महामारी में प्रवासियों को घर लाने में भ्रमित कर रही सरकार: कांग्रेस

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उत्तराखंड कांग्रेस ने सोमवार को फिर उत्तराखंड के प्रवासियों के घरवापसी के मुद्दे पर सरकार को घेरा और गंभीर आरोप लगाया।प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि विपक्ष पर राजनीति का दोषारोपण करने वाली सरकार के बयान भ्रमित करने वाले हैं। वह घरवापसी पर गंभीरता से काम करे। उन्होंने ने सरकार से पूछा कि आने वाले प्रवासियों को रोजगार देने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है क्या।
पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में त्रिवेंद्र सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रवासियों को घर लाने में सरकार ने देरी कर दी। गुजरात के लोगों को घर भेजने में जो तेजी दिखाई गई अगर वैसी ही तेजी उत्तराखंड के लोगों को लाने में की गई होती तो समस्या विकराल रूप धारण नहीं करती। सरकार की कथनी और करनी में बड़ा फर्क है। सरकार के प्रवक्ता रेल से लाने की बात करतें हैं लेकिन रेलवे इसले इंकार करता हैं। सरकार को इस बारे में सही  तथ्य सामने रखकर लोगों को विश्वास में लेना चाहिए। सरकार की विफलता से लोग असमंजस में हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी उत्तराखंडवासियों को कृषि क्षेत्र में रोजगार देने की बात कह रही है। सरकार जवाब दे कि इससे पहले  राज्य में रह रहे बेरोजगार लोगों को वह कब रोजगार देगी। प्रीतम ने राज्य के सुरक्षित  उत्तरकाशी और उधमसिंह नगर में कोरोना मरीज मिलने पर प्रशासन  की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंचायत को लोगों को ठहराने की जिम्मेदारी तो दे दी गई लेकिन वहां कैसी व्यवस्था है, इस पर थोड़ा भी नही सोचा गया। पानी, बिजली, शौचालय, हेल्थ से जुड़ी समस्याएं पंचायत भवनों और स्कूलओं में आज भी  हैं। लोागों को रखने के लिए पहले प्लान तैयार करना चाहिए था। अगर यह बात सरकार पहले सोचती तो बाहर से कोरोना मरीज नहीं आ पाते। सरकार हर काम को हल्के में ले रही हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले बाहरी राज्य के बड़े लोगों को बद्रीनाथ घूमने की खुली छूट पास के साथ दी गई। वहीं राहत कार्य कर रहे कांग्रेस के लोगों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। अपंग सरकार अपनी विफलता को छिपाकर कांग्रेस को बदनाम कर रही है। कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा ने किसानों के ऋण माफ करने का वादा किया था लेकिन अब वह अपने वादे से मुकर गई है। यही नहीं गन्ना किसानों का बकाया भी नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने कहा कि यह सरकार विपक्ष के सुझाव को लेना तो छोड़ उनके पत्रों का तीन साल के कार्यकाल में जवाब तक नहीं दे पाई। यही व्यवहार कोरोना काल में कर रही हैं। कांग्रेस देवभूमि सेवा ऐप में राज्यवासियों की समस्या सहित 11 सूत्री बिंदुओं से शासन को अवगत कराया गया था। उसका भी जवाब नहीं आया।  इस सरकार से उम्मीद रखनी ही बेमानी है। इस मौके पर कांग्रेस महामंत्री विजय सारस्वत, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, प्रवक्ता गरिमा दसौनी, पूर्व विधायक और एसटी अध्यक्ष राजकुमार मौजूद रहे।