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प्रदूषण का खतरा: मसूरी में चलेंगे ई रिक्शा

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दिल्ली और अन.सी.आर के इलाके में फैले प्रदूषण और गंदी हवाओं ने मसूरी प्रशासन को हरकत में ला दिया है। इसके चलते आरटीओ ने मसूरी में ई-रिकशा का ट्रायल रन किया। ये ट्रायल रन मॉल रोड से कंपनी गार्डन से कैमल बैक रोड पर शनिवार को किया गया। आरटीओ विभाग के सुधांशु गर्ग का कहना है कि, “हमने मसूरी में ई-रिकशों की सफलता जांचने के लिये ये ट्रायल किया था और हम नतीजो से खासे खुश हैं। अब हम इसके प्रस्ताव बनाकर आगे अधिकारियों के पास भेजेंगे और हमें इस पर सहमति मिलने की पूरी उममीद है।”

आरटीओ अधिकारियों का कहना है कि, “ई-रिकशो के प्रयोग से न केवल वातावरण को साफ रखने में मदद मिलेगी साथ ही साथ मसूरी के आम लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों को भी सफर के दौरान समय बचाने में मदद मिलेगी। मसूरी एक बड़ा पर्यटक स्थल है और यहां आम पर्यटकों के अलावा काफी विशिष्ट व्यकती भी आते हैं। ऐसे में ये सभी के लिये लाभदायक साबित हो सकता है।” प्रशासन के इस कदम से रिकशा चालक भी काफी खुश हैं। रिकशा चालक संघ के अधयक्ष विजय पाल का कहना है कि “अगर ये कदम उठाया जाता है तो हमें काफी फायदा मिलेगा। अभी हम दो लोगों को ही ले जा सकते हैं पर ई-रिकशा से हम बहुत लोगों को ले जा सकेंगे और इससे हमें मसूरी में होने वाली बरसात से भी बचाव मिलेगा।”

हांलाकि इस प्रस्ताव से सभी लोग खुश नही हैं। राजय के होटल वयापारियों के संगठन के अधयक्ष सनी साहनी का कहना है कि, “ई-रिकशा की जगह गोलफ कारट जयादा कारगर साबित होते, ये न केवल बुजुरग लोगों के लिये आरामदेह रहता साथ ही शहर के हिसाब से भी सुंदर दिखता।” 

मसूरी उन चुनिंदी हिल स्टेशनों में से है जो देश विदेश के लाखों लोगों की पसंद बना हुआ है। और यही कारण है कि पहाड़ों की रानी पर पर्यटकों  के दबाव के चलते प्रदूषण के बढ़ते सतर का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में अगर शहर में ई-रिकशा शुरू होते हैं तो पर्यटकों के साथ-साथ पर्यावरण को भी आराम मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

जोशीमठ पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का भव्य स्वागत

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(गोपेश्वर),रविवार को उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत का जोशीमठ पहुंचने पर क्षेत्र के कांग्रेसियों ने ब्लॉक सभागार में आयोजित समारोह में फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। उनके सम्मान में उन्हें शाल भी ओढ़ाई। इस अवसर पर पैनखंडा संघर्ष समिति के लोगों ने भी पूर्व सीएम का स्वागत किया।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि पैनखंडा क्षेत्र को ओबीसी का दर्जा मिला है, लेकिन इसका लाभ तभी सार्थक होगा जब आपका एक पांव हमेशा गांव में रहे। गांव का विकास नहीं रुकना चाहिए और न ही पलायन हो। इस समय उत्तराखंड में उल्टी गंगा बह रही है। विकास के तमाम कार्य रुके पड़े हैं। इस बार के चुनाव में जनता ने कर्मठ राजेन्द्र सिंह भंडारी को भी हरा दिया। इसीलिए कह रहा हूं कि उत्तराखंड की जनता जब हल जोतने वाले बैल को नहीं अपना रही है तो ऐसे में विकास कैसे होगा?
उन्होंने पैनखंड़ा वासियों से अपील करते हुए कहा कि अपने गांवों को न छोड़ें। गांव से पलायन होगा तो विकास रुक जाएगा। यहां से पूर्व सीएम हरीश रावत, राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा व अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता बद्रीनाथ धाम को रवाना हो गए। जहां वे बद्रीनाथ कपाट बंद होने की प्रक्रिया में भाग लेंगे।

फूलों की घाटी पर वन विभाग की निगाहें चौकस

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(गोपेश्वर),विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी 31 अक्टूबर को पर्यटकों के लिए अगले सीजन तक के लिए बंद कर दी गई थी, ताकि शीतकाल में कोई वन तस्कर या अन्य अवैध कार्य करने वाला फूलों की घाटी में प्रवेश न कर पाए। इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वन कर्मियों की गश्त घाटी में बढ़ा दी गई है। यहां आने-जाने वालों पर सीसीटीवी से भी नजर रखी जाएगी।
विश्व धरोहर फूलों की घाटी में जैविक विविधता का संसार है। दुर्लभ कस्तूरी मृग, स्नो लैपर्ड समेत अनेक वन्य जीव इस घाटी में हैं। शीतकाल में जब फूलों की घाटी बंद होती है तो वन्य प्रणियों के शिकारी और तस्करों के यहां घुसने और वन्य प्राणियों के शिकार करने की आशंका बनी रहती है। पूर्व में ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उसी के मद्देनजर वन विभाग वन्य प्राणियों के प्रति और अधिक सक्रिय हुआ है।
नन्दा देवी बायोस्फेयर रिजर्व के डीएफओ चंद्र शेखर जोशी ने बताया कि वन विभाग ने फूलों की घाटी में अवैध रूप से कोई घुस न पाए, इसके लिए व्यवस्था कर ली है। लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है। 

पुलिस ने किया स्कूली बच्चों को जागरूक

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रुद्रपुर, ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र की पुलिस ने एसएसपी डा. सदानंद दाते के निर्देश पर एसएचओ एमपी सिंह के नेतृत्व में स्कूलों में नशे के खिलाफ और यातायात के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया। इस अभियान के अंतर्गत बच्चों को नशे के प्रति सचेत किया और कहा कि नशा इंसान की सेहत को तो बिगाड़ ही देता है साथ ही कई पुश्तों पर कुप्रभाव पड़ता है। नशा करने वालों को समाज में भी हीन भावना से देखा जाता है। नशा इंसान की इज्जत को नीलाम करा देता है। इससे जितना दूर रहेंगे हम उतना ही बेहतर इंसान बन सकेंगे। इसलिए सभी बच्चों को अच्छे संस्कारों का समावेश करना ही उन्हें जीवन का लक्ष्य बनाना होगा।

सेंट मैरी स्कूल और इंडियन पब्लिक जूनियर हाई स्कूल के छात्रों के बीच एसआई प्रदीप कुमार और एसआई आनंद गिरि ने अपने विचार रखते हुए कहा कि वे यातायात के नियमों का पूरी तरह से पालन करें। सभी को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चे जब तक बालिग न हो जाएं तब तक वे वाहन न चलाएं अन्यथा वे कानून की गिरफ्त में आ जाएंगे जो उनके भविष्य के लिए ठीक नहीं है।

पुत्र और बहु पर गालीगलौज कर मारपीट करने का आरोप 

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रुद्रपुर, ठेली लगाकर गुजर बसर कर रही एक महिला को उसके पुत्र से ही जान का खतरा बना हुआ है। महिला का आरोप है कि उसका पुत्र और बहु उसके साथ गालीगलौज कर अक्सर मारपीट करते हैं।

वार्ड संख्या नौ स्थित रम्पुरा निवासी सरस्वती पत्नी सोहनलाल ने पुलिस को तहरीर देकर कहा है कि उसने अपने पुत्रों का विवाह धूमधाम से कर दिया है। जिसके चलते उस पर करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्जा भी चढ़ गया है। बीते दिवस उसका एक पुत्र उसकी केले बेचने वाली ठेली पर आया और उसके साथ गालीगलौज करने लगा। जब उसने ऐसा करने से मना किया तो कहा कि वो घर आएगी तो उसे जान से मार डालूंगा।

उक्त आरोपों की तहरीर महिला सरस्वती ने पुलिस को सौंपी और बताया कि उसके पुत्र के अलावा पुत्रवधु भी उसके साथ गालीगलौज कर अक्सर मारपीट करती है। महिला का आरोप है कि उसका पुत्र कोई काम धाम करता नहीं है और अक्सर पैसे की डिमांड करता रहता है। जिससे वो काफी परेशान हो गई है। पुलिस ने मामले में तहरीर ले ली है। पुलिस ने बताया कि मामले में जांच शुरू कर दी है। इधर, पुलिस ने मामले में समाचार लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।

पुलिस लाइन में दंगाइयों ने धावा बोल दिया

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रुद्रपुर, रविवार को पुलिस लाइन में दंगाइयों ने धावा बोल दिया। दंगाइयों से निपटने के लिए एसपी सिटी ने तीन थानों की फोर्स बुलाई, मगर पुलिस फोर्स देर से पहुंची, जिससे स्थिति विस्फोटक हो गई। पुलिस को आंसू गैस, पानी का छिड़काव करना पड़ा। फिर भी दंगाई नियंत्रण में नहीं आए तो लाठीचार्ज और फायरिंग करनी पड़ी।

पुलिस लाइन में अपनी मांगों को लेकर लोग प्रदर्शन कर रहे थे। पहले एलआईयू के जवानों ने दंगाइयों की बात को समझ कर उच्चाधिकारियों को सूचित किया। प्रदर्शनकारी वेतन विसंगति को लेकर विरोध कर रहे थे तथा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उसके बाद पुलिस ने दंगाइयों को समझाने का प्रयास किया, मगर दंगाई उग्र हो गए। जिस पर घुड़सवार पुलिस के जवानों ने दंगाइयों को खदेडऩे की कोशिश की। स्थिति नियंत्रण में न होने के कारण पानी की बौछार की गई। उसके बाद आंसू गैस के गोले दागे गए। हालांकि आंसू गैस का पहला गोला गलत दाग दिया गया, जिस पर संचालन कर रहे अफसर ने जवान को टोका। फिर दो और गोले दागे गए। इसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज किया। जवाब में दंगाइयों ने पथराव कर दिया, जिस पर पुलिस टीम को पीछे हटना पड़ा। बाद में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें चार दंगाई घायल हो गए।

घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई। हालांकि घायलों को उठाने पर भी विरोध हुआ, मगर पुलिस ने विरोध करने वालों को खदेड़ दिया। दरअसल, यह सब पुलिस की मॉकड्रिल का हिस्सा था।

…और फिर सामने आई पुलिस की लापरवाही  

रुद्रपुर, एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा ने पुलिस की सक्रियता परखने को पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल का आयोजन किया था। रविवार को सुबह ठीक 11 बज कर 20 मिनट पर एसपी सिटी ने रुद्रपुर, ट्रांजिट कैंप व पंतनगर पुलिस को फोन करके पुलिस लाइन में दंगा होने की सूचना दी। एसपी सिटी की सूचना के 20 मिनट बाद ट्रांजिट कैंप पुलिस सबसे पहले मौके पर पहुंची, लेकिन आधी अधूरी तैयारी के साथ। आधा घंटे बाद कोतवाली पुलिस पहुंची, लेकिन पुलिस कर्मियों की संख्या काफी कम थी। जिस पर एसपी सिटी ने नाराजगी जताई तो कोतवाल ने कहा कि, “सत्यापन अभियान में पुलिस कर्मी व्यस्त थे, पहले पता होता तो फोर्स को सत्यापन में नहीं लगाते, जिस पर एसपी सिटी ने कहा कि दंगा पहले बता कर नहीं होता।’ करीब 40 मिनट बाद पंतनगर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पूरी तैयारी के साथ।

शासन के निर्देश पर 16 करोड़ के घोटाले की जांच कर रही एसआईटी

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रुद्रपुर, 16 करोड़ रुपये के टीडीसी गेहूं बीज घोटाले की जांच के लिए एसआईटी की टीमें यूपी और बिहार को रवाना होंगी। यह टीमें वहां स्टाक का सत्यापन करेंगी। एसपी सिटी व एसआईटी के प्रभारी देवेंद्र पिंचा ने बताया कि टीडीसी गेहूं बीज घोटाले की जांच अंतिम चरण में है।

एसपी सिटी श्री पिंचा ने बताया कि टीडीसी गेहूं बीज घोटाले में एसआईटी ने सभी दस्तावेजों की जांच कर ली है। यहां के स्टाक का सत्यापन किया जा चुका है। चूंकि गेहूं का बीज यूपी व बिहार में बेचा गया है, इसलिए वहां भी स्टाक रजिस्टरों का सत्यापन किया जाएगा।

गौरतलब है कि टीडीसी गेहूं बीज घोटाले की शासन स्तर से जांच कराने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था। टीडीसी के अधिकारियों ने गेहूं बीज को न सिर्फ सस्ते दामों पर बेचा, बल्कि एक के साथ एक कट्टा फ्री देने की स्कीम चला कर टीडीसी को करोड़ों की क्षति पहुंचाई थी, जिससे टीडीसी का अस्तित्व ही खतरे में आ गया था। कर्मचारियों को वेतन देने के भी लाले पड़ गए थे।

शासन ने इस घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। इस मामले में टीडीसी के पूर्व प्रबंध निदेशक समेत कई अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। एसआईटी  मौजूद आरोपियों के बयान दर्ज कर चुकी है। गेहूं बीज घोटाले की जांच अंतिम चरण है। माना जा रहा है कि टीडीसी गेहूं बीज घोटाले में टीडीसी के कुछ अफसरों पर कार्रवाई होनी तय है।

दून में कविताओं और लेखों के बीच स्पीकआउट ने किया ओपन माइक सेशन

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रविवार को ‘स्पीकआउट’ ने देहरादून में अपना पहला माईक सेशन और बुक लॉंच कार्यक्रम आयोजित किया।इस कार्यक्रम में युवाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा को लोगों के सामने प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम देहरादून के क्राॅस बार, जाखन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम को स्पीकआउट के ओनर और पब्लिशर जिया कुरैशी ने लीड किया।

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कार्यक्रम में ओपन माइक सेशन के साथ-साथ स्पीकआउट की किताब पोट्यूपरी को लांच किया गया।कार्यक्रम के चीफ गेस्ट सोनिया पांडे,ओकेश छाबड़ा थे। थे। आपको बतादें कि स्पीकआउट एक ऐसा प्लेटफार्म है जिसके जरिए लोगों द्वारा लिखी गई कविताएं, लेख, शार्ट स्टोरी, सोशल मीडिया के जरिए दूसरों तक पहुंचाई जाती है।

‘स्पीकआउट’ आज के दौर में एक ऐसा माध्यम है जो बिना रोक-टोक के लोगों की क्रिएटिविटी को फेसबुक और इंस्टाग्रम जैसे माध्यमों से प्रसारित करता है। ‘स्पीकआउट’ के बुक लांच पर जिया कुरैशी की न्यूजपोस्ट से बातचीत के दौरान बताया कि, शुरुआत में उन्होंने सोचा नहीं था कि स्पीकआउट इतना लोकप्रिय होगा लेकिन पिछले एक साल में स्पीकआउट ने लोगों के बीच अपनी जगह बना ली है और इसके चलते हमने किताब निकालने का सोचा।देहरादून से खास लगाव होने के कारण जिया ने अपनी पहली किताब का लाँच देहरादून में करने को सोचा और लोगों के प्यार और सहयोग से उन्होंने यह काम सफलतापूर्वक किया।

चीफ गेस्ट ओकेश छाबड़ा ने कहा कि, ‘स्पीकआउट जैसे काम कर रहा वो दिन दूर नहीं जब ‘स्पीकआउट’ सफलता की ऊचांइयों को छूएगा। रजत बंसल, उद्भव घिल्डियाल, सुमित सेठी, तान्या पराशर, अमूल्या भारद्वाज और बहुत से लोगों ने ओपन-माइक सेशन में अपने लेखों को पढ़ा।

आपको बतादें कि ‘स्पीकआउट’ के इस अपने इवेंट में तीन पर्फामरों को सी-क्यूब से फ्री ग्रूमिंग की क्लासेस भी दी जाएंगी।

नेशनल रिकॉर्ड के साथ नितेन्द्र ने जीती हाफ मैराथन

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उत्तराखंड के नितेन्द्र सिंह रावत ने दिल्ली हाफ मैराथन में नेशनल रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले हाफ मैराथन का रिकॉर्ड राजस्थान के दीपचंद के नाम था।
मूल रूप से बागेश्वर के रहने वाले नितेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को हाफ मैराथन में एक नया इतिहास रच दिया। नई दिल्ली में रविवार को एयरटेल वर्ल्ड हाफ मैराथन का आयोजन, जिसमें कई विदेशी धावकों ने भी प्रतिभाग किया। उत्तराखंड के नितेन्द्र ने मीट रिकॉर्ड के साथ-साथ नेशनल रिकॉर्ड बनाते हुए इंडियन मैन श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल किया। नितेन्द्र ने एक घंटा 38 मिनट 53 सेकेंड में दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक झटका। आर्मी के जवान नितेन्द्र से पहले यह रिकॉर्ड बनाने वालो दीपचंद ने वर्ष 2009 में एक घंटा चार मिनट में हाफ मैराथन पूरी की थी।
नितेन्द्र के कोच गैरसेंण निवासी सुरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि दिल्ली मैराथन विश्व की टॉप क्लास मैराथन में से एक है। केंद्रीय खेलमंत्री राज्यवर्द्धन राठौर भी इस मैराथन में उपस्थित थे और उन्होंने नितेन्द्र को बधाई दी है। भंडारी के अनुसार नितेन्द्र वर्ष 2013 में 5000 मीटर दौड़ के नेशनल चैंपियन रहे हैं। वर्ष 2015 से उन्होंने मैराथन शुरू की और इसी साल रियो ओलिंपिक की फुल मैराथन में देश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अपने शिष्य की इस उपलब्धि पर देशवासियों का आभार व्यक्त किया है। 

भगवान बदरी विशाल के दर्शनों के लिए उमड़े भक्त,बर्फवारी के बीच कपाट वेद मंत्रों के साथ हुए बंद

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(गोपेश्वर) भारी बर्फवारी के बीच रविवार को भगवान बदरीविशाल के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। भगवान बदरी विशाल के कपाट बंद होने से पूर्व भगवान की एक झलक देखने के लिए हजारों की संख्या में भक्त उमड पड़े भारत ही नहीं दुनिया के अलग-अलग कोनों से देशी विदेशी भक्त भी बदरीनाथ पहुंचे थे।
भगवान बदरी विशाल की छह माह तक कपाट खुलने की अवधि से लेकर कपाट बंद होने तक मानव भगवान के दर्शन करते है। मान्यता है कि कपाट बंद होने पर देवता भगवान के दर्शन करेंगे और देवऋषि नारद मुख्य पुजारी रावल की भूमिका में रहेंगे। कपाट बंद होने के बाद सोमवार को भगवान के उत्सव विग्रह के रूप में उद्वव जी का विग्रह पांडुकेश्वर लाया जाया जाएगा। छह माह तक योगध्यान बदरी पांडुकेश्वर में भगवान की पूजा होगी। साथ में कुबेर जी भी आयेंगे।
झुमे भक्त, कहा- जय बदरी विशाल
बदरीनाथ के कपाट बंद होने के अवसर पर यूं तो भगवान से विछुडने का विछोह सबमें दिखा। मगर कडाके की ठंड के बाद भी इस विछोह को भगवान की स्तुति गान के रूप में प्रकट किया। भगवान बदरी विशाल के भजनों और उनकी प्रशसा में गीत गाकर लोग झूम रहे थे।
गढ़वाल स्काउट ने बजायी मधूर स्वर लहरी
बदरीनाथ के कपाट बंद होने पर गढवाल स्काउट ने परंपरा के अनुसार बैंड बाजों की स्वर लहरियां विखेरी। जिसे सबने खूब सराहा। मुख्यमंत्री हरीश रावत भी इस छण से अपने आप को रोक न पाये। उन्होंने गढवाल स्काउट के रामढोल पर थाप लगायी।
ये रहे मौजूद
भगवान बदरीनाथ के कपाट बंद होने के अवसर पर पूर्व सीएम हरीश रावत, राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा, बीकेटीसी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, आरएसएस के विभाग प्रमुख अरविंद जी, जिला प्रचारक वृज मोहन, सांसद प्रतिनिधि रधुवीर बिष्ट, जिलाधिकारी आशीष जोशी, पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट, बीकेटीसी के सीओ बीडी सिंह, मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड सहित अनेक लोग मौजूद थे।
अब धाम की सुरक्षा उत्तराखंड पुलिस के हवाले रहे
शीतकाल में कपाट बंद होने पर भगवान के धाम बदरीविशाल की सुरक्षा उत्तराखंड पुलिस के हाथों में होगी। 15 जवानों की तैनाती सुरक्षा व्यवस्था में रहेगी। अलग-अलग पारी पुलिस मंदिर की सुरक्षा दिनरात पूर्व उत्तर और दक्षिण के द्वारों की जायेगी।