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राजदूत चालान भरने पहुंचे यातायात कार्यालय, पेश की मिसाल

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देहरादून, बुधवार को भगवंत बिश्नोई, भारतीय राजदूत बैंकॉक, अपने निजी कार्य से अपने वाहन से कोतवाली क्षेत्रांतर्गत गये थे, जिसमें उनके द्वारा अपने वाहन को देहरादून शहर की ‘नो पार्किंग जोन’ की जानकारी ना होने के कारण ‘नो पार्किंग क्षेत्र’ में खड़ा किया गया था।

वाहन को ‘नो पार्किंग’ क्षेत्र में खड़ा पाए जाने पर संबंधित क्षेत्र की यातायात पुलिस ने वाहन का चालान काटकर वाहन पर चस्पा किया गया। यातायात पुलिस का चालान देखकर भगवंत बिश्नोई, भारतीय राजदूत बैंकॉक ने उनके वाहन पर किए गए चस्पा चालान के भुगतान के लिये  यातायात कार्यालय में लोकेश्वर सिंह, पुलिस अधीक्षक यातायात, से मुलाकात करी।

चालान के निस्तारण के लिये विधिवत कार्यवाही की गई तथा उनके द्वारा यातायात पुलिस कोअपने कर्तव्य का पालन किए जाने की प्रशंसा भी करी। भगवंत विश्नोई 1983 बैच के आई.एफ.एस अधिकारी है, जो पूर्व में कई महत्वपूर्ण देशों में भारतीय राजदूत रह चुके हैं।

सम्मानित पद पर आसीन रहते हुए स्वयं यातायात कार्यालय पहुंचकर चालान का भुगतान किया जाना उनके व्यक्तित्व को प्रदर्शित करता है।

लाल गमछा भाजपा के लिए उपद्रव का लाइसेंसः कुलदीप रावत

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हरिद्वार। समाजवादी पार्टी के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप रावत ने कहा कि उत्तराखंड में सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। भाजपा के लिए लाल गमछा उपद्रव करने का लाइसेंस बन गया है। जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार की उपलब्धि भी जीरो टोलरेंस ही है। आगामी निकाय चुनाव में पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी।

गुरुवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सपा प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप रावत ने कहा भाजपा ने प्रदेश की भोली जनता को विकास के नाम पर छला है। प्रदेश सरकार की वित्तीय स्थिति खराब है। राज्य में बेरोजगारी 60 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच गयी और पहाड़ो में पलायन का क्रम जारी है। जिसके चलते गांव खाली बो रहे हैं। सरकार को इसकी चिंता नहीं है। उन्होंने कहा भाजपा ने राज्य की फलती-फूलती जो तस्वीर आम जन के बीच रखी थी वह नहीं दिख रही है। अच्छे दिन आएंगे के सपने दिखाकर सरकार ने जनता को छला है। लाल गमछा भाजपा के लिए उपद्रव का लाइसेंस बन गया है। वित्तीय स्थिति की बात करें तो अब तक विभागों में एक चौथाई बजट भी नहीं पहुंचा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से पूछा कि विकास की पहली नींव प्रदेश में कहां रखी गई, सरकार जनता को बताए। उन्होंने कहा विधायक और मंत्री के अलग-अलग बयान सरकार की अकर्मण्यता को दर्शाते हैं। बेरोजगारी चरम पर है। पलायन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। नोटबंदी, जीएसटी से मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर दोहरी मार पड़ी है। भाजपा देश को किस ओर लेकर जा रही है असमंजस की स्थिति है। इस अवसर प्रदेश महासचिव डा.राजेन्द्र पाराशर, महानगर अध्यक्ष लव दत्ता, आशु चंचल, श्रवण शंखधर आदि उपस्थित थे।

हरदा और प्रीतम सिंह के बीच छिड़ी ट्विटर वॉर

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पिछले दिनों पार्टी में हो रही अपनी अनदेखी पर फेंके हरीश रावत के ट्वीटर बम ने लगता है कांग्रेस के अंदर जंग छेड़ दी है। हरीश रावत ने एक और ट्वीट कर कांग्रेसी गलियारों में सरगर्मी बढ़ा दी है। रावत लिखते हैं कि “कुछ लोग मुझको सलाह दे रहे हैं कि मैं अपना मोबाइल रखूं। मैं उन दोस्तों से कहना चाहता हूं कि पूरन के जिस टेलीफोन नंबर पर आप सब लोग मुझसे कई कई बार बातचीत कर चुके हैं, वो मेरा ही नंबर है। वही एक मात्र अब मेरा सहायक है जो रात-दिन मेरे साथ रहता है मेरा बावर्ची, खानसामा,अटेंडेंस कुछ भी कह लीजिए, सब वही काम करता है। आप उसका नंबर तो भूल गए और नंबर आप खोजते फिरे ताकि औपचारिकता भी पूरी हो जाए और बुलाना भी ना पड़े। मैंने कहा मुझे बहुत अच्छा लगा, बहुत अच्छा किया, मैं तरसता रह गया लेकिन आपने नहीं बुलाया। कोई गिला नहीं, कार्यक्रम सफल होना चाहिए, कांग्रेस आगे बढ़े और कांग्रेस संघर्षशील दिखाई दे, यही मेरी कामना है।”

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दरअसल पिछले दिनों कांग्रेस द्वारा आयोजित राज्य सरकार के विरोध कार्यक्रमों में रावत को ना बुलाने पर हरदा ने ट्वीटर पर अपना दर्द बयां कर दिया था। इसके जवाब में आम तौर पर शांत दिखने वाले प्रदेश अध्य़क्ष प्रीतम सिंह ने भी रावत पर निशाना साधते हुए कहा था कि रावत के स्टाफ को सभी कार्यक्रमों की सूचना दी गई थी पर वो नहीं आये तो क्या किया जा सकता है? प्रीतम ने ये भी कहा था कि रावत को ऐसा मोबाइस साथ रखना चाहिये जिससे उन से संपर्क किया जा सके।

पार्टी अध्यक्ष के इसी तंज का जवाब हरदा ने एक और ट्वीटर बम फेंक कर दिया है। इसे विडंबना ही कहेंगे कि राज्य में विधानसभा चुनावों में मुंह की खाने वाली कांग्रेस ने शायद चुनावों के साल भर हो जाने के बाद भी न तो हार के कारणों की समीक्षा की है और न ही कोई सबक लिया है। क्योंकि अगर ऐसा हुआ होता तो पार्टी ये ज़रूर समझती कि चुनावों में हार का एक बड़ा कारण पार्टी में एक खेमा का खुला राज औऱ भयंकर गुटबाजी रहा। इसी के चलते पार्टी के नेता दूसरे नेताओं के खिलाफ षड़यंत्र करते रहे औऱ पार्टी का काडर बिखरता चला गया। अगर कांग्रेस के वर्तमान की बात करें तो भला ही राज्य में लोकसभा कि केवल पांच सीटें हैं लेकिन जो हालत कांग्रेस की देश में हो रखी है उस हिसाब से ये पांच सीटे भी पार्टी को नया जीवन देने में अहम योगदान दिला सकती है। लेकिन जिस तरह इस समय राज्य कांग्रेस के तमाम बड़े नेता सार्वजनिक मंचों पर भिड़ने में लगे हैं राज्य में कांग्रेस की वापसी फिलहाल सवालों के घेरे में ही दिख रही है।

मसूरी में ट्रैफिक को बेहतर बनाने के लिए सीएस ने ली बैठक

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देहरादून। मसूरी के यातायात, पार्किंग, सिवरेज, पेयजल, सड़क आदि में सुधार को लेकर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने गुरुवार को सचिवालय में संबंधित विभागों के साथ बैठक की। कंसल्टेंसी कंपनी के पार्किंग की त्रुटिपूर्ण डिजाइन बनाने को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि रिवाइज्ड डिजाइन के अनुसार पार्किंग का निर्माण कराया जाए। फिलहाल, पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले 100 गाड़ियों की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। मैसानिक लॉज के पास पार्किंग बनाने की संभावनाए तलाशी जाएं। सीएस ने कहा कि लाइब्रेरी के निकट एमडीडीए के पार्किग की क्षमता 60 से बढ़ाकर 160 गाड़ियों की की जाए।

बैठक में बताया गया कि देहरादून से मसूरी रोड पर 91 मोड़ों में से 57 का चौड़ीकरण हो गया है। शेष 34 मोड़ों के चौड़ीकरण के लिए कार्यवाही की जा रही है। हांथीपांव रोड पर यातायात के सुचारु संचालन के लिए कैश बैरियर, पैराफिट लगाए जाएं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि लोनिवि, पुलिस इस मार्ग का संयुक्त निरीक्षण कर लें। यह देख लिया जाय कि मसूरी जाने का एकल मार्ग करने से यातायात के दबाव को कम किया जा सकता है। इसके अलावा लांघा रोड को मसूरी से जोड़ने पर चंडीगढ़ और हिमाचल के पर्यटक उधर से ही आ सकेंगे। बताया गया कि सुवाखोली की तरफ के स्लाइड जोन को ठीक कर दिया गया है। 65 किलोमीटर सीवरलाइन का निर्माण हो गया है। एसटीपी से जोड़ने का कार्य चल रहा है। निर्देश दिए गए कि देहरादून-मसूरी रोड के अतिक्रमण को हटाया जाए। बैठक में विधायक गणेश जोशी, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, डीएम देहरादून एसए मुरुगेशन, एसएसपी निवेदिता कुकरेती सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

भ्रष्टाचार के मामले में उच्च शिक्षा निदेशक समेत आधा दर्जन निलंबित

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देहरादून। सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति के तहत उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. बीसी मलकानी, प्राचार्य एमबी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी(नैनीतील) डॉ. जगदीश प्रसाद, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय देवीधूरा(चम्पावत) डॉ. एसएस उनियाल, सहायक प्राध्यापक, एमबीराजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी(नैनीतील) डॉ.एनके लोहनी को प्रस्तावित अनुशासनिक कार्यवाही के मद्देनजर तत्कालिक प्रभाव से निलम्बित किया गया है।

इस संबंध में निलम्बन के आदेश अपर मुख्य सचिव डॉ.रणवीर सिंह ने जारी कर दिए हैं। उन्होंने जारी आदेश में निदेशक, उच्च शिक्षा उत्तराखण्ड को उनके प्राचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी(नैनीतील) के कार्यकाल के दौरान हुई अनियमितताओं यथा कु.मीमांशा आर्य के सत्र 2013-14 की फाईनल परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने के पश्चात् पुनः सत्र 2014-15 में उन्हीं विषयों में प्रवेश के नाम पर चल रही धांधली का संज्ञान न लेना, प्राचार्य के रूप में हस्ताक्षर व मोहर को काटने, प्रवेश समिति के गठन के बाद भी अन्य अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा प्रवेश/दाखिले में संलिप्तता का संज्ञान न लेना, प्रवेश समिति के सदस्य के हस्ताक्षर न होने के बावजूद महाविद्यालय में छात्रों का प्रवेश देना महाविद्यालय में यूजीसी से प्राप्त ग्रांट का समय पर उपयोग न करना और वापस न करने के आरोपों पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। उन्होंने प्राचार्य एमबी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी(नैनीतील) डॉ. जगदीश प्रसाद के लिये जारी आदेश में प्रकाश चन्द्र पनेरु को 2014-15 में बीए प्रथम वर्ष में अनुत्तीर्ण होने के पश्चात् गलत शपथ-पत्र के आधार पर वर्ष 2015-16 पुनः बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने को पूर्णतः वैध और नियमों के अनुरूप मानते हुए कुमांऊ विश्वविद्यालय नैनीताल को संस्तुति प्रदान करने, कु.मीमांशा आर्य से संबंधित प्रवेश प्रकरण वर्ष 2014-15 के समान एक ही जैसे 02 प्रकरणों में से प्रकाश चन्द्र पनेरू के प्रवेश प्रकरण में कार्यवाही करने की अनुशंसा करते हुए महाविद्यालय में भेदभावपूर्ण कार्यशैली, पक्षपातपूर्ण रवैया तथा महाविद्यालय के निर्माण कार्यों के पर्यवेक्षण करने में लापरवाही करने के आरोपों पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है।
इसी क्रम में प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय देवीधूरा(चम्पावत) डॉ. एसएस उनियाल ने एसोसिएट प्रोफेसर गणित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हल्द्वानी नैनीताल के कार्यकाल के दौरान कु.मीमांशा आर्य के प्रवेश आवेदन के लिए प्रवेश लिपिक भाकुनी को प्रवेश शुल्क लेने के लिए अनाधिकृत रूप से निर्देशित करने तथा महाविद्यालय में फर्जी प्रवेश प्रक्रिया में संलिप्त होने के आरोपों पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है।
इसके साथ ही सहायक प्राध्यापक, एम.बी.राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी(नैनीतील) डॉ. एनके लोहनी जिनके संविदा प्राध्यापक के कार्यकाल के दौरान कु.मीमांशा आर्य के प्रवेश आवेदन(सत्र 2014-15) पर समिति सदस्य या संयोजक न रहते हुए आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करने तथा महाविद्यालय में फर्जी प्रवेश पत्र प्रक्रिया में संलिप्त रहने के आरोपों में निलम्बित किया गया है। इसके साथ ही तत्कालिन प्रवेश लिपिक/कनिष्ठ सहायक (उपनल) श्री दिनेश सिंह भाकुनी को एम.बी.राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी(नैनीताल) में वर्ष 2014-15 में कु.मीमांशा आर्य को अनुचित प्रवेश में संलिप्तता होने के दृष्टिगत उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने के निर्देश प्रभारी निदेशक उच्च शिक्षा निदेशालय हल्द्वानी, नैनीताल को पत्र लिखा गया है

आग लगने से सेब के सौ पेड़ जले

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त्यूनी/विकासनगर। देवघार रेंज अंर्तगत दावानल की चपेट में आकर सेब के बाग में खड़े 100 से अधिक पेड़ खाक हो गए। पीड़ित बागवान ने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है।

बुधवार की रात को ओबरासेर गांव से सटे जंगल में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही देर में आग ने हरटाड़धार से सटे बाग को भी अपनी चपेट में ले लिया। जिससे बाग में खड़े 100 पेड़ पूरी तरह जल गए। पीड़ित बागवान मातवर राणा ने कहा कि बृहस्पतिवार की सुबह जब वह बाग में पहुंचे तो सब कुछ स्वाहा हो चुका था। कहा बागवानी ही उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र साधन है। पेड़ों के जलने से उनके सामने आर्थि की का संकट खड़ा हो गया है। तहसीलदार स्वराज सिंह तोमर ने कहा कि मामले में राजस्व उप निरीक्षक से रिपोर्ट मांगी गई है। विभागीय प्राविधानों के अनुसार पीड़ित को मुआवजा दिया जाए

डैक्कन एविएशन देगा उत्तराखंड के दूर-दराज क्षेत्रों में हवाई सेवा

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देहरादून-पंत नगर हवाई सेवा इस महीने के अंतिम हफ्ते तक शुरू हो जाएगी। इस फिक्स्ड विंग हवाई सेवा के लिए विमानन मंत्रालय भारत सरकार ने डैक्कन एविएशन का चयन किया है। हेरिटेज एविएशन पिथौरागढ़ हवाई अड्डे से देहरादून, दिल्ली और पंतनगर के लिए हवाई सेवा संचालित करेगा। इसके अलावा 20 हेली सेवाएं भी शुरू की जानी है। राज्य सरकार की कोशिश है कि अगले तीन से छः महीने में ज्यादा से ज्यादा हेली सेवाएं शुरू की जा सकें। इस सिल सिले में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों से एयरपोर्ट और हेलिपैड कीे स्थिति की जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने बताया कि भारत सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत हवाई सेवा के लिए दो एयरपोर्ट और 14 हेलीपैड की मंजूरी मिली है। राज्य में एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के मानक के अनुसार एयरपोर्ट और हेलिपैड बनाये गए हैं। फिर भी इनका सत्यापन कराया जाएगा। डीजीसीए और एयरपोर्ट अथॉरिटी की सलाह पर जहां जरूरत होगी सुधार कराया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि अल्मोड़ा हेलिपैड से पंतनगर और पिथौरागढ़ हवाई सेवा, चिन्यालीसौड़ से सहस्त्रधारा, धारचूला से हल्द्वानी, गौचर से जोशीमठ, सहस्त्रधारा और श्रीनगर, हल्द्वानी से हरिद्वार और धारचूला, हरिद्वार से हल्द्वानी, जोशीमठ से गौचर, मसूरी से देहरादून, नैनीताल से पंतनगर, नई टिहरी से देहरादून, श्रीनगर, पिथौरागढ़ से अल्मोड़ा, रामनगर से देहरादून और पंतनगर, सहस्त्रधारा से गौचर, चिन्यालीसौड़, श्रीनगर से गौचर और नई टिहरी हवाई सेवा शुरू की जाएगी। दूर-दराज के क्षेत्रों को हवाई सेवा से जोड़ने पर उत्तराखण्ड में पर्यटकों को सुविधा होगी। आपदा की स्थिति में बचाव और राहत कार्य में मदद मिलेगी ।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, अपर सचिव नागरिक उड्डयन आर.राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे

आम आदमी के लिए खास है इस साल का बजटः सीएम

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मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्‍त मंत्री अरूण जेटली को न्‍यू इंडिया बजट पेश करने पर बधाई दी।बजट आने के साथ ही सीएम रावत अपने टिव्टर अकाउंट के जरिए उसपर अपनी प्रतिक्रया देने लगे।लगातार 7-8 टिव्ट के माध्यम से उन्होंने इस बजट को आम आदमी का बजट बताया।उन्‍होंने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेप करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने का स्पष्ट रोडमैप और विजन न्‍यू इंडिया बजट में दिख रहा है

उन्होंने कहा आम आदमी का बजट होने के नाते इससे गांव का, किसानों का, छोटे और मझौले उद्यमियों का और सामाजिक सुरक्षा का ख्‍याल रखा गया है।उन्होंने कहा यह सुखद संयोग है कि आज के बजट में कई घोषणाएं ऐसी हैं, जिनमे उत्तराखंड में पहल की जा रही है। बजट में क्लस्टर बेस्ड खेती, ऑर्गेनिक खेती, और सुगंध पौधों की खेती को बढ़ावा देने की बात की गई है। उत्तराखंड में हम इन चीजों पर पहल शुरू कर चुके हैं।

सीएम ने कहा कि बजट में ब्लैक बोर्ड से डिजिटल बोर्ड की ओर बढ़ने यानी डिजिटल एजुकेशन की बात कही गई है। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि मुझे खुशी है कि केवाईएएन डिवाइस से हमने अपने राज्य में डिजिटल एजुकेशन को बढ़ावा देने की पहल की है।

सीएम ने कहा कि बजट में 4 करोड़ गरीब घरों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने, 2022 तक हर गरीब को घर देने का लक्ष्य है। इसी तर्ज पर हमने 2019 तक सभी घरों को बिजली से रौशन करने, 2022 तक हर बेघर को छत देने, हर घर को पानी देने का संकल्प लिया है।

सीएम ने कहा कि, यह बजट मोदी सरकार के सर्वे भवंतु सुखिनः के संकल्प को दर्शाता है। देश के 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा से जोड़ने की शुरुआत स्वागतयोग्य कदम है। इससे 10 करोड़ गरीब परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिल सकेगा।

अंत में सीएम रावत ने कहा कि केंद्र सरकार के इस बजट से हमें भी एक दिशा मिली है। उत्तराखंड का जो बजट आएगा, उसमें भी हम आम आदमी को मजबूत करने, महिलाओं को सशक्त करने, गरीबों का जीवन स्तर सुधारने और किसानों की आमदनी बढ़ाने का ख्याल रखेंगे।

1.54 किलो चरस के साथ एक गिरफ्तार

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ऋषिकेश। ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध रूप से नशीले पदार्थों एवं शराब की तस्करी करने वालों के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत पुलिस ने चेकिंग के दौरान सोमेश्वरनगर पुलिया के नीचे से एक व्यक्ति को अवैध रूप से चरस की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के पास से 1.54 किलोग्राम चरस बरामद की गई। अभियुक्त के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया, जिसे माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। नशीले पदार्थो की बरामदगी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। पकड़े गए युवक का नाम दिनेश नेगी पुत्र गब्बर सिंह नेगी निवासी ग्राम व पोस्ट किमाणा, उर्गमवैली, पटवारी क्षेत्र टंगणी, तहसील जोशीमठ, जनपद चमोली, उत्तराखण्ड बताया है।

कांग्रेस ने आम बजट को बताया दिशाहीन

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देहरादून। केन्द्रीय आम बजट दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास अवरोधी और आम आदमी के हितों के खिलाफ मंहगाई बढ़ाने वाला बजट है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने केन्द्रीय आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने अपनी हठधर्मिता का परिचय देते हुए जो आम बजट प्रस्तुत किया है, वह दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास विरोधी, बेरोजगारी व मंहगाई बढ़ाने वाला तथा देश की आर्थिक वृद्धि पर चोट पहुंचाने वाला है। देश के वित्त मंत्री ने बजट में आंकडों की बाजीगरी कर घुमाकर नाक पकड़ने का काम किया है। इस बजट से मंहगाई बढ़ने के साथ ही आम आदमी के सिर पर बोझ बढेगा। उन्होंने कहा कि बजट के प्रावधानों से विकास दर दहाई का आंकडा भी नहीं छू पाएगी और न ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

प्रीतम सिंह ने कहा कि आम बजट में मात्र घोषणाओं का अंबार लगाया गया है। जीएसटी के नुकसान की भरपाई तथा आम जनता को मंहगाई से निजात दिलाने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। बजट में नौजवानों के भविष्य की घोर उपेक्षा की गई है। आम बजट से देश में रोजगार के अवसर घटेंगे, गरीब व आम आदमी के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है। नोटबंदी और जीएसटी से देश में कई हजार लघु उद्योग बन्द हुए, रीयल स्टेट सेक्टर में काम पूरी तरह से ठप्प हुआ तथा किसानो को उनकी उत्पाद लागत न मिलने के कारण कृषि क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर न्यूनतम हुए हैं। इस प्रकार इन तीनों क्षेत्र में लगभग 6 करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार हुए हैं। वित मंत्री ने अपने इस बजट के साथ-साथ पिछले वर्षों के बजट में नए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया और इस वित्तीय वर्ष में बेरोजगार हुए करोड़ों लोगों की पुर्नबहाली के लिए भी कोई प्रावधान नहीं किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने केन्द्रीय बजट को पूंजीपतियेां को लाभ पहुंचाने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स छूट के किसी भी स्लैब मे कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों को टैक्स छूट के रूप में कोई भी लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि बजट मे मंहगाई कम करने के उपाय करने की बजाय सरकारी कम्पनियों में सरकारी भागीदारी कम करते हुए उन्हें पूंजीपतियों के हाथों में सौंपने की योजना बनाई गई है। महिलाओं के लिए इस बजट में कोई विशेष प्रावधान नजर नही आता है। महिलाओं के सशक्तीकरण एवं सम्मान की बात केवल मोदी जी के लच्छेदार भाषणों का हिस्सा मात्र है। आत्म हत्या के लिए मजबूर हो रहे किसानों के लिए बजट में किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार का यह बजट पूर्णतः किसान, मजदूर और गरीब विरोधी बजट है क्योंकि इस बजट में किसानों की कर्ज माफी का कोई उल्लेख नहीं है। किसानों के उत्पाद की लागत का डेढ गुना दाम देने का वादा पिछले चार सालों में पूरी तरह झूठा साबित हुआ है। देश में कृषि उत्पाद में बढोतरी हुई लेकिन किसानेां की आय में लागातार गिरावट तथा आत्महत्या में बढोतरी हुई है। हर खेत के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा तो की गई है, परन्तु जल स्रोतों को संवर्द्धन के लिए बजट में कोई योजना प्रस्तावित नहीं है।
बजट में उत्तराखंड की अनदेखी
उत्तराखण्ड के लोगों को बड़ी आशा थी कि उत्तराखण्ड के कुछ भागों को सीधे रेल सेवा से जोड़ने के लिए बजट में व्यवस्था की जाएगी, लेकिन पिछले रेल व आम बजट की तरह ही इस बार भी केन्द्र की मोदी सरकार ने देवभूमि उत्तराखण्ड की जनता की आशाओं पर तुषारापात किया है। पहले से ही केन्द्र सरकार द्वारा उत्तराखण्ड की उपेक्षा का दंश राज्य की जनता झेल रही है और अब आम बजट में राज्य की उपेक्षा के इस दर्द को और अधिक बढ़ा दिया है। प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड एवं देश की जनता को ठगने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पवित्र चार धामों को रेल सेवा से जोड़ने के लिए जिन जुमलों का उपयोग किया था इस आम बजट ने उस पर अपनी मोहर लगा दी है। केन्द्र की मोदी सरकार ने आम बजट में राज्य की उपेक्षा कर एकबार फिर जता दिया है कि उसे उत्तराखण्ड के विकास से कोई लेना-देना नही है। आम बजट व रेल बजट में उत्तराखण्ड के सरोकारों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। एक ओर जहां विशेष राज्य के दर्जे को बहाल करने की राज्यवासियों की मांग की उपेक्षा की गई है वहीं पर्यावरण की रक्षा के लिए ग्रीन बोनस जैसे मसलों पर इस बजट में चुप्पी साधी गई है। उन्होने कहा कि दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण को खत्म करने के लिए विशेष योजना की बात की गई है परन्तु उत्तराखण्ड जैसे हिमालयी राज्यों की उपेक्षा की गई है जिन पर देश की पर्यावरणीय निर्भरता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने केन्द्रीय आम बजट की कटु आलोचना करते हुए कहा कि जैसी आशंका थी वह इस बजट में साबित हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार बड़े औद्योगिक घरानों के हाथों की कठपुतली बनकर खेल रही है। मोदी सरकार ने अपने इस बजट में भी कोई ऐसी नई योजना लागू नहीं की, जिसको यह सरकार अपने एक बडी उपलब्धि के रूप में गिनाते हुए समाज के बड़े वर्ग को लाभ पहुंचाने वाली येाजना के रूप में प्रचारित कर सके। वित्त मत्री ने अपने बजट भाषण में समाज के कमजोर तबके, बेरोजगार, महिलाओं का ध्यान रखने की बजाय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिमा मण्डन का विशेष ध्यान रखा। प्रत्येक वर्ष 2 करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देने के प्रधानमंत्री मोदी के वादे उनके अन्य वादों की भांति चुनावी जुमले साबित हुए हैं।