निसंतान दंपत्तियों को अब एसएमआई में आईवीएफ तकनीक की सुविधाओं का लाभ

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देहरादून,  श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल (एसएमआई) में भी अब आईवीएफ की सुविधा मिल सकेगी। उत्तराखंड व पड़ोसी राज्यों से अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले निसंतान दम्पत्तियों को आईवीएफ तकनीक की सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय राय व अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके बिहारी ने पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। बताया कि, “अस्पताल का आईवीएफ सेंटर सभी वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के साथ आम जन की सेवा के लिए तैयार है। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में आईवीएफ का उपचार अन्य अस्पतालों की तुलना में रियायती दरों पर उपलब्ध कराया गया है।”

बताया कि अस्पताल में डॉ दीप्ती शर्मा की देखरेख में आईवीएफ सेंटर का संचालन होगा। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रमुख डा विनीता गुप्ता ने कहा कि, “अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डाक्टरों की टीम व आईवीएफ सेंटर की टीम मिलकर निसंतान दम्पत्तियों के उपचार में सहयोगी के रूप में कार्य करेगी। दोनों टीमों के अनुभव का अधिक से अधिक फायदा रोगियों को बेहतर उपचार के रूप में मिलेगा।”

आईवीएफ सेंटर इंचार्ज डॉ. दीप्ती शर्मा (एमएस, स्त्री एवम् प्रसूति विभाग, एफएनबी, रिप्रोडक्टिव मेडिसिन) ने बताया कि अस्पताल में अत्याधुनिक तकनीकों के साथ आईवीएफ उपचार किया जा रहा है। बताया कि पुरुष व महिला या दोनों में ही किसी प्रकार का ऐसा मेडिकल डिसऑर्डर हो सकता है, जिसके कारण दंपत्ति संतान सुख को प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।

आंकडे बताते हैं कि मेडिकली पुरुषों में 30 से 40 प्रतिशत समस्याएं ऐसी होती हैं जो संतान प्राप्ति न होने का प्रमुख कारण हैं, वहीं महिलाओं में भी यह आंकड़ा 30 से 40 प्रतिशत पाया गया है।  दस से बीस प्रतिशत दंपती ऐसे होते हैं जिनमें यह समस्या दोनों में पाई जाती है। मेडिकल साइंस में इस बात की सही जानकारी प्राप्त करने के लिए कई टेस्ट उपलब्ध हैं।