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पांडेय प्रकरण में डबल इंजन सरकार को घेरेगी कांग्रेस

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देहरादून। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने महंगाई, नोटबंदी, जीएसटी और किसानों की ऋण माफी को लेकर भाजपा की डबल इंजन सरकार को घेरते हुए कड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा, देश-प्रदेश में चारों तरफ हाहाकार मचा है, फिर भी सरकार मुकदर्शक बनी हुई है। जनता दरबार के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। सरकार के जनविरोधी फैसले के खिलाफ उत्तराखण्ड कांग्रेस 29 जनवरी से पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से साइकिल रैली निकालकर सरकार को आइना दिखाने का काम करेगी।
शनिवार को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेता व प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना पत्रकार वार्ता में भाजपा सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश में सरकार की योजनाओं से लोग परेशान हैं, लेकिन सरकार अपने एजेंडे पर काम कर रही है। हाल ही में भाजपा मुख्यालय में आयोजित जनता दरबार में ट्रांसपोर्टर प्रकाश पाण्डेय की मौत से सरकार की सच्चाई सामने आ गई।
सरकार भाजपा मुख्यालय में जनता दरबार आयोजित कर सभी पर अपने विचार थोपना चाह रही है। जनता दरबार पार्टी कार्यालय से अलग आयोजित होना चाहिए, ताकि अन्य दलों के लोग अपनी समस्याओं को असानी से रख सकें, न कि भाजपा में शामिल हो जाएं। भाजपा की बड़ी पार्टी बनने की चाहत लोगों को बर्बाद कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक आयोजित जनता दरबार में कितनी सुनवाई और कितनी समस्याएं आई हैं, इस पर श्वेत पत्र जारी करें।
कांग्रेस नेता धस्माना ने प्रकाश पाण्डेय प्रकरण पर सरकार को घेरते हुए कहा कि त्रिवेन्द्र सरकार इतनी संवेदनहीन हो चुकी है कि मौत पर भी सियासत कर रही है। स्व. पाण्डेय की मौत पर सरकार द्वारा की गई मदद की घोषणा पर सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक जिस प्रकार पलट गए, यह वास्तव में सरकार व प्रदेश दोनों के लिए बहुत ही दुखद है। एक ओर प्रदेशवासियों का स्व. पाण्डेय के परिवार के प्रति भावनाएं हैं तो दूसरी तरफ सरकार उल्टे कार्रवाई की बात कहकर अपनी संवेदनहीनता का परिचय दे रही है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार जिस प्रकार एक के बाद एक जनविरोधी निर्णय ले रही है, उससे जनता पर लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है। नोटबंदी और जीएसटी से महंगाई में इजाफा हुआ है। आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में सरकार ने चुनाव से पहले किसानों का ऋण माफ करने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार पलट गई। अब ऐसे में किसानों की हालत बिगड़ती जा रही है।
उन्होंने मोदी सरकार को कोसते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में एक सरकार देशभर में चुनाव लड़ने में व्यस्त है तो दूसरी प्रदेश की डबल इंजन की सरकार अभी चालू ही नहीं हुई है। ऐसे में इस सरकार पर कैसे विश्वास किया जाए। विश्वास खोती सरकार के विरोध में कांग्रेस प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलाकर जनता को जागरूक करेगी। इससे पहले कांग्रेस का 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सरकार के कार्यों और स्व. प्रकाश पाण्डेय के परिजनों को आर्थिक मदद की गुहार को लेकर राज्यपाल से मिलकर शिकायत कर चुका है।
उन्होंने बताया कि 29 जनवरी से कांग्रेस विशाल रैली का आयोजन राजधानी देहरादून में कांग्रेस मुख्यालय से शुरुआत करेगी जो मोहब्बावाला में समाप्त होगी। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह व विपक्ष की नेता इंदरा हृदयेश मौजूद रहेगी। इसके बाद हरिद्वार, उधमसिंहनगर, काशीपुर सहित मैदानी इलाकों में इस प्रकार का रैली अलग-अलग समय में आयोजन किया जाएगा। साथ ही 70 विधानसभा में पदयात्रा और जनजागरण कार्यक्रम का आयोजन मध्य फरवरी तक किया जाएगा। इसके बाद एक कार्यक्रम समाप्ति पर देहरादून में एक विशाल कार्यक्रम किया जाएगा।

जब चार यार मिले तो शुरु होता है मसूरी मे कैरम का खेल

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हर साल जैसे जैसे ठंड बढ़ती है वैसे-वैसे मसूरी के हर नुक्कड़ या बाज़ार के कोने में जहां भी धूप निकलती है वहां मसूरी के लोग आपको कैरम खेलते नज़र आ जाऐंगे।

नवंबर के महीने में सर्दी शुरु होते ही बाज़ार में सन्नाटा छा जाता है जिसका भरपूर मज़ा यहां के दुकानदार उठाते हैं।यहां के दुकानदार, निवासी आपको पूरे शहर में धूप में खड़े होकर या कोने में बैठ  कैरम का लुत्फ उठाते मिलेंगे। चाहे वो किसी भी उम्र, मज़हब या पेशे-वाले हो कैरम बोर्ड को चारों तरफ खेलनेवालों के साथ-साथ खेल देखने वालों का जमावङा भी मिलेगा, यह खेल सर्दियों में सभी को जोड़ता है। ये ‘स्ट्रीट कैरम’ को मसूरी स्पोर्टस और कल्चरल एसोसिएशन ने पिछले हफ्ते राधा कृष्ण मंदिर में एक प्लेटफॉर्म दिया है, दो दिन के इस कैरम टूर्नामेंट में कुल 12 टीमों ने भाग लिया।

सेमयूल चंद्र, सेक्रेटरी एमएससीए ने न्यूज़पोस्ट टीम को बताया कि ”हमेशा से ही मसूरी में एक परंपरा रही है कैरम खेलने की, सर्दियों में हम सब लोगों ने किसी न किसी को बाज़ार में कैरम खेलते देखा है खासकर जब टूरिस्ट कम पहुंचते हैं।यह देखकर हमने इस टूर्नामेंट के बारे में सोचा। पिछले 8 सालों से हो रहे इस टूर्नामेंट में भाग लेने वालों की संख्या बढ़ती चली गई है, जहा पहले 8 खिलाङी थे तो अाज 24 हो जुके है।”

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38 साल के सुनील कुमार जो सोफा बनाते हैं और साथ ही जूते की दुकान भी चलाते हैं पिछले 7 टूर्नामेंट के चैंपियन रहे हैं, वह कहते हैं कि, ”पारिवारिक परिस्थितियों के चलते मैंने इस खेल को प्रोफेशनली नहीं खेल सका, लेकिन मेरा दिल इस खेल में है और जब भी मैं यह खेलने बैठता हूं तो मैं सब कुछ भूल जाता हूं।”

 सूबल कृष्णा जो उड़ीसा से आए हैं और यहां के शिव मंदिर मे पंडित हैं कहते हैं कि, ”जब मै मसूरी आया मैने सपने में भी नहीं सोचा था कि मसूरी में कैरम खेल सकूंगा, लेकिन आज मैं इस टूर्नामेंट को यहां खेल रहा हूं।”

साल दर साल, मसूरी में कैरम की बढ़ती लोकप्रियता इस बात का संकेत है कि खेल का कोई उम्र या मज़हब नहीं होता और जहां भी चार यार मिल जाएं वहां खेल और भी दिलचस्प हो जाता है।

बढ़ी विधायक निधि की सीमा, सर्किल रेट में होगा इजाफा

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देहरादून। राज्य में विधायकों की विधायक निधि में एक करोड़ रुपये सालाना की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही सर्किल रेट में वृद्धि पर भी मंत्री परिषद ने मुहर लगाई।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट बैठक में 10 बड़े फैसले लिए गए हैं। कौशिक ने जानकारी दी कि पंचेश्वर बाध के निर्माण में गावों के विस्थापन के लिए सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में उपसमिति गठित की गई है। इसमें मंत्री प्रकाश पंत और सुबोध उनियाल को सदस्य बनाया गया है। ये सब कमेटी पंचेश्वर बाध से प्रभावित परिवारों का अध्ययन कर सरकार को रिर्पाट देगी। कैबिनेट ने जमीनों के सर्किल रेट में बढोतरी करते हुए राज्य में परिसम्पत्तियो के मूल्यांकन की नई सूची जारी की है। साथ ही विधायकों की विधायक निधि मे एक करोड़ की बढोतरी पर भी कैबिेनट की मुहर लगी है।


इन फैसलों पर लगी मुहर
-पंचेश्रवर बहुउद्देशीय परियोजना पुनर्वास नीति विस्तृत विचार विमर्श किया गया साथ ही प्रकरण में एक उपसमिति सिचाई मंत्री की अध्यक्षता में गठित की जाने का निर्णय लिया गया जिसमें पेयजल और शहरी विकास और कृषि मंत्री सदस्य होंगे ।
-खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभागः मंत्री परिषद ने फैसला किया कि प्रदेश की राशन की दुकानों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, राशन की दुकान पूरी तरह हो जाएंगी कम्प्यूटराइज्ड। जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पैन कार्ड आदि की स्थानीय लोगों को मिलेगी सुविधा।
-आवास विभागः अर्बन सीलिंग के अंतर्गत ग्राम धोलास जनपद देहरादून विअेबलटी के अर्बन सीलिंग की भूमि एमडीडीए को हस्तांतरित की गई।
-ग्राम्य विकास विभागः एवरेस्ट विजेता सुमन कुटियाल को संवर्गीय खंड विकास अधिकारी के पद पर नियुक्ति को कैबिनेट का अनुमोदन
-वित्त विभागः राज्य में भूमि के सर्किल रेट मूल्यांकन की नई सूची जारी,प्रदेश में जमीन की कीमतें बढ़ी । अकृषि और कृषि भूमि की कीमत में 2 फीसदी से 11 फीसदी तक की हुई बढ़ोतरी,
-ग्राम्य विकास विभागः विधायकों की विधायक निधि में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी, 1 करोड़ की हुई बढ़ोत्तरी, कैबिनेट ने दी मंजूरी, विधायक निधि लैप्स भी नहीं होगी
-राजस्व विभागः जन शिक्षा समिति उत्तराखंड को सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यालय के भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन किये जाने के सम्बंध ।
-सामान्य प्रशसन विभागः उत्तराखण्ड सूचना आयोग में सहायक लेखाकार एवं सहायक समीक्षा अधिकारी के पदों की नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी।
-राजस्व विभागः एनएचआई की परियोजनाओं में प्रदेश के प्रशासनिक व्यय को 2.5 फीसदी किये जाने को मंजूरी, पहले ये 10 प्रतिशत लिया जाता था।
-आपदा प्रबंधनः केदारनाथ में तीर्थ पुरोहितों के आवासीय भवन निर्माण के लिए 3 भवनों के हिस्से को ध्वस्त करने को मंजूरी।

मकर सक्रांति पर बाजार गुलजार

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ऋषिकेश। लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। घर-घर में महिलाएं परंपरागत तिल और गुड़ के लड्डू बनाने में व्यस्त हैं तो वहीं शनिवार को शहर के बाजार गुलजार नजर आए।
संक्रांति के दिन सुहागन महिलाएं एक-दूसरे को मिट्टी के सुघड़ (वाण) देंगी। सुघड़ में खिचड़ी, गन्ना, गाजर, हरा छोड़, बेर आदि सामग्री भरी जाती है। मंदिर में महिलाएं सुघड़ का आदान-प्रदान कर एक-दूसरे को हल्दी-कुमकुम लगाकर वस्तु का दान करेंगी। रेलवे रोड पर गजक, मूंगफली और अन्य जरूरी सामान लेने के लिए दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही। इन सबके बीच खुशियों के त्योहार लोहड़ी पर्व के लिए भी शनिवार को लोगों ने बाजारों में जमकर खरीदारी की। त्योहार के चलते मंदी से परेशान दुकानदारों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

भेल ने डिस्पैच किया 800 मेगावाट सुपर क्रिटिकल जनरेटर

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हरिद्वार। पूरी तरह स्वदेश में निर्मित 800 मेगावाट सुपर क्रिटिकल जनरेटर का सफल उत्पादन कर भेल ने एक बार फिर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस जनरेटर की आपूर्ति आंध्र प्रदेश पावर जनरेशन कार्पोरेशन (एपीजेंको) के कृष्णा पटनम थर्मल पावर प्रोजेक्ट हेतु की गई है।

शुक्रवार को एपीजेंको के निदेशक (थर्मल) एमपी सुन्दर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर जनरेटर को रवाना किया। उन्होंने बीएचईएल के इस योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए हीप के सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त जताया। महाप्रबन्धक (ईएम) एके साहा ने कहा कि यह संस्थान के सभी कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और लगन का नतीजा है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए महाप्रबन्धक-प्रभारी (हीप) संजय गुलाटी ने भी अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया कार्यक्रम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि सुपर क्रिटिकल जनरेटर के निर्माण में उच्च तकनीकी दक्षता तथा कौशल जरूरी होता है और इस जनरेटर का सफलतापूर्वक निर्माण कर बीएचईएल हरिद्वार ने अपनी तकनीकी दक्षता साबित कर दी है।
उल्लेखनीय है कि यह जनरेटर सबसे अधिक वोल्टेज 27 केवी पर विद्युत उत्पादन करता है। अति आधुनिक तकनीक से निर्मित 800 मेगावाट जनरेटर में कॉपर की जगह स्टील के हॉलो कण्डक्टर्स का प्रयोग किया गया है। इसकी डिजाइन, निर्माण तथा टेस्टिंग का काम पूरी तरह से हरिद्वार इकाई में ही किया गया है। इसके ट्रांसपोर्टेशन के लिए विशेष चौड़ाई वाले 24 एक्सल के ट्रेलर का प्रयोग किया गया है। यह ट्रांसपोर्टेशन मल्टी माडल विधि से किया जाएगा, जिसमें सड़क मार्ग व जल मार्ग शामिल हैं। इस अवसर पर (सीजीएम कृष्णापटनम) जे राघवेन्द्र राव, मुख्य अभियन्ता (एपीजेंको) के सुधीर बाबू, महाप्रबंधक (सीडीएक्स एवं वाणिज्य) आईजेएस सन्धू, महाप्रबंधक (ईएम) विवेक कुमार, अनेक महाप्रबंधक, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

किलवेस्ट मशीन का सीएम ने किया शुभारंभ

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देहरादून। ‘रिस्पना से ऋषिपर्णा नदी कार्यक्रम’ के तहत रिस्पना नदी की सफाई के लिए स्थापित किलवेस्ट मशीन का शुक्रवार को शुभारंभ किया गया। इस मौके पर सीएम ने एक मोबाइल ऐप का शुभारंभ भी किया। सीएम ने इस मौके पर कहा कि नदियों के संरक्षण के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ ही जनसहभागिता भी जरूरी है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विधानसभा के निकट आयोजित कार्यक्रम में मशीन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम ईको टास्क फोर्स और उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र(यूसर्क) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने रिस्पना नदी के पुनर्जीवीकरण अभियान से सम्बन्धित एक मोबाइल एप्लीकेशन का भी शुभारम्भ किया। यूसर्क द्वारा विकसित की गई इस एप्लीकेशन को गुगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रिस्पना नदी के पुनर्जीवन के लिये दृढ़ राजनैतिक इच्छाशक्ति के साथ-साथ व्यापक जनसहभागिता की आवश्यकता होगी। रिस्पना और कोसी नदियों का पुनर्जीवन सरकार की प्रतिबद्धता है। स्वच्छता अभियान और नदियों के पुनर्जीवीकरण अभियान के लिए सरकार के साथ-साथ आमजन का व्यापक सहयोग जरूरी है। इस विषय में लोगों को ऐसे ही सोचना चाहिए जैसे वे अपने घर की स्वच्छता के बारे में सोचते हैं। मिशन रिस्पना से ऋषिपर्णा पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही दिन में नदी के उद्गम से अन्तिम छोर तक स्वच्छता अभियान चलाने के लिए बहुत बड़े पैमाने पर लोगों के सहयोग की जरूरत है। इसके लिए हर आयु वर्ग के लोगों को अपना सक्रिय सहयोग देना पड़ेगा। बच्चों को स्वच्छता अभियान एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिये सरकार ने जूनियर ईको टास्क फोर्स का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए भविष्य के जल प्रबन्धन पर अभी से विचार करने की जरूरत है। वर्षा जल को एकत्रित करना आवश्यक है। हमारी नदियां जीवित रहें, सदा बहती रहें और हमारी आवश्यकता का बड़ा हिस्सा वर्षा जल संचय से पूरा हो। देहरादून शहर और आसपास की जनसंख्या के लिये ग्रेविटी बेस्ड जल आपूर्ति की व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है।
स्थानीय विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने कहा कि रिस्पना और बिन्दाल देहरादून की लाइफ लाइन हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि साबरमती नदी की तरह रिस्पना नदी भी अपने पुराने गौरव को प्राप्त करेगी। ईको टास्क फोर्स के कर्नल राणा ने बताया कि रिस्पना नदी के पुनर्जीवीकरण के लिए माइक्रो प्लान बनाया जा रहा है। नदी के कैचमेंट एरिया का एरियल सर्वे भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगस्त-सितम्बर तक रिस्पना नदी काफी अच्छी स्थिति में दिखाई देगी। यूसर्क के निदेशक दुर्गेश पन्त ने कहा कि रिस्पना नदी की थ्री-डी मॉडलिंग और रिवर मॉर्फोलॉजी का काम चल रहा है। किलवेस्ट मशीन की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक आधुनिक ईंधन मुक्त सॉलिड वेस्ट डिस्पॉजर है, जोकि पूर्णतः ईको फ्रेण्डली और कम लागत वाली है। यह मशीन नियंत्रित वायु आपूर्ति के माध्यम से नियंत्रित दहन(कम्बशन) प्रणाली पर कार्य करती है। कूड़े की मात्रा के अनुसार यह मशीन विभिन्न आकारों में निर्मित की जाती है। कार्यक्रम को परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानन्द मुनि और किलवेस्ट मशीन के निर्माता लक्ष्मण शास्त्री ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी धीरेन्द्र सिंह पंवार सहित अन्य गणमान्य एवं अधिकारी मौजूद थे।

बंदरों के आतंक से परेशान लोग

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विकासनगर। छावनी क्षेत्र में इन दिनो लोग बंदरो के आतंक से खासे परेशान है। जहां-तहां घूम रहे बंदरों के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने छावनी प्रशासन से बन्दरो को पकड़ने की मांग की है।

पूर्व में छावनी परिषद द्वारा बन्दरो को पकड़वाया गया था। जिसके बाद इनके आतंक से निजात मिली थी, लेकिन अब दोबारा बंदरो की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। जिसके कारण दोबारा इनका आतंक बड़ गया है। स्थानीय निवासी मोनित दुसेजा विनय शर्मा साकेत महेश्वरी गीताराम शर्मा राजेन्द्र चौहान आदि का कहना है कि बन्दरो के आतंक का आलम यह है कि सुबह बच्चो के स्कूल जाते समय बन्दर जगह जगह झुंड बना कर बैठ जाते है। जिससे बच्चों का सड़क पर चलना दूभर हो रखा है, अभिभावकों को सुबह बच्चो के साथ स्कूल तक जाना पड़ रहा है। साथ ही बंदर सड़क पर चल रहे लोगो से उनके हाथ से सामान तक छीन कर ले जाते हैं। लोगों ने छावनी प्रशासन से बन्दरों को दोबारा पकड़वा इन्हें अन्यत्र जंगलो में छुड़वा। इनके आतंक से निजात दिलाने की मांग करी है। परिषद के सभासद आंनद सिंह राणा का कहना है कि मामले को आगामी बोर्ड में रख बंदरों को पकड़ने की निविदाएं लगवाई जाएंगी।

रात को सोये सुबह उठे तो एक की मौत चार बीमार

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काशीपुर में एक ही परिवार के पांच सदस्यों को रात को दूध पीना इतना भारी पड गया कि पांचों को फूड प्वाजन हो गया, जिससे एक महिला की मौत हो गयी जबकि परिवार के ही चार सदस्यों की हालत गम्भीर बनी है। जिनको शहर के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, बताया जा रहा है कि पुरा परिवार रात खाना खाने के बाद दूध पीकर सो गया था। लेकिन सुबह जब सभी लोग उठे तो सभी की तबीयत खराब थी, परिवार के सभी सदस्यों को उल्टी और सर दर्द की शिकायत थी। लेकिन अस्पताल जाने से पहले ही महिला की मौत हो गयी जबकि महिला की मौत के बाद परिवार के लोग घबरा गये और आनन फानन में अस्पताल पहुंचे तो इलाज के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि प्रथम दृश्टया फूड प्वायजन की बात सामने आयी है, फिलहाल मामले की जांच अब पुलिस ने शुरु कर दी है।

राजस्व पुलिस व्यवस्था हटने से बेहतर होगी कानून व्यवस्था: अशोक कुमार

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उत्तराखण्ड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को सदियों पुरानी राजस्व पुलिस व्यवस्था को छह माह में ख़त्म कर रैग्युलर पुलिस के लिए थाने बनाकर स्थापित करने के आदेश दिए हैं। वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति अलोक सिंह की खण्डपीठ ने टिहरी गढ़वाल में सन 2011 के  दहेज़ हत्याकाण्ड में सजायाफ्ता आरोपी की याचिका को ख़ारिज करते हुए राजस्व पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाए हैं।

दरअसल राज्य में अभी भी एक बड़ा हिस्सा राजस्व पुलिस के अंतर्गत आता है। वहीं एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने टीम न्यूज़पोस्ट से बातचीत में कहा कि “हाईकोर्ट के इस आर्डर का मैं पूरी तरह से समर्थन करुंगा।अब वो समय नहीं रहा कि हम राजस्व पुलिस व्यवस्था के साथ चले। पहले बात कुछ और थी और सरकार का एक नुमाइंदा पूरे गांव की समस्याओं का समाधान कर देता था।लेकिन बदलते समय के साथ सड़के बढ़ी है,ट्रैफिक बढ़ा है,ड्रग की समस्या,कुमाऊं के कुछ क्षेत्रों में माओवादीयों का डर होने के साथ-साथ बहुत सी चीजें राज्य में बदली हैं। उत्तराखंड में बहुत से नए चैलेंज आ गए हैं, क्राइम रेट बढ़ा हैं और इन सबसे लड़ने के लिए राजस्व पुलिस तैयार नहीं है।हर गांव और क्षेत्रों में एक सरकारी नुमाइंदा कहां तक व्यवस्था को बना कर रख पाएगा।ऐसे में पूरी तरह से पुलिसिंग का होना जरुरी हो गया है।”

राज्य पुलिस ने अपनी तरफ से इस बदलाव की तैयारियां भी कर ली हैं। अशोक कुमार ने बताया कि “हर थाने और 39 चौकी में इसके लिए पहल शुरु कर दी गई है और आगे जरुरत के हिसाब से हम अलग-अलग क्षेत्रों में और पुलिस सुविधा बढ़ा सकते हैं।पुलिसिंग होने से चीजें बेहतर हो जाऐंगी और तेजी से हो रहे शहरीकरण,क्राइम,ट्रैफिक और ड्रग्स जैसे बड़ी दिक्कतों से सामना करने को पुलिस तैयार भी है।”

राज्य बनने के बाद लगभग 20-25 जगहों पर राजस्व पुलिस को हटाकर बदलाव किए जा चुके हैंं लेकिन पूरी तरह से इसके लागू होने के बाद पुलिस को कानून व्यवस्था बनाये रखने में आसानी होगी।

वहीं हाई कोर्ट ने नैनीताल जिले के वनभूलपुरा थाने और ऋषिकेश थाने के देश के टॉप दस थानों में नाम आने पर यहाँ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों की सराहना की है। न्यायालय ने राज्य में पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, पुलिस प्रशिक्षण स्कूल, पुलिस अकेडमी और अन्य प्रशिक्षण केंद्र खोलने को भी कहा है।

स्वास्थ्य विभाग करेगा लंबे वक्त से गायब चिकित्सकों की ‘छुट्टी’

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देहरादून। ड्यूटी से गायब चिकित्सकों को स्वास्थ्य विभाग अब बख्शने के मूड में नहीं है। स्वास्थ्य सचिव नितेश कुमार झा ने इन्हें चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कार्यस्थल से लंबे समय से अनुपस्थित चिकित्सकों की अब विभाग से छुट्टी होगी। स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन चिकित्सकों को अविलम्ब सेवा से हटाने की संस्तुति शासन से की जाए।

राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वास्थ्य सचिव ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों व जनपदों के प्रमुख स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने विभागीय अफसरों की जमकर क्लास ली। उन्होंने दो टूक कहा कि अधिकारी पूर्ण मनोयोग से काम करें। झा ने अफसरों के विभागीय सेवाओं के प्रति अपनत्व का बोध लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि काम में किसी भी तरह की उदासीनता बरती तो अब सीधा कार्रवाई होगी। इस तरह के अफसरों को पद से हटाने की चेतावनी भी उन्होंने दी है। उन्होंने विभाग में चिकित्सकों की कमी, संविदा चिकित्सकों व अनुबंधित चिकित्सकों की सही सूचना तैयार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। झा ने कहा कि चिकित्सकों की तैनाती के लिए जनपद स्तर पर आवश्यकता का आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में चिकित्सकों की तैनाती शासन द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से परामर्श के उपरांत ही की जाएगी। बैठक में चिकित्सा उपकरणों की उपयोगिता व विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के अनुसार उपकरण क्रय किए जाने के निर्देश भी उन्होंने दिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्गत बजट का उपयोग जनपदों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की वरीयतानुसार समय अंतर्गत किया जाए। निजी सहभागिता द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की निरंतर सघन समीक्षा के निर्देश भी उन्होंने दिए हैं। खासकर एचएचएम द्वारा पोषित शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम व टेलीरेडियोलॉजी पर विशेष ध्यान देने को कहा है। क्षय रोग के उन्मूलन के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। स्वास्थ्य मिशन के निदेशक युगल किशोर पंत ने कहा कि एनएचएम की ओर से जनपदों में किए जा रहे निर्माण कार्यों को समयबद्ध तौर पर पूरा किया जाए। ताकि केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध बजट का समुचित उपयोग हो सके।
बैठक में महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, मेडिकल चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरपी भट्ट, स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. जीएस जोशी, विभाग के सभी निदेशक, अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक व एनएचएम के अधिकारी उपस्थित रहे।


ई-हॉस्पिटल को लेकर दिखाएं तेजी
अस्पतालों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रणाली, ई-रक्तकोष व ई-हॉस्पिटल संचालन पर भी विस्तृत चर्चा की गई। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया कि इन्हें जल्द शुरू करने का प्रयास करें। ताकि प्रत्येक जनपद में कम से कम एक अस्पताल ई-हॉस्पिटल पद्धति के अनुसार संचालित किया जा सके। स्वास्थ्य सचिव ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के संचालन में आ रही तकनीकी विसंगतियों की जानकारी ली। यह निर्देश दिए कि अधिकारी यू-हेल्थ योजना के बेहतर संचालन के लिए अपने सुझाव स्वास्थ्य महानिदेशालय को उपलब्ध कराएं।

108 सेवा पर बुरा रहा फीडबैक
बैठक में 108 आपातकालीन सेवा को लेकर जनपदों का फीडबैक अच्छा नहीं रहा है। स्वास्थ्य सचिव ने इस विषय पर भी विस्तृत जानकारी ली। जिसमें बताया गया कि 108 सेवा की सेवा की गुणवत्ता के स्तर में निरंतर गिरावट आ रही है।

क्लीनिकल एक्टेबलिशमेंट एक्ट पर अब देर नहीं
क्लीनिकल एक्टेबलिशमेंट एक्ट पर अब विभाग किसी तरह की देरी नहीं चाहता। स्वास्थ्य सचिव ने जनपदों को आईएमए प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर इसे अंतिम रूप दिए जाने के निर्देश दिए हैं। ताकि यह एक्ट जल्द लागू किया जाए।
जिला चिकित्सालयों में आईसीयू
स्वास्थ्य सचिव ने मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में सभी 13 जनपदों के जिला चिकित्सालयों में आईसीयू विकसित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसकी कार्ययोजना जल्द तैयार कर ली जाए।