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शिक्षा मंत्री की देखें हिन्दी, गलतियों से भर दिया निमंत्रण 

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रुद्रपुर, प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के बेटे की शादी के विवाह के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले भोज के निमंत्रण पत्र में मौजूद गलतियां सोशल साइट्स पर सुर्खियों में हैं। लोगों ने उस पर कमेंट्स भी करने शुरू कर दिए हैं। दरअसल निमंत्रण पत्र में एक नहीं अनेक गलतियां हैं। हालांकि सबसे बड़ी गलती उस शख्स की है, जिसने निमंत्रण पत्र के मजनून को फाइनल किया।

 गौरतलब है कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने पुत्र के विवाह के उपलक्ष्य में 28 नवंबर को भोज का आयोजन रखा है। उनके निमंत्रण पत्र बंटने शुरू हुए तो किसी जागरूक व्यक्ति ने निमंत्रण पत्र में मौजूद खामियों पर गोलघेरा करके इंगित किया और सोशल साइट्स पर कार्ड की खामियों को उजागर किया। निमंत्रण पत्र में सूर्यकोटि, एवं, आशीर्वाद, प्रतिभोज, सायं, रिसोर्ट, दर्शनाभिलाषी, उज्जवल, अंकित जैसे शब्द गलत छपे हैं। हालांकि गलती उस शख्स की है, जिसने मजनून को फाइनल किया।

यूं तो निमंत्रण पत्र में गलतियां होना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन निमंत्रण पत्र चूंकि के प्रदेश के शिक्षा मंत्री के बेटे के भोज का है, इसलिए यह कार्ड चर्चा में है। बहरहाल, निमंत्रण पत्र में मौजूद खामियां को लेकर लोग तरह तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं।

31 मार्च 2018 तक शहरों को भी ओडीएफ करने के निर्देश

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मुख्य सचिव, उत्पल कुमार सिंह ने सचिवालय में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की राज्य स्तरीय समिति की अध्यक्षता करते हुए 31 मार्च 2018 तक शहरों को भी ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) करने के निर्देश दिए। बताया गया कि 14 नगर निकायों को भारत सरकार द्वारा ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। अन्य 8 निकायों के दावे भारत सरकार को भेजे गए हैं। 25 निकायों के दामों का परीक्षण किया जा रहा है।
बैठक में बताया गया कि 742 वार्डों में से 534 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा इकट्ठा का कार्य शुरू हो गया है। शेष वार्डों में दिसम्बर 2017 तक कूड़ा इकट्ठा करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार के अनुरोध पर भारत सरकार ने व्यक्तिगत शौचालय की धनराशि 4000 रूपये से 10,800 रूपये कर दिये हैं। इसके अलावा हंस फाउंडेशन द्वारा 5000 व्यक्तिगत और 300 सीट सार्वजनिक शौचालय बनाये जायेंगे। भेल हरिद्वार द्वारा सीएसआर से 276 सीट के 15 सार्वजनिक शौचालय बना दिए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि 27,640 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय बनाने के लक्ष्य के सापेक्ष 5,853 शौचालय बना दिए गए हैं, और 8610 शौचालयों का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा 2000 सीट के सार्वजनिक शौचालय के सापेक्ष 267 का निर्माण हो गया है, 35 का निर्माण कार्य चल रहा है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में बताया गया कि राज्य ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान बना लिया है। 13 नगरों में अपशिष्ट से कंपोस्ट बनाने का कार्य शुरु कर दिया गया है। देहरादून व हरिद्वार में कंपोस्ट बनाने का कार्य प्रगति पर है, हल्द्वानी एवं रुड़की क्लस्टर में कार्यवाही चल रही है

डायबिटीज पर रोक न लगी तो चीन से आगे निकल जाएगा भारत

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ऋषिकेश। एम्स, ऋषिकेश में डायबिटीज एवं हृदय रोग पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी का समापन सोमवार को किया गया। संगोष्ठी का मुख्य आकर्षण देश-विदेश से आए जूनियर डॉक्टरों की ट्रेनिंग रही। कार्यक्रम के अध्यक्ष व मेडिसिन विभाग के आचार्य डॉ. रविकांत ने इस अवसर पर बताया कि भारत में डायबिटीज की दर लगभग आठ प्रतिशत है। जिस दर से डायबिटीज बढ़ रही है, उससे लगता है कि कुछ ही साल में हम चीन से आगे निकल कर दुनिया में पहले स्थान पर होंगे। मौजूदा समय में डायबिटीज एवं हृदय रोगों की पर्याप्त सुविधा पहाड़ के मरीजों को समय पर नहीं मिल पाती। इन जटिल परिस्थितियों से निपटने के लिए उत्तराखंड जैसे राज्य को विशेष तैयारियों की आवश्यकता है।

एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने राज्य की स्वास्थ्य समस्याओं के निराकरण के लिए ई-हेल्थ को लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया हा। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड जैसे राज्य जहां भौगोलिक परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। अतः राज्य की पीएचसी एवं सीइचसी को एम्स जैसे संस्थान से टेलीकांफ्रेंसिंग द्वारा जोड़ा जा सकता है, जिससे मरीजों को पहाड़ पर भी समय रहते उच्च स्तर का स्वास्थ्य परामर्श और चिकित्सा मुहैया कराई जा सकती है। डॉ. मीनाक्षी धर ने बढ़ती उम्र में डायबिटीज एवं हृदय रोग विषय पर अपने अनुभव साझा किए। डीन प्रो. सुरेखा किशोर ने डायबिटीज एवं हृदय रोग का जो आंकड़ा प्रस्तुत किया, उससे पता चलता है कि डायबिटीस एवं हृदय रोग भारत में तेजी पांव पसार रहा है, इससे इंसान की जान को खतरा पैदा हो रहा है। अतः समय रहते हमें अपनी जीवन शैली में बदलाव करना आवश्यक है।

कॉन्फ्रेंस के सचिव एवं एम्स के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. बरुन कुमार के अनुसार, अधिकतम हृदयाघात मधुमेह के कारण होते हैं और समय पर उपचार न मिलने से इनमें मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है। विकासशील देशों में इन बीमारियों से लड़ने की उच्च सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। इसके लिए देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से आए स्नातकोत्तर (एमडीएमएस) छात्रों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए इस संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में इलाज की विभिन्न तकनीकों को सिखाया गया।

संगोष्ठी में अमेरिका से आई डॉ. दिव्या दिक्सिष्ट, नेपाल से आये डॉ. रोबिन किसकी , एम्स दिल्ली के डॉ. ऐबी डे, पीजीआई चंडीगढ़ के पूर्व डायरेक्टर डॉ. योगेश चावला, कोलकाता के डॉ. ज्योतिर्मय पाल तथा अन्य देश भर से आए चिकित्सकओं ने भाग लिया।

केदारनाथ रोपवे को लेकर कसरत तेज, केंद्र को भेजी जाएगी रिपोर्ट

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजक्ट मिशन केदारनाथ को पूरा करने के लिए कसरत तेज हो गई है। एक ओर जहां केदारनाथ पुनर्निर्माण योजनाओं पर विभागीय कसरत पहले ही तेजी पकड़ चुकी है। वहीं, अब प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच रोपवे निर्माण के लिए सर्वे कार्य भी पूरा कर लिया गया है। रोपवे बनने से केदारनाथ और गौरीकुंड की दूरी घटकर नौ किलोमीटर रह जाएगी। इससे यात्रा न केवल सुगम हो जाएगी, बल्कि इससे यात्रा खर्च में भी कमी आएगी। पैदल यात्रा में आमतौर पर छह से सात घंटे लगते हैं, जबकि रोपवे से यह दूरी मात्र तीस मिनट में तय की जा सकेगी।
नौ किलोमीटर घट जाएगी दूरी
समुद्रतल से 11300 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। यात्रा के प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड से केदारनाथ की दूरी 16 किलोमीटर है। पैदल मार्ग से कठिन चढ़ाई के बाद ही बाबा केदार के दर्शन हो पाते हैं। हालांकि केदारनाथ के लिए हेली सेवाओं की सुविधा है, लेकिन आम यात्री के लिए ये काफी महंगी साबित होती हैं। इसके तहत प्रति यात्री करीब आठ हजार रुपये किराया रखा गया है। वहीं, घोड़े से जाने पर किराया दो हजार और पालकी से पांच हजार रुपये पड़ता है। ऐसे में लंबे समय से केदारनाथ को रोपवे से जोडऩे की कवायद की जा रही थी, लेकिन यह परवान नहीं चढ़ पाई।
कंपनियों के रुचि न दिखाने से हुई देरी
पूर्व में सरकार रोपवे का निर्माण पीपीपी मोड में करना चाहती थी, मगर कंपनियों ने रुचि नहीं दिखाई। इस पर सरकार ने स्वयं ही यह जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया। अब रोपवे निर्माण उत्तराखंड सरकार का उपक्रम ब्रिज रोपवे, टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कारपोरेशन (ब्रिडकुल) को सौंपा गया है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि ढाई अरब रुपये की इस परियोजना का सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया गया। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। शासन से रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी जिसके बाद केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही योजना पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

बेसिक पाठशाला में तैनात शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई पूरी कर रहे मोरी ब्लॉक के छात्र

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उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक के नुराणु गांव में दर्जनों बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो गए हैं, जबकि कई अन्य शिक्षा की तलाश में गांव छोड़कर दूसरे स्थानों में चले गए हैं। इसका कारण गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी का होना है। हालात ये है कि विद्यालय में बीते चार सालों से एक भी शिक्षक नहीं है। इस वजह से जिस विद्यालय में कभी 26 छात्र थे, वहां आज केवल 12 छात्र ही बचे हैं जो किसी तरह गांव की बेसिक पाठशाला में तैनात शिक्षकों के भरोसे अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विभाग से कई बार गुहार भी लगाई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मोरी ब्लॉक में नैटवाड़ क्षेत्र से करीब 13 किमी की पैदल दूरी पर स्थित नुराणु गांव में सालों से बिजली, सड़क सहित कई बुनियादी सुविधाओं की कमी है। हालांकि गांव में दो विद्यालय होने से ग्रामीण अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति आश्वस्त थे, लेकिन उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात एक मात्र शिक्षक का 2013 में स्थानांतरण हो गया, जिसके बाद ‌विभाग द्वारा कोई नियुक्ति नहीं की गई। इस लापरवाही के कारण विद्यालय के छात्रों को मजबूरन अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी है जबकि कुछ आर्थिक रूप से मजबूत परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए नैटवाड़ चले गए। वहीं, विद्यालय में बचे 12 छात्रों की पढ़ाई बेसिक पाठशाला के शिक्षकों के भरोसे कराई जा रही है।
गांव के प्रधान रैणू लाल, बालचंद नेगी आदि ने बताया कि विभाग की अंदेखी के कारण बच्चों को शिक्षा से दूर होना पड़ रहा है जो बच्चे विद्यालय में रह गए हैं, उनका भविष्य भी अंधकार मय है। जबकि नई पीढ़ी के लिए तो कोई उम्मीद ही नहीं बची है। बीते चार सालों में कई अधिकारियों को इस बारे में बताया गया, ल‌ेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो ग्रामीणों द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं आरसी आर्य, मुख्य शिक्षा अधिकारी का कहना है कि नवम्बर माह की 15-16 तारीख तक शिक्षकों के प्रमोशन होने हैं, जिसके बाद नुराणु उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक नियुक्त कर दिए जाएंगे। 

राज्य की प्रथम मानव विकास रिपोर्ट की जा रही तैयार

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नियोजन विभाग उत्तराखंड तथा मानव संसाधन विकास विभाग भारत सरकार की ओर से एक कार्याशाला का आयोजन विकास भवन रोशनबाद में किया गया। कार्याशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी दीपक रावत, मुख्य विकास अधिकारी स्वाति भदौरिया और मानव विकास संसाधन केंद्र नई दिल्ली के आईसी अवस्थी ने किया।
राज्य की प्रथम मानव विकास रिपोर्ट मानव संसाधन विकास केंद्र नई दिल्ली के सहयोग से तैयार की जा रही है। उक्त संस्था द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के समस्त जनपदों के ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों का सर्वेक्षण कार्य किया गया है। कार्यशाला में जनपद की विशेषताओं, चुनौतियों, समाधान व सफलता की कहानियों पर चर्चा की गयी। विकास विभाग के अधिकारियों द्वारा इन सब विषयों पर अपनी प्रेजेंटेशन प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी गांव, समाज या व्यक्ति के विकास को मात्र आर्थिक विकास के नजरिये से नहीं देखा जा सकता। विकास को व्यक्तित्व, सोच और मानसिकता के आधार पर मूल्यांकि किये जाने की जरूरत है। समाज कोे हर प्रकार से विकसित करने या किसी व्यक्ति का विकास करने के लिए सबसे पहली जरूरत शिक्षा है। यदि किसी साधनहीन या गरीब व्यक्ति को शिक्षित और सभ्य बनाया जाए तो वह अपने विकास के पहलुओं पर विचार कर सकता है। वह सरकारी सुविधाओं और विकास परक कार्यक्रमों को समझकर अपना आर्थिक स्तर बढ़ा सकता है। शिक्षा ही विकास का मूल तत्व है। कार्याशाला में जिलाविकास अधिकारी पुष्पेंद्र चौहान, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैजी प्रजापति सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे। 

बद्रीनाथ के कपाट बंद होने से पूर्व की प्रक्रिया 15 से शुरू

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भगवान बद्रीनाथ के कपाट 19 नवम्बर को सांय 07 बजकर 28 मिनट पर बंद होने होंगे। मगर कपाट बंद होने से पूर्व की प्रक्रियाएं 15 नवम्बर से शुरू हो जाएगी। भगवान के कपाट बंद होने से पूर्व प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भक्त भगवान के दर्शन के लिए देश-विदेश के विभिन्न कोनों से पहुंच रहें हैं।
शीतकाल में भगवान के कपाट विधि-विधान के साथ बंद होंगे। इसके लिए तय मुर्हुत और तिथि, 19 नवम्बर तय की गई है। कपाट बंद होने से पहले कड़ाके की सर्दी के बावजूद भी भक्तों का तांता भगवान के दर्शन के लिए लगा है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार को 2136 तथा सोमवार को 1046 तीर्थ यात्रियों ने भगवान के दर्शन किए। अभी तक 08 लाख 70 हजार 874 तीर्थ यात्रियों ने भगवान बद्रीनाथ के दर्शन कर लिए हैं। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह बताते हैं कि बद्री-केदार में पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या 13 लाख 42 हजार 109 सोमवार तक हुई।
यह है कपाट बंद होने की प्रक्रिया
बद्रीनाथ मंदिर के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि 15 नंवबर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पहले दिन भगवान गणेश के कपाट बंद होंगे। 16 को आदि केदारेश्वर के कपाट बंद होंगे। 17 को खड़क पुस्तक बंद होगी। 18 को लक्ष्मी जी को न्यौता दिया जाएगा। पूजन होगा। लक्ष्मी कड़ाई का निर्वहन होगा। 19 नवम्बर को प्रातः काल से ही भगवान बद्री-विशाल के मंदिर का फूल सिगांर होगा। रावल जी स़्त्री जी का वेश धारण कर लक्ष्मी को बद्रीनाथ के मंदिर में विराजेंगे। सात बजकर 28 मिनट पर कपाट बंद होंगे।

‘नो एंट्री’ की सिक्वल में सलमान की जगह अक्षय

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बोनी कपूर कई सालों से ‘नो एंट्री’ की सिक्वल बनाने की बात कर रहे हैं। अब तक कहा जा रहा था कि सलमान खान की डेट्स के इंतजार में ये सिक्वल की योजना इंतजार कर रही है। अब खबर मिल रही है कि इस सिक्वल की योजना में बड़ा बदलाव किया गया है और अब मुख्य भूमिका के लिए सलमान की जगह अक्षय कुमार को अप्रोच किया गया है। ये संकेत अनीस बज्मी के हवाले से मिले हैं, जिन्होंने ‘नो एंट्री’ का निर्देशन किया था और सिक्वल का निर्देशन भी कर रहे हैं।

अनीस बज्मी का कहना है कि सिक्वल की स्क्रिप्ट तैयार है और अब सलमान की तारीखों के लिए इंतजार नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे 2019 तक बिजी हैं। अनीस ने कहा है कि हमने अक्षय को अप्रोच किया है और उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं। नो एंट्री में सलमान के साथ अनिल कपूर, फरदीन खान, बिपाशा बसु और सेलिना जेटली की प्रमुख भूमिकाएं थीं। सिक्वल में अनिल कपूर होंगे, लेकिन फरदीन का किरदार कोई और करेगा। 

31 अक्तूबर को रिलीज होगी शाहिद की नई फिल्म

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शाहिद कपूर को लेकर शुरु हुई श्रीनारायण सिंह की फिल्म की रिलीज तारीख तय कर दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, ये फिल्म 2018 में 31 अक्तूबर को रिलीज होगी। अक्षय कुमार के साथ ‘टायलेट एक प्रेमकथा’ का निर्देशन करने वाले श्रीनारायण सिंह ने शाहिद कपूर के साथ नई फिल्म शुरु की है, जिसका टाइटल है, बत्ती गुल, मीटर चालू।

ये फिल्म उत्तर भारत में बिजली चोरी के समाजिक मुद्दे पर बन रही है और उत्तरांचल राज्य में देहरादून के करीब फिल्म का पहला शेड्यूल शुरु हुआ है। इस फिल्म में शाहिद की हीरोइन को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। इस रेस में दीपिका, कीर्ति सेनन, निधि अग्रवाल के नाम बताए जा रहे हैं।

इस फिल्म का निर्माण क्रिअर्ज और टी सीरिज मिलकर कर रहे हैं। इन दिनों शाहिद मुंबई में भंसाली की फिल्म पद्मावती के प्रमोशन में बिजी हैं। 1 दिसंबर को रिलीज होने जा रही इस फिल्म में शाहिद कपूर ने महारानी पद्मावती के पति महाराज रतन सिंह का रोल किया है। 

बच्चा चोर महिला सीसीटीवी में कैद

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रुद्रपुर के गल्ला मंडी क्षेत्र में एक महिला तीन महीने के बच्चे को चुराकर फरार हो गर्इ। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से महिला की तलाश में जुट गई है।

दरअसल, क्षेत्र के मुख्य बाजार स्थित भगत सिंह चौक निवासी सोनू रंधावा गल्ला मंडी में मुनीम है। सोनू ने बताया कि उसके ममेरे भाई की मौत हो गई थी और वह अपनी पत्नी पिंकी के साथ अपने भार्इ की अंतिम यात्रा में शामिल होने चले गए। जबकि किराएदार महिला के पास अपने तीन महीने के बेटे हरमन को छोड़ गए। वहीं किरायदार दिव्या ने बताया कि इसी बीच एक महिला आई और बच्चे को मां-पिता के पास छोड़ने की बात कहकर बच्चे को ले गई।

सूचना मिलते ही बाजार चौकी इंचार्ज जसविंदर सिंह मौके पर पहुंचे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। इस दौरान पुलिस ने देखा कि एक महिला बच्चे को ले जा रही है। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर महिला की तलाश में जुट गर्इ है।