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उत्तराखंड को मिल जाएंगी नहरें और अलकनंदा होटल

ऋषिकेश, यूपी के 7 परिसंपत्ति विवाद पर मुख्यमंत्री बोले अलकनंदा होटल और नहरों के विवाद का विस्तारीकरण हो चुका है अब उत्तराखंड को मिल जाएंगी लहरें और अलकनंदा होटल, यह कहना है मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रावत  का।

परमार्थ निकेतन पहुंचकर प्रदेश के मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गंगा तट पर किल बेस्ट मशीन का शुभारंभ किया जिसके द्वारा परमार्थ निकेतन से निकलने वाला कूड़े का निस्तारण खाद के रुप में किया जाएगा इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, “इस मशीन के द्वारा ऋषिकेश के क्षेत्र में प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी और पर्यटन नगरी स्वच्छ सुंदर बनेगी जिससे यहां की छवि को फायदा होगा।”

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उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच सालों से लटका परिसंपत्तियों का मामला अब सुलझ गया है, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने परमार्थ निकेतन पहुंचकर बताया कि, “आज यूपी सरकार के साथ परिसंपत्ति मामलों पर बातचीत हुई है जिसमें अलकनंदा होटल और नेहरू से संबंधित मामले सुलझ गए हैं अब परिसंपत्ति का कोई विवाद उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड का नहीं है और यह संपत्तियां उत्तराखंड के हिस्से आ गई है जिससे आने वाले दिनों में उत्तराखंड को राजस्व के साथ साथ पर्यटन के क्षेत्र में भी लाभ मिलेगा।”

एनएच घोटाले में हर दिन नया मोड

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बाजपुर, मुआवजा घोटाले में हर दिन नये मोड आ रहे हैं जिसको लेकर एसआईटी भी असमंजस में है, वहीं अब एनएच 74 घोटाले में नया मोड ये आ गया है कि 143 की ज्यादातर फाईलों में हस्ताक्षर फर्जी पाये गये है, यही नहीं मुआवजा क्या फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर हो गया या फिर ये सोची समझी साजिश थी? अब एसआईटी के लिए घोटालेबाजों के साथ ही हस्ताक्षरों की जांच भी अहम हिस्सा बनता जा रही है।

एनएच मुआवजा घोटाले में एसआइटी लगातार शिकंजा कसती जा रही है, अब एक ही दिन में मुआवजा पाने वाले बाजपुर के 22 काश्तकार भी एसआइटी के राडार पर हैं। अब तक की कार्यवाही से भले ही कई बडे नामों के सामने आने से एनएच मुआवजा घोटाले की परतें खुली हों लेकिन बाजपुर तहसील और भी कई राज खोलेगी, जिसमें और कई बडे नामो के सामने आने की उम्मीद है।

एसआइटी कई तहसीलों के किसानों और अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन बाजपुर तहसील में सबसे अधिक देर लगने वाली है। क्योंकि बाजपुर में सबसे ज्यादा लोग निशाने पर हैं। खास बात यह है कि एसआइटी ने बाजपुर के एक ही दिन में मुआवजा पाने वाले 22 काश्तकारों पर निगाहें तिरछी कर दी हैं। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि यह काश्तकार पर एसआइटी की राडार पर हैं। इनसे कभी भी पूछताछ और अभिलेखों की जांच हो सकती है। वहीं मुआवजा कितना किसको मिला है और कितना दर्ज है। इन सभी बिंदुओं पर गहनता से पूछताछ कर सकती है।

मौत का रहस्या जानने के लिए खोदी कब्र

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काशीपुर, क्या कब्र रहस्य खोल पायेगी शबीना की मौत का, या फिर शबीना के प्रेमी नवाब को मिलेगा इन्साफ, ढाई माह पूर्व हुई शबीना की मौत के मामले में तब नया मोड आ गया। शबीना के परिजनों ने न्यायलय की शरण लेते हुए शबीना की मौत पर सवाल खडे किय़े और कब्र खुदवाने की मांग की, वहीं कोर्ट के आदेशों पर भारी पुलिस बल की निगरानी में शबीना की कब्र खुदवायी गयी।

मौत का रहस्य खोलने के लिए खुदवायी गयी ढाई माह पुरानी शबीना की कब्र: 
कब्र में दफन हुए राज को पर्दाफाश करने के लिए कोतवाली पुलिस ने कब्र को खोदकर शबीना को निकाला बाहर, साल 2007 मे काशीपुर के जसपुर खुर्द निवासी मोहम्मद इसहाक की पुत्री शबीना का प्रेम प्रसंग के चलते नगर के नई बस्ती निवासी नवाब के साथ विवाह हुआ था, जिसके बाद बीती 22 अक्टूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में शबीना की मौत हो गई थी। जहां ससुराल पक्ष ने आनन-फानन उसको सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था, मामले को संदिग्ध मानते हुए मृतिका शबीना के भाई मेहंदी हसन ने काशीपुर न्यायालय मैं 156 (3) के तहत अपनी बहन शबीना को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और धीमा जहर देकर मौत की नींद सुलाने का आरोप लगाते हुए ससुराल पक्ष के खिलाफ अपील दायर की थी। वहीं परिजनों की अपील पर सुनवायी करते हुए कार्ट के आदेशों पर शबीना की कब्र खुदवायी गयी। वहीं शबीना के पति का कहना है कि बिमारी के चलते उसकी मौत हुई है, जिसका इलाज भी शहर के एक निजी अस्पताल में किया गया था, जहां उसकी मौत हुई है।

वहीं कोर्ट के आदेशों पर पुलिस ने कब्र खोदकर शबीना का शव बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, कोतवाली प्रभारी चंचल शर्मा ने बताया कि धारा 302 201 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर मृत्यु का कारण जानने के लिए कब्रिस्तान से शबीना की कब्र खोदकर मृतका को बाहर निकाला गया, इस दौरान कब्र से शबीना को बाहर निकलते समय मृतका शबीना का परिजन और मोहल्ले वासियों सहित बड़ी तादाद में पुलिस अमला मौजूद रहा।
शबीना की मौत का राज तलाशने के लिए कब्र खुदवा दी गयी है, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भी भेज दिया गया है, फिलहाल रिपोर्ट आना अभी बाकी है, एक ओर जहां शबीना का पति खुद को निर्दोश साबित करने के लिए हर चुनौति के लिए तैयार है, तो वहीं शबीना के परिजन मौत का राज जानने के लिए उत्सुक है , देखना होगा कि आखिर कब्र खोदकर शबीना की मौत का क्या राज निकलता है।

नैनीताल और उधमसिंहनगर में पहुंचा हथियारों का जखीरा

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उधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में आखिर हथियारों की खेप का क्या था काम? इतनी बडी मात्रा में आखिर हथियार किसको सप्लाई किये जा रहे थे? कई सवाल सामने आ गये जब कुमाऊं मण्डल की एसटीएफ ने हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह को पकडा, जो बरेली से हथियारों की सप्लाई उधमसिंहनगर और नैनीताल जिले मे करते थे, ये कामायाबी एसटीएफ कुमाऊ टीम और पुलभट्टा पुलिस को मुखबिर की सूचना पर मिली।
एसटीएफ टीम ने कुमाऊ प्रभारी एम पी सिंह की अगुवाही में बरेली के 2 आर्म डीलर्स को दबोचा है जिनके पास से 8 कंट्री मेड हथियार बरामद किए गए है। ये आर्म डीलर्स बरेली जनपद के देवरनिया के रहने वाले है जिनके नाम नईम और वसीम है जिन्होंने उधमसिंहनगर और नैनीताल में हथियारों को सप्लाई करने बात मानी है। ये पुरी कार्यवाही एसटीएफ एसएसपी रिधिम अग्रवाल के निर्देशन में हुई कार्यवाही जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा ने बताया की ये काफी समय से सक्रिय थे इनके अन्य साथियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।

एनएच घोटाले में दो और अधिकारी गिरफ्तार

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रुद्रपुर, एनएच 74 घोटाले में एसआईटी ने फिर से धरपकड़ शुरू कर दी है टीम ने दो और अधिकारियों को गिरफ्तार कर नैनीताल कोर्ट के समक्ष पेश के लिए भेज दिया है।

सूत्रों के अनुसार एनएच घोटाले में निलंबित चल रहे पीसीएस अधिकारी अनिल शुक्ला ओर लालकुआं तहसीलदार मोहन सिंह को देर रात गिरफ्तार किया गया है।

सूत्रों की माने तो दोनों अधिकारियों ने एनएच 74 घोटाले में तत्कालीन एसएलओ ओर तहसीलदार रहते हुए बैक डेट में भूमि की प्रकर्ति को बदलते हुए सरकार को चूना लगाने का काम किया था जिसके बाद से ही एसआईटी पूरे मामले की जाच कर रही थी।

कल देर रात निलंबित पीसीएस अधिकारी और लालकुआं तहसीलदार को गिरफ्तार कर नैनीताल हाई कोर्ट में पेश करने के लिए भेज दिया गया है।

मौसम ने बदली करवट, धूप निकलते ही परिंदो ने भरी उड़ान

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कालागढ़/पौड़ी। सर्दियों के कम होते ही मौसम ने करवट बदल ली है । सूरज जैसे ही क्षितिज पर उभरा तो वातावरण में धुंध गायब हो गई। चमकती धूप का सिर्फ लोगों ने ही नहीं बल्कि जानवरों व पक्षियों ने भी आनंद लिया और धूप से भरपूर विटामिन डी लिया।
एक ऐसी ही तस्वीर कालागढ़ इंटर कॉलेज की छत पर नजर आई जहां एक पोंड हेरॉन नामक पक्षी धूप की आखिरी किरणों भी ऐसे ले रहा था, जैसे शायद वर्षो बाद सूरज के दर्शन हुए हो । पोंड हेरॉन इग्रेट प्रजाति का एक पक्षी होता है जो बगुला वर्ग में आती है । पोंड हेरॉन तालाब व नदियों के किनारे ही रहते है व तालाबो व नदियों में ही शिकार करते है। इनका मुख्य भोजन तालाब के मेंढक मछली केंचुआ केकड़े व घोंघे होते है। पोंड हेरॉन बसंत के आते ही सक्रिय हो जाते है व देश भर में इस पक्षी को तालाब के किनारे देखा जा सकता है। ठंड के बाद इस तरह धूप के लिए निकलना यह संकेत है कि शायद अब सर्दियों का अंत समीप है और बसन्त ऋतु का आगमन होने को है ।

मसूरी का ये व्हाट्स एप्प ग्रुप इस तरह दे रहा है ट्रैफिक जाम को चुनौती

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कहते हैं जहां चाह वहां राह। एक आम शहरी की यही सोच काम आई, मसूरी-देहरादून के रास्ते को ट्रैफिक जाम से निजाद दिलाने के लिये। वकील अशोक महरोत्रा ने मसूरी में रहने वाले लोगों के लिये एक व्हाट्स ऐप ग्रुप शुरू किया जिसके ज़रिये लोग कार पूल की सुविधा ले सकते हैं। 62 सला के महरोरत्रा को इसके प्रेरणा दिल्ली में रहने वाले अपने बेटे बहु से मिली जो सुप्रीम कोर्ट अपने दफ्तर जाने के लिये कार-पूलिंग करते हैं।

पिछले साल 1 दिसंबर को शुरू किये गये इस ग्रुप से अब तक करीब 131 सदस्य जुड़ चुके हैं, ये काफी आसान प्रक्रिया भी है। ग्रुप से सदस्य अपने ट्रैवल प्लान इस ग्रुप में एडवांस में डाल देते हैं ताकि अन्य सदस्य अपनी समय के अनुसार इस सुविधा का फायदा उठा सके।

ये साधारण लेकिन अनूठी पहल होटल व्यापारियों, डॉक्टरों से लेकर छात्रों के बीच खासी पसंद की जा रही है। इस मुहिम के बारे में महरोत्रा कहते हैं कि, “ट्रैफिक हमारे शहर के लिये एक बड़ी समस्या बन गई है। छोटी ही सही लेकिन हमने अपनी तरफ से एक कोशिश की है। ये ज़रूरी है कि प्रदूषण औऱ ट्रैफिक की समस्या के लिये हम आम शहरी भी आगे आयें।”

मसूरी के छोटे शहर होने के कारण अधिक्तर लोग एक दूसरे को जानते हैं जिसके चलते ये सुविधा लोगों के बीच में खासी पसंद की जा रही है। मसूरी से इस सुविधा से तकरीबन रोज़ाना सफर करने वाले प्रणव साहनी कहते हैं कि, “इस सुविधा से पर्यावरण और ट्रैफिक को तो फायदा होता ही है साथ साथ क्योंकि हम सब एक दूसरे को जानते हैं इसलिये सफर में समय भी आराम से कट जाता है।”

इस ग्रुप की लोकप्रियता दिल्ली औऱ अन्य जगहों पर काम करने वालों की बीच भी बढ़ रही है। मसूरी के जतिन कपूर दिल्ली में काम करते हैं औऱ इस बार क्रिस्मस की छुट्टियों में दिल्ली से मसूरी आने के लिये कुछ औऱ मसूरी वासियों के साथ कार पूल किया। जतिन कहते हैं कि, “ट्रैफिक की समस्या के साथ साथ अुपने पुराने दोस्तों के साथ समय बिताने का ये बेहतरीन जरिया है।”

अपने इस छोटे से प्रयास की सफलता देखते हुए महरोत्रा आने वाले समय में इस ग्रुप से और ज्यादा लोगों को जोड़ना चाहते हैं जिससे मसूरी देहरादून के अलावा और जगहों तक जाने के लिये भी लोग कार पूलिंग का इस्तेमाल कर सके।

नाना पाटेकर ने श्री हरिमदिर साहिब में माथा टेका

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अमृतसर, बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर रविवार दोपहर मकर संक्रांति के अवसर पर अचानक माथा टेकने श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे तो वहां उनके प्रशंसकों की भीड़ जमा हो गई। नाना की एक झलक पाने के लिए प्रशंसक बेताब दिखे। नाना ने भी प्रशंसकों को निराश नहीं किया और हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया।

नाना पाटेकर ने कहा कि बचपन से ही तमन्ना थी कि वह इस पावन ऐतिहासिक स्थल के दर्शन करें। आज उनकी मुराद पूरी हुई है। यहां आकर उन्हें बहुत सुकून मिला। नाना ने यह बातें श्री हरिमंदिर साहिब की विजिटर बुक में भी लिखी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा नाना पाटेकर को सम्मानित किया गया।

टैक्स चोरी करनेवालों को जेल भेजने का सिलसिला तेज

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नई दिल्ली, आयकर विभाग सहित तमाम कर संबंधी विभागों ने टैक्स चोरी करनेवालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। कई मामलों में आरोपियों को सजा भी हुई। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि टैक्स संग्रहण से जुड़े विभागों ने पिछले कुछ समय में बड़ी संख्या में टैक्स चोरी करनेवालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की है। वित्त वर्ष 2017-18 (नवम्‍बर 2017 को समाप्‍त अवधि तक) के दौरान विभाग ने 2225 मामलों में विभिन्‍न अपराधों के लिए कानूनी कार्रवाई करने संबंधी शिकायतें दाखिल की। पिछले वर्ष इसी अवधि में 784 शिकायतें दाखिल की गई थीं जो 184 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। वर्तमान वित्त वर्ष (नवम्‍बर 2017 को समा‍प्‍त अवधि तक) के दौरान विभाग द्वारा संयोजित शिकायतों की संख्‍या 1 हजार 052 थी जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्‍या 575 थी। मामलों में 83 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

वित्त मंत्रालय ने बताया कि देहरादून की एक अदालत ने गोपनीय विदेशी बैंक खाता रखने पर एक चूककर्ता को दोषी ठहराया और कर चोरी का प्रयास करने के आरोप में उसे दो वर्ष के कारावास और प्रत्‍येक चूक के लिए मौद्रिक जुर्माने के साथ सत्‍यापन में फर्जी जानकारी के लिए दो वर्ष की सजा सुनाई।

सीजेएम, जालंधर की अदालत ने एक कपड़ा व्‍यापारी को दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इस व्‍यापारी ने कर चोरी के इरादे से अपने वकील और गवाह से साठ-गांठ कर शपथ पत्रों और उपहार दस्‍तावेजों में जालसाजी कर विभाग के साथ धोखाधड़ी का प्रयास किया। अदालत ने व्‍यापारी को सजा देने के साथ ही, जाली शपथ पत्र का सत्‍यापन करने पर वकील को तथा इस गंभीर अपराध में सहायता करने और सहयोग करने के लिए गवाह को भी एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

बेंगलुरु में, एक कंपनी का प्रबंध निदेशक जो बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ा हुआ था उसे 60 लाख रुपये से अधिक (निर्धारित समय के भीतर) का टीडीएस जमा नहीं करने का दोषी पाया गया| उसे जुर्माने के साथ तीन महीने के कठोर कारावास की सजा दी गई। इसी प्रकार मोहाली के एक व्‍यक्ति को निर्धारित समय के भीतर टीडीएस जमा नहीं करने का दोषी पाया गया और उसे जुर्माने के साथ एक वर्ष के कारावास की सजा दी गई।

हैदराबाद के एक अन्‍य मामले में, एक बुनियादी ढांचा कंपनी की निदेशक को जान-बूझकर कर चोरी के प्रयास में छह महीने के कारावास और जुर्माने की सजा दी गई। साथ ही उसे सत्‍यापन में फर्जी जानकारी देने के लिए जुर्माने के साथ छह महीने का कठोर कारावास दिया गया।

एर्नाकुलम में आर्थिक अपराध अदालत ने कर वसूली अधिकारी द्वारा कर वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने के बावजूद करीब 76 लाख रुपये के करों के भुगतान से बचने के लिए एक व्‍यक्ति द्वारा संपत्ति बेचने के लिए उसे तीन महीने के कठोर कारावास की सजा दी।आगरा से प्राप्‍त एक अन्‍य मामले में विशेष सीजेएम ने एक चूक कर्ता को एक वर्ष के कारावास और जान-बूझकर कर चोरी का प्रयास करने और सत्‍यापन में फर्जी जानकारी देने के लिए जुर्माने के साथ छह महीने के कारावास की सजा दी।

कर चोरी करने वालों के खिलाफ विभाग द्वारा निर्णायक और केन्द्रित कार्रवाई करने के कारण अदालतों द्वारा दोषी ठहराए गए चूककर्ताओं की संख्‍या में वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। वर्तमान वर्ष (नवम्‍बर 2017 को समा‍प्‍त अवधि तक) के दौरान विभिन्‍न अपराधों के लिए 48 व्‍यक्तियों को दोषी ठहराया गया जबकि पिछले वर्ष इनकी संख्‍या 13 थी| इनकी संख्‍या में 269 प्रतिशत वृद्धि हुई।

विभिन्‍न अपराधों के लिए कानूनी कार्रवाई की पहल की गई है जिनमें जान-बूझकर कर चोरी करना अथवा किसी प्रकार के कर का भुगतान नहीं करना, जान-बूझकर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करना, सत्‍यापन में फर्जी जानकारी और स्रोत पर काटे गए/संग्रहित कर को जमा नहीं करना अथवा इसमें अत्‍यधिक देरी करना शामिल है। अपराधों का संयोजन तब किया जाता है जब बकायेदार अपना अपराध स्‍वीकार कर लेता है और निर्धारित शर्तों के अनुसार संयोजित शुल्‍क दे देता है।

ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले ही दौर में हारकर बाहर हुईं वीनस

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मेलबर्न, अमेरिका की दिग्गज महिला टेनिस खिलाड़ी वीनस विलियम्स ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गई हैं। वीनस को स्विट्जरलैंड की गैर वरीय बेलिंडा बेनसिच ने शिकस्त दी।

बेनसिच ने वीनस को 1 घंटे 55 मिनट तक चले मुकाबले में सीधे सेटों में 6-3,7-5 से मात दी।

विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर काबिज वीनस पहला सेट 6-3 से हारने के बाद दूसरा सेट जीतने के करीब थीं, लेकिन बेलिंडा ने आखिरी सेट के अंतिम दो अंक लेकर वीनस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दूसरे दौर में बेलिंडा का सामना जोहाना लार्सन और लुकसिका कुमखुम के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा।