देहरादून। वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व सीएम हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली से लेकर राज्य का हाल बुरा है। इसलिए अब डबल इंजन की सरकार को जुमलेबाजी से बाज आना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान की उत्तराखण्ड सरकार पूर्व सरकार द्वारा जनहित में चलाई गई योजनाओं को वित्तीय कुप्रबंधन के कारण बंद कर रही है, जिससे लोगों में सरकार के प्रति आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसी तरह चलती रही तो उत्तराखण्ड का विकास पूरी तरह से ठप हो जाएगा।
शुक्रवार को पूर्व सीएम हरीश रावत ने कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में केन्द्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने भाजपा सरकार को वित्तीय प्रबंधन में विफल बताते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में बनने वाले मेडिकल-नर्सिंग कॉलेज, सड़कें आदि सभी विकास कार्य रुके हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में डेवलपमेंटल हॉलिडे कर दी है। प्रदेश में चारो तरफ अव्यवस्थाओं का माहौल है। पूर्व सरकार द्वारा चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं को एक के बाद एक सरकार बंद कर रही है। अगर सरकार इसी तरह चलती रही तो एक-दो साल में राज्य का विकास पूरी तरह ठप हो जाएगा। उन्होंने अपनी सरकार के कार्यों को बेहतर बताते हुए कहा कि उस समय देशभर में कर्नाटक के बाद उत्तराखण्ड का राजस्व में दूसरा स्थान था लेकिन वर्तमान सरकार सत्ता संभालते ही प्रदेश पर भारी कर्ज होने का ढिढोंरा पीट रही है।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कांग्रेस के बागी विधायकों पर न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र के भक्षक बनने वाले अब ऐसी हिम्मत राज्य में नहीं कर पाएंगे। इसका लाभ प्रदेश की वर्तमान सरकार को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि अपनी सुविधा के लिए राज्य को अस्थिर करने का प्रयास लोकतंत्र के लिए घातक है। ऐसे लोग राज्य के हितैषी नहीं हो सकते है, इनसे बचना होगा। उन्होंने मोदी सरकार के कथनी और करनी में फर्क बताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार और पूर्ववती केन्द्र की कांग्रेस सरकार की विकास कार्यों का अगर तुलना की जाए तो भाजपा सरकार में महंगाई आसमान पर है। उन्होंने कहा कि केन्द्र में भाजपा की सरकार थी उस समय हमने केन्द्र से लड़कर राज्यांश बढ़वाया था लेकिन वर्तमान सरकार सांप-छछूंदर की स्थिति में है। वहां जाकर भी डर के मारे राज्य हित में अपनी बात नहीं रख पाते क्योंकि वहां बड़े-बड़े बाघ बैठे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार जनता को राहत देने के बजाय उन पर बोझ बढ़ाती जा रही है। ऐसे में आम आदमी का जीवनयापन करना मुश्किल हो गया है। जबकि सरकार विकास का दावा कर प्रदेश व देश की भोली-भाली जनता को भ्रम में डाल रही है।
पूर्व सीएम ने डीजल-पेट्रोल के अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमत को पिछली कांग्रेस सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार के समय का अंतर बताते हुए कहा कि इससे साफ हो गया है, गांव गरीब की नहीं बड़े उद्योगपतियों की भाजपा सरकार है। उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार से गैस, दाल व अन्य रोजमर्रा की चीजों के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है, वह बेहद ही चिंतनीय है लेकिन भाजपा सरकार पर इसका कोई असर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अव्यवस्थाओं के दौर से गुजर रहा है। चारो तरफ भ्रष्ट्राचारियों का बोल बाला कायम है। उन्होंने तीन मंत्री के सवाल पर कहा कि चौथे मंत्री का नाम भी आ सकता है। उन्होंने कहा कि इस पर सीएम को अपना चुप्पी तोड़ना चाहिए। केवल जीरो टॉलरेंस की नीति का बयान नही कार्रवाई भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार जांच कराए जांच का आंच भाजपा के घर में निश्चित रूप से जाएगा। इस मौके पर हरीश रावत ने बताया कि 22 से गुजरात के चुनाव के दौरे पर जाएंगे। प्रेसवार्ता में सीएम के मीडिया सलाकार सुरेनद्र अग्रवाल, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी सहित अन्य मौजूद रहे।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने साधा भाजपा सरकार पर निशाना
तीर्थनगरी में बंदरों के आतंक से लोग परेशान
हरिद्वार। तीर्थनगरी में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बंदरों के आतंक से लोगों को रोज समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। घर खुला होने से बंदर लोगों का सामान तहस-नहस कर देते हैं। इतना ही नहीं धूप में सूखाने के लिए घर के आंगन में डाले जाने वाले कपड़े भी इनके उत्पात से नहीं बच पा रहे हैं। बावजूद इसके निगम प्रशासन बंदरों के आतंक पर लगाम कसने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है।
ऐसा नहीं की बंदरों का यह आतंक हाल फिलहाल उत्पन्न हुआ हो। काफी समय से बंदरों के आतंक से कनखलवासी परेशान हैं। बतादें कि कनखल को बागों की नगरी कहा जाता था। एक-एक कर सभी बाग कटने के कारण बंदरों के आतंक में खासा इजाफा हुआ है।
निगम प्रशासन ने पूर्व में बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान भी चलाया, किन्तु एक-दो दिन चलकर अभियान ने दम तोड़ दिया और बंदरों के आतंक से लोगों को मुक्ति नहीं मिल पाई। स्थिति यह है कि घर को खाली छोड़ना किसी बड़े खतरे से कम नहीं। बंदरों के झुंड राह चल रहे लोगों पर हमला करने में भी पीछे नहीं है। अभी तक बंदर कनखल के राजघाट क्षेत्र में कई लोगों को घायल कर चुके हैं। शुक्रवार की सुबह बंदरों ने एक कुत्ते के पिल्ले पर हमला बोला और उसे बुरी तरह से घायल कर दिया। बमुश्किल लोगोें ने कुत्ते के बच्चे को बंदरों के चंगुल से छुड़ाया। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र ही बंदरों को पकड़ने का काम निगम प्रशासन द्वारा शुरू नहीं किया तो वह धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
इनकम टैक्स की छापेमारी से खलबली
काशीपुर। आयकर विभाग ने काशीपुर के नामी राईस मिलर की फैक्ट्री में छापा मार कर हडकम्प मचा दिया, बताया जा रहा है कि राईस मिलर की बेनामी सम्मपत्तियों को लेकर आयकर की छापेमारी की गयी थी, राईस मिलर मुकेश बंशल की बंसल सीड्स और घर पर आयकर विभाग की टीम ने एक साथ छापेमारी की, जिससे कर्मचारियों और परिवार के लोगों में हडकम्प मच गया, वहीं आयकर विभाग की टीम ने घर और राईस मिल के गेट बंद कर दिये जिससे किसी की भी आवाजाही ना हो सके, कई घण्टो कर आयकर विभाग के अधिकारी फाईलों को टटोलते रहे, साथ ही सम्पत्तियों से जुडे दस्तावेजों की जानकारी जुटाने में लगे रहे, वहीं आयकर विभाग की इस छापेमारी से शहर के कई और बडे घरानों में हडकम्प मची रही और लोग भागदौड में लगे रहे।
पद्मावती के विरोध की आग भड़की
रुद्रपुर- पद्मावती फिल्म के विरोध की आग लगातार भडकती जा रही है। जिसके चलते जनपद उधमसिंहनगर में भी विरोध की चिंगारी भडकती दिख रही है, फिल्म का विरोध करते हुए लोगों ने फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली का पुतला दहन कर आक्रोश जाहिर किया।
पद्मावती फिल्म का विरोध करते हुए दर्शकों ने इसे इतिहास के छेडछाड बताते हुए कहा कि एक कुत्सित अन्तरराष्ट्रीय साजिश के तहत हिन्दू देवी देवताओं, भारतीय गौरव के प्रतीकों एवं राष्ट्र नायकों को अपमानित करके हिन्दुओं के मनोबल एवं स्वाभिमान को तोड़कर हिन्दू पुनर्जागरण को अवरुद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस साजिश की जांच करवाकर षडय़ंत्रकारियों को न केवल बेनकाब करना चाहिए बल्कि उन्हें कठोर दंड भी दिलवाना चाहिए, ताकि आगे से कोई ऐसे कुकर्म करने की हिम्मत ही नहीं जुटा सके। उन्होंने कहा कि इतिहास के साथ किसी भी प्रकार का छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए। कहा कि यह अपमान सीधे सीधे नारी शक्ति का अपमान है। जिसे देश की जनता नहीं सहन करेगी।
एक क्षण मिलेगा आपको जीत के करीब पहुंचने काःप्रियंका
काशीपुर- अंतरराष्ट्रीय महिला मुक्केबाज प्रियंका चौधरी को वियतनाम में हुई महिला एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक नहीं जीत पाने का मलाल है। लगातार तीन साल तक नेशनल चैंपियन रही प्रियंका को काशीपुर मीडिया क्लब ने सम्मानित करते हुए भविष्य में बेहतर खेल के लिे प्रोत्साहित किया।
वियतनाम में दो से आठ नवंबर तक चली महिला एशियन चैंपियनशिप के 60 किलो भार वर्ग में काशीपुर की प्रियंका चौधरी को दक्षिणी कोरिया की मुक्केबाज ओह इंयोजी ने हरा दिया था। इस कारण प्रियंका को कांस्य पदक पर संतोष करना पड़ा था। इससे पूर्व जनवरी माह में सर्बिया में हुई प्रतियोगिता में प्रियंका ने रजत, जून माह में मंगोलिया में हुई स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।
प्रियंका अब तक 12 प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं हैं। उनका मानना है कि हरियाणा सरकार के मुकाबले उत्तराखंड सरकार खेल प्रतिभाओं को कम प्रोत्साहित करती है। प्रियंका ने कहा कि मेरीकांम उनकी प्रेरणाश्रोत है, जिनके मनोबल और खेल के प्रति समर्पण से वो प्रभावित है, यही वजह है कि प्रियंका मेरी कोम के साथ ही अपनी प्रेक्टिस करती है, जिससे उनके खेल में भी सुधार आ सके। प्रियंका ने बताया कि खेल में एक निर्णय आपको जीत या हार की तरफ ले जाता है जरुरत उस एक पल को पहचाने की है जब आप अपना दाव लगा सकते हैं, ये सीख उन्हे मैरी कोम से मिली है, जिसको वो हमेशा अपने जीवन में उतारने की कोशिश करेंगी।
पहाड़ की व्यथा और सपनों की कहानी है गणेश सैली की नई किताब
मशहूर लेखक गणेश सैली के पाठकों के लिये उनकी लेखनी से रूबरू होने का मौका फिर आ गया है। अपनी लोकप्रिय किताबों “गप्प एंड गोसिप्प”, “द लटर्स ऑफ ए मसूरी मर्चेंट” और “मसूरी ईयर्स” के बाद गणेश सैली की नई किताब “वंडरइंग थ्रू गढ़वाल हिमालया” बाज़ार में आ गई है। किताब के बारे में बताते हुए सैली कहते हैं कि, “ये किताब उनके पिछले 40 सालों की फोटोग्राफी अौर लेखन का संकलन है, जोकि फुरसत के पलों में पिरोया गया है।”

200 पन्नों और 22 चैपटरों में य़े किताब आपको लेखों अौर तस्वीरों के जरिये पहाड़ों की जादूई सफर पर ले जायेगी। पहाड़ों में जन्में, पले औऱ बड़े हुये सैली कहते हैं कि, “ये किताब मेरे जीवन के सफर को बयां करती है।”
इस किताब कि शुरूआती कहनी खुद लेखक के पिता के जीवन पर आधारित है। उन्होंने 16 साल की कम उम्र में हमारे पुश्तैनी गांव सैल जो कि चमोली जिले में है, वहा से आकर मसूरी में अपना घर बसाया था। ये किताब हर उस पहाड़ी के दिल को छू जायेगी जो अाज वहा से दूर आजिविका के लिये गया तो है पर सपने इसी पहाड़, गाँव, घर, परिवार को देखता है।
नये लेखकों को पाठकों से जोड़ता है ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ”स्पीकआउट”
युवाओं में लेखन की कला को निखारने और आम लोगों तक उसे पहुंचाने के लिये पिछले डेढ़ साल से “स्पीकआउट” एक मंच दे रहा है। इस मंच का हिस्सा भारत से ही नहीं बल्कि एशिया के कई देशों से उभरते लेखक और कवि शामिल हैं।
लेखकों के पाठकों से जोड़ने के अपने सफर के अगले पड़ाव में स्पीकआउट की पहली किताब “पोटप्यूरी बाई स्पीकआउट” बाज़ार में आ रही है। इस किताब की कहानी इसलिये दिलचस्प है क्योंकि इसकी कहानी फेसबुक पर लेखकों से ऑनलाइन पब्लिकेशन के लिये अपनी रचनाऐं देने से शुरू हुई थी। कड़ी दर कड़ी ये सफर बनता रहा और आज इसने एक किताब का रूप ले लिया है।
जैसा कि किताब का नाम बताता है ये 52 लेखकों की अलग अलग तरह की लिखी रचनाओं का संग्रह है। इन रचनाओं को इक्ट्ठा करते समय भाषा, स्टाइल औऱ फॉर्मेट की कोई बाद्धयता नही रही। ये किताब अपने पाठकों के लिये कहानी, कविताओं आदि का संगम लेकर आई है। इन काहनियों को रूप देने वाले हाथ देशभर के 21 शहरों में फैले हैं। इसके साथ ही अमेरिका और साउदी अरब से भी एक एक लेखक हैं।
किताब का पहला अध्याय देहरादून में जाखन के क्रॉस बार कैफे में 19 नवंबर को लांच किया जायेगा। इस दौरान लेखकों के साथ एक ओपन माइक सेशन का आयोजन किया जायेगा जिसमें लेखक पाठकों से अपने अनुभव साझा करेंगे और उनके सवालों के जवाब देंगे। तो अगर आप में भी एक लेखक की प्रतिभा छुपी है या सामान्य तौर पर आप लिखने में रुची रखते हैं तो ये मंच आपके लिये मुफीद साबित हो सकता है।
इस कार्यक्रम के लिये नीचे दिये लिंक पर जाकर रेजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।
दून में रविवार को 4000 छात्र 28 परीक्षा केंद्रों पर देंगे सीडीएस की परीक्षा
देहरादून। लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से रविवार को कम्बाइंड डिफेंस सर्विस (सीडीएस) की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। दून में लगभग चार हजार छात्र 28 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे। परीक्षा हॉल में जाने से पहले कई तरह के प्रश्न अभ्यर्थियों के जहन में हैं। जैसे कि परीक्षा का स्तर क्या होगा, कम समय में ज्यादा प्रश्न कैसे हल करें, प्रश्नों का चयन कैसे करें आदि। यह जान लें कि आप बहुत आकर्षक व साहसिक क्षेत्र का हिस्सा बनने जा रहे हैं। ऐसे में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
निगेटिव मार्किंग का रखें ख्याल
इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग भी है, इसलिए हर सवाल का जवाब देने के दौरान ध्यान रखें। आपका एक गलत उत्तर, सही उत्तर को भी प्रभावित करेगा। ऐसे में उन्हीं प्रश्नों के उत्तर अंकित करने चाहिए जिन्हें लेकर वह सौ प्रतिशत विश्वास रखते हैं।
खुद पर करें भरोसा
तीस प्रतिशत उम्मीदवार सिर्फ इसलिए सफल नहीं होते, क्योंकि उनमें आत्मविश्वास की कमी होती है। अच्छा ज्ञान होने के बावजूद नर्वसनेस के कारण वह प्रश्न में या तो गलती कर बैठते हैं या हड़बड़ी में प्रश्न को समझ नहीं पाते और उसे छोड़ देते हैं। हर उम्मीदवार का किसी न किसी विषय में कमांड होती है। अपनी ताकत पर फोकस करें।
आत्मसंतुलन बनाए रखें
कुछ प्रश्नों का उत्तर न मिल पाना आपको तनावग्रस्त कर सकता है। अत: आत्मविश्वास बनाए रखें। ऐसा होने पर अपने मन को एकाग्र करें और फिर एक नई ऊर्जा के साथ प्रश्नों को हल करें। इसके साथ ही परीक्षा में इस बात पर भी ध्यान दें कि सवालो को जल्दी हल नही करना है बल्कि सही उत्तर प्राप्त करना है। आप अपनी सवालों को हल करने की गति का ध्यान रखें। यदि आपको किसी प्रश्न का उत्तर नहीं आ रहा है, तो आगे बढ़ें। इन प्रश्नों को अंत समय के लिए छोड़ दें।
60 प्रतिशत अंक लाना जरूरी
अनुमान के मुताबिक सीडीएस की लिखित परीक्षा में औसतन 60 फीसद अंक लाने वालों को एसएसबी के लिए बुलाया जाता है। हालांकि यूपीएससी के नियम के मुताबिक कट ऑफ की जानकारी पाना आसान नहीं होता है। ऐसे में सबसे सही विकल्प यही है कि अभ्यर्थियों को सभी पेपर में कम से कम 45 फीसद अंक लाने की कोशिश करनी चाहिए और सभी पेपरों में कुल मिलाकार 60 फीसद अंक लाने की।
ग्राउंड जीरो के निदेशक अवशीश सहगल ने बताया कि प्रश्न पत्र पढ़ने के बाद ऐसे प्रश्नों का निर्धारण कीजिए, जिन पर पूर्णत: विश्वास है। यह आपके आत्मविश्वास और आंतरिक ऊर्जा को उभारने में मदद करेगा। शुरुआत करने से पहले मन को शांत रखें।
दून डिफेंस करियर प्वाइंट के एमडी जेपी नौटियाल ने बताया कि प्रश्नों का सही चयन आपको परीक्षा में सफलता प्रदान करने में सहायक होगा। जिन प्रश्नों की आपको शत प्रतिशत जानकारी है उन्हीं का चयन करना चाहिए। ताकि आप अंको की ऋणात्मक प्रक्रिया से बच सकें।
अब फिल्म कृष 3 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका
फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर चल रहा विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ कि राकेश रोशन की फिल्म कृष 3 के खिलाफ एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करेगा।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि राकेश रोशन ने अपनी फिल्म कृष 3 में उसके उपन्यास के कुछ अंशों का उपयोग किया है। याचिकाकर्ता रुपनारायण सोनकर ने अपने उपन्यास ‘सुवरदान’के कुछ अंशों का फिल्म में प्रयोग करने का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि राकेश रोशन ने कापीराइट का उल्लंघन किया है
जाह्नवी कपूर की डेब्यू फिल्म ‘धड़क’ का पोस्टर रिलीज
जाह्नवी कपूर और ईशान खट्टर की डेब्यू फिल्म ‘धड़क’ का पोस्टर जारी कर दिया गया है। यह फिल्म करण जौहर के धर्मा प्रोड्क्शन के बैनर तले शशांक खेतान के निर्देशन में बन रही है। फिल्म की शूटिंग 01 दिसम्बर से मुबई में शुरु कर दी जाएगी। यह फिल्म अगले साल 6 जनवरी 2018 को रिलीज की जाएगी।
करण जौहर के ट्विटर एकाउंट से जारी किए गए पोस्टर में जाह्नवी काफी खूबसूरत दिख रही हैं, इशान बहुत क्यूट नजर आ रहे हैं। जाह्नवी कपूर फिल्म निर्माता बोनी कपूर और अभिनेत्री श्री देवी की बड़ी बेटी हैं। ईशान खट्टर शाहिद कपूर के भाई हैं।
करण जौहर के प्रोड्क्शन तले बन रही ‘धड़क’ मराठी फिल्म ‘सैराट’ की रिमेक है, जिसका निर्देशन नागार्जुन मंजुले ने किया था। इस फिल्म की खास बात यह थी कि यह पहली मराठी फिल्म थी जिसने 100 करोड़ की कमाई थी। फिल्म की पटकथा प्रेम विवाह (लव मैरिज) पर आधारित थी।





























































