दलित हत्या मामले में पुलिस ने की तीन गिरफ्तारी, इलाके में तनाव

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Dalit man allegedly beaten to death
Crime

उत्तराखंड के टिहरी जिले में उच्च जाति के कुछ लोगों ने शादी समारोह में कुर्सी पर बैठकर खाना खाने पर एक दलित युवक की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई की, जिसकी उसकी मौत हो गई।
मृतक जितेंद्र दास (23) के परिवार का कहना है कि 26 अप्रैल को नैनबाग तहसील में उस पर हमला किया गया क्योंकि उसने उच्च जाति के कुछ लोगों के सामने कुर्सी पर बैठकर खाना खाया था। दास को पहले एक स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया लेकिन बाद में तबीयत बिगड़ने पर उसे 28 अप्रैल को श्री महंत इंद्रेश अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
दास की मौत के तुरंत बाद उसे परिवार के लोग और गांववाले कोरोनेशन अस्पातल के बाहर धरने पर बैठ गए, इसी अस्पताल में

मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया था।

मृतक की बहन पूजा ने बताया कि जिस शादी में यह घटना घटी, वह एक दलित शादी थी।पूजा ने बताया, ‘वह हमारे कजिन की शादी थी। मेरे भाई ने एक गलती कर दी उसने उस काउंटर से खाना लिया, जहां सवर्ण जाति के लोग खाना खा रहे थे और फिर वह उनके साथ ही कुर्सी पर बैठकर खाना खाने लगा.’

इस मामले में ताजा जानकारी देते हुए डीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने बताया अशोक कुमार ने कहा था कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सबके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीजी ने कहा कि पुलिस की आगे की कार्यवाही में तीन लोगों की गिरफ्तारी हो गई है और उनपर मर्डर की धाराएं लगाई गई है।

जितेंद्र दास के चाचा एलम दास ने कहा कि उन्हें अगली सुबह उस घटना के बारे में पता चला जब उनकी मां ने उन्हें बेहोश पाया और उन्हें पास के अस्पताल ले गईं। हम सभी अपने दूर के रिश्तेदारों की शादी में शामिल होने गए थे। जितेंद्र अपना डिनर करने गए थे, जबकि हम शादी के स्थान के दूसरी तरफ थे। रात का खाना खाने के बाद, हम अलग-अलग अपने घरों को लौट आए।
उन्होंने कहा कि जितेंद्र दास के दोस्तों में से एक, जिन्होंने उन्हें बचाने की कोशिश की, उन्होंने बताया कि उन्हें उनके घर के रास्ते पर फेंक दिया गया था। उसने हमें बताया कि वह आरोपी उच्ची जाती के पुरुषों से पहले एक कुर्सी पर बैठकर खाना खा रहा था। उसे एक कुर्सी पर बैठे देखकर वे क्रोधित हो गए और उनके सामने बैठने की हिम्मत करने के लिए अपशब्द का उपयोग करते हुए कुर्सी से लात मारने से पहले उसकी प्लेट को लात मार दी।

जितेंद्र के चचेरे भाई, प्रीतम, जो शादी में मौजूद थे, उन्होंने कहा कि उनके सिर और शरीर के अन्य अंगों पर चोट लगी थी। उसे इतनी बुरी तरह से पीटा गया था कि वह मुश्किल से अपने घर तक पहुंचा था। अगले दिन, जब उसकी माँ उसे जगाने गई, तो उन्हें इसके बारे में पता चला।