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डीपी के लिए पुलिस की दबिश जारी

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रुद्रपुर, एनएच मुआवजा घोटाले में फरार चल रहे पूर्व एसएलएओ डीपी सिंह की तलाश में पुलिस डीपी सिंह के कई ठिकानों पर दबिश दे रही है, डीपी सिंह की धरपकड़ के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देहरादून में कई स्थानों पर दबिश दी गयी, लेकिन डीपी का कहीं पता नहीं चला, पुलिस की चार टीमें लगातार डीपी सिंह की तलाश में जुटी है, एसआइटी और पुलिस टीम को दबिश के दौरान कई दस्तावेज भी एसआइटी को बरामद किए।जो काफी महत्वपूर्ण बताये जा रहे हैं।

इधर गिरफ्तारी से बचने के लिए डीपी सिंह हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की शरण में भी गए, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान पुलिस को कई दस्तावेज भी मिले हैं। माना जा रहा है कि डीपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में आ सकता है। वहीं डी पी सिंह के खिलाफ एसआईटी ने एनबीडब्लू और 83 के नोटिस भी जारी कर दिये हैं, और डीपी की तलाश में अलग अलग स्थानों पर दबिश भी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने क्षय रोगियों के उपचार के लिए ‘डेली रिजीम का किया उद्घाटन

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मुख्यमंत्री ने जनता मिलन हाॅल में क्षय रोगियों के उपचार के लिए नई उपचार पद्यति ’डेली रिजीम’ का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कार्यक्रम में उपस्थित कुछ क्षय रोगियों को नई उपचार पद्धति की दवाइयां देकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
’लॉंच ऑफ डेली रेजीम फॉर टीबी ट्रीटमेंट’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि 2025 तक भारत को ट्यूबरक्लोसिस से मुक्त करना है। उत्तराखण्ड की जागरुकता के स्तर को देखते हुए राज्य में यह लक्ष्य 2024 तक पाया जा सकता है। क्षय रोग अब किसी डर का विषय नहीं है और चिकित्सा शास्त्रीयों ने इस पर विजय प्राप्त कर ली है। परंतु इस रोग के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है और इसका चिकित्सकीय परामर्श के साथ नियमित उपचार बहुत जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, “उत्तराखंड राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए सरकार गंभीर है और इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अभी हाल ही में पौड़ी मुख्यालय में प्रदेश के कुल 12 अस्पतालों में टेली रेडियोलॉजी की सेवा शुरू कर दी गई है और शेष 23 अस्पतालों में जल्द शुरू कर दी जाएगी।विदेशों में भी टेली रेडियोलॉजी और टेली मेडिसिन का प्रयोग दूरस्थ क्षेत्रों में उपचार पहुंचाने के लिए किया जाता है।”
उन्होंने कहा कि तकनीकी के प्रयोग से हमें हिचकना नहीं चाहिए चिकित्सा क्षेत्र में शोध कार्य निरंतर चलते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में युवा पीढ़ी पहले की तुलना में अधिक अपडेट है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं सहित सभी युवाओं से कहा कि वे सीधे फेसबुक, ट्विटर और ईमेल के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपने सुझाव दे सकते हैं।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.अर्चना ने बताया कि, “पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत डेली रेजीम उपचार पद्धती प्रारंभ की जा रही है। इस पद्धति के शुरू होने पर प्रदेश से ट्यूबरक्लोसिस का समूल नाश संभव हो सकेगा। इस पद्धति के लिए सभी जनपदों में प्रशिक्षण प्रदान कर दिया गया है और औषधियां पहुंचा दी गई हैं। टीवी नेट डायग्नोस्टिक तकनीक जो पहले प्राइवेट अस्पतालों में मरीज को 2 से रू.3000 खर्च करने पर मिलती थी अब प्रदेश के 9 जनपदों में सरकारी अस्पताल में उपलब्ध करा दी गई है। शेष 4 जनपद पौड़ी टिहरी उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में 3 महीने में उपलब्ध करा दी जाएगी।”

हरीश रावत का केन्द्र सरकार पर हमला

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रानीखेत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। नोटबंदी के बाद पुराने नोटों को ‘व्हाइट’ करने की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, उच्चतम न्यायालय के किसी सिटिंग जज से पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए। ताकि यह खुलासा हो सके कि नोट बदलने के लिए लिया गया ‘कमीशन’ गया कहां। आरोप लगाया कि नोटबंदी के जरिये भ्रष्टाचार खत्म करने की आड़ में मोदी सरकार बड़ा खेल कर गई। राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा, नई योजनाएं तो बन नहीं रहीं, उल्टा कांग्रेस राज में हमने जो कल्याणकारी योजनाएं शुरू की उन्हें बारी बारी बंद कर गरीबों के हितों पर चोट की जा रही।

पूर्व सीएम हरीश रावत ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि रिजर्व बैंक खुलासा कर चुका है कि देश में सभी नोट बदल लिए गए। जनता भी यह सब जानती है। रावत बोले कि पुराने नोटों को बदल कर उन्हें ‘व्हाइट’ करने के लिए मोदी सरकार ने जो कमीशन का खेल खेला, वह कमीशन गया कहां। उन्होंने जोर देकर कहा कि नोटबंदी की आड़ में पूरी धांधली की गई। घर पर बचत करने वाले मध्यम व गरीब तबके के लोगों ने भी तब पुराने नोट बदलने के लिए कमीशन दिया या उनसे मांगा गया। पूर्व सीएम ने मांग उठाई कि सुप्रीम कोट के किसी सिटिंग जज से नोटबंदी के बाद नोटों बदलने व कमीशन के खेल की जांच करानी चाहिए। सब कुछ साफ हो जाएगा।

तेज रफ्तार कार ने टक्कर मारी हुआ फरार दुर्घटना में पांच लोग घायल

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ऋषिकेश, डोईवाला कोतवाली के अंतर्गत जौलीग्रांट-थानो जंगल के बीच एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसमें दो बच्चों सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को पुलिस ने हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट भर्ती कराया है। दुर्घटना में कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।

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जौलीग्रांट पुलिस चौकी इंचार्ज मंजुल रावत ने बताया कि पीआरडी कॉलोनी तपोवन रायपुर देहरादून निवासी सुनील ममगाईं (32) पुत्र स्व. टीकाराम उनकी पत्नी अंजना ममगाईं (30), आशीष थपलियाल (31) पुत्र जयंती प्रसाद थपलियाल ग्राम चौरा जखोली जिला रुद्रप्रयाग कार में गढ़वाल से वापस लौट रहे थे। इस बीच थानो के जंगल के पास कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट भर्ती कराया है। बताया कि कार में दो बच्चे भी सवार थे। उन्होंने बताया कि दुर्घटना का कारण नहीं पता चल पाया है।

औली की खूबसूरती को बिगाड़ रहा ढलानों पर पसरा कूड़ा

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गोपेश्वर। एशिया की सबसे बेहतरीन बर्फीली ढलानों के लिये प्रसिद्ध औली के प्रवेश द्वार में बिखरे कूड़े ने औली की खूबसूरती को दाग लगाती नजर आ रही है। इधर-उधर बिखरे कूड़े से यहां आने वाले पर्यटक भी खासे परेशान नजर आते हैं।

विश्वप्रसिद्ध हिम क्रीड़ा स्थली औली में सैकड़ों टन कूड़ा इधर-उधर बिखरा पड़ा है। पर्यटन विभाग मौन है और वन विभाग अब तक चालान काटने के लिये मौके तलाश रहा है। औली नंदादेवी नेशनल पार्क के रिजर्व फॉरेस्ट में आता है। औली जहां अपनी प्राकृतिक सुंदरता और खूब सूरत नजारे के लिए जाना जाता है वहीं औली की इस तस्वीर को देख हर कोई हैरान है।

औली में उत्तराखंड पर्यटन विभाग और गढ़वाल मंडल विकास निगम के माध्यम से स्की प्रशिक्षण और होटल संचालित किए जाते हैं, जिसके लिए यहां पर साल भर पर्यटकों व स्की प्रेमियों का आना-जाना लगा रहता है। बर्फवारी के समय तो यहां बिखरा कूड़ा बर्फ से ढक जाता है, लेकिन जब बर्फ पिघलने लगती है तो यह कूड़ा साफ नजर आता है, जिससे औली की खूबसूरती बिगड़ने लगी है।
क्षेत्र के संजय कुंवर का कहना है कि पर्यटन विभाग द्वारा कूडे़ का उचित प्रबंधन न किये जाने से यह स्थिति पैदा हुई है, वहीं वन विभाग के अधिकारियों व गढ़वाल मंडल के अधिकारियों का कहना है कि हर साल कूडे़ का निस्तारण किया जाता है, इस वर्ष भी इसकी शुरुआत की जा रही है, शीघ्र ही कूडे़ को हटा लिया जाएगा।

गढ़वाली भाषा में युवा कर रहे हैं रामलीला

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गोपेश्वर। गढ़वाली कुमायूनी भाषा को संविधान की अनुसूचि में शामिल कराने के लिए तथा लोक भाषा को जीवित करने के लिए कई बौद्धिक प्रयास हो रहे हैं। शहरों में बैठकर गढ़वाली कुमायूनी बचाने की बौद्धिक जुगाली भी हो रही है लेकिन इन सब से दूर, बहुत दूर चमोली के ठेट सिरौली गांव में गढ़वाली भाषा में रामलीला का आयोजन हो रहा है। हासिए पर चली गई गढ़वाली भाषा में ही रामलीला के पात्र संवाद और गानों के माध्यम से अभिव्यक्ति दे रहे हैं। लोगों को यह प्रयास खूब भा रहा है। सती माता अनुसूया मंदिर के मार्ग पर है सिरोली गांव। यहां के नव युवक मंगल दल ने राम के साथ-साथ गढ़वाली भाषा बचाने और उसे सम्मान सहित प्रयोग में लाने के लिए एक संकल्प लिया।

रामलीला कमेटी के आयोजक टीम राहुल सिंह बताते हैं कि युवकों ने तीन महीने तक कड़ी मेहनत से गढ़वाली भाषा में रामलीला का जनरल तैयार किया और पूरी रामलीला गढ़वाली में लिखी। इन तीन महीनों में लगातार रिर्हसल भी की गई। युवकों का यह प्रयास गांव और आसपास के बुजुर्गों को खूब भाया और सबने युवा पीढ़ी का सहयोग देने की बात कही। इस रामलीला में जो भी पात्र हैं और वे अपनी अभिव्यक्ति संवाद डायलाॅग और पहाड़ में होने वाली रामलीला में प्रयुक्त चौपाई रागनी और मालकोष जैसे रागों को गढ़वाली धूनों में गा रहे हैं।

जिला पंचायत सदस्य उषा रावत, भागीरथी कुंजवाल इस रामलीला को देखकर अभिभूत है। उन्होंने कहा कि लोक भाषा और परंपरा को बचाने की यदि कोई प्रेरणा ले तो सिरौली गांव के इन नव युवकों से लें जिन्होंने राम के साथ-साथ लोक भाषा गढ़वाली की मर्यादा को बचाने का काम किया है। 

अब भी उत्तराखंड में 165 विद्यालय भवन विहीन

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देहरादून। उत्तराखंड 17 साल का हो गया है। नौ नवम्बर को उसने 18 वें साल में प्रवेश कर लिया है, लेकिन अब तक राज्य में वर्तमान में 82 राजकीय प्राथमिक विद्यालय, 15 राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा 60 राजकीय हाईस्कूल, एक राजकीय इंटर कॉलेज और सात राजकीय कन्या इंटर कॉलेज भवन विहीन हैं।

यही स्थिति किसी राज्य के लिए सुखद नहीं मानी जा सकती। इसी प्रकार सरकार द्वारा राजूहा स्कूलों का हाईस्कूल स्तर पर तथा राजकीय हाईस्कूलों का इंटर मीडिएट स्तर पर उच्चीकरण कि या जाता है, जिनमें भी भवनों की कमी होती है।

शिक्षामंत्री अरविंद पाण्डेय मानते हैं कि उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूलों में पूर्व से कक्ष उपलब्ध होते हैं। सरकार द्वारा इन विद्यालयों में आवश्यकतानुसार राज्य योजना एवं जिला योजना के अन्तर्गत कक्षों का निर्माण प्रतिवर्ष किया जाता है, जो एक सतत् प्रक्रिया है।जानकारी देते हुए शिक्षामंत्री अरविंद पाण्डेय ने कहा कि नए स्थापित होने वाले हाईस्कूलों व इंटर कॉलेजों में भूमि उपलब्ध होने पर जिला राज्य एवं बहुउद्देशीय विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत भवन निर्माण होता रहता है,लेकिन विद्यालयों में भूमि उपलब्ध नहीं है वहां भूमि उपलब्ध होने पर संसाधनों की उपलब्धता के आधार कक्षों का निर्माण किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट, सेंसर बोर्ड से पद्मावती को समर्थन

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सेंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी फिल्म पद्मावती के समर्थन में आगे आए हैं। प्रसून जोशी से इस फिल्म के साथ जारी विवादों के बीच कहा है कि दुर्भाग्य से अभिव्यक्ति की आजादी को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि सेंसर बोर्ड इस फिल्म को लेकर अपना काम करेगा, लेकिन एक गीतकार और सालों से फिल्म इंडस्ट्री के साथ काम करने के बाद इस परेशानी को समझा जा सकता है। उनका कहना है कि सेंसर बोर्ड में फिल्म के आने का इंतजार करना चाहिए।

प्रसून जोशी के मुताबिक, बोर्ड नियमानुसार इस फिल्म को देखकर कोई फैसला करेगा, लेकिन इससे पहले ही विरोध का कोई आधार नहीं बनता। उनका कहना है कि सेंसर बोर्ड अपनी जिम्मेदारी समझता है और इस फिल्म को लेकर भी अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिल्म अभी तक सेंसर बोर्ड में भी नहीं गई है और सेंसर बोर्ड का फैसला आने से पहले बैन करने की मांग आधारहीन है। राजपूत संगठन संजय लीला भंसाली की इस फिल्म का ये कहकर विरोध कर रहे हैं कि फिल्म में पद्मावती और आक्रामण करने वाले अलाउद्दीन के बीच रिश्तों को दिखाकर महारानी पद्मावती का अपमान किया गया है और राजपूत समाज की भावनाओं को ठेस पंहुचाई गई है।

उधर, भंसाली ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में फिर से साफ किया है कि फिल्म में पद्मावती और अलाउद्दीन के बीच ऐसा कुछ नहीं है, जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पंहुचे। 

नवाज के खिलाफ 2 करोड़ का केस

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नवाजुद्दीन सिद्दीकी की जिंदगी पर लिखी गई किताब को लेकर विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। एन आर्डिनरी लाइफ नाम से लिखी किताब में नवाज ने महिलाओं के साथ अपने अंतरंग रिश्तों को लेकर जो कुछ लिखा था, उसे लेकर इतना बवाल हो गया कि नवाज ने मार्केट से किताब वापस ले ली और दिल्ली में महिला आयोग में उनके खिलाफ केस भी दर्ज हो गया।

नवाज ने इस किताब में अपनी फिल्म मिस लवली की हीरोइन निहारिका के साथ रिश्तों की बात कही थी, तो निहारिका ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का नोटिस भेज दिया। इसी किताब में नवाज ने दिल्ली एनएसडी में अपने से एक साल जूनियर सुनीता राजबर को अपना पहला प्यार बताया था।

अब सुनीता राजबर ने भी नवाज को कानूनी नोटिस भेजा है। सुनीता ने नवाज पर 2 करोड़ का मानहानि का केस किया है। सुनीता ने नवाजुद्दीन के साथ साथ किताब का प्रकाशन करने वाली कंपनी के खिलाफ भी अलग से नोटिस भेजा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने निकाय परिसीमन पर सरकार को घेरा

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काशीपुर। उत्तराखण्ड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भाजपा सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि गांव से लेकर शहर तक के लोगों में डबल इंजन की सरकार के प्रति आक्रोश बना हुआ है।

शनिवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने मंडी गेस्ट हाउस पत्रकारों से बातचीत में कहा कि निकायों का परिसीमन एक साल बाद होना चाहिए, क्योंकि अभी पंचायत सदस्यों का एक साल का कार्यकाल बचा है। अभी उन्हें काम करने देना चाहिए। परिसीमन में कांग्रेस न्याय पंचायत सदस्यों के साथ है और परिसीमन का कांग्रेस पार्टी विरोध करती है। इसके लिए अगर आंदोलन भी करना पड़ा तो कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी।
प्रीतम सिंह ने भाजपा सरकार पर प्रहार करते कहा कि डबल इंजन की सरकार किसानों का ऋण माफ नहीं कर पाई। कांग्रेस ने गरीबों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना भाजपा सरकार ने बंद कर दी। कांग्रेस जनहित के सभी मुद्दों को विधान सभा सत्र में उठाकर सरकार का पोल खोलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार जनविरोधी कार्य कर रही है। जिसको लेकर देश की जनता में रोष है।
प्रीतम सिंह ने कहा कांग्रेस सरकार में संचालित राज्य खाद्य योजना के गेंहू, चावल घटाकर दामों में वृद्धि कर दी गई। किसानों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। धान नीति नहीं बनने लोग परेशान हैं। सीएम के आदेश के बाद भी एनएच मामले में सीबीआई जांच नहीं कराई गई। भाजपा भ्रष्टाचारी नेताओं को पार्टी में शामिल कर रही है। इस मौके पर पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा, नगर अध्यक्ष संदीप सहगल, विधायक आदेश चौहान, विनोद वात्सल्य, हरीश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।