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प्रभारी जिलाधिकारी ने लिया गौचर मेले की तैयारियों का जायजा

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गोपेश्वर, आगामी 14 नवम्बर से गौचर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक राज्य स्तरीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेला व्यवस्थाओं को लेकर प्रभारी जिलाधिकारी चमोली ने अधिकारियों के साथ जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी जिलाधिकारी ने पेयजल, विद्युत, वाहन पार्किंग, साफ-सफाई, अस्थाई शौचालय आदि व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए मेले के मुख्य पांडाल, प्रदर्शनी स्टॉल, चरखी, खेलकूद प्रतियोगिता स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने को कहा।

उन्होंने कहा कि सभी व्यवस्थाएं तय समय के भीतर पूरी कर ली जाएं। प्रभारी जिलाधिकारी ने मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए चरखी स्थल, मौत का कुंआ आदि मुख्य स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मेले में आने वाले व्यापारियों व मेलार्थियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने को कहा। उन्होंने प्रत्येक दुकान पर कूड़ादान व जगह-जगह पर डस्टविन रखवाने के निर्देश नगर पंचायत गौचर के ईओ को दिए। साथ ही पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे भी लगवाने को कहा। उन्होंने मेले को भव्य बनाने के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को अपने स्तर से बढ-चढ़ कर प्रतिभाग करने के निर्देश भी दिए।

 

दून, हावड़ा और चेन्नई सहित आधा दर्जन ट्रेनें लेट

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देहरादून, रेलवे ट्रैक पर निर्माण कार्य व मैदानी इलाकों में कोहरे की मार के कारण देहरादून पहुंचने वाली लंबी दूरी की आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें घंटो विलंब से पहुंच रही है। जबकि हावड़ा जाने वाली दो ट्रनों को एक-एक दिन के लिए रद्द किया गया।

पिछले एक सप्ताह से दून पहुंचने वाली एक दर्जन से अधिक रेल गाड़ियां अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से पहुंच रही है। शनिवार को चेन्नई एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब आठ घंटे विलंब से पहुंची तो, वहीं दून हावड़ा 11 घंटे लेट चल रही है। इलाहाबाद से चलने वाली लिंक एक्सप्रेस 1.10 मिनट पर दून पहुंचती है जो अब 10 घंटे, तो राप्ती गंगा एक्सप्रेस 13 घंटे लेट से पहुंचेगी। जबकि अमृतसर एक्सप्रेस व शताब्दी एक्सप्रेस भी घंटों विलंब से पहुंची। विलंब से पहुंचने के कारण दून से खुलने वाली कई गाड़ियां भी लेट चल रही है। इस कारण यात्रियों को अपने परिजनों को इंजतार में परेशानी उठानी पड़ रही है।

 प्रभारी स्टेशन अधीक्षक सिताराम सोनकर ने दून हावड़ा व उपासना एक्सप्रेस को उत्तर रेलवे द्वारा एक-एक दिन रद्द किया गया है। सप्ताह में दो दिन बुधवार व शनिवार को दून से हावड़ा जाने वाली उपासना एक्सप्रेस शनिवार को नही चलेगी, जबकि प्रतिदिन हावड़ा दून से चलने वाली दून हावड़ा 12 नवंबर को रद्द है। दून से हावड़ा जाने वाली दोनों ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों की उलझने बढ़ गई है। हालांकि रेलवे की ओर से यात्रियों को इस बारे में जानकारी दे दी गई है।

सिताराम ने बताया कि, “रेल दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के मदृेनजर विभाग द्वारा रेलवे ट्रेक पर तेजी से काम चल रहा है। इस कारण ट्रेनों के आवागमन में देरी हो रही है। साथ ही बदलते मौसम के कारण मैदानी इलाकों में कोहरे से गाड़िया प्रभावित हो रही है। इस कारण कई ट्रेनें विलंब से दूेहरादून पहुंच रही है। हालांकि नजदीक की गाड़ियों को देहरादून से समय से प्रस्थान किया जा रहा है। जबकि लंबी दूरी की गाड़ियों को प्रस्थान करने में दिक्कतें आ रही है। गाड़ियों के विलंब के कारण यात्रियों को होने वाली परेशानियों को रेल प्रशासन द्वारा ध्यान दिया जा रहा है।”

 

उपकेंद्र के पीछे मिला गार्ड का शव

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देहरादून,  थाना पटेल नगर क्षेत्र के ग्राम पेलियों में ग्राम पेलियों में मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण उप केंद्र के पीछे खेतों से पुलिस ने एक व्यक्ति का शव बरामद किया है। मृतक की पहचान कीर्ति सिंह नेगी, टिहरी गढ़वाल के रूप में हुई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

चौकी प्रभारी नया गांव के अनुसार, मृतक के मुंह एवं नाक से नीले रंग का झाग व पदार्थ निकल रहा था तथा शव पूरी तरह अकड़ा हुआ था। मौके पर मृतक के पास से बरामद मोबाइल से परिजनों को सूचना दी गई।

मृतक अपने पत्नी व बच्चों सहित पेलियो में किराए के मकान पर रहता था तथा तुला इंस्टिट्यूट झाझरा में गार्ड की नौकरी करता था। मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं पाए गये। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली के स्मॉग से बचने लोग पहुंचे खिली धूप और ठंडी हवाअों के बीच

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जहां एक तरफ भारत का क्षेत्र खासकर राजधानी दिल्ली स्मॉग से भरा हुआ है, वहीं पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में चारों तरफ खिली धूप और स्वच्छ हवा है।

जैसे-जैसे दिल्ली में स्मॉग फैल रहा था वैसे ही रातों रात लोगों ने अपने बैग पैक करके अपना रुख उत्तर भारत की तरफ कर लिया ताकि दिल्ली में फैले प्रदूषण और स्मॉग जिसे प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक सेहत के लिए हानिकारक बताया था, उससे बच सके।

मैदानी क्षेत्र से लगभग 7500 फीट ऊपर बसी पहाड़ों की रानी मसूरी सर्दियों में भी खिली-खिली धूप के दर्शन देती है। मसूरी के मॉल रोड पर टहलते लोगों के धूप और साफ-सुथरी ठंडी हवा दिल्ली से दूर और कुछ दिन स्मॉग से बचने का अच्छा जरिया है।

गौतम और ङोयल पांडे ने अपनी पांच साल की बेटी इरा के साथ उसी दिन दिल्ली से छुट्टी ले मसूरी का रुख करने पर मजबूर कर दिया, “दिल्ली आजकल किसी गैस चैंबर से कम नहीं है ना केवल बच्चों के लिए बल्कि बड़े बूढ़ों को यह स्मॉग नुकसान कर रहीं है खासी, सर दर्द की वजह से हम वापस नहीं जाना चाहते।” केवल यह दंपत्ति नही, इनके जैसे बहुत से लोग है जिन्होंने स्मॉग से बचने के लिए पहाड़ों की साफ हवा को चुना है।

दूसरी तरफ कुछ लोग जो दिल्ली जाने की तैयारी में थे उन्होंने अपने जाने की ताऱीख आगे बढ़ा दी है। आभा सैली जिनकी आने वाले दिनों में दिल्ली से फ्लाईट थी उन्होंने कहा कि, “मैं उम्मीद करती हूं कि आने वाले दिनों में स्मॉग साफ हो जाएगा नहीं तो इस दौरान दिल्ली जाने से बेहतर होगा, मैं अपना प्रोग्राम बदल लूं।”

दिल्ली के इस कंडीशन को देखकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टिव्टर के माध्यम से सभी देशवासियों को खासकर दिल्ली वालों को उत्तराखंड के साफ आसमान के नीचे बुलाया है जिससे लोग खुली और स्वच्छ हवा में सांस ले सकें। इसके अलावा सीएम रावत ने लोगों से गुजारिश की थी उत्तराखंड में आकर ##ClearBlueSkiesofUttarakhand में अपनी तस्वीरें डाले जिसे सीएम रिटिव्ट करे, खासकर ऐसे वक्त में जब दिल्ली स्मॉग से भरी है।

शॉर्ट-सर्किट से कार में लगी आग

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थाना रानीपोखरी क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब छह बजे मनइच्छा मंदिर के पास एक कार में शॉर्ट- सर्किट से आग लग गई। सूचना पर पहुंची दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। कार चालक व अन्य सवार सुरक्षित हैं।

धर्मेंद्र सिंह पुत्र लक्ष्मीचंद निवासी नागघेर रानीपोखरी ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस के अनुसार, इंडिगो कार (यूके-07 टी- 6477) चालक मुकेश कुमार पुत्र स्व. रतन लाल और धर्मेंद्र सिंह निवासीगण नागघेर पोखरी से ऋषिकेश स्थित रानीपोखरी जा रहे थे।मनइच्छा मंदिर के पास कार में अचानक शार्ट-सर्किट से आग लग गई। पुलिस टीम और फायर ब्रिगेड की मदद से कार में लगी आग पर काबू पा लिया गया। कार पूरी तरह जल गई, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।

गढ़वाल यूनिर्वसिटी में एफटीआईआई पुणे ने आयोजित किया फिल्म एप्रीशियेशन वर्कशॉप

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उत्तराखंड के श्रीनगर में हेमवतीनंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) पुणे द्वारा आयोजित 5 दिवसीय फिल्म एप्रीशियेशन कोर्स की शुरुआत 9 नंवंबर से हुई। यह विश्वविद्यालय के पत्रकारिता और जन संचार केंद्र द्वारा आयोजित किया गया है।

कोर्स का उद्घाटन संयुक्त रूप से एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के उप-कुलपति प्रोफेसर जवाहरलाल कोल और एफटीआईआई पुणे के निदेशक भूपेंद्र कैंथोला ने किया।इसके अलावा कोर्स डायरेक्टर पंकज सक्सेना, और प्रोफेसर ए.आर दंगवाल, एचओडी, सेंटर फॉर जर्नलिज़म और मास कम्युनिकेशन भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

अपने उद्घाटन भाषण में भूपेंद्र कैथोला, एफटीआईआई पुणे के निदेशक ने कहा कि, “इस डिजिटल युग में जहां ज्ञान और टेक्नॉलिजी सुलभ और सस्ती हो गई है, फिल्म की शिक्षा और फिल्म प्रशिक्षण केवल कुछ लोगों के लिए विशेष रूप से संरक्षित नहीं हो सकता। एक सार्वजनिक संस्था के रूप में, एफटीआईआई इस दायित्व को लेकर जागरूक है और इसलिए सिनेमा के बारे में बताने के लिए आगे आ रहा और इसे लेकर देश भर में वर्कशॉप का आयोजन कर रहा है। उत्तराखंड एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्कृष्ट स्थान हैं। गढ़वाल विश्वविद्यालय पहाड़ियों में स्थित शिक्षा का एक प्रतिष्ठित केंद्र है। देश के दूर-दराज और मुश्किल क्षेत्रों तक पहुंचना, लोगों को अवसर  उपलब्ध कराना जहां कोई मौका नहीं है, लोगों को सशक्त बनाना, खासकर युवाओं को फिल्म और टेलीविजन के क्षेत्रों में कौशल प्रदान करना एफटीआईआई का मुख्य काम है।”

एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के 115 छात्रों और शिक्षकों ने पहली बार हुए एफटीआईआई कोर्स में भाग लिया है।

पंकज सक्सेना, जो इस कोर्स के डायरेक्टर है, एक फिल्म निर्माता और नई दिल्ली में फिल्म एकेडमी में टीवी प्रोग्रामर भी हैं। एफटीआईआई के पूर्व छात्र रहें पंकज सक्सेना ने बहुत सी डाक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिक्शन फिल्म, टेलीविजन कार्यक्रमों, सार्वजनिक सेवा विज्ञापनों और समाचारों को लिखा, संपादित, निर्देशित और पेश किया है। तीन दशकों में फैले प्रोफेशनल कैरियर में हाल के वर्षों में, वह पूरे देश के मीडिया संस्थानों में सिनेमा विषय पढ़ा रहे हैं।

एफटीआईआई के अंर्तगत देशव्यापी आउटरीच प्रोग्राम एसकेआईएफटी (स्किलिंग इंडिया इन फिल्म एंड टेलीविज़न) के तहत आयोजित किया गया है, जो कि शुरुआती स्तर पर शॉर्ट पाठ्यक्रम पढ़ा रहे हैं जो पुणे, मुंबई, दिल्ली, पोर्ट ब्लेयर, श्रीनगर, लेह, जयपुर, हरिद्वार, श्रीनगर (उत्तराखंड) और गुवाहाटी में आयोजित किया गया है। ।इस वर्कशॉप में शामिल पाठ्यक्रम जैसे कि फिल्म एप्रीशियेशन, स्क्रीन एक्टिंग, डिजिटल सिनेमेटोग्राफी और पटकथा लेखन है। बच्चों के लिए अभिनय और फिल्म मेकिंग पाठ्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।

नाले चोक, सड़कों के किनारे लगे कूड़े के ढेर

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ऋषिकेश। स्थापना दिवस के दिन भी नहीं सुधरी तीर्थ नगरी की सफाई व्यवस्था। हार्ट ऑफ सिटी कहे जाने वाले देहरादून रोड पर सिटी सेंटर के बाहर लोगों को गुजरते हुए नाक पर रुमाल रखने को विवश होना पड़ा। कारण रहा, यहां फेका गया गंदगी का ढेर।

तीर्थनगरी मे जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर सफाई व्यवस्था को लेकर पालिका प्रशासन के दावों की पोल खोल रहे हैं। शहर के कुछ वार्डों मे जहां नालियों के चोक होने से भारी बदबू के बीच लोगों को रातें गुजारनी पड़ रही हैं, वहीं तमाम क्षेत्रों मे लगे कूड़े के ढेर व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहें हैं। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ऋषिकेश में सफाई व्यवस्था की हालत लगातार लचर बनी हुई है। पालिका कर्मचारियों की मन मर्जी के कारण यह हालात हैं। आलम यह है कि हल्की बारिश में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहना शुरू हो जाता है। मामला नालों की सफाई मे बरती जा रही लापरवाही तक ही सीमित नही है। जगह-जगह गंदगी के लगे ढेर भी कोढ में खाज बने हुए हैं।

नगर निगम रुद्रपुर में घोटालों का मठ

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रुद्रपुर। कांग्रेसी पार्षदों ने पूर्व एमएनए व मेयर पर आरटीआई से मांगी गई सूचनाओं के आधार पर गंभीर आरोप लगाते हुए घोटालों की जांच की मांग की।

कांग्रेसी पार्षद ललित मिगलानी, कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री हिमांशु गाबा, महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा आदि ने काशीपुर बाईपास रोड पर एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 2.16 करोड़ रुपये वार्षिक का ठेका अनियमित ढंग से दिया गया। इसका टेंडर एक ऐसे समाचारपत्र में प्रकाशित कराया गया जिसका प्रसार यहां नगण्य है। कहा कि 2.16 करोड़ का ठेका देने के बावजूद निगम ने 20 गाडिय़ां खरीद कर दी हैं। यह भी कहा कि जिस फर्म को ठेका दिया गया है उस फर्म की वार्षिक आय ढाई लाख से भी कम है। जिस कारण फर्म मानकों पर खरा नहीं उतरती। आरोप लगाया कि नगर निगम ने करोड़ों का घोटाला एलईडी खरीद में किया गया। इसका टेंडर भी गोपनीय तरीके से किया। कहा कि जिस फर्म को टेंडर दिया गया उसी फर्म देव इंटरप्राइजेज के स्वामी कमलजीत कौर हैं इन्ही के पति समरपाल सिंह निवासी हल्द्वानी फर्म संत इंटर प्राइजेज और तीसरी फर्म भारत इंटरप्राइजेज ने भाग लिया। आरोप लगाया कि जिसका एलईडी से संबंधित योग्यता ही नहीं है और सफाई उपकरणों में भी इन्हीं तीनों फर्मों के नाम से निविदा डाली गई। कहा कि जिस एलईड़ी लाइट की कीमत बाजार में पांच से भी कम है, उसे 15 हजार से अधिक कीमत में खरीदा गया। कहा कि एलईटी के एक पीस का मूल्य लिया गया, जबकि एलडीई काफी संख्या में खरीदी जानी थी। कहा कि एक वर्ष पूर्व नगर निगम क्षेत्र में विज्ञापन एवं यूनीपोल के ठेकों घोटाला करके निगम को हानि पहुंचाई गई। आरटीआई से खुलासा हुआ है कि जिस फर्म को विज्ञापन का ठेका दिया उस फर्म का टेंडर से संबंधित अनिवार्य पत्र संलग्न नहीं थे।  फर्म स्वामी के वित्तीय निविदा पर हस्ताक्षर तक नहीं थे। आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में भी करोड़ो रुपये का घोटाला किया गया। हालात यह है कि जो टायल्स रोड कुछ वर्ष पहले डाली गई थी, उसे उखाड़ कर नई टाइल्स रोड डाली गई। कांग्रेसियों ने कहा कि नगर निगम में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच की मांग प्रदेश सरकार से करेंगे, ताकि एनएच 74 की तरह इसकी भी जांच एसआईटी से कराई जा सके। वार्ता में महिला अध्यक्ष ममता नारंग, पार्षद विकास मल्लिक, मोनू निषाद, सुशील गाबा, गौरव खुराना, सुमति छाबड़ा, नदीम खां, कालीचरन, नामित पार्षद सुनील आर्य, रामाधारी गंगवार, ललित पांडे आदि मौजूद थे।

वहीं मेयर सोनी कोली ने कहा कि चुनाव नजदीक हैं, जिस कारण कांग्रेसी बेवुनियाद आरोप लगाकर छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। कहा कि सफाई व्यवस्था पटरी पर आ गई है, जिससे कांग्रेसी बौखला रहे हैं। कहा कि टेंडर प्रक्रिया अफसरों ने पूरी पारदर्शिता के साथ कराई है। श्रीमती कोली ने कहा कि कांग्रेसियों का काम है आरोप लगाना। वह हमेशा से विकास कार्यों में टांग अड़ाते रहे हैं। कहा कि पहले रिक्शों से कूड़ा कलेक्शन हो रहा था। उस वक्त अखबारों ने यह छापा था कि रिक्शे वाले नदी नालों में कूड़ा फेंकते थे। अब गाडिय़ों से कूड़ा कलेक्शन होकर सीधे ट्रंचिंग ग्राउंड जा रहा है। महानगर की सफाई व्यवस्था में 80 फीसदी तक सुधार आया है। उनका दावा है कि एलईडी लाइटें हैवल्स कंपनी की बाजार से कम मूल्य पर और दो साल की गारंटी में खरीदी गई हैं। कहा कि टाइल्स सड़क बनने से पहले व बनने के बाद के फोटो निगम ने कराए हैं इसलिए घोटाले का कोई सवाल ही नहीं उठता। कहा कि बौखलाहट में कांग्रेसी अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।

यूपीसीएल में तैयार हो रहा बिजली दरों में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव

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देहरादून। बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव तैयार करने का काम उत्तराखंड पावर कार्पाेरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में जोरों से चल रहा है। नवम्बर के आखिरी तक प्रस्ताव तैयार कर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) को देना है। यूईआरसी प्रस्ताव का अध्ययन और आंकड़ों की गणना करने के बाद मार्च के अंतिम सप्ताह में वर्ष 2018-19 के लिए बिजली दरें (टैरिफ) घोषित करेगा।

इससे पहले यूईआरसी प्रदेश में कई जगहों पर जन सुनवाई शिविर भी लगाएगा, जिसमें उपभोक्ताओं से सुझाव लिए जाएंगे। सूत्रों की मानें तो इस बार भी यूपीसीएल की ओर से 15 फीसद से ज्यादा वृद्धि का प्रस्ताव दिया जा सकता है। इसका एक कारण ये भी है कि सातवां वेतनमान लागू होने से निगम पर खर्च भी बढ़ा है। पिछले साल यूपीसीएल ने 13.48 फीसद वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, लेकिन यूईआरसी ने 5.72 फीसद को ही स्वीकृति दी थी।
यूपीसीएल प्रबंध निदेशक बीसीके. मिश्रा ने बताया कि अगले वित्तीय वर्ष में अनुमानित कितनी बिजली की आवश्यकता होगी, इस पर कितना खर्च आएगा, यूपीसीएल का कुल खर्च और आय आदि के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया जाता है। प्रस्ताव को अगली निदेशक मंडल की बैठक में रखा जाएगा। अगर कुछ संशोधन की जरुरत होगी तो उसे करने के बाद यूईआरसी को भेज दिया जाएगा। 

बारूद विस्फोट से आवासीय भवनों को खतरा

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विकासनगर,  हथियारी जल विद्युत परियोजना के तहत सुरंग निर्माण के लिए किए जा रहे बारूद विस्फोट से भदोगी गांव के आवासीय भवनों में दरारें पड़ गई हैं। जबकि एक आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीण निर्माणदाई संस्था से कई बार सुरक्षात्मक उपाय करने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अब ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर उचित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की है।
एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीण जीत सिंह नेगी ने बताया कि बारूदी विस्फोट से गांव के एक दर्जन से अधिक मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं जिससे मकान ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। जबकि एक मकान ध्वस्त हो चुका है। जल विद्युत निगम व परियोजना निर्माण के लिए कार्यदाई संस्था को कई बार गांव में सुरक्षा के इंतजाम करने को कहा गया लेकिन ग्रामीणों की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। क्षतिग्रस्त मकानों में ग्रामीणों के परिवार डर के साए में जी रहे हैं। निर्माणदाई संस्था को सुरक्षा इंतजाम होने तक बारूदी विस्फोट पर रोक लगाने की मांग भी गई लेकिन परियोजना निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है जिससे गांव के अस्तित्व पर ही संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर बीस नवंबर तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने व क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर पचीस नवम्बर से परियोजना निर्माण कार्य बंद कराने की चेतावनी दी है। ज्ञापन पर जीत सिंह नेगी के साथ ही सुरेश नेगी, सुधीर तोमर, नवीन आदि के हस्ताक्षर हैं।