करोड़ों खर्च होने के बाद भी नहीं बन पाया स्पोर्ट्स स्टेडियम

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स्टेडियम
चमोली जिले के पोखरी में खेल विभाग की ओर से मिनी स्पोर्ट्स  स्टेडियम का निर्माण उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को सौंपा गया था लेकिन दो करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च होने के बाद भी मिनी स्टेडिम का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। आधे-अधूरे पड़े स्टेडियम का खिलाड़ी उपयोग नहीं कर पा रहे है।
वर्ष 2010 में तत्कालीन खेल मंत्री राजेंद्र भंडारी ने पोखरी में तीन करोड़ से अधिक की धनराशि का मिनी स्पोट्र्स स्टेडियम का निर्माण कार्य खेल विभाग चमोली के माध्यम से कार्यदायी संस्था निर्माण निगम को सौंप कर शुरू करवा गया था। जिसमें इंडोर व आउट खेलों के लिए स्टेडियम को तैयार किया जाना था। उसके बाद 2012 में 2017 के कांग्रेस के कार्यकाल के अंतिम छह माह में जब राजेंद्र भंडारी फिर से कांग्रेस में कृषि मंत्री बने तो उन्होंने स्टेडियम के कार्य  का शुरू करवाया। जिसमें स्टेडियम के बाहरी दिवारों का निर्माण किया गया लेकिन भारी वर्षा में दीवार ढह गई। जिसकी जांच भी करवाई गई मगर उस जांच का क्या हुआ आज तक पता नहीं चल और स्टेडियम का निर्माण कार्य भी रूक गया। तब से लेकर अब तक स्टेडियम का कार्य रुका पड़ा है।
कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र बत्र्वाल, ब्लाक अध्यक्ष कुंवर सिंह चैधरी, ब्लाक प्रमुख प्रीति भंडारी, संतोष चैधरी आदि का कहना है कि वर्तमान भाजपा सरकार के चार वर्ष पूरे होने को है, लेकिन निर्माण निगम की लापरवाही और सरकार की उदासीनता के चलते स्टेडियम जिस हाल मे चार वर्ष पहले था उसी हाल में वर्तमान में भी है। एक पत्थर तक उस पर नहीं लगाया गया है।  स्टेडियम की टूटी दीवारें उसी हाल मे है। पानी निकासी के लिये नाली नहीं बनी है। जिस वजह से वर्षात के समय सारा स्टेडियम का पानी विनायकधार होते हुये बाजार पहुंच कर लोगांे की दुकानों और घरों में घुस जाता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए।
वहीं दूसरी ओर खेल विभाग के प्रभारी जिला क्रीड़ाधिकारी गिरीश कुमार का कहना है कि निर्माणदायी संस्था को दो करोड से अधिक की धनराशि दिये जाने के बाद भी उस अनुपात में कार्य नहीं हुआ जैसा होना चाहिए था। विभाग ने बची धन राशि के लिए शासन से मांग की है धनराशि उपलब्ध होने पर कार्य पूरा किया जाएगा।