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ऊंचाई क्षेत्रों में बर्फबारी, राज्य में बढ़ा ठंड का पारा

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समूचा उत्तराखंड शीतलहर की चपेट में हैं। शनिवार को चटख धूप के बावजूद बर्फीली हवा लोगों को बेचैन किए रही है। हालांकि उच्च हिमालय में बर्फबारी का दौर जारी रहा। दोपहर बाद केदारनाथ में हिमपात शुरू हो गया और बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में बादल छाए हुए हैं। यहां भी हिमपात के आसार बन रहे हैं। दूसरी ओर, मैदानी क्षेत्रों में कोहरे के कारण आवाजाही पर असर पड़ा। देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक अगले 48 घंटों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन मैदानी क्षेत्रों में कोहरे का असर बरकरार रहने के आसार हैं।

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पहाड़ी इलाकों में आंशिक रूप से बादलों की मौजूदगी रही, लेकिन ज्यादातर इलाकों में चटख धूप खिली रही। पिछले दिनों हुए हिमपात के बाद प्रदेश में ठिुठरन बनी हुई है। शनिवार को नैनीताल जिले को मुक्तेश्वर सबसे ठंडा रहा।

यहां न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे रहा, जबकि मसूरी में यह एक डिग्री सेल्सियस के करीब रहा। देहरादून में भी न्यूनतम तापमान औसत से एक डिग्री कम रहा। देहरादून में न्यूनतम तापमान 6.5 और अधिकतम 20.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

जंगल बचाने के लिए एकजुट हुए ग्रामीण, खेत देने को तैयार जंगल नहीं

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उत्तरकाशी जिले में डांग गांव के लोगों ने एक बार फिर ऐतिहासिक चिपको आंदोलन की याद ताजा कर दी है। पोखरी गांव के लिए मोटर मार्ग कासमरेखण बदलने की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि मोटग मार्ग के लिए जंगल के बजाय उनके खेतों से सड़क निकाली जाए। इससे जंगल सुरक्षित रहेगा।आपकों बतादें कि गांव की महिलाओं ने पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर जंगल बचाने का अपना संकल्प जाहिर किया।

जिला मुख्यालय के निकट स्थित पोखरी गांव के लिए डांग गांव के ऊपर जंगल से पोखरी के लिए मोटर मार्ग का सर्वे हुआ है। डांग गांव के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क बनने से डांग गांव का पूरा जंगल खत्म हो जाएगा और ऐसा वे किसी भी सूरत में नहीं होने देंगे। आंदोलन में शामिल रक्षा सूत्र आंदोलन के संयोजक सुरेश भाई ने कहा कि ”आज जीवन देने वाले जंगलों को बचाने के लिए बहुत कम लोग सामने आ रहे हैं। ऐसे दौर में सड़क की कमी से जूझन के बावजूद डांग गांव के ग्रामीणों का जंगल बचाने के लिए आगे आना प्रेरणादायी है।उन्होने कहा कि वे किसी गांव के लिए सड़क का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन जब पेड़ों को काटे बिना भी सड़क बन सकती है तब भी जंगल की बलि चढ़ाई जा रही है।”गांव वाले अपने खेत देने को तैयार है लेकिन जंगल को काट कर सड़क बनाने का सभी गांव वाले विरोध कर रहेय़ 

जंगल बचाने को बने ग्रीन चिपको सत्याग्रह आंदोलन के संयोजक अभिषेक जगूड़ी ने कहा कि पोखरी गांव की सड़क के लिए डांग के लोग अपने खेत देने को तैयार हैं। लेकिन, जंगल वे किसी सूरत में नहीं देंगे। इस मौके पर ग्राम प्रधान रजनी नाथ, डॉ. नागेंद्र जगूड़ी, कुसुम गुसाईं समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।

नियो विजन फाउन्डेशन ने किया ”स्कूल चले हम” कार्यक्रम का आयोजन

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देहरादून। सोमवार को नियो विज़न फाउन्डेशन द्वारा ” स्कूल चले हम” प्रोग्राम का आयोजन शिवाजी धर्मशाला देहरादून में किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में पहले मुख्य अतिथि के रूप में विधायक एवं मेयर विनोद चमोली का संस्था के सदस्यों ने स्वागत किया। इसी कड़ी में विशिष्ट अतिथि डॉ आर बी एस रावत, मैती आंदोलन प्रमुख कल्याण सिंह रावत, चन्दन सिंह नेगी , डॉ मुकुल शर्मा का संस्था ने स्वागत किया। संस्था के आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के बच्चों ने स्वागत गीत की प्रस्तुति से किया। साथ ही साथ बच्चों ने खेल प्रतियोगिता में भी भाग लिए जिनमे म्यूजिक चेयर,नीबू चम्मच , आत्मरक्षा आदि थे। आयोजित प्रतियोगिता के विजयी रहे बच्चों को मुख्य अतिथि विनोद चमोली द्वारा पुरस्कृत किया गया | विनोद चमोली ने कहा की प्रत्येक बच्चों के लिए शिक्षा अति आवश्यक है साथ ही बच्चों को सन्देश भी दिए जब पढोगे तभी बढ़ोगे।

वहीं कार्यक्रम को सम्बोधित करते है हुए विशिष्ट अतिथि डॉ आर बी एस रावत जी ने कहा कि समाज और देश की तरक्की बच्चो के शिक्षित होने से ही होती है।वही कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए कल्याण सिंह रावत जी ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करने के साथ साथ उनको समाज के प्रति जिम्मेदारियों का भी ज्ञान कराना चाहिए जिससे पढ़ाई के साथ साथ सामाजिक ज्ञान के प्रति प्रेन्नास्रोत बन सके।

कार्यक्रम के अंत मे नियो विज़न फाउंडेशन के अध्यक्ष गजेंद्र रमोला जी आये हुए समस्त लोगो के प्रति धन्यवाद व्यक्त किये। कार्यक्रम में डॉ आर बी एस रावत, मैती आंदोलन प्रमुख कल्याण सिंह रावत, नियो विज़न फाउंडेशन के अध्यक्ष गजेंद्र रमोला, चन्दन सिंह रावत, समाज सेवी डॉ मुकुल शर्मा ,समाज सेवीका अनामिका , समाजसेवी अरुण कुमार यादव,रोहित नौटियाल, साक्षी, विजेंद्र , मंजू , रेखा, मीना आदि लोग उपस्थित थे

चौथी बार छत्तीसगढ़ की झांकी को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

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नई दिल्ली, केन्द्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन नेराष्ट्रीय रंगशाला शिविर में आयोजित एक समारोह में छत्तीसगढ़ की झांकी को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया। यह चौथा मौका है जब राज्य की झांकी को राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान मिला है। 69वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर निकली छत्तीसगढ़ की यह झांकी रामगढ़ की प्राचीन नाट्यशाला पर आधारित थी।

जनसंपर्क विभाग की ओर से अपर संचालक उमेश मिश्रा और संयुक्त संचालक धनंजय राठौर ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। पुरस्कार प्रदान करते समय केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने छत्तीसगढ़ के कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने इस उपलब्धि के लिए राज्य की जनता का बधाई दी है।

जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव और संचालक राजेश टोप्पो ने बताया कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव की बात है कि राज्य की समृद्ध प्राचीन संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवपूर्ण स्थान मिला। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और आसियान देशों राष्ट्राध्यक्षों के समक्ष छत्तीसगढ़ की झांकी को प्रदर्शन का अवसर प्राप्त हुआ। किसी भी राज्य की झांकी को राजपथ पर प्रतिनिधित्व मिलना ही गौरव की बात होती है। पुरस्कार मिलने से यह खुशी दोगुनी हो गयी। उन्होंने बताया कि यह चौथी बार है जब राज्य की झांकी को राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान मिला है। इसके पहले वर्ष 2006, 2010 और 2013 में भी राज्य की झांकी को यह सम्मान मिला था।

राजेश टोप्पो ने बताया कि जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने पिछले छह माह से इसके लिए अथक परिश्रम किया था। झांकी के साथ इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने झांकी की विषय वस्तु प्रसिद्ध कवि कालिदास की विश्वविख्यात रचना मेघदूतम को जिसे उन्होंने रामगढ़ की पहाडि़यों में बनी इस नाट्यशाला में ही मूर्तरूप प्रदान किया था, अपने संगीत और नृत्य के माध्यम सजीव रूप प्रदान किया।

फेडरर ने जीता ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब

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मेलबर्न, स्विट्ज़रलैण्ड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर ने ऑस्ट्रेलियन ओपन के पुरूष एकल वर्ग का खिताब जीत लिया है। फेडरर ने खिताबी मुकाबले में क्रोएशिया के मारिन सिलिक को मात दी।

फेडरर ने सिलिक को तीन घंटे तीन मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में 6-2 6-7(5) 6-3 3-6 6-1 से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया। फेडरर का यह 20वां ग्रैंड स्लैम खिताब है। इसके साथ ही फेडरर मार्गरेट कोर्ट, सेरेना विलियम्स और स्टेफी ग्राफ की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने 20 या इससे अधिक मेजर खिताब जीते। उल्लेखनीय है कि रोजर फेडरर विश्व के पहले पुरुष खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 20 ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं।

इसके अलावा फेडरर ने अपना 30वां ग्रैंड स्लैम फाइनल खेला। इसके साथ ही वह नोवाक जोकोविच और ऑस्ट्रेलियाई महान रॉय इमरसन के साथ सबसे अधिक ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष खिताबी मुकाबला खेलने वाले खिलाड़ी बन गए।

दून में क्रांग्रेस की बाइक रैली के कारण कुछ रुट होंगें डायवर्ट

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देहरादून में सोमवार को क्रांगेस प्रदेश कमेटी देहरादून के 1000 बाईक रैली का आयोजन किया जाएगा।इसके चलते शहर के कुछ रास्तों पर डायवर्ट किया जाएगा।कुछ इस तरह होगा शहर के लिए डायवर्ट प्लान :-

बाईक रैली का रूट -:-

  • ओल्ड राजपुर रोड – डायवर्जन – गे्रटवैल्यू – दिलाराम चौक – यूकेलिप्टस – ग्लोब चौक – ओरियन्ट चौक – कनक चौक – रोजगार तिराहा – सीजेएम तिराहा – लैन्सडाउन चौक – दर्शनलाल चौक – तहसील चौक – प्रिन्स चौक – रेलवे गेट – सहारनपुर चौक – निरजनपुर मण्डी – शिमला बाई पास चौक – सेन्ट ज्यूड चौक – जीएमएस – चौधरी फार्म हाउस

सोमवार कोसुबह 10 बजे से 12 बजे तक क्रांगेस प्रदेश कमेटी देहरादून प्रार्थना पत्र महगांई, जीएसटी, नोटबन्दी, बेरोजगारी के सम्बन्ध में एक मोटर साईकिल रैली आयेाजित होना सुनिश्चित हुई है, जिसमें लगभग 1000 मोटरसाईकिलें रहेंगी। यातायात का दबाब अधिक होने पर डायवर्ट प्लान निम्न प्रकार से है-

  • ओल्ड राजपुर रोड से ग्रेट वैल्यू से दिलाराम पर रैली का अगला हिस्सा आने पर हाथीबढकला कैंट से कोई भी वाहन यूकेलिप्टस की ओर नहीं जायेगा।
  • रैली का अगला हिस्सा यूकेलिप्टस पंहुचने पर बेनी बाजार से आने वाले वाहनो को रोक दिया जायेगा। रैली का पिछला हिस्सा यूकेलिप्टस पार होने पर दिलाराम से कैन्ट की ओर से आने वाला यातायात को सामान्य कर दिया जायेगा। तथा यूके लिप्टस में बैरीयर लगाकर दिलाराम से आने वाले सम्पूर्ण यातायात को बेनी बाजार की ओर डायवर्ट कर दिया जायेगा।
  • रैली का अगला हिस्सा ओरियन्ट चौक पहुचने पर घण्टाघर से आने वाले यातायात को कनक चौक की ओर न भेजकर ग्लोब चौक की ओर भेजा जायेगा तथा साथ ही सर्वे चौक से कोई भी यातायात रोजगार तिराहा, बुद्धा चौक से लैन्सडाउन चौक तथा दर्शन लाल चौक से कोई भी वाहन लैन्सडाउन चौक की ओर नहीं भेजा जायेगा।
  • रैली का पिछला हिस्सा ओरियन्ट चौक पार होने पर यूके लिप्टस से यातायात को सामान्य कर दिया जायेगा व रैली का पिछला हिस्सा लैन्सडाउन चौक पार करने पर ओरियन्ट चौक सर्वे चैक, तथा बुद्धा चौक से यातायात को सामान्य कर दिया जायेगा।
  • रैली का अगला हिस्सा दर्शनलाल चौक पहुंचने से पहले घण्टाघर, तहसील चौक तथा बुद्धा चौक से यातायात को डायवर्ट कर दिया जायेगा। कोई भी वाहन दर्शन लाल चौक को नहीं आयेगा। रैली का पिछला हिस्सा दर्शनलाल चौक पास करने पर बुद्धा चौक घण्टाघर से सामान्य कर दिया जायेगा। रैली का पिछला हिस्सा तहसील चौक पास करने पर दून चौक और तहसील चौक से यातायात को सामान्य कर दिया जायेगा।
  • रैली का अगला हिस्सा प्रिन्स चौक पहुंचने से पहले सीएमआई से यातायात को डायवर्ट कर एमकेपी चौक की ओर भेजा जायेगा। रैली का पिछला हिस्सा प्रिन्स चौक पास करने पर सीएमआई से यातायात को सामान्य कर दिया जायेगा।
  • रैली का अगला हिस्सा रेलवे गेट पहुंचने से पहले सहारनपुर चौक से आने वाले यातायात को रेलवे इन गेट की ओर भेज कर प्रिन्स चौक की ओर भेजा जायेगा। रैली का पिछला हिस्सा रेलवे आउट गेट पास होने पर यातायात को सामान्य कर दिया जायेगा।

आपको बतादें कि मोटर साईकिल रैली हर डायवर्ट वाले स्थान/मुख्य चैराहो व तिराहों को 05 मिनट में पास करेगी।पूरी रैली शुरू होने से अन्त तक का समय 2 घन्टे में रहेगा।

डब्ल्यूआईसी दे रहा है देहरादून को अलग सांस्कृतिक पहचान

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(देहरादून) वल्र्ड इंटेग्रीटी सेंटर इंडिया (डब्ल्यूआईसी), पिछले कई सालों से उत्तराखंड और खासतौर पर देहरादून की पहचान बनता जा रहा है। यह न केवल संस्कृति व सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दे रहा है बल्कि यह विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों को एक ऐसा मंच भी प्रदान कर रहा है जहां कलाकार अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करते हैं। समय-समय पर यहां सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय व राष्ट्रीय स्तर पर कलाकारों का आमंत्रित कर उन्हें मंच प्रदान किया जाता है।

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डब्ल्यूआईसी इंडिया की प्रेजीडेंट नाज़िया युसूफ इजु़द्दीन व मैनेजिंग डायरेक्टर सचिन उपध्याय ने बातचीत के दौरान कहा कि, “डब्ल्यूआईसी इंडिया समय-समय पर सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से दूनवासियों को रूबरू करवाता है। डब्ल्यूआईसी इंडिया का मुख्य उद्देश्य देहरादून को सामाजिक, सांस्कृतिक क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाना है। इसके अलावा युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक करना भी है।”

पिछले कई वर्षों से डब्ल्यूआईसी इंडिया ने देहरादून में स्थानीय, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साहित्य से जुड़े कई हस्तियों को उत्तराखंड व देहरादून से रूबरू करवाया है। जिसमे स्मृति, पंडित विदुर मल्लिक संगीत समारोह, देहरादून कम्युनिटी लिट्रेचर फेस्टिवल, डब्ल्यूआईसी टाॅक्स, बुक रीडिंग सत्र, बुक लांच, बुक फेस्टिवल, म्यूज़िकल एन्चाइंटेड नाइट, रूहानियत आदि कार्यक्रम डब्ल्यूआईसी के मुख्य कार्यक्रमों में शामिल है। इसके अलावा डब्ल्यूआईसी में कई व्यवसायिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं।

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डब्ल्यूआईसी इंडिया एक ऐसा हब बन गया है, जो भारतीय संस्कृति, सभ्यता व साहित्यिक विरासत को न सिर्फ बढ़ावा देता है, बल्कि इसके प्रति लोगों को जागरूक भी करता है। हर उम्र के लोगों के लिए यहां समय-समय पर, सांस्कृतिक, साहित्यिक, मनोरंजक, खेल-कूद, व अन्य कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं जिससे साल दर साल डब्ल्यूआईसी इंडिया की मानयता

देहरादून के बीचो बीच किसानों की पहचान बन गया है KiWi स्टोर

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देहरादून की व्यस्त ईसी रोड पर अचानक ही एक पेट्रोल पंप पर बनी एक दुकान पर आपकी नज़रें टिक जायेंगी। सकड़ी के पैनलों से बनी इस दुकान पर बड़ बड़े अक्षरों में ंग्रेज़ी में “KiWi” लिखा है। अपनी तरह के इस पहले आुटलेट को अकटूबर 2017  में शुरू किया गया है औऱ सेहतमंद खाने के शौकीन लोगों की यह पसंदीदा जगह बन गई है।इस दुकान का नाम ही इसके मकसद को बताता है। Ki = Kisan/किसान ; Wi = Window/ मौका।

KiWi 29 साल के अबिनव आहलूवालिया के दिमाग की उपज है। अभिनव ने अपने जीवन का ज्यादा हिस्सा देहरादून में ही बिताया है। वो 12-15 लोगों की टीम के साथ इस कंसेंप्ट के ज़रिये सेहतमंद ऑर्गेनिक खाने और किसानों को प्रमोट करने में लगे रहते हैं। अभिनव बताते हैं कि “किवी में हम किसानों को देश की रीढ़ की हड्डी मानते हैं।औऱ इसलिये हम सीधा किसानों से जुड़कर काम करते हैं और उन्हें ऑर्गेनिक खेती करने के लिये प्रोत्साहित करते हैं।” 

दरअसल ये स्टोर कोशिश है किसानों को ऑर्गेनिक खेती के लिये प्रोत्साहित करने के लिये । इसके लिये ये ज़रूरी है कि किसानों को उनकी फसल के सही दाम मिले। किवी यही काम करने में लगा है। इसके साथ साथ किसानों को खेती के नये और आसान तरीकों की जानकारी, नई तकनीक की जानकारी और ज्यादा डिमांड में होने वाले उत्पादों के बारे में भी अभिनव और उनकी टीम किसानों की मदद करती है। इस स्टोर पर उपभोक्ताओं के लिये फल, सब्जी, मसाले, चाये, शहद, दूध आदि मिलता है। ये सभी उत्पाद आईएसओ 2200 और आईएसओ 9001 सर्टिफाइड फैक्टर्री में ईको फ्रेंडली पेपर से बनी पैकिंग मटिरियल में पैक होती है। अभिनव बतात ेहैं कि “हमारी कंपनी और उत्पाद भारतीय, य़ूएस और युरोपियन ऑर्गेनिक उत्पाद मानकों पर सर्टिफाइड हैं।हमारे यहां ग्राहकों को सीधे किसानों तक जोड़ने पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।”

अभिनव ने भुबनेश्वर के स्कूल ऑफ रूरल मैनेजमेंट से एमबीए किया है और इस क्षेत्र में उन्हे खासा अनुभव हासिल है। ये सारा अनुभव इस स्टोर को बनाने में अभिनव के काम आया। अभिनव का मूल मंत्र है “जैसा होगा अन्न वैसा होगा मन”।

kiwi“देहरादून के लोगों ने हमारे पहले कंसेप्ट स्टोर को खासा पसंद किया है और अब ऐसे और स्टोर शहर में और देश में कोलने की मांग भी हमारे पाल लगातार आ रही है। लोग हमारे उत्पादों से काफी शुश हैं।” 

जर्मना में हुए अंतर्राष्ट्रीय ऑरेगनिक फूड सम्मेलन में हिस्सा लेने का बाद अब किवी अपने उत्पादों को देशभर में ले जाने की तैयारी कर रहा है।

कुहू गर्ग ने आइसलैंड इंटरनेशनल टूर्नामेंट जीतकर किया साल का शानदार आग़ाज़

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25 से 28 जनवरी तक चलने वाले बी.डब्लू.ऍफ़ आइसलैंड इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट 2018 में कुहू गर्ग ने फाईनल मैच में जीत दर्ज कर ली है।कुहू ने फाईनल 16-21,21_19 & 21-18 से जीत कर गोल्ड मैडल अपने नाम किया।वहीं बोधित ने 17-21& 15-21 से फाईनल में सिल्वर मैडल अपने नाम किया।

कुहू व बोधित जोशी ने शानदार खेल का प्रदर्शन कर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए आइसलैंड इंटरनेशनल में फाइनल में प्रवेश कर लिया था।

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मिश्रित युगल में कुहू ने रोहन कपूर के साथ खेलते हुए सेमी फाइनल मै स्पेन की जोड़ी जविएर व एलीना को आसानी से 21-14 व 21-13 से हराकर फाइनल में स्थान बना लिया था।आपको बतादें कि कुहू ने पिछले हफ्ते स्वीडिश ओपन में भी कांस्य पदक प्राप्त किया था। क्वार्टर फाइनल में कुहू की जोड़ी ने लुतानिया के मार्क व व्य्लाते फोमिकिनाते की जोड़ी को भी आसानी से 21-14 व 21-13 से हराया था। फाइनल में कुहू और बोधित की जोड़ी का डेनमार्क के क्रिस्टोफ़र कुन्द्सें व इसाबेल्ला की जोड़ी से सामना हुआ।

बोधित जोशी ने पुरुष एकल के सेमी फाइनल में डेनमार्क के रेस्मुस को 22-24, 25-23 व 21-17 से हराकर फाइनल मै प्रवेश किया है।क्वार्टर फाइनल में बोधित जोशी ने स्लोवाकिया के मिलन द्रत्वा को बड़ी आसानी से 21-12 व 21-5 से हराया था। फाइनल में बोधित की टक्कर इंग्लैंड के सैम पारसंस से हुई।

कुहू और बोधित जोशी के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उत्तराखंड बैडमिंटन का नाम एक बार फिर ऊंचा हुआ है। वहीं कुहू गर्ग के लिए यह साल 2018 के लिए एक शानदार आगाज़ है।

डब्ल्यूआईसी इंडिया में आलोक व मानस लाल के साथ टॉक शो का आयोजन

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देहरादून- डब्ल्यूआईसी टाॅक्स के तहत डब्ल्यूआईसी इंडिया ने आर्टिस्ट आलोक लाल व मानस लाल के साथ बातचीत सत्र का आयोजन किया। पिता-पुत्र की इस जोड़ी ने डब्ल्यूआईसी इंडिया की प्रेसीडेंट नाज़िया युसूफ इजु़द्दीन के साथ बातचीत कर विचारों का आदान प्रदान किया।

बातचीत सत्र के दौरान आलोक लाल ने सत्र के दौरान अपनी कला क्षेत्र से अब तक की जुड़े विचारों को साझा किया। उन्होंने कहा कि, वे अपने बेटे मानस से प्रेरित हैं, व उन्हें इस बात की सबसे अधिक खुशी है कि आज उनके पुत्र ने अपने पसंद का व्यवसाय व कार्य चुना है। वह बेटे की तुलना में उनके लिए साथी अधिक हैं। उन्होंने कहा कि, मानस को कभी भी उन्होंने कलात्मकता नही सीखायी, बल्कि वे दोनों अपनी रचनात्मकता के अनुसार कला क्षेत्र से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि, वे एक प्रशिक्षित चित्रकार नही है, लेकिन  वे चित्रकला के माध्यम से खुद को व्यक्त करते हैं जो उन्हें वास्तव में अच्छा लगता है व एक अलग खुशी देता है। उन्होंने बताया कि, उनका पसंदीदा विषय पर्यावरण है।

पूर्व आईपीएस आलोक लाल ने 2012 में सेवानिवृत्ति के बाद जोश के साथ पेंटिंग की शुरूआत की। वर्तमान में उत्तराखंड गवर्नर के सलाहकार आलोक की पेंटिंग में प्रकृति व विलुप्त होती हरियाली के प्रति गहरी चिंता दिखायी देती है।

मानस ने बताया कि, उनके पिता आलोक हमेशा उनके लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। उन्होंने कहा कि, उनके पिता ने उनके जीवन व करियर संबंधी सभी स्वतंत्रताएं दी है, व किसी भी कार्य के लिए उन्हें कभी मजबूर नहीं किया। कला के प्रति प्रेम भाव को व्यक्त करते हुए मानस ने कहा कि, वे अमूर्त कला बनाना अधिक पसंद करते हैं। उन्होंने बताया कि, उनके कार्यों में ग्लोबल वार्मिंग, आतंकवाद व महिला सशक्तिकरण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि, उनके कामों को चुनना बच्चों के बीच चुनने जैसा है।

पेशे से साॅफ्टवेयर इंजीनियर मानस लाल जो इंफोसिस के लिए भी कार्य कर चुके हैं, वे अब फोटाग्राफिक कलाकार, चित्रकार व स्तंभकार हैं।

डब्ल्यूआईसी इंडिया की प्रेजीडेंट नाज़िया युसूफ इजुद्दीन ने कहा कि, यह डब्ल्यूआईसी इंडिया के लिए हर्ष का विषय है, कि देहरादून के स्थानीय कलाकारों के साथ बातचीत का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि, पिता पुत्र की यह जोड़ी अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत का कार्य करेगी।

आलोक व मानस लाल ने अपने चित्रों व तस्वीरों के माध्यम से भारत को बखूबी दर्शाया है।