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मौसम ने ली करवट बारिश शुरू, ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फवारी शुरू

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गोपेश्वर। मौसम विभाग का जैसा पूर्वानुमान था ठीक वैसा ही हुआ। राजधानी देहरादून सहित सूबे के कई हिस्सों में सोमवार की सुबह से रिमझिम बारिश हो रही है। बारिश के चलते एक बार फिर से ठंड में इजाफा हो गया है।

चमोली जिले में रविवार से मौसम बदला हुआ था। सोमवार की सुबह तक आसामान में बादल छाए थे। दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और बारिश शुरू हो गई जिससे निचले स्थानों पर ठंड बढ़ने लगी। वहीं ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फवारी शुरू हो गई है। मौसम विभाग की चेतावानी के बाद उत्तराखंड के विशेष कार्याधिकारी ने चमोली, उत्तरकाशी व पिथोरागढ के डीएम को पत्र लिखकर आपदा प्रबंधन की सेवाओं के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए है।
सोमवार को दोपहर बाद चमोली जिले में बारिश शुरू हो गई है। जिससे हेमकुंड, बदरीनाथ, औली, गौरसो, चोपता सहित ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फवारी शुरू हो गई है। जिससे ठंड बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने भी उत्तराखंड में बारीश व बर्फवारी की चेतावनी दी है। विशेषकर उत्तराखंड के तीन जिलों जिसमें चमोली सहित उत्तरकाशी व पिथौरागढ शामिल है यहां पर भारी बर्फवारी व औलावृष्टि की चेतावानी दी है। जिस पर उत्तराखंड के विशेष कार्याधिकारी सीएस जीना ने जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर आपदा प्रबंधन को सजग रहने के निर्देश दिए है। इस बारिश व बर्फवारी को काश्तकार फसलों के लिए शुभ मान रहे है। वहीं पर्यटक भी बर्फवारी से खासे खुश नजर आ रहे है।

शादी का झांसा देकर विदेशी महिला का किया यौन शोषण,

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ऋषिकेश। तीर्थ नगरी में योग सीखने आई एक विदेशी महिला को शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के आरोप में एक युवक के विरुद्ध पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

प्राप्त समाचार के अनुसार थाना मुनिकीरेती क्षेत्र में आयरलैंड निवासी एक महिला वर्ष 2013 में योग सीखने के लिए ऋषिकेश आई थी। ऋषिकेश में उसकी मुलाकात विवेक अवस्थी नामक एक युवक से हुई। विवेक अवस्थी ने उसे योग सिखाने की बात कही और धीरे-धीरे उस के संपर्क में आ गया। वर्ष 2013 में ही विवेक अवस्थी ने उसे शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बना लिए। महिला ने आरोप लगाया कि उसके बाद से वह लगातार उसका यौन शोषण करता रहा, उसने जब भी शादी की बात की तो वह इंकार कर देता था। इसे लेकर उनके बीच विवाद भी उत्पन हो गया था। मुनि की रेती पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी विवेक अवस्थी पुत्र राजकुमार निवासी छतरपुर मध्य प्रदेश हाल निवासी तपोवन मुनि की रेती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। थानाध्यक्ष मनीष उपाध्याय ने बताया की विदेशी महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर युवक की तलाश प्रारंभ कर दी गई है।

उत्तरकाशी-चिन्यालीसौड़ दुर्घटना में घायलों और मृतक परिजनों को मिले उचित मुआवजा: कांग्रेस

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देहरादून। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने उत्तरकाशी-चिन्यालीसौड़ मोटर मार्ग पर हुए सड़क दुर्घटना में मृतकों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतृप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत से दुर्घटना में मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा दिए जाने तथा घायलों के उचित उपचार की भी मांग की है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अपने जारी शोक संदेश में कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में लगातार इस प्रकार की दुर्घटनाओं से लोगों को असमय काल का ग्रास बनना पड़ रहा है। पहाड़ों में आए दिन होने वाले ऐसे हृदयविदारक हादसों को रोकने के ठोस उपाय होने चाहिए, जिससे दुर्घटना पर अंकुश लग सके।
प्रीतम सिंह ने मृतकों की आत्म शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि इस दुःख की घड़ी में पूरा कांग्रेस परिवार उनके परिजनों के साथ है। हम सभी कांग्रेसजन ईश्वर से मृत आत्माओं को शांन्ति के लिए प्राथना करते हुए उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

ट्रैक्टर मालिकों ने खनन नीति के विरोध में किया प्रदर्शन

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ऋषिकेश। देवभूमि ट्रैक्टर मालिक एवं चालक एसोसिएशन व वेल्डिंग मैटेरियल एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से सरकार की खनन नीति का विरोध करते हुए सोमवार को प्रदर्शन किया और उप जिलाधिकारी को अपने वाहनों की चाबी सौंपी।
एसोसिएशन के बैनर तले नेपाली फॉर्म से तहसील तक लगभग पांच सौ ट्रैक्टर चालकों ने अपनी ट्रॉली के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो वह बाध्य होकर आंदोलन को और तेज करेंगे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सतवीर तोमर, बलवीर चौहान ने लगभग पांच सौ ट्रैक्टरों की चाबी उपजिलाधिकारी को सौंपने के बाद उपस्थिति को संबोधित करते हुए कहा कि परिवहन विभाग द्वारा अलग-अलग वजन पासिंग दी जा रही है। जबकि सभी ट्रॉलियों का साइज एक है उन्हें एक वजन में ही पास किया जाए। जबकि छोटे-छोटे व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। इस प्रकार से परेशान कर रहे उन अधिकारियों के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई की मांग की।
सत्यवीर तोमर ने कहा कि प्रदर्शन के बावजूद भी यदि प्रशासन नहीं चेता तो इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस मौके पर रावत ज्योति सजवाण, रमेश जांगिड़, केशव भट्ट आदि मौजूद रहे।

खाई में गिरा वाहन, छह बारातियों की मौत

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उत्तरकाशी, उत्तरकाशी जिले में उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग पर रविवार देर रात को एक वाहन रातलधार मट्टी गांव के पास गहरी खाई में जा गिरा जिसमें छह बारातियों की मौत हो गई जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। सभी घायलों को लंबगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर के आबकी गांव से एक बारात खरवां गांव आई थी। इसी दौरान रात करीब साढ़े नौ बजे रातलधार मट्टी गांव के पास बारातियों से भरा एक मैक्स वाहन गहरी खाई में जा गिरा जिसमें छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

चार लोग घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही रातलधार के ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों द्वारा सूचना मिलने पर लंबगांव थाना पुलिस और उत्तरकाशी कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू करवाती डाट काली मंदिर की सुरंग

देहरादून, दिल्ली सहित अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटक और प्रवासियों के लिए राजधानी देहरादून में प्रवेश करते ही समझ में आ जाएगा कि वह उत्तराखंड पहुंच गए हैं। उत्तराखंड मे आने वाले बाहरी प्रदेशों के सैलानियों के स्वागत के लिए उत्तराखंड की संस्कृति के दर्शन प्रवेश द्वार पर ही होंगे जिसके लिए उत्तराखंड सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी है, डाटकाली मंदिर के पास बन रही टनल से गुजरने वाले लोगों को आने वाले दिनों में उत्तराखंड की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

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टनल में प्रवेश करने से पहले ही एहसास हो जाएगा कि उत्तराखंड में पहुंच गए हैं। खासकर दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों को प्रदेश की संस्कृति की झलक अपनी ओर आकर्षित करेगी। टनल के बाहर चारधाम की आकृति के साथ ही राज्य के लोक नृत्यों और लोक कलाओं की कलाकृतियां बनाने की योजना है। सरकार टनल को पर्यटन के लिहाज से भी कुछ खास बनाने का प्रयास कर रही है। ऐसे में डाडकाली मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही यात्री टनल के बाहर उत्तराखंड की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करती कलाकृतियों को भी देख सकेंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह बात गढ़वाल सभा के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं कि डाटकाली मंदिर के पास बन रही टनल के प्रवेश द्वार पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक प्रदर्शित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रयास करने की जरूरत है। साथ ही कहा कि इस काम के लिए आर्किटेक्चर टी.एस.असवाल की मदद ली जानी चाहिए। इससे साफ है कि मुख्यमंत्री टनल के प्रवेश द्वार पर उत्तराखंड की संस्कृति को प्रदर्शित करती कलाकृति बनवाना चाहते हैं।

भाजपा की चाय में एक अौर उबाल की तैयारी

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देहरादून, उत्तराखंड बीजेपी जब से त्रिवेंद्र रावत मय हुई है तब से विधायकों और सांसदों में राज्य के मुखिया से दूरियां बननी शुरू हो गई थी। त्रिवेंद्र रावत के 11 महीने के कार्यकाल में भाजपा के अंदर एक नए सियासी तूफान के आसार बढ़ने लगे हैं जिसका संकेत पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक के घर में चाय पर चर्चा नाम से आयोजित की गई टी-पार्टी में सामने नजर आया।

जिसमें उत्तराखंड भाजपा के सियासी महारथी एक दूसरे के साथ बडी आत्मीयता के साथ मिलते हुए नजर आए, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और विजय बहुगुणा के समर्थक विधायक बड़ी संख्या में निशंक की चाय पर चर्चा करते हुए नजर आए । बीते कुछ महीनों से उत्तराखंड भाजपा के सियासी हालात मे कहीं ना कहीं तल्खी सी नजर आती दिखी है, जो पार्टी को अंदर जन्म लेते नये समीकरणों की तरफ़ भा इशारा करती है।

हालांकि प्रदेश अध्यक अजय भट्ट ने इसे एक औपचारिक भेट वार्ता करार देकर सब कुछ सामान्य है वाला बयान दे डाला। मज़े की बात यह रही कि त्रिवेंद्र सरकार में आए नए-नवेले कांग्रेसी विधायक किस चर्चा में सबसे ज्यादा सम्मलित हुए, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश के निशंक के साथ शुरु में रिश्ते अच्छे नहीं माने जाते थे लेकिन शिव प्रकाश की मौजूदगी भी इन पुराने रिश्तो में अब नयापन लेकर उत्तराखंड की राजनीति में नया गुल खिलाने के संकेत दे रही है।

इस चाय के गर्म प्याले के उबाल से यह संदेश यह संदेश तो साफ़ है कि भाजपा के धुरंधर नेताओं के मन में कुछ ना कुछ तो जरुर चल रहा है जो आने वाले दिनों में रंग दिखाएगा

मिड डे मील की बदलेगी सूरत, उत्तराखंड के छात्रों को मिलेगा गरमा गरम खाना

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देहरादून, एक अच्छी खबर है सरकारी स्कूलों के लिए जहां मिड डे मील बांटना शिक्षकों के लिए एक चुनौती के रूप में शिक्षा से अलग काम था, ‘अक्षय पात्र फाउंडेशन’ नामक स्वयंसेवी संस्था देहरादून में स्कूली बच्चों के लिए कुछ ऐसी ही व्यवस्था करने जा रही है। राज्य का सबसे बड़ा स्कूली किचन खुलने जा रहा है।

इस किचन में एक साथ इकसठ हजार बच्चों का भोजन बन सकेगा। इस किचन से अक्षय पात्र फाउण्डनेशन दून जिले के 901 विद्यालयों में पके-पकाये मीड डे मील की सप्लाई करेगी। भोजन बनाने की अत्याधुनिक मशीनों से सुसज्जित इस किचन की स्थापना में स्वयंसेवी संस्था हंस फाउण्डेशन वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

इन स्कूलों में सप्लाई किए जाने वाले भोजन पर शिक्षा विभाग के पास मॉनीटरिंग का पूरा अधिकार रहेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सुद्धोवाला में इस किचन का शिलान्यास करेंगे।

राज्य के सभी सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को स्कूल में मध्याहन भोजन (मीड डे मील) उपलब्ध कराया जाता है। इसमें अनाज की व्यवस्था, भोजन पकाने व परोसने तक की जिम्मेदारी स्कूल के शिक्षकों और भोजन माताओं को उठानी पड़ती है।

इस योजना के लिए पर्याप्त धनराशि न होने से बच्चों को नियमित रूप से समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, किसी चुनौती से कम नहीं रही है। अब इस योजना में सरकार का हाथ बंटाने के यह संस्था आगे आई है पहले चरण में देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, काशीपुर, गदरपुर, सितारगंज व नैनीताल के स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील की सप्लाई करेगी। इस योजना की शुरुआत देहरादून के सुद्धोवाला में अत्याधुनिक किचन के निर्माण के साथ की जा रही है।

लगभग 12.66 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस किचन का निर्माण हंस फाउण्डेशन करा रहा है।

यहां बनने वाला भोजन देहरादून के 901 स्कूलों में सप्लाई किया जाएगा। इस भोजन की सप्लाई के लिए संस्था के पास अत्याधुनिक वाहन मौजूद रहेंगे, जिनमें भोजन की ताजगी और गर्माहट बनी रहेगी।

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शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय का कहना है कि, “अक्षय पात्र संस्था को राज्य के देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, काशीपुर, गदरपुर, सितारगंज व नैनीताल के 3729 स्कूलों के 3,59,435 (तीन लाख उनसठ हजार चार सौ पैंतीस) छात्र-छात्राओं को मिड डे मील सप्लाई करने की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। आगे पूरे राज्य में इसका विस्तार किए जाने की योजना है।”

12 लाख बच्चों को मिड डे मील उपलब्ध करा रही है संस्था

अक्षय पात्र फाउण्डेशन की शुरुआत जून 2000 में मधु पंडित दास ने की थी। तब यह संस्था केवल बंगलुरु और कर्नाटक के पांच सरकारी विद्यालयों के 1,500 बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन के तहत पौष्टिक खाना मुहैया कराती थी। इसके बाद विभिन्न राज्य सरकारों ने सरकारी स्कूलों में मिड डे मील योजना के सफल संचालन के लिए अक्षय पात्र के साथ हाथ मिलाया और इस स्कीम को कार्यान्वित किया। मौजूदा समय में यह संस्था देश के 12 राज्यों के 13839 विद्यालयों के लगभग 12 लाख बच्चों को मिड डे मील सप्लाई कर रही है।

एक घण्टे में बनेंगी 60 हजार रोटियां, 3000 लीटर दाल

अक्षय पात्र फाउण्डेशन के देहरादून में स्थापित होने जा रहे किचन में अत्याधुनिक मशीनों की सहायता से समय पर भोजन तैयार किया जाएगा। इसके लिए यहां ऐसी मशीन लगाई जा रही है, जो एक घण्टे में लगभग 60 हजार रोटियां बनाएगी। ऐसी मशीन भी होगी जिसमें एक ही बार में तीन से चार हजार लीटर दाल तैयार हो सकेगी।

सूबे के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना, दून में हो रही बारिश

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देहरादून, मौसम विभाग का जैसा पूर्वानुमान था ठीक वैसा ही हुआ। राजधानी देहरादून सहित सूबे के कई हिस्सों में सोमवार की सुबह से रिमझिम बारिश हो रही है। बारिश के चलते एक बार फिर से ठंड में इजाफा हो गया है।

मौसम विभाग विज्ञान केन्द्र के अनुसार सोमवार को उत्तराखंड में आमतौर पर बादल छाए रहने से लेकर आसमान बादलो से घिरा रहेगा। अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। जिसमें उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सोमवार को कहीं-कहीं भारी बर्फबारी की संभावना है।  राजधानी देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और नैनीताल जनपदों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है। 

लाख टके का सवाल, कितने दिन चलेगा बजट सत्र

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गोपेश्वर। उत्तराखंड सरकार ने गैरसैंण के भरारीसैण में 20 मार्च से 28 मार्च तक बजट सत्र तय किया है। इसके लिए शासन से लेकर प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। मगर राजनीतिक गलियारों और आम जनता तथा आंदोलनकारियों के बीच जिज्ञासा और आशंका है कि यह बजट सत्र चलेगा कितने दिन। यह आशंका इसलिए है कि गैरसैंण में शीतकालीन विधानसभा सत्र भी सात दिनों तक तय था मगर दो दिनों तक ही सत्र चल पाया और सियासत देहरादून लौट गयी थी। गैरसैंण में सरकार का शीतकालीन सत्र दो दिन तक ही चल पाया था।

गैरसैंण बजट सत्र के आयोजन के प्र्रस्ताव को सरकार उत्तराखंड और गैरसैंण प्रेम के रूप में भले ही प्रस्तुत कर रही हो पर गैरसैंण को लेकर चाहे सत्र हो या कैबिनेट.. दोनों दूध के जले के समान ही रहा है। बजट सत्र 20 मार्च से 28 मार्च तक नौ दिन का होना है, इसमें 24 व 25 मार्च को अवकाश है। बजट सत्र की शुरुआत 20 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ होगी और अपराह्न बाद विधानसभा अध्यक्ष का अभिभाषण होना है। 21 को सदन के समक्ष पत्रादि पटल पर रखे जायेंगे। अध्यादेशों को भी पटल पर रखा जायेगा। औपचारिक कार्य और राज्यपाल के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। विधायी कार्य भी 21 मार्च होंगे। 22 को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के बाद वित्त मंत्री प्रकाश पंत बजट को प्रस्तुत करेंगे। 23 को बजट पर चर्चा और शेष तीन दिनों में बजट पर चर्चा, अनुदान मांगों का प्रस्तुतिकरण, विनियोग विधेयक और विधायी कार्य होने है।
गैरसैंण में होने वाला बजट सत्र कितने दिन चलेगा इसके साथ राजनैतिक गलियारियों और लोगों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बजट सत्र में क्या मिलेगा और इस पर बजट कुल कितना खर्च होगा। अभी तक का जो अनुभव है उसमें जो चार सत्र गैरसैंण में हुए उस पर माननीयों के रहने, खाने, वाहन के साथ-साथ सरकारी अमले की भी इसी व्यवस्था पर खर्च का आकंलन करें तो वह करोड़ों में गया पर यहां पर भी लाख टके का सवाल की सूबे को मिला क्या।
इस बार सरकार के आगे बजट सत्र के दौरान जनता और आंदोलनकारियों की मांग का भी सामना करना पड़ेगा। गैरसैंण को स्थाई राजधानी की मांग को लेकर दिल्ली से लेकर गैरसैंण तक प्रदर्शन, धरना और अनशन हो रहे हैं। अनशनकारियों के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है, ऐसे मेें गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग को लेकर आंदोलन और भी तेज होने की संभावना है।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी पुरुषोत्तम असनोड़ा, माले के इंद्रेश मैखुरी, राजधानी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मोहित डिमरी, अवतार दानू, लक्ष्मण खत्री, श्रीपाल राम कहते हैं कि गैरसैंण में सत्रों के नाम पर औपचारिता न हो। गैरसैंण राज्य की स्थाई राजधानी हो इस पर सरकार ठोस निर्णय ले।