कोरोना होने के तीन माह बाद ही वैक्सीन लगवाएं

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    चिकित्सकों ने कोरोना संक्रमित व्यक्ति को तीन माह बाद वैक्सीन लगवाने की अपील की है। इसके साथ ही फ्रंटलाइन वर्कर, हेल्थ केयर वर्कर को कुछ भी लक्षण हैं तो वह पहले अपनी आरटीपीसीआर जांच कराने के बाद ही बूस्टर डोज लगवाएं।

    दून अस्पताल के कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कोरोना बचाव के प्रति जागरूक के लिए स्ययं को आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लक्षण आने पर पहले जांच कराए फिर टीका लगाए से कोरोना उपचार और टीका में लगे कर्मचारी भी सुरक्षित रहेंगे। वहीं जो भी व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है वह तीन माह बाद ही बूस्टर डोज लगाएं, क्योंकि कोरोना के पश्चात एंटीबॉडी बन जाती है।

    813 की ओपीडी

    डॉ.अनुराग ने बताया कि अस्पताल में 813 लोगों की ओपीडी हुई। जिसमें 231 फ्लू ओपीडी के थे। उन्होंने अपील की है कि बुखार, सिरदर्द, गला खराब होना, जुकाम आदि होने पर फ्लू ओपीडी में दिखाए। कोरोना की जांच अवश्य कराए और डॉ. की सलाह से दवाएं ले। हल्के लक्षण होने पर होम आइसोलेशन में रहे। मास्क, व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। अपना नंबर आने पर वैक्सीन जरूर ले।

    कोरोना के 36 मरीज भर्ती

    डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि दून अस्पताल में कोरोना के 36 मरीज भर्ती है। जिसमें छह नए भर्ती हुए हैं। चार लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। 20 साल से कम उम्र के सात, 21 से 40 के 15 और 41 से 60 के छह और 60 साल से ऊपर के आठ मरीज भर्ती हैं। करीब चार सौ लोगों ने अस्पताल में जांच कराई है।

    कोरोना की जंग में जुटे

    प्रचार्य डॉ. आशुतोष सयाना, एमएस डॉ. केसी पंत और डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री की अगुवाई में सभी डॉक्टर और कर्मचारी कोरोना से जंग में जुटे हैं।