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नेशनल कैनो प्रतियोगिता में पदक जीते खिलाड़ियों को किया सम्मानित

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देहरादून, पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड, देहरादून में अशोक कुमार, सचिव उत्तराखण्ड पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड द्वारा 28वीं नेशनल कैनो स्प्रिंट चैंम्पियनशिप मे पदक प्राप्त खिलाड़ियों से मिलकर उन्हें शुभकामनायें देते हुये भविष्य में होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए कड़ी मेहनत व लगन से अभ्यास करने व स्वर्ण पदक प्राप्त करने के लिये प्रेरित किया गया।

अशोक कुमार, ने बताया कि 8 जनवरी 2018 से 13 जनवरी 2018 तक भोपाल, मध्य प्रदेश में आयोजित हुई 28वीं  नेशनल कैनो स्प्रिंट चैंम्पियनशिप में उत्तराखण्ड पुलिस के खिलाड़ियों द्वारा वाटर स्पोर्टस में मुख्य आरक्षी राजीव कुमार एवं मुख्य आरक्षी दिनेश रावत ने मास्टर इवेंट में 1 स्वर्ण पदक व 1 कांस्य पदक तथा मुख्य आरश्री नितेश पंवार, मुख्य आरक्षी मो. जावेद, आरक्षी दलजीत सिंह एवं दिनेश सकलानी द्वारा 1000 मीटर कयाक फोर इवेंट में कांस्य पदक आर्जित किया गया। प्रतियोगिता मे देशभर से लगभग 26 टीमों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

मान्यता को लेकर हरकत में आया दून मेडिकल कॉलेज, नियुक्तियां शुरू

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देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज के तीसरे बैच की मान्यता को लेकर अब कॉलेज प्रशासन हरकत में दिख रहा है। एमसीआई ने कॉलेज में फैकल्टी की कमी सहित कई खामियां गिनवाई थी। कॉलेज के टीचिंग अस्पताल में 14 जूनियर व एक सीनियर रेजिडेंट की नियुक्ति कर दी है। इसके अलावा फैकल्टी के 14 पद भी जनवरी माह के अंत तक भर लिए जाएंगे।

दून मेडिकल कॉलेज को वर्ष 2016 में 150 एमबीबीएस सीट की मान्यता मिली थी। गत वर्ष एमसीआई ने द्वितीय एलओपी (लेटर ऑफ परमीशन) दी। हाल ही में यहां एमबीबीएस के दो बैच अध्ययनरत हैं। अब अगस्त-सितम्बर में यहां तृतीय बैच के दाखिले होंगे, जिसकी मान्यता के लिए एमसीआई की टीम मेडिकल कॉलेज व अस्पताल का निरीक्षण कर चुकी है, जिसमें व्यवस्थाएं अनुकूल नहीं पाई गईं हैं। एमसीआई ने फैकल्टी की कमी सहित कई खामियां गिनवाई। मुख्य समस्या फैकल्टी की थी, जिन्हें मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दुरुस्त करना शुरू कर दिया है।
दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रदीप भारती गुप्ता का कहना है कि एमसीआई ने कुछ खामियां इंगित कर इन्हें दूर करने को कहा था। इन खामियों में अधिकांश दूर कर ली गई हैं। अस्पताल के मेडिसिन विभाग में एक सीनियर रेजिडेंट को नियुक्ति दी गई है, जबकि सर्जरी, बायोकैमिस्ट्री व गाइनी में तीन-तीन और हड्डी रोग, बाल रोग, कम्यूनिटी मेडिसिन, पैथोलॉजी व एनाटॉमी विभाग में एक-एक जूनियर रेजिडेंट नियुक्त किए हैं। फैकल्टी के 14 पदों पर भी माह अंत तक नियुक्ति कर ली जाएगी।
एमसीआई ने ये बताई थी खामियां: आवश्यक फैकल्टी में 25 फीसद की कमी। रेजिडेंट की 14.28 फीसद कमी। नेत्र रोग की ओपीडी में मामूली सर्जरी के लिए कक्ष नहीं। वार्डों में बेड के बीच दूरी मानकों के अनुरूप नहीं। चर्म व यौन रोग से जुड़े बेड नहीं।
कई वार्ड में पेंट्री की सुविधा ही नहीं। माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी, फोरेंसिक मेडिसन व पैथोलॉजी विभाग निष्क्रिय। केंद्रीयकृत पुस्तकालय में 40 के सापेक्ष 30 ही जर्नल। अस्पताल में लेक्चर थियेटर नहीं। अस्पताल में इंटरकॉम की सुविधा उपलब्ध नहीं। 

आईएसबीटी इलाके में चला विशेष पार्किंग अभियान

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देहरादून। ट्रैफिक एवं यातायात की समस्या को देखते हुए पुलिस व प्राधिकरण की संयुक्त टीम द्वारा आईएसबीटी से लेकर निरंजन पुर मंडी तक के प्रतिस्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान पार्किंग की समस्या को देखते हुए विभिन्न संस्थानों को दिर्शा निर्देश भी दिए।

ट्रैफिक एसपी लोकेश्वर सिंह के नेतृत्व में आईएसबीटी चौकी पुलिस, प्राधिकरण अभियंता एमएन जोशी, एमके जोशी, अवर अभियंता नरेंद्र तोमर की टीम ने आईएसबीटी से निरंजनपुर मंडी तक सभी प्रतिष्ठाानों का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्किंग आदि व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। अभियान में लगभग दो दर्जन संस्थाओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकतर संस्थानों की पार्किंग स्पेस को अन्य गतिविधियों में उपयोग में लाया जाना पाया गया। कई स्टोर तो कहीं किसी दूसरे कार्य के लिए उपयोग में लाई जा रही इन पार्किंग की जगहों को तत्काल प्रभाव से खाली कर पुन: पार्किंग बनाए जाने के निर्देश दिए गए। टीम ने प्रतिस्थानों को तीन दिन के अंदर पर्किंग की व्यवस्था सुचारु करने के निर्देश दिए। संस्थानों को निर्देशों का पालन न करने पर विधी की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी गई।

 यह मिले हालात
निरीक्षण के दौरान पार्किंग एरिया को अपने काम में लाने का आलम यह था कि एक संस्थान के पर्किंग के स्थान पर फॉल्स सीलिंग आदि लगा कर उसे कॉन्फ्रेंस रूम में परिवर्तन कर एक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा था। निरीक्षण टीम ने तत्काल कॉन्फ्रेंस को रुकवाते हुए संस्थान द्वारा सीलिंग व पार्टीशन के कार्य को डिस्मेंटल कर स्थान को पुनः पर्किंग स्थल में परिवर्तित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा एक अन्य संस्था की पर्किंग का रैम्प अनुचित रूप से बना हुआ पाया गया। स्थल पर पर्किंग में एक गाड़ी को प्रवेश कराया गया तो उचित स्पेस नहीं उपलब्ध हुआ। संस्था को तीन दिन के अंदर रैंप को ठीक करने के निर्देश दिए गए।

सार्वजनिक स्थानों में धूम्रपान कर रहे 37 से वसूले 5360 रुपये

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देहरादून, जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ व पुलिस ने कई क्षेत्रों में पान भंडार, तमाकू बिक्री की दुकानों का निरीक्षण किया। जिसमें सार्वजनिक स्थानों में तंबाकू धूम्रपान करने वाले 37 उल्लंघनकर्ताओं से 5360 की धनराशि अर्थदंड के रूप में वसूली गई।

जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ ने कोतवाली पुलिस के सहयोग से कोटपा अधिनियम 2003 की धारा का उल्लंघनकर्ताओं पर अर्थदंड कार्यवाही की गई। जिसमें पलटन बाजार, इंदिरा मार्केट, परेड ग्राउंड, डिस्पेंसरी रोड घंटाघर के आस-पास पान भंडार, तमाकू बिक्री की दुकानों का निरीक्षण किया गया । अधिनियम के दौरान कोटपा अधिनियम 2003 की धारा 6 (क) अंतर्गत सिगरेट/तंबाकू उत्पादों के विक्रेताओं द्वारा अपनी दुकानों में ’18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार का तंबाकू उत्पाद बेचना/खरीदना कानूनी अपराध है’ का एक बोर्ड प्रदर्शित होने तथा बिना सचित्र स्वास्थ्य चेतावनी के तंबाकू उत्पाद की बिक्री करने पर अर्थदंड किया गया।

साथ ही सार्वजनिक स्थानों में तंबाकू धूम्रपान करने वालों पर भी 200 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया। प्रावधान का उल्लंघन किए जाने पर 37 उल्लंघनकर्ताओं से 5360 की धनराशि अर्थदण्ड के रूप में वसूली गई।निरीक्षण टीम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी एस जंगपांगी, कोतवाली थाना अध्यक्ष बीबीडी जुयाल, जिला सलाहकार अर्चना उनियाल, मनोवैज्ञानिक डॉ. अनुराधा, रेखा उनियाल, अनुराग तथा थाना कोतवाली की पुलिस टीम उपस्थित रही।

विदेशी पर्यटकों का हॉट फेवरेट स्थल बना गोवा बीच

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ऋषिकेश,रामझूला स्थित गोवा बीच विदेशी पर्यटकों में योगाभ्यास के लिए हॉट फेवरेट स्थल बनकर उभरा है। सांझ ढलने से पूर्व सूर्य की मंद होती रोशनी में यहां रोजाना बड़ी संख्या में सात समुन्दर पार से आए विदेशी योग कलाओं में पारंगत होने के लिए उमड़ रहे हैं।

दिलचस्प बात यह भी है कि एक ओर जहां योग की अंतराष्ट्रीय राजधानी के उपनाम से समूची दुनिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान रखने वाली इस देवभूमि में रहने वाले लोग जहां चुस्त ,दुरुस्त और विभिन्न बीमारियों से बचने के लिए योग को अपनी जीवन शैली में शामिल करने को लेकर कोई खास उत्सुकता नहीं दिखा रहे है। वहीं विभिन्न देशों से यहां आने वाले विदेशी योग के गूढ़ रहस्यों को सीखने, समझने और उसमे पारंगत होने के लिए नियमित रूप से कठिन योगाभ्यास में जुटे हुए हैं। इसकी बानगी यहां के रमणीक स्थल रामझूला के समीप स्थित गोवा बीच पर देखी जा सकती है।

यहां विदेशी सूर्यास्त से पूर्व कुण्डलिनी योग, हठ योग, पावर प्राणायाम, विन्यास योग, एरोमा चिकित्सा, अष्टांग योग, सोमेटिक योग, रेकी, योग निद्रा, सूर्योदय नाद योग एवं लीला योग का अभ्यास करने रोजाना बड़ी तादाद में पहुंचते हैं। वर्षों से यह क्षेत्र प्रेमी युगलों के लिए खूबसूरत वादियों के बीच प्रेम की पीगे बढ़ाने के लिए ऐशगाह साबित होता रहा है। हांलाकि इस क्षेत्र में अब नजारें कुछ बदलने लगे हैं। यहां की शांत वादियों और देश के सबसे खूबसूरत पर्यटक स्थल गोवा जैसे ही नजारों का आकर्षण हर किसी को अपनी ओर खींचने लगा है। जिसके मोहपाश के चलते विदेशी भी लगातार यहां खिंचे चले आ रहे हैं।

दून के छात्रों ने वो कर दिखाया जो बड़ी कंपनियाँ ना कर सकी

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बीटेक मैकेनिकल इंजिनियरिंग के दो छात्र और उनकी टीम ने एक ऐसी तरकीब सोच निकाली है जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पैसों की बचत भी होगी।जी हां, हम बात कर रहे हैं वर्तिक श्रीवास्तवा और अरिज़ फरीदी की, देहरादून के डी.आई.टी कॉलेज से मैकेनिकल इंजिनियरिंग के अरिज़ और वर्तिक ने अपने टीम के साथ एक ऐसा ही आविष्कार किया है जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाऐंगे।

CM Photo

”ज़ीरो एमिशन हाइब्रिड सोलर इलेक्ट्रिक वेहिकल” यानि की एक ऐसी कार जिसके चलने पर धुआं नहीं निकलेगा और यह सौर ऊर्जा और बिजली से चलेगी।इन दोनों युवाओं और इनकी 18 लोगों की टीम जिसका नाम है ”पराक्रम’‘ ने उत्तराखंड के पहले छात्राओं का ग्रुप बनने का सौभाग्य प्राप्त किया है जिन्हे ईएसवीसी (Electric Solar Vehicle Championship) 2018 में भाग लिया जिसे आईएसआईई (ISIE-Imperial Society for Innovative Engineers)  इंडिया ने आयोजित किया था। इस विषय में इन दोनों छात्रों ने राज्य के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात भी की है और सीएम रावत ने इन्हें हर बेहतर मदद मुहैया कराने का आश्वासन भी दिया है।

इसी कड़ी में टीम न्यूजपोस्ट ने बातचीत में पराक्रम ग्रुप के सदस्य अरिज़ फरीदी ने बताया कि, ”हमारी टीम के लोग मिलकर एक ऐसी कार बना रहे हैं जो सोलर एनर्जी यानि की धूप और इलेक्ट्रिकल एनर्जी यानि की बिजली दोनों से चलती है।ऐसी कार बनाने का फैसला हमने बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए किया और ऐसी कार को भारत में बनाने वाले हम पहला ग्रुप होंगे।अरिज़ ने कहा कि, “इसको बनाने का फैसला इस दृष्टि से लिया गया कि भविष्य में हमे ऐसी कार के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं होना पड़े, हम भारतीयों के पास हर काम और हर अविष्कार करने की बुद्धि और ताकत है और हम किसी भी चीज में दूसरे देशों से कम नहीं।”

आपको थोड़ा और संक्षिप्त में बतादें कि ईएसवीसी (ESVC) का मतलब है इलेक्ट्रिक सोलर वेहिकल चैंपियनशीप जिसमें तीन राउंड होते है।

  • प्री वर्चुअल जिसमें पराक्रम ने ऑल इंडिया रैंक 1 से क्वालिफाई किया
  • डिजाइन राउंड भी पराक्रम ने क्वालिफाई कर लिया
  • तीसरे और डायनेमिक राउंड के लिए पराक्रम तैयारियों में जुटा है जो आने वाले मार्च के आखिरी सप्ताह में होने वाला है।

अरिज़ और वर्तिक से हुई बातचीत में इन दोनों ने बताया कि, “हम लोगों को 18 लोगो का ग्रुप है जो इसमें साथ में काम कर रहे हैं, मैनुफेक्चरिंग का काम शुरु हो चुका है और मार्च के पहले सप्ताह में यह काम पूरा हो जाएगा।”

PVC Car design

इस सोलर और इलेक्ट्रिकल कार से होने वाले फायदे के बारे में दोनो ही सदस्य कहते हैं कि:

  • यह एक ऐसे सोर्स से बना है जो कभी खत्म नहीं होने वाला,
  • यह दो तरह के प्रदूषण ध्वनि और वायु प्रदूषण से मुक्त है
  • यह पेट्रोल और डीजल के इस्तेमाल को रोकेगी और बचत करेगी

यह सभी मापदंड यूएसए के टेस्ला मोटर्स ने दिए हैं, इन कारों का भविष्य क्या है लोगों और पर्यावरण को इससे कैसे फायदा पहुंचेगा इसपर अरिज़ कहते हैं कि, ”इसका भविष्य बिल्कुल स्पष्ट और शाइनिंग है, आज जब सभी कंपनियां इलेक्ट्रिक वेहिकल के क्षेत्र में काम कर रही है ऐसे में हमने सबसे एक कदम आगे चलकर इलेक्ट्रिक और सोलर एनर्जी को मिलाकर कुछ बनाया है।जैसा कि सब जानते हैं कि 50 प्रतिशत तेल हमने इस्तेमाल कर लिया है और आने वाले 2050 तक हम बाकी बचा तेल भी इस्तेमाल कर लेगें ऐसे में ऑटोमोबाइल कंपनी के लिए यह सबसे बेहतर विकल्प है।”

इस प्लान के साथ ‘पराक्रम’ टीम आने वाले समय में इंडस्ट्री में अपनी शुरुआत करेगी और रिनिवेबल एनर्जी का इस्तेमाल करेगी जिससे पेट्रोल और डीजल के इस्तेमाल को कम किया जा सके, टीम ‘पराक्रम’ अपने आप को ग्रीन और रिनिवेबल एनर्जी के रुप में उत्तराखंड और पूरे भारत में विकासित करना चाहती है।

‘पराक्रम’ ग्रुप के सभी सदस्यों को टीम न्यूज़पोस्ट इस नई खोज़ के लिए टीम न्यूज़पोस्ट बहुत सारी बधाईयां और मार्च में होने वाले राउंड के लिए ढ़ेर सारी शुभकामनाएं देती है।

”नेशनल एथलेटिक्स फ़ॉर द ब्लाइंड” में दून के खास बच्चों का शानदार प्रदर्शन

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”झुक सकता है आंसमा भी अगर तबियत से पत्थर उछाले कोई”

ऐसा ही कुछ किया है नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विजुवली हैंडीकैफ्ट के छात्रों ने। बीते 13 से 15 जनवरी तक एन.आई.वी .एच की 11 एथलीट्स की टीम नेशनल एथलेटिक्स फ़ॉर द ब्लाइंड में भाग लेने के लिये लुधियाना शहर पहुँचे थे।यहां पर देहरादून के बच्चों का सामना देश के कोने-कोने से आए ब्लाइंड एथलीट्स से हुआ।इस खेल में टी/एफ 11 से टी/एफ 13 की कैटेगरी वाली टीमें आये हुए थी।

3-3 गोल्डमैडल जीतने वाले नागेंद्र और पूनम
3-3 गोल्डमैडल जीतने वाले नागेंद्र और पूनम

एन.आई.वी.एच देहरादून की टीम में 6 लड़के और 5 लड़कियां थी।यह सभी बच्चे कोच नरेश् सिंह नयाल के साथ लागातार ट्रेनिंग करते हैं, खास बात यह है कि इन बच्चों से बात करने में पता चला कि इन्हें ट्रेनिंग के दौरान किसी भी तरह की रियायत नहीं मिलती है। वैसे तो यह चैंपियशीप सभी बच्चों ने जी जान लगा के खेली लेकिन यहाँ पर लड़को में नागेन्द्र ने 3 स्वर्ण जीतकर अपने आगमन की दस्तक दी और लड़कियों वर्ग में पूनम ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण जीते।इतना ही नहीं अपने बेहतरीन प्रदशर्न से टीम ने कुल 23 पदक जीते। जिनमें 13 स्वर्ण ,7 रजत और 3 कांस्य पदक हैं।टीम के मैनेजर बृजलाल ने सभी के शानदार प्रदर्शन को सराहा तथा साथ में गयी अम्बिका नौटियाल ने भी टीम के प्रदर्शन की तारीफ की।

यह पहली बार नहीं हुआ है जब इन बच्चों ने राज्य का नाम उंचा किया है।इससे पहले हुए दिल्ली ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन में नेशनल ब्लाइंड गेम्स में उत्तराखंड ने पॉवरलिफ्टिंग में 2 स्वर्ण पदक और एक रजत पदक हासिल किया था। जिसमें एन.आई.वी.एच के विजय सिंह व विनोद शाह ने अपनी अपनी केटेगरी में स्वर्ण पदक हासिल किया और जयवीर सिंह को रजत पदक प्राप्त हुआ। इन्हीं खेलों में पहली बार महिला कबड्डी को भी शामिल किया गया था और एन आई वी एच से 8 दृष्टिबाधित बालिकाओं ने शिरकत की है।

आपको बतादें कि यह सभी बच्चे मेहनत और अपने आत्मविश्वास से लगातार राज्य  में अलग-अलग क्षेत्रों में मेडल ला रहे हैं।

चारधाम प्रोजेक्ट से जंगलों को नुकसान, एनएचएआई पर 12 लाख का जुर्माना

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एक्टिविस्ट और वन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि सड़क पर बेहिसाब मलबा जमा होने की वजह है पीएम नरेंद्र मोदी का प्रोजेक्ट ऑल वेदर रोड।जी हां 889 किलोमीटर के इस ऑल वेदर रोड परियोजना की वजह से पर्यावरण को बहुत नुकसान हो रहा है। बल्कि वन विभाग ने धमकी का संज्ञान लेते हुए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को एक नोटिस भेजा और पिछले हफ्ते डिर्पाटमेंट पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

पिछले साल प्रधान मंत्री द्वारा घोषित 11,700 करोड़ रुपये की परियोजना में गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के चार हिमालयी मंदिरों को जोड़ने वाली 889 किलोमीटर की सड़कों को ऑल वेदर रोड से जोड़ने की योजना है। परियोजना की समय सीमा मार्च 2019 है।फिलहाल टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग-9 को चौड़ा करने पर काम चल रहा है।

जिला वन अधिकारी विनय भार्गव ने बताया कि, “एनएच-9 निर्माण स्थल पर घाट और पिथौरागढ़ के बीच डंप ज़ोन के अलावा, बहुत से मलबे को जंगलों में फेंक दिया गया हैं। इसके कारण इस क्षेत्र के वनस्पति और वन्य जीवन को बहुत नुकसान हुआ है। डीएफओ ने कहा, “हमने पिछले हफ्ते एनएच अधिकारियों को इस बारे में नोटिस दिया है और 12 लाख रुपये से अधिक जुर्माना लगाया है।”

इस बारे में  एनएच 9 चौड़ा करने वाले परियोजना के कार्यकारी अभियंता एल डी मलेथा ने कहा कि, “राजमार्ग पर बहुत ट्रैफिक है कई बार, निर्माण करने वाले मजदूरों को सड़क खोलने के लिए सीधे नीचे के जंगलों में मलबे को डंप करने की मजबूरी हो जाती है ताकि ट्रैफिक को ज्यादा ना रोके और दोबारा गाड़ियों की आवाजाही शुरू कर सकें। हालांकि, अधिकांश मलबे को केवल नामित साइटों पर ही फेंक जा रहा है। “

उत्तराखंड के सभी थानों में महिला सब-इंस्पेक्टर की होगी तैनाती

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देहरादून। महिला को आगे लाने और सशक्त बनाने में उत्तराखंड राज्य जुटा हुआ है और इसी कड़ी में उत्तराखंड पुलिस विभाग लगातार अपने कदम आगे बढ़ाता दिखाई दे रहा है।महिलाओं को और अधिक सशक्त करने के लिए  उत्तराखंड राज्य के हर थाना-कोतवाली में महिला एसआई की तैनाती की तैयारी की जा रही है, जो मई महीने तक पूरी कर ली जाएगी।

constable

पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था ने कहा कि “कुछ ही महीनों बाद राज्य के सभी थानों में महिला एसआई की तैनाती हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।उन्होंने बताया कि लगभग 156 थाने है और सिविस पुलिस में 1923 महिला और पीएसी में 283 महिलाओं की तैनाती की जाएगी।”

इस दिशा में महिलाओं की भागीदारी पहले से ही शुरू हो चुकी है थी, जिसके तहत प्रदेश के हर थाने में कम से कम चार महिला कर्मचारियों को तैनात किया गया था। लेकिन उसके अलावा अब आगामी जून माह तक उत्तराखंड के हर थाना और कोतवाली में महिला दारोगा को तैनात किया जाएगा।

अभी उत्तराखंड पुलिस विभाग में महिला दारोगा की संख्या करीब 205 है, लेकिन आगामी फरवरी और मई में 75 और नई महिला दारोगा पुलिस विभाग में शामिल होने जा रही हैं। जिसके बाद विभाग में महिला एसआई की कुल संख्या 280 हो जाएगी।

दरअसल राज्य में कानून व्यवस्था को बेहतर और आसान बनाने के लिए महिलाओं की तैनाती का फैसला लिया गया है।

झोली भात की रस्याण खींच लाती नानी के पासःअनुकृति

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हल्द्वानी, नानी के हाथों बनी पहाडी झोली और भात की रस्याण अनुकृति को खींच लाती है, यूं तो अनुकृति राज्य सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’ अभियान को पंख लगाने के लिए प्रदेश भर में प्रेरित कर रही है, लेकिन यहां नानी के हाथों से बने भोजन का लुत्फ लेना बी अनुकृति नहीं भुली, मिस इंडिया ग्रैंड इंटरनेशनल एवं टीवी एंकर अनुकृति गुसाईं ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ; अभियान की शुरुआत देहरादून से करेंगी।

अनुकृति प्रदेश के पिछडे जिलों में जाकर जागरुकता अभियान में हिस्सा ले रही है, वह कुमाऊं के पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में लोगों को बेटियों को शिक्षित बनाने के लिए प्रेरित करेंगी। अनुकृति ने बताया ,कि” मॉडलिंग में कॅरियर बनाने के लिए वह जल्द ही एक ग्रूमिंग सेंटर की शुरुआत करेंगी। साथ ही युवाओं में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेंगी।”

अपने ननिहाल हल्द्वानी के लोहरियासाल मल्ला पहुंची मिस इंडिया उत्तराखंड और मिस ग्रैंड इंटरनेशनल में टॉप टेन में रहने वाली अनुकृति गुसाईं ने अपनी नानी के घर बातचीत में बताया कि वह नानी के हाथों का पहाड़ी झोली-भात खाने आई हैं। मूल रूप से लैंसडाउन निवासी अनुकृति ने बताया कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें उत्तराखंड में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया है। उनका पूरा फोकस अभियान को सफल बनाने पर रहेगा। फरवरी में एक ब्रांड एंबेसडर के रूप में वह देहरादून से अपने अभियान की विधिवत शुरुआत करेंगी।