अटल आयुष्मान योजना के तहत 1 मिनट में बन रहे 7 कार्ड

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अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना को 1 वर्ष पूरा हो गया है। 1 साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री आवास में कार्यक्रम आयोजित किया गया ।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अटल आयुष्मान योजना के तहत लाभ उठाने वाले लाभार्थियों से भी मुलाकात की। मुलाकात के दौरान लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री को निशुल्क इलाज मिलने पर आभार जताया, साथ ही बताया कि पिछले 1 साल में 1 लाख 10 हजार लोगों को अब तक योजना का लाभ मिल चुका है । 12 हजार गंभीर बीमारी वाले लोग योजना के लाभ से आज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना में से एक आयुष्मान योजना का आज एक साल पूरा हो गया, जिसकी वर्षगांठ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस योजना की सफलता पर बात की । मुख्यमंत्री ने कहा कि, “अब तक इस योजना के तहत 1 लाख 10 हज़ार लोगों का इलाज हुआ,105 करोड़ की धनराशि इसमे खर्च हुई है । 12 हज़ार लाभार्थी जिनकी जिंदगी खतरे में थी उनका सफल इलाज हुआ है जबकि 20400 ह्रदय रोगी का सफल इलाज भी किया गया।50 हज़ार लोगों की डायलिसिस सुविधा मुहैय्या करवाई गई है । हरिद्वार के लिए 100 बेड के अस्पताल को स्वीकृति मिल गई है।अस्पतालों का भुगतान 7 दिन के भीतर किया जा रहा है । अब तक 34 लाख 70 हज़ार कार्ड बन चुके हैं । 9 हज़ार 600 कार्ड प्रतिदिन बनाये गए हैं । प्रति 1 मिनट में 7 कार्ड बन रहे हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के गुणवत्ता के लिए और भी कदम उठाएं जाएंगे। 350 मरीजों का प्रतिदिन ओर प्रत्येक घंटे में 15 मरीजों का इलाज हो रहा है । अटल आयुष्मान योजना के तहत 1 वर्ष में प्रदेश के कई लोगों को इस योजना का लाभ मिला है। प्रदेश के 13 जिलों में अटल आयुष्मान योजना के लाभार्थियों भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

आपको बता दे कि उत्तराखंड सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। अटल आयुष्मान योजना जिसमें प्रदेश के प्रत्येक परिवार को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल रहा है, मुख्यमंत्री ने बेहतर कार्य करने वाले अस्पतालों को नहीं सम्मानित किया है। साथ ही इस योजना में सहयोग करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया।

उत्तराखंड में आज ही के दिन 25 दिसंबर 2018 को अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना की शुरूआत की गई थी। मुख्यमंत्री ने  राज्य के स्वास्थ विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुवे कहा कि राज्य में कई मरीज ऐसे थे जो गरीबी की वजह से जो लोग अपना इलाज नहीं करा पा रहे थे आज उन्हें इलाज मिला है ।