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लोकसभा अध्यक्ष से कांग्रेसी नेता को मिली मदद

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Sumitra Mahajan

देहरादून। घर को जोगी जोगणा आन गांव का सिद्ध यह कहावत पूरी तरह उत्तराखंड में चरितार्थ हो रही है। आर्थिक तंगी से गुजर रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विनोद कांबोज गोगी ने बीमारी के कारण आर्थिक मदद के लिए विधायक, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष समेत अन्य प्रदेशों के दरवाजे खटखटाए उन्हें कहीं से कोई राहत नहीं मिली,लेकिन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की ओर से मिली मदद से श्री गोगी गद्गद हैं और उनको शुभकामनाएं भेजना चाहते हैं।

एक लंबे अरसे अस्वस्थ चल रहे विनोद कांबोज गोगी अस्वस्थ तथा आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं,लेकिन इसके लिए स्थानीय विधायक विनोद चमोली समेत सभी दरवाजे खटखटाए। इतना ही नहीं उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष तथा विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को भी पत्र भेजा। जहां झारखंड के मुख्य सचिव ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव को उनका पत्र अग्रसरित किया है। वहीं विधायक विनोद चमोली ने मुख्यमंत्री से आर्थिक सहायता के लिए उनका पत्र अग्रसरित कर दिया है,लेकिन इसे मानवता पराकाष्ठा ही कहेंगे कि लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने श्री गोगी को पचास हजार की आर्थिक सहायता भेज दी है।
लोकसभा सचिवालय की ओर से अनुसचिव श्वाती परवाल ने अविलंब लोकसभा की ओर से स्वीकृत यह राशि भेजने का लोकसभा के लेखाधिकारी को आदेश दिया। इस पत्र के माध्यम श् वाती परवाल ने लिखा है कि मैं डेढ़ लाख की राशि भेज रही हूं,जो लोकसभा अध्यक्ष ने दो लोगों को स्वीकृत की है,इनमें विनोद कांबोज गोगी, को चिकित्सकीय प्रयोग के लिए 50 हजार की राशि तथा अनुज कुमार सिंह लोकसभा सचिवालय को एक लाख रूपए की राशि भेजी गई है। इसी पत्र में अनुसचिव श्वती परवाल ने प्रभावितों को भेजा है,जिसमें पांचवें स्थान पर विनोद कुमार कांबोज तथा छठे स्थान पर अनुज कुमार सिंह का नाम शामिल है।
श्री गोगी का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष के इस कार्रवाई से वे कृत-कृत्य हैं,लेकिन उन्हें इस बात का दुख अवश्य है कि अपनी ही सरकार तथा चुने जनप्रतिनिधियों द्वारा इस विषय में ध्यान नहीं दिया गया है,जो दुख का सूचक है। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री का भी आभार जताया है,जिन्होंने नियमों का हवाला देते हुए प्रदेश के लोगों को ही आर्थिक मदद देने का निवेदन किया है। श्री गोगी चाहते हैं कि प्रदेश सरकार इस संदर्भ में विशेष प्रयास करे और उन्हें इस संदर्भ में मदद की मांग की है। 

खनन पर रोक के लिए जारी रहेगा मातृसदन का आंदोलनः शिवानंद

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हरिद्वार। गंगा में खनन का विरोध कर रहे मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर कराए जा रहे खनन का नजारा केंद्रीय वन एवं पर्यावरण के देहरादून स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से आए वैज्ञानिकों की टीम ने खुद अपनी आंखों से देख लिया है। टीम के निरीक्षण के दौरान करीब डेढ़ सौ वाहन गंगा से खनन सामग्री ढ़ोते मिले। पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिदिन करीब ढ़ाई करोड़ रूपए की खनन सामग्री गंगा से निकाली जा रही है। जबकि रोजाना एक हजार टन खनन करने की ही अनुमति है। खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों की निगरानी के लिए लगाए गए कैमरे भी ठीक ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में खनन में लगे वाहनों से रायल्टी वसूलने में भी गड़बड़झाला हो रहा है। जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। खनन में लगे लोगों ने सारे टापू खोद दिए हैं। जिससे बड़े-बड़े गढ्ढे हो गए हैं। नियम विरूद्ध हो रहे खनन के लिए सरकार व जिला प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार है। जिस तरह गंगा को खोदा जा रहा है। उससे आने वाले समय में गंगा करा अस्तित्व बचा रहेगा। इस पर भी सवालिया निशान लग गए हैं। सरकार, प्रशासन व स्थानीय विधायक को पर्यावरण से किसी तरह का कोई मतलब नही है। गंगा में खनन के खिलाफ मातृसदन का संघर्ष अपना संघर्ष जारी रखेगा। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद की तपस्या को एक माह पूरा होने के बावजूद अभी तक शासन व प्रशासन की और से कोई सुध नहीं ली गयी है। बावजूद इसके मातृसदन अपना आंदोलन जारी रखेगा।

साल 2019 तक उत्तराखंड को बनाएंगे पूर्ण साक्षर

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हल्द्वानी। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में शौर्य दीवार का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा में किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा, उच्च शिक्षा के विकास के लिए पैसे की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। इसके साथ ही घोषणा की कि 2019 तक राज्य को पूर्ण रूप से साक्षर बना दिया जाएगा।

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने शौर्य दीवार में प्रदर्शित 54 वीरों की गाथा को हिंदी में प्रकाशित कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। कहा कि वह प्रत्येक विश्वविद्यालय की यथास्थिति को समझने के लिए दो दिन बैठक करेंगे। राज्य के विश्वविद्यालयों में स्थायी कुलसचिव नियुक्त होने तक प्रतिनियुक्ति पर कुलसचिव शीघ्र नियुक्त किए जाने का आश्वासन दिया। इसके लिए सीएम से बात हो गई कि कुछ पीसीएस अधिकारियों को कुलसचिव के लिए दिया जाए। उन्होंने कहा कि 2019 तक राज्य को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए प्रत्येक डिग्री कॉलेज का विद्यार्थी द्वारा पांच निरक्षरों को साक्षर करने की व्यवस्था निर्धारित की जाएगी।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने 500 डिग्री व इंटर कॉलेजों को ई-लर्निंग से जोडऩे का भी वादा किया। सभी कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में समाधान पोर्टल की शुरुआत होगी। डॉ. रावत ने कहा, डिग्री कॉलेज के प्रत्येक विद्यार्थी को उत्तराखंड का इतिहास पढ़ाया जाएगा। साथ ही उन्होंने हिमालयन अध्ययन केंद्र के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने कहा, विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान में छात्रों की संख्या 40 हजार पार हो गई है। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री बची सिह रावत ने भी समारोह को संबोधित किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के दो एप भी लांच किए गए। 

सोशल मीडिया पर एंटी सोशल होते उत्तराखंड के नेता

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देशभर में डिजिटल इंडिया के दौर में नेताओं में सोशल मीडिया का चलन भी बढ़ चुका है।फेसबुक पर एक्टिव होने के साथ-साथ अब सभी नेता ज्यादा से ज्यादा मात्रा में टिव्टर पर एक्टिव रहने की कोशिश करते हैं। आम लोगों के लिये भी नेताओं और अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने का ये एक ासान माध्यम बन गया है। कंयोकि मामला सारजनिक मंच पर होता है इसलिये नेताओँ और धिकारियों के लिये शिकायतों पर काम करना आसानी या मजबूरी बन जाता है।

उत्तराखंड की बात करे तो यहां परिवहन एवं समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य को छोड़ तकरीबन सभी मंत्री ट्विटर का प्रयोग कर रहे हैं। ये बात अलग है कि मंत्रियों के अधिकतर ट्वीट आम जनता की जरूरत और मतलब से जुड़ी न होकर खुद के प्रचार पाने या फिर सक्रियता दिखाने तक ही सीमित होते हैं।

प्रदेश में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ट्विटर पर सर्वाधिक लोकप्रिय हैं। हालांकि सबसे पहले ट्विटर में आने वालों में वित्त एवं पेयजल मंत्री प्रकाश पंत का नाम आता है। वहीं, कृषि विभाग संभाल रहे सुबोध उनियाल ऐसे मंत्री हैं जो आठ फरवरी के बाद से ट्विटर से दूरी बनाए हुए हैं।

  • त्रिवेंद्र सिंह रावत : तमाम विभाग संभाल रहे सीएम 167 लोगों को फॉलो करते हैं, जबकि फॉलोअर 63373 हैं।
  • ट्विटर पर सक्रिय : 11 सितंबर 2013 से
  • सक्रियता : राष्ट्रपति, पीएम, केंद्रीय मंत्रियों को रिट्वीट करते हैं। अब तक 3124 ट्वीट। अपने दौरे और राजनेताओं की जयंती, पुण्यतिथि पर ही ट्वीट करते हैं।
  • प्रकाश पंत : वित्त, कर एवं पेयजल मंत्री 456 लोगों को फॉलो करते हैं, जबकि इनके फॉलोअर 4122 हैं।
  • ट्विटर पर सक्रिय : 12 मई 2012 से
  • सक्रियता : पीएम, सीएम व केंद्रीय मंत्रियों को रिट्वीट करते हैं। अब तक 1389 ट्वीट। दौरे व विभिन्न लोगों की जयंती व पुण्यतिथि पर ही अधिक ट्वीट करते हैं।
  • मदन कौशिक : शहरी विकास मंत्री व शासकीय प्रवक्ता 94 लोगों को फॉलो करते हैं, जबकि फॉलोअर 986 हैं।
  • ट्विटर पर सक्रिय : 23 मई 2017 से
  • सक्रियता : केंद्रीय मंत्रियों के साथ ही प्रदेश के मंत्री, डीएम, एसएसपी को फालो करते हैं। अब तक 369 ट्वीट। अपने भ्रमण को ही अधिक ट्वीट करते हैं।
  • सतपाल महाराज : पर्यटन, सिंचाई एवं संस्कृति मंत्री 83 लोगों को फॉलो करते हैं, जबकि फॉलोअर 6276 हैं।
  • ट्विटर पर सक्रिय : 29 मार्च 2014 से
  • सक्रियता : पीएम, केंद्रीय मंत्रियों को फॉलो व रिट्वीट करते हैं। अब तक 1484 ट्वीट। भ्रमण, राजनैतिक लोगों से मुलाकात व जयंती, दिवस की फोटो ट्वीट करते हैं।
  • सुबोध उनियाल : कृषि मंत्री 126 लोगों को फॉलो करते हैं, जबकि इनके फॉलोअर 425 हैं।
  • ट्विटर पर सक्रिय : 22 नवंबर 2014 से
  • सक्रियता : पीएम, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष व राजनेताओं को फॉलो करते हैं। कुल 247 ट्वीट। आखिरी बार 3 फरवरी को पीएम मोदी व अपनी फोटो के साथ ट्वीट किया ‘भाजपा के संग आओ बदले उत्तराखंड।’
  • अरविंद पांडेय : विद्यालयी शिक्षा और खेल मंत्री 235 लोगों को फॉलो करते हैं, जबकि फॉलोअर 1733 हैं।
  • ट्विटर पर सक्रिय : 1 मई 2017 से
  • सक्रियता : पीएम, केंद्रीय मंत्रियों के साथ मंत्रालयों के ट्वीट को रिट्वीट करते हैं। अब तक 1646 ट्वीट। भ्रमण, कार्यक्रम के फोटो, विभिन्न शख्सियत की जयंती-पुण्यतिथि से जुड़े ट्वीट करते हैं।
  • डॉ. धन सिंह रावत : उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) 86 लोगों को फॉलो करते हैं, जबकि फॉलोअर 2158 हैं।
  • ट्विटर पर सक्रिय : 4 मई 2014 से
  • सक्रियता : पीएम, सीएम व केंद्रीय मंत्रियों को रिट्वीट करते हैं। अब तक 981 ट्वीट। ट्वीट खुद के भ्रमण, कार्यक्रम और जयंती-पुण्यतिथि से संबंधित होते हैं।
  • रेखा आर्या : बाल एवं महिला कल्याण राज्य मंत्री 52 लोगों को फॉलो करती हैं, जबकि इसके फॉलोअर्स 453 हैं।
  • ट्विटर पर सक्रिय : 24 जुलाई 2017 से
  • सक्रियता : पीएम, केंद्रीय मंत्री व महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय को रिट्वीट करती हैं। अब तक 104 ट्वीट। 18 अगस्त को आखिरी ट्वीट में लिखा ‘बाल श्रम की कुरीति दूर करने को आगे आएं।’
  • मंत्री आर्य ट्विटर से गायब 
  • उत्तराखंड कैबिनेट में परिवहन एवं समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ट्विटर से दूर हैं। हालांकि फेसबुक पर तीन एकाउंट और एक पेज से जरूर सक्रिय हैं।

काशीपुर नैनीताल हाईवे पर अतिक्रमण पर हाइकोर्ट के निर्देश

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नैनीताल। अतिक्रमण पर एक बार फिर हाई कोर्ट ने शक्त रवैय्या दिखया है,हाई कोर्ट ने रामनगर-काशीपुर मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण मामले में सरकार को दो सप्ताह में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। एन एच पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रसादं द्वारा कारवाही के नाम पर महज इतिश्री ही कि जाति रही है।

रामनगर निवासी मोहम्मद सुलेमान ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि रामनगर-काशीपुर मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग-121 चिलकिया-टांडा मल्लू पर अतिक्रमण किया गया है। याचिका में कहा गया है कि टांडा चौराहे पर स्कूल बसें, ट्रैक्टर-ट्रॉली, सवारी बस, डंपर तथा ट्रकों की हर समय आवाजाही बनी रहती है। जिस कारण लगातार जाम लगा रहता है। आए दिन हादसे होते रहते हैं। याचिका में बताया गया है कि इस मामले में पूर्व में चंद्र सती की ओर से जनहित याचिका दायर की गई थी, कोर्ट ने दो साल पहले 12 अगस्त को याचिका निस्तारित करते हुए कहा था कि यदि फिर से अतिक्रमण किया गया तो फिर से याचिका दायर कर सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद दो सप्ताह में स्थिति साफ करने के निर्देश दिए गए।

स्वस्थ जीवनशैली के लिए रेडक्रॉस चलाए अभियान: डीएम

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देहरादून। जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन ने स्कूलों कॉलेजों तथा सार्वजनिक स्थलों पर विभिन्न बिमारियों की रोकथाम, साफ-सफाई, स्वच्छता, स्वस्थ जीवनशैली के लिए जनजागरुकता अभियान रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से चलाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन की अध्यक्षता में बुधवार को रेड क्रॉस सोसाइटी कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर होने वाले आपदा प्रबन्धन के माॅकड्रिल में रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्यों के प्रतिभाग करने तथा सक्रिय रहने वाले वॉलिन्टियर्स,फर्सट एड मेडिकल रेस्पोन्डर्स का मोबाइल नम्बर सहित विवरण रखने को संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने जनऔषधि केन्द्रों पर पर्याप्त औषधि तथा स्टाफ रखने के भी निर्देश दिए।
इस दौरान जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को किए जाने वाले कार्यों, कार्यक्रमों तथा आय-व्यय के समस्त विवरण में पारदर्शिता अपनाते हुए कार्य करने और लोगों के हितों की पूर्ति के कार्यों को अपने ऐजेण्डे में सम्मिलित करने के निर्देश दिए।
रेडक्रॉस सोसाईटी द्वारा जिलाधिकारी से कालसी, चकराता, सहिया, त्यूनी, विकासनगर आदि स्थानों पर जन औषधि केन्द्र खोलने के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य आवश्यक माध्यम से वित्तीय आपूर्ति सहित अन्य परिचालन सहायता प्राप्त करने का आग्रह किया, जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सेन्ट्रल स्कूल में रेडक्रॉस की भी सदस्यता के लिए प्रयास करने क स्वास्थ्य विभाग को रेडक्रॉस सोसाइटी को सभी आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर चेयरमैन रणजीत सिंह वर्मा, वाइस चेयरमैन देवप्रकाश, सचिव रेडक्रॉस डाॅ. एम.एस अंसारी, मोहन एस खत्री, सहित सवस्थ्य विभाग व रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्य उपस्थित रहे।

योगनगरी में श्रद्धालु और पर्यटकों को मुंह चिढ़ा रहे गंदगी के ढ़ेर

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ऋषिकेश। योग की राजधानी के रुप मे समूची दुनिया में खास पहचान रखने वाले स्वर्ग आश्रम क्षेत्र मे जगह-जगह लगे कूड़े कर्कट और गंदगी के ढ़ेर जहाँ व्यवस्था को मूहं चिड़ा रहे हैं। लचर सफाई व्यवस्था के साथ यहाँ आवारा पशु भी समस्या का एक बड़ा कारण रहे हैं।

देश विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रहे इस क्षेत्र में नगर पंचायत सफाई व्यवस्था को लेकर सजग नही दिख रही। इस लेकर अनेकों बार क्षेत्रवासियों द्वारा आवाज उठाई जाती रही हैं। लेकिन नगर प्रशासन द्वारा हमेशा सफाई कर्मचारियों के टोटे का रोना रोकर समस्याओ से पल्ला झाड़ा जाता रहा है।लचर सफाई व्यवस्था के कारण क्षेत्र में बीमारियो का खतरा भी यहां के वासियों को सताने लगा है। इसे लेकर क्षेत्रवासियों में गुस्से का माहौल है।
दिनभर स्वर्ग आश्रम बाजार की संकरी गली में डेरा डाले रहने वाले इन पशुओ की वजह से अनेकों बार दुपहिया वाहन चालक इनकी चपेट में आकर चोटिल हो चुके हैं। इन सबके बीच आलम यह है कि आवारा पशुओं का जमावड़ा से अब क्षेत्र के घाटों पर हो रहा है जिससे अौर गंदगी फैलने लगी है।
क्षेत्र के समाज सेवी गुरु चरण मिस्रा ने नगर पंचायत जौंक से सफाई व्यवस्था में सुधार के साथ आवारा पशुओं पर लगाम कसने की मांग की है। तो वहीं भाजपा नेता भानु मित्र ने भी पंचायत अध्यक्ष को पत्र देकर आवारा पशुओं पर रोक लगाने की मांग की है।
उधर, नगर पंचायत जोंक के अधिशासी अधिकारी विक्रम छाछर का कहना था कि लोगों की मांग बिल्कुल उचित है। जिसके लिए पालिका ने पशु पालकों को नोटिस भी जारी किए हैं। 

आईएमए परेड के दौरान यातायात डाइवर्ट प्लान

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आईएमए परेड के कार्यक्रम दिवस के दौरान यातायात डाइवर्ट प्लान निम्नवतर हेगाः-
1. परेड के दौरान आईएमए की ओर कोई भी यातायात नहीं जायेगा तथा आईएमए की तरफ जीरो जोन रहेगा ।
2. बल्लूपुर से आने वाले समस्त यातायात रांगणवाला चौकी आईएमए के पास से डायवर्ट कर मीठी बैरी से होकर प्रेमनगर की ओर मुख्य मार्ग पर जा सकेगा ।
3. प्रेमनगर की ओर से आने वाले यातायात को आईएमए एमटी सेक्शन गेट की ओर डाइवर्ट कर रांगणवाला बैरियर की ओर निकाला जायेगा । उक्त यातायात रांगणवाला बैरियर से बल्लूपुर पण्डितवाडी की ओर जा सकेगा ।
4. विकासनगर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को हर्बटपुर चौक से धर्मावाला चौक की ओर डाइवर्ट किया जायेगा ।
उक्त यातायात धर्मावाला चौक से शिमला बाईपास होते हुए शहर की ओर आ सकेगा ।
5. देहरादून से विकासनगर हर्बटपुर होते हुए दिल्ली जाने वाले भारी वाहनों को शिमला बाईपास से डाइवर्ट कर विकासनगर धर्मावाला की तरफ भेजा जायेगा ।
6. देहरादून की ओर से विकासनगर जाने वाले समस्त यातायात को बल्लूपुर से बल्लीवाला होते हुए जीएमएम रोड होते हुए कमला पैलेस की ओर से शिमला बाईपास की ओर निकाला जायेगा ।उक्त यातायात शिमला बाईपास से विकासनगर की ओर जा सकेगा ।
7. समस्त भारी वाहनों को पूर्णतः हर्बटपुर शिमला बाईपास चौक तथा बल्लूपुर चौक से जीएमएस रोड की ओर डायवर्ट किया जायेगा ।

30.11.2017 को समस्त भारी वाहन 14:30 बजे से 20:00 बजे तक डायवर्ट किया जायेगें । आम जन से अपील है कि असुविधा से बचने के लिए चौपहिया वाहन से प्रयोग कम से कम करते हुये दोपहिया वाहनों का प्रयोग करे । व्यवस्था बनाने में जनपद पुलिस को अपना सहयोग प्रदान करें ।

स्वरोजगार योजना के अभ्यर्थियों का डीएम ने लिया साक्षात्कार

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रेस्टोरेंट स्थापित करने अथवा वाहन क्रय कर अपनी आजीविका चलाने संबंधी उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांशी वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वराजेगार योजना की बैठक हुई। जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने इस योजना के लिए आए आवेदनों का परीक्षण कर आवेदनकर्ताओं का साक्षात्कार लिया, ताकि लाभार्थी अपना स्वरोजगार आसानी से संचालित कर सकें। उन्होंने कहा कि लाभार्थी चयन में मानक का ध्यान रखा जाए।

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वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वराजेगार योजना की बैठक कलक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। इस मौके पर जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैर वाहन व वाहन मद में प्राप्त आवेदनों का भलीभांति परीक्षण कर लिया जाए।

सीडीओ अलोक कुमार पाण्डेय ने जिला पर्यटन अधिकारी बीसी त्रिवेदी से कहा कि योजना का व्यापक प्रचार किया जाय। शिक्षित बेरोजगार व्यक्तियों के लिए वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन योजना स्वरोजगार के क्षेत्र में कारगर योजना है जिससे अधिक से अधिक लोग योजना से लाभान्वित हो सकते हैं। इस योजना के विस्तारीकरण के लिए सरकार प्रयासरत है।

सीडीओ ने बताया कि गैर वाहन मद में 14 आवेदकों के आवेदन प्राप्त हुए जिनका परीक्षण के उपरान्त सात आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि वाहन मद में 12 आवेदन प्राप्त हुए। इनके परीक्षण के उपरान्त सात आवेदन स्वीकृत किए गए। जिला पर्यटन अधिकारी बीसी त्रिवेदी ने बताया कि वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके अन्तर्गत लाभार्थी रेस्टोरेंट स्थापित करने अथवा वाहन क्रय कर अपनी आजीविका चला सकते हैं। योजना के अन्तर्गत अधिकतम 40 लाख तक का ऋण 25 प्रतिशत अनुदान पर दिया जाता है।

कांग्रेस कर रही जुआरियों की वकालत

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रुद्रपुर के ब्लाक प्रमुख दलजीत सिंह खुराना को जुए के मुकदमे में झूठा फंसाने का आरोप लगाकर कांग्रेसियों ने पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ के नेतृत्व में एसएसपी से मुलाकात की। उन्होंने एसओजी के एक अधिकारी पर ब्लाक प्रमुख के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया। एसएसपी ने पूरे मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी से कराने का आश्वासन दिया है।

आपको बतादें की बीते दिनों एसओजी ने किच्छा बाईपास स्थित ब्लाक प्रमुख खुराना के भाई के ट्रांसपोर्ट कार्यालय पर छापा मार कर जुआ खेलने के आरोप में ब्लाक प्रमुख समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया था। पूर्व मंत्री बेहड़ का कहना था कि छापे से कुछ देर पहले ब्लाक प्रमुख एक व्यक्ति के संस्कार में शामिल हुए थे, जहां वह खुद मौजूद थे वह अपने भाई के दफ्तर में चाबी लेने गए थे, उनके पहुंचते ही एसओजी का छापा पड़ा।

पुलिस की वीडियो रिकार्डिंग में भी दलजीत सिंह खड़े थे, फिर उन्हें जुए के मुकदमे में क्यों फंसाया गया। कहा कि इसके पीछे राजनीतिक साजिश है। साथ ही यह भी कहा कि एसओजी के एक अधिकारी ने ब्लाक प्रमुख के साथ अभद्रता की। एसएसपी सदानंद दाते ने पूरे मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी से कराने का आश्वासन दिया है।