Page 365

…तो दून में सांस लेना दूभर हो जाएगा

0

देहरादून। दिल्ली में वायु प्रदूषण की रफ्तार को कम करने के लिए तमाम जतन शुरू कर दिए गए हैं और दून में फिलहाल दूर-दूर तक ऐसी कवायद नजर नहीं आ रही। वायु प्रदूषण इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो पांच साल में दून में सांस लेना भी दूभर हो जाएगा। प्रदूषण की मौजूदा रफ्तार बताती है कि वर्ष 2022 तक दून की हवा में रेस्पायरेबल सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर (आरएसपीएम)-10 की दर 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक हो जाएगी। शायद तब दून दिल्ली को भी पीछे छोड़ देगा।

वहीं, दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने आदेश दिया है कि जिन क्षेत्रों में आरएसपीएम-10 की दर 500 व पीएम-2.5 की दर 300 से अधिक है, वहां वाहनों के संचालन में ऑड-ईवन का फार्मूला अपनाया जाए। दून में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पीएम-10 पर वायु प्रदूषण को मापता है और इसके मुताबिक आरएसपीएम 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर को भयावह स्थिति में मानें तो पांच साल बाद ही दून में ऐसे हालात पैदा हो जाएंगे।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तीन साल के आंकड़ों पर गौर करने पर पता चलता है कि घंटाघर, रायपुर व आइएसबीटी क्षेत्र में प्रदूषण की रफ्तार 14.02 से 25.56 फीसद की दर से बढ़ रही है। वायु प्रदूषण के सबसे विकट हालात आइएसबीटी क्षेत्र में पैदा हो रहे हैं। सात नवंबर को ही यहां आरएसपीएम-10 400.4 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर जा पहुंचा था। वायु प्रदूषण की औसत दर की बात करें तो इस साल जनवरी से अगस्त तक (आठ माह) ही आरएसपीएम की औसत दर 276 को पार कर गई है। जबकि वर्ष 2015 में 12 माह में भी यह आंकड़ा 237.75 पर सिमटा था।

दून में इस तरह जहरीली हो रही हवा:

  • क्षेत्र 2017, 2015
  • आइएसबीटी, 276.50, 237.75
  • रायपुर, 208.68, 155.35
  • घंटाघर, 193.54, 159.54

नोट: वर्ष 2017 के आंकड़े अगस्त माह तक का औसत है, जबकि वर्ष 2015 में पूरा 12 माह के आंकड़ों का औसत है।
पांच साल बाद यह होगी तस्वीर (वर्ष 2015 से 2017 की बढ़त के अनुसार)
आइएसबीटी (14.02 की दर मौजूदा दर से ही प्रदूषण बढ़ा तो पांच साल बाद इस क्षेत्र में आरएसपीएम 531 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर को पार कर जाएगा।)
रायपुर (25.56 फीसद की वर्तमान दर के अनुसार पांच साल बाद 518.60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होगा वायु प्रदूषण)
घंटाघर (17.57 की दर से ही प्रदूषण बढऩे पर पांच-छह साल में आरएसपीएम का स्तर 511.1 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर पहुंच जाएगा।)

जितने वाहन, उतना अधिक प्रदूषण
वायु प्रदूषण बढऩे का प्रमुख कारण है वाहनों का धुआं। वर्तमान में दून में 7.5 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं और हर साल 54 हजार से अधिक वाहन पंजीकृत हो रहे हैं। जबकि इसके अनुरूप वाहनों के प्रदूषण पर लगाम लगाने के प्रभावी उपाय नहीं किए जा रहे। इसके अलावा निर्माण कार्यों से निकले वाले धूल कणों से भी प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। दून में इस लिहाज से भी प्रदूषण बढ़ रहा है।

ऐसे समझें पीएम-10 या पीएम-2.5
पीएम यानी पार्टिकुलेट मैटर या प्रदूषण के कण। इनके आकर को पीएम-10 या पीएम-2.5 आदि में मापा जाता है और यह संख्या कणों के आकार को दर्शाती है। जिसका पैमाना माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है। दून में दिल्ली से 2.5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर जैसे छोटे कणों को मापने की व्यवस्था हीं है। 

लूट के तीन आरोपी गिरफ्तार

0

पारस अग्रवाल ने थाना ऋषिकेश पर टेलीफोन से सूचना दी कि अज्ञात मोटर साईकिल सवार तीन बदमाश तमन्चे के बल पर मेरी स्कूटी व उसमे रखे तीन लाख रूपये नगद लूट कर भाग गये हैं। इस सूचना घटनास्थल पर जाकर जानकारी एकत्रित की गयी तथा घटना कारित करने वालों के गिरफ्तारी हेतु सरहदीय थानो/चौकियों पर सघन चैकिंग करने के सम्बन्ध में बताया गया।

ऋषिकेश क्षेत्र में इस प्रकार की लूट की जघन्य घटना होने से नाराज व्यापारियों ने घटना के शीघ्र खुलासे को लेकर चेतावनी दी गयी। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास घरो व प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को बारीकी से चैक किया गया तथा पूर्व में इस प्रकार की घटना करने वाले अपराधियों की जानकारी एकत्रित की गयी। साथ ही पुलिस टीम द्वारा व्यापारी पारस अग्रवाल की दुकान व आसपास की दुकान में कार्य करने वाले व्यक्तियों का भी सत्यापन किया गया।

इस दौरान पुलिस टीम द्वारा काफी जानकारी एकत्रित की गयी तथा जानकारी मिली कि पास की ही दुकान के एक नौकर द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनायी गयी है।  पुलिस टीम अज्ञांत अभियुक्तों की तलाश में हरिद्वार बाईपास रोड़ पर थी कि पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि व्यापारी पारस अग्रवाल से लूट करने वाले दो अपराधी पोस्टमार्टम हाउस हरिद्वार बाईपास के पास बैठे हैं तथा दो स्थानीय अपराधी इनसे मिलने आने वाले हैं, इन चारो व्यक्तियों में लूट की रकम के बटंवारे को लेकर विवाद हुआ है सम्भवतयः यह लोग इसके निपटारे को लेकर मिलने वाले है ।

पुलिस टीम द्वारा मुखबिर के बताये जगह पर जाकर छिपकर देखा तो एक व्यक्ति पोस्टमार्टम हाउस के गेट के सामने एक व्यक्ति मोटर साईकिल, दो व्यक्ति होण्डा स्कूटी पर तथा एक व्यक्ति अन्य होण्डा स्कूटी पर बैठकर आपस में रूपयों को गिनकर उनकी अदलाबदली कर बहसबाजी कर रहे थे। पुलिस टीम को यकीन हो गया कि यह लूट की रकम को लेकर आपस में बहसबाजी कर रहे हैं इस पर पुलिस टीम द्वारा चारो व्यक्तियों को पकड़ने के लिये दौड़े, जिस पर चारो व्यक्तियों ने अपने अपने वाहनों से भागने का प्रयास किया परन्तु पुलिस टीम द्वारा तीन व्यतियों को मौक पर ही पकड़ लिया, एक व्यक्ति मौके का फायदा उठाकर भाग गया।

पूछताछ करने पर पकड़े गये अंकुर गुप्ता ने बताया कि, “मैं यहां पिछले 10 वर्षो से रह रहा हॅू तथा पहले कपड़ो का व फिर दिहाड़ी पर गाड़ी चलाने का काम करता था। आमदनी ठीक न होने के कारण मैं परेशान रहने लगा। आज से कुछ दिन पहले मुझे मेरा पुराना दोस्त दुर्गा मिला, हम दोनो ने मिलकर शराब पी तथा कोई बड़ी अपराधिक वारदात कर मालामाल होने की सोची। तब दुर्गा ने बताया कि जहां मैं काम करता हॅू उस दुकान के बगल में पारस अग्रवाल नाम का दुकानदार है जिसका प्रतिदिन का 10-12 लाख रूपये का काम हैं तथा वह हर दिन अपनी स्कूटी से अपने घर गंगानगर जाता है।”

योजना के मुताबिक  विजयप्रताप उर्फ काकू, रघु उर्फ रमन व विपिन बिना नम्बर की मो.सा. से इन्द्रानगर स्थित घर आ गये। मैने तीनों को पारस अग्रवाल की शक्ल, दुकान व आने जाने का रास्ता दिखाया तथा तीनो को उसके घर के पास मोड़ पर खड़ा करवा दिया तथा दुकान के बाहर आकर खड़ा हो गया। पारस के दुकान बन्द कर घर के लिये निकलने पर फोन से विपिन को बता दिया। पारस के समीप मोड़ पर खड़े तीनो व्यक्ति पारस की शक्ल सही से न देख पाने के कारण घटना करने से चूक गये। पुनः तैयारी कर तीनो को फोन से पारस के चलने की सूचना दी व तीनो ने लूट की घटना को अंजाम दे दिया।

तीनो लड़के लाला की स्कूटी व अपनी मो.सा. लेकर घर आ गये। लाला बैग चैक करने पर उसमें 3 लाख 68 हजार रूपये मिले, जिसे हमने बाँट दिया व 92,000/- रुपये प्रत्येक के हिस्से में आये व अंकुर गुप्ता के हिस्से में लूटी गयी स्कूटी भी आयी व लूटे गये पैसो से एक अन्य स्कूटी भी खरीदी तथा विपिन ने लूटे गये पैसो से होण्डा स्पेलेण्डर खरीदी एवं लूट के कुछ पैसे खर्च कर दिये।

पकड़े गये अभियुक्तो ने बताया कि लूट की घटना व अपना अपना हिस्सा लेने के बाद हम लोग चले गये थे। हमारे एक साथी रघु ने अपने किसी पुराने मुकदमें में हरिद्वार जेल में सरेण्डर कर दिया है। फरार अभियुक्त विजयप्रताप उर्फ काकू की शीघ्र गिरफ्तारी व बरामदगी हेतु तलाश जारी है।

देसी कट्टा व खुखरी के साथ तीन गिरफ्तार

0

देहरादून। थाना डालनवाला पुलिस ने शनिवार को चेकिंग के दौरान सेवक आश्रम रोड करनपुर के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे दो व्यक्तियों को पकड़कर उनकी तलाशी ली तो एक खुखरी और एक चाकू बरामद हुआ। दोनों ने पूछताछ में अपना नाम मोहम्मद अरशद पुत्र आमिर अहमद निवासी मंजुल नगर, मेरठ उत्तर प्रदेश तथा अतीक खान पुत्र मोहम्मद खान निवासी ओखला नई दिल्ली बताया।

पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध थाना डालनवाला में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत करवा दिया है। वहीं एक अन्य घटनाक्रम के तहत थाना रायपुर पुलिस ने एमडीडीए पुल के पास से एक व्यक्ति सचिन उर्फ हर्ष पुत्र भूषण अरोड़ा निवासी करनपुर, देहरादून को एक देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया।

गोवंशीय पशुओं का किया जाएगा पंजीकरण

0

पिथौरागढ़। डीएम सी रविशंकर की अध्यक्षता में पशु क्रूरता निवारण समिति की शनिवार को त्रैमासिक बैठक गोवंशीय पशुओं के पंजीकरण और रख रखाव को लेकर हुई, जिसमें नगर पालिका और पशुपालन विभाग के सहयोग से शहरी क्षेत्र के गोवंशीय पशुओं का पंजीकरण करने निर्णय लिया गया।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विद्यासागर कापड़ी ने कहा कि जिले के वास्तविक गोरक्षकों की पहचान कर गो सेवा आयोग के माध्यम से पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। शहरी क्षेत्र के अंतर्गत पशुपालन और नगरपालिका गोवंशीय पशुओं का पंजीकरण करेंगे। पालतू श्वानों का पंजीकरण कर नसबंदी भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में रह रहे गोपालक अगर अपने पशु का पंजीकरण नहीं कराते हैं, तो उन्हें उपचार, कृत्रिम गर्भाधान से वंचित किया जाएगा।
बैठक में उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीके जोशी, डॉ. केके जोशी, डॉ. मनोज जोशी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। 

डीपी के लिए पुलिस की दबिश जारी

0

रुद्रपुर, एनएच मुआवजा घोटाले में फरार चल रहे पूर्व एसएलएओ डीपी सिंह की तलाश में पुलिस डीपी सिंह के कई ठिकानों पर दबिश दे रही है, डीपी सिंह की धरपकड़ के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देहरादून में कई स्थानों पर दबिश दी गयी, लेकिन डीपी का कहीं पता नहीं चला, पुलिस की चार टीमें लगातार डीपी सिंह की तलाश में जुटी है, एसआइटी और पुलिस टीम को दबिश के दौरान कई दस्तावेज भी एसआइटी को बरामद किए।जो काफी महत्वपूर्ण बताये जा रहे हैं।

इधर गिरफ्तारी से बचने के लिए डीपी सिंह हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की शरण में भी गए, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान पुलिस को कई दस्तावेज भी मिले हैं। माना जा रहा है कि डीपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में आ सकता है। वहीं डी पी सिंह के खिलाफ एसआईटी ने एनबीडब्लू और 83 के नोटिस भी जारी कर दिये हैं, और डीपी की तलाश में अलग अलग स्थानों पर दबिश भी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने क्षय रोगियों के उपचार के लिए ‘डेली रिजीम का किया उद्घाटन

0
मुख्यमंत्री ने जनता मिलन हाॅल में क्षय रोगियों के उपचार के लिए नई उपचार पद्यति ’डेली रिजीम’ का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कार्यक्रम में उपस्थित कुछ क्षय रोगियों को नई उपचार पद्धति की दवाइयां देकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
’लॉंच ऑफ डेली रेजीम फॉर टीबी ट्रीटमेंट’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि 2025 तक भारत को ट्यूबरक्लोसिस से मुक्त करना है। उत्तराखण्ड की जागरुकता के स्तर को देखते हुए राज्य में यह लक्ष्य 2024 तक पाया जा सकता है। क्षय रोग अब किसी डर का विषय नहीं है और चिकित्सा शास्त्रीयों ने इस पर विजय प्राप्त कर ली है। परंतु इस रोग के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है और इसका चिकित्सकीय परामर्श के साथ नियमित उपचार बहुत जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, “उत्तराखंड राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए सरकार गंभीर है और इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अभी हाल ही में पौड़ी मुख्यालय में प्रदेश के कुल 12 अस्पतालों में टेली रेडियोलॉजी की सेवा शुरू कर दी गई है और शेष 23 अस्पतालों में जल्द शुरू कर दी जाएगी।विदेशों में भी टेली रेडियोलॉजी और टेली मेडिसिन का प्रयोग दूरस्थ क्षेत्रों में उपचार पहुंचाने के लिए किया जाता है।”
उन्होंने कहा कि तकनीकी के प्रयोग से हमें हिचकना नहीं चाहिए चिकित्सा क्षेत्र में शोध कार्य निरंतर चलते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में युवा पीढ़ी पहले की तुलना में अधिक अपडेट है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं सहित सभी युवाओं से कहा कि वे सीधे फेसबुक, ट्विटर और ईमेल के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपने सुझाव दे सकते हैं।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.अर्चना ने बताया कि, “पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत डेली रेजीम उपचार पद्धती प्रारंभ की जा रही है। इस पद्धति के शुरू होने पर प्रदेश से ट्यूबरक्लोसिस का समूल नाश संभव हो सकेगा। इस पद्धति के लिए सभी जनपदों में प्रशिक्षण प्रदान कर दिया गया है और औषधियां पहुंचा दी गई हैं। टीवी नेट डायग्नोस्टिक तकनीक जो पहले प्राइवेट अस्पतालों में मरीज को 2 से रू.3000 खर्च करने पर मिलती थी अब प्रदेश के 9 जनपदों में सरकारी अस्पताल में उपलब्ध करा दी गई है। शेष 4 जनपद पौड़ी टिहरी उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में 3 महीने में उपलब्ध करा दी जाएगी।”

हरीश रावत का केन्द्र सरकार पर हमला

0

रानीखेत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। नोटबंदी के बाद पुराने नोटों को ‘व्हाइट’ करने की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, उच्चतम न्यायालय के किसी सिटिंग जज से पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए। ताकि यह खुलासा हो सके कि नोट बदलने के लिए लिया गया ‘कमीशन’ गया कहां। आरोप लगाया कि नोटबंदी के जरिये भ्रष्टाचार खत्म करने की आड़ में मोदी सरकार बड़ा खेल कर गई। राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा, नई योजनाएं तो बन नहीं रहीं, उल्टा कांग्रेस राज में हमने जो कल्याणकारी योजनाएं शुरू की उन्हें बारी बारी बंद कर गरीबों के हितों पर चोट की जा रही।

पूर्व सीएम हरीश रावत ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि रिजर्व बैंक खुलासा कर चुका है कि देश में सभी नोट बदल लिए गए। जनता भी यह सब जानती है। रावत बोले कि पुराने नोटों को बदल कर उन्हें ‘व्हाइट’ करने के लिए मोदी सरकार ने जो कमीशन का खेल खेला, वह कमीशन गया कहां। उन्होंने जोर देकर कहा कि नोटबंदी की आड़ में पूरी धांधली की गई। घर पर बचत करने वाले मध्यम व गरीब तबके के लोगों ने भी तब पुराने नोट बदलने के लिए कमीशन दिया या उनसे मांगा गया। पूर्व सीएम ने मांग उठाई कि सुप्रीम कोट के किसी सिटिंग जज से नोटबंदी के बाद नोटों बदलने व कमीशन के खेल की जांच करानी चाहिए। सब कुछ साफ हो जाएगा।

तेज रफ्तार कार ने टक्कर मारी हुआ फरार दुर्घटना में पांच लोग घायल

0

ऋषिकेश, डोईवाला कोतवाली के अंतर्गत जौलीग्रांट-थानो जंगल के बीच एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसमें दो बच्चों सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को पुलिस ने हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट भर्ती कराया है। दुर्घटना में कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।

accident

जौलीग्रांट पुलिस चौकी इंचार्ज मंजुल रावत ने बताया कि पीआरडी कॉलोनी तपोवन रायपुर देहरादून निवासी सुनील ममगाईं (32) पुत्र स्व. टीकाराम उनकी पत्नी अंजना ममगाईं (30), आशीष थपलियाल (31) पुत्र जयंती प्रसाद थपलियाल ग्राम चौरा जखोली जिला रुद्रप्रयाग कार में गढ़वाल से वापस लौट रहे थे। इस बीच थानो के जंगल के पास कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट भर्ती कराया है। बताया कि कार में दो बच्चे भी सवार थे। उन्होंने बताया कि दुर्घटना का कारण नहीं पता चल पाया है।

औली की खूबसूरती को बिगाड़ रहा ढलानों पर पसरा कूड़ा

0

गोपेश्वर। एशिया की सबसे बेहतरीन बर्फीली ढलानों के लिये प्रसिद्ध औली के प्रवेश द्वार में बिखरे कूड़े ने औली की खूबसूरती को दाग लगाती नजर आ रही है। इधर-उधर बिखरे कूड़े से यहां आने वाले पर्यटक भी खासे परेशान नजर आते हैं।

विश्वप्रसिद्ध हिम क्रीड़ा स्थली औली में सैकड़ों टन कूड़ा इधर-उधर बिखरा पड़ा है। पर्यटन विभाग मौन है और वन विभाग अब तक चालान काटने के लिये मौके तलाश रहा है। औली नंदादेवी नेशनल पार्क के रिजर्व फॉरेस्ट में आता है। औली जहां अपनी प्राकृतिक सुंदरता और खूब सूरत नजारे के लिए जाना जाता है वहीं औली की इस तस्वीर को देख हर कोई हैरान है।

औली में उत्तराखंड पर्यटन विभाग और गढ़वाल मंडल विकास निगम के माध्यम से स्की प्रशिक्षण और होटल संचालित किए जाते हैं, जिसके लिए यहां पर साल भर पर्यटकों व स्की प्रेमियों का आना-जाना लगा रहता है। बर्फवारी के समय तो यहां बिखरा कूड़ा बर्फ से ढक जाता है, लेकिन जब बर्फ पिघलने लगती है तो यह कूड़ा साफ नजर आता है, जिससे औली की खूबसूरती बिगड़ने लगी है।
क्षेत्र के संजय कुंवर का कहना है कि पर्यटन विभाग द्वारा कूडे़ का उचित प्रबंधन न किये जाने से यह स्थिति पैदा हुई है, वहीं वन विभाग के अधिकारियों व गढ़वाल मंडल के अधिकारियों का कहना है कि हर साल कूडे़ का निस्तारण किया जाता है, इस वर्ष भी इसकी शुरुआत की जा रही है, शीघ्र ही कूडे़ को हटा लिया जाएगा।

गढ़वाली भाषा में युवा कर रहे हैं रामलीला

0

गोपेश्वर। गढ़वाली कुमायूनी भाषा को संविधान की अनुसूचि में शामिल कराने के लिए तथा लोक भाषा को जीवित करने के लिए कई बौद्धिक प्रयास हो रहे हैं। शहरों में बैठकर गढ़वाली कुमायूनी बचाने की बौद्धिक जुगाली भी हो रही है लेकिन इन सब से दूर, बहुत दूर चमोली के ठेट सिरौली गांव में गढ़वाली भाषा में रामलीला का आयोजन हो रहा है। हासिए पर चली गई गढ़वाली भाषा में ही रामलीला के पात्र संवाद और गानों के माध्यम से अभिव्यक्ति दे रहे हैं। लोगों को यह प्रयास खूब भा रहा है। सती माता अनुसूया मंदिर के मार्ग पर है सिरोली गांव। यहां के नव युवक मंगल दल ने राम के साथ-साथ गढ़वाली भाषा बचाने और उसे सम्मान सहित प्रयोग में लाने के लिए एक संकल्प लिया।

रामलीला कमेटी के आयोजक टीम राहुल सिंह बताते हैं कि युवकों ने तीन महीने तक कड़ी मेहनत से गढ़वाली भाषा में रामलीला का जनरल तैयार किया और पूरी रामलीला गढ़वाली में लिखी। इन तीन महीनों में लगातार रिर्हसल भी की गई। युवकों का यह प्रयास गांव और आसपास के बुजुर्गों को खूब भाया और सबने युवा पीढ़ी का सहयोग देने की बात कही। इस रामलीला में जो भी पात्र हैं और वे अपनी अभिव्यक्ति संवाद डायलाॅग और पहाड़ में होने वाली रामलीला में प्रयुक्त चौपाई रागनी और मालकोष जैसे रागों को गढ़वाली धूनों में गा रहे हैं।

जिला पंचायत सदस्य उषा रावत, भागीरथी कुंजवाल इस रामलीला को देखकर अभिभूत है। उन्होंने कहा कि लोक भाषा और परंपरा को बचाने की यदि कोई प्रेरणा ले तो सिरौली गांव के इन नव युवकों से लें जिन्होंने राम के साथ-साथ लोक भाषा गढ़वाली की मर्यादा को बचाने का काम किया है।