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एक क्षण मिलेगा आपको जीत के करीब पहुंचने काःप्रियंका

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काशीपुर- अंतरराष्ट्रीय महिला मुक्केबाज प्रियंका चौधरी को वियतनाम में हुई महिला एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक नहीं जीत पाने का मलाल है। लगातार तीन साल तक नेशनल चैंपियन रही प्रियंका को काशीपुर मीडिया क्लब ने सम्मानित करते हुए भविष्य में बेहतर खेल के लिे प्रोत्साहित किया।

वियतनाम में दो से आठ नवंबर तक चली महिला एशियन चैंपियनशिप के 60 किलो भार वर्ग में काशीपुर की प्रियंका चौधरी को दक्षिणी कोरिया की मुक्केबाज ओह इंयोजी ने हरा दिया था। इस कारण प्रियंका को कांस्य पदक पर संतोष करना पड़ा था। इससे पूर्व जनवरी माह में सर्बिया में हुई प्रतियोगिता में प्रियंका ने रजत, जून माह में मंगोलिया में हुई स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।

प्रियंका अब तक 12 प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं हैं। उनका मानना है कि हरियाणा सरकार के मुकाबले उत्तराखंड सरकार खेल प्रतिभाओं को कम प्रोत्साहित करती है। प्रियंका ने कहा कि मेरीकांम उनकी प्रेरणाश्रोत है, जिनके मनोबल और खेल के प्रति समर्पण से वो प्रभावित है, यही वजह है कि प्रियंका मेरी कोम के साथ ही अपनी प्रेक्टिस करती है, जिससे उनके खेल में भी सुधार आ सके। प्रियंका ने बताया कि खेल में एक निर्णय आपको जीत या हार की तरफ ले जाता है जरुरत उस एक पल को पहचाने की है जब आप अपना दाव लगा सकते हैं, ये सीख उन्हे मैरी कोम से मिली है, जिसको वो हमेशा अपने जीवन में उतारने की कोशिश करेंगी।

पहाड़ की व्यथा और सपनों की कहानी है गणेश सैली की नई किताब

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मशहूर लेखक गणेश सैली के पाठकों के लिये उनकी लेखनी से रूबरू होने का मौका फिर आ गया है। अपनी लोकप्रिय किताबों “गप्प एंड गोसिप्प”, “द लटर्स ऑफ ए मसूरी मर्चेंट” और “मसूरी ईयर्स” के बाद गणेश सैली की नई किताब “वंडरइंग थ्रू गढ़वाल हिमालया” बाज़ार में आ गई है। किताब के बारे में बताते हुए सैली कहते हैं कि, “ये किताब उनके पिछले 40 सालों की फोटोग्राफी अौर लेखन का संकलन है, जोकि फुरसत के पलों में पिरोया गया है।”

ganesh saili

200 पन्नों और 22 चैपटरों में य़े किताब आपको लेखों अौर तस्वीरों के जरिये पहाड़ों की जादूई सफर पर ले जायेगी। पहाड़ों में जन्में, पले औऱ बड़े हुये सैली कहते हैं कि, “ये किताब मेरे जीवन के सफर को बयां करती है।”

इस किताब कि शुरूआती कहनी खुद लेखक के पिता के जीवन पर आधारित है। उन्होंने 16 साल की कम उम्र में हमारे पुश्तैनी गांव सैल जो कि चमोली जिले में है, वहा से आकर मसूरी में अपना घर बसाया था। ये किताब हर उस पहाड़ी के दिल को छू जायेगी जो अाज वहा से दूर आजिविका के लिये गया तो है पर सपने इसी पहाड़, गाँव, घर, परिवार को देखता है।

नये लेखकों को पाठकों से जोड़ता है ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ”स्पीकआउट”

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युवाओं में लेखन की कला को निखारने और आम लोगों तक उसे पहुंचाने के लिये पिछले डेढ़ साल से “स्पीकआउट” एक मंच दे रहा है। इस मंच का हिस्सा भारत से ही नहीं बल्कि एशिया के कई देशों से उभरते लेखक और कवि शामिल हैं।

लेखकों के पाठकों से जोड़ने के अपने सफर के अगले पड़ाव में स्पीकआउट की पहली किताब “पोटप्यूरी बाई स्पीकआउट” बाज़ार में आ रही है। इस किताब की कहानी इसलिये दिलचस्प है क्योंकि इसकी कहानी फेसबुक पर लेखकों से ऑनलाइन पब्लिकेशन के लिये अपनी रचनाऐं देने से शुरू हुई थी। कड़ी दर कड़ी ये सफर बनता रहा और आज इसने एक किताब का रूप ले लिया है।

जैसा कि किताब का नाम बताता है ये 52 लेखकों की अलग अलग तरह की लिखी रचनाओं का संग्रह है। इन रचनाओं को इक्ट्ठा करते समय भाषा, स्टाइल औऱ फॉर्मेट की कोई बाद्धयता नही रही। ये किताब अपने पाठकों के लिये कहानी, कविताओं आदि का संगम लेकर आई है। इन काहनियों को रूप देने वाले हाथ देशभर के 21 शहरों में फैले हैं। इसके साथ ही अमेरिका और साउदी अरब से भी एक एक लेखक हैं।

किताब का पहला अध्याय देहरादून में जाखन के क्रॉस बार कैफे में 19 नवंबर को लांच किया जायेगा। इस दौरान लेखकों के साथ एक ओपन माइक सेशन का आयोजन किया जायेगा जिसमें लेखक पाठकों से अपने अनुभव साझा करेंगे और उनके सवालों के जवाब देंगे। तो अगर आप में भी एक लेखक की प्रतिभा छुपी है या सामान्य तौर पर आप लिखने में रुची रखते हैं तो ये मंच आपके लिये मुफीद साबित हो सकता है।

इस कार्यक्रम के लिये नीचे दिये लिंक पर जाकर रेजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।

http://bit.ly/2gPK85F

दून में रविवार को 4000 छात्र 28 परीक्षा केंद्रों पर देंगे सीडीएस की परीक्षा

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देहरादून। लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से रविवार को कम्बाइंड डिफेंस सर्विस (सीडीएस) की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। दून में लगभग चार हजार छात्र 28 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे। परीक्षा हॉल में जाने से पहले कई तरह के प्रश्न अभ्यर्थियों के जहन में हैं। जैसे कि परीक्षा का स्तर क्या होगा, कम समय में ज्यादा प्रश्न कैसे हल करें, प्रश्नों का चयन कैसे करें आदि। यह जान लें कि आप बहुत आकर्षक व साहसिक क्षेत्र का हिस्सा बनने जा रहे हैं। ऐसे में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।


निगेटिव मार्किंग का रखें ख्याल
इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग भी है, इसलिए हर सवाल का जवाब देने के दौरान ध्यान रखें। आपका एक गलत उत्तर, सही उत्तर को भी प्रभावित करेगा। ऐसे में उन्हीं प्रश्नों के उत्तर अंकित करने चाहिए जिन्हें लेकर वह सौ प्रतिशत विश्वास रखते हैं।

खुद पर करें भरोसा
तीस प्रतिशत उम्मीदवार सिर्फ इसलिए सफल नहीं होते, क्योंकि उनमें आत्मविश्वास की कमी होती है। अच्छा ज्ञान होने के बावजूद नर्वसनेस के कारण वह प्रश्न में या तो गलती कर बैठते हैं या हड़बड़ी में प्रश्न को समझ नहीं पाते और उसे छोड़ देते हैं। हर उम्मीदवार का किसी न किसी विषय में कमांड होती है। अपनी ताकत पर फोकस करें।

आत्मसंतुलन बनाए रखें
कुछ प्रश्नों का उत्तर न मिल पाना आपको तनावग्रस्त कर सकता है। अत: आत्मविश्वास बनाए रखें। ऐसा होने पर अपने मन को एकाग्र करें और फिर एक नई ऊर्जा के साथ प्रश्नों को हल करें। इसके साथ ही परीक्षा में इस बात पर भी ध्यान दें कि सवालो को जल्दी हल नही करना है बल्कि सही उत्तर प्राप्त करना है। आप अपनी सवालों को हल करने की गति का ध्यान रखें। यदि आपको किसी प्रश्न का उत्तर नहीं आ रहा है, तो आगे बढ़ें। इन प्रश्नों को अंत समय के लिए छोड़ दें।

60 प्रतिशत अंक लाना जरूरी
अनुमान के मुताबिक सीडीएस की लिखित परीक्षा में औसतन 60 फीसद अंक लाने वालों को एसएसबी के लिए बुलाया जाता है। हालांकि यूपीएससी के नियम के मुताबिक कट ऑफ की जानकारी पाना आसान नहीं होता है। ऐसे में सबसे सही विकल्प यही है कि अभ्यर्थियों को सभी पेपर में कम से कम 45 फीसद अंक लाने की कोशिश करनी चाहिए और सभी पेपरों में कुल मिलाकार 60 फीसद अंक लाने की।

ग्राउंड जीरो के निदेशक अवशीश सहगल ने बताया कि प्रश्न पत्र पढ़ने के बाद ऐसे प्रश्नों का निर्धारण कीजिए, जिन पर पूर्णत: विश्वास है। यह आपके आत्मविश्वास और आंतरिक ऊर्जा को उभारने में मदद करेगा। शुरुआत करने से पहले मन को शांत रखें।
दून डिफेंस करियर प्वाइंट के एमडी जेपी नौटियाल ने बताया कि प्रश्नों का सही चयन आपको परीक्षा में सफलता प्रदान करने में सहायक होगा। जिन प्रश्नों की आपको शत प्रतिशत जानकारी है उन्हीं का चयन करना चाहिए। ताकि आप अंको की ऋणात्मक प्रक्रिया से बच सकें।

अब फिल्म कृष 3 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

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फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर चल रहा विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ कि राकेश रोशन की फिल्म कृष 3 के खिलाफ एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करेगा।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि राकेश रोशन ने अपनी फिल्म कृष 3 में उसके उपन्यास के कुछ अंशों का उपयोग किया है। याचिकाकर्ता रुपनारायण सोनकर ने अपने उपन्यास ‘सुवरदान’के कुछ अंशों का फिल्म में प्रयोग करने का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि राकेश रोशन ने कापीराइट का उल्लंघन किया है

जाह्नवी कपूर की डेब्यू फिल्म ‘धड़क’ का पोस्टर रिलीज

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जाह्नवी कपूर और ईशान खट्टर की डेब्यू फिल्म ‘धड़क’ का पोस्टर जारी कर दिया गया है। यह फिल्म करण जौहर के धर्मा प्रोड्क्शन के बैनर तले शशांक खेतान के निर्देशन में बन रही है। फिल्म की शूटिंग 01 दिसम्बर से मुबई में शुरु कर दी जाएगी। यह फिल्म अगले साल 6 जनवरी 2018 को रिलीज की जाएगी।

करण जौहर के ट्विटर एकाउंट से जारी किए गए पोस्टर में जाह्नवी काफी खूबसूरत दिख रही हैं, इशान बहुत क्यूट नजर आ रहे हैं। जाह्नवी कपूर फिल्म निर्माता बोनी कपूर और अभिनेत्री श्री देवी की बड़ी बेटी हैं। ईशान खट्टर शाहिद कपूर के भाई हैं।

करण जौहर के प्रोड्क्शन तले बन रही ‘धड़क’ मराठी फिल्म ‘सैराट’ की रिमेक है, जिसका निर्देशन नागार्जुन मंजुले ने किया था। इस फिल्म की खास बात यह थी कि यह पहली मराठी फिल्म थी जिसने 100 करोड़ की कमाई थी। फिल्म की पटकथा प्रेम विवाह (लव मैरिज) पर आधारित थी। 

48वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का उद्घाटन करेंगे शाहरुख खान

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गोवा में शुरू हो रहे नौ दिवसीय 48वें अन्तराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का उद्घाटन बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान करेंगे। यह महोत्सव 20 से 28 नवम्बर तक चलेगा। महोत्सव का शुभारंभ इरानी निर्देशक माजिद मजीदी की फिल्म ‘बीयॉन्ड दा क्लाउड’ से होगा और समापन रवीन्द्र नाथ टैगोर पर बनी फिल्म ‘थिंकिंग आफ हिम’ से होगी। इस फिल्म का निर्देशन पाब्लो सीजर ने किया है। इस महोत्सव में 9 अन्तराष्ट्रीय फिल्में दिखाई जानी हैं।

इस बार 48वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भारतीय फिल्म जगत के महानायक अमिताभ बच्चन को इंडियन फिल्म पर्सनालिटी आफ द ईयर के अवार्ड से नवाजा जाएगा। यह सम्मान उन्हें भारतीय फिल्म जगत में दिए गए योगदान के लिए दिया जाएगा। यह पहली बार है कि इस पुरस्कार का एक प्रस्तुतकर्ता उसी पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि 2014 में यह सम्मान रजनीकांत को दिया गया था। 

शादी के कार्ड के माध्यम से फिल्म ‘पद्मावती’ का किया विरोध

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जयपुर में एक दूल्हे ने अपनी शादी के कार्ड में एक कविता के माध्यम से संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के प्रति विरोध व्यक्त किया है। सुरेन्द्र सिंह नाम के दूल्हे ने शादी के कार्ड में पद्मावती के सम्मान में और फिल्म ‘पद्मावती’ के विरोध में स्लोगन छपवाए हैं।

सुरेन्द्र सिंह ने कार्ड में लोगों से फिल्म पद्मावती का बहिष्कार करने की अपील की है उसके बाद रानी पद्मावती के सम्मान में चार पंक्तियों की कविता लिखी है- इक रानी की बात नहीं, पद्मिनी हो या जोधा कहें, फिल्माने की बात नहीं, बात सिर्फ है स्वाभिमान की, सत्य सनातन वो ज्योति उसपे बात करे तो कोई तो, हमसे सहन नहीं होती।

इस तरह के अनोखे प्रदर्शन की पूरे जयपुर में चर्चा हो रही है। शादी का कार्ड देखकर सुरेन्द्र के परिजन औऱ ससुराल पक्ष वाले हैरान हैं।

पूजा अर्चना के बाद बंद हुआ बद्रीनाथ में वेद ऋचाओं का वाचन

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(गोपेश्वर) बदरीनाथ मंदिर की कपाट बंद होनें की प्रक्रिया अपने अंतिम चरणों में है। कपाट बंद होने के अब मात्र दो दिन शेष है। शुक्रवार को मंदिर की परंपराओं के निर्वाहन के तहत पंच पूजा के तीसरे चरण में बद्रीनाथ मंदिर में सबसे पहले प्रातःकाल में धर्माधिकारी के नेतृत्व वेद पुस्तकों, ऋचा ग्रंथों (खडग पुस्तक) का विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई। इसके बाद सभी धार्मिक ग्रंथों के साथ वेद ऋचाओं को बंद कर दिया गया, अब इन वेद पुस्तकों का वाचन मंदिर में कपाट खुलनें पर ही होगा। शुक्रवार से धाम के कपाट बंद होने तक वेद ऋचाओं के वाचन की गुंज भूबैकुंठ धाम की फिजाओं में नहीं गूजेंगी।

अल्ट्रासाउंड मशीन खराब, मरीज परेशान

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(गोपेश्वर), चमोली जिले के जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में बीते दो सप्ताह से अल्ट्रासाउंड मशीन के खराब होने से मरीज और तिमारदारों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां मशीन के खराब होने के कारण गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को भी अल्ट्रासउंड के लिए बाहर जाना पड़ रहा है।
गोपीनाथ समग्र विकास समिति के अध्यक्ष सतेंद्र सिंह, राकेश मैठाणी, मनमोहन सिंह और मनोज बिष्ट का कहना है कि जिला चिकित्सालय में बीते दो सप्ताह से अल्ट्रासाउंड मशीन खराब पड़ी है। साथ ही जिला चिकित्सालय में गॉयनोक्लॉजिस्ट के न होने से भी गर्भवती महिलाओं को डिलिवरी के लिए यहां से अन्य चिकित्सालयों के लिए रेफर किया जा रहा है।
इधर, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ विराज शाह का कहना है कि जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासउंड मशीन के सुधारीकरण की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र मशीन को सुचारू कर दिया जाएगा जबकि डिलिवरी में गायनोक्लोजिस्ट के न होने से दिक्कतें हो रही है, जिसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर गायनोक्लोजिस्ट की तैनाती की मांग की गई है।