लंबगांव/टिहरी, जिले के दूरस्थ गांव कोर्दी में विभिन्न योजनाओं में सरकारी सांठगांठ और जन प्रतिनिधियों की लापरवाही से लाखों का घपला सामने आया है। सीडीओ आशीष भटगांई ने जब योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया तो वह हैरान हो गए। एक ओर जहां आंगनबाड़ी केंद्र और जूनियर हाईस्कूल मानकों की अनदेखी कर गलत आकार का बनाया गया है। वहीं कई ऐसे कार्य हैं, जिनका धरातल पर कोई अता पता नहीं है। योजनाओं में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर सीडीओ खासे नाराज हैं। उन्होंने ग्राम प्रधान, वीडीओ और अन्य संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी को जांच सौंपी है।
गौरतलब है कि सीडीओ पिछले कई समय से जिले के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर संचालित योजनाओं की जानकारी लेते रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को उन्होंने प्रतापनगर ब्लॉक के दूरस्थ गांव कोर्दी का निरीक्षण किया। यह गांव उत्तरकाशी जिले के बार्डर पर लगा हुअ है। योजनाओं के स्थलीय निरीक्षण में उन्हें गंभीर खामियां देखने को मिली हैं। वर्ष 2005 में निर्मित गांव का आंगनबाड़ी केंद्र मानकों के विपरीत बना है। इस आकार, गुणवत्ता बहुत ही खराब है। जबकि राजकीय जूनियर हाईस्कूल में वित्त की धनराशि से वर्ष 2015-16 में बनाए गए फर्श की गुणवत्ता सही न होने से उखड़ गया है। वहीं गांव में बने एक ही सीसी खंडिजा का भुगतान मनरेगा, राज्य वित्त से भी हुआ। जबकि कार्य की गुणवत्ता, लंबाई भी मानक के अनुरुप नहीं पाई गई। उन्होंने कई स्थानों पर सीसी खडिंजा को तुडवाड़ा। जिसमें सीमेंट की मात्र काफी कम पाई गई।
वित्तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में मनरेगा, जिला योजना, चौथे राज्य वित्त से खर्च हुई धनराशि के अधिकांश कार्य जमीन नहीं दिखें। संपत्ति रजिस्ट्रर का रखरखाव भी ठीक से नहीं पाया गया। सीडीओ ने डीडीओ को सभी कार्यो की गंभीरता से जांच करने के निर्देश देते हुए ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, बीडीओ, जेई समेत अन्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जूनियर हाई स्कूल, प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण कर बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार के ओर से दी जा रही सुविधाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कोर्दी गांव में योजनाओं की स्थिति देखकर हैरान हुए सीडीओ
बेटी के साथ बलात्कार रिश्ता हुआ शर्मसार
किच्छा। रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना प्रकाश में आई है, जिसमें बाप ने अपनी 11 वर्षीय बेटी के साथ ही बलात्कार कर डाला। डरी सहमी बालिका ने अपनी मां को अपबीती बयां की तो मां ने पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। साथ ही यह भी खुलासा हुआ है कि बालिका से तीन माह पहले मकान मालिक ने भी बलात्कार किया था। पुलिस ने बलात्कार की धारा के साथ पास्को एक्ट में मामला दर्ज किया है। आरोपी पिता फरार हो गया है।
मूल रूप से आगरा जिले का रहने वाला वीनू यहां बंडिया भट्टे पर किराए पर रहता है। उसकी पत्नी निशा ने शुक्रवार को बताया कि उसकी 11 वर्षीय पुत्री खुशी बुधवार की शाम को घर पर अकेली थी। उस वक्त वह काम पर गई थी। शाम को लौटी तो खुशी बेहद डरी सहमी थी और जल्द ही बिस्तर पर लेट कर सो गई। कल उसने बेटी से गुमसुम रहने की बात पूछी तो उसने अपबीती बताई। जिस पर उसे भरोसा नहीं हुआ। उसने गुप्तांग देखा तो उससे बलात्कार की पुष्टि हुई। जिस पर आज वह कोतवाली रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची। एफआईआर में कहा गया कि है कि खुशी के साथ उसके पिता ने दुष्कर्म किया। बेटी ने अधिक पूछताछ में इस बात का भी खुलासा किया है कि तीन महीने पहले उसके मकान मालिक ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने रिपोर्ट धारा 376 व 5/6 पास्को एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पीडि़त किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया है। बताया जा रहा है वीनू नशे का आदी है तथा रिक्शा चलाने का कार्य करता है। खबर में पीडि़त की पहचान छिपाने के लिए काल्पनिक नाम दिए गए हैं। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। मकान मालिक भी फरार हो गया है। कोतवाल योगेश उपाध्याय का कहना है कि पुलिस शीघ्र ही दोषियों की गिरफ्तारी करेगी। इस तरह की घटना समाज के लिए झकझौरने वाली हैं।
सुनीता राजवार ने नवाजुद्दीन को भेजा नोटिस
टीवी कलाकार सुनीता राजवार ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी को बायोपिक ‘एन आर्डिनरी लाइफ’ में उनकी छवि खराब करने और उनका नाम घसीटने को लेकर कानूनी नोटिस भेज दिया है जिसमें उन्होंने नवाजुद्दीन से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने और साथ ही 2 करोड़ के हर्जाने की भी मांग की है। सुनीता राजवार ने नवाजुद्दीन सहित बायोपिक के पब्लिशर और किताब लिखने में सहयोग करने वाली पत्रकार रितुपर्णा चटर्जी को भी नोटिस भेजा है।
गौरतलब हो कि नवाजुद्दीन ने अपनी बायोपिक में लिखा है कि सुनीता राजवार उनकी पहली प्रेमिका थी| उन्होंने मुझे सिर्फ इसलिए छोड़ दिया क्योंकि मैं सफल नहीं था। जिसके कारण मुझे आत्महत्या के ख्याल आने लगे थे। जिसके बाद सुनीता ने आरोप लगाया कि नवाज ने उनकी छवि को खराब किया है और उनके बारे में झूठ बोला है। उनके इस झूठ से उनकी निजी जिंदगी बहुत प्रभावित हुई| उनके ससुराल वालों को इस अफेयर के बारे में कुछ पता नहीं था। सुनीता ने कहा कि नवाज की छोड़ने की वजह यह नहीं थी की वो गरीब थे, स्ट्रगलर थे बल्कि यह थी कि वो हमारे कॉमन दोस्तों को हमारी निजी बाते बताते थे और मजाक बनाते थे| तब मुझे पता चला कि वो औरत और प्यार के बारे में क्या सोच रखते हैं। सुनीता ने यह भी कहा कि नवाज ‘सिम्पैथी सीकर’ हैं| वो ऐसे कोई मौका नहीं छोड़ते जहां से उन्हें सिम्पैथी मिलती हो| जैसे कभी अपने रंग रुप को लेकर तो कभी अपनी गरीबी को लेकर तो कभी अपने वॉचमैन की नौकरी को लेकर।
सुनीता ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में धनिया के रोल में दिख चुकी हैं। उन्होंने ‘शगुन’, ‘रामायण’, ‘हिटलर दीदी’, ‘संतोषी माता’ जैसे सीरियल्स भी किए हैं। सुनीता ने सीरियल्स के अलावा ‘मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं’, ‘एक चालीस की लास्ट लोकल’, ‘संकट सिटी’ जैसी फिल्मों में भी काम किया है।
वरुण धवन को फोन पर मिली धमकी
डॉयरेक्टर डेविड धवन के बेटे और बॉलीवुड स्टार वरुण धवन को एक महिला फैन से फोन पर आत्महत्या कर लेने की धमकी मिली है। जिसके बाद वरुण ने सांताक्रूज थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
मामला यह है कि कुछ दिनों से वरुण धवन को एक महिला फैन की ओर से वाह्टसअप पर लगातार मैसेज आ रहे थे। मैसेजेज का आना बंद न होने पर वरुण ने उस नंबर को ब्लॉक कर दिया जिसके कुछ दिन बाद एक शख्स ने फोन करके कहा कि अगर वो महिला फैन के मैसेजेज का जवाब नही देते हैं तो वो आत्महत्या कर लेगी। जिसके बाद वरुण ने अपनी कानूनी टीम से सलाह-मशविरा कर मुंबई के सांताक्रूज थाने में धारा 506 के असंज्ञेय अपराध के तहत शिकायत दर्ज कराई है।
सांताक्रूज पुलिस का कहना है कि वो मामले की जांच कर रही है। वो उस कॉल करने वाले और व्हाटसअप करने वाली महिला फैन के डिटेल्स निकाल रहे हैं। फोन करने के बाद से उस व्यक्ति का नंबर बंद आ रहा है। फिलहाल वरूण धवन दिल्ली में सूजीत सरकार की एक फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं।
सड़क पर बूढ़ी दीपावली मनाने को मजबूर मसराड़ के लोग
विकासनगर/कालसी,तहसील क्षेत्र के मसराड़ गांव के लिए एक वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हुआ था। सड़क निर्माण के लिए की गई कटिंग से गांव का एक मात्र पंचायती आंगन धराशायी हो गया था।जबकि आंगन के आसपास के आवासीय भवनों पर भी खतरा मंडरा रहा है। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी संबंधित विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त पंचायती आंगन की मरम्मत नहीं किए जोने से गांव के सार्वजनिक समारोहों के आयोजन में दिक्कतें आ रही हैं। अब जबकि कुछ दिन बाद जौनसार क्षेत्र में बूढ़ी दीवाली मनाई जानी है तो ऐसे में ग्रामीण दीवाली त्यौहार के आयोजन सड़क पर करने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों ने एसडीएम से दीवाली पूर्व क्षतिग्रस्त पंचायती आंगन के मरम्मत की गुहार लगाई है।
जौनसार-बावर परगने में विकास कार्यों को कैसे अंजाम दिया जा रहा है, इसकी बानगी मसराड़ गांव में जाने पर देखने को मिलती है। यहां एक वर्ष पूर्व ग्रामीणों की सुविधा के लिए सड़क मार्ग तो बनाया गया, लेकिन मार्ग निर्माण के दौरान गांव का पंचायती आंगन क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि कई आवासीय भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं। ग्रामीण बाशिंदे भूपाल सिंह, प्रताप सिंह, सुंदर चौहान, जयपाल, रघुवीर सिंह चौहान, पूरण सिंह ने बताया कि साल भर से संबंधित विभाग से पंचायती आंगन के मरम्मत की गुहार लगाई जा रही है। आंगन की मरम्मत नहीं होने से आधा दर्जन आवासीय भवनों को भी खतरा पैदा हो गया है लेकिन विभागीय अधिकारियों ने सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के बाद गांव का रुख भी नहीं किया है। अब ग्रामीणों ने एसडीएम से दीवाली पूर्व पंचायती आंगन के मरम्मत की गुहार लगाई है। वहीं, एसडीएम बृजेश तिवारी ने बताया कि संबंधित विभाग को क्षतिग्रस्त पंचायती आंगन के सुधारीकरण के निर्देश दिए जाएंगे।
‘द हंस फाउण्डेशन जनरल हास्पिटल’ का शुभारंभ
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को चमोलीसैंण, सतपुली में द हंस फाउण्डेशन द्वारा निर्मित ’द हंस फाउण्डेशन जनरल हास्पिटल’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अस्पताल से स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पौड़ी तथा कोटद्वार के बीच इस अस्पताल के स्थापित होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आवागमन की बेहतर सुविधाओं से पलायन पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि सतपुली में इस प्रकार के संस्थान स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में चेयरपर्सन एवं सह-संस्थापक ’द हंस फाउण्डेशन’ श्वेता रावत ने कहा कि आठ एकड़ क्षेत्र में फैले इस अस्पताल में कुल 150 बैड की क्षमता के साथ ही विभिन्न रोगों के उपचार के लिए कई आधुनिक उपकरण एवं तकनीक भी उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी का अस्पताल में उपचार न होने पर मरीज को हायर सेंटर भेजने की भी व्यवस्था अस्पताल के द्वारा की जाएगी।
इस अवसर पर गढ़वाल सांसद/पूर्व मुख्यमंत्री मे.ज.(से.नि.) बीसी खण्डूड़ी, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, अरविंद पाण्डेय, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य, विधायक गणेश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश, हंस फाउण्डेशन के प्रेरणास्त्रोत भोले जी महाराज एवं माता मंगला जी, हंस फाउण्डेशन के सह-संस्थापक मनोज भार्गव, भाजपा नेता तीरथ सिंह रावत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पिता आनन्द सिंह बिष्ट, गढ़वाल आयुक्त दिलीप जावलकर आदि मौजूद रहे।
एनडी तिवारी की सोशल मीडिया में दिन भर छाई रही झूठी खबर
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री पं. नारायण दत्त तिवारी के निधन की भ्रामक खबरें शुक्रवार को दिन भर सोशल मीडिया पर छाई रहीं।
हरिद्वार के कांग्रेसी नेता की सोशल मीडिया पर डाली गई इस खबर पर जमकर लोगों ने श्री तिवारी को अपनी ओर से श्रद्धासुमन अर्पित करने शुरू कर दिए। बाद में अपनी गलती का एहसास होने पर कांग्रेसी नेता ने माफी मांगी। जब कांग्रेसी नेता को गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने भूल को सुधार लिया।
पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यपाल रहे पं. नारायण दत्त तिवारी का पूरा जीवन लगभग कांग्रेस को समर्पित रहा। हालांकि उन्होंने बीच में कांग्रेस ने नाराज होकर तिवारी कांग्रेस का गठन किया, किन्तु बाद में उन्होंने घर वापसी कर ली। नारायण दत्त तिवारी का स्वास्थ्य काफी समय से नासाज चल रहा है, जिसके चलते कांग्रेसी नेता द्वारा डाली गई पोस्ट पर लोगों ने विश्वास कर लिया और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने शुरू कर दिए।
सिलसिला यहीं नहीं थमा, बल्कि शुक्रवार को हरिद्वार के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ओमप्रकाश चोहान ने पूर्व सीएम के निधन की खबर फेसबुक पर पोस्ट कर दी। इसके बाद बुद्धिजीवियों ने श्रद्धासुमन अर्पित करने शुरू कर दिये। इसी बीच जब लोगों तिवारी के निधन की भ्रामक सूचना के लिये कांग्रेसी नेता ओमप्रकाश चौहान को बताया तो उन्होंने तत्काल अपनी दूसरी पोस्ट डालकर भूल सुधार की और माफी मांगी। चौहान ने बताया कि किसी ने दिल्ली से गलत जानकारी दी थी। उसी के चलते गलती हो गई। उन्होंने कहा कि वह पंडित नारायण दत्त तिवारी के जल्द स्वस्थ होने की कामना ईश्वर से करते हैं।
‘खेल महाकुंभ’ से स्पोंसर्स ने फेरा मुंह
सूबे में ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को खोजने के लिए और प्रोत्साहित करने के लिए खेल महाकुंभ का आगाज हो चुका है, मगर दुर्भाग्य से इस बड़े कार्यक्रम को स्पोंसर्स (निवेशक) का साथ नहीं मिल रहा है। कंपनियों की तरफ से मदद को हाथ आगे न आने पर विभागीय अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगी हैं। वहीं, एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की झोली में उपेक्षा ही आई है।
युवा कल्याण निदेशालय की ओर से राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को खेल महाकुंभ शुरु हो चुका है। इसमें पंचायत, ब्लाक, जनपद व राज्य स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं होनी हैं। इसमें कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, वालीबाल, फुटबालस बैडमिंटन, टेबल टेनिस, बाक्सिंग, ताईक्वांडो, जूडो आदि खेल हैं। इस बार पांच आयु वर्गों में खेल आयोजित होंगे। ताकि सभी आयु वर्ग के खिलाड़ी को प्रतिभा दिखाने का मौका मिले। राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं तीन से 13 दिसंबर तक खेले जाने हैं। इसके लिए युवा कल्याण निदेशालय की ओर से खेल महाकुंभ की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ी कंपनियों को स्पोंसर्स के रूप में कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया जा है। ताकि कंपनियों के सहयोग से विजेता खिलाडिय़ों को आकर्षक इनाम भी दिए जा सकें।
इस कड़ी में निदेशालय के अधिकारी चार-पांच देश की बड़ी कंपनियों के साथ संपर्क कर उन्हें खेल महाकुंभ से जुडऩे का आग्रह भी कर चुके हैं लेकिन अभी तक एक भी कंपनी ने हामी नहीं भरी है। कंपनियों के इस रूख ने निदेशालय के अधिकारियों की माथे पर ला दिया है। बावजूद इसके अधिकारी कंपनियों को मनाने में जुटे हैं। इस दौरान युवा कल्याण के संयुक्त निदेशक आरसी डिमरी ने बताया कि खेल महाकुंभ के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। हालांकि अभी कोई कंपनी तैयार नहीं हो पाई है लेकिन इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
संजय लीला भंसाली के समर्थन में उतरे अर्जुन कपूर
फिल्म ‘पद्मावती’ की लगातार हो रहे विवाद पर बालीवुड स्टार अर्जुन कपूर फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली के समर्थन में उतर गए हैं। अर्जुन ने अपने ट्विटर एकाउंट पर एक पोस्ट कर कहा है कि लोगों को उनकी सोच पर विश्वास करना चाहिए।
अर्जुन कपूर ने कहा, “एक बार फिर एक शख्स को अपनी रचनात्मकता सिद्ध करनी पड़ रही है क्योंकि राजनीतिक माहौल को गंदा बना देती है। वो एक शानदार फिल्ममेकर हैं। उनकी सोच पर विश्वास करना चाहिए। मुझे यकीन है कि रानी पद्मावती की कहानी सम्मानित तरीके से दिखाई जाएगी।’’
उल्लेखनीय है कि राजपूत करणी सेना का मानना है कि फिल्म ‘पद्मावती’ में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के बीच रोमांटिक दृश्य फिल्माए गए हैं। जिसके बाद संजय लीला भंसाली ने बुधवार को एक विडियो जारी कर यह साफ कर दिया था कि फिल्म में एसे कोई ड्रीम सीन नहीं फ़िल्माये गए हैं। यह सिर्फ एक अफवाह है जिसके कारण फिल्म को विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
संजय लीला ने विडियो में कहा, “मैं हमेशा से ही रानी पद्मावती की कहानी से काफी प्रभावित रहा हूं। यह फिल्म उनकी वीरता और बलिदान की कहानी है। मैं एक बार फिर से कहना चाहता हूं कि हमारी फिल्म में ऐसा कोई सीन नहीं है जो किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाए और जज्बातों को तकलीफ दे। हमने फिल्म को बनाने में राजपूत मान और मर्यादा का ध्यान रखा है। मैंने इस तरह के सीन होने की बात को पहले भी नकारा है। साथ ही लिखित में भी दिया है।’’
‘पद्मावती’ की रिलीज में काफी मुश्किलों का समाना कर पड़ रहा है क्योंकि फिल्म की रिलीज के विरोध में नेताओं और राजपूत संगठन भी आ खड़े हुए हैं । राजस्थान में तो भंसाली की मुसीबत और बढ़ गई है वहां कोई डिस्ट्रीब्यूटर फिल्म दिखाने को राजी नहीं है। डिस्ट्रीब्यूटर का कहना है कि जब तक विवाद सुलझ नहीं जाता वो फिल्म का प्रदर्शन नहीं करेंगे।
कौशल विकास योजना के तहत देश का पहला केंद्र दून में शुरू
देहरादून, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत स्टेट कोम्पोनेंट क्रियान्वयन के मामले में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है। योजना के तहत स्थापित प्रशिक्षण केंद्र पर पहले बैच के रूप में 60 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत देश का पहला प्रशिक्षण केंद्र राज्य के देहरादून जनपद में 60 युवाओं के प्रशिक्षण से शुरू हो गया है। यह केन्द्र स्किल प्रोटेक्नोलाजीस के स्टार कम्प्यूटर अकादमी केन्द्र में सचांलित किया जा रहा है, जिसमें युवाओं को फील्ड टेक्नीशियन कम्प्यूटर एंड पेरिफेरल के क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का राज्य के युवाओं के लिए कौशल विकास पर विशेष बल है। राज्य सरकार एवं मिशन के प्रयासों से यह गौरव राज्य को प्राप्त हुआ है। देश का पहला प्रशिक्षण बैच प्रारम्भ करने में कुछ तकनीकी कठिनाइयां आ रही थी, जिन्हें एमएसडीई एवं एनएसडीसी के साथ समन्वय कर दूर किया कर दिया गया है। भविष्य में इस योजना के अन्तर्गत और भी प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित कर युवाओं को रोजगार परक प्रशिक्षण प्रदान किये जाने के लिए मिशन प्रतिबद्व है।
इस योजना के अन्तर्गत वर्ष 2020 तक 40,000 युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से पूर्व उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन के माध्यम से 12,000 से अधिक युवाओं को 32 विभिन्न सेक्टरों में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, एवं इन युवाओं को रोजगार/स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन द्वारा कुशल उत्तराखण्ड एप्प विकसित किया गया है। इस एप्प के माध्यम से लोग अपनी आवश्यकतानुसार अपने क्षेत्र में उपलब्ध कुशल युवा (प्लम्बर, इलैक्ट्रीशियन आदि) से सम्पर्क कर कार्य करा सकते हैं। यह एप्प गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड की जा सकती है।
उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन द्वारा नारी निकेतन व जिला कारागार देहरादून, हरिद्वार, उद्यम सिंह नगर तथा नैनीताल में बंदियों हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए गए। मिशन राज्य के विभिन्न सरकारी आईटीआई में भी अल्पकालीन प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। इस वर्ष सीसीटीवी कैमरा रिपेयर एवं इंस्टालेशन के बैच आईटीआई हरिद्वार में प्रारम्भ किए जाएंगे। उत्तराखण्ड कौशल विकास समिति द्वारा प्रशिक्षण में विविधता एवं गुणवत्ता लाये जाने के लिए 23 सेक्टर स्किल कांउन्सिल के साथ अनुबन्ध किए गए हैं। उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन को जून 2017 में पेरिस (फ्रांस) में आयोजित विश्व की द्वितीय ग्लोबल स्किलमीट में ‘इन्नोवेशन इन यूके आईटी इन स्किल डेवलपमेंट’ का अवार्ड भी मिला।
इसके अतिरिक्त गत दो वर्षो में टीवी-100 की ओर से भी उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन को उनके उल्लेखनीय कार्यो हेतु कौशल विकास के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ संस्थान का अवार्ड भी दिया है। उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन द्वारा भविष्य में युवाओं को बाजार की मांग के अनुरुप कौशल विकास प्रशिक्षण किया जाना प्रस्तावित है।





























































