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पद्मावती का एक और पोस्टर रिलीज

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विवादों में फंसी संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ का एक और नया पोस्टर सोशल मीडिया पर रिलीज किया गया है। इस पोस्टर में दीपिका ही नजर आ रही हैं।

इस पोस्टर को लेकर कहा जा रहा है कि ये फिल्म के क्लाइमेक्स का हिस्सा है। इसे लेकर एक और जानकारी मिली है कि ये पोस्टर खाड़ी देशों के लिए तैयार किया गया है, इसलिए फिल्म की रिलीज तारीख 30 नवंबर लिखी गई है। दुबई और खाड़ी देशों में ये फिल्म एक दिन पहले रिलीज होगी, जबकि भारतीय सिनेमाघरों में ये फिल्म 1 दिसंबर को पंहुचेगी।

इस वक्त दीपिका पादुकोण ने ही फिल्म के प्रमोशन की कमान संभाल रखी है और वे लगातार फिल्म का प्रमोशन कर रही है। इस फिल्म को देश के चुनिंदा सिनेमाघरों में इसका 3 डी वर्शन भी रिलीज किया जाएगा। इस भव्य फिल्म का बजट 175 करोड़ आंका गया है।

अनिल शर्मा के साथ फिर से सनी देओल

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निर्देशक अनिल शर्मा के साथ सनी देओल की जोड़ी ने फिल्म ‘गदर’ एक प्रेमकथा में कामयाबी का इतिहास रचा था। ‘गदर’ के बाद अनिल शर्मा और सनी की तीन और फिल्में बनीं और अब खबर मिल रही है कि ये जोड़ीं पांचवी फिल्म के लिए एक बार फिर साथ में काम करने जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, अनिल शर्मा ने कवच नाम से एक फिल्म की कहानी तैयार की है, जिसका प्रस्ताव सनी देओल ने स्वीकार कर लिया है। कहा जा रहा है कि ये फिल्म अगले साल शुरु होगी और इसे 2019 में रिलीज किया जाएगा। अनिल शर्मा ने अभी फिल्म का विवरण नहीं दिया जा रहा है, लेकिन इसे एक्शन फिल्म कहा जा रहा है। ‘गदर’ के बाद अनिल शर्मा ने सनी के साथ द हीरो नाम से एक जासूसी फिल्म बनाई थी, जो पाकिस्तान द्वारा भारत के कशमीर में किए जा रहे आतंकवाद से जुड़ी थी। ये मंहगी बजट की फिल्म बाक्स आफिस पर बिल्कुल नहीं चली थी।

इस फिल्म में प्रीति जिंटा थीं और प्रियंका चोपड़ा को लांच किया गया था। इस फिल्म के बाद अनिल शर्मा ने फिल्म अपने बनाई थी, जिसमें तीनों देओल (धर्मेंद्र, सनी और बाबी) ने पहली बार एक साथ काम किया था और फिल्म को काफी पसंद किया गया था। इसके बाद चौथी बार सनी और अनिल शर्मा ने फिल्म सिंह साहब द ग्रेट में काम किया था, लेकिन बाक्स आफिस पर ये फिल्म भी नहीं चली थी।

इस फिल्म में सनी के साथ बतौर हीरोइन उर्वशी राउतेला को लांच किया गया था। अनिल शर्मा जहां इन दिनों अपने बेटे उत्कर्ष को बतौर हीरोलांच करने के लिए जीनियस नाम से फिल्म बना रहे हैं, जो निर्माण के अंतिम दौर में हैं, तो सनी देओल अपने बेटे करण देओल को लांच करने के लिए फिल्म बनाने में व्यस्त हैं।

 

छः लाख की चरस के साथ तस्कर दबोचा

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खटीमा- एसटीएफ व पुलिस की संयुक्त चैकिंग अभियान में बड़ी मात्रा में चरस पकड़ने में कामयाबी मिली है। टीम ने एक नेपाली तस्कर के कब्जे से छह किलोग्राम चरस बरामद की है। आरोपी नेपाल से चरस को लेकर खटीमा आ रहा था, उसे चकरपुर के जंगल दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट में निरुद्ध कर दिया है। चरस की अनुमानित कीमत छह लाख रुपये बताई गयी है।

  एसएसपी सदानंद दाते ने खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस व एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नेपाल से चरस की बड़ी खेप जिले में लाई जा रही है। जिस पर संयुक्त टीम ने मोर्चा संभाल लिया। चकरपुर-बनबसा के जंगल के बीच जूरिया नाले के समीप एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में पैदल आता हुआ दिखाई दिया। जो पुलिस व एसओजी टीम को देखकर पीछे की ओर भागने लगा। इस पर टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया। पकड़ा गया आरोपी नेपाल के कंचनपुर महेंद्रनगर वार्ड नंबर 18, बस अड्डे का रहने वाला देव चंद है। वह लंबे समय से चरस की तस्करी के कारोबार से जुड़ा हुआ है। वह नेपाल से चरस लाकर विभिन्न तस्करों को बेचता था। उन्होंने बताया कि जनवरी माह से अब तक कोतवाली पुलिस करीब 13 किलोग्राम चरस पकड़ चुकी है। जबकि मादक पदार्थों की तस्करी का यह 11वां मामला है।

फौज के जवानों को तेन्दुए ने किया अलर्ट

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हल्द्वानी- नैनीताल रोड से लगे आर्मी परिसर के एयर फोर्स एरिया में गुरुवार की सुबह तेंदुआ घुसने से दहशत फैल गई। समीप में केंद्रीय विद्यालय और एमईएस कॉलोनी होने से अफरातफरी मच गई। जवानों को अलर्ट करने के साथ ही वन विभाग को सूचित किया गया। सुबह करीब 9.30 बजे एअर फोर्स के जवानों ने तेंदुए को एक कुत्ते के पीछे भागते हुए देखा। स्कूल समय में तेंदुआ दिखने से बच्चों और आसपास रहने वाले लोग डर गए। वन विभाग को सूचना मिली तो डीएफओ चंद्रशेखर सनवाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक तेंदुआ फैंसिंग के बीच बने गेप में घुस गया। वन विभाग ने फेंसिंग के कोने में पिजरा लगाया। और किसी तरह उसे पिजरे तक लाने की कोशिश की गई। करीब 1.30 बजे तेंदुआ पिजड़े में कैद हो गया। उसके कैद होते ही मिलि‍ट्री परिसर में रहने वालों की भीड़ देखने के लिए जुट गई। वन विभाग की टीम उसे रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर ले गई है। लोगों पर हमला करने की कोशिश में तेंदुआ जख्मी भी हो गया।

अलर्टः कोहरे का बरपेगा कहर

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हल्द्वानी- मौसम का मिजाज रंग बदलने लगा है। पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है। इसके साथ ही देर रात व सुबह के समय तराई-भाबर के कुछ मैदानी इलाकों में कोहरा छाने लगा है। मौसम विभाग की माने तो उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में विशेषकर ऊधमसिंह नगर व हरिद्वार जिले में अगले दो-तीन दिनों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है।

पंतनगर-हल्द्वानी में अधिकतम तापमान 28.9 एवं न्यूनतम तापमान 12.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 19.0 एवं न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पर्वतीय इलाकों में रात्रि के समय हल्का पाला पड़ रहा है, जबकि मैदानी इलाकों में कोहरा छाने लगा है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि ने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया। खासकर अगले दो-तीन दिनों में सुबह के वक्त हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर के मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों में हल्का और घना कोहरा छाने की संभावना है। कोहरे के समय सड़क पर वाहन चलाते वक्त अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिये भी दिये हैं।

पुलिस उगायेगी केसर और जड़ी बूटियां

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गोपेश्वर। चमोली पुलिस अब कानून और व्यवस्था बनाये रखने के साथ-साथ केसर भी उगायेगी। साथ ही उच्च हिमालयी जड़ी बूटियां और औषधीय पौध भी उगायेगी। पुलिस द्वारा तैयार किये गये हर्बल गार्डन का उद्घाटन पदम विभूषण व चिपको आंदोलन के नेता चंडी प्रसाद भट्ट ने औषधीय पौधे रोप कर किया।
राज्य स्थापना दिवस पर पुलिस ने इस दिवस को यादगार बनाने के लिए अपनी निर्धारित योजना के तहत हर्बल गार्डन को नया रूप देकर मनाया। पुलिस मैदान के निकट तैयार किये गये हर्बल गार्डन में केसर भी उगायी जाएगी। साथ ही 41 जड़ी बूटियां भी इस गार्डन में उगायी जाएगी। पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट की इस हर्बल गार्डन योजना का उद्घाटन चिपको आंदोलन के नेता व गांधीवादी विचारक चंडीप्रसाद भट्ट ने किया। पुलिस अधीक्षक, उपाधीक्षक हरबंस सिंह, मिथलेश कुमार ने भी इस अवसर पर औषधीय पौधे रोपे।
चंडी प्रसाद भट्ट ने इस योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हिमालय को बचाने के लिए छोटे-छोटे पौधों, जड़ी बूटी का भी उतना ही योगदान है जितना वृक्षों का। उन्होंने कहा कि हिमालय के लोगों की आर्थिकी को बनाए रखनेे और पहाड़ की पहचान के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम किए जाने लिए इस अवसर पर उन कर्मवीरों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने यह हर्बल गार्डन तैयार किया है।

जिले में खेल महाकुंभ का आगाज

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उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के मनेरा स्टेडियम में राज्य स्थापना दिवस के मौके पर खेल महाकुंभ आगाज हुआ। इसके तहत न्याय पंचायत स्तरीय खेलों का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक गोपाल रावत और डीएम डॉ. अशीष चौहान ने मशाल जलाकर किया। इस दौरान विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। जिले में शिक्षा, पंचायती राज, खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग के सहयोग से जिले भर में न्याय पंचायत स्तर पर यह खेल आयोजित किए जा रहे हैं। मनेरा स्टेडियम में जोशियाड़ा न्याय पंचायत के खेलों का आयोजन किया जा रहा है।

इस खेल माह कुंभ के अन्तर्गत बालक व बालिकाओं की 10, 14 व 17 आयु वर्ग में विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को न्याय जोशीयाड़ा के खेलों में अंडर 10 बालिका वर्ग कि 100 मी दौड़ में अमिशा, साक्षी, स्नेहा, नैन्शी, तान्या, रैवन्ती, रूपसी, सुनिता व मोनिका ने अगले दौर में प्रवेश किया। जबकि बालक वर्ग के 100 मी दौड़ में रशिभ, नितेश, निखिल व आकाश ने अगले दौर में जगह पक्की की। अंडर 14 बालक वर्ग 800 मी दौड़ में प्रथम स्थान आकाश गुप्ता, द्वितीय रजनेश चौहान व तृतीया आकाश रागड़ ने प्राप्त किया। जबकि अंडर 14 बालिका वर्ग 800 मी दौड़ में प्रथम स्थान पर अर्पिता, द्वितीय नैन्शी व तृतीया स्थान पर मीना रही।
उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि विधायक गंगोत्री गोपाल सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने खेल महाकुंभ का आयोजन किया है। जो प्रदेश भर में न्याय पंचायत, ब्लॉक स्तर, जिला स्तर के बाद राज्य स्तर पर आयोजित होगी। जिससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं निखरकर सामने आयेगी। इससे भावी खिलाड़ी तैयार होंगे। जो ओलंपिक और कॉमनवेल्थ खेल आयोजनों में राज्य व देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का अहम योगदान रहा है। प्रदेश के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा तभी हम शहीद राज्य आन्दोलनकारी के सपनों का राज्य बना पायेंगे। उन्होंने कहा कि 10 कोराड़ रूपये की लागत का जोशियाड़ा मोटर पुल निर्माण की स्वीकृत मिल गयी है, जिसका निर्माण कार्य बहुत जल्द शुरू किया जाएगा। साथ ही जनपद मुख्यालय में बस अड्डे निर्माण की सैद्धान्तिक स्वीकृत भी मिल चुकी है। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में डीएम डॉ. आशीष चौहान ने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ खेलने की अपील की। 

रुड़की में वणिज्यकर के डिप्टी कमिश्नर को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

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रुड़की। रुड़की में गुरुवार को कुछ लोगों ने वणिज्य कर अधिकारी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की। युवकों का आरोप था कि इस अधिकारी की वजह से उनके भाई ने आत्महत्या की है।
घटना के अनुसार, आजादनगर का एक युवक विक्रम कारगी वाणिज्यकर में ड्राइवर के पद पर तैनात था। बुधवार देर शाम उसने गंग नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार को उसका शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल रुड़की लाया गया था। गुरुवार करीब 11.45 पर वाणिज्यकर विभाग में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात रोहित श्रीवास्तव अपने कार्यालय में बैठे थे तो कुछ युवक वहां पहुंचे उन्होंने आरोप लगाया कि इस अधिकारी ने विक्रम का मानसिक उत्पीड़न किया था, जिसके कारण उसे आत्महत्या को मजबूर होना पड़ा। इतना कहते ही युवकों ने रोहित के साथ मारपीट शुरू कर दी और उन्हें सिविल अस्पताल ले आए। अस्पताल लाकर विक्रम के परिजनों और संबंधियों ने रोहित श्रीवास्तव के साथ जमकर मारपीट की। उन्होंने बचकर भागने का प्रयास किया लेकिन फिर भी युवकों ने उनको दौड़ा-दौडा कर पीटा और उनकी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। घटना की सूचना पर जब तक पुलिस अस्पताल पहुंची तब तक युवक फरार हो चुके थे। घटना के बाद मौके पर कोतवाल गंगनहर कमल कुमार लुंठी, कोतवाल सिविल लाइन साधना त्यागी मय फोर्स पहुंची और युवको के धरपकड़ की कार्रवाई शुरू की।

आंदोलनकारियों को नहीं मिली कुर्सी तो जमीन पर बैठे

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हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के आंदोलनकारियों को बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं मिली। कार्यक्रम में आमंत्रित आंदोलनकारी इस पर मंच के सामने ही जमीन पर बैठ गए। आंदोलनकारियों को मनाने जिलाधिकारी दीपक रावत की कोशिश भी नाकाम रही। खुद कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने भी आंदोलनकारियों को मंच से ही मनाने का प्रयास किया लेकिन आंदोलनकारी जमीन से उठने को राजी नहीं हुए। आंदोलनकारियों की इस स्थिति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को असहज किया। हालांकि, कई लोगों ने आंदोलनकारियों के सम्मान में कुर्सी खाली कीं। ये नजारा ऋषिकुल ऑडिटोरियम में देखने को मिला।

राज्य सरकार की ओर से ऋषिकुल ऑडिटोरियम में उत्तराखंड स्थापना दिवस का भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड आंदोलनकारियों के साथ-साथ नगर के गणमान्य नागरिकों व सभी विभागों को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर मंच के सामने की दो कतारों की कुर्सियां राज्य आंदोलनकारियों के लिए रिजर्व की गई थी लेकिन कार्यक्रम शुरू होने तक राज्य आंदोलनकारी वहां नहीं पहुंचे। इसके चलते दूसरे गणमान्य नागरिक उन कुर्सियों पर बैठ गए। इसी दौरान राज्य आंदोलनकारियों का नेतृत्व करने वाले जेपी पांडे उत्तराखंड की जय जय कार के नारे लगाते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। आंदोलनकारियों को बैठने के लिए वहां कुर्सी नहीं मिली तो आंदोलनकारी असहज हो गए। जेपी पांडे ने सभी लोगों को मंच के सामने नीचे बैठने को कहा। इसके बाद सभी आंदोलनकारी नीचे बैठ गए। आंदोलनकारियों को नीचे बैठते ही जिलाधिकारी दीपक रावत ने सभी आंदोलनकारियों को मनाने का प्रयास किया। उनको कुर्सी पर बैठने को कहा। कई गणमान्य लोगों ने आंदोलनकारियों के सम्मान में कुर्सी भी खाली कर दी पर जिद पर अड़े आंदोलनकारी जमीन से उठने को राजी नहीं हुए। इसके बाद खुद कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने भी आंदोलनकारियों को उठकर कुर्सी पर बैठने को कहा, लेकिन वह तब भी नहीं उठे। जिला सूचना अधिकारी अर्चना ने महिलाओं को कुर्सी पर बैठने के लिए मनाने का प्रयास किया। महिलाएं भी जिला सूचना अधिकारी अर्चना की बात पर भी जमीन से उठने को राजी नहीं हुई। हालांकि, इस बीच जेपी पांडे खुद कुर्सी पर बैठ गए, लेकिन तमाम महिलाएं जमीन पर ही बैठी रही। 

एमएसबीवाई योजना बंद, करीब 12 लाख परिवारों को झटका

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देहरादून। प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) के लाभार्थी करीब बारह लाख परिवारों को बड़ा झटका लगा है। बीमा कंपनी को एक्सटेंशन न मिल पाने के कारण योजना बंद पड़ गई है। जिस कारण मरीजों को इलाज से महरूम होना पड़ रहा है। वह अस्पताल पहुंचकर खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
अप्रैल 2015 में शुरू हुई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाभार्थियों को बायोमेट्रिक स्मार्ट कार्ड जारी किए गए थे। जिसके तहत कार्डधारक परिवार को 50 हजार रुपये का हेल्थ कवर और सवा लाख रुपये गंभीर बीमारियों का बीमा कवर मिलता है। इस कार्ड का इस्तेमाल एमएसबीवाई के पैनल में शामिल किसी भी अस्पताल में इलाज के लिए किया जा सकता है। योजना में सरकारी कर्मचारी, पेंशनर और आयकर दाता शामिल नहीं हैं। शुरुआती चरण में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस से करार किया गया था। गत वर्ष बीमा कवर बढऩे के साथ ही नई कंपनी बजाज एलियांज ने इसका जिम्मा संभाला। जिसे कुछ वक्त पूर्व दो माह का एक्सटेंशन भी दिया गया था। वीरवार को अस्पतालों को कंपनी की ओर से एक ईमेल भेजा गया। जिसमें कहा गया कि इसके बाद कोई भी एमएसबीवाई कार्ड स्वीकार्य नहीं होगा।
एक्सटेंशन न मिलने से बिना इलाज लौट रहे मरीज
योजना के तहत अस्पताल मरीजों के कार्ड की पड़ताल कर वेबसाइट के जरिए संबंधित बीमा कंपनी से योजना के तहत नकदी रहित इलाज की अप्रूवल ली जाती है। कंपनी को एक्सटेंशन न मिलने से अब मरीज बिना इलाज वापस लौट रहे हैं। अपर सचिव स्वास्थ्य पंकज पांडे का कहना है कि कंपनी के एक्सटेंशन से जुड़ी फाइल पर कार्रवाई चल रही है। जल्द इस पर निर्णय ले लिया जाएगा। इसके अलावा नया टेंडर करने की भी तैयारी है।
योजना बंद होने से मरीजों की बढ़ी मुसीबत
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना बंद होने से मरीजों पर आफत टूट पड़ी है। कई मरीज ऐसे हैं जिनका ऑपरेशन होना है और वह वीरवार ही अस्पताल में भर्ती हुए हैं। एमएसबीवाई से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होती इससे पहले ही योजना पर अडंगा लग गया। इनमें अधिकांश मरीज ऐसे हैं जो इलाज का खर्च वहन कर पाने में बिल्कुल भी सक्षम नहीं हैं। वह अब यह नहीं समझ पा रहे कि आखिर किया क्या जाए। इसे लेकर मरीजों के परिजनों व अस्पताल कर्मियों के बीच कई बार नोकझोंक भी हुई।
अनदेखी के चलते आई समस्या
जिस मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना पर सरकार अपनी पीठ थपथपाते नहीं थकती, वह अधिकारियों की अकर्मण्यता व सुस्ती की भेंट चढ़ गई है। यह जानकारी विभाग को भी थी कि कंपनी का अनुबंध खत्म हो रहा है। लेकिन फाइल शासन में पड़ी धूल फांक रही है। बताया गया कि एमएसबीवाई के लिए नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। हद देखिए कि न टेंडर हुआ और न कंपनी को एक्सटेंशन ही दिया गया। यह स्थिति तब है जब स्वास्थ्य विभाग खुद सूबे के मुखिया यानि मुख्य मंत्री देख रहे हैं।