उत्तराखंड के लुठियाग गांव को जल संरक्षण के क्षेत्र में मिला राष्ट्रीय जल पुरस्कार

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लुठियाग
ग्राम पंचायत लुठियाग की महिलाओं ने प्राकृतिक जल स्रोतों को रीचार्ज कर न केवल क्षेत्र की 4500 से अधिक आबादी को पेयजल संकट से निजात दिलाई, बल्कि साग-सब्जी का उत्पादन करके भी स्थानीय लोगों को रोजगार दिया। ग्राम पंचायत लुठियाग की राज राजेश्वरी ग्राम कृषक समिति के सदस्यों ने पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए जल संरक्षण की पहल करके मिसाल कायम की है। इस बेहतरीन कार्य के लिए लुठियाग गांव को जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय जल पुरस्कार मिला है। लुठियाग को सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत (उत्तर क्षेत्र) का अवार्ड मिला है। द्वितीय जल पुरुस्कार के तहत यह अवार्ड दिया गया है।
– ग्रामीणों ने गांव के जंगल में तैयार की है 11 लाख लीटर पानी एकत्रित करने वाली झील 
– झील बुझा रही है ग्रामीणों की प्यास, खेतों में सिंचाई के लिए भी मिल रहा है पर्याप्त पानी
समिति ने रिलायंस फाउंडेशन के साथ मिलकर प्रहरी खाल बनाई। खाल का निर्माण होने से जहां क्षेत्र के कई गांवों से पेयजल संकट दूर हुआ, वहीं साग-सब्जी आदि के उत्पादन के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने लगा। लोगों की प्यास बुझने के साथ ही रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो गये। लुठियाग गांव में समिति की ओर से 11 लाख लीटर पानी एकत्रित करने वाली झील का निर्माण किया गया है। कभी गांव के ग्रामीणों को पानी के लिए दर-बदर भटकना पड़ता था लेकिन झील बनने के बाद ग्रामीणों की पेयजल को लेकर समस्या दूर हो गई।
पांच जून, 2014 को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर ग्रामीणों ने पेयजल स्रोत से डेढ़ किमी दूर जंगल में एक खाल बनाने का कार्य शुरू किया। एक माह की कड़ी मेहनत के बाद 40 मीटर लंबी व 18 मीटर चौड़ी झील बनकर तैयार हुई। धीरे-धीरे झील में बारिश का पानी जमा होने लगा और वर्ष 2015 में इसमें करीब पांच लाख लीटर पानी जमा होने से गांव में पेयजल स्रोत रीचार्ज होने शुरू हो गये। यही नहीं स्रोत से सटे नम स्थलों पर भी स्रोत फूटने लगे।
वर्ष 2016 में झील में पानी की मात्रा आठ लाख लीटर हो गई। जो वर्तमान में 11 लाख लीटर से अधिक है। इसके बाद ग्रामीणों ने रिलायंस फाउंडेशन की मदद से स्रोत के समीप 22 हजार व 50 हजार लीटर क्षमता के दो स्टोरेज टैंकों का निर्माण कराया। इनसे सभी घरों को पर्याप्त पानी मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी लुठियाग गांव की महिलाओं की ओर से जल संरक्षण के क्षेत्र में किये गये कार्य की सराहना कर चुके हैं। जल संरक्षण के क्षेत्र में महिलाओं द्वारा किये गये कार्य का नतीजा ही है कि राष्ट्रीय स्तर पर गांव को जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जल पुरस्कार उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, राज्य मंत्री जल शक्ति मंत्रालय रतन लाल कटारिया आदि की उपस्थिति में बुधवार को दिल्ली में दिया गया।
रिलायंस फाउंडेशन के प्रतिनिधि प्रकाश सिंह ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से आज गांव में महिलाओं को पुरस्कार मिला है। उन्होंने कहा कि जिले के अन्य गांवों में भी इस प्रकार के कार्य किये जा रहे हैं।
रिलायंस फाउंडेशन के दर्शन सिंह नेगी ने कहा कि आज जल संरक्षण के क्षेत्र में लुठियाग गांव मिसाल बना हुआ है। अन्य गांवों को भी इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
राज राजेश्वरी ग्राम कृषक समिति के अध्यक्ष कुंवर सिंह कैंतुरा ने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन एवं तत्कालीन जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने जल संरक्षण के क्षेत्र में ग्रामीणों को अपना बेहतर सहयोग दिया है।
केन्द्र सरकार की ओर से दिये गये पुरस्कार के बाद ग्रामीणों में खुशी है। जन अधिकार मंच के अध्यक्ष मोहित डिमरी ने भी ग्रामीणों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर खुशी व्यक्त की है।