उत्तराखंड में 5.2 तीव्रता के भूकंप के बाद मुख्य सचिव ने लिया तैयारियों का जायज़ा

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गुरूवार रात 10:28 बजे भारत नेपाल सीमा के करीब उत्तराखंड के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किये गये।भूकंप का केंद्र धारचूला से करीब 26 किमी दूर था। ये झटके पिथौरागड़ के अलावा राज्य के कई इलाकों में जैसे कि चमोली, श्रीनगर इलाकों में महसूस किये गये। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 रही और जमीन से इसकी गहराई कम रही।

इस भूकम्प की पृष्ठभूमि में जनपदों में ऐसी स्थिति में तैयारियों के मद्देनज़र सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव अध्यक्षता में बैठक हुई। 

मुख्य सचिव  ने सभी जिलाधिकारियों को कहा कि भूकम्प की दृष्टि से उत्तराखण्ड संवेदनशील है। जिला प्रशासन को संभावित आपदा को देखते हुए

टावरों हेतु डीजल उपलब्धता, मार्ग अवरूद्ध होने की स्थिति में वैकल्पिक सम्पर्क मार्ग, पैदल जंगल रास्तों, संवेदनशील स्कूलों, पुलो का चिन्हित कर सूची हर समय तैयार रखनी चाहिए, ताकि सम्भावित भूकम्प में सभी सहयोगी विभाग, एसडीआरएफ, स्वयं सेवकों, एनडीआरएफ, एन.जी.ओ, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयं सेवक आदि को सक्रिय किया जा सकें। तथा प्रभावितों को तुरन्त राहत दिलाई जा सकें। उन्होंने अस्पतालों में अतिरिक्त बैड, दवाईयों की उपलब्धता पूर्व से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक जनपद आपदा रणनीति तैयार कर ले। उन्होंने आपदा से निपटने हेतु जनपदों में उपलब्ध उपकरणों, संचार माध्यमों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा सम्भावित आपदा में संचार माध्यमो में एक्टिवेशन के लिए कार्ययोजना, यातायात व्यवस्था, आई.आर.एस. सिस्टम की स्थिति, नोडल अधिकारियों के नामित की प्रगति पर जानकारी प्राप्त की। 

कमिश्नर गढ़वाल विनोद शर्मा ने कहा कि समस्त जिलाधिकारी सैद्धान्तिक एक्सरसाईज पूर्व से कर लें ताकि सम्भावित आपदा में मशीनरी को तुरन्त सक्रिय किया जा सकें। 

इस बैठक में अपर मुख्य सचिव रणवीर सिंह, सचिव आनन्द वर्द्धन, अमित नेगी, भूपिन्दर कौर औलख, आर.मीनाक्षी सुन्दरम, डी.एस.गब्र्याल, अपर सचिव सी.रविशंकर, नीरज खैरवाल आदि उपस्थित थे।