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अनुष्का शर्मा का नया क्लोथ डिजाइन ब्रैंड नुश आज से मार्केट में

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विवादों में आ चुका अनुष्का शर्मा का नया ड्रेस डिजाइन ब्रैंड नुश आज से भारत के बाजारों में उतारा जा रहा है। अनुष्का शर्मा को उम्मीद है कि उनके इस नए डिजाइन को युवा वर्ग पसंद करेगा। उनके इस डिजाइन पर विवाद उस वक्त सामने आया, जब पता चला कि येय डिजाइनिंग एक चीनी वेबसाइट से कापी किए गए हैं।

मीडिया में इसे लेकर मचे हंगामे के बाद अनुष्का शर्मा की टीम की ओर से एक बयान जारी किया गया, जिसमें उनके ब्रैंड की डिजाइनिंग करने वाली टीम के प्रमुख की ओर से इसे गलती मान लिया गया और बयान में कहा गया कि टीम इसे लेकर जरुरी कार्रवाई करेगी। बयान में दावा किया गया है कि अनुष्का के सभी डिजाइन मौलिक हैं और इनको कहीं से भी कापी नहीं किया गया है।

दावा किया गया है कि अनुष्का के डिजाइन में भारतीय युवा वर्ग की पसंद का ख्याल रखा गया है और किफायती दामों में बेस्ट क्वालिटी के डिजाइन उनके लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। अनुष्का से पहले दीपिका पादुकोण और सोनम कपूर भी अपने डिजाइन लांच कर चुकी हैं, जहां दीपिका के डिजाइन सफल माने गए, वहीं सोनम कपूर के डिजाइनों को ज्यादा सफलता नहीं मिली।

क्लेमेंटाउन पुलिस ने पीजी हॉस्टलों में की चेकिंग

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थाना क्लेमेंटाउन, में विभिन्न इंस्टिट्यूट के पढ़ने वाले छात्र जो पीजी हॉस्टल में रह रहे हैं, क्षेत्र के कई लोगों ने छात्रों के रात में शोर शराबा करने संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर क्लेमेंट टाउन पुलिस ने थाना क्षेत्र के सभी पीजी हॉस्टल की चेकिंग की। जिसमे कुल चार टीमें बनाई गई एवं थानाध्यक्ष के नेतृत्व में 7:00pm  बजे से  अभियान चलाया गया।

कुल 18 पीजी हॉस्टल चेक किए गए जिनमें से कई ने पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया था, 8 पीजी हॉस्टल का 83 पुलिस एक्ट के तहत 80,000/- रु का चालान किया गया एवम सभी अन्य स्थलों को CCTV कैमरा लगाने के लिए नोटिस दिया गया। पीजी हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को हिदायत दी गई छात्रों की रूम की चेकिंग की गई एवं भविष्य में भी पीजी हॉस्टल की चेकिंग जारी रहेगी।

फिल्म इंस्टिट्यूट के नए चेयरमैन अनुपम खेर की पहली प्रतिक्रिया

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केंद्र सरकार की ओर से फिल्म इंस्टिट्यूट के चेयरमैन पद से गजेंद्र सिंह को हटाकर अनुपम खेर को इस पद पर नियुक्त करने के फैसले पर अनुपम खेर की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। अनुपम खेर ने इस फैसले पर हैरानी व्यक्त की है और विनम्रता पूर्वक इस नियुक्ति को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।

अनुपम खेर ने इस नियुक्ति को नई चुनौती मानते हुए कहा कि वे वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों और कैंपस के बीच एक दोस्ताना माहौल बनाने की कोशिश करेंगे, जहां बातचीत से हर समस्या का हल निकाला जाएगा। अनुपम खेर का कहना है कि वे सबकी मदद से इस संस्थान को उस ऊंचाई पर ले जाने की कोशिश करेंगे, जहां ये हुआ करता था।

अनुपम खेर ने कहा कि पिछले 33 साल से बतौर कलाकार वे दे‍श-विदेश के विभिन्न विश्व विद्यालयों, कालेजों में बच्चों को पढ़ाने जाते रहे हैं। उनको उम्मीद है कि ये अनुभव पुणे इंस्टिट्यूट में उनके काम आएगा। अनुपम खेर ने कहा कि वे इस नियुक्ति पर गर्व महसूस कर रहे हैं, क्योंकि वे पुणे में पढ़ाई कर चुके हैं।

अनुपम खेर ने कहा कि उनके लिए इससे बड़ी सौभाग्य की बात क्या होगी कि उन्होंने पुणे और दिल्ली के एनएसडी (नेशनल स्कूल आफ ड्रामा) में पढ़ाई की। पहले वे एनएसडी के चेयरमैन पद पर रहे और अब पुणे में उनको इस पद पर नियुक्त किया गया है। सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी सहित बालीवुड के दिग्गजों ने इस पद पर अनुपम खेर की नियुक्ति का स्वागत करते हुए उनको बधाई दी है।

उत्तराखंड में गहरा रहा डेंगू , हर दिन सामने आ रहे नए मामले

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उत्तराखंड में डेंगू का डंक लगातार गहराता जा रहा है। अब हर दिन डेंगू के नए मामले सामने आ रहे हैं। बुधवार को प्राप्त रिपोर्ट में सात और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके बाद डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 261 पहुंच गई है। देहरादून व हरिद्वार में डेंगू का मच्छर ज्यादा सक्रिय है।

स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावों के बाद भी डेंगू एक के बाद एक कई लोगों को अपनी जद में ले चुका है। जनवरी से अब तक विभाग ने 1493 मरीजों की एलाइजा जांच कराई है। जिसमें 261 मरीज डेंगू पॉजीटिव पाए गए हैं। एडीज मच्छर का ज्यादा प्रकोप सितम्बर माह में दिखाई दिया। बीते माह 148 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा जुलाई में चार व अगस्त माह में डेंगू के 31 मामले सामने आए। अक्टूबर में अब तक 78 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। राहत की बात यह कि डेंगू से अभी किसी मरीज की जान नहीं गई है। इसकी चपेट में आने वाले ज्यादातर मरीज दवा लेकर ही ठीक हो जा रहे हैं।

इधर, स्वाइन फ्लू के मामलों में भी अब कमी आती दिख रही है। जुलाई में 35, अगस्त में 76 व सितम्बर में 41 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। जबकि इस माह अभी तक स्वाइन फ्लू के दो ही मामले आए हैं। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग भी कुछ हद तक राहत महसूस कर रहा है। बता दें कि जनपद देहरादून में अब तक स्वाइन फ्लू के 170 मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें 20 मरीजों की स्वाइन फ्लू के मृत्यु हुई है। 

ऋषिकेश में एलएसएङी ड्रग्स बरामद, तीन अभियुक्त गिरफ्तार

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नशे के विरूध चलाये जा रहे अभियान को जारी रखते हुए देहरादून पुलिस ने ऋषिकेश से एलएसएङी ड्रग्स की खेप पकड़ी गयी, बरामद माल की अर्न्तराष्ट्रीय कीमत लगभग 5,00,000 रूपये बतायी जा रही है। एलएसएङी ड्रग्स वर्तमान समय का अल्ट्रा मॉडर्न व सॉफिस्टिकेटेड ड्रग्स है जो मोस्ट पावरफुल साइकेडेलिक श्रेणी में आता है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदया व पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन व सहायक पुलिस अधीक्षक/ क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश के नेतृत्व में ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध रूप से नशीले पदार्थो की तस्करी व बिक्री करने वालों के विरूद्ध अभियान चलाया जा रहा है।

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अभियान के दौरान प्रभारी कोतवाली व वरिष्ठ उप निरीक्षक हेमन्त खण्डूरी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गयी। गठित टीम द्वारा नशीले पदार्थो की तस्करी व बिक्री करने वालों के सम्बन्ध में गोपनीय रूप से जानकारी एकत्रित की गयी। दिनांक 11.10.17 को टीम, नशीले पदार्थो की बिक्री करने वालों की तलाश में त्रिवेणीघाट व मायाकुण्ड पंहुची तो नावघाट के पास रामानुज आश्रम के पास तीन व्यक्ति एक लोहे की बैंच में बैठे दिखाई दिये जो अचानक पुलिस को अपनी ओर आता देख जाने लगे, पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुये तीनो व्यक्तियों को मौके पर ही पकड़ लिया।

घबराकर तीनों व्यक्तियों ने बताया कि हमारे पास एलएसएङी, स्ट्रेप पेपर व एलएसएङी ड्रॉप है, जो नशा करने के काम आता है, यह विदेशी नशा है जिसे लेने के 8-10 घण्टे के बाद तक व्यक्ति मदहोश रहता है। यह नशा ज्यादातर विदेशी लोग व नयी उम्र के युवक-युवतियाँ द्वारा हाई प्रोफाइल पार्टियों में लेते है।

इसे मुख्यतः पब्स, रेव पार्टियों, कैम्पिगं आदि में युवक युवतियां लेते हैं। मौके पर सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी श्री मंजूनाथ टिसी भी मौके पर आये, जिनके समक्ष पकड़े गये व्यक्तियों की तलाशी ली गयी तो इनके पास से भारी मात्रा में एलएसएङी, स्ट्रेप पेपर व एलएसएङी ड्रॉप बरामद हुई। इन्होंने बताया कि एक एलएसएङी ड्राप की कीमत 2-3 हजार रूपये है। तीनों व्यक्तियों को अवैध रूप से एलएसएङी स्ट्रेप पेपर व एलएसएङी ड्रॉप रखने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तगण के विरूद्ध एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया, जिन्हे माननीय न्यायालय में पेश किया जायेगा। अभियुक्तो से अन्य जानकारी प्राप्त की जा रही है।

चार धाम ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट सरकार की प्राथमिकता: सीएम

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देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में रेल विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष व मुख्य प्रबन्ध निदेशक सतीश चन्द्र अग्निहोत्री, मुख्य परियोजना प्रबन्धक हिमांशु बडोनी ने भेंट कर चारधाम तथा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट की प्रगति की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना से सम्बन्धित भूमि अधिग्रहण तथा फाॅरेस्ट क्लियरेन्स की प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए।पूरी परियोजना पर एकसाथ कार्य आरम्भ किया जाए। चारधाम तथा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट राज्य सरकार की प्राथमिकता है। चारधाम प्रोजेक्ट के फाइनल लोकेशन सर्वे को शीघ्र पूरा किया जाए।

बैठक में आर.वी.एन.एल. के पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि परियोजना से सम्बन्धित टेन्डर प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। अगले वर्ष जून-जुलाई से परियोजना की सुरंगों का निमार्ण कार्य आरम्भ कर दिया जाएगा। परियोजना के ग्राउन्ड वर्क तथा लोकेशन सर्वे में सेटेलाइट इमेजरी तथा डिजिटल रेजोल्यूशन टेक्नाॅलोजी का प्रयोग किया जाएगा। उत्तराखण्ड के पर्यावरणीय व पारिस्थिति की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए भू-गर्भीय निरीक्षण के दौरान अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग किया जाएगा।

पेयजल निगम के 14 अधीक्षण अभियंताओं को नोटिस

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देहरादून। जूनियर इंजीनियरों की डीपीसी (डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी) के लिए सीआर (गोपनीय प्रतिवेदन) समय से न भेजने पर पेयजल निगम प्रबंधक ने 14 अधीक्षण अभियंताओं को नोटिस जारी किया है कि यदि उन्होंने शीघ्र सीआर नहीं भेजी तो प्रबंधन उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।

गौरतलब है कि पेयजल निगम में प्रबंधक लंबे समय से जूनियर इंजीनियरों की अपर सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति को अधर में लटकाए हुए है। इस संबंध में डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ पेयजल निगम के बैनर तले जूनियर इंजीनियर कई बार प्रबंधन से वार्ता कर डीपीसी की प्रक्रिया को पूरा करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रबंधन की सुस्ती को देखते हुए डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने दो दिन पहले प्रबंध निदेशक भजन सिंह को शीघ्र डीपीसी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद प्रबंधन हरकत में आया और दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि अब तक अधीक्षण अभियंताओं ने जूनियर इंजीनियरों की सीआर ही नहीं भेजी है। जबकि इस संबंध में पेयजल निगम की ओर से अधीक्षण अभियंताओं को पत्र भेजा जा चुका है। अब प्रबंधन ने इन अधिकारियों को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है।
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार ने बताया कि अपर सहायक अभियंता के करीब 60 पदों पर डीपीसी होनी है। संघ की ओर से प्रबंधन को चेतावनी दी जा चुकी है, यदि जल्द डीपीसी नहीं की गई तो संघ कार्य बहिष्कार कर आंदोलन करेगा।

कैबिनेट,10 साल के लिए शराब पर एक्साइज ड्यूटी तय

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देहरादून। राज्य कैबिनेट ने शराब पर 10 साल के लिए अधिकतम एक्साइज ड्यूटी तय कर दी है। इसे आबकारी विभाग जरूरत के मुताबिक हर साल तय सीमा तक ड्यूटी बढ़ा सकता है।

सबसे अधिक एक्साइज ड्यूटी व्हिसकी, रम और वाइन पर बढ़ाई गई है। यह दर 1500 अधिकतम 1500 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। पहले यह ड्यूटी 500 रुपये थी। बीते कुछ सालों में एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी के बाद इस सीमा को लगभग प्राप्त कर लिया गया था। वहीं, देशी शराब पर अधिकतम एक्साइज ड्यूटी 500 रुपये तय की गई, जो कि अब तक 200 रुपये थी। इसी तरह भांग के लिए यह दर 75 रुपये तय की गई।
संयुक्त आबकारी आयुक्त टीके पंत के मुताबिक, राज्य गठन के बाद अधिकतम एक्साइज ड्यूटी वर्ष 2001 में तय की गई थी और इसके बाद इसमें 2010 में संशोधन किया गया। अधिकतम एक्साइज ड्यूटी निश्चित वर्षों के लिए होती है और विभाग नीति के अनुरूप हर साल जरूरत के मुताबिक इसमें बढ़ोतरी करता रहता है। सयम सीमा प्राप्त हो जाने के बाद बिना एक्ट में संशोधन किए बिना इससे अधिक ड्यूटी नहीं बढ़ाई जा सकती। इस समय एक्साइज ड्यूटी की अधिकतम सीमा में बढ़ोतरी की जरूरत महसूस होने लगी थी, लिहाजा एक्ट में संशोधन के बाद यह राह खुल गई है।

नहीं घटे पेट्रो-पदार्थों के दाम, शराब की दुकानों का समय बदला

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देहरादून। उतराखंड सरकार की मंत्री परिषद की बैठक में कई अहम मुद्दों पर मुहर लगी। अब पहले की तरह पर्वतीय क्षेत्रों में भी शराब की दुकानें रात्रि 10 बजे तक खुलेंगी। पूर्व में सरकार ने मैदानी जिलों को छोड़कर राज्य के नौ जिलों में शराब की दुकानों के खुलने का समय दिन में 12 से शाम छह बजे तक ही था। वहीं, गुजरात और महाराष्ट्र के बाद उत्तराखंड में भी पेट्रोलियम पदार्थों में पर वैट और सेस में दो फीसद की कमी की चर्चाएं रहीं, लेकिन कैबिनेट में इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई।

बुधवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, लेकिन पेट्रो पदार्थों की कीमतों में कमी का मुद्दा कोरी अफवाह ही साबित हुआ। वहीं, सरकार के शराब की दुकानों के समय पर बैकफुट पर आने को लेकर विपक्ष ने प्रहार शुरू कर दिया। दरअसल, शराबबंदी के नाम पर वोट मांगे जाने और बाद में शराब की दुकानों के खोलने के समय में बदलाव को लेकर राज्य सरकार शुरू से ही विपक्ष के निशाने पर रही है। राज्य में शराब की दुकानों के विरोध में महिलाओं के लंबे आंदोलन को लेकर भी विपक्ष सरकार को घेरता रहा है। ऐसे में इस मामले पर एक बार फिर विपक्ष सरकार पर हमलावर होगा। राजस्व घाटे को देखते हुए सरकार ने दुकानों के समय में बदलाव कर पूर्ववर्ती व्यवस्था लागू कर दी है।
कैबिनेट बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि कैबिनेट में निकाय और निगमों के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने, उज्जवला योजना के तहत शेष परिवारों को एलपीजी कनेक्शन देने, निगमों के विस्तार, शासकीय संस्थानों, निकायों में एलईडी बल्बों के इस्तेमाल समेत विभिन्न फैसले लिए गए। वहीं, डीजल व पेट्रोल वैट में दो फीसद कमी की दिनभर चली चर्चा के बाद वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि पेट्रो पदार्थों पर वैट या सेस कम करने का कोई फैसला अभी नहीं लिया गया है।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
-महिला शसक्तीकरण बाल विकाश के कर्मियों की पूर्व में चली 37 दिन की हड़ताल की अवधि को उपार्जित अवकाश में तब्दील किया जायेगा।
-म्रतक आश्रित कोटे में तलाकशुदा पुत्री को भी शामिल किया गया।
-आपदा प्रबंधन विभाग के अधीन प्राधिकरण में सेवा शर्तों को अनुमति तथा पदों को स्वीकृति दी गयी।
-शासकीय अर्धशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं, निकायों आदि में एलईडी बल्बो आदि को अनिवार्य किया गया।
-रुड़की नगर निगम में ग्राम रहीमपुर व शिवम् विहार कालोनी के क्षेत्र को शामिल करने का निर्णय लिया गया। पाडली गुज्जर व रामपुर को नगर निगम से बाहर करने का निर्णय लिया गया।
-उज्वला योजना के तहत लाभ न पाने वाले शेष 4 लाख गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन वितरित किए जाएगे।
-उत्तरखंड सचिवालय अपर निजी सचिव पद के रिक्त पदों पर पदोंनत्ति को कमिटी के सुपुर्द किया गया।
-राज्य में अराजपत्रित कर्मचारियों को अधिकतम 7 हजार रुपये बोनस देने का निर्णय लिया गया।
-जिला पंचायत कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने की अनुमति, जीएमवीन, केएमवीएन को सातवां वेतनमान देने का निर्णय लिया गया।
-आबकारी विभाग में मदिरा शुल्क निर्धारण का आध्यादेश लाने की कैबिनेट की मंजूरी, आबकारी विभाग को ही मूल्य निर्धारण का अधिकार होगा।
-हरिद्वार नगर निगम में ज्वालापुर, बहरहादूत, जगजीतपुर, देवपुरा आंशिक, अहमदपुर कड़क के 665 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करने का निर्णय लिया गया।
-राजकीय महाविद्यालयों में अध्यापकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु सम्बंधित प्रधानाचार्य को अधिकृत किया गया की 500 रुपये प्रति पीरियड के हिसाब से टीचर की अस्थाई व्यवस्था करें।
-जीएसटी प्रणाली के अंतर्गत पंजीयन हेतु राज्य के लिए वार्षिक आवर्त की सीमा बढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया।

विस अध्यक्ष ने गंगा महोत्सव का किया शुभारम्भ

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हरिद्वार। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द्र अग्रवाल बुधवार को नागरिक मंच एवं राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय ऋषिकुल के संयुक्त तत्तवाधान में आयोजित हरिद्वार गंगा महोत्सव समारोह में शिरकत की। यहां उन्होंने मालवीय सभागार ऋषिकुल में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित हुये और कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

समारोह को सम्बोधित करते हुए अग्रवाल ने कहा कि मां गंगा में वह पूर्ण आस्था रखते हैं। उनका प्रतिदिन का नियम है कि वह मां गंगा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि हम सबको मां गंगा की पवित्रता बनाये रखने तथा इसे गन्दा न होने दें। कूड़ा करकट पालीथिन आदि गंगा में न डालें। स्वच्छ गंगा संकल्प पर्व के रूप में मनाया जाए। इसलिए इस कार्यक्रम को गंगा के किनारे आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की शपथ लेते वक्त मैने संस्कृत में शपथ ली थी, इसलिए अन्य समितियों के अलावा मेरे कार्यकाल में संस्कृत उन्ययन समिति का गठन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने हरिद्वार नागरिक मंच की बेबसाइट का बटन दबाकर शुभारम्भ भी किया। सभी जनपद वासियों को दीपावली एवं भैया दूज की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, महन्त निर्मल अखाड़ा के सचिव बलवंत सिंह, सतीश कुमार जैन, जगदीश लाल पाहवा प्रो. पीएस चौहान, प्रमोद शर्मा, संत महात्मा, गणमान्य व्यक्ति आदि उपस्थित थे।