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समाज में विकास के लिए इंटरनेट की भूमिका महत्वपूर्ण : यशपाल

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भीमताल। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि इंटरनेट आज महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ज्ञान, संवाद का संप्रेक्षण में अपेक्षित गति आ चुकी है। इसलिए ऐसे क्रांती को उत्तराखण्ड जैसे राज्य में पर्यावरण, स्वास्थ्य, कृषि के क्षेत्र में इसका उपयोग कर हम समाज के उत्थान में सहभागी बन सकते हैं।

शुक्रवार को भीमताल के बिड़ला संस्थान व उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एंव अनुसंधान संस्थान देहरादून के संयोजन में आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के उद्घान अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि परिवहन एवं समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने य व्यक्त किए। इस मौके पर मंत्री के अलावा निदेशक डा. बीएस विष्ट मौजूद थे।

इस मौके पर मंत्री ने कहा कि संचार क्रांति के युग में मानव लगातार नई ऊंचाई को छू रहा है। समाज के निचले तबके के उत्थान के लिए उपयोग कर हम इसका सार्थक उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश विदेश से पहुंचे वैज्ञानिकों के ज्ञान का उत्तराखंड को बहुमूल्य लाभ मिलेगा। बिड़ला संस्थान व यूसर्क की पहल की मंत्री ने सराहना की।

बिड़ला के निदेशक डा. बीएस विष्ट ने कहा कि सेमीनार का विषय इंटरनेट आफ थिंग्स स्मार्ट यूजेजे एंड इनोवेशन रखा गया है। उन्होंने आगंतुकों का स्वागत किया। इस मौके पर उच्च शिक्षा के उप निदेशक डा. कमल पांडे, नगर पंचायत के चेयरमैन राजेश नेगी, डा. आषुतोष भट्ट, अमेरिका से आई प्रो. मारिया गांजा, आस्ट्रेलिया प्रो. आरके डी, एमएम मालवीय राष्ट्रीय तकनीकी विवि के कुलपति डा. एसएन सिह, रुहेल खंड विवि के विनय रिसीवाल, देव संस्कृति विवि हरिद्वार के अभय सक्सेनै, द्वारा इंजीनियरिंग कालेज के निदेशक प्रो. आरके सिंह, डा. एमके शर्मा, डा. जितेंद्र पांडे, डा. देवाजीत शर्मा, डा. एचसी पांडे, अध्यक्ष नगर पालिका भीमताल राजेश नेगी सहित अनेक वैज्ञानिक मौजूद थे। 

थराली विधायक मगनलाल को अस्पताल देखने पहुंचे सीएम और विधानसभा अध्यक्ष

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देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल समेत कई नेता थराली विधायक मगनलाल शाह की तबीयत बिगड़ने पर उनका हाल जानने शुक्रवार को जौलीग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल पहुंचे।
थराली विधायक मगनलाल शाह फेफड़ों में संक्रमण के चलते जौलीग्रांट अस्पताल में 19 फरवरी से भर्ती हैं। शुक्रवार सुबह विधायक मगन लाल शाह की तबीयत अचानक खराब होने के चलते उन्हें आनन-फानन में आईसीयू में दाखिल करना पड़ा। जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सुबह 9 बजकर 10 मिनट पर जौलीग्रांट हॉस्पिटल पहुंचे। इस दौरान उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत और बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट भी साथ रहे।
इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि डॉक्टर उन्हें देख रहे हैं, अगर उन्हें हायर सेंटर भेजने की जरूरत होगी तो वह भी किया जाएगा। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर उन्हें हायर सेंटर भेजने पर विचार कर रहे हैं। उन्हें वेदांता ले जाया जा सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित करते हुए कहा है कि विधायक मदन लाल शाह के उपचार में कोई कोताही ना बरती जाए। विधानसभा अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने थराली के विधायक मदन लाल शाह को उचित उपचार के लिए कहीं अन्यत्र शिफ्ट करने के लिए भी चर्चा की। इस दौरान बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।

क्यों रोका पुलिस ने रूसी पर्यटकों को राफ्टिंग करने से

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(पिथौरागढ़) धारचूला पुलिस ने गुरुवार को दो रूसी नागरिकों को उस समय पकड़ लिया जब वो काली नदी में राफ्टिंग औऱ क्याकिंग के लिये जा रहे थे। काली नदी भारत और नेपाल के बीच से बहती है औऱ इसलिये सामरिक दृष्टि से संवेदनशील भी है। हांलाकि पूछताछ के बाद पुलिस ने इन रूसी नागरिकों को छोड़ दिया।

एसपी पिथौरागढ़ अजय जोशी के मुताबिक  “जानकारी मिली थी कि तीन रूसी नागरिकों का दल जिनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल थी वो त्वाघाट में काली नदी में क्याकिंग के लिये जा रहे हैं। इसके चलते हमने एसएसबी को सूचना दी और उन्हे 7 किमी पहले खौतिला में रोक लिया गया।”

प्रारंभिक जांच के बाद इन्हे एसएसबी के हवाले कर दिया गया। जोशी के मुताबिक इन लोगों ेक पास सरयू नदी में क्याकिंग के इज़ाजत थी काली नदी में नही।

 

बद्रीनाथ के “प्रसाद” ने कैसे बदली किसानों की तकदीर

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देहरादून,उत्तराखंड सरकार ने हैस्को के सहयोग से बनने वाले खास किस्म के प्रसाद के माध्यम से सूबे के काश्तकारों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लोगों के जीवन में क्रांतिकारी आर्थिक बदलाव लाने का प्रयास शुरू किया है। इसमें मुख्य मेहनत किसानों और स्वयं सहायता समूहों की होगी। उन्हें तकनीकी जानकारी हैस्को और आर्थिक सहयोग सरकार देगी। प्रसाद निर्माण कार्यक्रम में लगने वाले लोगों को प्रशिक्षित करने का जिम्मा भी सरकार का होगा।

उत्तराखंड के किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को लेकर यह विचार वर्तमान मुख्यमंत्री के कृषि मंत्रित्व कार्यकाल में प्रारंभ हुआ था जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इस प्रसाद में रिंगाल की टोकरी, पत्थर की मूर्ति, चौलाई, कुट्टू, मंडुवा, झंगोरा आदि पर्वतीय उत्पादों का प्रयोग होगा, इन्हें शुद्ध देसी घी में प्रसाद के रूप में तैयार किया जाएगा।

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इसी प्रकार के तैयार प्रसाद को बदरीनाथ धाम में गोविंद सिंह द्वारा बेचा गया, जिन्होंने 19 लाख का प्रसाद बेचा। इस प्रसाद में 10 लाख रु. की लागत आई और 9 लाख रु. उन्हें बचत के रूप में मिल गए। इसी प्रकार का अभिनव प्रयोग उत्तराखंड के सभी प्रमुख 625 मंदिरों में किया जाएगा, जिसमें इन उत्पादों और प्रसाद की ब्रांडिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री का कहना है कि जिस प्रकार वैष्णोदेवी का प्रसाद एक ब्रांड के रूप में पूरे देश में जाता है, ऐसा ही प्रसाद उत्तराखंड में भी होगा।

आंकड़े देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 3 करोड़ 15 लाख श्रद्धालु प्रतिवर्ष आते हैं, जो हमारी जनसंख्या का तीन गुना हैं। इनमें से केवल 80 लाख यात्रियों को लक्षित किया जाएगा और उन्हें यह प्रसाद बेचा जाएगा। अनुमानित रूप से यदि 100 रुपये का प्रसाद एक व्यक्ति खरीदे तो 80 करोड़ की राशि हमारे किसानों को आय के रूप में मिलती है, जिससे उनकी आमदनी दुगनी तो होगी ही, जीवन स्तर भी ऊंचा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे हमारे किसानों को उत्पादों के उचित मूल्य मिलेंगे और उनकी आय बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 625 मंदिरों में चार स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जा सकता है। एक स्वयं सहायता समूह में 10 महिलाएं होती है। इस प्रकार 40 महिलाओं को एक मंदिर से रोजगार मिलेगा। इनमें किसानों के उत्पाद खरीदने, निर्माण करने, विपणन करने आदि के कार्य इन सहायता समूहों द्वारा किए जाएंगे। इसके साथ ही साथ प्रसाद की पैकिंग तथा उसमें लगने वाले सामान भी हमें आर्थिक रूप से सम्पन्न बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि हमारे आठ अनाज इस प्रसाद के लिए महत्वपूर्ण है, जिनमें मंडुवा और झंगोरा आदि शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, “इस प्रसाद के निर्माण में हैस्को तकनीकी सहयोग देगी और सरकार सहयोग करेगी। कुछ क्षेत्रों में जहां इस प्रसाद का विरोध हो रहा है वहां दुकानों का प्रबंध कराना सरकार की जिम्मेदारी होगी। कंडी का कच्चा माल यहीं का होगा, जिसका पूरा लाभ प्रदेश को होगा।” हैस्को के प्रमुख पद्मश्री अनिल जोशी का कहना है कि, “सरकार और हैस्को इनको तकनीकी और विशेषज्ञ जानकारी देंगे ताकि इन स्वयं सहायता समूहों तथा उत्तराखंड के बाशिंदों के लिए यह प्रयास वरदान साबित हो सके।” 

गेल इण्डियन स्पीड स्टार के तीसरे सत्र का समापन

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नई दिल्ली,  देश भर में परीक्षणों के दौर से गुज़रने के बाद गेल इण्डियन स्पीडस्टार के तीसरे संस्करण का समापन यहां त्यागराज खेल परिसर में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ हुआ। तीसरे संस्करण में देश भर से चुन कर आए 243 प्रतिभागियों ने मुकाबला किया। जिसमें 10 युवाओं को चुना गया। ये 10 विजेता पिछले दो सत्र में चुने गए 14 एथलीटों के एलीट ग्रुप से जुड़ेंगे। ये 14 एथलीट जमैका के किंगस्टन के प्रतिष्ठित रेसर्स ट्रैक क्लब में ट्रेनिंग ले रहे हैं। ये क्लब उसेन बोल्ट और योहन ब्लैक जैसे दिग्गज धावकों का ट्रेनिंग मैदान रहा है।

इस संस्करण के लिए 120 नोडल ज़िलों और इनसे जुड़े 600 ज़िलों में ट्रायल लिए गए, जिसमें विशेष रूप से देश के दूर-दराज के इलाकों, आदिवासी बेल्ट एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों पर ध्यान दिया गया। ट्रायल में 1,40000 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया। इनमें से 3500 छात्रों ने राज्य स्तर के ट्रायल के लिए क्वालीफाई किया जिसका आयोजन 20 स्थलों पर किया गया। इनमें से 243 बच्चों ने राष्ट्रीय फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था।

समापन समारोह में खेल एवं युवा मामलों के माननीय राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वाले अन्य दिग्गजों में गेल (इण्डिया) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक बी सी त्रिपाठी तथा राष्ट्रीय चयन समिति के सदस्य पी.टी. उषा, श्रीराम सिंह शेखावट, ओलम्पिक खिलाड़ी रचिता मिस्त्री, अनुराधा बिस्वाल तथा एशियाई एवं कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक विजेता कविता राउत शामिल थे।

इण्डियन स्पीड स्टार- एनवायसीएस गेल रफ्तार के पहले संस्करण में 10 राज्यों के 53 ज़िलों में शुरूआती ट्रायल किए गए, जिसमें 26,000 बच्चों ने हिस्सा लिया और फिनाले में विभिन्न श्रेणियों में इनमें से 9 बच्चों को चुना गया। दूसरे संस्करण की शुरूआत 107 ज़िलों में ट्रायल के साथ हुई, जिसमें 1,13,478 बच्चों ने हिस्सा लिया तथा 7 बच्चों को आगे प्रशिक्षण के लिए चुना गया। जिन्हें एक इंटरनेशनल और दो घरेलू प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने का मौका मिला। पिछले संस्करण के विजेता शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। इन्होंने कई राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं जैसे रियो ओलम्पिक्स- 2016, एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप, उडीसा-2017, विश्व स्कूल गेम्स, नैनसी, फ्रांस-2017, विश्व यूथ चैम्पियनशिप, केन्या- 2017, यूथ काॅमनवेल्थ गेम्स, बहमास- 2017, खेलो इण्डिया 2018 आदि में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। इनमें से कई खिलाड़ी तो अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रिकाॅर्ड बनाकर अपना लोहा मनवा चुके हैं।

मोदी, सुषमा से मिले कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो

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नई दिल्ली, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच ये मुलाकात दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई। ट्रूडो-मोदी के बीच भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों को लेकर शिष्टमंडल स्तर की बातचीत हुई। इससे पहले ट्रूडो ने भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की।

विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रविश कुमार ने बताया कि भारत यात्रा पर आए कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। ट्रूडो-मोदी के बीच भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों को लेकर बात हुई। दोनों ही नेताओं ने भारत-कनाडा संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने की जरूरत पर बल दिया। दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई इस मुलाकात में भारत-कनाडा के बीच वाणिज्य, निवेश, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, स्टार्ट-अप, विज्ञान एवं तकनीकी, रक्षा, पर्यटन एवं लोगों से लोगों के संपर्क को लेकर बात हुई।

इससे पहले जस्टिन ट्रूडो ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। दोनों के बीच बैठक बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। ट्रूडो-स्वराज के बीच भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर करने और राजनयिक स्तर पर एक-दूसरे को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सहयोग करने को लेकर बात हुई।

इससे पहले शुक्रवार सुबह कनाडा के प्रधानमंत्री के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में एक समारोह का आयोजन किया गया। जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जस्टिन ट्रूडो और उनके परिवार का औपचारिक स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति भवन में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की अगवानी की। कनाडा पीएम को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। औपचारिक स्वागत के बाद ट्रूडो की पत्नी और बच्चों के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत की और तस्वीरें भी खिंचवाईं।

कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो सपरिवार भारत यात्रा पर हैं। वे 17 फरवरी से 24 फरवरी तक भारत यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने मुंबई, अहमदाबाद, अमृतसर, आगरा और दिल्ली में विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत की।

गर्मी की छुट्टियों में रेलवे चलाएगा 4 स्पेशल रेलगाड़ियां

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नई दिल्ली, उत्तर रेलवे अप्रैल से जून के दौरान गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए कटिहार से जलंधर, मुम्बई से नई दिल्ली, अहमदाबाद से दिल्ली और मालदा से हरिद्वार के बीच चार स्पेशल रेलगाड़ियां चलाएगा। यह साप्ताहिक ट्रेनें इस दौरान कुल 122 फेरे लगाएंगी।

उत्तर रेलवे के अनुसार रेलगाड़ी संख्या 05717/05718 कटियार-जलंधर सिटी-कटिहार साप्ताहिक ग्रीष्मावकाश स्पेशल कुल 26 फेरे लगाएगी। 5 अप्रैल से 28 जून तक प्रत्येक वीरवार सुबह 9 बजे कटिहार से प्रस्थान करके अगले दिन सुबह 06.30 बजे जलंधर सिटी पहुंचेगी। वापसी दिशा में जलंधर से 7 अप्रैल से 30 जून तक प्रत्येक शनिवार अर्धरात्रि 01.15 बजे प्रस्थान करके अगले दिन पूर्वाह्न 11.30 बजे कटिहार पहुंचेगी। एक वातानुकूलित 2 टीयर, दो वातानुकूलित 3 टीयर, पांच शयनयान, छ: सामान्य श्रेणी और दो दिव्यांग अनुकूल द्वितीय श्रेणी सह सामानयान वाली यह ट्रेन मार्ग में नौगछिया, खगड़िया, बेगुसराय, बरौनी, हाजीपुर, सोनपुर, छपरा, सीवान, थावे, तुमकुही रोड, पडरौना, कपतानगंज, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा,सीतापुर छावनी, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, अम्बाला छावनी और लुधियाना स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

रेलगाड़ी संख्या 09005/09006 मुम्बई सेन्ट्रल-नई दिल्ली मुम्बई सेन्ट्रल सप्ताह में दो दिन ए. सी. सुपर फास्ट स्पेशल कुल 46 फेरे लगाएगी। 13 अप्रैल से 26 जून तक प्रत्येक शुक्रवार और रविवार सायं 4 बजे मुम्बई सेन्ट्रल से प्रस्थान करके अगले दिन सुबह 07.55 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी दिशा में नई दिल्ली से 14 अप्रैल से 30 जून तक प्रत्येक शनिवार और सोमवार दोपहर 02.50 बजे प्रस्थान करके अगले दिन प्रात: 06.55 बजे मुम्बई सेन्ट्रल पहुंचेगी। चार वातानुकूलित 2 टीयर, आठ वातानुकूलित 3 टीयर, वाली ए.सी. सुपर फास्ट स्पेशल मार्ग में वडोदरा और कोटा स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

रेलगाड़ी संख्या 09413/09414 अहमदाबाद-दिल्ली सराय रोहिल्ला-अहमदाबाद साप्ताहिक ए. सी. सुपर फास्ट स्पेशल कुल 24 फेरे लगाएगी। 14 अप्रैल से 30 जून तक प्रत्येक शनिवार सायं 04.10 बजे अहमदाबाद से प्रस्थान करके अगले दिन प्रात: 06.50 बजे दिल्ली सराय रोहिल्ला पहुंचेगी। वापसी दिशा में नई दिल्ली से 15 अप्रैल से 01 जुलाई तक प्रत्येक रविवार दिल्ली सराय रोहिल्ला से दोपहर 03.50 बजे प्रस्थान करके अगले दिन सुबह 07.00 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी। चार वातानुकूलित 2 टीयर, आठ वातानुकूलित 3 टीयर, वाली ए.सी. साप्ताहिक सुपर फास्ट स्पेशल मार्ग में पालनपुर, आबू रोड, अजमेर, जयपुर और गुड़गांव स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

रेलगाड़ी संख्या 03427/03428 मालदा टाउन-हरिद्वार-मालदा टाउन साप्ताहिक ग्रीष्मावकाश स्पेशल कुल 26 फेरे लगाएगी। 02 अप्रैल से 25 जून तक प्रत्येक सोमवार सुबह 09.05 बजे मालदा टाउन से प्रस्थान करके अगले दिन दोपहर 01.50 बजे हरिद्वार पहुंचेगी। वापसी दिशा में 03428 हरिद्वार-मालदा टाउन साप्ताहिक ग्रीष्मावकाश स्पेशल हरिद्वार से 03 अप्रैल से 26 जून तक प्रत्येक मंगलवार सायं 04.05 बजे प्रस्थान करके अगले दिन पूर्वाह्न 11.30 बजे मालदा टाउन पहुंचेगी। एक वातानुकूलित 2 टीयर, चार वातानुकूलित 3 टीयर, सात शयनयान, चार सामान्य श्रेणी और दो दिव्यांग अनुकूल द्वितीय श्रेणी सह सामानयान वाली रेलगाड़ी ग्रीष्मावकाश स्पेशल मार्ग में न्यू फरक्का, बड़हड़वा, साहिबगंज, कहलगांव, भागलपुर, सुलतानगंज, जमालपुर, अभयपुर, क्यिूल, मोकामा, बखित्यारपुर, पटना, आरा, बक्सर, मुगलसराय, वाराणसी, लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद और लक्सर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।

पांच हाईकोर्ट के 37 एडिशनल जजों को स्थायी जज बनाने की सिफारिश

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सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली,  सु्प्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पांच हाईकोर्ट के 37 एडिशनल जजों को स्थायी जज बनाने की सिफारिश की है। कॉलेजियम ने जिन एडिशनल जजों को स्थायी जज के पद पर नियुक्ति करने की सिफारिश की है उनमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के 9, राजस्थान हाईकोर्ट के 10, केरल हाईकोर्ट के 5, गुजरात हाईकोर्ट के 7 और बांबे हाईकोर्ट के 6 एडिशनल जज शामिल हैं । कॉलेजियम ने 22 फरवरी की अपनी में ये सिफारिशें की हैं।

कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जिन एडिशनल जजों को स्थायी जज के पद पर नियुक्ति की सिफारिश की है उनमें जस्टिस राजूल भार्गव, जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा, जस्टिस संगीता चंद्र, जस्टिस दया शंकर त्रिपाठी, जस्टिस शैलेंद्र कुमार अग्रवाल, जस्टिस संजय हरकोलली, जस्टिस कृष्णा प्रताप सिंह, जस्टिस रेखा दीक्षित, और जस्टिस सत्य नारायण अग्निहोत्री शामिल हैं। हालांकि कॉलेजियम ने जस्टिस वीरेंद्र कुमार-द्वितीय को 15 नवंबर, 2018 से एक साल की एक नई अवधि के लिए एडिशनल के तौर पर फिर से नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है। कॉलेजियम ने कहा है कि जस्टिस कुमार के काम को कुछ और समय के लिए देखा जाए।

कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट के जिन एडिशनल जजों को स्थायी जज के पद पर नियुक्ति की सिफारिश की है उनमें जस्टिस गंगा राम मूलचंदानी, जस्टिस दीपक माहेश्वरी, जस्टिस विजय कुमार व्यास, जस्टिस गोवर्धन बरधारी, जस्टिस पंकज भंडारी, जस्टिस दिनेश चंद्र सोमाणी, जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा, जस्टिस डॉ पुष्पेंद्र सिंह भाटी, जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर शामिल हैं।

कॉलेजियम ने केरल हाईकोर्ट के जिन एडिशनल जजों को स्थायी जज के पद पर नियुक्ति की सिफारिश की है उनमें जस्टिस सतीश नैनन, जस्टिस देवान रामचंद्रन, जस्टिस पी सोमरराजन, जस्टिस वी शर्सी, और जस्टिस ए.एम.बाबू शामिल हैं।

कॉलेजियम ने गुजरात हाईकोर्ट के जिन एडिशनल जजों को स्थायी जज के पद पर नियुक्ति की सिफारिश की है उनमें जस्टिस डॉ के जे थाकेर, जस्टिस आरपी ढोलरिया, जस्टिस आशुतोष जे शास्त्री, जस्टिस बिरन ए वैष्णव, जस्टिस अल्पेश वाई कॉगज , जस्टिस अरविंद सिंह सुपिया और जस्टिस बी एन करिया शामिल हैं।

कॉलेजियम ने फैसला किया कि जस्टिस के जे थाकेर इलाहाबाद हाईकोर्ट में कार्य करना जारी रखेंगे, जिसमें वह वर्तमान में तैनात हैं। कॉलेजियम ने कहा है कि कुछ सिफारिशों के खिलाफ न्याय विभाग और चीफ जस्टिस द्वारा कुछ शिकायतें मिली हैं। हालांकि कॉलेजियम ने इस तरह के आरोपों पर ध्यान देने से इनकार कर दिया। कॉलेजियम ने कहा है कि उपरोक्त शिकायतों में हमें कोई योग्यता नहीं दिखाई देती।

कॉलेजियम ने बांबे हाईकोर्ट के जिन एडिशनल जजों को स्थायी जज के पद पर नियुक्ति की सिफारिश की है उनमें जस्टिस प्रकाश देव नाइक, जस्टिस मकरंद सुभाष कर्णिक, जस्टिस स्वप्ना संजीव जोशी, जस्टिस किशोर कालेश सोनवणे, जस्टिस संगीतराव शामराव पाटिल और जस्टिस नूतन दत्ताराम सरदेसाई शामिल हैं।

यहां भी कॉलेजियम ने कुछ सिफारिश वाले लोगों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों पर भरोसा करने से मना कर दिया। कॉलेजियम ने कहा कि उपरोक्त शिकायतों में हमें कोई योग्यता नहीं दिखाई देती क्योंकि इसमें किए गए आरोप झूठे, तुच्छ या बिना किसी सबूत के हैं। हमारे विचार में ये शिकायतें विशेष रूप से, सकारात्मक सामग्री के प्रकाश में नजरअंदाज करने की हकदार हैं।

राइट टू हेल्थ के बैनर तले अस्पताल में डॉक्टरों की मांग को लेकर अनशन पर बैठे नागरिक

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ऋषिकेश, उत्तराखंड में चार धाम यात्रा यात्रा के प्रवेश द्वार ऋषिकेश के एक मात्र सरकारी अस्पताल के हाल सरकार के तमाम वादों की हकीकत बताने के लिए काफी है, यहाँ काफी लंबे समय से डाक्टर की कमी के चलते मरीजों को काफी दिक्केतें हो रही है, तो वहीँ हॉस्पिटल की व्यवस्था की तरफ भी कोई ध्यान देता नहीं दिख रहा है।

हालात ये है कि सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में पिछले कई महीनों से रेबीज़ तक की भी दवाई उपलब्ध नहीं है, साल 2013 की आपदा के जख्म आज भी हर किसी के दिलं में हरे है, स्वस्थ सेवाओं की बदहाली का खामिजाय हमें उस वक्त भी भुगतना पड़ा था, पर अफसोस, आपदा के इतने साल बाद भी हालात जस के तस बने हुए है। पुरे पहाड़ों की स्वस्थ सेवाओं को जोड़ने वाले ऋषिकेश के एक मात्र सरकारी अस्पताल के हाल भी बेहद खराब है। सरकारी अस्पताल में कई विभागों में डॉक्टर्स की काफी कमी चल रही है, कई विभागों के सर्जन नहीं है, ऐसे में पहाड़ों से बेहतर इलाज के लिए ऋषिकेश आने वाले मरीजों को सरकार की इस नाकामी का खामियाजा उठाना पढता है । इसके पीछे का कारण डॉक्टर के तबादले तो कर दिए गए लेकिन उनकी जगह अभी तक कोई डॉकटर नहीं आया है जिसको लेकर ऋषिकेश की जनता में त्रिवेंद्र सरकार के प्रति गुस्सा है।

ऋषिकेश के पहाड़ी जिलों से जुड़े होने के कारण दूर दराज से गांव के लोग इलाज के लिए ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आते है परन्तु सरकारी अस्पताल के हाल यह है कि यहाँ कई विभागों में डॉक्टरों की कमी चल रही है। यह हाल तब है जब नयी सरकार डबल इंजन की बात कर उत्तराखंड में नए बदलाव की बात कर रही है, ऐसे में ऋषिकेश का ये अस्पताल प्रदेश की स्वास्थ व्यवस्थाओं की पोल खोलने के लिए काफी है।

जब तक राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में रिक्त पड़े डॉक्टरों के पद भरें नही जाएंगे तब तक अनशन और आंदोलन जारी रहेगा। ‘राइट टू हेल्थ’ के ऋषिकेश सह सयोंजक उत्तम असवाल ने कहा कि, “जून 2017 से ऋषिकेश अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, निश्चेतक, महिला रोग विशेषज्ञ समेत ईएनटी, चर्मरोग, ईएमओ चिकित्सक का पद रिक्त होने के कारण रोजना हजारों रोगियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।” गढ़वाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राइट टू हैल्थ से जुड़े डॉ राजे नेगी ने कहा कि, “विश्व पटल पर अंर्तराष्टीय योग नगरी के नाम से विखयात एवं चारधाम यात्रा का मुख्य द्वार पर चिकित्सको के अभाव के कारण रोजाना दुर्घटना में घायल होने वाले मरीजो को भी इलाज न मिल पाने के कारण अस्पताल रेफर सेंटर बनकर रह गया है।”

26 फरवरी को शुरू होगी मणिकूट परिक्रमा 

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ऋषिकेश, ऋषीकेश में गंगा के तट पर स्थित मणि कूट पर्वत प्राचीन समय से ही ऋषि मुनियों की तपोभूमि के नाम से जाना जाता है, यहाँ पर नीलकंठ महादेव और अन्य कई सिद्ध पीठ है, इस छेत्र को पर्यटन के मानचित्र पर लाने के लिए पिछले 12 सालों से  मणि कूट पर्वत की परिकर्मा का आयोजन किया जाता रहा है, जिस में देशी-विदेशी लोग शिरकत करते है। कहा जाता है कि मणि कूट पर्वत पर त्रिदेव निवास करते है जिसकी परिक्रमा करने से पापो का शमन होता है।

मणिकूट परिक्रमा के आयोजक सौरभ कंडवाल के अनुसार, “आत्म कुटीर आश्रम द्वारा हर साल आयोजित की जाने वाली पौराणिक मणिकूट परिक्रमा का आयोजन इस वर्ष 26 फरवरी को होने जा रहा है , मणिकूट परिक्रमा उन पौराणिक परिक्रमाओं में से एक जिनका वर्णन पुराणों में मिलता है प्राचीन काल से यह परिक्रमा चली आ रही है, हालांकि कठनाइयों के चलते यह परम्परा विलुप्त हो गई थी लेकिन आत्म कुटीर आश्रम के राही बाबा के द्वारा इस परंपरा की दुबारा शुरुवात की गई है।”

आत्म कुटीर आश्रम कई सालों से इस यात्रा का आयोजन करवाता आया है। यात्रा का शुभारम्भ लक्ष्मण झूला के निकट पांडव गुफा से प्रातः माँ गंगा के आश्रीवाद से होगा, तत्पश्चात यात्रा में अलग-अलग बारह द्वारों का पूजन किया जायेगा, अौर अंत मे यात्रा वापस माँ गंगा के तट पर पूर्ण होगी । यात्रा में हजारों की संख्या में देशी व विदेशी श्रद्धालु सम्मलित होकर यात्रा को पूर्ण करेंगे।