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अभिनेत्री श्रीदेवी के असामयिक निधन से तेलुगु फिल्म उद्योग सदमे में

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हैदराबाद, अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन पर पूरा तेलुगु फिल्म उद्योग गहरे शोक में डूब गया है। उनके निधन को लेकर तेलुगु की जानी-मानी हस्तियों ने सोशल मीडिया पर अपना शोक व्यक्त किया।

निर्माता राघवेंद्र राव ने ट्वीट कर लिखा, “मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैं बहुत सदमे में हूं। श्रीदेवी जी अब नहीं रहीं, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।” राघवेंद्र ने आगे लिखा कि उनके निर्देशन में जगदीका विरुदू अतिलोका सुंदरी में अभिनेता चिरंजीवी के साथ श्रीदेवी ने मुख्य भूमिका निभाई थी और यह तेलुगु फिल्म ब्लॉक बस्टर रही थी। तेलुगु में कुल 62 से आधिक फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई।

टॉलीवूड अभिनेता और कई अभिनेत्री जैसे चिरंजीवी, जयसुधा और रकुल प्रीत सिंह ने कहा कि श्रीदेवी के निधन पर विश्वास नहीं हो रहा है। श्रीदेवी की कमी को भारतीय फिल्म में कोई पूरा नहीं कर पाएगा।

अपने आपको श्रीदेवी को आदर्श मानने वाले राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया पर गहरा शोक व्यक्त किया है। ट्वीट कर उन्होंने कहा, “भगवान से मैंने कभी भी इतना विद्वेष नहीं किया। मगर अब मैं नफरत करता हूं इस बात से कि मुझे जिंदा रहना पड़ रहा है, उनकी मौत की खबरें सुनने के लिए। श्रीदेवी आप जहां भी हैं, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं और हमेशा करता रहूंगा।’

ईको फ्रेंडली होली खेलकर दें स्वच्छता का संदेश: चिदानन्द

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ऋषिकेश, परमार्थ निकेतन के परम अध्यक्ष चिदानन्द मुनि महाराज ने ईको फ्रेंडली होली मनाने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में फागुन के फगुआरे व प्राकृतिक रंगों का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है। आज बाजारों में रासायनिक रंगों की धूम मची है, जिनके प्रयोग से शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं।

योग और आध्यात्म की अलख जगाकर ग्लोबल पहचान दिलाने वाले परमार्थ परमाध्यक्ष चिदानन्द सरस्वती मुनि महाराज ने कहा कि ऋतुराज में होली का त्योहार हर किसी के मन में उमंगें पैदा करता है। विभिन्न रंग मनुष्य के अंदर अलग-अलग भाव पैदा करते हैं।

प्राचीन काल में होली पर्व प्राकृतिक रंगों से खेलते थे जोकि पूरी तरह से शरीर एवं पर्यावरण के लिए सुरक्षित थे। टेसू के फूलों के रंग, पीले रंग के लिए हल्दी पाउडर तथा अलग-अलग रंगों के विभिन्न प्रकार के फूलों का प्रयोग किया जाता था। उन्होंने कहा कि होली पर्व गले मिलकर सादगी से मनाएं। ईको-फ्रेंडली होली मनाकर स्वच्छता का संदेश दें।

राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के लिए आईओए ने एडलवाइस के साथ किया करार

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नई दिल्ली, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने सोमवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम में 2018 राष्ट्रमंडल खेलों, 2018 एशियाई खेलों और 2020 ओलंपिक खेलों के लिए भारतीय दल के प्रायोजक के रूप में एडलवाइस फाइनेंसियल सर्विसेज लिमिटेड के साथ साझेदारी की घोषणा की।

इसके अलावा आईओए ने राष्ट्रमंडल खेलों के लिए आधिकारिक खेल परिधान भागीदार के रूप में शिव नरेश स्पोर्ट्स कंपनी और आधिकारिक स्टाइल पार्टनर के रूप में कपड़े के क्षेत्र की उत्कृष्ट कंपनी रेमंड के साथ करार किया है।

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इस दीर्घकालिक साझेदारी के साथ ही एडलवाइस टोकियो लाइफ इंश्योरेंस ने 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के सभी एथलीटों को 50 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर प्रदान किया है। इससे पहले एडलवाइस ने 2016 में रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एथलीटों के लिए 1 करोड़ का बीमा कवर दिया था।

इस अवसर पर आईओए अध्यक्ष नरिंदर ध्रुव बत्रा ने कहा, “मुझे एडलवाइस समूह के साथ साझेदारी की घोषणा करने पर प्रसन्नता हो रही है, यह करार भारत को खेल सुपर पावर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय खेलों को बढ़ावा देने के लिए निजी कंपनियों के आगे आने से टोक्यो में होने वाले 2020 ओलंपिक खेलों की तैयारियों को बल मिलेगा। मुझे रेमंड के आधिकारिक स्टाइल पार्टनर और शिव नरेश के साथ राष्ट्रमंडल खेलों के लिए आधिकारिक परिधान भागीदार के रूप में सहयोगी बनाने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।”

कार्यक्रम में खेलमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, आईओए अध्यक्ष नरिंदर ध्रुव बत्रा और सचिव जनरल आईओए राजीव मेहता उपस्थित थे। इनके अलावा एचएस प्रणय (बैडमिंटन) मेहुली घोष (शूटिंग), अनुराग सिंह (शूटिंग), मनप्रीत सिंह (कप्तान, भारतीय पुरुष हॉकी टीम), रानी रामपाल (कप्तान, भारतीय महिला हॉकी टीम), रूपिंदर पाल सिंह (हॉकी), सविता पुनिया, दीपा करमाकर (जिमनास्टिक्स), मोहम्मद बॉबी (जिमनास्टिक्स), गौरव कुमार (जिमनास्टिक्स) और प्रणिता दास (जिमनास्टिक्स) जैसे दिग्गज भारतीय खिलाड़ी भी मौजूद थे। 

उल्लेखनीय है कि 4 अप्रैल से शुरू हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारत 227 एथलीटों का दल भेज रहा है।

राजकीय चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का बोलबाला

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ऋषिकेश, ऋषिकेश के राजकीय चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का बोलबाला बना हुआ है। कराह रहे मरीजों और रोगियों के उपचार और देखभाल की समस्याएं गंभीर बनती जा रही है। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे अस्पताल में जहां जीवनरक्षक औषधियों के लिए रोगियों को चिकित्सालय में चिकित्सकों द्वारा मेडिकल स्टोर का रास्ता दिखाया जा रहा है।

अस्पताल में विभिन्न बीमारियों के उपचारार्थ भर्ती रोगियों को लचार सफाई व्यवस्था और बीमार बना रही है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि गढ़वाल के मुख्य द्वार के बीमार हो चुके सरकारी अस्पताल की दशा और दिशा में सुधार होगा तो होगा कब।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैय्यद मुमताज हाशिम का आरोप है कि राजकीय चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अपने कक्ष के बजाय प्रथम तल पर स्थित कक्ष में ही ज्यादातर समय बिताते हैं। उनको मरीजों और अस्पताल की काई चिंता नही है। ऐसे में अस्पातल की हालत बद से बदतर होती जा रही है। इस ओर शासन-प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा।

उसेन बोल्ट ने फुटबॉल क्लब के साथ किया करार

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नई दिल्ली, दुनिया के सबसे तेज धावक की उपाधि से नवाजे गए व आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता जमैका के दिग्गज धावक उसेन बोल्ट ने एक फुटबॉल क्लब के साथ करार किया है।हालांकि उन्होंने क्लब का नाम नहीं बताया। क्लब के नाम की घोषणा वह मंगलवार को करेंगे।

बोल्ट ने ट्विटर पर 10 सेकेंड का एक वीडियो अपलोड कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने वीडियो में कहा, “मैंने अभी एक फ़ुटबॉल क्लब से करार किया है और क्लब का नाम मैं मंगलवार को घोषित करूंगा।”

मैनचेस्टर यूनाइटेड के प्रशंसक बोल्ट ने इस साल की शुरुआत में पुष्टि की थी कि वह मार्च में बन्देस्लिगा क्लब बोरुसिया डॉर्टमुंड के साथ प्रशिक्षण करेंगे। उल्लेखनीय है कि 31 वर्षीय बोल्ट ने कई बार फुटबॉल के प्रति अपना प्रेम प्रदर्शित किया है और वह कई बार सार्वजनिक मंचों से भी अपने एथलेटिक्स कैरियर की समाप्ति के बाद फुटबॉल खेलने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।

त्योहार पर मिलावटखोर सक्रिय

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ऋषिकेश। होली का त्योहार निकट आते ही शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। मिठाइयों की दुकानों पर दिन-रात गुजिया तैयार करने का काम चल रहा है। विभाग की उदासीनता के चलते तीर्थ नगरी में अब भी कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं आई है, जबकि मिलावट का खेल धड़ल्ले से हो रहा है।
संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी पीसी कंडवाल का कहना है कि उनके द्वारा ऋषिकेश मुनिकीरेती क्षेत्र में होली के पर्व से पूर्व खाद्य सुरक्षा नियम के अंतर्गत हलवाइयों के साथ कुछ तेल विक्रेताओं के यहां छापेमारी की गई है। जिनके सैंपल लेकर लेबोरेटरी में भेज दिए गए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विभाग छापेमारी के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है। यही कारण है कि होली का त्योहार नजदीक आते ही मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। बाजारों में बेखौफ होकर मिलावटी मावा और खोया-पनीर की बिक्री कराई जा रही है। उत्तरप्रदेश के विभिन्न जिलों से मंगाए जा रहे सैकड़ों क्विंटल मिलावटी मावा को मिठाई बनाने में खपाया जा रहा है। चार दिन बाद होली का त्योहार है। ऐसे में बाजारों में मिठाइयों की दुकानों पर बड़े पैमाने पर मिलावटी मावा से बनी गुजिया सज गई है।

रंग बदलता मौसम का मिजाज होली पर्व को कर सकता है फीका

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ऋषिकेश तीर्थनगरी में पल-पल बदलते मौसम के रंग होली के शौकीनों के चेहरे की हवाइयां उड़ा रहे हैं। पर्व से जुड़े दुकानदार भी गड़बड़ा रहे मौसम के तेवरों से उलझन में है।

देवभूमि में शनिवार से मौसम के मिजाज ने अचानक से करवट बदली है। गढ़वाल के मुख्य द्वार ऋषिकेश में रात भर कभी जमकर तो कभी थम-थम कर बारिश होती रही। राहत की बात यह रही कि रविवार की सुबह धूल भरी आंधी के बाद सूर्य देव ने अपनी चमक बिखेरी और मौसम खुल गया, लेकिन इसके बावजूद होली पर्व से जुड़े दुकानदारों एवं होली के शौकीनों को पर्व पर मौसम के मिजाज को लेकर चिंता सताने लगी है। गौरतलब यह भी है कि राज्य के मौसम विभाग ने उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों के साथ तराई क्षेत्रों में अगले दो-तीन दिन तक हल्की बारिश की आंशका जताई है। ऐसे में यदि मौसम ने अपने तेवर तल्ख किए तो होली के उत्साह पर पानी फिर सकता है।

चमोली में फिर बदला मौसम का मिजाज, ऊंचाई वाले स्थानों पर हुई बर्फवारी

चमोली जिले में रविवार को फिर से एक बार मौसम का मिजाज बदला। जिले की ऊंची चोटियों के साथ बदरीनाथ, हेमकुंड व औली में बर्फबारी हुई। जिला मुख्यालय गोपेश्वर समेत निचले इलाकों में बारिश के चलते शीत लहर चलने लगी है।

रविवार को जहां चमोली जिले में सुबह से धूप खिली हुई थी। परंतु दोहपर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदला और ऊंची चोटियों के अलावा बदरीनाथ, हेमकुंड व औली, गोरसों में हिमपात तो निचले हिस्सों में बारिश शुरू हो गई। औली में लगभग आधा फीट बर्फ जमी हुई है। निचले क्षेत्रों में भी दिनभर मौसम का मिजाज पल-पल बदलता रहा। सुबह धूप खिली रही तो लोगों ने धूप का आनंद लिया। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और गोपेश्वर के साथ हीआसपास के इलाकों में बारिश शुरू हो गई थी। जिससे ठंड बढ़ने लगी है।

मौसम को देखते हुए रिजनल को-ऑर्डिनेटर वेर्स्टन एंड सेंट्रल हिमालया,एग्रो मेट एडवाइजरी सर्विस डिवीज़न ऑफ आईएमडी आनंद शर्मा ने बताया कि, “2 मार्च को थोड़ी वेर्स्टन डिस्टरबेंस देखने को मिल रही है, जिसकी वजह से बादल छाये होंगे लेकिन अभी सिस्टम पर मॉनिटरिंग का काम चल रहा जिसकी वजह से एकदम सटीक नहीं बताया जा सकता। मैदानी इलाको मे ज्यादा असर नहीं दिखाई देगा, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में छींटे पड़ सकते है।”

होली पर शांति व्यवस्था बनाए जाने के लिया पुलिस गोष्ठी

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देहरादून, आगामी होली के पर्व पर थाना क्षेत्राअंतर्गत शांति व्यवस्था बनाए जाने के लिया संभ्रांत व्यक्तिय, जनप्रतिनिधि, भिन्न-भिन्न समुदाय के व्यक्तियों की गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमे 41 लोग सम्मिलित हुये। गोष्ठी में उपस्थित समस्त व्यक्तियों को होली के पर्व पर शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने एवं सांप्रदायिक जातिगत सद्भावना बनाए रखने की अपील की गई।

होली के पर्व पर नशीले पदार्थ के सेवन न करने व आपसी प्रेम बनाए रखने का अनुरोध किया गया। सुरक्षा के दृष्टिगत, संवेदनशीलता जगहों पर सीसीटीवी लगाए जाने व उनकी उपयोगिता बताए जाने के उपरांत कैमरे लगाए जाने का अनुरोध किया गया।

गोष्टी के बाद थाने पर नियुक्त सभी अधिकारी कर्मचारी गणों की भी होली के पर्व पर सतर्कता से ड्यूटी करने एवं थाना क्षेत्र में सतर्क दृष्टि रहने एवं आपराधिक गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखने के निर्देश दिया गया, साथ ही उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्यवाही करने के लिये निर्देशित किया गया

टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज के छात्रों का जोरदार आंदोलन शुरू

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मुंबई, मोदी सरकार के फैसले की वजह से पिछले चार दिनों से टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज के छात्रों की ओर से जोरदार आंदोलन शुरू है। लेकिन अभी तक सरकार और टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज की आखे नहीं खुली है। गौरतलब है की 21 फरवरी से टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज मुंबई के छात्रों ने इस धरना आंदोलन की शुरू किया था । जो अब हैदराबाद, गुवाहाटी और तुलजापुर तक भी पहुंच गया है। आज इस आंदोलन का चौथा दिन है लेकिन अभी तक सरकार और टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज इस आंदोलन को गंभीर रूप से नहीं ले रही है।

पढ़ाई बीच में ही छोड़ने पर मजबूर
टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज के छात्रों ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में कमी कर दी गई है। इसकी वजह से टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज में भी फीस की छूट खत्म कर दी है। ऐसे में फीस बढ़ने की वजह से कई ऐसे भी छात्र हैं, जो फीस नहीं भर पा रहे हैं और नतीजा ये है कि उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़ने पर मजबूर हो रहे है। छात्र पिछले चार दिनों से हड़ताल पर है। उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज का गेट बंद कर दिया है और वो कैंपस में ही धरना दे रहे हैं।

छात्रों पर आर्थिक संकट
टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज में पढ़नेवाले छात्रों में दलित और आदिवासी छात्रों के साथ ही अल्पसंख्यक छात्रों की भी अच्छी-खासी संख्या है। यहां पर पिछले कई सालों से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग के उन छात्रों को फीस में छूट मिलती थी, जो पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए योग्य होते थे। ऐसे विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस में छूट मिलती थी। वहीं इनसे मेस और हॉस्टल के पैसे नहीं लिए जाते थे। लेकिन अब सरकार के फैसले की वजह से दलित और आदिवासी छात्रों को प्रति साल 62 हजार रुपए देना पड़ रहा है। इसके चलते विद्यार्थियों आर्थिक समस्या से परेशान है।

पिछड़े वर्ग विद्यार्थी में आ रही है कमी
छात्रों का ये भी कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली स्कॉलरशिप में भी कमी कर दी गई। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अकेले महाराष्ट्र में भी छात्रों की संख्या 65 से घटकर 20 रह गई। 2017 तक जहां टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज के कुल 97 छात्रों को स्कॉलरशिप मिलती थी, वहीं 2017 में इनकी संख्या घटकर 47 ही रह गई। इस से साफ पता चल रहा है की पिछड़े वर्ग विद्यार्थी को सरकार पढ़ाना नहीं चाहती है।

एससी और एसटी के छात्रों से खिलवाड़
बता दे की जब 2016 का सत्र शुरू हो रहा था, तो यूनिवर्सिटी की ओर से प्रॉस्पेक्टस में लिखा गया था कि बढ़ी हुई फीस वापस कर दी जाएगी। एक साल बीता फीस वापस नहीं हुई। जब 2016 के छात्र दूसरे सत्र में यानी 2017 में आए, तो एक बार फिर से फैसला बदल गया। प्रशासन की ओर से एससी और एसटी के छात्रों से भी कहा गया कि उन्हें मेस और हॉस्टल का बिल चुकाना पड़ेगा छात्रों ने इसका विरोध किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है। इस के खिलाफ अब छात्र सङ्क पर उत्तर गए है।

मुंबई से हुई आंदोलन की शुरूवात
टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज के छात्रों और वहां के स्टूडेंट यूनियन ने इसके लिए यूनिवर्सिटी के अलावा मानव संसाधन मंत्रालय और सामाजिक न्याय मंत्रालय में भी याचिकाएं डाल रखी हैं। जब मंत्रालय में भी सुनवाई नहीं हुई, तो छात्रों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने 21 फरवरी से हड़ताल की घोषणा कर दी. ये हड़ताल मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज से शुरू हुई, जो हैदराबाद, गुवाहाटी और तुलजापुर तक भी पहुंच गई है।

यूजीसी ने अनुदान किया कम
छात्रों ने बताया की हमने अपनी मांगो को लेकर टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज के अधिकारीयों से बात करने की कोशिश की तो। उस पर उन्होंने जवाब दिया है की यूजीसी ने इस वर्ष से अनुदान कम कर दिया है। पहले साल के 20 करोड़ रुपए यूजीसी दे रही थी। अब सिर्फ 6 करोड़ रुपए ही दे रही है। अनुदान कम मिलने से हमने इस वर्ष से मेस और हॉस्टल की छुट्ट को रद्द कर दिया है।

स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष अर्चना सुरेन ने बताया की 2016-18 बैच और 2017-19 बैच के एससी, एसटी और ओबीसी के साथ ही अल्पसंख्यक छात्रों की बढ़ी हुई फीस वापस नहीं ली जाती और मेस और हॉस्टल की फीस माफ नहीं की जाती तब तक ये हड़ताल जारी रहेगी। -अर्चना सुरेन अध्यक्ष स्टूडेंट यूनियन

विकास तातड,कार्यकारी स्टूडेंट यूनियन सरकार के फैसले की वजह से टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज में भी फीस की छूट खत्म कर दी है। ऐसे में फीस बढ़ने की वजह से कई ऐसे भी छात्र हैं, जो फीस नहीं भर पा रहे हैं और नतीजा ये है कि उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़ने पर मजबूर हो रहे है। इस पर जल्द से जल्द समाधान निकालना चाहिए |

कांग्रेस और भाजपा ने बारी-बारी से उत्तराखंड को छला: सिन्हा

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देहरादून। आम आदमी पार्टी (आप) ने आगामी नगर निगम चुनावों को देखते हुए सोमवार को भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था स्थापित करने के संकल्प के तहत ‘भ्रष्टाचार मुक्ति यात्रा’ (कार व दुपहिया वाहन रैली) का आयोजन किया।

‘आप’ पार्टी, उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी व दिल्ली के मुख्य अरविंद केजरीवाल के विशेष सलाहकार राकेश कुमार सिन्हा की अगुवाई में निकाली गयी ‘भ्रष्टाचार मुक्ति यात्रा’ स्थानीय परेड ग्राउन्ड से शुरू होकर लैंसडाउन चौक, दर्शनलाल चौक, प्रिंस चौक, सहारनपुर चौक, पथरीबाग चौक, लालपुल, शिमला बाईपास, बल्लीवाला चौक, कांवली रोड, चकराता रोड, धंटाकर, जाखन, आईटी पार्क, सहस्त्रधारा क्रॉसिंग, सर्वे चौक, आराघर चौक होकर रेसकोर्स पर जाकर समाप्त हुई।

इसके पूर्व प्रदेश प्रभारी द्वारा शहीद स्मारक पर जाकर उत्तराखंड के शहीदों को श्रृद्धांजलि दी और गांधी पार्क स्थित महात्मा गांधी व धंटाघर स्थित इंद्रमणी बडोनी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया।

इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी राकेश सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि आगामी निकाय चुनावों से उत्तराखंड की राजनीति में आम आदमी पार्टी के रूप में एक नयी ईमानदार व स्वच्छ राजनैतिक शक्ति का उदय होने जा रहा है। प्रदेश की राजनीति में आम आदमी पार्टी की दस्तक से भाजपा-कांग्रेस बौखलाई व घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट हो चुका है भाजपा कांग्रेस से नहीं आम आदमी पार्टी से डर रही है। जिस गति से पार्टी का जनाधार राज्य मे दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। इससे भ्रष्टाचारी राजनेताओं के मन मैं खोफ पैदा नजर आ रहा है।

सिन्हा ने कहा कि आज दिल्ली से ज्यादा आम आदमी पार्टी की जरूरत उत्तराखण्ड राज्य को है। हम आम जनता को यह विश्वास दिलाते हैं कि आगामी निकाय चुनाव के परिणाम निगमों, पालिकाओं मे हो रहे भ्रष्टाचार पर पूर्ण विराम लगाने वाले हैं चाहे वो भ्रष्टाचार सफाई व्यवस्था का हो, या निगमो/पालिकाओं की जमीनों को भू-माफियाओं को बेचने संबंधित हो या फिर सफाई कर्मियो की नियुक्ति न खोलने व राज्य सरकार के श्रम कानून से भी कम न्यूनतन वेतन पर ठेकेदारी प्रथाओं द्वारा किये जा रहे शोषण से हो। उन्होंने कहा कि पिछले सत्रह वर्षों से काँग्रेस और भाजपा ने बारी-बारी से उत्तराखंड व उत्तराखंड की जनता को लूटा और छला है। इन्होंने उत्तराखंड की देवभूमि को घोटाला-भूमि बना दिया है।

कांग्रेस भाजपा को चोर कहती है और भाजपा कांग्रेस को चोर कहती है, जबकि दोनों ही मिले हुए हैं, ये चोर-चोर मौसेरे भाई हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी की जीत के बाद दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार की तर्ज पर लोककल्याणकारी नीतियां लागू की जाएंगी।

जिलाध्यक्षा उमा सिसौदिया ने कहा कि उत्तराखंड की जनता कांग्रेस और भाजपा के कुशासन से त्रस्त है परन्तु विकल्पहीनता के अभाव में इन्हीं में से किसी एक को चुनना मजबूरी थी। इस बार निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी के रूप में एक सशक्त, स्वच्छ व ईमानदार विकल्प जनता के सामने है। कार्यक्रम में प्रदेशउपाध्यक्षद्वय श्यामबाबू पांडेय व राव नसीम, प्रदेश सचिव राजेश बहुगुणा, सचिव (प्रदेश प्रभारी) नवीन पिरशाली, प्रदेश मीडिया प्रभारी कुलदीप सहदेव सहित सैकड़ों कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।