रुद्रपुर। राज्य स्थापना की 17वीं वर्षगाठ पर नौ नवम्बर को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने के लिए एपीजे. अब्दुल कलाम सभागार में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में एक बैठक की गई। इस अवसर पर न्याय पंचायत स्तर पर खेल महाकुम्भ के तहत 09 से 11 नवम्बर तक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को मंगलवार से ही तैयारियों को अंतिम रूप देने का दिशा-निर्देश दिया है।
मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय ने जिला शिक्षा अधिकारी पीएन सिंह व जिला युवा कल्याण अधिकारी मोहन सिंह नगन्याल को निर्देश देते हुए कहा कि जिले की सभी 27 न्याय पंचायतों में नौ नवम्बर से प्रारम्भ होने वाले खेल महाकुम्भ की तैयारियां मंगलवार से ही शुरू कर दी जाएं। बैठक में तय किया गया कि 08 एवं 09 नवम्बर की शाम सात बजे से रात्रि 11 बजे तक कलेक्ट्रेट भवन सहित अन्य शासकीय इमारतों को दूधिया बल्वों से प्रकाशमान किया जाएगा।
मुख्य कार्यक्रम विकास भवन सभागार में आयोजित किए जाएंगे। विकास भवन प्रांगण में विकास से जुड़े विभागों द्वारा अपनी योजनाओं से सम्बन्धित प्रदर्शनी के स्टाल लगाए जाएंगे, ताकि इस अवसर पर आने वाले लोगों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध हो सके। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी विद्यालयों में क्वीज व वाद-विवाद प्रतियोगिता भी आयोजित की जाए। क्रीड़ा विभाग द्वारा प्रातः 08 बजे से क्रॉस कंट्री रेस के आयोेजन के साथ ही 07 से 09 नवम्बर तक प्रादेशिक हांकी प्रतियोगिता व एथलेटिक्स प्रतियोगिता कराने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाशित ‘विकास’ पुस्तिका का विमोचन मुख्य अतिथि द्वारा किया जाएगा। साथ ही राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
पान्डेय ने बताया कि विकास भवन में गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराए जाएंगे। कार्यक्रम में राज्य आन्दोलनकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसील व ब्लॉक स्तर पर भी आयोजित किए जाएंगे। जनपद स्तर पर गोल्ड मेडल प्राप्त खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। स्वास्थ विभाग द्वारा स्वास्थ जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रताप सिंह शाह, परियोजना निदेशक डीआरडीए हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी अजय सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी पीएन. सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी अभय सक्सेना, जिला पंचायत राज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य स्थापना दिवस की तैयारियों को लेकर सीडीओ ने दिए दिशा-निर्देश
17 सालों में कितना बदला उत्तराखंड
ऋषिकेश, उत्तराखंड राज्य निर्माण के 17 सालो का सफ़र पूरा हो चूका है और ये राज्य अब सतरहवे साल में प्रवेश कर रहा है, इसे में सवाल ये उठता है की इन 17 सालो के सफ़र में उत्तराखंड राज्य अपनी अवधारणा पर कितना खरा उतरा? क्या आज भी पहाड़ का युवा पलायन का दंश झेलने से बच पाया है? राजधानी की सड़के रोज नए आन्दोलन से क्यों जाम रहती है?

उत्तराखंड का जन्म एक बड़े राज्य जनांदोलन के बाद हुआ, यहाँ की आम जनता उत्तर प्रदेश में रहते हुए विकास और रोज़गार से संतुष्ट नहीं हो पा रही थी, रोज़गार और पहाड़ का विकास यहाँ की सबसे बड़ी जरुरत थी, एक लम्बे जनसंघर्ष के बाद आखिरकार 9 नवम्बर 2000 को राज्य का निर्माण हुआ।
अब तक के 17 सालो के सफ़र में भी उत्तराखंड क्या जन भावनाओ पर खरा उतरा? ये सवाल आज भी लोगों के मन को कचोटता है। राजधानी से मात्र 35 किमी दूर गांव बखरोटी के पूर्व प्रधान बुद्धि प्रशाद जोशी का कहना है कि, “17 सालों में उत्तराखंड का विकास उस तरह नहीं हुआ जिसकी उम्मीद उत्तराखंड वासियों ने की थी।” वही उत्तराखंड के आम आदमी भी ये मानता है की आज भी पहाड़, विकास, रोज़गार की बाट जोहते हुए पलायन की मार झेल रहा है। भाजपा और कांग्रेस और सभी छेत्रिय दल आज भी पहाड़ के पानी और पहाड़ की जवानी को नहीं रोक पाए है।
राजधानी की बात करें तो वो भी आज 17 सालों के सफ़र में राजनीती का शिकार हो गयी है, कर्मचारी से लेकर आम जनता सड़को पर हक़ की मांग कर रही है। उत्तराखंड के 17 सालों के सफ़र जहा मैदान विकास की नयी इबारत लिख रहे है, वही अनियोजित विकास और दूरदर्शिता की कमी ने उत्तराखंड के पहाड़ पर अभी तक विकास की कोई भी ठोस उम्मीद नहीं जगाई है, फिर भी लोगों को उम्मीद है की आने वाले सालों में उत्तराखंड एक बेहतर राज्य के रूप में उभरेगा।
वुडस्टॉक स्कूल मसूरी में होगा 18वां विन मंबी टूर्नामेंट
मसूरी के वुडस्टॉक स्कूल में कल से शुरु होकर चार दिन चलने वाले विन मंबी ऑल इंडिया बास्केटबॉल टूर्नामेंट में पूरे देश से लगभग 16 टीमें भाग ले रही हैं। चार दिन तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में 5 राज्य पंजाब,उत्तराखंड,कर्नाटक,दिल्ली और हरियाणा 16 टीमें इस टूर्नामेंट को जीतने के लिए खेलेंगी।
वुडस्टॉक के अजय मार्क बताते हैं कि, “स्पोर्ट में होने वाला यह कम्पटिशन वुडस्टॉक स्कूल के स्पोर्ट कैंलेडर का सबसे बड़ा आर्कषण है। नार्थ इंडिया में इस तरह का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है, इस टूर्नामेंट में हमें कुछ अद्भूत और जबरदस्त खेल का प्रदर्शन देखने के लिए उत्सुक रहते है ।”
पिछले साल इस मुकाबले के विजेता दिल्ली मार्डन स्कूल (लड़कों) और मोतीलाल नेहरु स्कूल ऑफ स्पोर्ट (लड़की) की टीमें एक बार फिर अपने टाइटल को बचाने के लिए दूसरी टीमों के साथ जबरदस्त मैच खेलेंगी।
यह कम्पटीशन वुडस्टाक स्कूल के जैज़ बैंड के परर्फारमेंस के साथ शुरु होगा और 8 तारीख की शाम को सभी टीमें निर्धारित जगहें लेंगी, साथ ही गढ़वाल राइफल मिलिट्री बैंड का बैगपाइपर परर्फामेंस भी होगा। इसके अलावा टूर्नामेंट के अंत में तिब्बतन होम फांउडेशन स्कूल के बच्चों द्वारा याक डांस परर्फामेंस भी होगा।
टूर्नामेंट के क्लोजिंग सेरेमनी में उत्तराखंड के डीजीपी अनिल रतूड़ी, मुख्य अतिथि, के रूप में शिरकत करेंगे।
केदारनाथ आपदा पीड़ितों का 58.25 लाख मुआवजा अब भी बाकी
देहरादून। केदारनाथ आपदा को करीब साढ़े चार साल की अवधि बीत गई, लेकिन पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने का काम सरकार अब तक पूरा नहीं कर पाई है। आपदा पीड़ितों के मुआवजे के अभी तक 58.25 लाख रुपये जारी किए जाने बाकी हैं। यह जानकारी अपर आयुक्त गढ़वाल ने मानवाधिकार आयोग को दी है। आयोग अब इस मामले में आठ नवंबर को सुनवाई करेगा।
देहरादून की झीवरहेड़ी निवासी सावित्री देवी को अब तक पूरा मुआवजा न मिल पाने को लेकर आरटीआइ कार्यकर्ता राजेंद्र प्रसाद ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी। सावित्री देवी के पति दिवाकर प्रसाद चमोली आपदा के दौरान केदारनाथ में तैनात थे। उन्हें बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने तैनात किया था और आपदा में उनकी मौत हो गई थी। दिवाकर प्रसाद चमोली की मृत्य पर क्षतिपूर्ति के रूप में सावित्री देवी को पांच लाख रुपये विकासनगर तहसील से प्राप्त हो गए थे, हालांकि मुख्यमंत्री ने आपदा में जान गंवाने या लापता लोगों के आश्रितों को दो लाख रुपये व जिन्होंने आपदा में अपना पति खो दिया, उन्हें 25 हजार रुपये अतिरिक्त देने का आदेश दिया। लंबे समय बाद भी सावित्री देवी को 2.25 लाख रुपये मुआवजा न मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इस संबंध में जागरण में खबर प्रकाशित होने पर आरटीआइ कार्यकर्ता राजेंद्र प्रसाद ने मनवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। प्रकरण को गंभीर मानते हुए आयोग सदस्य डॉ हेमलता ने मंडलायुक्त को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। आयोग के निर्देश के क्रम में अपर आयुक्त की ओर से दिए जवाब में कहा गया कि सावित्री देवी को शेष मुआवजा देने की मांग मुख्यमंत्री कार्यालय से की गई है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी अवगत कराया कि सावित्री देवी की राशि को मिलाकर कुल 58.25 लाख रुपये का मुआवजा नहीं देने की कार्रवाई भी शुरू की गई है।
विदेशी पिस्टल के नाम पर देशी माउजर का कौन सौदागर
काशीपुर। विदेशी के नाम पर देशी तमंचे के सौदागरों का खेल आखिर पकड में आ ही गया, हूबहू विदेशी पिस्टल की तरह दिखने वाले तमंचे को नकलचियों ने इस कदर मोडिफाई किया कि कोई भी शक ना कर सके, लेकिन कौन है वह सौदागर जो देसी माउजर बनाकर विदेशी नाम देकर बाजार में बेच रहा है, पुलिस ने मेड इन इंग्लैंड के नाम से बनी देसी माउजर के साथ दो आरोपियों को पकड़ तो लिया लेकिन अवैध देसी हथियारों को विदेशी नाम से बेचने वाले असली सौदागर तक पहुंचने के लिए पुलिस अबी गुत्थी को सुलझा नहीं पायी है। पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया।
कोतवाली पुलिस ने रात नया ढेला पुल के पास दो युवकों को मेड इन इंग्लैंड माउजर के साथ पकड़ लिया था। आरोपी किसी वारदात को अंजाम देने के प्रयास में थे। आरोपी मोहल्ला काजीबाग निवासी बिलाल पुत्र अब्दुल नासिर खान व गिरीताल निवासी अभिषेक तोमर पुत्र सर्वेश तोमर थे। बिलाल के पास से मेड इन इंग्लैंड लिखी माउजर व अभिषेक के पास से 32 बोर के चार कारतूस बरामद हुए। सूत्रों के अनुसार अभिषेक ने बिलाल से माउजर को 40 हजार रुपये में खरीदा था। लेकिन कुछ समय बाद उसने माउजर बिलाल को वापस कर दिया। पूछताछ में भी माउजर को दोनों एक-दूसरे का होना बताया। खैर जो भी हो यह पुलिस की जांच का विषय है। सवाल यह है कि आखिर दोनों के पास यह माउजर कहां से आई? वह कौन है, जो देसी हथियारों को विदेशी नाम देकर अवैध तरीके से बाजार में मुंह मांगे दामों पर बेच रहा है। अपराधी काशीपुर क्षेत्र में अवैध हथियारों की तस्करी धड़ल्ले से कर रहे हैं। पुलिस रिकार्ड की माने तो वर्ष 2017 में ही 26 अवैध तमंचे बरामद हुए हैं। सन 1985 से कोतवाली के मालखाने में अवैध तमंचे पड़े हुए हैं। इस हिसाब से मालखाने में करीब 832 अवैध तमंचे हो सकते हैं। जिनकी नालों पर अब जंक लग गई होगी, लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक अवैध हथियारों के तस्कर नहीं लग पाए हैं। हालांकि कभी-कभार पुलिस अवैध तमंचे के साथ एक-दो आरोपी को गिरफ्तार कर वाहवाही लूट लेती है। सूत्रों की मानें तो शहर में एक बंदूकची अवैध हथियार की सप्लाई करता है, लेकिन पुलिस अभी तक उसे पकड़ने में नाकाम रही है। सूत्र यह भी बताते हैं कि बंदूकची की पैठ अच्छी होने की वजह से भी वह हर बार पुलिस के कानून में आने से बच जाता है। हालांकि पुलिस असलहों के सौदागर तक पहुंचने में जुटी है।
कुमांऊ मण्डल के अधिकारियों की हुई ट्रेनिंग
विधान सभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की अवधि में प्राप्त दावे/आपत्तियों के निस्तारण एवं उनके डाटा इन्ट्री कार्य हेतु ईआरओ नेट से सम्बन्धित एक दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार कलक्टेट सभागार में देहरादून से आये सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास एवं सूचना विज्ञान केन्द्र देहरादून के मास्टर ट्रेनर मनीश जुगरान द्वारा संयुक्त रूप से कुमायूं मण्डल के सभी उप जिलाधिकारियों/तहसीलदारों एवं जिला निर्वाचन कार्यालयों के अधिकारियों तथा कार्मिको को दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यशाला में एसडीएम नरेष चन्द्र दुर्गापाल,दयानंद सरस्वती,विनोद कुमार,विजयनाथ षुक्ल,एपी बाजपेयी,पंकज उपाध्याय,सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हरीष सिंह रावत समेत कुमायूं मण्डल के सभी जिलों के उप जिलाधिकारी/तहसीलदार के अलावाल निर्वाचन कार्यालयों के अधिकारी/डाटा इन्ट्री कार्मिक उपस्थित थें।
डीपी के लिए गैर जमानती वारंट का करेंगे आवेदन
रुद्रपुर- फरार पूर्व एसएलएओ डीपी सिंह की पुलिस तलाश में जुटी हुई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि डीपी सिंह कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। इसे देखते हुए जहां पुलिस कोर्ट के बाहर सिविल ड्रेस में डीपी सिंह पर नजर रखे हुए है। वहीं मंगलवार को डीपी की गिरफ्तारी न होने पर एसआइटी गैर जमानती वारंट लेने के लिए कोर्ट में आवेदन करेगी। एनएच मुआवजा घोटाले में रविवार को निलंबित पीसीएस अधिकारी समेत आठ लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि पुलिस की नजर अब एक पीसीएस अधिकारी समेत कई अन्य कर्मचारियों पर है। इसके लिए पुलिस तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार कर सकती है।एसएसपी सदानन्द दाते ने बताया कि एनएच घोटाले में अब तक की सबसे बडी गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी के लिए पुलिस जल्द ही आवेदन करने जा रही है जिसमें डीपी सिंह के गैर जमानती वारंट के लिे एसआईटी आवेदन करेगी।
दो शातिर चोर देहरादून से गिरफ्तार
अलग-अलग पुलिस टीमें के चैकिंग अभियान के दौरान एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर अभियुक्त के कब्जे से देहरादून जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्र से चोरी की गयी 8 स्कूटी बरामद की गयी। उसी अभियान के क्रम में अलग-अलग 4 टीमें गठित की गयी। जिसमें से 2 टीमों को सादे कपडों में नियुक्त किया गया, जिसके चलते लगातार सार्थक प्रयास एवं सूरागरसी पतारसी करते हुये संदिग्ध व्यक्तियों / वाहनो की चैकिंग के दौरान शक्ति बिहार तिराहे के पास सुबह दो व्यक्ति जो शक्ति विहार की तरफ से आते दिखायी दिये तथा पुलिस कर्मियों को देखकर वापस भागने लगे ।
शक होने पर पुलिस पार्टी ने दोनो को पकड लिया गया तथा पूछताछ करने पर संतोषजनक जवाब नही दे पाये। नाम पता पूछा तो अपना नाम इश्तिगार व अनीस बताया। दोनों व्यक्तियों की तलाशी ली गयी तो उनके कब्जे से नगदी, जेवरात, चांदी के सिक्के व चाँदी की मूर्तिया बरामद हुयी।
बरामद माल के सम्बन्ध में पूछताछ करने पर कोई संतोषजनक जवाब नही दे पाये। व्यक्तियों से सख्ती से पूछताछ की गयी तो बताया कि हम टर्नर रोड, एमडीडीए कालोनी पटेलनगर व सेवलाकंला के बन्द घरो से चोरी कर चुके थे।
अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, दोनो से सम्बन्धित जेवरातों के सम्बन्ध में पूछा गया तो बताया गया कि, “हम लोगों के बन्द घरो से चोरी कर, कुछ दिनों बाद, कुछ जेवरातों को राह चलते लोगों को ओने -पौने दामो में बेच दिया करते थे।”
अपराध का तरीका: अभियुक्त शातिर किस्म के चोर है, जो कि दिन के समय बन्द मकानों की रेकी कर रात को बन्द घरों के ताले तोडकर व रोशनदान से अन्दर जाकर चोरी को अंजाम देते है ।
उद्धव ठाकरे परिवार के साथ पहुंचें पहाड़ों की रानी मसूरी
पहाड़ों की रानी मसूरी की खूबसुरती देखने लोग हर मौसम में आते रहते हैं ।खासकर फिल्मी सितारे और राजनितिज्ञों की भी यह पहली पसंद है। इसी कड़ी में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने निजी दौरे पर मसूरी के कैंपटी फॉल स्थित जेडब्लू मेरियाट होटल में पहुँचे। इस दौरे में उद्धव अपने परिवार के साथ कुछ दिन पहाड़ों में छुट्टियां बिताने आए हैं।
इस पूरे दौरे को मीडिया की पहुंच से दूर रखा गया है। इस दौरे में उदव ने अपने पारिवारिक दोस्तों के साथ कैंपटी फॉल के पास सैंजी गांव का भ्रमण किया जहां उनका गांववालों ने जोरदार स्वागत किया। इतना ही नहीं उद्धव ने गांव के लोगों के साथ फोटो खिंचवायी और खुद भी गांव की खूबसुरती को अपने कैमरे में कैद किया।

उद्धव ठाकरे ने गांव में ग्रामीण संस्कृति का लुत्फ उठाया लेकिन उद्धव ठाकरे की सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मियों ने मीडिया कर्मियों को ठाकरे के दौरे से दूर रखा।हालांकि उद्धव ने अपने इस दौरे में उत्तराखंड की पारंपरिक झंगोरे की खीर का आनंद भी उठाया।
गांव में घुमते हुए उद्धव ठाकरे ने अपने कैमरे पहाङ की वास्तूकला से बने भवनों की तस्वीर भी कैद की। साथ ही उद्धव ठाकरे के आगमन पर ग्रामीणो ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजित किया।आपको बतादें कि उद्धव बीते 5 नवंबर को मसूरी आए और आने वाले 9 नवंबर तक वह मसूरी में हैं। खबर यह भी है कि वह मसूरी माल रोङ में भी घूमेंगे।
चुनाव के मद्देनजर हिमाचल की सीमा पर चौकसी
विकासनगर। हिमाचल प्रदेश में आगामी नौ नवंबर को विद्यानसभा चुनाव के मद्देनजर त्यूणी थाना पुलिस ने हिमाचल की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। हिमाचल और उत्तराखंड की सीमा पर जगह-जगह चैकपोस्ट और बैरियर लगाकर पुलिस हर आने-जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग कर रही है।
नौ नवंबर को होने वाले हिमाचल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता का पालन करने के लिए त्यूणी पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान शुरू किया है। जिसमें त्यूणी व हिमाचल की सीमा पर चार स्थानों पर चेकपोस्ट और बैरियर लगाये गये हैं। त्यूणी थाना पुलिस ने पंद्राणू,कठंग, अटाल और मीनस में बैरियर लगाये गए है लगातार आने जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। थानाध्यक्ष त्यूणी राकेश शाह ने बताया कि प्रत्येक चे़क पोस्ट पर बारह पुलिस कर्मियों की टीम तैनात की गयी है। जिनमें दो दरोगा, आठ सिपाही, एक एक वायरलेस ऑपरेटर व कैमरा मैन शामिल हैं। बताया कि लगातार वाहनों की चेकिंग करने के साथ ही सूचना हिमाचल प्रशासन, चुनाव आयोग, उत्तराखंड पुलिस प्रशासन को दी जा रही है। कहा कि सभी व्यवस्थायें चाक चौबंद कर दी गयी हैं ताकि उत्तराखंड की सीमा से लगे हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें।





























































