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जीनत अमान का आज 66वां जन्मदिन

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हिन्दी सिनेमा की पहली ‘बोल्ड’ अभिनेत्री जीनत अमान आज 19 नवम्बर को अपना 66 वां जन्मदिन बनाया। 70 औऱ 80 के दशक की इस मशहूर अभिनेत्री ने भारतीय हिन्दी सिनेमा को कई हिट फिल्में दी जिसमें से उन्हें मुख्य रूप से ‘दम मारो दम’ और ‘सत्यम शिवम सुदंरम’ के लिए याद किया जाता है।

‘हरे रामा हरे कृष्णा’ में जीनत ने देवानंद की बिछड़ी हुई बहन की भूमिका निभाई थी वहीं राजकपूर की फिल्म ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ में शशि कपूर की प्रेमिका के किरदार में अपने जबरदस्त अभिनय का परिचय दिया था। जीनत ने अपने फिल्मी करियर की शुरूआत एक छोटे से रोल से सन 1971 में ओ.पी रल्हन की फिल्म हलचल से की थी।

जीनत अमान को 1972 में फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ के लिए फिल्म फेयर अवार्ड बेस्ट सपोर्टिंग रोल के लिए मिला।
जीनत अमान का जन्म 19 नवम्बर 1951 को मुंबई में हुआ था। जीनत अमान के पिता अमानुउल्लाह लेखक थे| उन्होंने मुगले आजम और पाकीजा के लिए बतौर लेखक काम किया था। जीनत जब तेरह साल की थीं तभी उनके सिर से पिता का साया उठ गया जिसके बाद उनकी मां उन्हें जर्मनी लेकर चली गईं।

जीनत ने अपने करियर की शुरूआत बतौर पत्रकार किया था लेकिन कुछ दिन बाद ही उनका मन इसमें नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने मॉलिंग की तरफ रुख किया। अब जीनत अमान के जीवन पर फिल्म बनने की भी चर्चा है| इसके लिए प्रियंका चोपड़ा का नाम लिया जा रहा है। 

गोल्फा गांव की सभ्यता पता लगाने के लिए खुदाई की मांग

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देहरादून कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ जिले के सुदूरवर्ती गोल्फा गांव के नीचे एक सभ्यता के दफन होने का दावा किया गया है। यह दावा कुमाऊं यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. जीएस नेगी ने किया है। उन्होंने बताया कि नौ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित गोल्फा गांव में मिले अवशेष के आधार पर वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं।
रविवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू प्रो.जीएस नेगी ने गोल्फा गांव में नाक की नथ, हाथ के कड़े, गगरी, कुदाल, फावड़ा, सिर के अवशेष आदि मिले हैं। इन अवशेषों से गांव के प्रधान बाला सिंह ने एक संग्रहालय बनाया है। प्रो. नेगी ने राज्य सरकार व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से मांग उठाई कि वह इस गांव में खुदाई कर उस सभ्यता का पता लगाए, जिनके अवशेष यहां मिले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गांव में एक तालाब भी मिला, जो अब पूरी तरह सूखा है। इस बात से यह पता चलता है कि कभी इस तालाब में पानी रहा होगा। इसके अलावा प्रो. जीएस नेगी ने जानकारी दी कि गोल्फा क्षेत्र उच्च हिमालयी संसाधनों जैसे-जड़ी-बूटी से लकदक है, लेकिन जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ से 130 किलोमीटर व दुर्गम राह वाले इस गांव से विकास कोसों दूर है। स्कूल भी गांव से 18 किलोमीटर की दूरी पर है। यदि गोल्फा गांव के गर्भ में समा चुकी सभ्यता की पड़ताल के प्रयास शुरू किए गए तो यह पूरा क्षेत्र विश्व फलक पर पहचान बना सकता है।

विश्व सुंदरी बनना हर युवती का ख्वाब : उर्वशी

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(देहरादून) अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने कहा कि भारत की मानुषी छिल्लर के मिस वर्ल्ड बनने से वह बेहद खुश हैं। उर्वशी ने कहा कि विश्व सुंदरी बनना हर युवती का ख्वाब होता है। उन्होंने भी मिस यूनिवर्स के लिए कोशिश की थी, लेकिन वह एक कदम से रह गई थी। खैर, वह नहीं तो मानुषी ही सही। आखिर किसी भारतीय बेटी ने देश का नाम तो रोशन किया।
रविवार को हरिद्वार रोड स्थित एक होटल में अभिनेत्री उर्वशी रौतेला पत्रकारों से मुखातिब हुई। उर्वशी ने कहा कि आज उत्तराखंड की बेटी अभिनय के क्षेत्र में प्रदेश ही नहीं, देश का नाम भी रोशन कर रही है। उन्होंने कहा कि अनुकृति गुसाईं समेत अन्य युवा पीढ़ी बालीवुड में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं। इससे यह साफ है कि आने वाले समय में बालीवुड में उत्तराखंड के कलाकारों की भागीदारी तेजी से बढऩे वाली है। उर्वशी ने मानुषी छिल्लर के मिस वर्ल्ड बनने के पूछे गए सवाल पर कहा कि किसी के लिए भी विश्व सुंदरी बनना गर्व की बात होता है। मानुषी छिल्लर ने मिस-वर्ल्ड का खिताब जीतकर विश्व पटल पर देश का परचम लहराया है। उर्वशी ने कहा कि उन्होंने भी मिस यूनिवर्स के लिए प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी थी। इस सवाल का जवाब देते हुए उर्वशी के चेहरे पर कहीं न कहीं कसक भी झलकी। हालांकि वह यह भी कह गई कि आखिर किसी भारतीय बेटी ने विश्व का बड़ा खिताब जीता है। देश के लिए इससे बढ़कर बात क्या हो सकती है। वह मानुषी छिल्लर के उज्जवल भविष्य की कामना करती हैं।
आकर्षक लुक में दिखी उर्वशी
रविवार को उर्वशी रौतेला के कजन भाई की शादी थी। इसलिए शादी में जाने से पहले उर्वशी पत्रकारों से मुखातिब हुई थी। उर्वशी ने क्रीम कलर का आकर्षक लांग गाउन पहना हुआ था। साथ ही हैवी ज्वैलरी भी आकर्षित कर रही थी। उर्वशी ने कहा कि उन्होंने भाई की शादी के लिए खास कास्ट्यूम डिजाइन कराया है।

सीवर लाइन के मेनहोल पर डाल दी पेयजल लाइन

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सैकड़ों करोड़ रुपये़ के बजट के एडीबी का सीवर व पेयजल लाइन प्रोजेक्ट कछुआ चाल से चल रहा है। इतना ही नहीं तय मानकों व कार्य की गुणवत्ता को भी ताक पर रखा जा रहा है। इसका परिणाम है कि कहीं नई डाली गई सीवर लाइन के चैम्बर अभी से टूटने शुरू हो गए हैं, तो कहीं बिना कनेक्शन ही पानी आना शुरू हो गया है। सीवर लाइन के बाद डाली जाने वाली पेयजल लाइन में भी इसी तरह की खामियों को छोड़ा जा रहा है।
नगर में एडीबी चार वर्षों से सीवर व पेयजल लाइन बिछाने का कार्य कर रहा है। अधिकांश गलियों में सीवर लाइन का कार्य 10 माह बाद भी पूरा नहीं किया जा सका। सड़कें ज्यों की त्यों खुदी पडी हैं। कुछ गलियों में सीवर लाईन डालने के बाद पेयजल लाईन पर कार्य चल रहा है। सीवर का कार्य में एडीबी के कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठे। कई स्थानों पर बहते पानी के बीच ही सीवर के मेनहोल बना डाले तो अधिकांश चैम्बर बिना प्लास्टर किए ही मिट्टी में दबा दिए गए। बावजूद इसके एडीबी के अवर अभियंता पवन टोलिया, गुणवत्ता और मानको की अनदेखी पर जांच और सख्त कार्यवाही करने के साथ ही कमियों को दूर करने के दावे मात्र कर रहे है।
सडक से डेढ़ से दो ईंच नीचे डाली पेयजल लाईन
पुरानी तहसील में सीवर के बाद अब डाली जा रही पानी की लाईन में अनियमितताओं की सारी हदें पार कर दी। यहां ए.डी.बी. प्रोजेक्ट प्रबंधको द्वारा मानकों की धज्जियां उडाई जा रही हैं। पेयजल लाईन कई स्थनों पर सडक से मात्र डे़ढ से दो ईंच की गहराई पर डाली जा रही है। इतना ही नहीं यह लाईन नई डाली गई सीवर लाईन के मेन चैम्बर के ढक्कन के उपर से ही डाल दी गईं। गली के श्याम सुंदर, संजय चौहान, कुलदीप आदि ने इसकी शिकायत जब प्रोजेक्ट मैनेजर संजीव कुमार से की तो उन्होंने अवर अभियंता जीतेन्द्र को मौके पर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर दी। अवर अभियंता लाईन की गहराई बढाने और दिशा बदलने के निर्देश देकर मौके से चलते बने। अवर अभियंता के जाते ही बिना कोई परिवर्तन किय पूर्व की भांति ही लाईन डाल दी गई।
जनता के पैसे की हो रही बर्बादी
ठेकेदार की मिलीभगत और भ्रष्टाचार का प्रमाण बताते हुए क्षेत्रवासियों ने कहा कि इसके बाद एडीबी के प्रोजेक्ट मैनेजर से लेकर सभी अधिकारियों ने जनता के फोन उठाने ही बंद कर दिये। लोगो का कहना है कि सब कुछ एडीबी अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के पैसे से कराये जा रहे पैसे की बर्बादी में अधिकारी भी शामिल हैं

3.5 क्षमता के प्लांट पर मात्र 0.5 एमएलडी सीवरेज

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(टिहरी)  केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी नमामि गंगे प्रोजेक्ट के प्रति सरकारी एजेंसी किस कदर लापरवाही बरत रही है, इसका प्रमाण ऋषिकेश के तपोवन (टिहरी जिला) में देखने को मिल रहा है। पेयजल निगम ने यहां 15.85 करोड़ रुपये खर्च कर यहां 3.5 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तो खड़ा कर दिया, लेकिन ट्रीटमेंट के लिए यहां सिर्फ 0.5 एमएलडी सीवरेज ही पहुंच पा रहा है। लापरवाही का खुलासा तब हुआ, जब प्रोजेक्ट के निरीक्षण के नमामि गंगे की टीम उत्तराखंड आई और उनके सामने जल संस्थान के अधिकारियों ने प्लांट की हकीकत बयां की।
वर्ष 2016 में नमामि गंगे के तहत निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई गंगा पेयजल निगम ने 3.5 एमएलडी क्षमता का एसटीपी तैयार किया। पेयजल निगम ने इस प्लांट के लिए न ही पर्याप्त नेटवर्किंग की और न अन्य माध्यमों से आवश्यक सीवरेज की व्यवस्था। इस प्लांट से निगम सिर्फ 274 कनेक्शनों को ही जोड़ पाया, जिस कारण 3.5 एमएलडी क्षमता वाले इस प्लांट में मात्र 0.5 एमएलडी सीवरेज ही पहुंच रहा है। हैरत की बात यह है कि बिना पूरे सीवरेज की व्यवस्था ही पेयजल निगम ने इस प्लांट को जल संस्थान को हैंडओवर भी कर दिया। हैंडओवर होने के बाद जब जल संस्थान ने प्लांट का निरीक्षण किया तो हकीकत का पता चला। इसके बाद तीन दिन पहले नमामि गंगे के एग्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर रोजी अग्रवाल टीम के साथ उत्तराखंड पहुंचे, जहां अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अजय कुमार टीम के सामने प्लांट की मौजूद स्थिति की तस्वीर साफ की। मामला सामने आने के बाद टीम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और प्लांट पर सीवरेज की मात्र बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके बाद अधिकारियों ने प्लांट पर 300 नए कनेक्शन जोडऩे की तैयारी शुरू करने का दावा किया है।
पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक भजन सिंह ने बताया कि यह प्लांट कुंभ व अद्र्धकुंभ मेले को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मेले के दौरान यहां लोगों की संख्या काफी बढ़ जाती है। यदि प्लांट की क्षमता अधिक नहीं होगी तो उस समय सारा सीवरेज गंगा को दूषित करेगा।
ड्रेनेज सिस्टम जोड़ने की तैयारी
लापरवाही सामने आने के बाद पेयजल निगम ने जहां इस प्लांट से नए सीवरेज कनेक्शन जोडऩे की तैयारी शुरू की है। वहीं, अधिकारी अब ड्रेनेज सिस्टम को भी जोडऩे पर विचार कर रहे हैं, जिससे कि आवश्यकता के अनुसार सीवरेज यहां पहुंच सके।

मैड संस्था ने रिस्पना नदी पर चलाया स्वच्छता अभियान

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देहरादून के शिक्षित छात्रों के संगठन मेकिंग ए डिफ्फेरेंस बाय बीइंग दी डिफ्फेरेंस (मैड) ने रविवार को राजपुर में रिस्पना नदी पर ट्रैकिंग की और आस पास के इलाके में एक सफाई अभियान चलाया।
देहरादून की नदियों के पुनर्जीवन के लिए मैड सदस्यों ने राजपुर में रिस्पना नदी पर ट्रैकिंग के साथ साथ आस पास के इलाके में एक सफाई अभियान भी चलाया। जहां उन्हें भारी मात्रा में शराब की बोतलें, चिप्स के पैकेट और इसी प्रकार का कूड़ा नदी में मिला।
मैड सदस्यों ने यह भी कहा कि हालांकि सरकारी एजेंसियों को नदियों के पुनर्जीवन के लिए मिलकर काम करने की ज़रुरत है, लेकिन इसके साथ ही नागरिकों के लिए उनके प्राकृतिक संसाधनों का स्वामित्व लेना और नीति निर्माण प्रकिया में शामिल रहने का प्रयास करना भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। नदियों का पुनर्जीवन सिर्फ देहरादून के सौंदर्य निर्माण ही नहीं, बल्कि शहर की दैनिक जीवन शैली में सुधार करने में सहायता करेगा। हाल ही में राज्य सरकार ने सचिवालय में आयोजित एक बैठक में मैड की एनआईएच रिपोर्ट को स्वीकार कर उसके आधार पर रिस्पना के पुनर्जीवन के लिए कदम बढ़ाने की मांग को स्वीकार किया था। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मैड संस्था ने जमीन तथा नीति के स्तर पर सहयोग का आश्वासन दिया था। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी, रुड़की ने अपनी तीन साल पुरानी रिपोर्ट में विशेष रूप से एक संक्षिप्त जल सर्वेंक्षण के बाद कहा था कि रिस्पाना एक बारहमासी नदी है और इसे पुनर्जीवित किया जा सकता है, जो मुख्य सचिव को दी गई बैठक में एनआईएच वैज्ञानिकों द्वारा दोहराया गया था। अभियान में विजय प्रताप सिंह, अक्षत चंदेल, शुभम, आदर्श त्रिपाठी, हरिता, राहुल गुरु, रजत, हृदयेश आदि शामिल रहे।

बरेली से झंडा लेकर 130 जायरीनों का जत्था पहुंचा पिरान कलियर

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साबिर पाक के सालाना उर्स में हर साल की तरह इस साल भी बरेली शरीफ से झंडा रविवार को पिरान कलियर शरीफ पहुंचा। झंडा लेकर पहुंचे 130 जायरीनो के जत्थे का गर्म जोशी के साथ स्वागत किया गया। शाम के समय सज्जाद नशीं की सरपरस्ती में दरगाह साबिर पाक के बुलन्द दरवाजे पर झंडा कुशाई (झंडा फेरना) उर्स की प्रथम रस्म अदा की गई और इसी रस्म के साथ साबिर पाक का 749वा सालाना उर्स भी शुरू हो गया।
पिरान कलियर दरगाह साबिर पाक में इतवार को बरेली शरीफ से पहुंचे झंडे को शाम के समय बाद नमाज असर सज्जादा नशीन शाह मन्सूर एजाज साबरी, शाह अली मंजर एजाज साबरी की सरपरस्ती में दरगाह के बुलन्द दरवाजे पर फहराकर उर्स की प्रथम रस्म अदा की। झंडे की रस्म में शामिल होने के लिए अकीदतमंदो की भारी भीड़ जुटी रही। इस दौरान स्थानीय लोगो के साथ-साथ पंजाब,रामपुर,मुरादाबाद आदि स्थानों से भी अकीदतमंद झंडे की रस्म में शामिल हुए। झंडे की सरपरस्ती कर रहे वसीम साबरी ने बताया कि 7 नवम्बर को को 130 अकीदतमंदो का जत्था बरेली से पैदल रवाना हुआ जिस मैं मेरे साथ सलीम साबरी,रिज़वान सबरी,तौफ़ीक़ साबरी,सूफी इमरान,सूफी लईक आदि लोग शामिल थे 13 दिन का पैदल सफर तय करने के बाद जत्था रविवार को कलियर शरीफ पहुंचा। इन 13 दिनो में जत्थे का स्वागत फतेहगंज, रामपुर, मुरादाबाद, नजीबाबाद, नहटौर, ज्वालापुर, रहमतपुर आदि जगहों पर किया गया। बरेली शरीफ से आए झंडे को कलियर पहुंचने पर सज्जादा परिवार की और से शाह अली मंजर एजाज साबरी ने ढोल नगाडो व फूल बरसा कर झंड़े के साथ आए जायरीनो का स्वागत किया। रविवार को बाद नमाज़ ऐ असर झंड़ा फेराने की रस्म के बाद सज्जादा नशीन शाह मंसूर ऐजाज़ साबरी ने रस्म मैं मौजूद तमाम लोगो के लिए दुआ की उन्होंने देश की अखण्डता एकता खुशहाली की दुआ की उर्स सकुशल सम्पन्न होने की दुआ भी की गई इस अवसर पर शाह यावर अली,शाह सुहेल,शाह ग़ाज़ी,शाह राज़ी, खादिम मुनव्वर अली साबरी, डॉ इनाम साबीर,शफ़ीक़ साबरी, सूफी राशिद साबरी,सलीम साबरी, सलीम प्रधान, अनिता राठौर, विक्की नियाज़ी, आदि लोगो ने उपस्थित हो के अक़ीदत का इज़हार किया।

डीएफओ तक मामला पहुंचने के बाद कराई गई जांच में सामने आई कारगुजारी

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(देहरादून) ऋषिकेश में हवा से गिरे अमलतास के पेड़ की वन कर्मियों ने किसी को हवा नहीं लगने दी और खुद ही उसे खुर्द-बुर्द कर ठिकाने लगा दिया। इस मामले की शिकायत जब प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) देहरादून तक पहुंची तो अधिकारी हरकत में आए और मामले की जांच कराई गई। जांच में वन बीट अधिकारी मनसाराम गौड़ को इस लापरवाही का दोषी पाया गया और उन्हें भविष्य के लिए चेतावनी जारी की गई।
रेलवे रोड पर गिरे पेड़ को खुर्दबुर्द करने की शिकायत आरटीआइ कार्यकर्ता विनोद कुमार जैन ने प्रभागीय वनाधिकारी से की थी। शिकायत का संज्ञान लेकर प्रभागीय वनाधिकारी ने उप प्रभागीय वनाधिकारी को जांच कराने के निर्देश दिए। मामले की छानबीन में उन्होंने पाया कि हवा से गिरे पेड़ का निस्तारण नियमानुसार नहीं किया गया और उसे वन बीट अधिकारी ने अपने स्तर पर निस्तारित कर दिया। प्रभागीय वनाधिकारी ने उप प्रभागीय वनाधिकारी से प्राप्त आख्या पर टिप्पणी करते हुए इसे गंभीर लापरवाही व विभाग की छवि धूमिल करने वाला बताया। उन्होंने ऋषिकेश रेंज के वन क्षेत्राधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया और इसी क्रम में वन बीट अधिकारी को भविष्य के लिए चेतावनी भी जारी की गई।

31 मार्च तक यूपीसीएल का हर घर रोशन करने का लक्ष्य

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(देहरादून) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर घर तक बिजली पहुंचाने की सौभाग्य योजना को लेकर उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने कसरत शुरू कर दी है। 31 मार्च, 2019 तक हर घर में रोशनी का लक्ष्य है। इसके लिए डीपीआर बनाई जा रही है, जिसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत हर घर को बिजली कनेक्शन दिया जाना है। इसमें गरीबों को पूरी तरह मुफ्त कनेक्शन दिया जाएगा और अगर घर के भीतर वायङ्क्षरग की आवश्यकता है तो वह भी सरकार अपने खर्च से करेगी। अनुमान है कि उत्तराखंड में करीब दो लाख घरों में बिजली कनेक्शन नहीं हैं। हालांकि, डीपीआर बनाने के लिए जनगणना की मदद ली जा रही है। वर्ष 2011 में हुई जनगणना के आंकड़ों में जितने घरों में कनेक्शन नहीं होना दर्ज होगा, उसके हिसाब से लक्षित आंकड़ा तैयार किया जाएगा। साथ ही डिविजन वार एक सर्वे भी कराया जाएगा। इसमें यह भी देखा जाएगा कि कहां लाइन निर्माण की आवश्यकता है और कहां ट्रांसफार्मर लगाने की। खास बात ये है कि अभी तक केंद्रीय योजनाओं की डीपीआर यूपीसीएल एजेंसियों से तैयार कराता आया है, लेकिन इस मर्तबा खुद ही बनाने का फैसला लिया है। इस संबंध में सोमवार को एक बैठक भी होनी है। यूपीसीएल के मुख्य अभियंता एवं प्रवक्ता एके सिंह ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में बिजली वंचित गांवों और तोकों तक बिजली पहुंचानी है। सौभाग्य के तहत कनेक्शन दिए जाएंगे। हालांकि, अधिकांश जगहों बिजली पहुंच है, जिससे लाइन निर्माण की जरूरत बहुत ज्यादा नहीं पड़ेगी।

देर रात्रि पनियाला में दबिश के दौरान पुलिस को मिली सफलता

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(रुड़की) देर रात्रि गंगनहर पुलिस ने पनियाला गांव मे दबिश के दौरान एक वर्ष पूर्व 16 अक्टूबर 2016 को गांव के ही राव अब्बास, राव दिलशाद, राव समशाद, नोशाद पर बंदूक और हथियारों से हमला कर आधा दर्जन लोगों को गंभीर रूप से घायल करने के आरोप को धर दबोचा।
पुलिस कप्तान हरिद्वार के आदेश पर जांच बहादराबाद थाने में तैनात उप निरीक्षक चक्रधर शास्त्री को इस मामले की जांच सौपी गई थी। रविवार देर रात्रि जांच अधिकारी गंगनहर कोतवाली पहुंचे और उन्होंने पुलिस बल की मांग की। इस पर कोतवाली प्रभारी कमल कुमार लोधी मय फ़ोर्स ग्राम पनियाला पहुंचे और पूर्व प्रमुख राव सलीम, पूर्व दर्जाधारी मंत्री राव इंतजार, राव जलील, राव मुस्तकीम, नसीर, इकराम, राव तस्लीम के घर दबिश दी। दबिश के दौरान पुलिस एक आरोपी तस्लीम को पकड़ने में सफल रही, जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए। इस दौरान आरोपी पक्ष के लोगों ने पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार व पुलिस के काम मे बाधा डालने की कोशिश की जिस पर कोतवाली प्रभारी लोधी ने लाठियां फटकारी।
उल्लेखनीय है कि एक वर्ष पूर्व गांव के जुलहा बिरादरी के सुलेमान के मकान का दरवाजा तोड़ने ओर सुलेमान व उसके भाइयों पर राव सलीम व उसके साथिया ने जानलेवा हमला कर दिया था। हमले के दौरान राव अब्बास, राव दिलशाद अपने भाई के साथ अपने नए मकान से वापिस अपने घर जा रहे थे। इस बीच उन्होंने झगड़ा होते देख बीच बचाव किया तो हमलावर पक्ष राव सलीम व उसके साथियों ने जुलाहे पक्ष के साथ साथ इन पर बंदूक से फायर कर दिया और हथियारों से बुरी तरह से मारपीट करते हुए राव अब्बास व राव दिलशाद का हाथ तोड़ दिया व सिर में गंभीर चोट मार दी थी। उस समय गंगनहर पुलिस ने राव सलीम समेत आठ लोगो पर जानलेवा हमला करने व गंभीर रूप से घायल करने के आरोप में धारा 307,504,506 समते के धाराओं में मामला दर्ज किया था। उस समय सूबे में कांग्रेस की सरकार के चलते आरोपी पक्ष ने जांच कई बार बदलवा कर अब तक गिरफ्तारी से बचते चले आ रहे थे। लेकिन अब पुलिस कप्तान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इस मामले में जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके उपर कानूनी कार्यवाही के आदेश दिए। जिस पर बहादराबाद थाने में तैनात जांच अधिकारी चक्रधर शास्त्री ने देर रात्रि गंगनहर पुलिस की मदद से एक आरोपी राव तस्लीम को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। जांच अधिकारी चक्रधर शास्त्री ने बताया कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा अगर आरोपी कोर्ट में सरेंडर नही करते तो आरोपियों के घर की कुड़की की कार्यवाही की जाएगी।