ऋषिकेश, डेंगू सहित सहित अन्य घातक बीमारियों की रोकथाम पर उत्तराखंड की सरकार नाकाम होती नजर आ रही है।राजधानी देहरादून जहां डेंगू की गिरफ्त मे है वहीं राज्य के कई अन्य जनपदों में भी यह बीमारियां कहर बनकर लोगों पर टूटी हैं,जिनमें दर्जनों लोग अकाल मौत का ग्रास बन चुके हैं।इन सबके बीच यमकेश्वर ब्लॉक के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेज बुखार का प्रकोप चल रहा है जिससे ग्रामीण तप रहे हैं। आलम यह है कि गांव-गांव में लोग बुखार से परेशान हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमे के पास गांव पहुंचकर जांच और दवाएं वितरित करने की कोई योजना नही है।
यमकेश्वर ब्लॉक के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के जिनमें बोंगा, तिमली, विंदवासिनी,आमकाटल सहित कई अन्य ग्रामीण क्षेत्र के लोग शामिल हैं इन दिनों डेंगू और वायरल बुखार की चपेट में हैं।इन तमाम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर महज खानापूर्ति ही होती रही है जिसकी वजह से हालत बिगड़ने पर ग्रामीणों को ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल में दोड़ लगानी पड़ती है।पिछले एक पखवाड़े से बीमारियों के बड़ते प्रकोप के चलते बुखार से तड़प रहे मरीज पहुंच रहे हैं। हालत यह है कि मरीजों को भर्ती करने के लिए पलंग तक खाली नहीं बचे हैं। मरीजों में सबसे अधिक संख्या बच्चों की है।
गौरतलब है कि पौड़ी जनपद के यमकेश्वर ब्लॉक में डेंगू ,वायरल ,टाइफाइड एवं डायरिया आदि संक्रामक बीमारियां कहर ढा रही है। मरीजों को कई-कई दिन दवा खाने के बाद राहत नहीं मिल पा रही है। लम्बा सफर तय करके ग्रामीण उपचार के लिए ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल पहुंच रहे हैं। कुछ मरीजों की हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों को गंभीर रोगियों को रेफर भी करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में डेंगू ने लोगों को अपने चपैट में ले रखा है।इसके साथ ही संक्रामक रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या में अधिक इजाफा हुआ है जिसमें वायरल, टाइफाइड, मलेरिया, डायरियां ने लोगों पर कहर बरपा रखा है।
क्या कहते हैं चिकित्सा अधिकारी
राजकीय चिकित्सालय के सीएमओ आर एस तोमर का कहना है कि डेंगू ,वायरल जैसी बीमारियों के लिए अलग से बिस्तरों की व्यवस्था की गई है तथा चिकित्सालय में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध है चिकित्सक भी फिलहाल पूरी मेहनत के साथ मरीजों का उपचार करने में जुटे हैं।





















































