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उद्गम पर रिस्पना के पानी की गुणवत्ता ए-ग्रेड

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देहरादून। उद्गम स्थल पर रिस्पना नदी का पानी जीवन के सभी तत्वों से परिपूर्ण है। जबकि दून में आते ही पानी की गुणवत्ता जहर की तरह बन जाती है। देव दीपावली के उपलक्ष्य पर रिस्पना के उद्गम स्थल के पास ऋषिपर्णा घाट पर महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से कराई गई सैंपलिंग में यह बात निकलकर सामने आई।

स्पैक्स संस्था ने ऋषिपर्णा घाट पर नदी की तीन अलग-अलग धाराओं के सैंपल भरे और पहली बार विधानसभा के पास रिस्पना पुल पर भी नदी के पानी के सैंपल लिए गए। रिस्पना बचाओ अभियान के तहत पानी की सैंपलिंग कराई गई, ताकि सरकार व जनसामान्य को बताया जा सके कि प्रयास किए जाएं तो रिस्पना नदी का पानी उद्गम स्थल की तरह ही पीने योग्य बनाया जा सकता है। रिस्पना नदी के उद्गम स्थल के पास व करीब पांच किमी दून में रिस्पना पुल पर पानी के सैंपल में पीएच, टीडीएस, ऑयल-ग्रीस, डिजॉल्व ऑक्सीजन, बायलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड समेत 15 पैरामीटर पर जांच की गई। ऋषिपर्णा घाट पर रिस्पना का पानी ऑक्सीजन की मात्रा से भरपूर नजर आया, जबकि रिस्पना पुल पर ऑक्सीजन का स्तर शून्य था।
शहरीकरण की दौड़ में दून के पानी में अप्रत्याशित रूप से ऑयल और ग्रीस की मात्रा भी पाई गई। जबकि उद्गम स्थल के पास यह यह मात्रा शून्य रही। इसके अलावा पानी में जो तमाम हानिकारक तत्व उसे जहर बना देते हैं, वे सभी रिस्पना पुल के पास लिए गए पानी के सैंपल में पाए गए हैं। स्पैक्स संस्था के सचिव डॉ. बृजमोहन शर्मा का कहना है कि पानी की जांच के परिणाम स्पष्ट कह रहे हैं कि रिस्पना नदी का पानी आज भी ए-ग्रेड का है, जरुरत सिर्फ शहरी क्षेत्र में नदी को स्वच्छ बनाने की है।

शहर में ये हानिकारक तत्व भी मिल रहे
क्लोराइड, फासफेट, फ्लोराइड्स, नाइट्रेट्स, आयरन, मैग्नीज (सभी की मात्रा बेहद अधिक पाई गई)

उद्गम और शहर में गुणवत्ता का फर्क
पैरामीटर, उद्गम स्थल, रिस्पना पुल
पीएच, 7.45, 4.2 से 8.7
टीडीएस, 42, 750 से 1600
ऑयल-ग्रीस, शून्य, 26
डिजॉल्व ऑक्सीजन, 7.1, शून्य
बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड, 1.0, 2200
कॉलीफॉर्म, शून्य, 1700
फीकल कॉलीफॉर्म, शून्य, 312
लैड, शून्य, 0.8

इस गुणवत्ता का पानी पीने योग्य
-डिजॉल्व ऑक्सीजन (घुलित ऑक्सीजन) की मात्रा 06 मिलीग्राम प्रति लीटर या इससे अधिक होनी चाहिए।
-बॉयोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) की मात्रा 02 मिलीग्राम प्रति लीटर या इससे कम होनी चाहिए।
-कॉलीफॉर्म की मात्रा मोस्ट प्रोबेबल नंबर (एमपीएन) प्रति 100 मिलीलीटर में 50 या इससे कम।

मुआवजे की रकम मिली कम, लोग परेशान

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रुद्रपुर- राष्ट्रीय राजमार्ग-87 की अधिग्रहण की जद में आ रही निजी जमीनों के लिए 97 करोड़ मुआवजे की बजाए एसएलओ कार्यालय को 27 करोड़ ही मिल सका है। अधिग्रहण की जद में 24 गांवों के लोगों की जमीनें आ रही है, लेकिन मुआवजे की रकम सात गांवों के लोगों के लिए भी पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में मुआवजे का नोटिस देने में संशय बना है। वहीं एनएचएआई के अधिकारी दस दिन में गड्ढे भरने के बाद काम शुरू होने का दावा कर रहे हैं।

रुद्रपुर से काठगोदाम तक एनएच 87 के चौड़ीकरण काम होना है। इसको लेकर सड़क किनारे पेड़ों का कटान किया जा रहा है। रुद्रपुर से लेेकर पंतनगर तक अधिग्रहण की जद में आ रही सरकारी जमीनों को एनएचएआई को दिया जा चुका है। केवल फाजलपुर महरौला में तीन लोगों की निजी भूमि में मुआवजा नहीं बंटने की वजह से यह जमीन अभी एनएचएआई को नहीं दी जा सकी है। एसएलओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार एनएच निर्माण में 24 गांवों के लोगों की जमीनें आ रही हैं। इसके लिए 97 करोड़ रुपयों का मुआवजा बंटना है। लेकिन अभी तक एसएसओ कार्यालय में महज 27 करोड़ मुआवजा ही पहुंचा है।

ऐसे में यह मुआवजा सात गांवों तक भी पूरा नहीं हो पा रहा है। मुआवजे की रकम इसलिए भी नहीं बांटी जा रही है क्योंकि एक गांव में अगर मुआवजा मिला तो बाकी गांव के लोग शोरशराबा करेंगे। मुआवजे की बाकी रकम कब आएगी, इसकी जानकारी नहीं है। एनएचएआई के पीडी कर्नल संदीप कार्की का कहना है कि सरकारी जमीन विभाग को ट्रांसफर हो चुकी है। अभी तक साढ़े छह हजार पेड़ों का कटान हो चुका है और बाकी का कटान किया जा रहा है। सड़क किनारे जहां सरकारी दीवार या अन्य छोटे निर्माण होने हैं, उनको लेकर लोनिवि को कहा गया है। निर्माण करने वाली कंपनी से बीते 28 अक्तूबर को अनुबंध हो चुका है। बताया कि पहले कंपनी रुद्रपुर से काठगोदाम तक हाइवे के गड्ढे भरवाएगी। इसके बाद बैरियर लगाकर वन वे यातायात कर एनएच में निर्माण शुरू करेगी। दावा किया कि इसी महीने हाइवे का काम शुरू हो जाएगा।
वहीं दुसरी ओर एनएच 74 के निर्माण का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। लेकिन अभी तक अधिगृहित जमीनों के मालिकों को मुआवजा नहीं मिल सका है। आलम यह है कि 54 गांवों के लोगों की जमीनें अधिगृहित की गई थी। लेकिन अभी तक 17 गांवों के लोगों तक ही मुआवजे का भुगतान हुआ है। अभी करीब 230 करोड़ रुपयों का मुआवजा बांटा जा चुका है। अभी विभाग के पास बांटने के लिए 64 करोड़ रुपयों से अधिक हैं। विभाग को पूरा मुआवजा बांटने के लिए अभी 300 करोड़ रुपयों की जरूरत है। बताया जा रहा है कि एनएच का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन मुआवजे के लिए काश्तकार चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि विभाग की ओर से भी मुआवजे बांटने का क्रम चल रहा है। एसएलओ के अवकाश में होने की वजह से संपर्क नहीं हो सका है।

यूपी स्टोन क्रेशरों ने काटा हंगामा

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काशीपुर- अजीतपुर मार्ग पर यूपी के स्वार, रामपुर क्षेत्र में बने स्टोन क्रशरों से उप खनिज भरे वाहनों का उत्तराखंड सीमा में प्रवेश रोकने को लेकर आईटीआई थाना पुलिस ने बैरियर लगा दिया है, जिससे यूपी क्षेत्र के क्रशरों से आने वाले वाहनों को रोक दिया गया। उपखनिज भरे डंपर रोके जाने से क्रेशर स्वामियों में आक्रोश भड़क गया।
यूपी क्षेत्र के क्रशर स्वामी अमरजीत सिंह, विनय कुमार अरोड़ा, राकेश खत्री, समरपाल चौधरी, हैप्पी, विनेश मित्तल, कपिल सिंघल, मेघराज, ईश्वर गुप्ता आदि ने बैरियर पर पहुंचकर विरोध किया, लेकिन वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने वहां से डंपर निकलने देने से साफ इनकार कर दिया। इस पर क्रशर स्वामियों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे आईटीआई थाना प्रभारी जसवीर सिंह चौहान ने उच्चाधिकारियों का आदेश बताते हुए इसे सख्ती से लागू करने की बात कही।
लोनिवि ने डंपरों के कारण अजीतपुर मार्ग खराब होने की शिकायत की है। स्टोन क्रशर यूनियन के चेयरमैन अमरजीत सिंह ने कहा की यूपी क्षेत्र में पट्टों से निकला हुआ उप खनिज भी उत्तराखंड के क्रशरों को जा रहा है। इसे भी रोका जाना चाहिए। एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने कहा कि इस विषय को एसएसपी के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल यूपी के खनन वाहन उत्तराखंड से पास नहीं होने दिए जाएंगे।
इस पर क्रशर मालिकों ने चेतावनी दी कि यदि उनके वाहनों को रोका गया तो वे यूपी क्षेत्र एनएच पर बने कोसी पुल पर यातायात बाधित कर देंगे। हंगामा बढ़ने पर काशीपुर एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ राजेश भट्ट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। क्रशर मालिकों के वाहनों के दस्तावेज चेक कर जाने देने के अनुरोध को भी सीओ ने नकार दिया। इसे लेकर दोनों में जमकर नोकझोंक हो गई। सीओ ने कहा कि उत्तराखंड क्षेत्र में स्थित कोसी नदी का अवैध उप खनिज यूपी के क्रशरों पर आता है। ये डंपर अजीतपुर मार्ग से उत्तराखंड सीमा से होकर गुजरते हैं, जिसकी वजह से बाजपुर क्षेत्र के क्रशर खाली पड़े हैं।

पारदर्शिता लाएगी ऊर्जा निगम की केंद्रीयकृत बिलिंग

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देहरादून। ऊर्जा निगम ने शत-प्रतिशत बिलिंग के लिए सॉफ्टवेयर आधारित केंद्रीयकृत व्यवस्था बनाई है। अब तक मीटर रीडर की हीलाहवाली से काफी उपभोक्ताओं की रीडिंग नहीं दर्ज की जाती थी, जिससे उन्हें बिल जारी नहीं हो पाता था। इस स्थिति को देखते हुए ऊर्जा निगम प्रबंधन ने ऐसे उपभोक्ताओं, जिनकी रीडिंग दर्ज नहीं होती को पिछले तीन बिल के आधार पर औसत खपत का बिल भेजने का फैसला लिया है।

दरअसल, अभी तक डिविजन स्तर से उन उपभोक्ताओं को महीने के अंत में प्रोविजनल बिल जारी किए जाते थे, जिनकी रीडिंग किन्हीं कारणों से उपलब्ध नहीं होती थी लेकिन इस कार्य को शत-प्रतिशत अंजाम नहीं दिया जाता था। प्रदेश में करीब 20 लाख बिजली उपभोक्ता हैं और करीब ढाई फीसद उपभोक्ताओं के बिल नहीं बनते थे।
ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बताया कि मीटर रीडरों को घरेलू श्रेणी में महीने की 28 तारीख तक और अघरेलू श्रेणी में 25 तारीख तक रीडिंग का कार्य पूरा करना होगा। इसके बाद सॉफ्टवेयर के माध्यम से उन उपभोक्ताओं को महीने की आखिरी तारीख को प्रोविजनल बिल जारी कर दिए जाएंगे। सॉफ्टवेयर में उपभोक्ता की पूरी जानकारी होगी। साथ ही प्रोविजनल बिल का मानक भी होगा और स्वत: ही बिल जनरेट हो जााएगा। इससे शत-प्रतिशत बिलिंग होगी और राजस्व बढ़ेगा। सभी अधिशासी अभियंता और उप खंड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उनके स्तर से अगर रीडिंग का कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं हुआ तो देरी के लिए उन्हें जिम्मेदार माना जाएगा। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। नवम्बर से नई व्यवस्था को लागू किया गया है। 

खेल महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए सोशल मीडिया पर बनेगा पेज

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उत्तरकाशी। डीएम डॉ आशीष चौहान ने खेल महाकुम्भ के आयोजन के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर एक पेज बनाने और महाकुंभ का एक लोगो बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिले के सभी ग्राम प्रधानों को आयोजन में निमंत्रण के लिए पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने जनपद में खेल महाकुम्भ 2017 के सफल आयोजन को लेकर शिक्षा, खेल, युवा कल्याण एवं खण्ड शिक्षा अधिकारियों की जिला सभागार में बैठक ली। उन्होंने कहा कि खेल महाकुम्भ को सफल बनाने के लिए प्रत्येक न्याय पंचायत में शिक्षा विभाग विकास खंड स्तर में बैठक करेंगे। वहीं खंड विकास अधिकारी, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी एवं शिक्षा विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर खेल महाकुम्भ को सफल बनाएंगे। उन्होंने कहा कि खेल महाकुंभ की प्रत्येक दिन की समीक्षा की जाएगी। पंचायतीराज विभाग खेल आयोजन स्थल पर पेयजल की समुचित व्यवस्था करेगा। खेल आयोजन का लोगो बनाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने फेसबुक पर एक पेज बनाने के भी निर्देश दिए। साथ ही जिले के सभी ग्राम प्रधानों को आयोजन में निमंत्रण के लिए पत्र भेजने के निर्देश दिये हैं सभी विद्यालय के प्रधानाचार्य खेल महाकुम्भ में आॅफ लाइन, आॅन लाइन पंजिकरण करवा कर अधिकतर स्कूली बच्चों को प्रतिभाग करायें। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर सभी वर्गों की क्रॉस कन्ट्री दौड़ नौ नवम्बर को आयोजित की जायेगी। न्याय पंचायत (संकुल स्तर) एवं नगर पंचायत, नगर निगम में अंडर 10 बालक बालिका, अंडर 14 बालक बालिका एवं अंडर 17 बालक बालिका की कबड्डी, खो-खो एवं एथलेटिक्स प्रतियोगितायें 9 नवम्बर से 11 नवम्बर तक करायें। जबकि विकास खंड स्तर, नगर पालिका-नगर निगम स्तर पर यही प्रतियोगितायें 14 से 20 नवम्बर तक होंगी। वहीं इन्ही तिथियों को अंडर 19 बालक बालिका कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, बाॅलीबाल, बैटमींटन, फुटबाल प्रतियोगितायें आयोजित की जायेगी। जनपद स्तर की अंडर 10, अण्डर 14, अण्डर 17 एवं अण्डर 19 बालक बालिका की कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, बाॅलीबाल, बैडमिंटन, फुटबाल, ताइक्वांडों, जूडो, बाक्सिंग एवं टेबिल टेनिस प्रतियोगिताओं का आयोजन 24 से 30 नवम्बर तक करने के निर्देश दिये। वहीं 24 से 30 नवम्बर के मध्य ओपन 19 से 35 आयु वर्ग की कबड्डी एथलेटिक्स एवं बाॅलीबाल प्रतियोगितायें आयोजित करें। अंडर 10, 14, 17 एवं 19 बालक बालिका की राज्य स्तर की कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, बाॅलीबाल, बैडमिंटन, फुटबाल, ताइक्वांडों, जूडो, बाक्सिंग एवं टेबिल टेनिस प्रतियोगितायें तीन दिसम्बर से 13 दिसम्बर के तक सम्पन्न होगी। जबकि 3 दिसम्बर से 13 दिसम्बर के मध्य ओपर 19 से 35 तथा वेटरन 35 से 55 महिला पुरुष कबड्डी, एथलेटिक्स, बाॅलीबाल एवं दिव्यांग महिला पुरूश एथलेटिक्स व बैडमिंटन की राज्य स्तरीय प्रतियोगितायें आयोजित होगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ कल्पना गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी विजय प्रताप भण्डारी, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी पंकज कुमार, जितेन्द्र वर्मा, सतीश चन्द्र गुसांई, उप क्रीड़ा अधिकारी एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

नहर क्षतिग्रस्त होने से किसानों को नहीं मिल पा रहा पानी

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विकासनगर। नगर पंचायत सेलाकुई क्षेत्र के हरिपुर गांव में सिंचाई नहर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। नहर की मरम्मत न होने से सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, इससे किसान परेशान हैं। मौके पर पहुंचे अवर अभियंता को ग्रामीणों ने खूब खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग भूमाफिया के दबाव में आकर सिंचाई नहर की मरम्मत नहीं कर रहा है।

सिंचाई विभाग की हरिपुर गांव में सिंचाई नहर है। इससे हरिपुर गांव में हजारों बीघा जमीन की सिंचाई होती रही है लेकिन पिछले काफी समय से नहर जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने के कारण नहर से सिंचाई के पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। अब जबकि गेहूं, मटर, चने आदि की फसलों की बुआई होने को है तो सिंचाई नहर पर पानी न चलने से किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। उधर, नहर के एक बड़े हिस्से को तोड़कर भूमाफिया नहर की जमीन पर कब्जा करने में जुटे हैं। ऐसे में अगर अवैध कब्जे रोके नहीं गए तो लोगों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो जाएगा।
मौके पर पहुंचे अवर अभियंता सिंचाई नलकूप विभाग के महेंद्र सिंह चौहान को लोगों ने जमकर खरीखोटी सुनाई। कहा कि सिंचाई विभाग की भूमाफिया से मिलीभगत है। जिनके दबाव के चलते सिंचाई विभाग नहर की मरम्मत नहीं कर रहा है। ऐसे में किसानों के सामने खेती की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि शीघ्र नहर की मरम्मत का काम नहीं किया जाता है तो विभाग के खिलाफ व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। किसान विभाग के कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने के साथ ही तालाबंदी करेंगे। अवर अभियंता महेंद्र सिंह चौहान ने किसानों को आश्वस्त किया शीघ्र नहर की मरम्मत का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस जगह पर नहर क्षतिग्रस्त है, वहां पर पुलिया बनाई जानी है। पुलिया का निर्माण कर नहर से सिंचाई आपूर्ति शुरू की जाएगी।

5 नवंबर को टाइगर जिंदा है का ट्रेलर

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यशराज की फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ के ट्रेलर रिलीज का इंतजार किया जा रहा है और अब खबर मिली है कि ट्रेलर रिलीज की तारीख तय हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार, आगामी रविवार, 5 नवंबर को फिल्म का ट्रेलर लांच होने जा रहा है। अभी सस्पेंस इस बात को लेकर है कि ये ट्रेलर सीधा इंटरनेट पर लांच होगा या इसे लांच करने के लिए कोई समारोह होगा?

यशराज के सूत्रों ने भी इस बाबत अभी कुछ नहीं बताया है। अभी तक खबर थी कि पहले फिल्म का टीजर लांच होगा और फिर ट्रेलर लांच होगा, लेकिन बाद में इसमें फेरबदल करके सीधा ट्रेलर लांच करने का फैसला किया गया। अभी तक फिल्म के पोस्टर रिलीज किए जा चुके हैं।

अब्बास अली जाफर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में टाइगर के रोल में सलमान खान और जोया के रोल में कैटरीना कैफ की जोड़ी की वापसी हो रही है। इस फिल्म में भी वे अपने पुराने रोल (एक था टाइगर) को ही आगे बढ़ाएंगे। इस फिल्म में अंगद बेदी और परेश रावल भी अहम भूमिकाएं कर रहे हैं। फिल्म 22 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है।

आपदा से निपटने के लिए जल पुलिस को मिली राफ्ट

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हरिद्वार, प्राकृतिक आपदा, बाढ़ और स्नान पर्व के दौरान नदी में डूबने वाले यात्रियों को पानी से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने एक मोटर राफ्ट जल पुलिस को सुपुर्द की है।

नदी में पानी के विपरीत बहाव की दिशा में इस राफ्ट को करीब दो किलोमीटर चलाकर इसकी क्षमता को एसपी सिटी ममता वोहरा ने खुद राफ्ट को चला कर परखा। जबकि आपदा प्रबंधन अघिकारी मीरा कैंथुरा मोटर वोट में उनके साथ बैठी रही। इसके अलावा एक मोटर राफ्ट लक्सर तहसील को आपदा की स्थिति से निबटने के लिए आपदा प्रबंधन ने दी है। इस मोटर राफ्ट के तमाम उपकरण भी जल पुलिस के सुपुर्द किए हैं।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंथुरा ने बताया कि, “हरिद्वार पुलिस की ओर से गंगा में डूबने वाले यात्रियों को बचाने के लिए मोटर राफ्ट की डिमांड की गई थी। इसी के चलते आपदा प्रबंधन की ओर से दो मोटर राफ्ट क्रय की गई। करीब साढ़े आठ लाख की कीमत की एक मोटर राफ्ट पानी के बहाव के विपरीत दिशा में चलने में उपयोगी साबित होगी।” 

इस राफ्ट की मदद से जल पुलिस प्राकृतिक आपदा और स्नान पर्व के दौरान डूबने वाले यात्रियों को सकुशल नदी से बाहर निकालने में मदद करेगी। इसी के अलावा एक मोटर राफ्ट लक्सर तहसील को सुपुर्द की गई है। लक्सर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। बरसात के दिनों में बाढ़ आने के कारण लोगों को पानी से सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है।

इससे पूर्व भी लक्सर तहसील को में एक मोटर राफ्ट गई थी, अब लक्सर तहसील में दो मोटर राफ्ट हो कई है, जो बाढ़ की स्थिति से निबटने में कारगर होगी। इसी के चलते इन मोटर राफ्ट का पुनः परीक्षण किया गया। दोनों मोटर राफ्ट को नदी में चलाकर देखा गया। जल पुलिस के जवान और एसपी सिटी ममता वोहरा ने खुद इन राफ्ट को चलाया, उन्होंने बताया कि, “इसके अतिरिक्त पुलिस की डिमांड के अनुसार और राफ्ट मंगाई जा सकती है।” 

चोरी के आरोप में युवक गिरफ्तार

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हरिद्वार,  विवाह समारोह में चोरी कर रहे एक युवक को लोगों ने पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। युवक के खिलाफ चोरी के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी चोरी के मामले में छह मुकदमे दर्ज हैं।

मामला ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र का है। ज्वालापुर के मोहल्ला पांवधोई में एक विवाह समारोह चल रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी हो गया, जब पीड़ित ने मोबाइल की तलाश के लिए लोगों से पूछताछ की तो एक संदिग्ध युवक समारोह में मिला। युवक की तलाशी ली गई तो उसकी जेब से मोबाइल बरामद हुआ।

सूचना मिलते ही ज्वालापुर कोतवाल अमरजीत सिंह पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पकड़े गए युवक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम जहांगीर बताया। जब आरोपी जहांगीर से पूछताछ की गई तो पता चला कि उस पर चोरी के छह मुकदमे दर्ज हैं। वह विवाह समारोह में जाकर मोबाइल, नगदी व सामान चोरी कर भागने में माहिर है। आरोपी के खिलाफ गुण्डा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। 

ट्रक मे अचानक लगी आग, चालक ने बचाई जान

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रुद्रपुर- रामपुर हाईवे पर रद्दी के भरे ट्रक पर आग लग गई और चालक ने कूदकर किसी तरह से जान बचाई। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग को बुझाया। जानकारी के मुताबिक मनोज वर्क्स दिल्ली का एक ट्रक रद्दी भरकर खटीमा की ओर जा रहा था। रामपुर हाईवे  पर एसएसपी आवास के निकट अचानक ट्रक में आग लग गई। चालक को जब इसका पता चला तो उसने कूदकर जान बचाई। ट्रक से आग की लपटें उठते देख मौके पर एकत्र हुए लोगों में से किसी ने फायर ब्रिगेड को फोन किया। मौके पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों से आधे घंटे में इस आग को बुझाया गया।