प्रधानमंत्री ने किया कोविड काल में माता-पिता खोने वाले बच्चों से संवाद

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड महामारी में अपने माता-पिता खोने वाले बच्चों के साथ संवाद करते हुए पीएम केयर स्कीम फॉर चिल्ड्रन के तहत स्कॉलरशिप ट्रांसफर की। ऐसे बच्चों को शिक्षा और स्कॉलरशिप के जरिए सशक्त बनाने के साथ 23 साल की उम्र में 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन की पासबुक और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य स्कीम के तहत हेल्थ कार्ड भी प्रदान किया गया। उत्तराखंड राज्य से 44 तथा जनपद चमोली से एक बालक को इस योजना से लाभान्वित किया गया है।

इस योजना का मकसद बच्चों को भोजन और घर उपलब्ध कराकर उनकी देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे बच्चों को शिक्षा और स्कॉलरशिप के जरिए सशक्त बनाने के साथ 23 साल की उम्र में 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह स्कीम हेल्थ इंश्योरेंस के जरिए ऐसे बच्चों की सेहत का भी ख्याल रखती है। इसके तहत उन्हें पांच लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस भी मिलेगा। केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत पिछले साल 29 मई को की थी। इसके अलावा ऐसे बच्चों को केन्द्र सरकारी की ओर से लागू स्पॉन्सरशिप योजना के तहत चार हजार प्रतिमाह और राज्य सरकार की ओर से लागू वात्सल्य योजना के तहत तीन हजार प्रतिमाह और आपदा सहायता राशि के अन्तर्गत 50 हजार एक मुश्त धनराशि प्रदान की गई है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि माता पिता के स्नेह की भरपाई कोई नही कर सकता है, लेकिन संकट की इस घडी में मां भारती ऐसे बच्चों के साथ है। उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास से आज देश तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने बच्चों को अपना आशीर्वाद देते हुए जीवन में अपने संकल्प को सिद्ध करने के लिए पूरे सामर्थ्य के साथ आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया।

वीसी में अपर जिलाधिकारी अभिषेक त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद कुमार उनियाल, बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप सिंह, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य बीएस राणा आदि मौजूद थे।