Page 335

साइबर क्राइम की छात्रों को दी जानकारी

0

गोपेश्वर। चमोली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अवैध कार्यों के विरुद्ध अभियान के तहत थाना थराली पुलिस ने शुक्रवार को इंटर कॉलेज तलवाड़ी में छात्र-छात्राओं एवं अध्यापकों को एटीएम, बैंक फ्राड, साइबर क्राइम, नशे के दुष्प्रभावों एवं यातायात नियमों की दी जानकारी।
थानाध्यक्ष थराली शशि भूषण जोशी ने राइका तलवाड़ी में अध्ययनरत छात्रों को ब्लू व्हेल गेम के घातक परिणामों के बारे में बताया और कहा कि इस गेम को खेलने से कई छात्रों ने अपनी जान गांवा दी है। उन्होंने कहा कि इस गेम को प्रतिबंधित किया गया है। आजकल बच्चों के पास स्मार्ट फोन उपलब्ध है और यदि किसी के पास भी यह गेम पाया जाता है तो उसके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसी दशा में छात्रों का भविष्य बर्बाद हो सकता है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी नशे की ओर बढ़ रही है जो कि समाज के लिए घातक है। नशा हमें आर्थिक, सामाजिक और शरीरिक रूप से नुकसान पहुंचाता है। हमारे अभिभावकों की हमसे कई आशा और अपेक्षा जुड़ी होती है, यदि हम गलत संगत में पड़ कर कोई गलत कदम उठाते हैं तो समाज में हमारे माता-पिता की स्थिति भी खराब हो जाती है। इसलिए हमें ऐसे गलत कामों के प्रति सचेत रहना होगा। इस मौके पर बच्चों ने नशे से बचने के लिए प्रतिज्ञा भी ली। साथ ही बच्चों को साइबर क्राइम, एटीएम फ्राड, यातायात नियमों के बारे में भी जानकारी दी गई।

बैंक के खिलाफ धरने पर बैठा पीड़ित परिवार

0

ऋषिकेश। श्यामपुर खदरी के लक्कड़ घाट निवासी ऋषिपाल श्यामपुर पुलिस चौकी के सामने स्थित बैंक की कार्यप्रणाली से आक्रोशित होकर बैंक के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।

शुक्रवार को अपने पूरे परिवार के साथ बैंक के बाहर धरने पर बैठे हैं। पीड़ित ऋषिपाल का आरोप है कि बैंक की लापरवाही और एटीएम के फर्जीवाड़े के चलते उनके द्वारा बेटी के विवाह के लिए बैंक में जमा की गई लगभग पांच लाख रुपये विभिन्न शहरों में निकाल लिए गए।
ऋषि पाल ने बताया कि पुलिस जांच में भी बैंक की लापरवाही सामने आई है लेकिन उसके बाबजूद भी बैंक उसे कोई राहत नही दे रहा है। लिहाजा बैंक की कार्यप्रणाली से आक्रोशित होकर वह अपने परिवार के साथ शुक्रवार से बैंक के सामने धरने पर बैठे हैं और यह तब तक जारी रहेगा जब तक उनके एटीएम से निकले पांच लाख रुपये वापस नहीं मिलेंगे

विस अध्यक्ष ने किया गैरसैंण में व्यवस्थाओं का निरीक्षण

0

देहरादून। विधानसभा गैरसैंण की तैयारियां जोरों पर हैं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल इस विधानसभा सत्र के शीतकालीन सत्र की तैयारियों का स्वयं जायजा ले रहे हैं ताकि विधानसभा की तैयारियों में कोई कमी न रह जाए।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द्र अग्रवाल व वित्त व संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने गैरसैंण के भराड़ीसैंण पहुंचकर आगामी सात दिसम्बर से प्रस्तावित विधानसभा सत्र की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने भराड़ीसैंण में अधिकारियों की बैठक लेकर विधानसभा सत्र के दौरान होने वाली सभी व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि सत्र सर्दी के मौसम में आयोजित हो रहा है। इसलिए ठण्ड से बचने के इंतजाम भी पूरे करने होंगे। उन्होंने नवनिर्मित विधानसभा भवन का भी निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के पीछे केवल व्यवस्था सुचारु बनाए रखने की भावना है ताकि विधायकों समेत पत्रकारों, व्यवस्था कर्मियों तथा अन्यों को समस्या न हो। गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा तो बन गई है लेकिन अब भी वहां व्यवस्थाओं का टोटा है, जिसके कारण लोगों को तमाम असुविधाएं होती हैं। शीतकालीन सत्र होने के कारण व्यवस्थाओं का चाक-चौबंद करने की कवायद जारी है।
आंदोलनकारियों की राजधानी का प्रतीक गैरसैंण उत्तराखंड के लगभग बीचों-बीच चमोली जनपद का एक छोटा शहर तथा नगरपालिका बोर्ड है। यह उत्तराखंड की भविष्य की राजधानी के रूप में देखा जा रहा है, सुविधाएं न होने के कारण राजधानी बनाने में काफी असुविधाएं आ रही हैं। देहरादून 250 किमी की दूरी पर कुमाऊं की दुधाली पहाड़ी के समीप गैरसैंण स्थित है। गैरसैंण गढ़वाल और कुमाऊं दोनों से आसानी से सुलभ है और एक तरह से दोनों क्षेत्रों के बीच में सेतु के रूप में कार्य कर सकता है। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान गैरसैंण को राजधानी के रूप में भावनात्मक रूप से तय किया गया था लेकिन व्यवस्था न होने के कारण तात्कालिक रूप से वहां राजधानी बनाना वहां संभव नहीं था।
यही कारण है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी ने 09 नवम्बर 2000 को राज्य के गठन के बाद अस्थाई राजधानी के रूप में देहरादून से कार्यभार प्रारंभ किया। उत्तराखंड सरकार ने स्थाई राजधानी की खोज के लिए दीक्षित आयोग का गठन किया था लेकिन इसकी रिपोर्ट में कमीशन ने कहा था कि अंतरिम राजधानी देहरादून, राष्ट्रीय राजधानी से इसकी दूरी, प्राकृतिक आपदाओं से केंद्रीकृत आबादी और सुरक्षा जैसी कारकों के कारण स्थाई राजधानी के रूप में देहरादून एक अधिक उपयुक्त स्थान है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 09 जून से 12 जून 2014 तक उत्तराखंड विधान सभा का तीन दिवसीय विधानसभा का आयोजन गैरसैंण में किया था। इस व्यवस्था के बाद लोगों की उम्मीदें अधिक बढ़ गई और गैरसैंण को स्थायी राजधानी के विकल्प के रूप में माना जाने लगा।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों ने की सीएम और मुख्य सचिव से मुलाकात

0

देहरादून। स्वतंत्रता संग्राम के आश्रितों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मिला। अपनी मांगों से जुड़ी व्यवस्थाओं का एक ज्ञापन दिया ताकि उनकी व्यवस्थाएं पूर्ण हो सकें।
उत्तराखंड स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उत्तराधिकारी संगठन, देहरादून और भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी लोक कल्याण समिति रुड़की प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व मुख्य सचिव उत्पल कुमार, संयुक्त सचिव रमेश कुमार से सेनानी परिवार से संबंधित अनेक विषयों पर वार्ता की। इनमें शासन स्तर पर विलंबित बैठक की तिथि निर्धारित कर सभी संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित करने, सेनानी सदन का निर्माण शीघ्र आरंभ किए जाने, कुटुम्ब पेंशन की स्वीकृति में मौजूद दिक्कतों का समाधान आदि विषय शामिल थे। वार्ता में समिति के क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी विनय कुमार, दिनेश कुमार, पिताम्बर शामिल रहे।

विपक्ष भाजपा सरकार को बेवजह कर रहा बदनाम: भट्ट

0

हल्द्वानी। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि विपक्ष के लोग नोटबंदी को लेकर केन्द्र की भाजपा सरकार को बदनाम करने में लगे हुए हैं। जबकि नोट बंदी से देश को बड़ा फायदा हुआ।

गुरूवार को भाजपा दफ्तर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नोट बंदी के बाद लोगों ने 29 हजार करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति को घोषित किया। 17 लाख पैन कार्ड फर्जी करेंसी पाए गए। इस दौरान 2400 करोड़ की बेनामी संपत्ति जब्त की गई। इसका सीधा फायदा देश में टैक्स जमा करने वाली जनता को पहुंचा।
उन्होंने कहा कि नोट बंदी और जीएसटी को लेकर कांग्रेस जो दुष्प्रचार कर रही है, देश की जनता को उसे समझना चाहिए। नोट बंदी और जीएसटी देश के इतिहास में दो बड़े फैसले हैं। जिसके दूरगामी परिणाम सामने आने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अच्छा कार्य कर रही है। पुलिस अपराध पर लगाम लगा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का सिद्धान्त से कोई समझौता नही करेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व में चयनित भूमि पर ही आईएसबीटी बनेगा। भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रदेश में कोई काम नहीं रूका है।

बिजली कार्मिक 25 से करेंगे आंदोलन

0

देहरादून। पे-मैट्रिक्स और पदोन्नत वेतनमान के मुद्दे को लेकर बिजली कार्मिक 25 नवंबर से आंदोलन शुरू करेंगे। वक्ताओं ने आंदोलन के तहत ऊर्जा के तीनों निगम मुख्यालयों में पहले दिन गेट मीटिंग आयोजित करने की बात कही। उसके बाद चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने और हड़ताल करने की चेतावनी दी है।

पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन, पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन, ऊर्जा कामगार संगठन, ऊर्जा ऑफीसर्स, सुपरवाइजर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से आंदोलन का ऐलान किया हैं। संयुक्त मोर्चे के कुमाऊं मंडल मीडिया प्रभारी डीसी गुरुरानी और गढ़वाल मंडल मीडिया प्रभारी दीपक बेनीवाल ने बताया कि दीपावली के वक्त वित्त मंत्री प्रकाश पंत और शासन से वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया था। आश्वासन था कि एक माह के भीतर कार्मिकों की समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा। लेकिन, अभी तक इस ओर कोई कार्यवाही नहीं हुई है, जिससे कार्मिक संगठनों में रोष है। कहा कि 27 नवंबर से शाम पांच बजे के बाद कार्मिक अपना सरकारी मोबाइल स्विच ऑफ कर देंगे। बताया कि चार से 30 दिसंबर तक हरिद्वार, डाकपत्थर, रुड़की, हल्द्वानी, रुद्रपुर, श्रीनगर, उत्तरकाशी, देहरादून आदि क्षेत्र में केंद्रीय पदाधिकारी कार्मिकों के साथ बैठक करेंगे और मुख्य अभियंताओं को ज्ञापन सौपेंगे। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गई तो चार जनवरी को गांधी पार्क से सचिवालय कूच किया जाएगा और पांच जनवरी को अद्र्धरात्रि से हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। 

यातायात नियंत्रित करने को हो सीपीयू की तैनाती

0

विकासनगर। नगर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए सीपीयू की तैनाती की मांग मानवाधिकार एवं आरटीआई एसोसिएशन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की है। इस आशय का ज्ञापन एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद शर्मा व अन्य सदस्यों ने गुरुवार को एसएसपी को प्रेषित किया।

ज्ञापन के माध्यम से बताया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित विकासनगर कस्बा जौनसार-बावर परगने सहित उत्तरकाशी, टिहरी व हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले का प्रमुख व्यापारिक केंद्र होने के साथ ही चारधाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव भी है। जबकि कस्बे में स्थित कृषि उत्पादन मंडी परिषद में हर रोज काश्तकार व व्यापारी नगदी फसलों के बेचने व खरीदने आते हैं। ऐसे में कस्बे में सैकड़ों यात्री व निजि वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। लेकिन नगर में यातायात नियंत्रण की व्यवस्था नहीं होने से हर रोज जाम की स्थिति पैदा हो जाती है जिससे यहां आने लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
इसके अलावा प्रेशर हॉर्न, गलत तरीके से वाहन पार्क करने, अनियंत्रित गति से वाहन चलाने से यहां अक्सर दुर्घटनाएं भी होती रहती है। जबकि अवैध खनन के वाहन संपर्क मार्गों में गलियों में अनियंत्रित गति से दौड़ते रहते हैं जिससे अनहोनी की आशंका बनी रहती है। पुलिस प्रशासन द्वारा विकासनगर कस्बे में यातायात नियंत्रण को सीपीयू की तैनाती का आश्वासन दिया गया था लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से विकासनगर सहित हरबर्टपुर में भी यातायात नियंत्रण की उचित व्यवस्था करने व सीपीयू के जवानों को तैनात करने की मांग की है। ज्ञापन पर अध्यक्ष अरविंद शर्मा के साथ ही सुलेमान, शब्बीर, आबिद, लियाकत अली आदि के हस्ताक्षर हैं।

स्मार्ट डीएल आरसी के साथ ही जल्द शुरू होगा ई-चालान

0

देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए हेलमेट अनिवार्यता तथा वाहनों में डस्टविन बैग रखने के निर्देश देते हुए कहा कि ई-चालान प्रक्रिया को शीघ्र राज्य में लागू किया जाए। परिवहन विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले स्मार्ट डीएल एवं स्मार्ट आरसी की भी शुरुआत की।
गुरुवार को सचिवालय में ई-चालान प्रक्रिया संचालित किए जाने से सम्बन्धित डेमोस्ट्रेशन का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस व्यवस्था को शीघ्र प्रभावी ढंग से प्रदेश में लागू किए जाने के निर्देश परिवहन विभाग को दिए। उन्होंने इस व्यवस्था से सम्बन्धित जानकारी एवं उपकरणों का अवलोकन करते हुए निर्देश दिए कि ई-चालान व्यवस्था के साथ ही डीएल एवं आरसी के लिये भी इसी प्रकार का सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि ई-चालान की व्यवस्था होने से सड़कों पर एवं प्रवेश द्वारों पर अनावश्यक सड़क जाम की स्थिति से बचा जा सकेगा। चेक पोस्टों के साथ ही सभी थानों में इस प्रकार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। शहरों में यातायात को नियन्त्रित करने, पर्यावरण प्रभावित करने वाले वाहनों की पहचान करने, वाहन के प्रवेश स्थल से ही उसकी गतिविधि की जानकारी आदि उपलब्ध होने सम्बन्धी साफ्टवेयर तैयार करने के लिये भी कार्ययोजना बनाये जाने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में बड़े शहरों में अपनायी जाने वाली प्रक्रिया का भी संज्ञान लेने को कहा। उन्होंने सड़क किनारे निष्प्रयोज्य वाहनों की पार्किंग रोकने के भी सख्त निर्देश दिए हैं। प्रदेश के प्रमुख शहरों की यातायात समस्या के समाधान, शहरों व हाई वे पर सड़क दुघर्टनायें रोकने के लिये विशेष प्रबन्ध किये जाने पर भी बल दिया। इस सम्बन्ध में परिवहन व पुलिस विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। इस सम्बन्ध में सचिव परिवहन डी. सेंथिल पाण्डियन ने सचिवाल में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने जानकारी दी कि इसके लिए सॉफ्टवेयर विकसित किया गया। इसका सीधा कनेक्शन परिवहन मंत्रालय के ‘वाहन’ सॉफ्टवेयर से रजिस्टर होगा। इस प्रक्रिया में वाहन नम्बर डालते ही वाहन से सम्बन्धित सभी डाटा, उसके स्वामी एवं चालक से सम्बन्धित सभी जानकारी शीघ्र मिल जाएगी एवं उसी समय चालन का प्रिन्ट भी दिया जाएगा।
एनआईसी द्वारा ई-चालान का साफ्टवेयर बनाया गया है। प्रारम्भिक चरण में यह मशीन सभी ए.आर.टी. ओ एवं एवं चैक पोस्टों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। उसके बाद यह मशीन सभी थानों में भी उपलब्ध कराई जायेंगी। परिवहन सचिव श्री पाण्डियन ने कहा कि अब स्मार्ट डीएल एवं आरसी बनाये जा रहें हैं। इन लाइसेंसों में क्यूआर कोड को स्कैन करने पर पूर्ण जानकारी उपलब्ध होगी।
इस अवसर पर एसएसपी कार्मिक पुलिस मुख्यालय केवल खुराना, आरटीओ देहरादून सुधांशू गर्ग, संजीव मिश्रा एवं एनआईसी के अधिकारी उपस्थित रहे।

‘2022 तक उत्तराखंड में विकास की आएगी बहार’

0

उत्तरकाशी। कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने गुरुवार को उत्तरकाशी में लोनिवि निरीक्षण भवन परिसर में जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। इस दौरान अधिकांश शिकायतें पेयजल, सड़क, मुआवजा, रोजगार, आर्थिक सहायता संबंधित मिली, जिनका मौके पर संबंधित विभागीय अधिकारियों से निराकरण करवाया गया।

कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता दुरुस्त ग्रामीण क्षेत्र में सड़क, स्वस्थ्य, बिजली, पेयजल आदि मूलभूत समस्या को दूर करना है। इसके लिए उन्होंने डीएम को पांच साल का रोड मैप भी तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की जवानी व पानी को राज्य के काम में लाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार काम करके दिखाएगी। उन्होंने कहा कि 2022 तक उत्तराखंड में विकास की बहार आएगी। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में 13800 बच्चों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया है। अगले पांच वर्ष के भीतर एक लाख से भी अधिक युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए आत्म निर्भर बनाया जाएगा। बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की है।राज्य में उद्योगों के क्षेत्र में कई बेरोजगार काम कर रहे है, लेकिन वे किसी कार्य विशेष में प्रशिक्षित न होने के कारण उनकों योग्यता के हिसाब से कार्य नहीं मिल पा रहा है, जिसके लिए सरकार ने स्किल डेवलपमेंट का कार्य प्रारंभ किया, इसके माध्यम से बेरोजगार व्यक्ति को उसकी योग्यता के हिसाब से प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्य ने अपना स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम भी चलाया है, जिसमें स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा सके।
मंत्री ने कहा कि चिन्यालीसौड हवाई पट्टी को 2007 से रेख-देख नहीं की गई। सरकार चिन्यालीसौड, नैनीसैणी एवं गौचर हवाई पट्टी दुरस्त कर जौलीग्रांड एवं अन्य हवाई पट्टी से बस सेवा शुरू कर रही है। पूर्व केंद्र सरकार द्वारा आपदा के दौरान जारी धनराशी को क्षतिग्रस्त एवं आपदा प्रभावित क्षेत्र में न लगाकर अन्य जगहों पर लगाया गया है, जिससे अकेले सिंचाई विभाग की 300 करोड रुपये की बाढ़ सुरक्षा कार्य की देनदारी है। इस मौके पर गंगोत्री विधायक गोपाल रावत, यमुनोत्री विधायक केदार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम डोभाल, ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी चंदन सिंह पंवार, डीएम आशीष चौहान, पुलिस अधीक्षक ददनपाल आदि मौजूद रहे। 

25 दिसंबर से मसूरी में शुरु होगा विंटर लाइन कार्निवाल

0

आने वाले 25 दिसंबर में क्रिसमस सेलिब्रेशन के साथ-साथ उत्तराखंड में मनाया जाएगा विंटर लाइन कार्निवाल। मसूरी में आयोजित होने वाले विन्टरलाईन कार्निवाल की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को लाने के लिए इसका सोशल मीडिया में प्रचार प्रसार किया जाएगा।

winterline

विकासभवन के सभागार में जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिलाधिकारी ने इस महोत्सव पर खर्चे को लेकर सम्बन्धित अधिकारियों एवं समिति के सदस्यों के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि, “कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए बड़े ग्रूपस को भी प्रायोजक बनाया जाए। कार्निवाल का सोशल मीडिया व फेसबुक पर प्रचार-प्रसार कराया जाए।” इस कार्निवाल में उन्होने लीक से हटकर मनाने के निर्देश अधिकारियो को दिये। उन्होने कहा कि, “कार्निवाल के अवसर पर विभिन्न राज्यों की शोभायात्रा एवं बैंड का प्रदर्शन भी कराया जाये,” इसमें मसूरी में होटल व्यवसायियों से उन्होने अपेक्षा की है कि जो कलाकार बाहर से बुलाये जायेंगे उनके खाने एवं ठहरने की व्यवस्था की जिम्मेदारी उनके द्वारा वहन की जाये।

कलाकारों को एयरपोर्ट से लाने एवं उन्हे छोड़ने की जिम्मेदारी गढवाल मण्डल विकास निगम करे। अगली बैठक उनके कैम्प कार्यालय में होगी, जिसमें इवैन्ट मैनेजमैन्ट कमेटी, फंड राईसिंग कमेटी एवं प्रचार-प्रसार कमेटियों का गठन किया जायेगा। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष मसूरी मनमोहन सिंह मल्ल, अपर जिलाधिकारी अरविन्द पाण्डेय व वीर सिंह बुदियाल, उप जिलाधिकारी मसूरी मीनाक्षी पटवाल, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी केएस रावत, अध्यक्ष होटल यूनियन मसूरी आरएन माथुर, सचिव होटल यूनियन मसूरी संजय अग्रवाल आदि मौजूद थे।