निर्देश दिए थे। एसओजी ने सैकड़ों गुम मोबाइलों को सर्विलांस की मदद से ढूंढने की कोशिश की। सेल ने तीन दिन की मेहनत के बाद 55 मोबाइल बरामद करने में सफलता हासिल की है। टीम में एसओजी प्रभारी दिनेश पंत, एएसआई सत्येंद्र गंगोला, अनिल गिरी, गुरवंत सिंह, जगपाल सिंह, रियाज अख्तर, कुंदन कठैत, रिजवान अली और गुरजीत सिंह शामिल हैं।
एसएसपी ने मोबाइल रिकवरी टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि ये सभी गुम मोबाइल लोगों को मिले थे और वह इन्हें उपयोग कर रहे थे। किसी ने भी आपराधिक घटना को अंजाम नहीं दिया था। एसएसपी ने कोई मोबाइल मिलने पर एसओजी से संपर्क कर सुपुर्द करने की लोगों से अपील की है।

महंत का नहीं लगा सुराग, 15 को दिल्ली में धरना देंगे संत

0
saint,akhada haridwar

हरिद्वार। कोठारी महंत मोहनदास को लापता होने के तीन सप्ताह बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला। इसके विरोध में संत 15 अक्टूबर को दिल्ली में धरना देंगे।

प्राचीन सिद्धपीठ हनुमान मंदिर बैरागी कैम्प में संतों की बैठक में परमाध्यक्ष महंत रामशरण दास महाराज ने कहा कि तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन अभी तक लापता महंत मोहनदास को खोजने में नाकाम साबित हुई है। उन्होंने कहा कि बड़े दुख की बात है कि पुलिस की कई टीमें उत्तराखण्ड, मेरठ, दिल्ली, मुम्बई तक लापता महंत मोहनदास को खोज रही हैं पर पुलिस के हाथ अभी तक खाली दिखाई दे रहे हैं। 24 दिन बीत जाने के बाद भी लापता कोठारी महंत मोहनदास का पता ना चलना आश्चर्यजनक बात है।
निर्माेही अखाड़े के सचिव महंत शरणदास महाराज ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से 10 दिन का समय मांगा था जो अब पूरा होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि अगर इन 10 दिनों के दिए गए समय के अनुसार लापता महंत मोहनदास का कोई पता न चला तो 15 अक्टूबर से दिल्ली के जन्तर मन्तर पर संत व महंत धरना देंगे। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि, राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि महराज जो भी निर्णय लेंगे वह देश के संतों को मान्य होगा और लापता महंत मोहनदास को लेकर पूरे देश में आंदोलन चलाया जाएगा। जब तक लापता कोठारी महंत मोहनदास का पता नहीं चलता तब संत महंतों का पूरे देश में आंदोलन जारी रहेगा।
इस अवसर पर महंत रामजीदास, महंत गोपालदास, महंत ओमपाल दास, महंत मुरारीदास, महंत रामदास सहित बैठक में कई संत महंतों ने लापता कोठारी महंत मोहनदास को लेकर चिन्ता जताई और उनकी सकुशल वापसी के लिए पवनपुत्र हनुमान से प्रार्थना की। 

जिन्होंने बिजली का उजाला नहीं देखा, जगमग होंगे उनके घर

0

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हाॅल में हंस फाउण्डेशन के सौजन्य से राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में बिजली से वंचित परिवारों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रथम चरण में चिन्हित 101 परिवारों को सोलर ब्रीफकेस एवं पावरपैक वितरित किये गए। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘हर घर बिजली, घर घर बिजली‘ का सपना पूरा करने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी अविद्युतीकृत परिवारों को वर्ष 2019 तक ग्रिड के द्वारा अथवा आॅफग्रिड बिजली उपलब्ध करा दी जाएगी। माता मंगला एवं श्री भोले महाराज तथा सोलर ब्रीफकेस को डिजाइन करने वाले मनोज भार्गव का धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हंस फाउण्डेशन के सहयोग से 15 हजार सोलर ब्रीफकेस उपलब्ध करा कर आॅफग्रिड बिजली पहुंचाने का प्रारम्भ उत्तराखण्ड से किया जा रहा है। हंस फाउण्डेशन के सहयोग से शीघ्र ही 15000 ब्रीफकेस उपलब्ध कराये जाएंगे। उन्होंने कहा कि मनोज भार्गव द्वारा ‘शिवांश‘ जैविक खाद भी तैयार की गयी है, जिसे बहुत ही आसानी से तैयार भी किया जा सकता है। इसका प्रदर्शन भी मुख्यमंत्री आवास से ही किया जायेगा।
चेयरपर्सन हंस फाउण्डेशन श्वेता रावत ने कहा कि बिना सरकार की सहायता के सभी गांवों केे विद्युतीकरण का कार्य पूरा नहीं किया जा सकता। फाउण्डेशन अपने स्तर पर 2 या 3 गांवों के बारे में ही सोचता, लेकिन आज सरकार के साथ मिलकर हम 40-50 गांवों के विद्युतीकरण की बात कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हुए कहा कि हंस फाउण्डेशन द्वारा प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को विद्युतीकृत करने के लिये जो संकल्प लिया गया है। यह मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की प्रेरणा से ही सम्भव हो सका है। इस अवसर पर माता मंगला ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि इसकी शुरुआत उत्तराखण्ड से हुयी है।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने उत्तराखण्ड सरकार एवं हंस फाउण्डेशन को बधाई दी कि उनके साथ मिलकर काम करने से इस बार दीपावली में ऐसे बहुत से घर रोशन होंगे, जिन्होंने आज तक बिजली का उजाला नहीं देखा है। ट्रस्टी हंस फाउण्डेशन मनोज भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस सोलर ब्रीफकेस में काफी दिलचस्पी दिखायी। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों के लिये इस ब्रीफकेस को बनाते वक्त एक ही बात ध्यान में थी कि इसकी गुणवत्ता में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
सचिव ऊर्जा श्रीमती राधिका झा ने कहा कि उत्तराखण्ड में लगभग 98000 परिवार अविद्युतीकृत हैं। उन्हें बिजली पहुंचाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के 53 गांव में अभी बिजली पहुंचायी जानी है। जिनमें 26 गांवों में वन विभाग से संबंधित प्रकरण लम्बित हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय प्रतिदिन विद्युतीकरण कार्य की समीक्षा करता है। पिछले 6 माह में 20 गांवों को विद्युतीकृत किया गया है। पिछले सप्ताह ही पिथौरागढ़ में तीन ग्रामों को विद्युतीकृत किया गया है।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, माता मंगला, भोले जी महाराज एवं हंस पावर पैक के आविष्कारक एवं हंस फाउण्डेशन के ट्रस्टी मनोज भार्गव ने केदारनाथ पहुंचकर केदारनाथ एवं बद्रीनाथ मंदिर समिति को पहला सोलर पावर पैक समर्पित किया। इस अवसर राज्यमंत्री श्रीमती रेखा आर्य, विधायक खजान दास, गणेश जोशी, मुकेेश कोली एवं सचिव ऊर्जा श्रीमती राधिका झा भी उपस्थित थी।

65 बिल्डरों के प्रोजेक्ट शक के घेरे में

0

देहरादून। 65 बिल्डरों के प्रोजेक्ट शक के घेरे में हैं। शक उन दस्तावेजों पर है, जो उन्होंने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में पंजीकरण के लिए जमा कराए हैं। इससे यह आशंका भी बढ़ गई है कि बिल्डरों ने नक्शे, जमीन के स्वामित्व आदि को लेकर कहीं न कहीं बड़ा खेल किया है। यही वजह है कि रेरा के नोटिस के बाद भी बिल्डर कोई जवाब नहीं दे रहे। इस स्थिति को देखते हुए रेरा ने पंजीकरण स्थगित कर दिया और इन बिल्डरों के नक्शे निरस्त करने को नोटिस भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।

एक मई 2017 तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट न लेने वाले बिल्डरों के लिए रेरा में पंजीकरण के लिए 31 जुलाई आखिरी तारीख तय की गई थी। तय समय तक 168 बिल्डरों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। नियामक प्रधिकारी के सचिवालय के रूप में काम कर रहे उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (उडा) के अधिकारियों ने आवेदनों की स्क्रूटनी में पाया कि 118 बिल्डरों के दस्तावेज पूरे नहीं हैं। इन सभी को नोटिस जारी कर दस्तावेज पूरे करने का नोटिस जारी किया गया था। उडा के कार्यक्रम प्रबंधक कैलाश पांडे के मुताबिक, 53 बिल्डरों ने नोटिस का जवाब दे दिया है, जबकि 65 बिल्डरों दो बार के नोटिस के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया। बहुत संभव है कि ऐसे बिल्डरों के पास प्रोजेक्ट को लेकर वैध दस्तावेज नहीं हैं। लिहाजा, इन सभी को नोटिस भेजा जा रहा है, जिसमें उन्हें जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा और फिर नक्शे निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
50 बिल्डर, 90 डीलरों के पंजीकरण पर मुहर
कार्यक्रम प्रबंधक पांडे के अनुसार, अब तक 50 बिल्डरों व 90 प्रॉपर्टी डीलरों के पंजीकरण को हरी झंडी दे दी गई है।
खुलने लगी प्रॉपर्टी डीलरों की पोल
कृषि भूमि पर आवासीय प्लॉट बेचने और बिना ले-आउट पास कराकर भूखंड बेचने वाले प्रॉपर्टी डीलरों पर रेरा का शिकंजा कसने के बाद अब वह खुद ही अपनी पोल खोल रहे हैं। रेरा में पंजीकरण न कराने वाले प्रॉपर्टी डीलरों की रजिस्ट्रियों पर रोक लगा दी गई है। अब उनके पास एक ही रास्ता बचा है कि वह ले-आउट पास कराकर रेरा में पंजीकरण कराएं और फिर भूखंड बेचें। हालांकि बड़ी संख्या में ऐसे भी डीलर हैं, जो कृषि भूमि पर यह खेल कर रहे थे। इस भूमि पर ले-आउट भी पास नहीं कराया जा सकता और लैंडयूज बदलवाना आसान नहीं, साथ ही बेहद महंगा भी है। ऐसे में इन दिनों कई प्रॉपर्टी डीलर उडा कार्यालय में पहुंचकर अपनी खामी बता रहे हैं और मदद की गुहार भी लगा रहे हैं। हालांकि यह भी तय है कि नियमों के विपरीत अब न कोई प्लॉटिंग कर पाएगा और न प्लॉट बेच पाएगा। 

त्रिवेणी घाट पर करवा चौथ के मौके पर मां गंगा से लिया परिवार और पति की लंबी उम्र का आशीर्वाद

0
फोटोः कृष्णा रावत

ऋषिकेश। यूं तो त्रिवेणी घाट का नजारा श्याम के समय देखने लायक होता है कल कल बहती गंगा और डूबते सूरज का दीदार हर किसी का मन मोह लेता है लेकिन बात करें करवा चौथ की तो इस दिन पूरा त्रिवेणी घाट सुहागिनों के रंग में रंग जाता है हर जगह विवाह के जोड़े में दंपत्ति एक दूसरे का हाथ थामे मां गंगा को पुष्प और दिया अर्पित करते हैं और अपने परिवार की सुख समृद्धि की कामना करते हैं आज का दिन सुहागिनों के दिन के नाम से जाना जाता है गंगा तटों पर रहने वाले लोगों के लिए मां गंगा ही सर्वप्रथम पूजनीय होती हैं उनके बाद घर पहुंचकर सुहागिनें चांद का दीदार करके अपने निर्जल व्रत का समापन करती है ऋषिकेश की परंपरा सालों से चली आ रही है नई नवेली दुल्हन से लेकर बुजुर्ग महिला तक सुहाग के जोड़े में सज कर त्रिवेणी के तट पर पति के साथ पूजा करती है नजर आती है

ऐश्वर्या राय की नाराजगी से शूटिंग रद्द हुई

0

ऐश्वर्या राय राकेश मेहरा के प्रोडक्शन में शुरु हुई फिल्म ‘फन्ने खां’ की शूटिंग करने के लिए मुंबई के एक स्टूडियो पंहुचीं और बिना शूटिंग के बैरंग लौट आईं। सूत्रों के हवाले से पता चला कि अपनी ड्रेस से नाराज होकर ऐश्वर्या राय ने शूटिंग करने से मना कर दिया और बिना किसी काम के शूटिंग कैंसिल करनी पड़ी।

सूत्र बताते हैं कि ड्रेसेज को लेकर ऐश्वर्या राय और उनकी ड्रेस डिजाइनर के बीच नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद शूटिंग कैंसिल करनी पड़ी। राकेश मेहरा ने इस घटना पर कुछ कहने से मना कर दिया, लेकिन सूत्र बताते हैं कि ऐश्वर्या राय ने फिल्म से ड्रेस डिजाइनर बदलने की शर्त रखी है। वे इसके बाद ही शूटिंग करेगी।

सूत्रों के मुताबिक, उनकी शर्त को मान लिया गया है और नया ड्रेस डिजाइनर चुनने की जिम्मेदारी ऐशवर्या राय की टीम को दे दी गई है। इस फिल्म में वे 17 साल बाद अनिल कपूर के साथ काम कर रही हैं। दोनों ने इससे पहले सुभाष घई की ताल में काम किया था। फिल्म में दोनों की जोड़ी नहीं है। अनिल कपूर के साथ दिव्या दत्ता और ऐश्वर्या राय के साथ राजकुमार राव की जोड़ी बताई गई है।