Page 329

कोटद्वार को जिला बनाने के लिए वकीलों का धरना

0

पौड़ी| जनपद पौड़ी गढ़वाल से कोटद्वार को पृथक जिला बनाने की मांग लम्बे समय से चली आ रही है। जिसको लेकर कोटद्वार बार संघ के द्वारा लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।

कोटद्वार को अलग जिला बनाने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन ने शीघ्र जिला निर्माण न होने की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन करते हुए बार संघ के अधिवक्ताओं ने कहा कि कोटद्वार को जिला बनाने की मांग विगत कई वर्षों चली आ रही है, लेकिन प्रदेश में सत्तासीन किसी भी सरकार ने अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान विधायक एवं प्रदेश के काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने विधानसभा चुनाव के दौरान घोषणा की थी कि यदि वे कोटद्वार से विधायक चुने गये तो तीन माह के अंदर कोटद्वार को जिला बनाया जाएगा, लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार के सत्ता में आने के बाद भी जिला निर्माण को लेकर कोई भी पहल नहीं की गई है। जिससे क्षेत्रीय जनता में रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतवानी देते हुए कहा कि यदि कोटद्वार को शीघ्र जिला घोषित नहीं किया गया तो बार संघ उग्र आंदोलन को बाध्य होगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पंत, सचिव आशुतोष देवरानी, सह सचिव इंद्रेश भाटिया, एम.एस नेगी, प्रवेश रावत, जगमोहन भारद्वाज, प्रमोद राणा, पूर्व अध्यक्ष पंकज शाह, पूर्व सचिव अविन्द वर्मा, धीरेन्द्र सिंह रावत, दीपक रावत, महेन्द्र रावत, विक्रम सिंह, लक्ष्मी दत्त सेमवाल व कुंवर सिंह गुसांई, आदि मौजूद थे।

अपना अधिकार पाने को आंदोलन करेंगे वन गुर्जर

0

विकासनगर। तहसील क्षेत्र अंतर्गत वन गुर्जर बस्ती धौला तप्पड़ के बाशिंदों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार वन गुर्जरों की उपेक्षा कर रही है। मूलभूत सुविधाओं से वंचित वन गुर्जर दुश्वारियों भरा जीवन जी रहे हैं। लेकिन सरकार का कोई भी कारिंदा उनकी सुध नहीं ले रहा है। सरकार की उपेक्षा से नाराज वन गुर्जरों ने अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतर कर आंदोलन करने का निर्णय लिया है।

शनिवार मानवाधिकार एवं आरटीआइ एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद शर्मा के नेतृत्व में वन गुर्जरों की बैठक संपन्न हुई। बैठक में सरकार पर वन गुर्जरों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि राज्य गठन के बाद भी जंगलों में रहने वाले गुर्जर समुदाय की दशा में कोई अंतर नहीं आया। पछवादून के तिमली, धर्मावाला, धौला तप्पड़ बस्ती में गुर्जरों के परिवार पचास वर्ष से अधिक समय से स्थाई निवास कर रहे हैं। लेकिन सरकार इनको मूलभूत सुविधा मुहैया कराने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। आज भी वन गुर्जरों की बस्ती मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। कहा कि धौला तप्पड़ बस्ती को जाने वाला मार्ग उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन आता है जिसके चलते राज्य गठन के बाद से ही मार्ग का सुधारीकरण नहीं हुआ है। सरकार इस मार्ग के हस्तांतरण के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इसके साथ ही वन गुर्जरों की बस्तियां शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। स्थाई निवास प्रमाण पत्र नहीं होने से सरकारी योजनाओं का लाभ भी वन गुर्जरों को नहीं मिल रहा है। स्थानीय बाशिंदे लियाकत अली ने कहा कि पिछले पचास वर्षों से अपने ही देश में शरणार्थियों जैसा जीवन यापन कर रह रहे हैं। बैठक में वन गुर्जरों ने अपने अधिकार व सुविधाएं लेने के लिए सड़क पर उतर कर आंदोलन करने का निर्णय लिया। इस दौरान नूर मौहम्मद, अब्दुल गफ्फार, यामीन, लियाकत अली, बशीर, अयूब, अकबर, विजय पंडित आदि मौजूद रहे।

लोगों की शिकायत के बाद हरकत में आया जल संस्थान

0

देहरादून। मन्नूगंज क्षेत्र में पानी लाइन लीक होने के कारण स्थानीय लोगों को रात से पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पानी न आने से परेशान लोगों के बार-बार शिकायत के बाद शनिवार सुबह को जल संस्थान ने लाइन ठीक करने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों का दावा है कि रविवार सुबह तक क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी।

जल संस्थान चार इंच की पाइप लाइन के जरिए मन्नूगंज क्षेत्र के सौ से ज्यादा परिवारों को पानी की आपूर्ति करता है। स्थानीय लोगों की मानें तो तीन दिन पहले जल संस्थान की लाइन लीक हो गई, जिससे क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। पानी न आने से परेशान लोगों ने जल संस्थान के अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि, पानी न आने के कारण लोगों को मजबूरी में किराए पर पानी के टैंकर मंगवाकर काम चलाना पड़ा। इसके बाद फिर लोगों ने जल संस्थान को शिकायत की। शिकायत पर टीम ने मौके पर आकर जांच की तो पता चला कि पाइप लाइन लीक होने के कारण पानी का संकट पैदा हुआ है। जिस पर अधिकारियों ने लाइन ठीक करने का काम शुरू किया। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता मनीष सेमवाल ने बताया कि मौके पर टीम भेजकर काम शुरू करा दिया है। शीघ्र ही जल संस्थान लाइन को ठीक कर देगा।

दयनीय हुई नगर निगम की स्थिति

0

देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल ने आरोप लगाया है कि पिछले 17 सालों के शासनकाल में नगर निगम की स्थिति दयनीय हो गई है। आज भी नगर निगम संसाधनों, वित्तीय व कर्मचारियों के अभाव का रोना रो रहा है।

यूकेडी के महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री ने कहा कि आज भी राजधानी में कूड़े के निस्तारण, नालियों का रखरखाव, पथ प्रकाश की सुविधाओं का बुरा हाल है। आगामी नगर निगम चुनाव के संबंध में तीन दिसंबर को यूकेडी की ओर से महानगर मंथन नाम से शिविर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने महानगर कार्यकारिणी का विस्तार किया। इसमें चंद्रकांता गुरुंग महानगर ईकाई का संगठन सचिव, अशोक राणा को सचिव नियुक्त किया गया। इसके अलावा वार्ड एक राजपुर से अरविंद गोस्वामी, वार्ड दो कंडोली से ललित घिल्डियाल, तीन जाखन से रूबी खान, चार हाथीबड़कला से पंकज कोहली, 16 रेसकोर्स उत्तर से इसरार अहमद, 23 धामावाला से अल्ताफ कुरैशी को वार्ड अध्यक्ष चुना गया।

भागने की कोशिश में नाकाम रहा हत्यारोपी

0

हल्द्वानी। हत्या के मामले में बंद एक बदमाश ने जेल से भागने की कोशिश की है। सुरक्षाकर्मियों के जेल में बैरक बंद करते समय अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश हीरानगर की ओर लगी चहारदीवारी की ओर पहुंच गया। वहीं बदमाश के गायब होने का पता लगने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुरक्षाकर्मियों ने कुंडा बनाकर चादरों को बांधकर फांदने की कोशिश कर रहे बदमाश को दबोच लिया। जेल सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2009 में हत्या के मामले में विचाराधीन बंदी मुराद अली निवासी कुताना कालोनी, रोहतक(हरियाणा) यहां बंद है। संदिग्ध गतिविधियों के कारण उस पर हमेशा पुलिस की विशेष नजर रहती है। घटना शाम करीब छह बजे की है। जब सुरक्षाकर्मी कैदियों को बैरक के अंदर भेज रहे थे। अचानक मुराद अली बैरक में नहीं दिखा तो तलाश शुरू की गई। सिपाही और राइटर उसे ढूंढते हुए बैरक के पीछे हीरानगर क्षेत्र से लगी दीवार की ओर पहुंचे तो मुराद दिख गया। उसने चहारदीवारी की ओर बनी फेंसिंग में लोहे का कुंडा फंसा रखा था। कुंडे से एक चादर को बांधकर उससे कई चादरों को जोड़ रखा था। इसके सहारे वह चहारदीवारी पर चढ़ने का प्रयास कर रहा था। सुरक्षाकर्मियों ने मुराद को दबोच लिया और पकड़कर बैरक में बंद किया। इसके बाद जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।

71 लाख के गबन में नेता प्रतिपक्ष का पूर्व पीए गिरफ्तार

0

उत्तराखंड की नेता प्रतिपक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश के पूर्व वैयक्तिक सहायक (पीए) लक्ष्मीकांत पसपोला को मध्य प्रदेश पुलिस ने हल्द्वानी से गिरफ्तार किया है। लक्ष्मीकांत समेत दो के खिलाफ मध्य प्रदेश में एक प्रतिष्ठित शराब व बीयर कंपनी का फर्जी अकाउंट खोलकर 71 लाख रुपये के गबन का मुकदमा दर्ज है। पसपोला से कोतवाली में करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। न्यायालय में पेशी के बाद तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मध्य प्रदेश पुलिस उसे लेकर रवाना हो गई है।

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के अंतर्गत रोजड़ाचक में सोम डिस्टलरी एवं ब्रेवरीज लिमिटेड के नाम से प्रतिष्ठित शराब व बीयर कंपनी है। कंपनी उत्तराखंड में भी अपनी शराब व बीयर बेचती है। कंपनी का उत्तराखंड में काम देहरादून निवासी अंबर जायसवाल नाम का व्यक्ति देखता है। आरोप है कि अंबर व हल्द्वानी के लक्ष्मीनगर, भोटियापड़ाव निवासी लक्ष्मीकांत पसपोला ने मिलकर दून के पीएनबी व आईडीबीआई बैंक में कंपनी के नाम से दो फर्जी अकाउंट खोले। खाते खोलने के लिए आधार कार्ड, पेन कार्ड आदि दस्तावेज लक्ष्मीकांत के लगाए गए। इसके बाद शराब कारोबारियों से फर्जी खाते में कुल 71 लाख रुपये जमा करवा लिए गए। यही नहीं दोनों ने मिलकर जिला पंचायत देहरादून से शराब की फर्जी दुकान का लाइसेंस भी बनवाया।

सोम डिस्टलरी एंड ब्रेवरेज कंपनी के पीआरओ आलोक मीणा ने मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के उमरावगंज थाने में इस साल 29 अगस्त को लक्ष्मीकांत व अंबर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में उमरावगंज थाने के एएसआइ नरेंद्र पांडे के नेतृत्व में तीन पुलिसकर्मियों की टीम शनिवार को हल्द्वानी कोतवाली पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से लक्ष्मीकांत को पकड़कर कोतवाली लाया गया। यहां एएसआई नरेंद्र पांडे ने उससे लंबी पूछताछ की। इसके बाद लक्ष्मीकांत को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। न्यायालय ने मध्य प्रदेश पुलिस को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड देकर इस अवधि के भीतर मध्य प्रदेश के न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए।

विधानसभा चुनाव से पहले पद से हटाया गया था लक्ष्मीकांत
लक्ष्मीकांत विधानसभा चुनाव से पूर्व तक डॉ. इंदिरा हृदयेश का वैयक्तिक सहायक था। संदिग्ध गतिविधियों के कारण चुनाव से पहले डॉ. इंदिरा हृदयेश ने उसे इस पद से हटा दिया था। इधर, पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद लक्ष्मीकांत ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि उसके फर्जी दस्तावेजों से कंपनी का अकाउंट खोला गया है। उसे अकाउंट के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

सरनीमल बाजार में सीवर लाइन चोक, व्यापारी परेशान

0

राजधानी दून की जर्जर सीवर लाइनों से खड़ी होने वाली परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। हालत ये है कि दून के व्यस्ततम सरनीमल बाजार पिछले सात दिनों से सीवर लाइन चोक पड़ी हुई है और इस कारण सारा सीवर सड़कों पर बह रहा है। इससे यहां से गुजरने वाले लोगों को तो परेशानियों का सामना करना ही पड़ रहा है साथ ही व्यापारियों का तो दुकानों पर बैठना भी दुभर हो गया हैं।

स्थानीय व्यापारियों ने शनिवार को इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों को शिकायत कर समस्या के समाधान की मांग की। व्यापारियों ने बताया कि एक सप्ताह पहले क्षेत्र की सीवर लाइन चोक हो गई है। जिससे चोक वाले स्थान पर सीवर ओवर फ्लो होकर सड़क पर बह रहा है। अब जब भी खरीदार दुकानों के अंदर घुस रहे हैं तो यह गंदगी उनके पैरों में लगकर दुकानों को गंदा कर रही है। इसके अलावा सड़क पर सीवर बहने से आने वाली दुर्गंध ने व्यापारियों का दुकान पर बैठना मुश्किल कर दिया है।

व्यापारी हर्ष गांधी ने बताया कि, “बाजार में सीवर के एक दो घरेलू कनेक्शन हैं, कुछ रेस्टोरेंट संचालकों ने इन घरेलू कनेक्शनों में ही अपने व्यवसायिक सीवर कनेक्शन जोड़ दिए हैं। सीवर के साथ इन लाइनों में अन्य सामग्री भी बहाई जा रही है, जिस कारण लाइन चोक हो गई।”

जल संस्थान के अधिशासी अभियंता मनीष सेमवाल ने बताया कि, “अभी शिकायत नहीं आई हैं, लेकिन रविवार को टीम भेजकर मामले को दिखवाया जाएगा, लाइन को ठीक करने के साथ यदि किसी ने व्यवसायिक कनेक्शन जोड़ रखा है, उनके कनेक्शन काटकर कार्रवाई की जाएगी।” 

देहरादून में “सड़क सुरक्षा सेमिनार” का आयोजन

0

आज दिनांक 25 नवंबर, 2017  को उत्तराखंड पुलिस द्वारा परिवहन विभाग के सहयोग से आयोजित “सड़क सुरक्षा सेमिनार” का उद्घाटन अनिल के. रतूड़ी,पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। 

अनिल के. रतूड़ी,पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रदेश बनने के 17 वर्षों में जिस प्रगति से औद्योगिक विकास हुआ है उसके अनुपात में सड़कों का विस्तार नहीं हुआ है। राज्य बनने के बाद वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। किसी भी राज्य का प्रतिबिम्ब वहां की यातायात व्यवस्था है हम यातायात व्यवस्था में सुधार एवं सड़क सुरक्षा के लिये प्रतिबद्ध है। इस सेमिनार के माध्यम से जनता से संवाद करने का प्रयास किया गया है। जब तक जनता जागरूक नहीं होगी तब तक हम सकरात्मक स्तर तक नहीं पहुंच पायेंगें। विश्व में  सबसे अधिक 25 वर्ष से कम आयु की युवा पीड़ी भारत में है।सड़क दुर्घटनओं में सबसे अधिक मृत्यु 18 से 35 वर्ष के युवाओं की हो रही है। मेरा आप सभी से अनुरोध है कि सड़क सुरक्षा के प्रति अपने में जागरूकता लायें तथा यातायात नियमों का पालन करें। मुझे आशा है कि इस सेमिनार के माध्यम से आपके साथ समय साझा कर हम किसी निष्कर्ष तक पहुंच सकेगें।

अशोक कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि, “हर साल लगभग 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। सड़क दुर्घटनाओं में देश में लगभग 1.5 लाख तथा उत्तराखण्ड राज्य में लगभग 1000 लोग अपनी कीमती जान गंवाते हैं। आपराधिक घटनाओं से जितनी मृत्यु हो रही है इससे 5 गुना अधिक मृत्यु सड़क दुर्घटनाओं से हो रही है। जिससे परिवार और समाज को अपूरणीय नुकसान पहुंचता हैइसलिये प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह यातायात के नियमों का पालन करे और अन्य लोगों को भी जागरूक करे।”  प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण नशे में वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाईल फोन का प्रयोग करना, रैस/ओवर स्पीडिंग, ओवर लोडिंग, वाहनों की खराब दशा व उनका फिटनेस का न होना, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना, खराब रोड़ इन्जीनियरिंग, चालक की लापरवाही/मानवीय त्रुटि, पहाड़ी मार्गों पर पर्याप्त संकेत चिन्हों का न होना है। जिसमें यातायात समस्या के समाधान हेतु निम्न बिन्दु दिये गयेः-

DSC_3259

Ø  सब-वे/फुट ओवर ब्रिज का निर्माण।

Ø  फुटपाथों का निर्माण मेट्रो रेल हेतु कार्यवाही।

Ø  रिंग रोड एवं बाईपास मार्गो का निर्माण। सभी स्कूलों/कॉलेजों में पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जानी।

Ø  कस्बा क्षेत्रों में नियमित यातायात पुलिस बल नियुक्त करना।

Ø  नये पार्किंग स्थल विकसित करना। मल्टी स्टोरी स्टैगर/पजल्ड पार्किंग का निर्माण।

Ø  बोटल नेकों का चौड़ीकरण किया जाना।

Ø  रेलवे क्रासिंगों के ऊपर रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाना।

उत्पल कुमार, मुख्य सचिव उत्तराखण्ड ने कहा कि, “परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में स्कूलों एवं कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाये जाये। दुघर्टनाओं सम्भावित क्षेत्रों एवं जाम ग्रसित क्षेत्रों का अध्ययन कर उनके समाधान हेतु सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करें।”

त्रिवेन्द्र सिंह रावत,माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड द्वारा इस अवसर पर यातायात निदेशालय उत्तराखण्ड पुलिस की वेबसाईट लांच की गई। सेमिनार का समापन करते हुये अपने सम्बोधन मे कहा कि देश के विकास में युवा पीढ़ी की अहम भूमिका है। जैसे कि आकड़े बता रहे हैं कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिक मृत्यु युवा वर्ग की हो रही है। इन सड़क दुर्घटनाओं से परिवार को ही नही अपितु देश को भी भारी नुकसान हो रहा है। मैं युवा वर्ग से अपील करना चाहूंगा कि वे अपने माता-पिता, शिक्षको व पुलिस की बात सुनें तथा यातायात के नियमों का पालन करते हुये उन्हें अपने जीवन में लागू करें।

एसआइटी नहीं खुलवा सकी डीपी का मुंह

0

रुद्रपुर: चार-पांच घंटे की पूछताछ के बाद भी एसआइटी पूर्व एसएलएओ डीपी सिंह का मुंह नहीं खुलवा सकी। पूछताछ के दौरान डीपी सिंह अपने पुराने बयानों पर ही डटे रहे। गुरुवार को एनएच मुआवजा घोटाले में फरार चल रहे पूर्व एसएलएओ डीपी सिंह ने एसएसपी कार्यालय में सरेंडर किया था। दोपहर तीन बजे से उनसे एसआइटी ने पूछताछ की। साथ ही एनएच घोटाले से जुड़े कई सवाल पूछे। शाम सात बजे तक हुई पूछताछ के दौरान एसआइटी उनसे कुछ खास राज नहीं उगलवा सकी। पूछताछ के दौरान डीपी सिंह अपने पुराने बयानों पर ही अड़े रहे। करीब चार-पांच घंटे हुई पूछताछ के बाद शाम सात बजे उन्हें सिडकुल चौकी भेज दिया गया। एसआइटी अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ में उन्होंने कुछ खास नहीं बताया। वह अपने पूर्व में दिए गए बयानों पर ही कायम रहे।
एनएच मुआवजा घोटाले में सरेंडर करने के बाद पूर्व एसएलएओ डीपी सिंह को सिडकुल चौकी के हवालात में रखा गया था। शुक्रवार की सुबह नैनीताल कोर्ट ले जाने से पहले सीओ स्वतंत्र कुमार ने उनसे 15 मिनट तक पूछताछ की। एनएच मुआवजा घोटाले में फरार चल रहे पूर्व एसएलएओ डीपी सिंह ने सरेंडर तो कर दिया, लेकिन पूछताछ में उन्होंने कुछ नहीं बताया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अगर डीपी सिंह ने अपना मुंह खोला तो कई सफेदपोश बेनकाब हो सकते हैं। उनके सरेंडर के बाद कई नौकरशाह और सफेदपोशों के माथे पर बल पड़ने लगे हैं।

मोदी के खिलाफ अभद्र नारों पर फंसी कांग्रेस नेत्री

0

रुद्रपुर: नोटबंदी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाली कांग्रेस नेत्री फंस गई है। मामले में शुक्रवार को कोतवाल ने उनसे पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। बीते दिनों कांग्रेसियों ने नोटबंदी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया था। इस दौरान एक कांग्रेस नेत्री ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। इसका वीडियो वायरल हुआ तो मामला एसएसपी दफ्तर तक पहुंच गया। विधायक राजकुमार ठुकराल ने एसएसपी से मिलकर आरोपी कांग्रेसी नेत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही भाजपा नेता दिलीप अधिकारी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर भी सौंपी थी। मामले में शुक्रवार को पुलिस ने कांग्रेसी नेत्री को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया। जहां पर कोतवाल ने उनसे पूछताछ कर उनके बयान लिए। कोतवाल तुषार बोरा ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इसके लिए कांग्रेसी नेत्री से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए हैं।

  प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाली कांग्रेसी नेत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से गुहार लगाई है। शुक्रवार को वह पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिली और पूरा मामला बताया। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए उच्च अधिकारियों से वार्ता करने की बात कहीं।