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नए साल के जश्न पर पुलिस प्रशासन मुस्तैद,पर्यटकों पर रखी जाएगी पैनी नजर

देहरादून। नए साल के जश्न को नशे के साथ मनाने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली है। किसी भी दशा में उपद्रवियों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। शहर में जगह-जगह पर पुलिस एल्कोमीटर के साथ चैकिंग अभी से शुरू कर दी है। ऐसे में किसी भी तरह की दुखद घटना ना हो इसके लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है। तीर्थ नगरी ऋषिकेश जो कि अपने पर्यटन के लिए विश्व भर में जानी जाती है नए साल के मौके पर यहां पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिलती है। नए साल में पर्यटकों की बड़ी भीड़ कहीं ना कहीं पुलिस प्रशासन के लिए भी चुनौती भरा काम होती है, इससे निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने अलग-अलग टीमें बनाकर मुस्तैदी से काम करना शुरू कर दिया है। खासकर बॉर्डर एरिया में लगातार पुलिस चेकिंग के जरिए लोगों पर नजर रख रही है, इसके साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट्स में भी पुलिस समय-समय द्वारा चेकिंग की जा रही है, ऋषिकेश एसआई विजय भारती की मानें तो ”नए साल के मद्देनजर पुलिस मुस्तैदी से चेकिंग अभियान चला रही है, हुड़दंग मचाने वाले लोगों पर और अवैध शराब पर लगाम लगाने के लिए पुलिस दिन रात काम कर रही है।”

शुक्रवार को अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने ”नव वर्ष पर जिले में यातायात एवं शान्ति व्यवस्था के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की। उन्होंने कहा कि नववर्ष के मद्देनजर अभी से ही पर्याप्त पुलिस प्रबन्ध कर लिया गया है तथा यातायात योजना बना ली गयी है। किसी भी दशा में हुड़दंग व ड्रंकन ड्राइविंग करने वाले को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। शहर में जगह-जगह पर एल्कोमीटर के साथ चैकिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि गुरूवार को 480 लोगों के मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत चालान किये गये हैं। जाम से निपटने के लिये वैकल्पिक मार्गों का चिन्हिकरण कर लिया गया है, जिनका उपयोग किसी भी क्षेत्र में यातायात दबाव बनने पर किया जायेगा।”
उन्होंने कहा कि मसूरी के रास्ते में लगने वाले जाम से निपटने के लिये हाथीपांव तथा झड़ीपानी वैकल्पिक मार्गों का उपयोग भी किया जायेगा। मसूरी में पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था भी की गयी है। रास्ते में फसी गाडियों को हटाने के लिए क्रेन एवं अतिरिक्त चालक भी नियुक्त किये गये है। अशोक कुमार द्वारा यह भी कहा कि नववर्ष के अवसर पर आयोजित पार्टियों में ड्रग्स का सेवन बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। लोगों से अनुरोध है कि नववर्ष शालीनतपूर्वक हर्षोल्लास से मनायें एवं नशे का सेवन करके सड़कों पर न आये। यदि कहीं पर ड्रग्स का उपयोग करना प्रकाश में आता है तो उस कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
बैठक में अशोक कुमार,अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखण्ड सहित पुष्पक ज्योति, पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र, केवल खुराना, प्रभारी निदेशक यातायात, निवेदिता कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून, धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस अधीक्षक यातायात, देहरादून, प्रदीप कुमार राय, पुलिस अधीक्षक नगर, देहरादून उपस्थित रहे।

यहाे देखें एडीजीअशोक कुमार विडियोः

बिना डिग्री के चला रहा मेडिकल स्टोर, सीएमओ से शिकायत

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विकासनगर। शेरपुर गांव में एक मेडिकल स्टोर संचालक बिना डिग्री के दवाएं बेच रहा है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत सीएमओ से करते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संचालक युवाओं को बिना पर्चें के नशीले दवाएं भी दे रहा है। जिससे युवाओं का भविष्य चौपट हो रहा है।

हसनपुर निवासी रहीस अहमद ने आरोप लगाया कि मेडिकल स्टोर संचालक ने उनके बेटे को भी बिना पर्चे के दवाएं दी, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। बेटे के इलाज में डेढ़ लाख रुपये खर्च आया। कहा कि संचालक के पास कोई डिग्री और डिप्लोमा भी नहीं है। अक्सर उसकी दुकान में रिश्तेदार बैठते हैं, जो कि अनपढ़ हैं। ऐसे में संचालक लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। गांव में स्वास्थ्य सेवाएं न होने के कारण अधिकांश लोग इसकी मेडिकल स्टोर पर निर्भर हैं। उन्होंने संचालक की डिग्री और डिप्लोमा की जांच कराने की मांग की। सीएमओ डॉ. टीसी पंत का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि बिना कागजातों के मेडिकल स्टोर का संचालन होता मिला तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

न्यू ईयर के जश्न को तैयार ऋषिकेश-कौड़ियला ईको टूरिज्म जोन

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ऋषिकेश। शीतलहर के रोमांच और उत्तराखंड के दिलकश नजारों के बीच बड़ी संख्या मे पर्यटक ऋषिकेश में न्यू ईयर का जश्न मनाएंगे। सात समुन्दर पार से आए विदेशियों ने इसके लिए पहले से ही एडवांस बुकिंग करा ली है।

ऋषिकेश-कौडियाला ईको टूरिज्म जोन स्थित तमाम होटल नए साल के जश्न के लिए तैयार हैं। होटलों के साथ रिसोर्ट के स्तर पर भी मुकम्मल तैयारियां की गई हैं। उल्लेखनीय है कि नूतन वर्ष सेलीब्रेशन के लिए पिछले कुछ वर्षो मे ऋषिकेश-कौडियाला ईको टूरिज्म जोन में पर्यटकों की आवाजाही तेजी से बढ़़ी है। राफ्टिंग, कैंपिंग के अलावा होटल, रिसोर्ट और कॉटेज की खासी डिमांड है। न्यू ईयर के धमाल के लिए लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों के यहां पहुंचने की जानकारी है। होटलों के अलावा हेवल नदी स्थित कैम्पो के संचालकों ने भी इसके लिए खासी तैयारियां की हैं। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए राफ्टिंग एवं कैम्पिंग के साथ जश्न का हर खास इंतजाम किया गया है। इसके अलावा कॉटेज भी पर्यटकों के वार्म वेलकम के लिए तैयार हैं। कुछ कैम्पों मे गढ संस्कृति के रंगारंग कार्यक्रमों के जरिए मनोरंजन का इंतजाम किया गया है ,साथ ही इस बार खासतौर पर गढवाली व्यंजन भी पर्यटकों को परोसे जाएंगे।

66वीं ऑल इण्डिया पुलिस एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का सीएम ने किया समापन

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देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमन्त्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने महारणा प्रताप स्पोर्ट कॉलेज में आज 66 वें ऑल इण्डिया पुलिस एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का समापन किया। इस दौरान मुख्यमन्त्री ने देश भर से आये सभी पुलिस टीमों के मार्चपास्ट की सालामी ली।

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अखिल भारतीय पुलिस एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के आयोजन सचिव व अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार द्वारा प्रतियोगिता की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि पुलिस एथेलिटिक्स चैंपियनशिप की उत्तराखंड पहली बार मेजबानी की गयी। चैंपियनशिप में 25 राज्यों वे सात केन्द्रीय शस्त्र पुलिस बल सहित कुल 32 टीमों के 1119(275 महिला खिलाड़ी) पुलिस के खिलाड़ियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। जिसमें कुल 44 प्रतियोगिताएं हुई। पुरूष एवं महिला दोनों को देखें तो  बीएसएफ, सीआरपीएफ एवं पंजाब मुख्य मुकाबला इन तीन टीमों में रहा। पुरूषो में उत्तराखण्ड एवं महिलाओं में महाराष्ट्र व केरल ने तीनों टीमों को काफी टक्कर दी।

इस प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड ने

  • 05 गोल्ड,
  • 02 सिल्वर व
  • 01 ब्रान्ज के साथ राज्यों में उत्तराखण्ड ओवर ऑल चैम्पियन में चौथे स्थान पर रही।

पुरूषों में उत्तराखण्ड दूसरे स्थान पर रहीं। उत्तराखण्ड की महिलाओं ने पिछले 5 वर्षों से इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग नहीं लिया था इस बार रिक्रूट महिला आरक्षियों द्वारा प्रतिभाग किया गया जिसमें महिलाएं सेमीफाइनल तक पंहुचने में सफल रहीं। पुलिस महानिदेशक ने अपने उदबोधन में मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड और विशिष्ट अतिथि माननीय खेल मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा की अपने सीमित संसाधनों के बावजूद इस वृहद आयोजन को सफलता पूर्वक समपन्न कराने हेतु ऑल इण्डिया स्पोर्टस व उत्तराखण्ड स्पोर्टस बोर्ड, आयोजन समिति सहित सभी का धन्यवाद किया उन्होने सभी प्रतिभागियों पदक वियेजाओं को अत्यन्त अनुशासन से भाग लेने के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी।

श्री एके.वर्मा अपर निदेशक आईबी व प्रतिनिधि ऑल इण्डिया स्पोर्टस कन्ट्रोल बोर्ड ने अपने सम्बोधन में कहा की वर्ष 2017 के लॉसएंजलिस में हुए वर्ल्ड पुलिस गेम्स में प्रतिभाग करने 151 स्वर्ण सहित कुल 321 पदक प्राप्त किये। उन्होंने पुर्व मे भी आयोजित वर्ल्ड पुलिस में बड़ी संख्या में प्राप्त किये जाने का उल्लेख किया, इसके अतिरिक्त अब तक 87 पुलिस कर्मियों को अर्जुन पुरस्कार, 25 को पदमश्री, 02 को पदमविभूषण, 06 को राजीव गाँधी खेल पुरस्कार से अलंकृत किये जाने की जानकारी दी, उन्होने इस वर्ष अखिल भारतीय पुलिस एथलेटिक्स चैम्पियनशिप-2017 के सफल आयोजन के लिए पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड, अपर पुलिस महानिदेशक सहित सभी अधिकारीयों/कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया।

 सीएम रावत ने 100 मीटर महिला वर्ग, 4X400 महिला वर्ग तथा 4X400 पुरुष वर्ग के विजेताओं को मेडल तथा निरीक्षक मनीष रावत को बैस्ट एथलीट का पुरस्कार प्रदान किया, इसके अतिरिक्त अन्य श्रेणियों के विजेताओं को ट्रॉफी व पंजाब को ओवर ऑल चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रदान कि गई। तथा अखिल भारतीय पुलिस एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की “स्मारिका” का विमोचन भी किया गया।सीएम रावत ने कहा कि में पूरे भारत से प्रतिभाग करने आये खिलाड़ियों, कोच आदि का स्वागत करते हुए कहा की यह उत्तराखण्ड का सौभाग्य है, कि इस वर्ष इस प्रतियोगिता का आयोजन करने का हमें अवसर प्राप्त हुआ।

अंत में मुख्यमन्त्री नें 66वीं0 अखिल भारतीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2017 की समापन की औपचारीक घोषणा करते हुए ऑल इण्डिया स्पोर्टस कन्ट्रोल बोर्ड के ध्वज को पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड को अगली प्रतियोगिता तक अपनी अभिरक्षा में रखने हेतु प्रदान किया गया।समापन समारोह में दीपम सेठ पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था ने धन्यवाद ज्ञापन दिया तथा कार्यक्रम का संचालन श्रीमती श्वेता चोबे अपर पुलिस अधीक्षक सीबीसीआईडी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर अरविन्द पाण्डे माननीय खेल मन्त्री उत्तराखण्ड, आनन्द वर्धन प्रमुख गृह सचिव सहित उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बाल विकास विभाग को मिले 14 अधिकारी

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देहरादून। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महिला सशक्तिकरण बाल विकास एवं पशुपालन मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि बाल विकास विभाग के अन्तर्गत लोक सेवा आयोग से चयनित नवनियुक्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों में से 14 अधिकारियों की तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि अधिकांश अधिकारियों को पर्वतीय जनपदों में तैनात किया गया है।

शुक्रवार को मंत्री आर्या ने आशा व्यक्त की कि विभाग को नये अधिकारी मिलने से विभागीय योजनाओं को त्वरित गति से संचालित कराया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से जन्म से 06 वर्ष तक की आयु के बच्चे एवं गर्भवती/धात्री महिलाएं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से लाभान्वित हो सकेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि पशुपालन विभाग में 15 पशुचिकित्सा फार्मेसिस्टों की मुख्य पशुचिकित्सा फार्मेसिस्ट के पद पर पदोन्नति कर दी गई है।
आर्या ने बताया कि जनपदों में पशुपालकों की समस्याओं का त्वरित गति से निस्तारण करने हेतु एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पशुपालक को मिल सकें। इसलिए पदोन्नत अधिकांश मुख्य पशुचिकित्सा फार्मेसिस्टों को भी पर्वतीय जनपदों में तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे पर्वतीय जनपदों के पशुपालकों को अत्याधिक लाभ मिल सकेगा। 

पांडवास के “शकुना दे” ने तोड़े पिछले सभी रिकॉर्ड

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अपनी नई पेशकश “शकुना दे” के रिलीज होने के हफ्ते भर में ही पांडवास ग्रुप को खुशी की एक और वजह मिल गई है। ग्रुप का ये वीडियो लोगों के बीच काफी सराहा जा रहा है औऱ इस गाने ने इस ग्रुप के अभी तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं।एक हफ्ते में इस वीडियो को यू ट्यूब पर एक लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। इस कामयाबी पर टीम भी मानती है कि उन्हे खुशी के साथ साथ हैरानी भी है क्योंकि ये कोई डांस नंबर नही ंथा। इसके बावजूद इस वीडियो को इस तरह की सफलता मिलना उत्साह बढ़ाता है।

सूरों से सजा ये म्यूजिक वीडियो किसी भी बॉलिवुड गीत को कड़ी टक्कर दे सकता है। सात मिनट का ये वीडियो अंजलि खरे और इशान डोभाल की आवाज़ों से सजा है। वहीं वीडियो में बाप बेटी के रिश्ते के उतार चढ़ाव से दर्शकों को रबरू कराने का काम अनूप त्रिवेदी और प्रिया अधिकारी ने किया है।

इस वीडियो के निर्देशक कुणाल और इशान न्यूजपोस्ट को बताते हैं कि “अधिकतर गाने पुरुष प्रधान होते हैं लेकिन ये गाना एक बेटी के अपने पिता के साथ रिश्तों की कहानी को बयां करता है।और इसलिये हर आम आदमी इससे अपने आपको जुड़ा हुआ महसूस कर सकता है। “

इसी साल अपने एलबम फुलौरी की सफलता के बाद टीम ने शकुना दे पर काम करना शुरु कर दिया था। कुणाल कहते हैं कि वीडियों में प्रिया ने जो कुमाउंनी ओढ़नी पहनी है वो वीडियो के आने के बाद से काफी मशहूर हो गई है। इस ओढ़नी को ऋषिकेश के डिजाइनर गणेश व्यास ने बनाया है।

जहां एक तरफ इस गीत को संजोने में करीब करीब 9 महीने का समय लग गया वहीं वीडियो को शूट करने में भी 1 महीने से ज्यादा का समय लगा।वीडियो की शूटिंग अल्मोड़ा के रानीखेत के पंतकोटली गांव में की गई है।इस विडियो में लाला बाज़ार के साथ-साथ अल्मोड़ा की मशहूर खीम सिंह की दुकान को भी दिखाया गया है। कुणाल कहते हैं कि “इस वीडियो में हमने जहां पहली बार 35एमएम कैमरे का इस्तेमाल किया है वहीं पहली बार कलाकारों का प्रोफेशनल मेकप भी कराया गया है जो पिछले दो सीजन में नहीं किया गया था।”

आने वाले दिनो में पांडवास ग्रुप अपने लगातार बढ़ते फैन बेस के लिये शॉर्ट  फिल्में भी बनाने की तैयारी में हैं। जो जरूर उनके चाहने वालों को पसंद आयेंगी।

गुटखा आैर तंबाकू की सार्वजनिक बिक्री पर नौ दुकानों का चालान

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गोपेश्वर। चमोली जिले के नंदप्रयाग, तेफना व थिरपाक बाजार में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस व संस्था के सदस्यों ने गुटखा, तंबाकू का सार्वजनिक तौर पर बिक्री करने के जुर्म में 09 दुकानों का चालान कर 900 रुपये का अर्थदंड वसूला।

शुक्रवार को नोडल अधिकारी डॉ नीरज कुमार सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस व हिमाद संस्था के सदस्यों की एक टीम ने नंदप्रयाग, तेफना व थिरपाक के बाजारों में सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शन कर गुटका व तंबाकू को बेचने के जुर्म में 09 दुकानदारों का चालान किया तथा उनसे अर्थदंड के रूप में 900 रुपये भी वसूल किए। साथ ही अन्य दुकानदारों को चेतावनी दी कि यदि कोई दुकानदार ऐसा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी तथा दुकानदारों को यह भी हिदायत दी गई कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों को नशीले पदार्थों को न बेंचे। टीम में चिकित्सा विभाग के डॉ नीरज कुमार सिन्हा, संदीप कंडारी, हिमाद के सुभाष कुमार, पुलिस से सिपाही महेश त्यागी व विनोद थपलियाल आदि शामिल रहे। 

औली में कृत्रिम बर्फ बनाने का काम शुरू

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गोपेश्वर। चमोली जिले के औली में फिस रेस से पहले औली की ढलानों पर जंक खा रही कृत्रिम स्नो गन फ्रेंच एवं स्पेन के विशेषज्ञों के अथक प्रयास के बाद अब ठीक हो गई है। गुरुवार की देर सांय को ट्रायल लिया गया, जिसमें कृत्रिम स्नो गनो ने बर्फ बनाना शुरू कर दिया है।
औली में 15 से 21 जनवरी तक फिस रेस का आयोजन होना है, जिसके लिए जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के मंत्रियों से लेकर अधिकारियों की लगातार हो रही मैराथन बैठकों में फिस रेस को सफलतापूर्वक संचालित किये जाने के लिए विचार मंथन किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में यदि आयोजन के दौरान औली में बर्फबारी नहीं हो पाती तो उसके लिए पूर्व में लगी कृत्रिम बर्फ बनाने वाले उपकरणों को ठीक करने के लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के प्रयासों के बाद फ्रेंच तथा स्पेन से तीन सदस्यीय तकनीकी विशेषज्ञों की टीम औली पहुंची है, जो फिस रेस के आयोजन तक औली में ही रहेगी। उनके प्रयासों से गुरुवार को देर रात्रि को कृत्रिम बर्फ बनाने वाली मशीनों को ठीक करने के बाद ट्रायल लिया गया, जिसमें वे सफल रहे। हालांकि गुरुवार को देर सायं को तापमान उतना कम नहीं था, जितना की बर्फ बनाने के लिए जरूरी है परंतु अंदाजा लगाया जा रहा है कि तापमान में गिरावट आ सकती है और कृत्रिम बर्फ के माध्यम से भी फिस रेस का आयोजन किया जा सकता है। कृत्रिम बर्फ बनाने वाली मशीनों से बर्फ बनने के बाद आयोजकों के चेहरे भी खिल उठे हैं। आशा की जा रही है कि यदि समय से बर्फ ना भी गिरे तो फिस रेस का सफलता पूर्व संचालन किया जा सकता है।

डीपीआर के कारण 35 योजनाओं का काम अधर में लटका

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देहरादून। राज्य में शहरों से लगे ग्रामीण इलाकों में प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी उपलब्ध कराने की राह में पेयजल निगम व जल संस्थान की लापरवाही आड़े आ रही है। स्थिति ये है कि वर्ल्ड बैंक की ओर से छह माह पूर्व इन योजनाओं के प्रस्ताव पास कर दिए गए थे, लेकिन अब तक दोनों विभाग अपनी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) ही नहीं भेजी है, जिस कारण निगम व जल संस्थान को योजनाओं के लिए बजट जारी नहीं किया गया।

बता दें कि शहर से लगे 35 इलाकों में योजनाओं का निर्माण होना है। इनमें से 25 योजनाओं का निर्माण जहां पेयजल निगम करेगा, वहीं दस योजनाओं को तैयार करने की जिम्मेदारी जल संस्थान के पास है। पिछले छह महीने से दोनों संस्थान डीपीआर पर काम कर रहा है, लेकिन हैरत की बात ये है कि अब तक पेयजल 25 में से मात्र छह ही डीपीआर भेज पाया है, लेकिन जल संस्थान की ओर से अब तक एक भी डीपीआर नहीं भेजी गई है। डीपीआर नहीं आने के कारण ही वल्र्ड बैंक की ओर से जारी किए जाने वाले 150 मिलियन डॉलर यानी 975 करोड़ रुपये जारी नहीं कर पाया है।
शहरों से लगे इन इलाकों में बनेगी योजनाएं
देहरादून-ऋषिकेश: ढालवाला, जीवनगढ़, सेंट्रल होपटाउन, रायपुर, नत्थनपुर, मेहूंवाला माफी, नथुवावाला, ऋषिकेश देहात, गुमानीवाला, प्रतीतनगर व खड़कमाफी।
हल्द्वानी-काठगोदाम: फतेहपुर रेंज, मुखानी, हल्द्वानी तल्ली और बिथोरिया नंबर एक, कुसुमखेड़ा, बामोरी तल्ली बंदोबस्ती और गौज्जाली उत्तर रेंज।
हरिद्वार-रुड़की: हरिपुर कलां, सैदपुरा, बंगेरी महाबतपुर, नगला इमरती, ढंडेरा, मोहनपुर मोहम्मदपुर, रवाली महदूद, बहादराबाद, जगजीतपुर।
खटीमा: उमरूखुर्द, महोलिया, बंदिया।
अतिरिक्त क्षेत्र: खटियारी, कंचल गुसाईं, नगला, पदमपुर, काशीरामपुर।

बच्चों को बेहतर पाठक बनाने के लिए चम्पावत में एक अनूठी पहल

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बच्चों को बेहतर पाठक बनाने के लिए चम्पावत में एक अनूठी पहल शुरु की गई है। जनपद में इस कार्यक्रम को एसईआरआई (Scaling up Early Reading Intervention) के नाम से जाना जाता है। साल 2016 में इस कार्यक्रम को 504 स्कूलों में शुरू किया गया था। इसका मकसद बच्चों को स्वतंत्र पाठक बनाना है। कार्यक्रम के तहत बच्चों में पढ़ने की आदत व बुनियादी पाठन सिखाया जा रहा है। जनपद के हर स्कूल में टीचर एक शिक्षण पद्धति के अनुसार कक्षा 1 और 2 के बच्चों के साथ हिंदी भाषा के सेशन लेते है। बच्चे इस सेशन में संस्था द्वारा दी गयी रोचक और आनंददायक किताबों को स्कूल में तो पढ़ते ही हैं साथ साथ घर ले जाकर वे अपने घरवालों के साथ भी इन किताबों की कहानियों को सांझा करतें हैं।

“सरकार के साथ गहन साझेदारी में बड़े पैमाने पर काम करने का जो मॉडल SERI कार्यक्रम के द्वारा चम्पावत में क्रियान्वित किया गया उसके परिणाम आशानुरूप बेहतर हैं! हमारा प्रयास होगा कि अब इस मॉडल को अन्य जिलों एवं अन्य राज्यों में दोहराया जाये,” यह कहना है सौरब बैनरजीनिदेशक का।

जनपद चम्पावत में इस कार्यक्रम से जुड़े लोगों का मानना है कि जनपद में प्राथमिक शिक्षा को लेकर इस समय खास ध्यान देने की ज़ररूत है। अगर आप प्राथमिक विद्यालयों में जाते हैं तो आपको बच्चे आसानी से किताबों के साथ दिख जाएँगे लेकिन शायद ही कोई बच्चा क्लास 1 औऱ 2 का होगा जो आसानी से किताब को पढ़ते हुए मिल जाये। लेकिन अब ये सब बदल रहा है।इस कार्यक्रम के पीछे USAID (United States Agency for International Development), सर्व शिक्षा अभियान, जिला प्रशासन और रूम टू रीड द्वारा किये गये प्रयास हैं जिसके माध्यम से बच्चों में पढ़ने की आदत का विकास हुआ है।

DM Addressing audience on SERI Luanch Event (2)

आज तक इस कार्यक्रम से लगभग 15,000 बच्चे लाभांवित हुए हैं और लगभग 815 टीचरों को भी ट्रेनिंग दी गई है।इस  साल केवल तीन महीने (अगस्त, सितम्बर व अक्टूबर) में ही बच्चों ने 1,56,997 बार पुस्तकालयों की किताबों का लेन-देन किया है।

इस पूरे कार्यक्रम को जिलाधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) व जिला शिक्षा एवों प्रशिक्षण संस्थान की निगरानी औऱ देखरेख में चलाया जा रहा है। जिला स्तर पर SERI की सफलता का एक प्रमुख कारण अहमद इकबाल, जिलाधिकारी चम्पावत है।अहमद बताते हैं कि “रूम टू रीड की सफलता देखकर इस मॉडल को अन्य जिलों और राज्यों में भी लागू किया जा सकता है। मुझे ये देखकर काफी खुशी होती है कि इस पहल से बच्चों में पढ़ने की क्षमता इतनी तेजी से विकसित होती है।”