सीडी कांड में नहीं हुये रावत दिल्ली में हाज़िर

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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को दिल्ली में सीबीआई मुख्यालय मे पेश होने की जगह न आ पाने की अर्ज़ी लगाई। चर्चित सीडी कांड में रावत को सीबीआई ने समन जारी किया था। २६ दिसंबर को सीबीआई के दिल्ली मुख्य़ालय में पेश होने को कहा गया था। मुख्यमंत्री ने हाई कोर्ट में सीबीआई जांच रोकने की याचिका दायर की थी लेकिन उन्हें कोर्ट से राहत नही मिली। सीडी कांड में हरीश रावत को पूछताछ के लिये समन जारी किया गया। इसी साल के शुरुआत में राज्य की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया था जब विधान सभा के बजट सत्र में कांग्रेस के विधायकों ने रावत सरकार का दामन छोड़ सरकार को अल्पमत में लादिया था। इस राजनीतिक उठापठक के बीच एक न्यूज़ चैनल ने एक स्टिंग आॅपरेशन दिखाया जिसमें हरीश रावत नाराज़ विधायकों को मनाने के लिये पैसे औऱ लाभ के पदों का आॅफर देते देखें जा रहे थे। रावत को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली और वो अपनी सरकार बचाने में तो कामयाब हुए लेकिन सीडी का मामला सीबीआई के पास चला गया और तब से जांच की तलवार उनके सर पर लटक रही है। हांलाकि हरीश रावत लगातार इस सीडी को झूठी बता रहे हैं।

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार सुरेन्द्र कुमार ने सीबीआई के समन पर तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक सुनियोजित साजिश है। भाजपा ने जैसी साजिश राज्य सरकार को गिराने के समय की थी, वैसी ही साजिश सीबीआई के समन के जरिए कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सीबीआई के बलबूते पर राज्य में आगामी विधान सभा चुनाव लड़ना चाहती है। इसलिए सीबीआई का समन भेजने का यह समय भाजपा द्वारा चुना गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के केन्द्र सरकार के पास राज्य को देने के लिए कुछ भी नही है। 

कुमार ने कहा कि हमें तो पहले ही पता था कि चुनाव से पहले भाजपा सीबीआई का दुरूपयोग करेगी। हमारी शंका सही साबित हो गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा को आभाष हो गया है कि चुनाव जीतना अब संभव नही है।

आने वाले दिनों में ऐसा लग रहा है कि दोनों ही दल इस मुद्दे पर राजनीति तेज़ करेंगे।