Page 248

साढ़े तीन साल बाद फेसबुक के ​जरिए परिजनों से मिला सुमित

0

देहरादून। करीब साढ़े तीन साल पहले खोये बच्चे से जब परिजन मिले तो खुशी के मारे उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। बच्चे को गले लगाकर परिजनों ने पुलिस को थैंक्यू बोला। गुमशुदा सुमित को पुलिस ने लालकिला, पुरानी दिल्ली से बरामद किया। सुमित लालकिले पर पानी, लेमन सोडा, नीबू पानी की ठेली लगाकर अपना गुजारा करता था।
गौरतलब हो कि छह अप्रैल 2014 को श्याम सिंह पुत्र रामावतार निवासी गुरू रोड गांधी ग्राम थाना पटेलनगर ने अपने भतीजे सुमित कुमार पुत्र रामसिंह, 14 वर्ष के गुम होने के सम्बन्ध में गुमशुदगी दर्ज करायी थी। पटेलनगर पुलिस ने गुमशुदा सुमित की बरामदगी के लिए सार्थक प्रयास किए लेकिन उसका पता नहीं चल पाया था। गुमशुदा बच्चे के परिजनों ने मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की। इसपर उन्होंने पटेलनगर पुलिस को गुमशुदा सुमित की बरामदगी के लिए निर्देशित किया। जब पुलिस ने गुमशुदा के परिजनों से पुन: पूछताछ की तो परिजनों ने बताया कि सुमित से मिलता-जुलता हूबहू एक फोटो मिला है। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सहायक पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में साईबर सैल थाना पटेलनगर पुलिस को निर्देशित किया।
पुलिस की सयुक्त टीम ने तकनीकी जानकारी के आधार पर फेसबुक अकाउण्ट व उसके लोकेशन को ट्रैक कर गुमशुदा सुमित की उपस्थिति की जानकारी प्राप्त कर थाना पटेलनगर से उनि.विवेक भण्डारी को भेजकर गुमशुदा सुमित को लालकिला पुरानी दिल्ली से बरामद किया। गुमशुदा सुमित लालकिले पर पानी, लेमन सोडा, नीबू पानी की ठेली लगाने का कार्य कर रहा था। गुमशुदा सुमित को पुलिस द्वारा बरामद कर उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया। गुमशुदा सुमित के माता-पिता जो अपने बच्चे के मिलने की उम्मीद खो चुके थे आज लगभग साढ़े तीन वर्ष से अधिक समय से गुमशुदा अपने बच्चे को सकुशल मिले।

नववर्ष पर यात्रा के लिए ​महिलाओं को ​फ्री कार की सुविधा

0

देहरादून। राजधानी में यातायात निदेशालय द्वारा नववर्ष की पूर्व संध्या पर एक अनोखी पहल की जा रही है। महिला सशक्तिकरण एवं उनकी सुरक्षा के लिए यह पहल राज्य में पहली बार प्रयोग किया जा रहा है।

देहरादून में नये साल के आगमन के उपलक्ष में यातायात निदेशालय द्वारा प्रत्येक चौराहों पर एक-एक कार और विक्रम की व्यवस्था की जा रही है। इन वाहनों का उपयोग महिलाएं निःशुल्क कर सकेंगी। जिसका संचालन यातायात पुलिस द्वारा किया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार नये साल के आगमन के उपलक्ष में उन महिलाओं के लिए जिनके पास आने-जाने के लिए परिवहन सुविधा न हो यातायात निदेशालय द्वारा उनके लिए उक्त वाहनों को प्रयोग में लाया जाएगा। जो महिलाएं इन वाहनों का प्रयोग करना चाहती है, वे 100 नम्बर पर इसकी सूचना दे सकती हैं। ये सुविधा केवल अकेली महिला या महिलाओं के समूह के लिए ही है। ये सुविधा किसी पुरुष के लिए नहीं है। यह सुविधा निःशुल्क रहेगी।
नये साल के पूर्व संध्या पर दुर्घटना होने पर इन वाहनों का प्रयोग किया जाएगा। अगर कोई घायल होता है तो उसे दुर्घटना स्थल के आस-पास मौजूद सीपीयू कर्मचारियों द्वारा इन वाहनों की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचा कर उनके सम्बन्धितों को सूचित किया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति द्वारा 100 नम्बर पर किसी स्थान पर अचेत व्यक्ति पड़े होने की सूचना दी जाती है तो उसे भी इन वाहनों की मदद से उनके घर तक छोड़ा जाएगा। सभी महिलाओं,युवतियों,नागरिकों से अपील व अपेक्षा है कि वे यातायात निदेशालय, उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा प्रदान की जा रही इस अभूतपूर्व सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

साल 2017: शिक्षकों के लिए रहा भारी

0

देहरादून। कुछ खट्टी-मीठी यादों को संजोकर साल 2017 विदा ले रहा है। शिक्षा के क्षेत्र की बात करें तो इस पूरे साल ने जहां कुछ खूबसूरत पल दिऐ तो वहीं कुछ मामलों में कई निराशा भी दिखाई। स्कूली शिक्षा के लिए हुए सर्वे में जहां स्कूलों की खामियां उजागर हुई, वहीं उच्च शिक्षा क्षेत्र में भी साल कई आंदोलनों से भरा रहा। नियुक्तियों के मामले में भी सालभर धरने प्रदर्शन और तमाम आंदोलन देखने को मिले।

 60 हजार शिक्षकों की सीबीआई जांच का फैसला
शिक्षा विभाग में लगातार फर्जी प्रमाण पत्रों के मार्फत नौकरी पाने वालों की शिकायत मिल रही थी, जिसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने करीब 60 हजार शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के इस फैसले से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। नई सरकार के बनने के बाद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने आते ही एक के बाद एक कई अहम फैसले लिए हैं। उनके निर्णयों से शिक्षा विभाग की तस्वीर बदलेगी यह कहना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन उनके फैसलों से आलसी और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों में खलबली मची हुई है।

 प्रदेश के हजारों स्कूलों बंद करने का फैसला
उत्तराखंड के तीन हजार सरकारी प्राइमरी और जूनियर स्कूलों को बंद किए जाने के फैसले पर मुहर लग गई है। शिक्षा सचिव चंद्रशेखर भट्ट ने इस बाबत आदेश भी जारी कर दिया। आदेश के मुताबिक बंद होने वाले स्कूलों का आस-पास के दूसरे सरकारी विद्यालयों में विलय किया जाएगा। बंद किए जाने वाले सभी स्कूल वो हैं जिनमें वर्तमान में छात्र संख्या दस या दस से कम है। प्रदेश में लगभग 2500 प्राइमरी और 500 से ज्यादा जूनियर स्कूल ऐसे हैं जिनमें दस से कम बच्चे पढ़ रहे हैं। प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के मुताबिक शिक्षा की गुणवत्ता के लिए यह कदम उठाया जाना बेहद जरूरी था।
स्कूली शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड
शिक्षा विभाग में ड्रेस कोड लागू करने का फैसला लिया। विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया। हालांकि फैसले पर शिक्षक संघों ने अपनी कड़े तेवर दिखाते हुए फैसले को न मानने का निर्णय लिया। विभागीय अधिकारियों और शिक्षक संगठनों के बीच इसे लेकर कई बार वार्ता भी हुई। लेकिन कोई हल नहीं निकला। शिक्षा मंत्री के खुद ड्रेस कोड के तहत पोशाक पहनने के बयान के बाद भी शिक्षकों ने निर्णय को ठेंगा दिखा दिया।

 डिग्री कॉलेजों में ड्रेस कोड
स्कूली शिक्षा से अलग उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उच्च शिक्ष मंत्री डा. धनसिंह रावत ने भी कई अहम फैसले लिए। इनमें एक ओर जहां कॉलेजों में तिरंगा लहराने का फैसला रहा, वहीं शिक्षकों की बायोमेट्रिक हाजिरी का फैसला भी चर्चाओं में रहा। डा. रावत ने कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने का फैसला भी कई अहम फैसलों में से एक रहा। 

कई फैसलों पर बैकलुट पर आई सरकार
शिक्षा मंत्रियों के कई फैसले जहां स्कूली और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने का काम करने वाले थे, तो कई ने आंदोलनों को भी हवा दी। डिग्री कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव न कराए जाने के फैसले पर छात्रों की नाराजगी झेलने के बाद उच्च शिक्षा मंत्री बैकफुट पर आए। इसके अलावा सेमेस्टर प्रणाली खत्म करने के मामले में भी डा. रावत ने बैकफुट लिया। वहीं विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे भी अपने बयानों को लेकर काफी चर्चाओं में रहे। कई मामलों में तो शिक्षा मंत्री ने अपने बयान भी बदल दिए। 

कुलपतियों को लेकर चलता रहा विवाद
प्रदेश में उच्च शिक्षा की स्थिति बेहद खराब है। वजह, शिक्षण संस्थानों में आपसी विवाद और शासन स्तर पर दखल। यही कारण रहा कि साल भर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कुलपति जैसे पद पर भी विवाद चलता रहा। आयुर्वेद विवि में कुलपति पर कई आरोप लगे। इसके अलावा उत्तराखंड संस्कृत विवि के कुलपति के 11 वर्ष की आयु में 10वीं पास करने के मामले में प्रमाण पत्रों के विवाद ने काफी तूल पकड़ा। इसके बाद उत्तराखंड तकनीकि विश्वविद्यालय के कुलपति और संघटक कॉलेज वुमेन इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी की निदेशक के बीच का विवाद भी काफी समय से चलता रहा। इसके अलावा विवि में लगातार अनियमितताएं, शिकायत और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर करीब एक साल तक कुलपति प्रो. पीके गर्ग विवादों में बने रहे। जिसके बाद दो माह पहले विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पॉल ने उन्हें कार्य से विरत कर दिया। गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जवाहरलाल कौल को भी नियम विरुद्ध सीटें बढ़ाने सहित कई अनियमितताओं के आरोप में जांच के बाद विश्वविद्यालय के विजिटर व राष्ट्रपति ने उन्हें पद से हटा दिया। इसी प्रकार दून विवि में भी कुलपति प्रो. वीके जैन के सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यवाहक कुलपति प्रो. कुसुम अरुणाचलम और शासन के बीच निरंतर टकराव जारी है। 

नियुक्तियां शुरू 
शिक्षकों की कमी झेली रही उच्च शिक्षा को इस साल एक बड़ी राहत मिली। शासन स्तर पर इस साल नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई। प्रक्रिया के तहत डिग्री कॉलेजों में प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति शुरू की जा चुकी है। बता दें कि राज्य में इस वक्त तकरीबन पांच हजार शिक्षकों के पद खाली हैं। सरकार के इस कदम से शिक्षा के क्षेत्र में काफी सुधार देखने को मिलेगा।

दीक्षांत की ड्रेस बदली
डिग्री कॉलेज में दीक्षांत समारोहों में भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिले। इसके लिए भाजपा सरकार ने समारोहों का अलग ड्रेस कोड निर्धारित किया। डा. रावत ने संस्थानों को ऐसी ड्रेस तैयार करने को कहा जिसमें पहाड़ की संस्कृति की झलक दिखाई दे। इसके अलावा देश सेवा में वीरगति को प्राप्त हुए शहीदों को सम्मान देने और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनाने के लिए शिक्षण संस्थानों में शौर्य दीवार बनाए जाने का फैसला भी अहम रहा। इसके अलावा गई अन्य फैसले भी लिए गए जो न सिर्फ चर्चाओं में रहे बल्कि काफी प्रशंसनीय भी थे। साल 2017 भले ही इन फैसलों के साथ खत्म होगा, लेकिन इन फैसलों का असर आने वाले साल 2018 में देखने को मिलेगा। 

प्रदेश की जलविद्युत परियोजनाएं ‘ज्वाइंट वेंचर’ में चलाने की योजना

0

देहरादून। राज्य की लंबित परियोजनाओं को संचालित करने के लिए सरकार एनटीपीसी और यूजेवीएनएल के संयुक्त संचालन में चलाने की योजना बना रही है। इसको लेकर सीएम और एनटीपीसी के अध्यक्ष के बीच प्रारंभिक दौर की वार्ता भी हुई।
शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में एनटीपीसी के चेयरमैन गुरदीप सिंह ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एनटीपीसी के जो प्रोजेक्ट्स उत्तराखण्ड में चल रहे हैं, उनमें राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने की बात कही। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के लोहारी नागपाला, चमोली के लता तपोवन एवं पिथौरागढ़ की खासियाबाड़ जल विद्युत परियोजनाएं एनटीपीसी एवं यूजेवीएनएल के संयुक्त उद्यम (ज्वाइंट वेंचर) से चलाने की ओर कदम बढ़ाए जाएं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जिन परियोजनाओं पर निर्माण कार्य आरम्भ हो रहे है, उन्हें निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए। योजनाएं समय पर पूर्ण न होने के कारण इसकी लागत तो बढ़ती ही है और उससे होने वाले लाभ भी समय पर नही मिल पाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऊर्जा के उत्पादन में वृद्धि से देश एवं प्रदेश को फायदा होगा तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में चल रहे हाइड्रो प्रोजेक्ट जिन पर अभी कार्य चल रहे हैं एवं जो किन्ही कारणों से बंद हैं, उनके सम्बन्ध में नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ वार्ता हुई है। इन परियोजनाओं के संचालन पर केन्द्र सरकार का सकारात्मक सहयोग मिल रहा है।
एनटीपीसी के चेयरमैन गुरदीप सिंह ने मुख्यमंत्री से शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग किए जाने पर चर्चा की। उन्होंने वाहनों से हो रहे वायु प्रदूषण में कमी लाने के लिए भी मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन की दिशा में कदम बढ़ाए जाने की जरूरत बताई। उन्होंने एनटीपीसी से बद्रीनाथ के सौन्दर्यीकरण में भी सहयोग करने को कहा। गुरदीप ने इस संबंध में सहयोग का आश्वासन मुख्यमंत्री को दिया। इस मौके पर सचिव ऊर्जा राधिका झा, एनटीपीसी के डायरेक्टर कमर्शियल एके गुप्ता एवं एनटीपीसी के रीजनल एजीक्यूटिव डायरेक्टर केके सिंह उपस्थित रहे।

ओएनजीसी के सीएमडी ने भी सीएम की मुलाकात
शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में ओएनजीसी के सीएमडी शशी शंकर ने भी सीएम रावत शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने ओएनजीसी की ओरे से जनहित कार्यों में दिए जा रहे सहयोग की सराहना की। उन्होंने सीएसआर के तहत ओएनजीसी से राज्य के पॉलिटेक्निक संस्थानों को तकनीकी सहयोग और गौरीकुण्ड से केदारनाथ तक पैदल व घोडे-खच्चरों के लिए संपर्क मार्ग निर्माण में सहयोग की अपेक्षा की। ओएनजीसी के सीएमडी ने मुख्यमंत्री को ओएनजीसी द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने ओएनजीसी द्वारा संचालित महिला पॉलिटेक्निक को राज्य सरकार के नियंत्रण में लिए जाने का भी अनुरोध किया।

चोरी के समान से भरा वाहन जब्त, तीन गिरफ्तार

0

रुड़की। बढ़ते अपराधों के चलते भगवानपुर पुलिस भी काफी चौकन्नी नज़र आ रही है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान चोरी के समान से भरे हुए एक वाहन को जब्त किया है। साथ ही ड्राइवर सहित तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले आरोपियों से पूछताछ में जुट गई है।
एसपी देहात मणिकांत मिश्र ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भगवानपुर सिकरौढ़ा रोड पर शुक्रवार शाम पुलिस चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक वाहन को रोका गया, जिसमें कई प्रकार के उपकरण भरे हुए मिले। पूछताछ करने पर पहले तो चालक ने पुलिस को चकमा देने की कोशिश की लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि उक्त सामान को अलग-अलग जगह से चोरी किया गया था। जिसे बेचने के लिए सहारनपुर जा रहे थे।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम राशिद उर्फ भूरा पुत्र मासूम निवासी भुराहेड़ी थाना पथरी, मेहरबान पुत्र अबुल निवासी भुराहेड़ी थाना पथरी एवं जावेद पुत्र इरफान निवासी दौड़वासी थाना पथरी बाताया। राशिद से बात की गई तो उसने अपने आपको निर्दोष बताते हुए कहा कि वह तो गाड़ी का ड्राइवर है, उसे तो किराए पर जावेद ने बुलाया था जो कि पुलिस को देखकर फरार हो गया लेकिन पुलिस ड्राइवर को ही आरोपी मान रही है। पकड़ने वाली टीम में थानाध्यक्ष राजीव चौहान, उपनिरीक्षक उमेश कुमार, प्रदीप रावत, राजुकमार, कॉन्स्टेबल विनोद, रणवीर सिंह, दीपक चौधरी, सुधीर चौधरी, दीपक नेगी शामिल रहे।

शराब तस्करी के विरुद्ध पुलिस का छापा, महिला तस्कर फरार

0

हरिद्वार। ज्वालापुर थाना पुलिस ने राजीव नगर बस्ती में अवैध शराब बेचने वाली महिला तस्कर के घर छापा मारा लेकिन पुलिस के आने की भनक लगते ही महिला तस्कर फरार हो गई। छापे मारी के दौरान पुलिस को महिला के घर से दो पेटी शराब मिली। पुलिस ने तस्कर रीना के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाशी शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार देर रात रेल पुलिस चौकी प्रभारी कैलाश चंद बिष्ट को गुप्त सूचना मिली कि राजीव बस्ती कॉलोनी में महिला शराब तस्कर रीना अपने घर पर शराब बेचती है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महिला तस्कर के घर छापा मारा लेकिन तस्कर रीना को पुलिस के आने की भनक लगते ही वह फरार हो गई। पुलिस ने महिला तस्कर के घर से दो पेटी देशी शराब बरामद की है। फरार महिला तस्कर के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के बाद उसकी तलाश शुरू कर दी है। 

मैराथन दौड़ तथा हैमर थ्रो में उत्तराखण्ड पुलिस का स्वर्ण पदक पर कब्जा

0

स्पोर्ट्स कॉलेज में चल रही 66वीं ऑल इंडिया पुलिस एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2017 के मैराथन इवेन्ट में लाल सिंह ने उत्तराखंड पुलिस के लिए स्वर्ण पदक जीता। उन्होने 2 घण्टे 22 मिनट 59 सेकन्ड में रेस पूरी कर प्रथम स्थान हासिल करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। बीएसएफ के राधे कुमार (2घण्टे 25 मिनट 21 सेकन्ड) द्वितीय व सीआरपीएफ के विकास कुमार (2घण्टे 25 मिनट 25 सेकन्ड) तृतीय स्थान पर रहे।

0565ccaa-052c-4ee5-9549-098e9cadd38d

हैमर थ्रो में उत्तराखण्ड पुलिस के शिव कुमार ने 61.50 मीटर हैमर फैंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एसएसबी के गगन कुमार यादव (59.01 मीटर) द्वितीय स्थान तथा बीएसएफ के गुरजौहर सिंह  (58.68 मीटर) तृतीय स्थान पर रहे।

शेष इवेन्टस् एवं उनके परिणाम निम्नवत् हैं।

         I.      400 मीटर दौड़ (पुरूष वर्ग)

प्रथम स्थान- बघनाराज मिर्डिया – ओडिसा (48.02 सेकण्ड)

द्वितीय स्थान- जगमीत सिंह – पंजाब (48.92 सेकण्ड)

तृतीय स्थान- मनदीप – बीएसएफ (49.05 सेकण्ड)

        II.      400 मीटर दौड़ (महिला वर्ग)

प्रथम स्थान- अयाना थॉमस – सीआरपीएफ (55.65 सेकण्ड)

द्वितीय स्थान- राधा वर्मा – सीआरपीएफ (57.29 सेकण्ड)

तृतीय स्थान- किरन पाल कौर – पंजाब (58.11 सेकण्ड)

      III.      शॉट पुट (महिला वर्ग)

प्रथम स्थान- किरनजोत कौर – पंजाब (13.73 मीटर)

द्वितीय स्थान- दीपा – बीएसएफ (13.63 मीटर)

तृतीय स्थान- राखी – एसएसबी (13.48 मीटर)

      IV.      3000 मीटर स्टेपल चेज दौड़ (पुरूष वर्ग)

प्रथम स्थान- पवन वर्मा – सीआरपीएफ (9:22.01 मिनट)

द्वितीय स्थान- राम मिलन सिंह – सीआईएसएफ (9:24.81 मिनट)

तृतीय स्थान- मंजू – बीएसएफ – (9:29.77 मिनट)

       V.      लम्बी कूद (पुरूष वर्ग)

प्रथम स्थान- बिक्रमजीत सिंह – बीएसएफ (7.49 मीटर)

द्वितीय स्थान- अबिन बी – केरल (7.25 मीटर)

तृतीय स्थान- ए कार्थिक – तमिलनाडु (7.21 मीटर)

      VI.      3000 मीटर स्टेपल चेज दौड़ (महिला वर्ग)

प्रथम स्थान- सुगन्धा – बीएसएफ (11:12.79 मिनट)

द्वितीय स्थान- वहीदा रहमान – सीआरपीएफ (11:20.51 मिनट)

तृतीय स्थान- प्रिति चौधरी – सीआईएसएफ (11:26.25 मिनट)

    VII.      110 मीटर बाधा दौड़ (पुरूष वर्ग)

प्रथम स्थान- प्रोसेनजीत कयाल – एसएसबी (14.96 सेकन्ड)

द्वितीय स्थान- अनुपेन्द्र कुमार – सीआरपीएफ (15.06 सेकन्ड)

तृतीय स्थान- अमरुत तिवाले – महाराष्ट्र (15.10 सेकन्ड)

   VIII.      100 मीटर बाधा दौड़ (महिला वर्ग)

प्रथम स्थान- अरविन्दा रथवा – पंजाब (14.30 सेकन्ड)

द्वितीय स्थान- जसप्रित कौर – पंजाब (14.33 सेकन्ड)

तृतीय स्थान- अंजुला सिंह  – बीएसएफ (14.86 सेकन्ड)

रामनगर में आपसी संघर्ष में हाथी की मौत

0

(रामनगर)हाथियों के आपसी संघर्ष में एक और हाथी की जान चली गयी। मामला कार्बेट रेंज के कालागढ़ क्षेत्र का है जहां नदी किनारे एक टस्कर हाथी मृत रुप में मिला। टस्कर की मौत की वजह अधिकारी आपसी संघर्ष बता रहे हैं। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद हाथी के शव को दफना दिया गया।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ क्षेत्र के अंतर्गत मंदाल रेंज पश्चिमी दोमुंडा बीट में वन कर्मियों ने गश्त के दौरान एक हाथी का शव नदी किनारे पड़ा देखा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को हाथी के शव की जानकारी दी। सूचना मिलने पर कालगढ़ वन प्रभाग के डीएफओ एके त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने हाथी के शव का परीक्षण किया। वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो टस्कर के शव पर जगह-जगह घाव के निशान पाए गए हैं। घाव होने से प्रतीत हो रहा है कि हाथी की मौत दूसरे हाथी से संघर्ष के दौरान हुई है। मौके पर झाड़ियां दबी होने से आपसी संघर्ष के प्रमाण मिल रहे हैं। हाथी का शव एक से दो दिन पुराना है, उसकी उम्र 37 साल बताई जा रही है।

बालिका अभिप्रेरणा कार्यक्रम के तहत पुलिस ने बालिकाओं को किया जागरूक

0

गोपेश्वर। चमोली पुलिस आजकल विद्यालयों में जाकर बालिका अभिप्रेरणा शिविरों का आयोजन कर रही है। जिसके माध्यम से कानूनी जानकारी के साथ ही बालिकाओं को किशोरावस्था के दौरान होने वाले परिवर्तनों के बारे में भी जानकारी देकर उन्हें जागरूक कर रही है।
बालिका अभिप्रेरणा अभियान के तहत थाना गोपेश्वर पुलिस द्वारा शनिवार को राइका बैरागना व ग्वाड देवलधार में शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें थानाध्यक्ष कुंदन राम ने बालिकाओं को बालिका सुरक्षा, पोक्सो एक्ट, सड़क सुरक्षा, कैरियर गाइड की जानकारी दी। डॉ नेहा ने बालिकाओं को किशोरावस्था के दौरान होने वाले परिवर्तनों के बारे में जानकारी देते हुए सर्तकता बरतने की बात कही। साथ ही अभिभावकों से भी बच्चों के साथ इस उम्र में दोस्ताना व्यवहार करने की अपील की। स्कूली बच्चों ने इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये।
वहीं राइका बेरागाना में सगर गांव में स्वरोजगार के माध्यम से अपनी परिवार की आर्थिकी मजबूत कर रही मुन्नी को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य केएस बडवाल, भरत सिंह बिष्ट, मनोज तिवारी, रेंज अधिकारी आरती मैठाणी, प्रेम देवराडी, बृजमोहन टम्टा, सुमन रावत, संगीता रावत, गीता तिवारी आदि मौजूद रहे।

कहीं प्रघुम्न काण्ड ना दोहराया जाए

0

रुद्रपुर। रेयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रद्युम्न की तर्ज पर शहर के एक स्कूल में भी एक सहपाठी ने दूसरे छात्र की गला घोंटकर हत्या का प्रयास किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। आरोपी सहपाठी ने इससे पूर्व भी छात्र के गुप्तांगों पर भी हमला किया था।

बता दें कि ट्रांजिट कैंप क्षेत्र (निकट मछली मार्केट) स्थित नेताजी सुभाष चंद्र पब्लिक स्कूल है। जिसमें जगतपुरा वार्ड संख्या एक निवासी बाबूराम राठौर का पुत्र सचिन राठौर (10)कक्षा चार में अध्ययनरत है। सचिन राठौर ने आज ट्रांजिट कैंप पुलिस को तहरीर देकर कहा है कि उसके क्लास का ही एक छात्र उससे आए दिन अभद्रता और मारपीट करता है। दो दिन पूर्व उसके गुप्तांग पर भी हमला किया गया था। जिसकी शिकायत पर शिक्षक ने आरोपी छात्र को भी पीटा। सचिन का आरोप है कि पिटाई से क्षुब्ध आरोपी छात्र ने बीते दिवस उसे एक कक्ष में बंद कर मारने के प्रयास के चलते गला घोंट दिया। बाहर खड़े अन्य बच्चों केशोरशराबे पर उसे आरोपी सहपाठी से छुड़ाया गया। इसकी शिकायत जब स्कूल प्रबंधन से की गई तो उन्होंने भी आरोपी छात्र को डांट फटकारने के बजाय उन्हें ही नैतिकता का पाठ पढ़ाकर घर भेज दिया। इस मामले को परिजनों ने गंभीरता से लिया और पुत्र की जानमाल की रक्षा के लिए ट्राजिट कैंप पुलिस को तहरीर दे दी है। पुलिस ने बताया कि मामले में जांच कराई जा रही है। इधर, स्कूल प्रबंधन से फोन न मिलने के कारण उनका पक्ष ज्ञात नहीं हो सका है।