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ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में पहुंची वोज़्निएकी

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मेलबर्न, डेनमार्क की केरोलाईन वोज़्निएकी ऑस्ट्रेलियन ओपन के महिला एकल वर्ग के फाइनल में पहुंच गई हैं। वोज़्निएकी ने गुरूवार को सेमीफाइनल मुकाबले में बेल्जियम की इलिस मर्टेंस को मात दी।

दूसरी वरीय वोज़्निएकी ने विश्व के 37वें नंबर की मर्टेंस को 6-3 7-6 (7-2) से मात दी। खिताबी मुकाबले में अभ उनका सामना शीर्ष वरीय रोमानिया की सिमोना हालेप और जर्मनी की एंजेलिक केर्बर के बीच होने वाले मुकाबले की मैच की विजेता से होगा। 

बाघों की बढी संख्या वन्य जीव प्रेमियों के लिए शुभ संकेत

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रामनगर, बाघों की सुरक्षा को लेकर चल रहे मंथन में सब कुछ ठिक ठाक ही रहा, बाघों के संरक्षण में पौडी जिले का लैंसडाउन जहां सबसे बेहतर माना गया वहीं कार्बेट में भी बाघों की संख्या बढकर सामने आयी है जो वन्य जीव प्रेमियों के साथ ही वनाधिकारियों के लिए भी शुभ संकेत है। वहीं इस संख्या को और भी बडाने पर जोर दिया गया, दो दिवसीय बैठक में बाघों की सुरक्षा और वन्य जीवों के संरक्षण पर अधिकारियों ने कई प्रस्ताव भी रखे, साथ ही इस दौरान टाइगर रिजर्व के बाहर बाघों के संरक्षण के मामले में उत्तराखंड के पौड़ी जिले का लैंसडौन वन प्रभाग देश में पहले और विश्व में तीसरे स्थान पर है। इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) अब इस वन प्रभाग को फंडिंग भी करने का मन बना रहा है।

देश में बढ़ी बाघों की संख्या से वन्य जीव प्रेमी उत्साहित हैं, कार्बेट नेशनल पार्क के पास में 13 राज्यों के वनाधिकारी जुटे तो बाघ संरक्षण पर गहन मंथन किया गया। दो दिनी बैठक में वक्ताओं ने कहा कि देश में बाघों की बढ़ती तादाद सुखद संकेत है और आगामी गणना में इसमें और इजाफा होना तय है। वर्ष 2014 में देश में बाघों की संख्या 2226 रही जबकि इस साल हो रही गणना में संख्या में उल्लेखनीय इजाफा हो सकता है।

बाघ संरक्षण के मामले में कॉर्बेट नेशनल पार्क की सराहना की गयी,साथ ही पार्कों के बाहर भी बाघों का बेहतर संरक्षण हो रही है इसकी भी प्रसंशा की गयी, वक्ताओं ने बताया कि टाइगर रिजर्व से बाहर उत्तराखंड का लैंसडौन वन प्रभाग एक ऐसा क्षेत्र है, जिसे एनटीसीए ने अभी तक कोई फंडिंग नहीं की। इसके बावजूद प्रभाग बाघ संरक्षण के मामले में देश में पहले और विश्व में तीसरे नंबर पर हैं। इस मौके पर मौजूद प्रदेश के वन मंत्री हरक सिंह रावत ने बाघ संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीव व बाघ संरक्षण के लिए जनसहभागिता का अहम योगदान है।

उत्तराखंड के पंकज की बहादुरी को पीएम मोदी का सलाम

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देहरादून, इस गणतंत्र दिवस एक बार फिर उत्तराखंड ने एक और वीरता पुरस्कार जीत लिया है और यह पुरस्कार मिला है दून के पंकज सेमवाल को जिन्होंने अपनी जान की परवाह ना करते हुए अपनी मांं को खूंखार तेंदूए के पंजे से बचाया। टिहरी के पंकज सेमवाल की बहादुरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छोटी उम्र में तेंदुए से भिड़ने वाले पंकज को असाधारण बालक बताया है। उन्होंने मां की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह न करने के लिए पंकज को ‘दूसरा श्रवण कुमार’ कहा।

गौरतलब है कि 10 जुलाई 2016 की रात पंकज की मां बिमला देवी घर के आंगन में काम कर रही थी। उस समय पंकज, छोटा भाई और बहन भी वहीं मौजूद थे। इस दौरान आंगन में घात लगाए बैठे गुलदार ने मौका देख पंकज की मां पर हमला कर दिया। मां की चीख सुन पंकच वहां दौड़ा चला आया और बिना डरे तेंदुए पर टूट पड़ा। पकंज ने गुलदार का डटकर सामना किया। जिसके बाद तेंदुए बिमला देवी को छोड़कर भाग गया।

प्रधानमंत्री ने पंकज को देश का सर्वोच्च बाल सम्मान “राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार” प्रदान किया। इस दौरान हर कोई उत्तराखंडवासी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा था। प्रधानमंत्री से मुलाकात से एक दिन पूर्व पंकज ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी विशेष भेंट की।

राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चयनित टिहरी के पंकज सेमवाल समेत सभी वीर बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास में मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी ने इन सभी बच्चों से व्यक्तिगत बातचीत की। प्रधानमंत्री को जब पंकज सेमवाल की वीरता का परिचय दिया गया तो वे बेहद प्रभावित हुए।

उत्तराखंड बाल कल्याण परिषद के संयुक्त सचिव केपी भट्ट ने बताया कि, “प्रधानमंत्री मोदी ने पंकज की प्रशंसा करते हुए कहा कि छोटी उम्र में गुलदार से भिड़ने का मजबूत हौसला असाधारण है।उन्होंने कहा कि अपनी मां व भाई-बहन को बचाने के लिए पंकज ने अपने प्राणों की चिंता नहीं की। यह सभी बच्चों के लिए मातृभक्ति की मिसाल बनेगा।” 

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंकज समेत सभी वीर बच्चों को राष्ट्रीय वीरता मेडल पहनाया और 20 हजार रूपये का चैक व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अब 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर होने वाली परेड में सभी वीर बच्चों को शामिल होने का मौका मिलेगा।

पंकज समेत सभी वीर बच्चों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से राष्ट्रपति भवन में भी विशेष भेंट की थी। वहीं, इससे पूर्व दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, थलसेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत समेत कई अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों से मुलाकात कर चुके हैं।

मसूरी के “अंगार” लौटायेंगे शहर को उसकी खोई रौनक

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मसूरी, पिछले कई सालों में बेतरतीब निर्माण और अनदेखे पर्यटन के चलते मसूरी के हालात बद से बदत्तर हो गयी हैं। सरकारी उदासीनता झेलती पहाड़ों की इस रानी को बचाने के लिये अब शहर के ही बाशिंदों ने कमर कस ली है। मसूरी के रहने वाले सुधांशु रावत ने एक ग्रुप बनाया है जिसमें मसूरी के बारे में बेहतर सोच औऱ एक्शन लेने वाले लोगों को जोड़ा गया है। ‘अंगार’ नाम के इस ग्रुप में अब तक शहर के करीब 450 लोग जुड़ चुके हैं। इस ग्रुप का मकसद है शहर को बेहतर बनाने के लिये एक थिंक-टैंक के साथ साथ काम करने वालों को जोङना।

सुधांशू बताते हैं कि, “सालों से हम मसूरी के सुनहरे दिनों की कहानियां सुनते आ रहे हैं औऱ देख रहे हैं किस तरह शहर की हालात खराब हो रही हैं। इस ग्रुप के सदस्य अपने-अपने टैलेंट औऱ संसाधनों का इस्तेमाल कर मसूरी को उसकी खोई शान दिलाने का प्रयास करेंगे।” 

‘अंगार ग्रुप’ का मंत्र कहता है “नो पोलिटिक्स जस्ट वर्क,” इस ग्रुप से जुड़े लोगों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। इस ग्रुप में कोई लीडर नही है बल्कि सभी एक मकसद के लिये, एक समान काम करते हैं। इस ग्रुप में लगातार हो रहे काम के चलते कई नये आइडिया सामने आ रहे है।

कुछ दिन पहले ही ग्रुप के सदस्य मारतंड सैली ने मसूरी के एक होटल के बोर्ड पर ध्यान दिलाया। इस बोर्ड पर लगे कई एलईडी वाहन चालकों के लिये खतरनाक साबित हो सकते थे। ग्रुप ने होटल प्रबंधन से मुलाकात की और इस बात को उनके सामने रखा। होटल प्रबंधन ने बात की गंभीरता को देखते हुए बोर्ड पर एलईडी की संख्या कम करने का आश्वासन दिया।

भले ही ये एक छोटा कदम हो लेकिन इस ग्रुप से जुड़े लोगों का मानना है कि बूंद-बूंद से ही सागर बनता है। मसूरी को अपने पुराना और शानदार रूप में देखने की चाह रखने वाले लोगों को आशा है कि ‘अंगार’ जल्द ही जंगल की आग की तरह फैलेगी और पहाड़ों की इस रानी को अपनी खोई शान दिलाने में कामयाब होगी।

गणतंत्र दिवस पर आजाद हुए राज्य की जेल से 8 उम्रदराज़ कैदी

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जब पूरा भारत देश 26 जनवरी मना रहा है जगह-जगह देखभक्ति गाने चल रहे हैं वहीं सच में यह दिन कुछ लोगों के लिए किसी आज़ादी से कम नहीं है। आज जब उत्तराखंड राज्य भी  गणतंत्र दिवस के जश्न में डूबा हुआ है उससे पहले कुछ ऐसा हुआ जो वाकई में रौंगटे खड़े कर देने वाला है।राज्य की विभिन्न जेलों में बंद 8 उम्रदराज बंदियों को आजादी का पैगाम सुनाया जाएगा।

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बंदियों को रिहा होने का आदेश सूबे के राज्यपाल के.के पॉल ने दिया है। जिन बंदियों को जेल की दीवारों से बाहर निकलने का मौका मिलेगा उनमें एक महिला कैदी भी शामिल है।

रिहा होने वाले कैदियो में सिर्फ महिला कैदी ही पचास साल की उम्र की है बाकी सभी कैदी पचास साल से ऊपर से हैं।

गुरुग्राम की घटना पर जवाब दें पीएम : कांग्रेस

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नई दिल्ली, कांग्रेस ने गुरुवार को गुरुग्राम में स्कूली छात्रों की बस पर हुए हमले को दुखद और शर्मनाक करार देते हुए इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जवाब देने की मांग की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि खट्टर सरकार राज्य में कानून व्यवस्था के मसले पर पूरी तरह विफल रही है।

उल्लेखनीय है कि बुधवार को फ़िल्म ‘पद्मावत’ के विरोध प्रदर्शन के दौरान गुरुग्राम में एक स्कूली बस पर कथित करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने पत्थर बरसाए थे। इसी सिलसिले में कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने पार्टी मुख्यालय पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि, “कानून व्यवस्था के मामले में मनोहर लाल खट्टर सरकार बार-बार फेल हुई| जाट आंदोलन का वक़्त हो, राम रहीम का मामला हो या पद्मावत के नाम पर बच्चों की बस पर हमला अथवा हाल में हुई रेप की वारदातें। एकतरफ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का मंत्रालय फिल्म रिलीज करने की अनुमति देता है, फिर भाजपा की राज्य सरकारें इसका विरोध करती हैं| यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद इतनी बड़ी घटना हो गई।’

चतुर्वेदी ने कहा, ”इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुप्पी तोड़कर जवाब देना चाहिए| यह घटना देश को शर्मसार करने वाली है| हरियाणा में महिलाएं इतनी असुरक्षित हैं कि सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है| कानून व्यवस्था के फेल होने के चलते दुष्कर्म की राजधानी बन चुका है हरियाणा| महिलाओं के आत्मसम्मान को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर बिल्कुल गम्भीर नहीं हैं।”

उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार विरोध प्रदर्शन करना गलत नहीं है। लेकिन, विरोध हिंसा की इजाजत नहीं देता है। प्रधानमंत्री को इस मसले पर देश को जवाब देना चाहिए।

पद्मावत पर हिंसा से निपटने में नाकाम रहने पर चार राज्यों के खिलाफ 29 को सुनवाई

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सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, फिल्म ‘पद्मावत’ के विरोध के नाम पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ रहे लोगों से निपटने में नाकाम रहने पर सुप्रीम कोर्ट में दो अवमानना याचिकाएं दायर की गई हैं, जिन पर सुनवाई के लिए कोर्ट तैयार हो गया है। एक याचिका कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने दायर की है जबकि दूसरी याचिका मुंबई के वकील विनीत ढांडा ने दायर की है। सुप्रीम कोर्ट दोनों याचिकाओं पर 29 जनवरी को सुनवाई करेगा ।

तहसीन पूनावाला ने चार राज्य सरकारों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस चलाने की मांग करने वाली याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और गुजरात में लगातार हिंसा की घटनाएं हो रही हैं । राज्य सरकारें पूरी तरह इन घटनाओं को रोकने में नाकाम रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कानून-व्यवस्था राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है । पूनावाला ने अपनी याचिका में मांग की है कि इन राज्यों के मुख्य सचिव और डीजीपी को कोर्ट में तलब किया जाए।

दूसरी याचिका मुंबई के वकील विनीत ढांडा की ओर दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि फिल्म को सुप्रीम कोर्ट ने रिलीज करने को हरी झंडी देने के बावजूद हिंसा हो रही है। ढांडा ने करणी सेना के तीन नेताओं- सूरजपाल, कर्ण सिंह और लोकेंद्र सिंह कालवी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना का मामला चलाने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट अपने पहले के आदेश में राज्यों को कानून-व्यवस्था अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म को रोकने की मध्य प्रदेश , राजस्थान और करणी सेना की याचिका को भी खारिज कर दिया था । कोर्ट ने कहा था कि कुछ संगठनों की धमकी पर हम सुनवाई नहीं कर सकते हैं।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर निकाली गई जागरुकता रैली

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गोपेश्वर, राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर स्कूली बच्चों के साथ ही अधिकारियों ने गोपेश्वर मुख्य बाजार से जीआईसी गोपेश्वर तक जागरुकता रैली निकाली। जीआईसी में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मतदान के बारे में जागरूक करते हुए चयनित युवा मतदाताओं को जिलाधिकारी ने वोटर कार्ड वितरित किये।

क्लेक्ट्रेट परिसर तथा जीजीआईसी में जिलाधिकारी चमोली आशीष जोशी ने लोकतांत्रिक मतदान में सहभागिता के प्रोत्साहनार्थ सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शपथ दिलायी। तहसील कार्यालयों और विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्येक मतदेय स्थलों, शिक्षण संस्थानों में भी 8वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस को भव्य रूप से मनाकर लोगों को मतदान के प्रति जागरूक किया गया।

नोडल अधिकारी स्वीप डॉ एमएस सजवाण तथा सहायक नोडल अधिकारी योगेश धसमाना ने बताया कि, “दिव्यांग मतदाताओं को सुगम निर्वाचन सेवाएं उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम ‘सुगम निर्वाचन‘ रखी गयी है।” बताया कि मतदाता सूची में इस वर्ष बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र से 226 पुरुष व 186 महिला, कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से 76 पुरुष व 168 महिला तथा थराली विधानसभा क्षेत्र से 145 पुरुष व 140 महिला मतदाता सहित कुल 941 मतदाताओं के नाम शामिल हुए है।

इस प्रकार नये मतदाताओं को शामिल करते हुए जिले में विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ से अब 51,856 पुरुष, 48,078 महिला कुल 99,934, थराली विधानसभा क्षेत्र में 50,949 पुरुष व 48,237 महिला कुल 99,186 तथा कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में 46,128 पुरुष व 45,599 महिला कुल 91,727 मतदाता निर्वाचन सूची में शामिल हो गये है। 

कार्बेट में तीन हथिनी रिटायर्ड और दो का नामकरण संस्कार

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रामनगर- कार्बेट में कार्यरत तीन मादा हाथियों की विदाई सभी को रुला देने वाली थी, माहौल एसा था मानो कोई आम आदमी का रिटायरमेंट हो रहा हो, और जलसा एसा कि सभी देख कर दंग थे, क्योकि तीन मादा हाथियों की विदाई के साथ ही दो नये हाथी के बच्चों का नामकरण संस्कार भी इसी मौके पर किया गया, और वो भी सूबे के वन मंत्री और कार्बेट के अधिकारियों के समक्ष।

गौरतलब है कि कॉर्बेट पार्क में सेवा करने वाली लक्ष्मा, सोनकली व पवनपुरी नाम की तीन मादा हाथी की सेवानिवृत्ति का माहौल देख सभी दंग थे. लोग भावुक होकर विदाई समारोह को देख रहे थे वहीं दुसरी ओर जश्न भी था दो हाथियों के बच्चों के नामकरण का, जिसे देखने को लोग उमड पडे थे,वन मंत्री हरक सिंह रावत व वरिष्ठ वनाधिकारियों की मौजूदगी में तीनों मादा हाथियों को भावभीनी विदाई दी गई।

आयोजन कार्बेट के धनगढ़ी गेट पर किया गया जहां पहली बार एसा देखने को मिला कि हाथियों की विदाई और नामकरण संस्कार का उत्सव एक साथ। इस अवसर पर साक्षी बने खुद वन मंत्री रावत ने कहा कि, “प्रदेश में पहला मामला है जहां हाथियों को भी 65 साल की उम्र में सेवा से मुक्त कर सम्मानजनक विदाई दी गई है। इतना ही नहीं राजाजी टाइगर रिजर्व में दो हाथियों के बच्चों का नामकरण संस्कार भी किया गया।” 

बेहतर सेवाओं के लिए राष्ट्रपति से सम्मानित होंगे उत्तराखंड पुलिस के जवान

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भारत के राष्ट्रपति द्वारा गणतन्त्र दिवस-2018 के अवसर उत्तराखण्ड पुलिस के निम्नलिखित अधिकारियों/कर्मचारियों को विशिष्ट सेवाओं के लिए “राष्ट्रपति का पुलिस पदक” एवं सराहनीय सेवाओं के लिए “पुलिस पदक”  से सम्मानित किये जाने की घोषणा की गई हैः-

विशिष्ट सेवा के लिए “राष्ट्रपति का पुलिस पदक”  (President’s Police Medal for Distinguished Service)

  •  बसन्ती लाल मधवाल, पुलिस उपाधीक्षक, जनपद ऊधमसिंहनगर।
  • सराहनीय सेवा के लिए “पुलिस पदक” (Police Medal for Meritorious Service)
  • कान्ति बल्लभ पाण्डे, सहायक सेनानायक,46वीं वाहिनी पीएसी,रुद्रपुर।
  • गोपाल सिंह दसौनी, निरीक्षक नागरिक पुलिस, पुलिस मुख्यालय देहरादून।
  • सुन्दर सिंह प्लाटून कमाण्डर विशेष श्रेणी 2026, 46वीं वाहिनी पीएसी, रुद्रपुर।
  • महेश कुमार जोशी, उ0नि0 विशेष श्रेणी ना0पु0 पुलिस मुख्यालय देहरादून।
  • चन्द्रपाल, हेड कान्स0 2059, 46वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर।