देहरादून एयरपोर्ट पर जल्द उतरेंगी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें

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देहरादून के जाॅली ग्रांट हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने ड्राफ्ट मास्टर प्लान बना लिया है।इसके तहत रनवे की लम्बाई बढ़ाकर 9000 फीट किया जाना है। गोइंग वे की संख्या 4 से बढ़ाकर 8 की जानी है। इसके अलावा अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जानी है। 348 करोड़ रूपये की लागत से 30,200 वर्ग मीटर भवन का विस्तार किया जाना है। सात वर्षों से लम्बित 40 एकड़ भूमि को भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण को देने के निर्देश दे दिए गये हैं। लोनिवि, राजस्व, वन विभाग के अधिकारियों ने मौके का संयुक्त निरीक्षण कर भूमि ट्रांस्फर के काम को भी जस्कद किया जाये। उड़ानों में वन्य जीव को प्रभाव न पडे, इसके लिए कारगर कदम उठाये गये है। जिसमे कूड़े के समुचित निस्तारण, आस-पास के बडे पेड़ों को काटने, मोबाईल टावर हटाने, शादी या अन्य उत्सव में लेजर के उत्सर्जन पर रोक लगाने, आस-पास के मकानों से पतंग न उड़ाने और हवाई अड्डे से सार्वजनिक परिवहन संचालित करने की ज़रूरत है।

जौलीग्रांट एयरपोर्ट से वर्ष 2011-12 में सालभर में 80,000 यात्री जाते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 8 लाख हो गयी है। एक दिन में 12 फ्लाईट आती-जाती है। यहां से मुम्बई, बंगलूरू, लखनऊ, हैदराबाद, दिल्ली की नियमित हवाई सेवा शुरू हो गई है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को क्लीनेस्ट एयरपोर्ट के रूप में नामित किया गया है। रन वे 4000 फीट से बढ़ाकर 7021 फीट किया गया है।