तो हरीश रावत को मिल गया उत्तराखंड के अगले सीएम के लिए ‘दलित का बेटा’

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हरीश रावत

उत्तराखंड में चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत उत्तराखंड में ‘दलित के बेटे’ को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं। अब जबकि राज्य का सबसे बड़ा दलित चेहरा, 6 बार के विधायक, कांग्रेस के साथ ही भाजपा में भी प्रभावशाली कैबिनेट मंत्री, दो बार कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष रहे यशपाल आर्य कांग्रेस पार्टी में ‘घर वापसी’ कर गए हैं। इससे ऐसा लगता है कि हरीश अब मुख्यमंत्री पद के लिए यशपाल का नाम आगे करके अपने स्वप्न को साकार करने और राज्य की राजनीति को एक नयी दिशा देने का ऐलान भी कर सकते हैं।

इसके संकेत इस बात से भी मिले हैं कि नई दिल्ली के कांग्रेस भवन में पार्टी में शामिल होने के बाद हरीश रावत ने सबसे पहले यशपाल आर्य को अपने घर बुलाया और पत्नी रेणुका रावत से उन्हें तिलक करवाया और उनकी आरती भी उतरवाई। ऐसे अप्रत्याशित स्वागत से अभिभूत यशपाल ने भी उनके पैर छूकर आर्शीवाद लिया। यही नहीं हरीश ने यशपाल आर्य के कांग्रेस परिवार में शामिल होने पर उनका हृदय की गहराइयों से बहुत-बहुत स्वागत किया है। साथ ही संबंधित चित्रों युक्त पोस्ट को अत्यधिक महत्व देते हुए टैग भी किया है।

हालांकि यह संकेतों, सामान्य शिष्टाचारों और निहितार्थों की बात है, लेकिन इसके इतर भी बहुत कुछ अलग है कि उत्तराखंड की राजनीति अब तक जातीय तौर पर ब्राह्मण-क्षत्रिय में ही अटकी हुई रही है। राज्य के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस हमेशा पर यह आरोप है कि सत्ता में रहने पर मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और विपक्ष में रहने पर नेता प्रतिपक्ष में से एक क्षत्रिय और दूसरा ब्राह्मण हो।

पूर्व में केवल कांग्रेस पार्टी ने ही यशपाल आर्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर यह मिथक तोड़ा, उन्हें विधानसभा अध्यक्ष भी बनाया। यह भी है कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा यशपाल सहित अन्य दलित वर्ग के नेताओं को भी आगे बढ़ाया और दलित वर्ग कांग्रेस पार्टी का वोट बैंक भी रहा है, जबकि इधर यह वोट बैंक भाजपा के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में धार्मिक-राष्ट्रवाद की राजनीति के आगे बढ़ने और बसपा जैसे दलितों की राजनीति करने वाले दल के उत्तराखंड में नेपथ्य में चले जाने से भाजपा की ओर भी जाने लगा है।

ऐसे में अब हरीश रावत पर भी दबाव होना लाजिमी है कि वह अपने वचन और इच्छा के अनुरूप उत्तराखंड ही नहीं पूर्ववर्ती राज्य उत्तर प्रदेश में भी दो बार विधायक रहे, लगातार दो कार्यकाल से राज्य के कैबिनेट मंत्री रहे ‘दलित के बेटे’ यशपाल आर्य को आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में आगे करेंगे। इससे राज्य की राजनीति भी सामाजिक सद्भाव के एक नए मुकाम पर जाएगी और इस मामले में कांग्रेस को भी अकाट्य राजनीतिक बढ़त मिलेगी। उन्होंने पत्नी रेणुका से यशपाल की आरती उतरवाकर इसके संकेत भी दे दिए हैं….।