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आइईएस एंड डीइएस ने जूनियर इंजीनियरों की भर्ती का किया विरोध

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देहरादून,  इंडियन इंजीनियर सोसाइटी (आइईएस) एंड डिप्लोमा इंजीनियर संगठन (डीएएस) ने रैली निकालकर उपनल द्वारा जूनियर इंजीनियरों की भर्ती कराए जाने का विरोध किया। सोमवार को परेड मैदान स्थित धरना स्थल पर जूनियर इंजीनियर संगठन से जुड़े सैकड़ों युवक-युवतियों ने महारैली निकाली।

जूनियर इंजीनियरों की चार मांगे हैं जिनमें जेई की भर्ती उपनल द्वारा बंद कराया जाए, सभी विभागों में अस्थाई भर्ती आयोग द्वारा कराई जाए, आयोग के लिए भर्ती के लिए समय सीमा तय हो और उत्तराखंड में भविष्य में संविदा व उपनल से इंजीनियरिंग के कोई पद न भरे जाएं आदि शामिल हैं। 

फिल्म राइफलमैन जसंवत सिंह की शूटिंग देहरादून में जारी

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फिल्म निर्देशक अविनाष ध्यानी भारत माता के उस वीर सपूत की कहानी बड़े पर्दे पर दिखाने जा रहें है, जिसने 1962 के युद्ध में 72 घंटे तक चीनी सैनिकों से लोहा लिया था। इस वीर जवान का नाम था राइफलमैन जसवंत सिंह है, जिसकी गाथा को बड़े परदे पर उतारने जा रहे हैं। 1962 की भीषण लड़ाई के दौरान जसवंत सिंह रावत,  ने 300 चीनी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया, लेकिन जसवंत सिंह को राशन पहुंचाने वाले आदमी के पकड़े जाने के बाद चीनी सेना को पता चला कि उनकी सेना के होश उड़ाने वाला एक अकेला राइफलमैन जसंवत सिंह है।

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जिसके बाद चीनी सैनिकों ने जसवंत सिंह रावत को पकड़ा, फांसी दी व जसंवत सिंह का सिर काटकर अपने साथ चीन ले गये, लेकिन जसवंत की बहादुरी से प्रभावित एक चीनी कमांडर ने उसे भारत को लौटा दिया। जेआर प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही इस फिल्म की शूटिंग 1 जनवरी से शुरू हुई है। शूटिंग देहरादून के एफआरआई, खालंगा जोकि तपोवन के पास है, बरैाट-खाई समेत कई स्थानों पर की जा रही है।

फिल्म में जसवंत के पिता का किरदार वीरेंद्र सक्सेना और माता का किरदार अलका आमिन निभा रही हैं।

इस फिल्म में ‘भाग मिल्खा भाग’ के सुमित, शिशिर शर्मा, मुकेश तिवारी, इश्ताक खान, गिरीश सहदेव व सेना के अफसर की भूमिका में देहरादून के सतीश शर्मा भी दिखेंगे, फिल्म के बारे में सतीश कहते हैं कि, “राइफलमैन जसवंत सिंह रावत गढ़वाल के एक वीर की कहानी है जिस नायक के बारे में आज की युवा पीढ़ी कम ही जानती है। अविनाश ने इस फिल्म के लिये सालों शोध किया है औऱ मुझे पूरा यकीन है कि ये फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ और ‘भाग मिल्खा भाग’ जैसी सफलता पायेगी।

जसवंत सिंह  के साथ कई अद्धभुत बातें आज भी जुड़ी हैं जैसे कि सेना के जवान आज भी मानते है कि जसवंत सिंह की आत्मा पोस्ट पर तैनात झपकी ले रहे सैनिकों को थप्पड़ मारकर जगाती है, या फिर  कहा जाता है कि जिस कमरे में जसवंत रहते थे वहां आज भी उनके जूतों को पॉलिश करके रखा जाता है लेकिन अगली सुबह बिस्तर, जूते और कपड़े ऐसे मिलते हैं जैसे किसी ने उनका उपयोग किया हो।

“राइफलमैन जसंवत सिंह रावत के ऊपर बन रही इस फिल्म से उनकी शोर्य गाथा हर व्यक्ति तक पहुंचेगी, और युवाओं के लिए प्रेरणा देने में कारगर साबित होगी,” यह कोशिश है फिल्म निर्देशक अविनाष ध्यानी की।

महिलाओं की मजबूती देंगे सस्ता ऋणः सीएम

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देहरादून। किसानों के बाद अब राज्य में महिला सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए सस्ते ऋण शुरू किए जाएंगे। रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भानियावाला में डोईवाला क्षेत्र के लिए 29.19 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 90 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्यों का शिलान्यास के मौके पर कई घोषणाएं की।

रविवार को शिलान्यास कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने स्थानीय निजी स्कूल के मैदान में विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना की तर्ज पर शीघ्र ही राज्य के महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए सस्ती ब्याज दर पर ऋण योजना लाई जाएगी। महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत कर सरकार ग्रामीण महिलाओं की आर्थिकी को मजबूत करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश की सभी 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस दिशा में गढ़वाल मंडल में थानों न्याय पंचायत और कुमाऊं मंडल में कोटाबाग न्याय पंचायत में रोजगारपरक प्रशिक्षण एवं उत्पादन केंद्र प्रारंभ किया जाएगा। इन केंद्रों पर आईआईटी रुड़की के छात्रों द्वारा विकसित एलईडी बल्ब निर्माण तकनीकि का प्रशिक्षण एवं उत्पादन कार्य शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में मकर संक्रांति के दिन सेंट्रल इंस्टिट्यूट ओफ प्लास्टिक एंजिनियरिंग एंड टेक्नॉलजी(सीपेट) संस्था का शिलान्यास करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन संस्थान की आवश्यक मशीनों के विदेश से आने में विलंब होने के कारण यह कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका। बताया गया है कि सीपेट में प्रयुक्त होने वाली कई मशीनें विदेशों से, समुद्री मार्ग से आनी है जिस में थोड़ा विलंब हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि फरवरी-मार्च तक सिपेट संस्था का प्रारंभ हो जाएगा। यह कई करोड़ की धनराशि की योजना है और इससे स्थानीय क्षेत्र में लगभग 5 से 7 हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सिपेट संचालन के लिए चयनित स्थानीय आईटीआई भवन का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अध्ययनरत 47 विद्यार्थियों की पढ़ाई में व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा और सरकार इनका पूरा ध्यान रखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्थाई खर्चों को कम करके बचत की गई धनराशि का विकास योजनाओं में प्रयोग करना चाहती है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भविष्य की आवश्यकता अनुसार जल आपूर्ति सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है, इसीलिए देहरादून में सॉन्ग नदी के माध्यम से ग्रेविटी बेस्ड जल आपूर्ति की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह पंचेश्वर बांध से भी उधम सिंह नगर तक ग्रेविटी बेस्ड जल सप्लाई की संभावनाओं का अध्ययन करें। इस तरह की योजनाओं से जल आपूर्ति सुनिश्चित होने के साथ बड़े पैमाने पर बिजली के बिलों में भी बचत होगी। सरकार दीर्घकालीन योजनाओं पर ठोस कार्य कर रही है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 7 माह पूर्व जब उन्हें पिथौरागढ़, चंपावत और हरिद्वार में 6 वर्ष आयु वर्ग तक बालिकाओं के बेहद खराब लिंगानुपात का पता चला तो उन्होंने प्रभावित जनपदों के साथ पूरे प्रदेश में व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि 7-8 माह पूर्व पिथौरागढ़ में जो लिंगानुपात 813 था वह बढ़कर 914 हो गया है। सात आठ माह की अल्प अवधि में लिंगानुपात में प्रति 1000 बच्चों पर 101 बालिकाओं की वृद्धि हुई है। यह उत्साहजनक संकेत है परंतु अभी इस दिशा में बहुत कार्य किया जाना बाकी है।
इससे पूर्व सीएम ने जिन सड़कों-मार्गों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास हुआ उसमें 115.37 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत नागल बुलन्दावाला में किशनपुर ग्रान्ट में चकरोड का निर्माण कार्य, 18.46 लाख रुपये की लागत से दूधली मुख्य मार्ग से रेतावाला का डामरीकरण का कार्य, लागत 178.94 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत मारखमग्रान्ट एवं घिसरपडी के विभिन्न मार्गों का सी.सी. द्वारा निर्माण कार्य, 30.80 लाख रुपये की लागत से नागल ज्वालापुर में डीडीएचए रोड का डामरीकरण कार्य, 429.21 लाख रुपये की लागत से झबरावाला बुल्लावाला मोटर मार्ग पर बी.एम./एस.डी.बी.सी द्वारा निर्माण कार्य, 216.90 लाख रुपये की लागत से कान्हरवाला ग्रामसभा के लये श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ग्रामीण शहरी मिशन के अन्तर्गत अठूरवाला कलस्टर में आन्तरिक ग्राम सड़क संयोजकता(एमपीएमआरएम), 194.08 लाख रुपये की लागत से भानियावाला ग्रामसभा के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ग्रामीण शहरी मिशन के अन्तर्गत अठूरवाला कलस्टर में आन्तरिक ग्राम सड़क संयोजकता(एमपीएमआरएम), 496.09 लाख रूपये की लागत से अठूरवाला ग्राम सभा के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ग्रामीण शहरी मिशन के अन्तर्गत अठूरवाला कलस्टर में आन्तरिक ग्राम सड़क संयोजकता(एसपीएमआरएम), 104.84 लाख रूपये की लागत से रैनापुर ग्रामसभा के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ग्रामीण शहरी मिशन के अन्तर्गत अठूरवाला कलस्टर में आन्तरिक ग्राम सड़क संयोजकता(एमपीएमआरएम), 203.73 लाख रुपये की लागत से जौलीग्रान्ट ग्रामसभा के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ग्रामीण शहरी मिशन के अन्तर्गत अठूरवाला कलस्टर में आन्तरिक ग्राम सड़क संयोजकता(एमपीएमआरएम), 165.89 लाख रुपये की लागत से रानीपोखरी मौजा ग्राम सभा के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ग्रामीण शहरी मिशन के अंतर्गत अठूरवाला कलस्टर में आंतरिक ग्राम सड़क संयोजकता(एमपीएमआरएम), 270.32 लाख रुपये की लागत से रानीपोखरी ग्रान्ट ग्रामसभा के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ग्रामीण शहरी मिशन के अन्तर्गत अठूरवाला कलस्टर में आन्तरिक ग्राम सड़क संयोजकता(एमपीएमआरएम), 494.53 लाख रुपये की लागत से माजरीग्रान्ट ग्रामसभा के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ग्रामीण शहरी मिशन के अन्तर्गत अठूरवाला कलस्टर में आन्तरिक ग्राम सड़क संयोजकता (एमपीएमआरएम) कार्य सम्मिलित हैं। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता शमशेर सिंह पुण्डीर, नरेश बंसल, सुनील उनियाल गामा, आशा कोठारी व खेम पाल सिंह समेत बड़ी संख्या में लोगों उपस्थित थे।

बेटी बचाओ मुहिम के तहत महिलाओं ने निकाली कार रैली

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देहरादून। महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और कन्या भ्रूण हत्या रोकने को लेकर एक कार रैली का आयोजन किया गया। खास बात यह रही कि इसमें केवल महिला ड्राइवरों ने ही हिस्सा लिया।
रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास से फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री(फिक्की) की वूमन बिजनेस शाखा फिक्की लेडीस ऑर्गेनाईजेशन(फिक्की फ्लो) की ओर से आयोजित महिला कार रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं व कन्या भ्रण हत्या को रोकना था। इस कार रैली में सिर्फ महिला ड्राइवरों ने भाग लिया। पुरुष सहभागी केवल यात्री के रूप में शामिल हुए। इस महिला कार रैली में 60 गाड़िया शामिल थीं। राज्यभर में विभिन्न शहरों से महिलाओं ने कार रैली के लिए पंजीकरण कराया। रैली का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह मसूरी डायवर्जन स्थित अंतारा सीनियर लिविंग में होगा। बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं अभियान के लिए महिला कार रैली के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं व बधाई देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि महिला सशक्तिकरण व भ्रूण हत्या रोकने के उद्येश्य से संचालित इस रैली का आरम्भ मुख्यमंत्री आवास से हो रहा है। राज्य के कुछ जिलों में आठ महीने पहले लिंगानुपात कम पाया गया। पिथौरागढ़ जिले में यह 813 तक हो गया था। आज पिथौरागढ़ जिले में यह 914 तक हो गया है। महिला सशक्तिकरण व भ्रू हत्या रोकने के लिए हमें सतत प्रयास करने होंगे।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र के नेतृत्व में राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस प्रयास कर रही है। राज्य में दो महिला बैंक आरम्भ हो चुके है। प्रत्येक जिले में एक-एक महिला बैंक मार्च तक आरम्भ कर दिए जाएंगे। राज्य के विश्वविद्यालयो में 62 प्रतिशत छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही है। विश्वविद्यालयों में छात्राओं के सर्वाधिक प्रतिशत वाला उत्तराखण्ड प्रथम राज्य है। तीन लाख छात्र-छात्राओं को बीमा सुविधा दी जा रही है। छात्र-छात्राओं को आईआईटी जैसे उच्च शिक्षण संस्थाओं व प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। इस अवसर पर फिल्म लेखक व निर्देशक अली अब्बास जफर ने कहा कि आज प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहे है। हमें नई सोच को अपनाते हुए महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य करना होगा। इस अवसर पर देश के विभिन्न भागों से आई प्रमुख एफएलओ सदस्य उपस्थित थीं।

हिन्दू-बौद्ध अनुयायियों ने एक साथ मनाया मकर संक्रान्ति पर्व

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ऋषिकेश, परमार्थ निकेतन में स्नान, दान, ध्यान, यज्ञ एवं गंगा तट की स्वच्छता के साथ विदेशी सैलानियों एवं लद्दाख से आए बौद्ध धर्म गुरू लामा, अनुयायी युवा भिक्षुनियां ने ऋषिकुमारों के साथ मकर संक्रांति पर्व को उल्लास के साथ मनाया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज एवं साध्वी भगवती सरस्वती के सानिध्य में मकर संक्रान्ति का पर्व को परमार्थ में आए अनुयायियों ने मनाया। इस मौके पर चिदानन्द सरस्वती ने मकर संक्रान्ति के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि परम्परा के अनुसार पौष माह में सूर्य मकर राशी में प्रवेश करता है, उस दिन मकर संक्रान्ति का पर्व मनाया जाता है। यह अनेक बदलावों और संकेतों को जन्म देता है। मकर संक्रान्ति अर्थात अन्धकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होना। हमारे जीवन में भी जो अज्ञान रूपी अन्धकार है; प्रकृति में प्रदूषण रूपी जो अन्धकार है उसे समाप्त कर प्रकाश की ओर; सकारात्मकता की ओर; स्वच्छता की ओर अग्रसर होना ही संक्रान्ति है।

स्वामी ने कहा कि, “आज गंगा के तट पर हम देश की दो महान संस्कृतियों के संगम को देख रहे है यह मिलाप समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। मिलना और भीतर के मैल को मिटा देना ही मकर संक्रान्ति है। आज हर हृदय में मिलन का सूर्य उदय हो; स्नान, ध्यान, दान और सबका करे सम्मान यही है मकर संक्रान्ति पर आहृवान।”

लद्दाख और परमार्थ निकेतन मिलकर स्वच्छता, शिक्षा, योग, ध्यान एवं शान्ति के लिए मिलकर कार्य करेंगे, इससे दो संस्कृतियों के आदन-प्रदान के साथ युवा पीढ़ियों में सहयोग एवं समरसता के गुणों का भी उद्भव होगा।

इस मौके पर सनातन धर्म और बौद्ध धर्म के अनुयायी जिसमें हिन्दू धर्म के ऋषिकुमारों एवं बौद्ध धर्म की युवा भिक्षुनियों ने मिलकर मां गंगा के तट पर विश्व शन्ति के लिए प्रार्थना की और स्वामी की प्रेरणा से इन नन्हीं-नन्हीं बौद्ध कन्याओं ने पौधा रोपण कर पर्यावरण को समर्पित हरित मकर संक्रान्ति मनायी।

लद्दाख से आयी बौद्ध युवा भिक्षुनियां ने परमार्थ निकेतन में जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती से गीता, भारतीय आध्यात्म एवं जीवन मूल्यों के विषय में मार्गदर्शन प्राप्त कर रही है। इस मौके पर स्वामी महाराज एवं साध्वी के सानिध्य में मां गंगा के तट पर नदियों की स्वच्छता के संकल्प के साथ बौद्ध धर्मगुरू लामा, युवा बौद्ध भिक्षुनियों एवं ऋषिकुमारों ने मिलकर विश्व ग्लोब (वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी) का जलाभिषेक किया।

हावड़ा-दून सहित कई ट्रेनें पहुंची लेट, लिंक रद्द

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देहरादून। राजधानी देहरादून से जाने वाली दून हावड़ा एक्सप्रेस सहित आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां घंटों विलंब से देहरादून पहुंची, जबकि लिंक एक्सप्रेस अप और डाउन दोनों रद्द रही। जिस कारण यात्रियों व उनके परिजनों को कड़ाके की ठंड में परेशानी झेलनी पड़ी।

रविवार को हावड़ा से चलकर देहरादून आने वाली हावड़ा-दून एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय 7:35 मिनट से लगभग 6:30 मिनट विलंब से दून पहुंची। वहीं इलाहाबाद से देहरादून आने वाली लिंक एक्सप्रेस आज नहीं आई। जिस कारण यहां से लिंक रवाना नहीं हो पाई। दिल्ली रोहिला सराय से देहरादून आने वाली मसूरी एक्सप्रेस और अमृतसर-देहरादून लाहोरी एक्सप्रेस एक-एक घंटे देर से पहुंची, जबकि कोच्चीवली-देहरादून एक्सप्रेस तीन घंटे विलंब से पहुंची। ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्रियों व उसकों परिजनों को इंतजार में दो-चार होना पड़ा। दिल्ली से चलकर देहरादून आने वाली शताब्दी और जनशताब्दी अपने तय समय से एक-एक घंटे की देरी से आई। वहीं नंदा देवी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे की देरी से पहुंची।
स्टेशन अधीक्षक सीताराम सोनकर ने बताया कि मैदानी इलाकों में घना कोहरा पड़ने के कारण लंबी दूरी की कई गाड़ियां अपने तय समय से विलंब चल रही हैं। आज लिंक एक्सप्रेस अप और डाउन दोनों नहीं आईं। उन्होंने बताया कि दून से सभी गाड़ियों को समय से रवाना किया गया। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से सावधानी बरती जा रही है।

तराई में बिखरी पहाडी की संस्कृति की छटा

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रुद्रपुर, उत्तरायणी मेले में पारम्परिक वाध्य यंत्रों के साथ ही पारमपरिक वेष भूषा के साथ गीतों की जुगलबंदी से पहाड़ी संस्कृति छटा तराई में देखने को मिली। गीत संगीत से सजी इस महफिल ने लोगों को पहाड़ की संस्कृति से रूबरू कराया। इस दौरान कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति दी।

पर्वतीय संस्कृति पर आधारित लोक नृत्य और लोक गायक शेखर अधिकारी के गीतों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। राज्य की नंदा राजजात यात्रा की झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। रुद्रपुर में शैल सांस्कृतिक समिति की ओर से 20 सालों से उत्तरायणी महोत्सव मनाया जा रहा है।

गांधी पार्क के विशाल मैदान में स्थानीय कलाकारों ने सभी का दिल जीत लिया। गीत संगीत के बीच सुरों का जमकर धमाल देखने को मिला। पीएसी रुद्रपुर की बैंड टोली और सोर घाटी पिथौरागढ की टोली ने छोलिया नृत्य प्रस्तुत कर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। लोक गायक शेखर अधिकारी, न्यू वुडलैंड एकेडमी, स्पार्क मिंडा, अशोक मिंडा ग्रुप और परिवर्तन सेवा समिति चकरपुर खटीमा की रंगारंग प्रस्तुति ने धमाल मचाया। महोत्सव में व्यापारिक स्टाल, औद्योगिक स्टॉल, खानपान के स्टॉल और पर्वतीय खाद उत्पादों का मेले में पहुंचे लोगों ने जमकर खरीदारी की।

व्हील चेयर पर बैठ कर खेलेंगे क्रिकेट, आठ मार्च से होगा टूर्नामेंट

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रुद्रपुर, क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशी की खबर है कि उनके शहर में त्रिकोणीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच का आयोजन आठ मार्च से शुरू होगा। टूर्नामेंट में भारत के अलावा बंग्लादेश और नेपाल की टीमें शिरकत करेंगी। इस तरह की अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट श्रृंखला शहर के गांधी पार्क में पहली बार आयोजित हो रही है, कुमाऊं कप के रूप में यह श्रृंखला होगी।

डिसेबल्ड स्पोर्टिंग सोसायटी के जनरल सेकेट्री हारुन रशीद ने बताया कि, “रुद्रपुर शहर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह खबर किसी तोहफे से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह का यह पहला अंतर्राष्ट्रीय आयोजन शत प्रतिशत यहां के निशक्तजनों के लिए प्रेरणाश्रोत साबित होगा। उन्हें भी क्रिकेट में दिलचस्पी होगी तो वे भी कभी अंतर्राष्ट्रीय खेल का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि का आंकलन उनके खेल पर ही निर्भर होगा।”

रशीद ने बताया कि यह क्रिकेट बिल्कुल अलग और हैरतंगेज है। इस अंतर्राष्ट्रीय श्रृंखला में ऐसे खिलाड़ी नजर आएंगे जिनका शरीर 80 फीसदी तक निशक्त है, जो बिना व्हीलचेयर के एक कदम भी नहीं चल सकते। ऐसे खिलाड़ी यहां के निशक्तों के लिए वरदान की तरह साबित होंगे। यह निशक्त खिलाड़ी जब फिल्डिंग के दौरान चौका रोकने के लिए डाइव लगाते हैं तो खेल प्रेमियों के रौंगटे खड़े हो जाते हैं। यह वही क्रिकेट है जो आईपीएल चैम्पियन ट्राफियों की तरह खेली जाती है। लिहाजा यह व्हीलचेयर क्रिकेट खेल प्रेमियों को आईपीएल से भी ज्यादा मजा देगी।

जंगल में लकड़ी लेने गए अधेड़ को हाथी ने मार डाला

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हरिद्वार,  भेल से सटे इलाकों में जंगली जानवरों का आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन जंगली जानवरों के रिहायशी इलाकों में आने की घटनाएं तो आम हैं, लेकिन अब आम लोगों को भी निशाना बनाने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला भेल से सटे जंगल में हुआ। लकड़ी बीनने जंगल गए चन्दर (50 ) को हाथी ने मार डाला। जबकि दूसरे व्यक्ति ने भागकर जान बचाई। कई घंटे की खोजबीन के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने मृतक का शव बरामद किया।

टिबड़ी बस्ती निवासी जयराम और चंदर शनिवार शाम लकड़ी बीनने के लिए जंगल में गए थे। लकड़ी बीनते समय दोनों का सामना हाथी से होे गया। हाथी को देख दोनों के हाथ पांव फूल गए और वह जान बचाने के लिए जंगल से भागे। बताया कि देर शाम जयराम घर वापस लौट आया लेकिन चंदर घर नहीं लौटा। चंदर के घर वापस न आने पर परिजनों और आसपास के लोगों ने जंगल में उसकी खोजबीन की पुलिस और वन विभाग को भी घटना के संबंध में जानकारी दी गई। काफी मशक्कत के बाद जंगल के अंदर चंदर का शव बरामद हुआ।

रानीपुर कोतवाली प्रभारी ऐश्वर्य पाल ने बताया कि जयराम और चंदर को जंगल में हाथी मिल गया था। जयराम बचकर घर लौट आया है, लेकिन चंदर को हाथी ने पटकर कर मार डाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 

साइबर क्राइम रोकने के लिए चलाया जागरुकता अभियान

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गोपेश्वर, चमोली पुलिस ने साइबर क्राइम को रोकने के लिए एक अभियान चलाकर जनता को जागरूक किया। खासकर अभियान चमोली जिले के सुदरवर्ती क्षेत्र घाट और नारायणबागड़ में चलाया गया।

चमोली थाना प्रभारी दीपक रावत और घाट पुलिस चौकी प्रभारी विनोद गोला ने रिर्पोटिंग चौकी घाट व थाना चमोली में व्यापार मंडल, टैक्सी यूनियन, जनप्रतिनिधियों और सीएलजी ग्रुप मेंबरों की एक बैठक की। यहां आए लोगों को एटीएम फ्राॅड और साइबर क्राइम की जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया। साथ ही बाहर से आकर यहां रहने वाले लोगों का सत्यापन के प्रति जनसहयोग मांगा गया। साथ ही अपराध से जुड़ी समस्याओं, यातायात और कानून व्यवस्था पर चर्चा की गई। वहीं नारायणबागड़ में थानाध्यक्ष शशिभूषण,चौकी प्रभारी हेमकांत सेमवाल ने उतरायणी मेले में बैंक फ्राड, एटीएम फ्राॅड के विरुद्ध चलाए जा रहे जनजागरुकता अभियान के तहत बच्चों में नशे के प्रति बढ़ती प्रवृति पर भी जानकारी दी