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सुनियोजित व व्यवस्थित तरीके से कार्य करे रेरा: डीएम

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रूद्रपुर। जिलाधिकारी ने जिला विकास प्राधिकरण एवं रेरा को मुख्य उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन्हें निष्पक्षता व पारदर्शिता के साथ नागरिकों को सस्ते व किफायती दरों पर आसानी से आवास उपलब्ध कराने के साथ ही शहरों का सुनियोजित एवं चहुंमुखी विकास के लिए कार्य करने को कहा। जिलाधिकारी डाॅ. नीरज खैरवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना तथा रेरा के सम्बन्ध में बिल्डर्स के साथ जिला कार्यालय सभागार में बैठक कर रहे थे।
जिलाधिकारी ने बिल्डर्स को हिदायत देते हुए कहा कि वे दो प्लान के अन्तर्गत कार्य न करें तथा यदि प्लान को पास कराने में किसी प्रकार की दिक्कत है या कोई अनावश्यक परेशान करता है तो इसकी तत्काल सूचना दें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जमीनी स्तर पर यदि नियमावली का कोई नियम सुसंगत नहीं है या किसी भी प्रकार की व्यावहारिक दिक्कत है तो उसकी लिखित में सूचना दें ताकि समाधान किया जा सके। बिल्डर्स द्वारा बताई गयी समस्या व दिये गये सुझावों पर गहनता से विचार करते हुए कार्यवाही की जायेगी।
बैठक में कुछ बिल्डरों द्वारा एनओसी समय से प्राप्त न होने की शिकायत की गई जिस पर जिलाधिकारी ने तुरन्त कार्यवाही करते हुए सेवा के अधिकार के अन्तर्गत निर्धारित समयावधि में एनओसी न प्राप्त होने पर एनओसी में सम्बन्धित विभाग की सहमति मानते हुए कार्य करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने निर्धारित समयानुसार एनओसी न देने वाले विभागों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण तथा रेरा की वेबसाइट को आपस में लिंक करने हेतु शासन स्तर पर वार्ता की जा रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास बनाने हेतु इच्छुक बिल्डरों की जानकारी ली तथा बिल्डर्स को बिना किसी परेशानी के नियमानुसार कार्य करने हेतु प्रेरित किया। जिलाधिकारी ने सभी बिल्डर्स व आर्किटेक्ट से सुझाव आमन्त्रित किये व विभिन्न बिन्दुओ पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में टाउन प्लानर एसएम श्रीवास्वत ने बताया कि चल रहे प्रोजेक्टों को नियामक प्राधिकारी रेरा कार्यालय में 28 फरवरी तक निःशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी के पश्चात 31 मार्च तक चल रहे प्रोजेक्ट का पंजीकरण कराने पर परियोजना की अनुमानित लागत का 1 प्रतिशत व 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक कराने पर परियोजना लागत का 2 प्रतिशत, 1 मई से 31 मई तक परियोजना लागत का 5 प्रतिशत तथा 1 जून के उपरान्त परियोजना लागत की 10 प्रतिशत धनराशि वसूल की जायेगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रताप सिंह शाह, यूडीए के सहायक अभियन्ता आनन्द राम, काॅलोनाईजर पूरन जोशी, हरीश कुमार, मनोज पाण्डेय, फरहान खान सहित अन्य काॅलोनाइजर उपस्थित थे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एमडीडीए वीसी से भेंट कर स्वीकृत कार्य शुरू कराने की मांग

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देहरादून। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पिछली कांग्रेस सरकार में स्वीकृत हुए कामों को पूरा कराने की मांग को लेकर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव से मिले। इस दौरान स्वीकृत कार्यों को आज तक पूरा नहीं किया गया नाराजगी जताई।

राजपुर रोड के पूर्व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एमडीडीए उपाध्यक्ष से मुलाकात की। इस दौरान राजकुमार ने बताया कि राजधानी में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान कई काम स्वीकृत किए गए थे, लेकिन यह काम आज तक पूरे नहीं किए गए हैं। स्वीकृत कामों को जल्द पूरा किया जाए।
पूर्व विधायक राजकुमार ने बताया कि इंदिरा मार्केट डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत स्वीकृत कार्य का काम बंद पड़ा है। इसे शीघ्र ही शुरू किया जाए। इस योजना में पार्किंग की समस्या का भी समाधान हो पाएगा। उन्होंने कहा कि कमला नगर में नालियां और गोविंदगढ़ की सड़कें जल्दी ही ठीक कराई जाएं। इसके अलावा करनपुर, डालनवाला, फालतू लाईन, मोहनी रोड, कांवली, खुडबुडा आदि इलाकों में सड़कें टूटी हैं। प्रिंस चौक, घंटाघर, खुडबुडा, कांवली रोड, रेसकार्स, करनपुर के लिए ड्रेनेज प्लान पर काम नहीं हुआ। शहर में अवैध मोबाईल टावरों को सील किया जाये। राजीव गांधी काम्पलेक्स में स्थित राजीव गांधी की मूर्ति व इंदिरा मार्केट में स्थित स्वर्गीय इंदिरा गांधी की मूर्ति पर स्टील की सीढ़ी का निर्माण कराया जाए और मूर्ति की साफ सफाई की जाए। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर कार्रवाई न होने पर कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
इस मौके पर पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, कुलदीप कोहली, पार्षद डा. विजेंद्र पाल सिंह, अर्जुन सोनकर, राजेश चौधरी, अशोक कोहली, भूपेंद्र बिष्ट, सोम प्रकाश वाल्मीकि, मुकेश सोनकर, देविका रानी, दीप बोरा, राजेंद्र कुमार दीपा चौहान सहित अन्य मौजूद थे। 

ट्रेन की चपेट मे आने से शिशु हाथी की मौत

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हरिद्वार। ट्रेन की चपेट में आने से शिशु हाथी की मौत हो गयी है। घटना सुबह पांच बजे हरिद्वार देहरादून रेल ट्रैक पर कांसरो के नजदीक हुई। पार्क अधिकारियों के मुताबिक सुबह के वक्त हाथियों का झुंड रेल ट्रैक पार कर रहा था। इस दौरान वहां से गुजर रही नंदा देवी एक्सप्रेस की चपेट में हाथी आ गया। हाथी की मौके पर ही मौत हो गयी। हालांकि रेल सेवा पर कोई असर नहीं पड़ा है। गाड़ी को मामूली रूप से कुछ देर के लिए रोका गया। अन्य ट्रेन भी सावधानी के साथ रवाना की गई। वह अधिकारी मौके पर पंहुचे हुए है। बताया जा रहा है कि हाथियों का झुंड भी ट्रैक के नजदीक मौजूद है।

निवेशकों को रिझाने के लिये अब ये करेगी उत्तराखंड सरकार

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उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य में निवेशकों को लाने के लिये इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कराने का फैसला किया है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक हाई पावर्ड कमेटी का गठन किया गया है। इस बारे में शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने अधिकारियों की बैठक ली और आने वाले दिनों का रोडमैप तय किया। इस समिट में पर्यटन, वैलनेस, आर्गेनिक फार्मिंग, खाद्य प्रसंस्करण, ग्रीन टेक्नोलॉजी पर फोकस किया जायेगा। सेक्टर के अनुसार सबका प्रोफाइल बनाया जायेगा जो आने वाले निवेशकों को पेश किया जायेगा।इसके साथ साथ यह भी दिखाया जाय कि पूंजी निवेश के लिए सरकार क्या-क्या सहूलियतें दे रही हैं।

बैठक में तय किया गया कि सीआईआई को इंडस्ट्री पार्टनर बनाया जायेगा। मुम्बई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बंगलोर सहित 6 रोड शो किये जायेंगे। इससे पहले राज्य के विभिन्न स्थानों पर 4 मिनी कॉन्क्लेव भी किये जायेंगे। इसके अलावा 2 अंतरर्राष्ट्रीय रोड शो भी किये जायेंगे।

बैठक में प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार, सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा, सचिव वित्त अमित सिंह नेगी, एमडी सिडकुल सौजन्या सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अल्प संख्यकों की शिक्षा को किए जाएं मजबूत प्रबंधः सीएस

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देहरादून। अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के लिए शिक्षा अवसरों को बढ़ावा देने के लिए एकीकृत बाल विकास सेवाओं की समुचित उपलब्धता, विद्यालयी शिक्षा में सुधार, उर्दू शिक्षण के लिए अधिक संसाधन, मदरसा शिक्षा का आधुनिकीकरण, मेधावी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और मौलाना आजाद फाउंडेशन के माध्यम से शैक्षिक सुधार को गति प्रदान की जाए। मुख्य सचिव ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।

शुक्रवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सचिवालय में अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं की समीक्षा की। निर्देश दिए कि आर्थिक क्रियाकलापों और रोजगार में समुचित हिस्सेदारी के लिए स्वरोजगार योजना, तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल उन्नयन, आर्थिक क्रियाकलापों के लिए अभिवृद्धि ऋण सहायता पर जोर दिया जाए। अल्पसंख्यको के जीवन स्तर में सुधार के लिए ग्रामीण आवास योजना और मलिन बस्तियों में सुधार कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक घटनाओं की रोकथाम, साम्प्रदायिक अपराधों का अभियोजन और दंगा पीड़ितों के पुनर्वास की व्यवस्था कार्यक्रम में शामिल हैं। उत्तराखण्ड में कोई भी साम्प्रदायिक दंगे नहीं हुए है।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017-18 के लिए भारत सरकार ने 14.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं। राज्य सरकार ने इतने ही धन की व्यवस्था की है। इससे 14.15 करोड़ रुपये के 29 निर्माण कार्य कराये जाने हैं। बताया गया कि समेकित बाल विकास योजना से 282362 लोगों, मध्यान्ह्न भोजन से 752532 लोगों, मदरसों के 42294 छात्रों, 19732 छात्रों को छात्रवृत्ति, 395 छात्रों को मेरिट कम मीन्स छात्रवृति देकर लाभान्वित किया जाना है। बैठक में प्रमुख सचिव वित्त राधा रतूड़ी, एडीजी अशोक कुमार, सचिव पेयजल अरविंद सिंह ह्यांकी, महानिदेशक शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून एसए मुरुगेशन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

क्यों रो पड़ी डीएम को देखकर इस गांव की महिलाऐं?

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उत्तरकाशी जिलाधिकारी आशीष चौहान ने आग के चपेट में आये सौणी गांव का दौरा क्या किया दर्द की कई तस्वीरें सामने आ गई।डीएम के गांव पहुंचते ही गांव की महिलाऐं अपने पर काबू नहीं कर पाई और डीएम से लिपटकर फफक फफक कर रो पड़ी। आग से प्रभावितों की मदद के लिये डीएम ने तुरंत आदेश जारी किये। साथ ही उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना एवं राज्य आपदा प्रबंधन के मानक के अनुसार आवास दिलाने का भरोसा दिया। आग से प्रभावितो को तत्तकाल प्रभाव से स्कूल और अन्य आवास में शिफ्ट करने के लिये भी पटवारी को कहा गया है।

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गौरतलब है कि उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से 200 किलोमीटर दूर सावणी गांव में भीषण आग लग गई थी जिसके चलते गांव के अधिक्कतर घर जल कर खाक हो गये। ये गांव हिमाचल की सीमा से लगा है और निकटतम सड़क स्टेशन जखोल गांव से सावणी पहुंचने के लिए सात किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। आग लगना का कारण यहां एक घर में लगी आग रही। इस आग ने विकराल रूप लेना शुरू किया तो उसकी जद में एक-एक करते दूसरे मकान भी आने लगे।

देखते ही देखते पूरा गांव आग के शोले में बदल गया। ग्रामीण घरों से बाहर निकले और मवेशियों को भी बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दो सौ से अधिक मवेशी जल कर मर गए। आग बुझाने के ग्रामीणों के प्रयास भी सफल नहीं हो सके। जैसे-जैसे आग बढ़ती गई तो ग्रामीण अपने बच्चों सहित खेतों की ओर भागे। पूरे गांव में चीख-पुकार मचने लगी। आग से 40 मकान पूरी तरह जल चुके हैं जबकि 6 मकानों को आंशिक क्षति हुई है । जिला प्रशासन ने चार छोटे वाहनों से खाद्यान्न ग्रामीणों को भेजा है।

गीतांजली ज्वेलर्स के स्टोर पर ईडी का छापा,पीएनबी घोटाले से जुड़े हैं तार

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देहरादून। देश के सबसे बड़े बैंक घोटाले के तार देहरादून से भी जुड़ रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने राजपुर रोड और देर रात कोटद्वार स्थित स्थित गीतांजली ज्वेलर्स के शोरूम पर छापेमारी की। देहरादून में यह छापेमारी शाम पांच बजे के करीब शुरू हुई करीब छह घंटे चली। वहीं कोटद्वार में निवार की सुबह करीब तीन बजे तक चली। टीम द्वारा जब्त किए हीरो और ज्वेलरी की कीमतों का आकलन किया जा रहा है।

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पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में गीतांजली समूह के वित्तीय लेन-देन के संदिग्ध मिलने के कारण ईडी इसकी जांच कर रहा है। इसके साथ ही शुक्रवार को दून के राजपुर रोड और कोटद्वार के झंडा चौक, पटेल मार्ग स्थित शोरूम पर छापेमारी की गई। बताया जा रहा है कि टीम ने यहां से बड़ी मात्रा में दस्तावेज भी जुटाए हैं। ईडी अधिकारियों ने गीतांजली ज्वेलर्स के कर्मचारियों से भी पूछताछ की। साथ ही शोरूम में मिले हीरो और ज्वेलरी के स्टॉक का मिलान कराया। इन सबको ईडी ने कब्जे में ले लिया है।

ईडी की टीम अभी जब्त हीरो और ज्वेलरी की कीमतों का आकलन कर रही है। छापेमारी को लेकर राजपुर रोड स्थित शोरूम के आसपास भारी पुलिस फोर्स भी तैनात रही। इस दौरान शोरूम के आसपास सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी रही।

स्टॉक का ब्योरा जुटाकर ले गई ईडी की टीम: पीएनबी की मुंबई स्थित ब्रीच कैंडी ब्रांच में किए गए 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने दून में गीतांजली ज्वेलर्स पर छापा मारा। करीब छह घंटे चली छापेमारी में ईडी अधिकारियों ने प्रतिष्ठान के एक-एक स्टॉक की जांच की और उन्हें सूचीबद्ध किया। बताया जा रहा है कि ईडी गीतांजली ज्वेलर्स की तमाम ज्वैलरी को सीज कर सकती हैं।

ईडी के उप निदेशक रवींद्र जोशी के नेतृत्व में शाम पांच बजे के करीब छापेमारी शुरू की गई। टीम ने आते ही ग्राहकों को वहां से निकाला औऱ प्रतिष्ठान का शटर डाउन कर दिया। इसके साथ ही स्टॉक की जांच शुरू कर दी गई। पता चला कि यह गीतांजली ज्वेलर्स की फ्रेंचाइजी है, लेकिन यहां जो भी स्टॉक आता है, वह गीतांजली ज्वेलर्स की मूल कंपनी से मंगाया जाता है।

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खास बात यह कि गीतांजली ज्वेलर्स उन चार कंपनियों में से एक है, जिनमें पीएनबी के धन के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर ईडी अधिकारियों ने स्टॉक का विभिन्न कागजात के साथ मिलान कराया। ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि जो माल यहां की फ्रेंचाइजी में है, उसकी खरीद में कहीं गोलमाल तो नहीं।

छापे के दौरान स्टाफ को भी बाहर नहीं जाने दिया गया और पूरी कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान का शटर डाउन ही रहा। करीब 11 बजे जब टीम गीतांजली ज्वेलर्स से बाहर आई तो साथ में जब्त किए गए तमाम कागजात भी थे।

देश के तमाम शहरों में गीतांजली ज्वेलर्स की फ्रेंचाइजी की ज्वेलरी सीज की गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि यहां भी ज्वेलरी को सीज करने की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि ईडी की मूल कार्रवाई दिल्ली की टीम का रही है और देहरादून की टीम सहयोग के रूप में काम कर रही है। छापे की रिपोर्ट भी दिल्ली भेजी जाएगी। आगे का एक्शन दिल्ली के निर्देश पर ही लिया जाना है।

नारी शक्ति की मिसाल हैं पूजा तोमर

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वो कहते हैं ना कि जो आप पर बीती होती है वो कोई कभी नहीं भूलता,लेकिन उस आप बीती से बहुत कम लोग सीख लेते हैं और आगे बढ़ते हैं।आज हम आपकी मुलाकात कराते हैं एक ऐसी शख्सियत से जिसने अपनी आप बीती से सीखा और अपने जैसे कई लोगों का जीवन सवारा।

देहरादून के अम्मावाल की रहने वाली 40 साल की पूजा तोमर दस साल से सरस्वती सजगराती स्वंयसंस्था समूह चला रही है।पूजा आज दो बच्चो की मां है और एक मेहनती महिला के रुप में समाज में अपनी पहचान बना चुकी है। पूजा से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि ””दस साल पहले जब यह सब शुरु हुआ तो हम केवल 2 महिलाएं थी और आज देखते-देखते 40 से 50 महिलाएं इस समूह से जुड़ गई हैं। इन सभी महिलाओं में एक डोर है जो इन्हें जोड़ती है और वो यह है कि यह सब महिलाएं बहुत ही जरुरतमंद और उपेक्षित हैं।

आज इन महिलाओं का समूह पहाड़ी दालें बेचता है,पहाड़ी मूली,बथुआ,पालक की बड़िया,अलसी के लड्डू,पापड़ और साथ ही इन्होंने 2012 में घर-घर जाकर केटरिंग भी शुरु की है।इसके अलावा पूजा की टीम सूरजकुंड मेला,मुंबई कौथिग,परेड ग्राउंड देहरादून में भी स्टाल लगाते हैं।

pooja tomarअपनी यात्रा के बारे मे पूजा बताती है, मेरी लव मैरिज हुई और मुझे मेरे परिवार और ससुराल से कोई सपोर्ट नहीं मिला,मैंने पढ़ाई भी आधे में छोड़ दी,बहुत संघर्ष किया और तब जाकर मुझे ये मौका मिला है,मैं अपने साथ कई लोगों को सहारा दे रही हूं,और यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।

18 साल की उम्र से अपने घर का खर्चा उठा रही पूजा को यह पता भी नहीं चला कि कब वह अपने साथ 40 और महिलाओं का घर भी चलाने लगी,जिनमें से कई को 6-7 हजार रुपए प्रति महीना इस समूह से मिलता है।पूजा बताती है जब मेरी बेटी जागृति पैदा हुई तब मुझे उससे प्रेरणा मिली की इन बच्चों के लिए कुछ करना है,अपना परिवार संभालने के लिए काम करना है।

अपनी सफलता के पीछे पूजा अपनी टीम को श्रेय देती हैं और कहती हैं कि,यह केवल महिलाओं का ग्रुप होने के कारण ,सभी जरुरतमंद महिलाएं यहां सुरक्षित महसूस करती है और अपना घर समझ कर काम करती है।

आज पूजा तोमर एक ऐसा नाम है जिसे लोग जानते हैं और पहचानते हैं। पूजा आगे कहती हैं कि, मै चाहती हूं कि जरुरतमंद लड़कियों को पढ़ाऊं और उनकी शादी करुं जो मुझे नहीं मिला वो सब मैं अपनी बच्चियों को देना चाहती हूं।जो मेरे साथ बीता उससे सीख लेकर मैं सब की मदद करना अपनी जिम्मेदारी समझती हूं।

पूजा आज बहुत सी महिलाओं के लिए एक उदाहरण हैं जिन्होंने जिंदगी से हार नहीं मानी और अपनी मेहनत से ना केवल अपने घर को चलाया,लेकिन बहुतों के घर भी संजोए हैं।

छात्रों व शिक्षकों ने दिए बजट पर सुझाव

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देहरादून,  आपका बजट-आपकी राय कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दून विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं एवं अध्यापकों से संवाद किया और आगामी बजट के लिए उनके सुझाव लिए। इस अवसर पर 23 छात्र-छात्राओं ने आगामी बजट के लिए विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव दिए। इस दौरान सीएम ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

दून विवि में छात्रों व शिक्षकों के साथ संवाद के तहत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को स्वीकार नही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 11 माह की राज्य सरकार बिल्कुल बेदाग है। राज्य सरकार प्रदेश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनायें बना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेयरी सब्सिडी अभी 25 प्रतिशत है, जिसे 10 प्रतिशत बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने पर विचार किया जा रहा है। सभी न्याय पंचायतों को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है। दूरस्थ क्षेत्रों में संचार तकनीकी पहुँचाने के लिए आईआईटी मुम्बई के साथ बैलून टैक्नालॉजी का प्रयोग करने के लिए एमओयू किया गया है। पिरूल से बायोफ्यूल तथा तारपीन का तेल निकालने का समझौता आईआईपी के साथ हुआ है, जिससे ग्रामीणों को लाभ होगा। 

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प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में शत प्रतिशत प्रधानाचार्यों एवं 93 प्रतिशत अध्यापकों की नियुक्ति की गई है। पिछले 10 महीने में लगभग 1000 डॉक्टर पहाड़ों में भेजे गए है। 170 बांडधारी डॉक्टरों को पहाड़ों में भेजा गया है। सितम्बर-अक्टूबर में उत्तराखंड में इन्वेस्टर समिट किया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप बजट तैयार करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग के लोगों से राय ली जा रही है। बजट राज्य के विकास का रोडमैप होता है, इसलिए इसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ग की समस्याओं एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं का बजट में समावेश किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि 13 फरवरी, 2018 को मुख्यमंत्री ने जनपद उत्तरकाशी के गंगाणी में किसानों से संवाद किया एवं आगामी बजट के लिए उनके सुझाव प्राप्त किए। ’’आपकी राय-आपका बजट’’ के सुझावों में सुमन खत्री द्वारा पर्वतीय जिलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट, पर्यटन, यातायात कनेक्टिविटी से जोड़ने का सुझाव दिया गया। मैनेजमेंट के छात्र गौतम कुमार ने, “आॅर्गेनिक प्रोडक्ट को बढ़ावा दिये जाने, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने एवं स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए योजना बनाये जाने का सुझाव दिया।”

डॉ.मनु शर्मा ने सुझाव दिया कि, “स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहरी क्षेत्रों की स्वच्छता पर जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया जाए।” शोध छात्रा शालू राठी ने सुझाव दिया कि, फसल बीमा योजना से अधिक से अधिक किसान जुड़ सके, इसमें इंश्योरेंस पालिसी को और अधिक मजबूत बनाना जरूरी है। इसके अलावा कम्यूनिकेशन बढ़ाने के लिए सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की व्यवस्था, उद्यमिता को बढ़ावा देने, सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान को और सशक्त बनाने, ऑर्गेनिक उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने, युवाओं को स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग देने, किसानों को डिजिटल इंडिया से जोड़ने के सुझाव प्राप्त हुए।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि, “केन्द्रीय बजट में समाज के प्रत्येक वर्ग को दृष्टिगत रखते हुए बजट पेश किया गया। युवाओं के लिये रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना इस बजट की बडी विशेषता रही है। प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्रों की संख्या बढ़ाई गई है। देश के 600 जनपदों में इन केन्द्रों को विस्तारित किया जा रहा है। अभी तक प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्र सिर्फ 60 जनपदों में थे। देश में कौशल विकास केन्द्र खोलने की शुरुआत की गई तो देश में उत्तराखंड को स्टेट कम्पोनेंट से सबसे पहले 2 कौशल विकास केन्द्र खोलने का श्रेय प्राप्त हुआ।” 3.50 करोड़ लाख युवाओं को इसके तहत रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। 100 से अधिक अन्तर्राष्ट्रीय स्किल डेवलपमेंट सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। संवाद कार्यक्रम के अवसर पर दून विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.चन्द्रशेखर नौटियाल, दून विश्वविद्यालय के अध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

 

टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने गु्प्तिल

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ऑकलैंड,त्रिकोणीय टी-20 श्रृंखला में शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे मैच में शानदार शतक (105) लगाकर न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज मार्टिन गुप्टिल ने रिकार्डों की झड़ी लगा दी। इस शतक के साथ ही गुप्टिल अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। गुप्टिल ने 72 टी-20 मैचों में 2083 रन हो गए हैं। गुप्टिल ने इस मामले में पूर्व कप्तान ब्रेंडन मैकुलम को पीछे छोड़ा। मैकुलम के 71 मैचों में 2140 रन हैं। इस सूची में भारतीय कप्तान विराट कोहली 1956 रनों के साथ तीसरे पायदान पर हैं।

इसके अलावा गुप्टिल ने इस मैच में न्यूजीलैंड की तरफ से टी-20 क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाया। गुप्टिल ने इस मैच में 54 गेंदों पर 105 रन बनाए। उन्होंने 49 गेंदो पर शतक लगाकर पूर्व कप्तान ब्रेंडन मैकुलम के रिकार्ड को तोड़ा। मैक्कुलम ने 50 गेंद पर शतक जड़ा था।

हालांकि टी-20 में सबसे तेज शतक का रिकार्ड संयुक्त रूप से दक्षिण अफ्रीका के डेविड मिलर और भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा के नाम है। मिलर ने बांग्लादेश के खिलाफ केवल 35 गेंदों पर शतक लगाया था। वहीं, रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ 35 गेंदों पर शतक लगाया था। इस सूची में दूसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका के ही रिचर्ड लेवी हैं। लेवी ने वर्ष 2012 में न्‍यूजीलैंड के खिलाफ खेलते हुए हेमिल्‍टन में 45 गेंदों पर शतक जड़ा था।

इसके अलावा गुप्टिल टी-20 क्रिकेट में 2 या उससे ज़्यादा शतक लगाने वाले छठे बल्लेबाज बन गए हैं। गुप्टिल से पहले कॉलिन मुनरो ने तीन, ब्रेंडन मैकुलम, रोहित शर्मा, क्रिस गेल और ग्लेन मैक्सवेल ने दो-दो शतक लगाए हैं।